मुख्यमंत्री ने राज्यपाल द्वारा समवेत सदन में दिए गए अभिभाषण पर विधान सभा में धन्यवाद प्रस्ताव चर्चा में विचार व्यक्त किए
आज उ0प्र0 पहचान का मोहताज नहीं, उ0प्र0 में कानून का राज, अपराधी भयभीत, गरीब का सम्मान, किसान खुशहाल, बहन-बेटियों में सुरक्षा का एहसास, युवाओं को रोजगार, गाँव में बिजली, हर हृदय में गौरव की अनुभूति : मुख्यमंत्री
दीपोत्सव, देव दीपावली, रंगोत्सव का आयोजन हमारे आत्मगौरव के महापर्व बने
प्रदेश सरकार जनकल्याण, रोजगार सृजन, निवेश के विस्तार और सामाजिक सुरक्षा के माध्यम से प्रदेशवासियों को सशक्त, सुरक्षित और समृद्ध बनाने के लिए प्रतिबद्ध
प्रदेश सरकार विकास, सुरक्षा तथा जनकल्याण से जुड़े प्रत्येक कार्य को बिना भेदभाव जनहित में सम्पादित कर रही
न किसी की जाति देखी, न मत, न मजहब, सरकार हर जरूरतमन्द के साथ खड़ी
आज का उ0प्र0 लोगों को आधुनिक रामराज्य का एहसास करा रहा, विरासत और विकास साथ-साथ चल रहे
आज अयोध्या में भगवान श्रीराम का भव्य मन्दिर बनकर तैयार, यह पुनर्जागरण का एक ऐसा मॉडल, जिसमें विरासत भी,
विकास भी, आस्था का यह पुनर्जागरण उ0प्र0 से प्रारम्भ हुआ
उ0प्र0 भारत की आस्था का केन्द्रबिन्दु तथा भारत की आस्था की आत्मा
अयोध्या, काशी, मथुरा-वृन्दावन, प्रयागराज, चित्रकूट, नैमिषारण्य व शुकतीर्थ सिर्फ आस्था के ही नहीं, राष्ट्रीय चेतना के केन्द्र भी
धर्मस्थल सर्वसमाज की आत्मनिर्भरता का आधार
प्रधानमंत्री जी के कर-कमलों से 21 फरवरी, 2026 को प्रदेश में पहली फैब यूनिट सेमीकण्डक्टर तथा 22 फरवरी, 2026 को देश की पहली रैपिड रेल दिल्ली से मेरठ का उद्घाटन होने जा रहा
विगत 09 वर्षां की प्रदेश की यात्रा अपराध और अव्यवस्था से अनुशासन, कर्फ्यू से कानून के राज की स्थापना, उपद्रव से उत्सव, समस्या से समाधान और अविश्वास से आत्मविश्वास की यात्रा
आज उ0प्र0 बीमारू राज्य नहीं, यह ट्रिपल ‘टी’ अर्थात टेक्नोलॉजी, ट्रस्ट एण्ड ट्रांसफॉरमेशन का प्रतीक बना, यह देश के विकास को लीड कर रहा, प्रदेश में ‘फेस्टिव और टेम्पल इकोनॉमी’ ग्रो कर रही
माफिया की तरह इंसेफेलाइटिस पर भी प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया गया
पहली बार सदन में उ0प्र0 का आर्थिक सर्वेक्षण प्रस्तुत किया गया
राज्य सरकार वर्ष 2029-30 तक उ0प्र0 को देश की नम्बर एक अर्थव्यवस्था के रूप में स्थापित करने के अभियान के साथ आगे बढ़ रही
राज्य सरकार द्वारा प्रदेश में सेफ्टी, स्टेबिलिटी और स्पीड ’ट्रिपल एस0’ की गारण्टी दी गयी
आज उ0प्र0 ‘पॉलिसी ऑफ पैरालिसिस’ से ‘पॉलिसी ऑफ स्टेबिलिटी’ की राह पर
प्रदेश ट्रस्ट, ट्रांसफॉर्मेशन और टाइमली डिलीवरी के रोल मॉडल के रूप में नई पहचान बना रहा
हमारी सरकार की अपराध और अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति ने प्रदेश को फियर जोन से फेथ जोन में बदला, कर्फ्यू कल्चर की जगह जीरो टॉलरेन्स ने ली
विगत 09 वर्षों में डबल इंजन सरकार के अथक प्रयास से प्रदेश की 06 करोड़ से अधिक आबादी को बहुआयामी गरीबी रेखा से उबारा गया
जरूरतमन्द लोगों को शौचालय, हर घर जल, आवास, आयुष्मान कार्ड, निःशुल्क राशन आदि सुविधाओं से जोड़ा जा रहा
वर्ष 2017 में जी0एस0डी0पी0 13 लाख करोड़ रु0 थी, जो वर्तमान में यह बढ़कर 36 लाख करोड़ रु0 हुई, प्रति व्यक्ति आय में तीन गुना वृद्धि
इण्डस्ट्री फर्स्ट और इन्वेस्टर फर्स्ट के साथ उ0प्र0 ग्लोबल इन्वेस्टर्स के लिए आकर्षक डेस्टिनेशन बना
उ0प्र0 के मजबूत लॉ एण्ड ऑर्डर, स्टेबिलिटी, सिंगल विण्डो सिस्टम, ई-गवर्नेन्स और डिजिटल कम्प्लायंस ने प्रदेश के नागरिकों, निवेशकों तथा बैंकर्स में मजबूत विश्वास उत्पन्न किया
स्पष्ट कृषि नीति के कारण आज उ0प्र0 कृषि क्षेत्र में डबल स्पीड से आगे बढ़ रहा, कृषि विकास दर 8.5 प्रतिशत से बढ़कर 18 प्रतिशत हुई
देश की मात्र 11 प्रतिशत कृषि भूमि के साथ प्रदेश का अन्नदाता किसान देश का 21 प्रतिशत खाद्यान्न उत्पादन कर रहा
आज अन्नदाता किसानों को उन्नत बीजों, प्राकृतिक खेती, ड्रोन, जलवायु अनुकूल आधुनिक तकनीक उपलब्ध करायी जा रही
उ0प्र0 में लगभग 16 लाख निराश्रित गोवंश संरक्षित, प्रति गोवंश 1,500 रु0 प्रतिमाह उपलब्ध कराने वाला उ0प्र0 पहला राज्य
03 लाख 05 हजार करोड़ रु0 गन्ना मूल्य किसानों के खातों में हस्तांतरित
अन्नदाता किसानों के उत्पादों को देश एवं प्रदेश के साथ ही, अन्तरराष्ट्रीय बाजार में निर्यात किया जा सके, इसके लिए कृषि
वैल्यू चेन, स्टोरेज प्रोसेसिंग, फूड चेन को आगे बढ़ाने के कार्य किए जा रहे
‘वन डिस्ट्रिक्ट वन कुज़ीन’ योजना से प्रत्येक जिले के विशिष्ट भोज्य पदार्थ को आगे बढ़ाने का कार्य किया जा रहा
प्रदेश सरकार ने आउटसोर्सिंग के माध्यम से रोजगार उपलब्ध कराने के लिए आउटसोर्स कॉर्पोरेशन का गठन किया
लखनऊ : 13 फरवरी, 2026: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश पहचान का मोहताज नहीं है। उत्तर प्रदेश में कानून का राज है, अपराधी भयभीत है, गरीब का सम्मान है, किसान खुशहाल है, बहन-बेटियों में सुरक्षा का एहसास है, युवाओं को रोजगार है, गाँव में बिजली है, हर हृदय में गौरव की अनुभूति है। आज का उत्तर प्रदेश लोगों को आधुनिक रामराज्य का एहसास करा रहा है, क्योंकि विरासत और विकास साथ-साथ चल रहे हैं। प्रदेश सरकार जनकल्याण, रोजगार सृजन, निवेश के विस्तार और सामाजिक सुरक्षा के माध्यम से प्रदेशवासियों को सशक्त, सुरक्षित और समृद्ध बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। राज्य सरकार वर्ष 2029-30 तक उत्तर प्रदेश को देश की नम्बर एक अर्थव्यवस्था के रूप में स्थापित करने के अभियान के साथ आगे बढ़ रही है।
