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उत्तर प्रदेश

Uttar Pradesh Latest News 2026

February 02, 2026 06:57 AM
मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय बैंकर्स कमेटी की बैठक सम्पन्न
 
दिसम्बर, 2025 तक उ0प्र0 का कुल सी0डी0 रेशियो 60.39 प्रतिशत, चालू वित्तीय वर्ष की समाप्ति तक सी0डी0 रेशियो 62 प्रतिशत से अधिक करने का लक्ष्य
 
मार्च, 2026 तक सभी जनपदों के सी0डी0 रेशियो में लक्षित सुधार के निर्देश
 
सी0डी0 रेशियो 40 प्रतिशत से कम वाले जनपदों में विशेष अभियान चलाने के निर्देश, बैंक गाँवों को लक्षित कर मेगा ऋण मेले आयोजित करें : मुख्यमंत्री
 
सभी बैंक विकासोन्मुख क्षेत्रों में ऋण प्रवाह बढ़ाएँ, नागरिकों को सरल और समयबद्ध सेवा प्रदान करें, वित्तीय समावेशन के लक्ष्य को जनपदवार पूरा करें
 
एक जनपद-एक व्यंजन योजना को प्राथमिकता देते हुए अधिक से अधिक लोगों को ऋण उपलब्ध कराया जाए
 
आगामी 20 फरवरी और 16 मार्च को 02 मेगा ऋण वितरण कार्यक्रम प्रस्तावित, जिनमें 2.20 लाख करोड़ रु0 से अधिक के ऋण वितरण का लक्ष्य
 
