मुख्यमंत्री ने आवास एवं शहरी नियोजन विभाग के कार्यां की समीक्षा की
लम्बित आवासीय और व्यावसायिक आवण्टनों के त्वरित निस्तारण के लिए नई ‘एकमुश्त समाधान योजना (ओ0टी0एस0-2026)’ लागू की जाए : मुख्यमंत्री
सरकार का उद्देश्य ऐसी व्यवस्था लागू करना, जिसमें समाधान तीव्र, पारदर्शी और सभी के लिए व्यावहारिक हो
ओ0टी0एस0-2026 योजना को अधिक व्यावहारिक और लाभकारी स्वरूप दिया जाए, एकमुश्त भुगतान करने वाले आवण्टियों को देयों पर उपयुक्त छूट दी जाए
ओ0टी0एस0-2026 योजना जन-केन्द्रित होनी चाहिए, जिसमें प्रत्येक वास्तविक आवण्टी के लिए स्पष्ट और सरल विकल्प उपलब्ध हों
लखनऊ : 04 फरवरी, 2026- उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने आज यहां अपने सरकारी आवास पर आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक में आवास एवं शहरी नियोजन विभाग के कार्यां की समीक्षा की। बैठक में उन्होंने लम्बित आवासीय और व्यावसायिक आवण्टनों के त्वरित निस्तारण के लिए एक नई ‘एकमुश्त समाधान योजना (ओ0टी0एस0-2026)’ लागू करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि वर्षों से लम्बित देयों और विवादित मामलों के कारण न केवल योजनाओं की प्रगति प्रभावित होती है, बल्कि आम नागरिकों को भी अनावश्यक परेशानी का सामना करना पड़ता है। सरकार का उद्देश्य ऐसी व्यवस्था लागू करना है, जिसमें समाधान तीव्र, पारदर्शी और सभी के लिए व्यावहारिक हो। प्रदेश की किसी भी योजना में लम्बित भुगतान या विवादित आवण्टन राज्य की विकास गति को धीमा करता है। इसलिए आवास विभाग को ऐसी समाधान-प्रधान व्यवस्था लागू करनी चाहिए, जिससे विभाग को आवश्यक राजस्व प्राप्त हो और आवण्टियों को राहत मिले।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि ओ0टी0एस0-2026 योजना को अधिक व्यावहारिक और लाभकारी स्वरूप दिया जाए। एकमुश्त भुगतान करने वाले आवण्टियों को देयों पर उपयुक्त छूट दी जाए। साथ ही, किस्तों में भुगतान की सुविधा उपलब्ध हो। योजना के प्राविधानों को अन्तिम रूप देते समय यह विशेष ध्यान दिया जाए कि योजना के मूल में आम आदमी को राहत देने का भाव निहित हो। विभाग द्वारा प्रत्येक आवेदन का निर्धारित समय-सीमा में निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि ओ0टी0एस0-2026 योजना जन-केन्द्रित होनी चाहिए, जिसमें प्रत्येक वास्तविक आवण्टी के लिए स्पष्ट और सरल विकल्प उपलब्ध हों। इसकी सम्पूर्ण प्रक्रिया ऑनलाइन, पारदर्शी और उपयोगकर्ता-अनुकूल होनी चाहिए। नई योजना लागू होने से हजारों आवण्टियों को राहत मिलेगी और विभाग को राजस्व प्राप्त होगा। उन्होंने निर्देशित किया कि ’एकमुश्त समाधान योजना’ के व्यापक प्रचार-प्रसार की विशेष व्यवस्था की जाए, ताकि अधिक से अधिक लोग इससे अवगत हो सकें तथा प्रत्येक पात्र इसका लाभ प्राप्त कर सकें।
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मुख्यमंत्री ने श्री अयोध्या धाम में माता सीता के जीवन-चरित पर केन्द्रित ’वैदेही आर्ट गैलरी’ की स्थापना के निर्देश दिए
सीता माता भारतीय संस्कृति, मर्यादा और नैतिक आदर्शों की अनुपम प्रेरणा, उनके उज्ज्वल चरित्र से नई पीढ़ी को गहराई से परिचित कराना समय की आवश्यकता : मुख्यमंत्री
यह अत्याधुनिक गैलरी केवल एक कला-संग्रहालय न होकर, सीता माता के जीवन, त्याग, करुणा, मर्यादा, धैर्य और शक्ति का आधुनिक तकनीक के माध्यम
से पुनर्पाठ प्रस्तुत करने वाली एक जीवन्त सांस्कृतिक अनुभव-स्थली होनी चाहिए
इस गैलरी में मिथिला की संस्कृति, लोकपरम्परा और कला के विविध आयामों को प्रमुखता से प्रदर्शित किया जाए
लखनऊ : 04 फरवरी, 2026- उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने आज यहां अपने सरकारी आवास पर आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक में श्री अयोध्या धाम में माता सीता के जीवन-चरित पर केन्द्रित ’वैदेही आर्ट गैलरी’ की स्थापना के निर्देश दिए। उन्होंने आवास एवं शहरी नियोजन विभाग के कार्यों की समीक्षा के दौरान कहा कि सीता माता भारतीय संस्कृति, मर्यादा और नैतिक आदर्शों की अनुपम प्रेरणा हैं। उनके उज्ज्वल चरित्र से नई पीढ़ी को गहराई से परिचित कराना समय की आवश्यकता है।
मुख्यमंत्री जी ने आर्ट गैलरी की परिकल्पना साझा करते हुए कहा कि यह अत्याधुनिक गैलरी केवल एक कला-संग्रहालय न होकर, सीता माता के जीवन, त्याग, करुणा, मर्यादा, धैर्य और शक्ति का आधुनिक तकनीक के माध्यम से पुनर्पाठ प्रस्तुत करने वाली एक जीवन्त सांस्कृतिक अनुभव-स्थली होनी चाहिए।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि इस गैलरी की कथा-वस्तु, डिजाइन, विज़ुअल भाषा, कला और तकनीक सहित सभी आयाम इस भावना को प्रकट करें कि हम एक दिव्य विरासत का पुनर्पाठ कर रहे हैं, जिसे नई पीढ़ी के सामने प्रेरणास्रोत के रूप में स्थापित किया जाना है। वैदेही आर्ट गैलरी की मूल भावना यही हो कि आगन्तुक सीता माता के जीवन-सन्देश को केवल देखें ही नहीं, बल्कि उसका अनुभव करें, समझें और आत्मसात करें।
अयोध्या विकास प्राधिकरण के साथ संवाद करते हुए मुख्यमंत्री जी ने कहा कि यह परियोजना अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि मंदिर के निकट वशिष्ठ भवन परिसर में विकसित की जा सकती है, जहां प्रतिदिन लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं। इस गैलरी का विकास अयोध्या के वैश्विक सांस्कृतिक नगर के रूप में उभरने के प्रयासों का एक महत्वपूर्ण चरण होगा। इस गैलरी में मिथिला की संस्कृति, लोकपरम्परा और कला के विविध आयामों को प्रमुखता से प्रदर्शित किया जाए।