मुख्यमंत्री जी आज विधान सभा में राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल जी द्वारा राज्य विधान मण्डल के समवेत सदन में दिए गए अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव का समर्थन करते हुए अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म के सबसे बड़े व्याख्याकार महर्षि वेदव्यास ने वेदों की परम्परा को लिपिबद्ध कर आने वाली पीढ़ी को समर्पित किया। इनका कालखण्ड आज से 05 हजार वर्ष पूर्व था। उस समय भारत, दुनिया की एक विकसित सभ्यता थी। जब दुनिया सभ्यता की बात कर रही थी, उस समय हमारा देश इस सम्बन्ध में दुनिया को दिशा प्रदान कर रहा था। महर्षि वेदव्यास ने उस समय कहा था ‘नास्ति मातृसमा छाया, नास्ति मातृसमा गतिः, नास्ति मातृसमं त्राणं, नास्ति मातृसमा प्रिया’ अर्थात माँ के समान कोई छाया नहीं, माँ के समान कोई सहारा नहीं, माँ के समान कोई रक्षक नहीं और माँ के समान कोई प्रिय भी नहीं। सनातन धर्म की परम्परा में अपने उम्र से बड़ी प्रत्येक महिला को माता के समान सम्मान योग्य माना जाता है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश सरकार विकास, सुरक्षा तथा जनकल्याण से जुड़े प्रत्येक कार्य को बिना भेदभाव जनहित में सम्पादित कर रही है। राज्यपाल जी का अभिभाषण सरकार की उपलब्धियों के साथ ही भावी कार्ययोजना का दस्तावेज होता है। संसद में इस सम्बन्ध में राष्ट्रपति जी तथा विधान सभाओं में राज्यपाल जी का अभिभाषण होता है। राज्यपाल जी के अभिभाषण में कुछ महत्वपूर्ण बातें थीं। नीति आयोग के आंकड़ों के अनुसार विगत 09 वर्षों में डबल इंजन सरकार द्वारा किये गये अथक प्रयास से प्रदेश की 06 करोड़ से अधिक आबादी को बहुआयामी गरीबी रेखा से उबारा गया है। प्रदेश सरकार द्वारा किये गये प्रयासों के परिणामस्वरूप उनके स्वावलम्बन, आत्मनिर्भरता तथा जीवन में खुशहाली का मार्ग प्रशस्त हुआ है। प्रदेश में जरूरतमन्द लोगों को शौचालय, हर घर जल, आवास, आयुष्मान कार्ड, निःशुल्क राशन आदि सुविधाओं से जोड़ा जा रहा है। 01 करोड़ 06 लाख वृद्धजन, दिव्यांगजन तथा निराश्रित महिलाओं आदि को 12 हजार रुपये वार्षिक पेंशन की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। सरकार अन्य जरूरतमंदों को भी इन योजनाओं से जोड़ रही है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि यह विपक्ष ने भी माना है कि प्रदेश में संगठित अपराध नियन्त्रित हुए हैं। विगत 09 वर्षां की प्रदेश की यात्रा अपराध और अव्यवस्था से अनुशासन, कर्फ्यू से कानून के राज की स्थापना, उपद्रव से उत्सव, समस्या से समाधान और अविश्वास से आत्मविश्वास की यात्रा है। यह यात्रा केवल सत्ता प्राप्त करने की होड़ नहीं थी, बल्कि इसके लिए हमारी सरकार की स्पष्ट नीति, साफ नीयत, दृढ़ इच्छाशक्ति थी।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि सुशासन के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए जब हमने सामूहिक प्रयास किए, तो हर व्यक्ति के मन में यह विश्वास बना कि उत्तर प्रदेश भी कर सकता है। इसका परिणाम है कि आज उत्तर प्रदेश बीमारू राज्य नहीं है, बल्कि यह ट्रिपल ‘टी’ अर्थात टेक्नोलॉजी, ट्रस्ट एण्ड ट्रांसफॉरमेशन का प्रतीक बना है और इन तीनों की त्रिवेणी बनकर उभरा है। वैसे तो उत्तर प्रदेश त्रिवेणी संगम के रूप में सदैव से विख्यात रहा है। प्रयागराज में माँ गंगा, माँ यमुना और माँ सरस्वती की त्रिवेणी का संगम होता है। यहां करोड़ों की संख्या में श्रद्धालु आते हैं। लेकिन अब पूरा उत्तर प्रदेश त्रिवेणी का प्रतीक बना है। इसके लिए प्रदेश सरकार ने अनेक कार्य किए हैं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि पहली बार सदन में प्रदेश का आर्थिक सर्वेक्षण प्रस्तुत किया गया है। यह सर्वेक्षण हमारी सरकार द्वारा किये गये कार्यां का दस्तावेज है। यह आर्थिक सर्वेक्षण विचार से व्यवस्था और व्यवस्था से विकास की उस अभिनव यात्रा का प्रतीक है, जिसका लाभ प्रदेश की जनता ले रही है। यह उत्तर प्रदेश के नये युग का प्रतीक है, जिसकी प्रतीक्षा प्रदेश की जनता वर्षां से कर रही थी। एक समय सर्वाधिक आबादी वाला राज्य अपनी पहचान के लिए मोहताज था, यहाँ के नौजवानों के सामने पहचान का संकट था। केन्द्र सरकार की योजनाओं की सफलता के लिए उत्तर प्रदेश बॉटलनेक माना जाता था। यह मान लिया जाता था कि ‘यू0पी0 विफल, योजना विफल’। आज उत्तर प्रदेश इस अवस्था से उबरकर विकास में अग्रणी राज्यों में अपनी पहचान बनाने में सफल हुआ है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि अब उत्तर प्रदेश बीमारू राज्य नहीं है, बल्कि उत्तर प्रदेश भारत की इकोनॉमी का ब्रेकथ्रू बना है। यह देश के विकास को लीड कर रहा है। वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में नीतिगत उदासीनता और प्रशासनिक शिथिलता थी। विकास विरोधी सोच से उबरकर विगत 09 वर्षां में उत्तर प्रदेश ने अनुशासन, सुदृढ़ नेतृत्व और स्पष्ट शासन दृष्टि के साथ विकास की नई परिभाषा गढ़ी है। आर्थिक सर्वेक्षण में सरकार की लोककल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से हो रहे कार्यां, रोजगार सृजन, निवेश के विस्तार, सामाजिक सुरक्षा के माध्यम से प्रदेश के सभी निवासियों को बिना भेदभाव के सशक्त, सुरक्षित और आत्मनिर्भर बनाने के लिए उठाए गये निर्णायक कदमों का उल्लेख है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि हमारी सरकार पहले दिन से ही अपराध और अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति से कार्य कर रही है। आज उत्तर प्रदेश उपद्रव प्रदेश नहीं, बल्कि उत्सव प्रदेश है। हमने रिकॉर्ड संख्या में पुलिस भर्तियाँ कीं, महिला सशक्तिकरण की दिशा में कार्य किये, मॉडर्न पुलिसिंग को बढ़ावा दिया, साइबर एवं फॉरेन्सिक इन्फ्रास्ट्रक्चर को सुदृढ़ किया, आपातकालीन तथा इण्टीग्रेटेड सेवाओं का विस्तार किया। इनका परिणाम है कि आज उत्तर प्रदेश में ‘रूल ऑफ लॉ’ दिखाई देता है। सुदृढ़ कानून व्यवस्था ने प्रदेश को ‘फियर जोन से फेथ जोन’ में बदला है। अब प्रदेश में भय का नहीं, बल्कि आस्था का वातावरण है। कर्फ्यू कल्चर की जगह जीरो टॉलरेन्स ने ली है। अब दंगों के स्थान पर प्रदेश में ‘फेस्टिव और टेम्पल इकोनॉमी’ ग्रो कर रही है। पहले कोई नहीं सोचता था कि अयोध्या में करोड़ों लोग आएंगे। वर्ष 2013 के प्रयागराज कुम्भ में कुल 12 करोड़ श्रद्धालु आए थे, जबकि इस वर्ष के माघ मेले में ही 21 करोड़ श्रद्धालु आ चुके हैं। यही परिवर्तन है। यह लोगों का व्यवस्था के प्रति विश्वास दर्शाता है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि वर्ष 2017 से अब तक प्रदेश में कोई साम्प्रदायिक दंगा नहीं हुआ है। ‘न कर्फ्यू न दंगा, यू0पी0 में अब सब चंगा।’ प्रदेश में महिलाओं को सुरक्षा तथा व्यापारियों को भयमुक्त वातावरण है। विगत 09 वर्षां में प्रदेश में 02 लाख 19 हजार से अधिक पुलिस भर्तियां सम्पन्न की गयी हैं। इनमें 20 प्रतिशत पद महिलाओं के लिए अनिवार्य रूप से शामिल हैं। हाल ही में प्रदेश में बिना किसी भेदभाव के 60,244 पुलिस भर्ती सम्पन्न हुई है। इसमें प्रदेश के प्रत्येक जनपद के नौजवान योग्यता के आधार पर भर्ती हुए हैं। वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश पुलिस में 10 हजार महिला कार्मिक थीं, आज इनकी संख्या 44 हजार हुई है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में 03 हजार पुलिस कार्मिकों के प्रशिक्षण की क्षमता नहीं थी। हमने पुलिस की ट्रेनिंग क्षमता को कई गुना बढ़ाया। आज 60,244 पुलिस कार्मिकों को एक साथ उत्तर प्रदेश में ही स्वयं के ट्रेनिंग सेण्टर में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। यह प्रशिक्षण सुविधाओं के विस्तार को दर्शाता है। प्रदेश में इस दौरान पुलिस अवस्थापना सुविधाओं में भी वृद्धि की गयी। पहले पुलिस कार्मिकों के बैरक अच्छे नहीं थे, आज किसी भी जनपद में सबसे हाईराइज़ बिल्डिंग पुलिस अवस्थापना सुविधाओं की होती है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि हमने मॉर्डन पुलिसिंग की दिशा में कदम बढ़ाए। प्रदेश में 07 कमिश्नरेट बनाये गये। प्रदेश में फॉरेन्सिक साइंस ईको-सिस्टम लागू किया है। लखनऊ में उत्तर प्रदेश स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेन्सिक साइंस की स्थापना की गयी, यह संचालित है। यहाँ डिग्री, डिप्लोमा तथा सर्टिफिकेट कोर्स प्रारम्भ हो चुके हैं। वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में मात्र 02 साइबर थाने थे, आज प्रत्येक जनपदों में एक-एक साइबर थाने मौजूद हैं। इसके साथ ही, प्रदेश के सभी थानों में एक-एक साइबर हेल्प डेस्क बनायी गयी है। साइबर अपराधियों द्वारा ठगी से लिये गये हजारों करोड़ रुपये इस तंत्र ने वापस दिलाए हैं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि देश में 03 नये कानून लागू होने के बाद, हर उस अपराध में, जिसमें सात वर्ष से अधिक सजा का प्राविधान है, उसमें फॉरेन्सिक साक्ष्य अनिवार्य हैं। पहले उत्तर प्रदेश में 02 या 03 फॉरेन्सिक साइंस लैब (एफ0एस0एल0) थीं, हमने प्रदेश में ए ग्रेड की 12 फॉरेन्सिक साइंस लैब बनायी हैं। 06 एफ0एस0एल0 लैब निर्माणाधीन हैं। हर जनपद को 02-02 फॉरेन्सिक वैन उपलब्ध करायी गयी हैं, जिससे त्वरित साक्ष्य एकत्रित किये जा सकें और अपराधी को शीघ्र सजा दिलायी जा सके।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश में 17 नगर निगम वाले जनपद तथा गौतमबुद्धनगर जनपद को सेफ सिटी के रूप में विकसित किया गया है। हर जिला मुख्यालय में सी0सी0टी0वी0 कैमरे की कवरेज बढ़ायी गयी है। आई0सी0सी0सी0 के माध्यम से इसकी मॉनीटरिंग की जा रही है। राज्य में स्पेशल सिक्योरिटी फोर्स का गठन किया गया है। हमने पी0ए0सी0 की समाप्त हो चुकी 34 कम्पनियों को पुनर्जीवित किया है। पी0ए0सी0 दंगाइयों के लिए काल है। लखनऊ में वीरांगना ऊदा देवी, गोरखपुर में वीरांगना झलकारी बाई तथा बदायूं में वीरांगना अवन्तीबाई के नाम पर 03 महिला पी0ए0सी0 कम्पनियों का गठन किया गया है तथा 03 अन्य महिला पी0ए0सी0 कम्पनियों का गठन किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर जी ने मुगलकाल में भारत के सांस्कृतिक और आध्यात्मिक प्रतीकों को पूरी दृढ़ता से स्थापित किया था। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर जी की 300वीं जयन्ती के कार्यक्रमों का देश भर में शुभारम्भ किया। प्रधानमंत्री जी ने काशी में उनकी भव्य प्रतिमा स्थापित करायी है। डबल इंजन सरकार ने औरैया जनपद के मेडिकल कॉलेज का नामकरण लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर जी के नाम पर किया है। लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर जी की स्मृति में काशी में मणिकर्णिका घाट और वहां के श्मशान घाट के पुनरुद्धार कार्यक्रम को आगे बढ़ाया जा रहा है। हमारी सरकार ने जनपद बहराइच के चित्तौरा में महाराजा सुहेलदेव का विराट स्मारक बनवाया है। महाराजा सुहेलदेव के नाम पर जनपद आजमगढ़ में विश्वविद्यालय बनाया गया है। भगवान श्रीराम और निषादराज की मैत्री के प्रतीक के रूप में श्रृंग्वेरपुर, प्रयागराज में भव्य प्रतिमा स्थापित की गयी है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि सनातन आस्था को कोई भी कैद नहीं कर सकता है। आज अयोध्या में भगवान श्रीराम का भव्य मन्दिर बनकर तैयार हो गया है। यह पुनर्जागरण का एक ऐसा मॉडल है, जिसमें विरासत भी है और विकास भी है। आस्था का यह पुनर्जागरण उत्तर प्रदेश से प्रारम्भ हुआ है। उत्तर प्रदेश भारत की आस्था का केन्द्र बिन्दु तथा भारत की आस्था की आत्मा है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि अयोध्या, काशी, मथुरा-वृन्दावन, प्रयागराज, चित्रकूट, नैमिषारण्य व शुकतीर्थ सिर्फ आस्था के केन्द्र बिन्दु नहीं हैं, यह राष्ट्रीय चेतना के भी केन्द्र हैं। जब भी दुनिया में मर्यादा की चर्चा होगी, तब अयोध्या की चर्चा भी होगी। जब भी दुनिया में शाश्वत चेतना की चर्चा की जाएगी, तब काशी की चर्चा भी की जाएगी। जब भी भक्ति की चर्चा होगी, तब मथुरा-वृन्दावन की भी चर्चा होगी। जब भी समरसता की चर्चा की जाएगी, तो प्रयागराज की चर्चा होगी। सभी प्रदेशवासियों को इन पर गौरव की अनुभूति करनी चाहिए। उत्तर प्रदेश फिर से इस पुनर्जागरण का केन्द्र बन गया है। यह गुलामी से मुक्ति का मार्ग है। इस दिशा में हम मजबूती के साथ आगे बढ़े हैं। इसके लिए प्रदेश सरकार ने जीरो टॉलरेंस की नीति अपनायी है।