हर माह जिला स्तरीय बैंकर्स कमेटी की बैठक आयोजित की जाए
 
सी0एस0आर0 के माध्यम से बैंक उ0प्र0 के विकास में सहभागी बनें
 
लखनऊ : 01 फरवरी, 2026-     मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी की अध्यक्षता में आज यहाँ उनके सरकारी आवास पर राज्य स्तरीय बैंकर्स कमेटी (एस0एल0बी0सी0) की बैठक आयोजित की गई। मुख्यमंत्री जी ने चालू वित्तीय वर्ष की समाप्ति तक प्रदेश में कुल क्रेडिट डिपॉजिट (सी0डी0 रेशियो) को 62 प्रतिशत से अधिक करने का लक्ष्य रखा। उन्होंने सभी बैंक प्रतिनिधियों से उनके सी0डी0 रेशियो के बारे में जानकारी प्राप्त करते हुए सी0डी0 रेशियो बढ़ाने के लिए ठोस प्रयास करने पर बल दिया।
बैठक में बताया गया कि दिसम्बर, 2025 तक उत्तर प्रदेश का कुल सी0डी0 रेशियो 60.39 प्रतिशत हो गया है, जो पिछले लगभग दस वर्षों का सर्वाधिक स्तर है। जनपदवार समीक्षा के अनुसार 40 प्रतिशत से कम सी0डी0 रेशियो वाले जनपद घटकर केवल पाँच रह गए हैं, जबकि 40-50, 50-60 और 60-80 प्रतिशत की श्रेणी वाले जनपदों की संख्या में भी निरंतर सुधार हुआ है। मार्च, 2018 में 40 प्रतिशत से कम सी0डी0 रेशियो वाले 20 जनपद थे, जो अब घटकर 05 हो गए हैं। मुख्यमंत्री जी ने निर्देशित किया कि मार्च, 2026 तक सभी जनपदों के सी0डी0 रेशियो में लक्षित सुधार सुनिश्चित किया जाए।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि एक जनपद-एक उत्पाद (ओ0डी0ओ0पी0) की सफलता के बाद अब राज्य सरकार एक जनपद-एक व्यंजन (ओ0डी0ओ0सी0) के माध्यम से छोटे व्यापारियों, पारम्परिक पाक कला से जुड़े कारीगरों और गिग वर्कर्स को नई पहचान देने जा रही है। उन्होंने बैंकों से आह्वान किया कि जैसे ओ0डी0ओ0पी0 को वित्तीय सहयोग मिला, वैसे ही ओ0डी0ओ0सी0 को भी प्राथमिकता देते हुए अधिक से अधिक लोगों को ऋण उपलब्ध कराया जाए। सरकार प्रशिक्षण, पैकेजिंग, ब्रांडिंग और मार्केटिंग में पूरा सहयोग दे रही है। इस मिशन को गति देने में बैंकों की भूमिका निर्णायक होगी।
मुख्यमंत्री जी ने प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना और मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान का उदाहरण देते हुए कहा कि इन योजनाओं की सफलता के केंद्र में बैंकों की सहयोगी भावना है। अनावश्यक दस्तावेज़ों की मांग, बार-बार वेरिफिकेशन और प्रक्रिया में देरी जैसी स्थितियाँ लाभार्थियों को हतोत्साहित करती हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि बैंकिंग प्रक्रिया ऐसी होनी चाहिए, जिससे आम नागरिक को वास्तविक सहूलियत मिले और पात्र लाभार्थी बिना किसी परेशानी के योजनाओं का लाभ प्राप्त कर सकें।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि उत्तर प्रदेश आज आर्थिक गतिविधियों, औद्योगिक निवेश, उद्यमिता, कृषि और महिला-युवा स्वावलम्बन के क्षेत्रों में तेज गति से आगे बढ़ रहा है। इस प्रगति में बैंकिंग तंत्र की सक्रिय साझेदारी अनिवार्य है। किसान, एम0एस0एम0ई0, स्टार्टअप, महिला स्वयं सहायता समूहों और नवउद्यमी युवाओं को ऋण उपलब्धता सरल, सम्मानजनक और समयबद्ध हो।
मुख्यमंत्री जी ने उन जनपदों में विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए जहाँ सी0डी0 रेशियो 40 प्रतिशत से कम है। बैंकों को गाँवों को लक्षित कर मेगा ऋण मेले आयोजित करने चाहिए। मुख्यमंत्री जी ने हर माह जिला स्तरीय बैंकर्स कमेटी की बैठक सुनिश्चित करने के लिए मुख्य सचिव को निर्देशित किया। उन्होंने बैंकों से सी0एस0आर0 के माध्यम से उत्तर प्रदेश के विकास में सहभागी बनने का भी आह्वान किया।
बैठक में बताया गया कि विगत 08 वर्षों में प्रदेश का बैंकिंग तंत्र अत्यंत मजबूत हुआ है। मार्च, 2017 में प्रदेश की कुल जमा राशि 8.92 लाख करोड़ रुपये थी, जो दिसम्बर, 2025 में बढ़कर 20.44 लाख करोड़ रुपये हो गई है। इसी अवधि में कुल ऋण वितरण 4.05 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 12.34 लाख करोड़ रुपये पर पहुँच गया। मार्च, 2017 में प्रदेश का कुल बैंकिंग व्यवसाय 12.80 लाख करोड़ रुपये था, जो दिसम्बर, 2025 में बढ़कर 32.79 लाख करोड़ रुपये हो गया है। अप्रैल, 2022 से दिसम्बर, 2025 के दौरान अकेले जमा में 6.47 लाख करोड़ रुपये, ऋण में 5.03 लाख करोड़ रुपये और कुल बैंकिंग व्यवसाय में 11.50 लाख करोड़ रुपये की वृद्धि दर्ज की गई है। कृषि, एम0एस0एम0ई0 और प्राथमिकता क्षेत्रों में ऋण प्रवाह लगातार बेहतर हुआ है। दिसम्बर, 2024 से दिसम्बर, 2025 के बीच एम0एस0एम0ई0 क्षेत्र में 23 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई।
