अमेरिका की राजनीति और विदेश नीति को लेकर एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। 4 जनवरी 2026 को पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक प्रेस कॉन्फ़्रेंस के दौरान वेनेज़ुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की एक तस्वीर सार्वजनिक की और दावा किया कि अमेरिका ने वेनेज़ुएला में एक “सटीक और सीमित” ऑपरेशन को अंजाम दिया है। ट्रंप के इस बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई बहस छिड़ गई है।
प्रेस कॉन्फ़्रेंस में ट्रंप ने कहा कि यह ऑपरेशन अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता को ध्यान में रखते हुए किया गया। उन्होंने मादुरो सरकार पर लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर करने, मानवाधिकार उल्लंघन और संगठित अपराध को संरक्षण देने के आरोप दोहराए। ट्रंप ने यह भी संकेत दिया कि अमेरिका लंबे समय से वेनेज़ुएला की गतिविधियों पर नजर रखे हुए था और हालात को देखते हुए यह कदम उठाया गया।
ट्रंप द्वारा जारी की गई तस्वीर को लेकर भी कई सवाल खड़े हो रहे हैं। हालांकि उन्होंने तस्वीर के स्रोत और समय को लेकर विस्तृत जानकारी नहीं दी, लेकिन इसे अमेरिकी खुफिया एजेंसियों की निगरानी का सबूत बताया। ट्रंप ने कहा कि यह तस्वीर इस बात को दर्शाती है कि मादुरो सरकार किस तरह से पर्दे के पीछे काम कर रही थी और अमेरिका के पास इससे जुड़ी “ठोस जानकारी” मौजूद है।
इस दौरान ट्रंप ने यह भी स्पष्ट किया कि यह कोई पूर्ण सैन्य हस्तक्षेप नहीं था, बल्कि एक रणनीतिक और सीमित ऑपरेशन था, जिसका उद्देश्य क्षेत्र में अस्थिरता फैलाने वाली गतिविधियों को रोकना था। उन्होंने कहा कि अमेरिका का मकसद वेनेज़ुएला की जनता के खिलाफ नहीं, बल्कि उन ताकतों के खिलाफ कार्रवाई करना है जो देश को संकट की ओर धकेल रही हैं।
वहीं, वेनेज़ुएला सरकार की ओर से इन दावों को सिरे से खारिज किया गया है। मादुरो प्रशासन ने इसे अमेरिका की “प्रचारात्मक रणनीति” करार देते हुए कहा कि इस तरह के बयान देश की संप्रभुता पर हमला हैं। वेनेज़ुएला के विदेश मंत्रालय ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की कि वह ऐसे बयानों को गंभीरता से ले और क्षेत्रीय शांति बनाए रखने में भूमिका निभाए।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ट्रंप का यह बयान घरेलू अमेरिकी राजनीति से भी जुड़ा हो सकता है। चुनावी माहौल में इस तरह के दावे समर्थकों को मजबूत संदेश देने की कोशिश माने जा रहे हैं। साथ ही, लैटिन अमेरिका में अमेरिका की भूमिका और उसकी विदेश नीति एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आ गई है।
कुल मिलाकर, ट्रंप द्वारा मादुरो की तस्वीर जारी करना और वेनेज़ुएला में ऑपरेशन का दावा करना अंतरराष्ट्रीय राजनीति में नई हलचल पैदा कर रहा है। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि इस बयान पर अमेरिका की आधिकारिक नीति क्या रुख अपनाती है और इसका क्षेत्रीय कूटनीति पर क्या असर पड़ता है।