प्रदेश के धर्मस्थल सर्वसमाज की आत्मनिर्भरता का आधार बने हैं। प्रदेश में स्थित सभी धर्मों के तीर्थ स्थलों के साथ ही, पौराणिक व ऐतिहासिक महत्व से जुड़े स्थलों को आस्था एवं राष्ट्रीय चेतना से जोड़ने का काम किया गया है। आज उसके परिणाम भी दिख रहे हैं। इस स्थलों पर करोड़ों श्रद्धालु आ रहे हैं। आस्था के साथ ही, वहाँ की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल रही है। इन स्थलों पर माला-फूल बेचने वाले, नाव चलाने वाले सहित अन्य कार्यों में लगे सर्वसमाज के लोगों की भागीदारी होती है। इन लोगों की आत्मनिर्भरता एवं स्वावलम्बन का आधार यह धार्मिक स्थल बने हैं। प्रदेश में आस्था के इन केन्द्रों को पुनर्जीवित करने का कार्य डबल इंजन सरकार द्वारा किया गया है। दीपोत्सव, देव दीपावली, रंगोत्सव आज केवल आयोजन मात्र नहीं हैं, बल्कि यह हमारे आत्मगौरव के महापर्व बन गए हैं। इन आयोजनों के साथ करोड़ों की संख्या में लोग भौतिक रूप से उपस्थित होकर अपना सहयोग करते हैं और गौरव की अनुभूति करते हैं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि आस्था को सम्मान देने का परिणाम है कि आज उत्तर प्रदेश की जी0डी0पी0 में वृद्धि हुई है। प्रदेश ने विकास की दिशा में जो प्रगति की है, यह सुरक्षा के साथ-साथ आस्था को सम्मान देने का ही परिणाम है। आज उत्तर प्रदेश का परसेप्शन बदला है। प्रयागराज महाकुम्भ-2025 के दौरान पूरे देश से श्रद्धालु आए थे। प्रयागराज सहित प्रदेश के विभिन्न जनपदों ने आतिथ्य सत्कार का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया। तमिलनाडु के तीर्थयात्रियों ने ट्वीट किया कि ‘उत्तर प्रदेश के बारे में उनका भ्रम दूर हुआ है। वास्तव में उत्तर प्रदेश भगवान श्रीराम व भगवान श्रीकृष्ण की भूमि है, जिसकी हमने वहां पर अनुभूति की।’
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि सरकार की मंशा के अनुरूप जनता-जनार्दन सहयोग कर रही है। वर्ष 2017 के पूर्व उत्तर प्रदेश के विषय में लोग अच्छा नहीं सोचते थे। आज उत्तर प्रदेश के विषय में हर कोई अच्छा सोच रहा है। 03 वर्ष कोविड कालखण्ड के बावजूद प्रदेश की जी0एस0डी0पी0 में ढाई गुना वृद्धि हुई है। वर्ष 2017 में प्रदेश की जी0एस0डी0पी0 13 लाख करोड़ रुपये थी। वर्तमान में यह बढ़कर 36 लाख करोड़ रुपये हुई है। पहले देश की जी0डी0पी0 में उत्तर प्रदेश का हिस्सा मात्र 08 प्रतिशत रह गया था। आज यह साढ़े 09 प्रतिशत तक पहुंचा है। प्रदेश सरकार द्वारा प्रति व्यक्ति आय में तीन गुना की वृद्धि की गयी है। राजकोषीय घाटे को 03 प्रतिशत से कम करने में सफलता मिली है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा टैक्स चोरी को रोकते हुए रेवेन्यु लीकेजेज को पूरी सख्ती से नियंत्रित किया गया है। यह भ्रष्टाचार पर हमारी सरकार का प्रहार है। पारदर्शी राजस्व संग्रह तथा जनता पर बिना कोई अतिरिक्त टैक्स लगाए विगत 09 वर्षों से सरकार कार्य कर रही है। प्रदेश में सभी सेक्टरों में वित्तीय अनुशासन को बेहतर तरीके से आगे बढ़ाने में सफलता मिली है। प्रदेश का सी0डी0 रेशियो 43 से बढ़कर 61 प्रतिशत से अधिक हुआ है। बैंकर्स प्रदेश का पैसा राज्य में ही खर्च करेंगे, इसका मॉडल प्रदेश ने दिया है। उत्तर प्रदेश के मजबूत लॉ एण्ड ऑर्डर, स्टेबिलिटी, सिंगल विण्डो सिस्टम, ई-गवर्नेन्स और डिजिटल कम्प्लायंस ने प्रदेश के नागरिकों, निवेशकों तथा बैंकर्स में मजबूत विश्वास उत्पन्न किया है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि यह देश किसानों के श्रम एवं कारीगरों की सृजनशीलता से समृद्ध हुआ है। यह कारीगर एम0एस0एम0ई0 क्षेत्र में कार्य करने वाले कारीगर हैं। ग्राम स्वराज्य हमारी पहचान हैं। पहले हर गांव आत्मनिर्भर था। गाँव की निर्भरता किसी सरकार या किसी सत्ता पर निर्भर नहीं थी। किसान खुशहाल थे। औपनिवेशिक काल में हमारे किसान, जो उत्पादक थे, उन्हें उपभोक्ता बना दिया गया। पिछली सरकारों ने अन्नदाता को कर्जदाता बना दिया। हमारा कारीगर ही उद्यमी थे। उनके उद्यमों का नाश कर दिया गया। कारीगरों को पलायन करने के लिए मजबूर कर दिया गया। हमारे व्यापारी उत्तर से दक्षिण व पूरब से पश्चिम पूरे देश को जोड़ने के सेतु थे। उन्हें भयभीत कर दिया गया। परिणामस्वरूप चारों ओर हताशा और निराशा का वातावरण था। किसान आत्महत्या कर रहे थे, एम0एस0एम0ई0 सेक्टर बन्दी के कगार पर था। उत्तर प्रदेश के विषय में लोगों की धारणा खराब हो चुकी थी।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि स्पष्ट कृषि नीति के कारण आज उत्तर प्रदेश कृषि क्षेत्र में डबल स्पीड से आगे बढ़ रहा है। पहले खेती में लागत ज्यादा थी, उत्पादन कम था और बिचौलिए हावी थे। आज लागत कम, उत्पादन ज्यादा है। बिचौलियों की भूमिका खत्म हो गयी है। किसानों को डी0बी0टी0 के माध्यम से उनकी उपज का दाम उपलब्ध कराया जा रहा है। विकास की यात्रा से अन्नदाता किसानों को जोड़ने का कार्य किया गया है। कृषि को इनकम बेस्ड एवं वैल्यु एडिशन मॉडल के साथ जोड़ा गया है। कृषि विकास दर 8.5 प्रतिशत से बढ़कर 18 प्रतिशत हुई है। देश की कुल कृषि भूमि का मात्र 11 प्रतिशत उत्तर प्रदेश में है। प्रदेश का अन्नदाता किसान इसी भूमि से देश के 21 प्रतिशत खाद्यान्न का उत्पादन कर रहा है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में किसानों को ‘बीज से लेकर बाजार तक’ तथा ग्लोबल मार्केट तक उसकी पहुँच हुई है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अन्तर्गत उत्तर प्रदेश के किसानों को अब तक 95 हजार करोड़ रुपये की राशि डी0बी0टी0 के माध्यम से प्राप्त हुई है।
आज अन्नदाता किसानों को उन्नत बीजों, प्राकृतिक खेती, ड्रोन, जलवायु अनुकूल आधुनिक तकनीक उपलब्ध करायी जा रही है। कृषि वैज्ञानिकों, स्टार्ट अप्स और प्रगतिशील किसानों से व्यावहारिक प्रशिक्षण भी प्रदान किया जा रहा है। ड्रोन डोजिंग एफ0पी0ओ0, एग्री स्टार्ट अप्स, फूड प्रोसेसिंग के माध्यम से फसलों का मूल्यवर्धन किया जा रहा है। विश्व बैंक की सहायता से प्रदेश के कम उत्पादक क्षेत्रों में लगभग 04 हजार करोड़ रुपये लागत की यू0पी0 एग्रीज परियोजना शुरू की गयी है, जिसमें उत्पादकता में वृद्धि, संसाधनों के कुशल उपयोग, कृषि आधारित उद्योग का विकास, कृषि उत्पादों की गुणवत्ता में सुधार पर विशेष बल दिया गया है।