वित्तीय समावेशन अभियान (जुलाई-अक्टूबर, 2025) की उपलब्धियों की जानकारी भी बैठक में प्रस्तुत की गई। इस अवधि में प्रदेश ने देशभर में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया और 08 प्रमुख सूचकांकों में से 07 पर प्रथम स्थान प्राप्त किया। प्रदेश में 57,699 वित्तीय साक्षरता शिविर आयोजित हुए, 22.24 लाख जनधन खाते खोले गए, 17.14 लाख लोगों का प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (पी0एम0जे0जे0बी0वाई0) में और 43.35 लाख नागरिकों का प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (पी0एम0एस0बी0वाई0) में नामांकन हुआ। अटल पेंशन योजना (ए0पी0वाई0) में 6.90 लाख नए सब्सक्रिप्शन दर्ज किए गए। नामांकन, दावा निपटान, पुनः के0वाई0सी0 और नामांकन अद्यतन जैसे क्षेत्रों में भी प्रदेश का प्रदर्शन राष्ट्रीय स्तर पर शीर्ष रहा।
बैठक में बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान ऊर्जा, कृषि, बुनियादी ढाँचा, उद्योग, एम0एस0एम0ई0 और एन0बी0एफ0सी0 सह-ऋण मॉडल सहित विभिन्न क्षेत्रों में 22,000 करोड़ रुपये से अधिक के बड़े ऋण स्वीकृत किए गए हैं। यू0पी0पी0सी0एफ0, यू0पी0सी0यू0, पावर ट्रांसमिशन और अन्य औद्योगिक परियोजनाओं को भी महत्वपूर्ण स्वीकृतियाँ मिली हैं। विगत एक वर्ष में एम0एस0एम0ई0 दिवस, मुख्यमंत्री युवा कॉन्क्लेव, विश्वकर्मा जयंती, इण्टरनेशनल ट्रेड शो और उत्तर प्रदेश दिवस जैसे कार्यक्रमों में बड़े पैमाने पर ऋण वितरण किया गया। अकेले विश्वकर्मा जयंती पर 1.32 लाख करोड़ रुपये के ऋण स्वीकृत हुए। आगामी 20 फरवरी और 16 मार्च को 02 मेगा ऋण वितरण कार्यक्रम प्रस्तावित हैं, जिनमें 2.20 लाख करोड़ रुपये से अधिक के ऋण वितरण का लक्ष्य है।
योजनावार प्रगति प्रस्तुत करते हुए बताया गया कि चालू वित्तीय वर्ष में प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना में 4.66 लाख से अधिक आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें 2.32 लाख को स्वीकृति और 2.07 लाख को ऋण वितरण किया गया। पी0एम0 स्वनिधि योजना में कुल 22.85 लाख आवेदनों के सापेक्ष 21.15 लाख को स्वीकृति और 20.72 लाख को ऋण वितरण किया गया है, जिसमें उत्तर प्रदेश देश में प्रथम स्थान पर है। किसान क्रेडिट कार्ड योजना के अंतर्गत दिसम्बर, 2025 तक 50.82 लाख किसानों को 01 लाख करोड़ रुपये से अधिक की सीमा स्वीकृत की गई। महिला स्वयंसहायता समूहों के बैंक-लिंकिंग में 2.16 लाख समूहों को सहायता प्रदत्त की गई।
बैठक में साझा किया गया कि प्रदेश में बैंकिंग सेवाओं का विस्तार भी उल्लेखनीय है। विगत 10 वर्षों में 3.89 लाख से अधिक बैंकिंग आउटलेट स्थापित किए गए हैं। दिसम्बर, 2025 तक प्रदेश में कुल 4,30,565 बैंकिंग आउटलेट सक्रिय हैं, जिनमें 20,913 शाखाएँ, 19,191 ए0टी0एम0 और 4.09 लाख बैंक मित्र तथा बी0सी0 सखी शामिल हैं। प्रधानमंत्री जनधन योजना के अंतर्गत प्रदेश में अब तक 10 करोड़ 21 लाख से अधिक खाते खोले जा चुके हैं, जो देश में सर्वाधिक हैं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि उत्तर प्रदेश तेजी से आगे बढ़ रहा है और इसे और सशक्त बनाने में बैंकिंग तंत्र की सक्रियता अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने अपेक्षा की कि सभी बैंक विकासोन्मुख क्षेत्रों में ऋण प्रवाह बढ़ाएँ, नागरिकों को सरल और समयबद्ध सेवा प्रदान करें और वित्तीय समावेशन के लक्ष्य को जनपदवार पूरा करें। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि बैंक और सरकार मिलकर उत्तर प्रदेश को 01 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के लक्ष्य की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति सुनिश्चित करेंगे।
बैठक में बैंक ऑफ बड़ौदा के कार्यकारी निदेशक श्री लाल सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार की क्रेडिट गारंटी योजना ने बैंकों के लिए जोखिम कम किया है, जिससे ऋण वितरण की गति और बैंकिंग गतिविधियाँ दोनों बढ़ी हैं। उन्होंने सभी बैंकों से मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान, ओ0डी0ओ0पी0 तथा विश्वकर्मा श्रम सम्मान जैसी योजनाओं में अधिक से अधिक युवाओं और कारीगरों तक लाभ पहुँचाने की अपील की। उन्होंने कहा कि साइबर धोखाधड़ी की रोकथाम के लिए मुख्यमंत्री जी द्वारा उठाए गए कदमों में बैंक पूरी तरह सहयोग करेंगे।
भारतीय रिजर्व बैंक, लखनऊ के क्षेत्रीय निदेशक श्री पंकज कुमार ने कहा कि उत्तर प्रदेश का लगातार राजस्व अधिशेष में बने रहना बैंकिंग क्षेत्र के लिए सकारात्मक संकेत है। प्रदेश में ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस में तेजी से हो रहे सुधारों ने निवेश, उद्योग और ऋण मांग को मजबूत दिशा दी है और बैंकिंग तंत्र को इस गति का पूरा लाभ उठाना चाहिए।
नाबार्ड के मुख्य महाप्रबंधक श्री पंकज कुमार ने किसान क्रेडिट कार्ड वितरण को लेकर और तेजी की अपेक्षा जताई। उन्होंने बैंक शाखाओं के सापेक्ष गांवों की मैपिंग पर भी जोर दिया ताकि सरकारी योजनाओं के संतृप्तिकरण में और बेहतर प्रयास किए जा सकें।
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मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में ‘उ0प्र0 राज्य सड़क निधि प्रबन्धन समिति’ की बैठक सम्पन्न
 
