भारत में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के बढ़ते प्रभाव और तकनीकी नवाचारों पर चर्चा के लिए एआई इम्पैक्ट समिट 2026 की शुरुआत हो चुकी है। देश में आयोजित इस बहुचर्चित आयोजन में वैश्विक टेक जगत की बड़ी हस्तियों और उद्योग प्रतिनिधियों की भागीदारी ने इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बना दिया है। आयोजन के दौरान भविष्य की एआई तकनीकों, डिजिटल अर्थव्यवस्था, स्टार्टअप पारिस्थितिकी और उद्योगों में स्वचालन की संभावनाओं पर विशेष फोकस किया जा रहा है।
सम्मेलन में दुनिया भर के लगभग 100 प्रमुख कॉरपोरेट नेतृत्वकर्ता शामिल हो रहे हैं, जिनमें Sundar Pichai और Bill Gates जैसे प्रमुख नामों की मौजूदगी इसे और महत्वपूर्ण बना रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मंच भारत को वैश्विक टेक्नोलॉजी संवाद में मजबूत स्थान दिलाने में मदद कर सकते हैं। कार्यक्रम में नीति निर्माताओं, शोधकर्ताओं और निवेशकों के बीच सहयोग के नए अवसरों पर भी चर्चा हो रही है।
समिट की खास बात यह है कि इसमें करीब 300 कंपनियां अपने एआई आधारित उत्पाद और भविष्य की तकनीकी अवधारणाओं का प्रदर्शन कर रही हैं। इनमें स्मार्ट ऑटोमेशन टूल, स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए बुद्धिमान उपकरण, शिक्षा और साइबर सुरक्षा से जुड़े समाधान, और रोजमर्रा के उपयोग के लिए विकसित किए जा रहे एआई गैजेट शामिल हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यह प्रदर्शन न केवल तकनीकी रुझानों की दिशा बताएगा बल्कि उद्योग जगत को नई संभावनाओं से भी परिचित कराएगा।
उद्योग विश्लेषकों के अनुसार, भारत में एआई क्षेत्र में तेजी से निवेश और स्टार्टअप गतिविधियों में वृद्धि देखी जा रही है। इस आयोजन के जरिए वैश्विक कंपनियों जैसे Google और Microsoft सहित अन्य संगठनों के प्रतिनिधि भारतीय बाजार में साझेदारी और विस्तार की संभावनाओं पर विचार कर रहे हैं। यह संकेत देता है कि देश आने वाले वर्षों में एआई अनुसंधान और विकास का प्रमुख केंद्र बन सकता है।
कुल मिलाकर, एआई इम्पैक्ट समिट 2026 तकनीकी संवाद का ऐसा मंच बनकर उभरा है जहां नवाचार, नीति और उद्योग की दिशा तय करने पर विचार हो रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे डिजिटल परिवर्तन की रफ्तार तेज हो सकती है और नई तकनीकें आम लोगों के जीवन को अधिक सुविधाजनक बना सकती हैं।