उत्तर प्रदेश में लगभग 16 लाख निराश्रित गोवंश को सरकार के संरक्षण में संरक्षित किया गया है। इनके लिए 03 प्रकार की योजनाएं संचालित की जा रही हैं। उत्तर प्रदेश पहला राज्य है, जहाँ प्रति गोवंश 1500 रुपये प्रतिमाह उपलब्ध कराए जा रहे हैं। क्लाइमेट स्मार्ट खेती और मिलेट्स का विस्तार भी उत्तर प्रदेश में बढ़ा है। प्रदेश खाद्यान्न उत्पादन के साथ-साथ दुग्ध उत्पादन में भी अग्रणी राज्य है। मत्स्य उत्पादन में भी प्रदेश ने दोगुनी क्षमता अर्जित की है। देश के कुल गन्ना उत्पादन का 55 फीसदी आज उत्तर प्रदेश कर रहा है, जो देश में नम्बर एक है। वर्ष 2000 से लेकर वर्ष 2017 तक कुल 02 लाख 14 हजार करोड़ रुपये का गन्ना मूल्य का भुगतान हुआ था। 03 लाख 05 हजार करोड़ रुपये गन्ना मूल्य की धनराशि किसानों के खाते में स्थानान्तरित की गयी है। आधे समय में लगभग 90 हजार करोड़ रुपये की धनराशि किसानों के खाते में गयी है।
आज 122 चीनी मिलों का संचालन किया जा रहा है। 400 रुपये प्रति कुन्तल गन्ना मूल्य का भुगतान भी हम कर रहे हैं। एथेनॉल का प्रोडक्शन पहले 41 करोड़ लीटर होता था, अब 182 करोड़ लीटर हो गया है। एथेनॉल ब्लेण्डेड पेट्रोल प्रोग्राम में एथेनॉल सेक्टर को एश्योर्ड कैश प्रो सेक्टर बना दिया गया है। अन्नदाता किसान एक चीनी मिल को एश्योर्ड वायर फास्टर पेमेण्ट सुनिश्चित कर रहा है। सरकार अन्नदाता किसानों और गन्ना किसानों के उन्नयन के लिए अच्छे बीज उपलब्ध करा रही है। साथ ही, छाता एवं बागपत चीनी मिलों के पुनरुद्धार एवं इण्टीग्रेटेड कॉम्प्लेक्स के रूप में विकसित करने के एक बड़े कार्यक्रम को सरकार आगे बढ़ाएगी।
प्रदेश में 89 कृषि विज्ञान केन्द्र संचालित हो रहे हैं। एक्सप्रेस-वे एवं लॉजिस्टिक्स मार्ग से किसानों की उपज को राष्ट्रीय एवं अन्तरराष्ट्रीय बाजार तक पहुँचाना हमारी सरकार शीर्ष प्राथमिकता है। अन्नदाता किसानों के उत्पादों को देश एवं प्रदेश के साथ ही, अन्तरराष्ट्रीय बाजार में निर्यात किया जा सके। इसके लिए कृषि वैल्यू चेन, स्टोरेज प्रोसेसिंग, फूड चेन को भी आगे बढ़ाने के कार्य किए जा रहे हैं। हर खेत को पानी नहर एवं पाइपलाइन एवं माइक्रो इरिगेशन के माध्यम से 31 बड़ी सिंचाई परियोजनाओं को पूर्ण किया गया है। किसानों के सिंचाई हेतु निजी नलकूपों को निःशुल्क विद्युत की व्यवस्था दी गयी है। डीजल से संचालित नलकूपों के लिए भी व्यवस्था की गयी है।
कुशीनगर में महात्मा बुद्ध के नाम पर कृषि विश्वविद्यालय की स्थापना का कार्य तथा लखनऊ में भारत रत्न चौधरी चरण सिंह के नाम पर सीड पार्क के निर्माण का कार्य प्रारम्भ हुआ है। डिजिटल ईको सिस्टम एवं को-ऑपरेटिव के माध्यम से एग्री ईको सिस्टम को सशक्त किया गया है। डिजिटल गवर्नेन्स ई0के0सी0सी0 पोर्टल में ऋण स्वीकृति समय को 03 से 04 सप्ताह से घटाकर 05 मिनट किया गया है। सिद्धार्थनगर में काला नमक चावल की ब्राण्डिंग ओ0डी0ओ0पी0 के माध्यम से की जा रही है। हमारे हस्तशिल्पी एवं कारीगरों द्वारा जो उत्पाद प्रदेश में बनाए जाते हैं, उनमें 77 ऐसे उत्पाद हैं, जिन्हें जी0आई0 टैग प्राप्त हुआ है। अब इन उत्पादों को वैश्विक मार्केट में सर्टिफिकेशन की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।
प्रदेश सरकार द्वारा ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन कुज़ीन’ की घोषणा भी की गयी है। प्रदेश के प्रत्येक जिले के विशिष्ट भोज्य पदार्थ को आगे बढ़ाने का कार्य किया जा रहा है। प्रदेश में 96 लाख एम0एस0एम0ई0 यूनिट संचालित हैं। इनमें 03 करोड़ 11 लाख लोग कार्य कर रहे हैं। कोरोना कालखण्ड में जो लोग अन्य राज्यों में कार्य कर रहे थे, उनमें से ज्यादातर लोग आज प्रदेश में ही एम0एस0एम0ई0 यूनिट में कार्य कर रहे हैं। कृषि के बाद एम0एस0एम0ई सेक्टर सर्वाधिक रोजगार देने वाला सेक्टर है। पिछली सरकार ने एम0एस0एम0ई0 सेक्टर को मृतप्राय कर दिया था। आज प्रदेश सरकार ने एम0एस0एम0ई0 सेक्टर की यूनिट लगाकर संचालन हेतु 1,000 दिनों तक एन0ओ0सी0 में छूट प्रदान की है। यही सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास है। सबके प्रयास से ही उत्तर प्रदेश देश में अग्रणी अर्थव्यवस्था के रूप में आगे बढ़ रहा है।
आज उत्तर प्रदेश में सुरक्षा का वातावरण है। ‘रूल ऑफ लॉ’ विकास की गारण्टी है। हर व्यक्ति को सुरक्षा चाहिए और सुरक्षा उसका अधिकार है। सरकार की गारण्टी है कि किसी भी कीमत पर सभी को सुरक्षा देंगे। कानून के साथ खिलवाड़ करने वालों को बक्शा नहीं जाएगा। प्रदेश के 25 करोड़ लोगों के भविष्य के साथ खिलवाड़ नहीं करने देंगे। प्रदेश में अच्छा इन्फ्रास्ट्रक्चर और एक्सप्रेस-वे का जाल है और एयर कनेक्टिविटी तेजी से बढ़ी है। प्रधानमंत्री जी द्वारा 22 फरवरी, 2026 को देश की पहली रैपिड रेल दिल्ली से मेरठ का उद्घाटन होने जा रहा है। डबल इंजन सरकार ने दिल्ली से मेरठ को 12-लेन हाईवे से जोड़ा है। पहले यहां की दूरी तय करने में 03 घण्टे लगते थे, अब मात्र 45 मिनट में इसकी दूरी तय की जा सकती है।
वर्ष 2017 से पूर्व न कोई नीति थी, न सरकारी नियम थे और न ही सुरक्षा थी। असीम सम्भावनाओं के बावजूद भी उत्तर प्रदेश निवेश से वंचित रहता था। आज उत्तर प्रदेश में फीयरलेस बिजनेस, ईज ऑफ डुइंग बिजनेस और ट्रस्ट इन डुइंग बिजनेस है। राज्य सरकार द्वारा प्रदेश में सेफ्टी, स्टेबिलिटी और स्पीड ’ट्रिपल एस0’ की गारण्टी दी गयी है। आज उत्तर प्रदेश ने ‘पॉलिसी पैरालिसिस’ से ‘पॉलिसी स्टेबिलिटी’ की यात्रा तय की है। हमारे पास 34 से अधिक सेक्टोरल पालिसी हैं। प्रदेश में निवेश मित्र, निवेश सारथी, उद्यमी मित्र हैं। इसने उद्योगों के लिए सुगम पारदर्शी एवं भरोसेमंद वातावरण को प्रदेश में तैयार किया है। पिछली सरकार के समय ईज ऑफ डुइंग बिजनेस में 14वें स्थान पर था। आज देश में टॉप अचीवर के रूप में दमदारी के साथ खड़ा है। देश का पहला राज्य उत्तर प्रदेश है, जिसने व्यापार सुधार के सभी मानकों को पूर्ण रूप से क्रियान्वित किया है। सभी 23 प्राथमिक सुधारों को शत-प्रतिशत लागू किया है। हमने डीक्रिमलाइजेशन द्वारा 13 राज्य अधिनियमों और लगभग 99 फीसदी आपराधिक प्राविधानों को समाप्त किया है।