सड़कें राज्य के आर्थिक विकास, निवेश आकर्षण, औद्योगिक विस्तार और जनसुविधाओं का आधार, सम्बन्धित विभाग समयबद्ध, पारदर्शी
और गुणवत्तापूर्ण निर्माण को सर्वोच्च प्राथमिकता दें : मुख्यमंत्री
 
सड़क मरम्मत और नये निर्माण कार्य पारदर्शी, उच्च गुणवत्ता और जनता को वास्तविक राहत देने वाले हों
 
सड़क निर्माण में ऐसे नवप्रयोगों को अपनाया जाए, जिनमें सड़क की कॉस्ट कम, लेकिन लाइफ ज्यादा हो
 
सड़क सुरक्षा और यातायात की सुचारू व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए ओवरलोड ट्रक और डम्परों का संचालन पूरी तरह रोका जाए
 
भारी वाहन चालकों की स्वास्थ्य जांच नियमित अंतराल पर अनिवार्य रूप से हो
 
प्रगति की नियमित समीक्षा के लिए समिति की बैठक प्रत्येक वित्तीय वर्ष में कम से कम दो बार आयोजित की जाए

लखनऊ : 01 फरवरी, 2026-    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी की अध्यक्षता में आज यहां उनके सरकारी आवास पर ‘उत्तर प्रदेश राज्य सड़क निधि प्रबन्धन समिति’ की बैठक सम्पन्न हुई। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि सड़कें राज्य के आर्थिक विकास, निवेश आकर्षण, औद्योगिक विस्तार और जनसुविधाओं का आधार हैं। इसलिए सभी सम्बन्धित विभाग समयबद्ध, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण निर्माण को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि पुराने कार्य लम्बित न रहें।
बैठक में वर्ष 2025-26 के लिए प्रस्तावित कार्ययोजना और वित्तीय प्रावधानों की समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रत्येक वर्ष अप्रैल के अन्त तक वार्षिक कार्ययोजना तैयार कर अप्रूव करा ली जाए। उन्होंने विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए कि हेड-वाइज एलोकेशन शुरुआत से ही सुनिश्चित हो और जिन मदों में आंतरिक संशोधन की आवश्यकता हो, उसे समय पर अनुमोदित कराएं, ताकि विकास कार्य बाधित न हों। उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण में नई तकनीक को अपनाना चाहिए। ऐसे नवप्रयोगों को अपनाया जाए, जिनमें सड़क की कॉस्ट कम, लेकिन लाइफ ज्यादा हो।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रत्येक परियोजना का परिणाम तय समय-सीमा के अंदर जमीन पर दिखाई देना चाहिए। प्रदेश में सड़क सुरक्षा और यातायात की सुचारू व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए ओवरलोड ट्रक और डम्परों का संचालन पूरी तरह रोका जाए। साथ ही, भारी वाहनों के चालकों की स्वास्थ्य जांच नियमित अंतराल पर अनिवार्य रूप से करायी जाए, ताकि थकान या असावधानी से होने वाली दुर्घटनाओं को रोका जा सके। सड़क निर्माण और रख-रखाव के दौरान सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन अनिवार्य होगा।
मुख्यमंत्री जी ने समिति को निर्देश दिए कि बैठकें प्रत्येक वित्तीय वर्ष में कम से कम दो बार आयोजित की जाएं, ताकि प्रगति की नियमित समीक्षा हो सके। साथ ही, सड़क निर्माण सम्बन्धी प्रस्ताव केवल जनप्रतिनिधियों से प्राप्त किए जाएं, ताकि योजनाएँ वास्तविक जरूरतों के अनुरूप तैयार हों।
बैठक में मुख्यमंत्री जी ने ओवरलोड वाहनों की रोकथाम, सड़क सुरक्षा जागरूकता बढ़ाने और स्थानीय निकायों की व्यवस्था के अनुसार पार्किंग सुनिश्चित कराने पर भी जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सड़क मरम्मत और नये निर्माण कार्य पारदर्शी, उच्च गुणवत्ता वाले और जनता को वास्तविक राहत देने वाले हों। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 की कार्ययोजना समयबद्ध रूप से पूरी होकर उत्तर प्रदेश के सड़क इंफ्रास्ट्रक्चर में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज करेगी।

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