उत्तर भारत में सर्दी एक बार फिर विकराल रूप लेती दिख रही है। जनवरी के दूसरे सप्ताह की शुरुआत के साथ ही ठंड और कोहरे का डबल अटैक लोगों की मुश्किलें बढ़ाने वाला है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक अगले पांच दिनों तक उत्तर प्रदेश, दिल्ली, मध्य प्रदेश समेत कुल 9 राज्यों में गलाने वाली ठंड और घने कोहरे का असर बना रहेगा। खासतौर पर सुबह और रात के समय दृश्यता बेहद कम रहने की आशंका है, जिससे जनजीवन और यातायात दोनों प्रभावित हो सकते हैं।
दिल्ली-एनसीआर में न्यूनतम तापमान सामान्य से नीचे बना हुआ है। ठंडी हवाओं के चलते ठिठुरन बढ़ गई है, वहीं घना कोहरा सुबह के समय सड़कों पर रेंगता नजर आ रहा है। राजधानी में कई इलाकों में दृश्यता 50 मीटर से भी कम दर्ज की जा सकती है। इसका सीधा असर सड़क यातायात, रेल और हवाई सेवाओं पर पड़ने की संभावना है।
उत्तर प्रदेश के पश्चिमी और मध्य हिस्सों में भी हालात कुछ ऐसे ही बने हुए हैं। लखनऊ, कानपुर, आगरा, मेरठ और प्रयागराज जैसे शहरों में शीतलहर के साथ कोहरे का प्रकोप जारी रह सकता है। ग्रामीण इलाकों में ठंड का असर और ज्यादा महसूस किया जा रहा है, जहां अलाव ही लोगों का सहारा बने हुए हैं।
मध्य प्रदेश में भी ठंड ने तीखे तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। भोपाल, ग्वालियर, उज्जैन और चंबल संभाग में तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। यहां भी सुबह के समय घना कोहरा छाए रहने की संभावना है, जिससे वाहन चालकों को खास सतर्कता बरतने की जरूरत है।
इसके अलावा हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, बिहार, झारखंड और उत्तराखंड के मैदानी इलाकों में भी शीतलहर का असर दिख सकता है। पहाड़ी क्षेत्रों से आ रही ठंडी हवाएं मैदानी राज्यों में ठिठुरन बढ़ा रही हैं।
मौसम विशेषज्ञों ने बुजुर्गों, बच्चों और पहले से बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। सुबह-शाम अनावश्यक बाहर निकलने से बचें, गर्म कपड़ों का इस्तेमाल करें और कोहरे के दौरान वाहन चलाते समय फॉग लाइट व धीमी गति का पालन करें।
कुल मिलाकर, अगले पांच दिन उत्तर भारत के लिए चुनौतीपूर्ण रहने वाले हैं। ठंड और कोहरे का यह दौर जनजीवन को प्रभावित कर सकता है, ऐसे में सतर्कता और सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव है।