वर्ष 1947 से लेकर वर्ष 2017 तक कुल 14 हजार कारखाने थे। विगत साढ़े आठ वर्षों में इनकी संख्या बढ़कर 31 हजार से ज्यादा हुई है। इण्डस्ट्री फर्स्ट एण्ड इन्वेस्टर फर्स्ट अप्रोच के कारण प्रदेश आज वैश्विक निवेशकों के लिए एक सुरक्षित, स्थिर और विश्वसनीय गंतव्य के रूप में सामने आया है। एम0ओ0यू0 केवल कागजों तक सीमित नहीं है। ग्राउण्ड ब्रेकिंग से लेकर उत्पादन, व्यापार और रोजगार सृजन तक ठोस परिणाम आए हैं। विगत साढ़े आठ वर्षों में 50 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव आए हैं। इन निवेश प्रस्तावों के माध्यम से 60 लाख से अधिक नौजवानों को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार उत्तर प्रदेश में ही प्राप्त हुआ है। उत्तर प्रदेश के निवासियों को आज प्रदेश में ही रोजगार प्राप्त हो रहा है। लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल इम्प्लॉयमेण्ट एण्ड इण्डस्ट्रियल जोन के माध्यम से उसी जनपद में स्किल डेवलपमेण्ट से लेकर इम्प्लॉयमेण्ट रोजगार की गारण्टी प्रदान की जाएगी।
प्रदेश सरकार ने आउटसोर्सिंग के माध्यम से रोजगार उपलब्ध कराने के लिए आउटसोर्स कॉर्पोरेशन का गठन किया है। इसके माध्यम से गारण्टी दी गयी है कि आउटसोर्सिंग के माध्यम से कार्य करने वाले नौजवानों को 16 हजार से 20 हजार रुपये सीधे उनके खाते में दिए जाएंगे। आउटसोर्सिंग कर्मियों का शोषण करने पर कम्पनी ब्लैक लिस्ट की जाएगी और कार्यवाही भी की जाएगी। प्रदेश आज एम0एस0एम0ई0 और स्टार्टअप के एक नये हब के रूप में स्थापित हुआ है। ग्लोबल इलेक्ट्रॉनिक और आई0टी0 हब के रूप में एक नई पहचान बना रहा है। प्रदेश में 65 फीसदी मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग हो रहा है। देश के 55 से 60 फीसदी इलेक्ट्रॉनिक कम्पोनेण्ट प्रदेश में बन रहे हैं। प्रधानमंत्री जी के कर-कमलों से 21 फरवरी, 2026 को प्रदेश में पहली फैब यूनिट सेमीकण्डक्टर का उद्घाटन होने जा रहा है।
प्रदेश आज ट्रस्ट, ट्रांसफॉर्मेशन और टाइमली डिलीवरी के एक रोल मॉडल के रूप में अपनी नई पहचान बना रहा है। यह प्रदेश का नया मॉडल है। माफिया की तरह इंसेफेलाइटिस पर भी प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया गया है। प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में प्रदेश ने इंसेफेलाइटिस को समाप्त करने में सफलता हासिल की है। राज्य सरकार ने ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन मेडिकल कॉलेज’ का निर्माण करा रही है। आज प्रदेश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या 36 से बढ़कर 81 हो गयी है। 81वां मेडिकल कॉलेज अमेठी में प्रारम्भ हो चुका है। कुछ नये मेडिकल कॉलेज भी बनाए जा रहे हैं। प्रदेश में 02 एम्स भी प्रारम्भ हो चुके हैं। प्रत्येक जिले में डायलिसिस की निःशुल्क सुविधा उपलब्ध है। 05 करोड़ 46 लाख आयुष्मान गोल्डन कार्ड प्रदेश में जारी किए गए हैं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि विधायकगण गम्भीर बीमारियों में जरूरतमंदों को अपनी विधायक निधि से धनराशि दे सकें, इस दिशा में प्रयास किया जाएगा। प्रदेश सरकार बिना किसी भेदभाव के लोगों को गम्भीर बीमारी में उपचार हेतु धनराशि उपलब्ध कराती है। प्रदेश में 41,868 पैरामेडिक्स की भर्ती की गयी है। चिकित्सा शिक्षा में कुल 45,978 भर्ती हुई है। प्रदेश में आई0सी0यू0, मिनी आई0सी0यू0, डिजिटल एक्स-रे, ब्लड बैंक, ऑक्सीजन प्लाण्ट संचालित हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में प्रत्येक रविवार को मुख्यमंत्री आरोग्य मेले का आयोजन हो रहा है। 108 एवं 102 एम्बुलेंस के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं को आगे बढ़ाने का कार्य किया जा रहा है।
प्रदेश में ए0आई0, जिनॉमिक्स, मेडटेक, हेल्थ टेक के लिए सेण्टर ऑफ एक्सीलेंस विकसित करने का कार्य किया जा रहा है। इस सेक्टर में प्रदेश सबसे बड़ा मार्केट है। फार्मा मैन्युफैक्चरिंग केन्द्र के विकास के लिए ललितपुर में एक फार्मा पार्क के निर्माण के कार्यक्रम को आगे बढ़ाया गया है। मेडिकल से जुड़ी चीजें सस्ती दर पर एवं क्वॉलिटी के साथ उपलब्ध हो सकें, इसके लिए जनपद गौतमबुद्धनगर में मेडिकल डिवाइस पार्क के निर्माण कार्य को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है।
वर्ष 2017 से पूर्व प्रदेश में विमेन वर्कफोर्स 13 फीसदी थी। आज यह 37 फीसदी हुई है। कामकाजी महिलाओं की संख्या पहले की तुलना में तीन गुना अधिक हुई है। आज सुरक्षा, समृद्धि, इम्प्लॉयमेण्ट, एक्सीलेंस, आत्मनिर्भरता तथा उद्यमिता सभी क्षेत्रों में नारी शक्ति प्रदेश को नेतृत्व दे रही हैं। प्रदेश में 09 लाख सरकारी नौकरियां उपलब्ध करायी गयी हैं। इनमें 01 लाख 75 हजार महिलाएँ हैं। ड्रोन दीदी, सेल्फ हेल्प ग्रुप तथा लखपति दीदी का एक मजबूत ईको-सिस्टम प्रदेश में है। हर ग्राम पंचायत में बी0सी0 सखी बैंकिंग कार्य को आगे बढ़ा रही है।
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत राज्य सरकार बेटियों की शादी के लिए 01 लाख रुपये उपलब्ध करा रही है। वर्तमान में 01 करोड़ 06 लाख निराश्रित महिलाएँ, वृद्धजन एवं दिव्यांगजन प्रदेश में 12 हजार रुपये सालाना पेंशन प्राप्त कर रहे हैं। यह धनराशि डी0बी0टी0 के माध्यम से उनके बैंक खातों में जा रही है। दिव्यांगजन को मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल दी जा रही है। इस बार बजट में हमने बेटियों के लिए ई-ट्राईसाइकिल की घोषणा भी की है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि जीरो पॉवर्टी के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में सरकार ने कदम आगे बढ़ाए हैं। प्रदेश को तुष्टिकरण से उबारकर संतुष्टीकरण के मॉडल की ओर आगे बढ़ाया गया है। राज्य में 60 लाख गरीबों को एक-एक आवास उपलब्ध कराया गया है। डबल इंजन सरकार नगरीय क्षेत्र में आवास के लिए ढाई लाख रुपये तथा ग्रामीण क्षेत्रों में एक लाख 20 हजार रुपये, शौचालय निर्माण के लिए 12 से 15 हजार रुपए अतिरिक्त और मनरेगा के तहत 90 दिन की मजदूरी के बराबर मानदेय उपलब्ध कराती है। इसे हम ‘विकसित भारत-जी राम जी’ योजना से जोड़ने जा रहे हैं। इन सभी कार्यों का परिणाम है कि प्रदेश में 06 करोड़ से अधिक लोग गरीबी रेखा से उबरे हैं। सफाई कर्मी तथा निर्माण श्रमिक के लिए बजट में नई योजना प्रस्तुत की गई है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि व्यावसायिक शिक्षा के क्षेत्र में मॉडर्न तकनीक जैसे आर्टिफिशियल इण्टेलिजेंस, सेमीकण्डक्टर, डाटा साइंस, रोबोटिक्स, ड्रोन टेक्नोलॉजी, स्पेस टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में नए केन्द्र विकसित किए जा रहे हैं। टाटा टेक्नोलॉजीज के साथ मिलकर सरकार ने हर जनपद के 2-2 आई0टी0आई0 को इमर्जिंग टेक्नोलॉजी से जोड़ा है। इन्हें हब एण्ड स्पोक मॉडल पर आगे बढ़ाने की कार्रवाई की जा रही है।
प्रधानमंत्री जी ने कोविड कालखण्ड में देश को राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 का उपहार दिया था। स्किल डेवलपमेण्ट तथा तकनीकी उन्नयन इसका मुख्य आधार है। टेक्निकल एजुकेशन विभाग ने भी इस कार्रवाई को आगे बढ़ाया है। माध्यमिक शिक्षा के क्षेत्र में भी प्रत्येक जनपद के सरकारी कॉलेजों को प्रथम चरण में इससे जोड़ा जा रहा है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि युवाओं को स्वावलम्बन की ओर अग्रसर करने के लिए मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान प्रारम्भ किया गया है। हमने इस योजना को 24 जनवरी, 2024 को लॉन्च किया था। अब तक 01 लाख 10 हजार नौजवानों को 10 प्रतिशत मार्जिन मनी देते हुए ब्याज मुक्त और गारण्टी मुक्त लोन उपलब्ध कराया जा चुका है। इस योजना के अन्तर्गत नौजवानों का प्रशिक्षण आवश्यक है। इस योजना में नौजवान रुचि ले रहे हैं। स्वामी विवेकानन्द युवा सशक्तिकरण योजना के अन्तर्गत युवाओं के डिजिटल सशक्तिकरण कार्यां को आगे बढ़ाया गया है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि स्किल इण्डिया, स्टार्ट-अप इण्डिया तथा स्टैण्ड-अप इण्डिया की दिशा में तेजी से कार्य किये जा रहे हैं। वर्तमान में 20 हजार से अधिक स्टार्ट-अप तथा 76 इन्क्यूबेटर्स कार्य कर रहे हैं। प्रदेश में 07 सेण्टर ऑफ एक्सीलेन्स तथा 08 यूनीकॉर्न प्रदेश के युवाओं के इनोवेशन की ताकत को प्रदर्शित कर रहे हैं। उत्तर प्रदेश इमर्जिंग टेक्नोलॉजी का केन्द्र बना है। यदि हमें आर्टिफिशियल इण्टेलीजेंस के क्षेत्र में आगे बढ़ना है, तो डाटा सेण्टर क्लक्टर इसकी पहली सीढ़ी है। आज उत्तर प्रदेश इस दिशा में कार्य कर रहा है और इसे लीड कर रहा है। इन कार्यों से प्रदेश में बेरोजगारी दर 19 प्रतिशत से घटकर 2.24 प्रतिशत रह गई है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि डबल इंजन सरकार शहर से गाँव तक खेल इन्फ्रास्ट्रक्चर का विकास कर रही है। हर गाँव में खेल का मैदान तथा ब्लॉक स्तर पर मिनी स्टेडियम का निर्माण किया जा रहा है। सरकार ने तय किया है कि वर्ष 2030 के कॉमनवेल्थ गेम्स तथा वर्ष 2036 में ओलम्पिक खेलों में भारत की दावेदारी को ध्यान में रखते हुए हर मण्डल मुख्यालय में एक स्पोर्ट्स कॉलेज तथा हर स्पोर्ट्स कॉलेज के पास किसी एक खेल के लिए सेण्टर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना की जाएगी। प्रदेश के युवाओं को इन प्रतियोगिताओं में अच्छे प्रदर्शन के लिए तैयार करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। ओलम्पिक, कॉमनवेल्थ तथा एशियाड खेलों में पदक जीतने वाले प्रदेश के खिलाड़ियों को सरकारी सेवा में डिप्टी एस0पी0, तहसीलदार सहित अन्य महत्वपूर्ण पदों पर नियुक्त किया जा रहा है। खेल के लिए बजट की कमी नहीं है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि उत्तर प्रदेश ने इलेक्ट्रिक वेहिकल के क्षेत्र में प्रभावी उपस्थिति दर्ज की है। प्रदेश में पहली इलेक्ट्रिक व्हीकल निर्माण यूनिट प्रारम्भ हो चुकी है, जिसमें बसों के निर्माण की कार्यवाही चल रही है। राष्ट्रीय बाजार में उत्तर प्रदेश की भागीदारी 19 प्रतिशत है। तिपहिया इलेक्ट्रिक व्हीकल में प्रदेश की 40 प्रतिशत भागीदारी है। फेम-1 और फेम-2 का प्रमुख लाभार्थी उत्तर प्रदेश है। प्रदेश में 700 से अधिक इलेक्ट्रिक बसों तथा एक्सप्रेस-वे कॉरिडोर्स पर चार्जिंग स्टेशन का संचालन हो रहा है। उद्योगों के साथ मिलकर आई0टी0आई0 तथा पॉलीटेक्निक जैसे संस्थान युवाओं के सशक्तिकरण के लिए कार्य कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों में भ्रष्टाचार व्याप्त था। गोमती रिवर फ्रण्ट का डी0पी0आर0 300 करोड़ रुपये का था, जिस पर 1,400 करोड़ रुपये खर्च होने के बाद भी कार्य अधूरे थे। इसी प्रकार, जे0पी0एन0आई0सी0 का डी0पी0आर0 200 करोड़ रुपये था, यह 800 करोड़ रुपये खर्च होने के बाद भी अधूरा है। जब हमने पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के कार्यों की समीक्षा की, तो पता चला कि बिना भूमि अर्जित किए ही टेण्डर एवॉर्ड कर दिए गए थे। पहले यह टेण्डर 15,200 करोड़ रुपये का था। हमने इसे निरस्त कर दिया। 110 मीटर चौड़े एक्सप्रेस-वे को 120 मीटर करने का प्रस्ताव रखा गया। बाद में जब टेण्डर हुए, तब वह 11,800 करोड़ रुपये के थे। लगभग 3,500 करोड़ रुपये का अन्तर था। यह धन लूट का हिस्सा बनता।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि श्री जय प्रकाश नारायण तथा डॉ0 राम मनोहर लोहिया समाजवाद के आदर्श माने जाते हैं। इन्होंने समानता और सामाजिक न्याय की वकालत की थी। आज इनका समाजवाद सम्पत्ति और सन्तति का प्रतीक बन गया है। श्री जय प्रकाश नारायण तथा डॉ0 राम मनोहर लोहिया इसके विरोधी थे। जो समाजवाद त्याग, संघर्ष और नैतिक आदर्शों का आह्वान करता था, आज वह वंशवाद, सुविधावाद और निजी साम्राज्य खड़ी करने की सीढ़ी बन गया है। कभी श्री जय प्रकाश नारायण तथा डॉ0 राम मनोहर लोहिया की परम्परा ने शोषण के विरुद्ध संघर्ष का उद्घोष किया था, आज वही समाजवाद समाज में जातीय वैमनस्यता पैदा करने का माध्यम बन गया है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि हर गरीब को जीने का अधिकार है। बिना भेदभाव उन्हें सुविधाओं का लाभ मिलना चाहिए। जातीय वैमनस्यता देश के हित में नहीं है। देश इसी जातीय वैमनस्यता के कारण गुलाम हुआ था। जातियों के नाम पर समाज को आपस में लड़ाने तथा तुष्टिकरण के नाम पर आक्रान्ताओं को महिमामण्डित करना करना सही नहीं है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि देश के एक्सप्रेस-वे का 55 प्रतिशत हिस्सा उत्तर प्रदेश में हैं। देश का सबसे बड़ा रेल नेटवर्क तथा सर्वाधिक एयरपोर्ट उत्तर प्रदेश में हैं। देश की पहली रैपिड रेल तथा पहला इनलैण्ड वॉटर-वे प्रदेश में संचालित हो रहा है। सिटी को जोड़ने वाला देश का पहला रोप-वे प्रदेश में है। देश में सर्वाधिक 06 शहरों में मेट्रो रेल संचालित हैं। प्रधानमंत्री जी द्वारा मेरठ में मेट्रो रेल का उद्घाटन होने के बाद यह संख्या 07 हो जाएगी। ईस्टर्न और वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का जंक्शन उत्तर प्रदेश में है। उत्तर प्रदेश लाजिस्टिक का बड़ा केन्द्र बनने जा रहा है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश के अलग-अलग स्थानों पर इनलैण्ड वॉटर-वे में मल्टीमोडल टर्मिनल की स्थापना की जा रही है। इनसे प्रदेश के किसानों के उत्पादों को वैश्विक बाजार में पहुँचाने में मदद मिलेगी। उत्तर प्रदेश का 5वाँ इण्टरनेशनल एयरपोर्ट जेवर में बनकर तैयार हो गया है। यह भारत का सबसे बड़ा एयरपोर्ट बनने जा रहा है। 12,000 एकड़ भूमि में यह एयरपोर्ट बन रहा है। इसमें 05 रनवे होंगे। प्रदेश में 16 एयरपोर्ट संचालित हैं तथा 05 पर कार्य चल रहा है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि निराश्रित बच्चों तथा उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड में पंजीकृत बच्चों के लिए अटल आवासीय विद्यालयों की स्थापना की गई है। इन विद्यालयों में बिना किसी भेदभाव के सभी बच्चों का प्रवेश लिया जा रहा है। इन बच्चों में बहुत अच्छी प्रतिभा है। यह प्रदेश की ही प्रतिभा है। जो बच्चे पहले अभाव में जी रहे थे, आज वे विश्वस्तरीय इन्फ्रास्ट्रक्चर के साथ बने हुए अटल आवासीय विद्यालयों में अध्ययन कर रहे हैं। इन विद्यालयों में प्रदेश के 10,000 बच्चे एक साथ अध्ययन कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि अटल आवासीय विद्यालयों की तर्ज पर बने मुख्यमंत्री कम्पोजिट विद्यालय प्रदेश में एक मॉडल हैं। पहले चरण में हर जनपद में 02-02 मुख्यमंत्री कम्पोजिट विद्यालय बनाए जा रहे हैं। हम इस श्रृंखला को न्याय पंचायत स्तर पर ले जाना चाहते हैं। बच्चों के लिए विद्यालय के साथ ही खेल के मैदान तथा स्किल डेवलपमेण्ट के सेण्टर भी होने चाहिए। यह विद्यालय किसी विशेष व्यक्ति के नाम पर नहीं, बल्कि मुख्यमंत्री के नाम पर बनाए गए हैं, और मुख्यमंत्री कोई भी हो सकता है। आज उत्तर प्रदेश में माध्यमिक विद्यालयों के उन्नयन के लिए भी कार्य हो रहे हैं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि वर्ष 2017 से पूर्व से पहले प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था अच्छी नहीं थी। ऑपरेशन कायाकल्प के माध्यम से परिषदीय विद्यालयों के इन्फ्रास्ट्रक्चर को बेहतर किया गया। पुराने हो चुके माध्यमिक विद्यालयों के जीर्णाद्धार के लिए प्रदेश सरकार प्रोजेक्ट अलंकार के तहत 75 प्रतिशत धनराशि प्रदान कर रही है। प्रदेश सरकार ने बिना भेदभाव के अब तक 500 करोड़ रुपये राजकीय माध्यमिक विद्यालयों, ऐडेड कॉलेजों को प्रदान किये हैं, इस कार्य में जनप्रतिनिधियों की भी सहभागिता रही है। प्रदेश सरकार ने निजी क्षेत्र में विश्वविद्यालय स्थापित करने के लिए एक पॉलिसी बनायी है। राज्य में निजी क्षेत्र में आज लगभग 52 विश्वविद्यालय बन चुके हैं। ‘एक मण्डल एक विश्वविद्यालय’ के लक्ष्य को प्रदेश सरकार ने प्राप्त किया है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि औद्योगिक निवेश व एम0एस0एम0ई0 सेक्टर को आगे बढ़ाने के परिणामस्वरूप आज प्रदेश में इम्प्लॉयमेण्ट बढ़ा है और बेरोजगारी की दर कम हुयी है। वर्ष 2017 से पूर्व, प्रदेश का कुल निर्यात 84 हजार करोड़ रुपये था, जो बढ़कर आज लगभग 02 लाख करोड़ रुपये हो गया है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि सनातन धर्म परम्परा में शंकराचार्य के पद को सर्वाच्च, पवित्र व सम्मान का पद माना गया है। जगत्गुरु शंकराचार्य ने देश के उत्तर में ज्योतिष-पीठ, दक्षिण में श्रृंगेरी-पीठ, पूर्व में जगन्नाथपुरी-पीठ तथा पश्चिम में द्वारिकापुरी-पीठ की स्थापना की थी। यह चार पीठें चार वेदों से सम्बन्धित हैं। चार वेदों के अपने मंत्र हैं। ऋग्वेद ‘प्रज्ञानम् ब्रह्म’ अर्थात बुद्धि की पवित्रता, यजुर्वेद ‘अहं ब्रह्मास्मि’ अर्थात मैं ही ब्रह्म हूँ, सामवेद ‘तत् त्वं असि’ अर्थात आत्मा शरीर के अन्दर ही है और सामवेद ‘अयमात्मा ब्रह्म’ अर्थात आत्मा ही ब्रह्म है को दृष्टिगोचर करते हैं। जगद्गुरु शंकराचार्य ने पीठों के लिए योग्य व्यक्ति का चयन अनिवार्य किया। व्यक्ति की योग्यता उसकी थीसिस निर्धारित करेगी और इस थीसिस को विद्वत् परिषद व परम्पराओं द्वारा मान्य किया जाएगा। हर व्यक्ति अपने नाम में शंकराचार्य नहीं लिख सकता है। सभी पीठों के आचार्य परम्पराओं के विरुद्ध नहीं जा सकते हैं। सभी को मर्यादाओं तथा कानून का पालन करना होगा, क्योंकि कानून से ऊपर कोई नहीं हो सकता। भारत के हर नागरिक को कानून का पालन करना चाहिए। एक जिम्मेदार और मर्यादित व्यक्ति श्रद्धालुओं के जीवन से खिलवाड़ नहीं कर सकता। इसके दृष्टिगत माघ मेले में सभी श्रद्धालुओं के लिए एक समान व्यवस्था बनायी गयी।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग के मार्गदर्शन में एस0आई0आर0 की कार्यवाही चल रही है। निर्वाचन आयोग ने एब्सेन्ट, शिफ्टिंग और डेथ के आंकड़े जारी किये हैं। अब तक 02 करोड़ 88 लाख से अधिक लोगों ने एस0आई0आर0 का फॉर्म नहीं भरा है, इनमें से 46 लाख 23 हजार मृतक हैं। 01 करोड़ 39 लाख पूर्ण रूप से शिफ्टेड हैं। 25 लाख 47 हजार डुप्लीकेट हैं और लगभग 80 लाख लोग एब्सेन्ट हैं। इसके अलावा, कुछ अन्य श्रेणी के लोग भी हैं। फॉर्म-7 का वेरीफिकेशन भारत निर्वाचन आयोग करा रहा है। एक पारदर्शी व्यवस्था के तहत एस0आई0आर0 की कार्यवाही की जा रही है।
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