उत्तर भारत में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। फरवरी के आखिरी दिनों में ही गर्मी ने राजस्थान और मध्य प्रदेश में जोर पकड़ लिया है, जबकि पहाड़ी राज्यों में सर्दी ने फिर से दस्तक दी है। मैदानी और पर्वतीय इलाकों के बीच यह तापमान अंतर मौसम के तेजी से बदलते मिजाज की ओर इशारा कर रहा है।
राजस्थान के कई जिलों में अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है। जयपुर, जोधपुर और कोटा सहित कई शहरों में दोपहर के समय तेज धूप और गर्म हवाओं ने लोगों को गर्मी का अहसास करा दिया। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि साफ आसमान और शुष्क हवाओं के कारण तापमान में तेजी आई है। इसी तरह मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों—विशेषकर भोपाल, इंदौर और ग्वालियर—में भी पारा सामान्य से ऊपर दर्ज किया गया है। दिन के समय गर्मी बढ़ने से बाजारों और सार्वजनिक स्थलों पर दोपहर में आवाजाही कम होती दिख रही है।
दूसरी ओर हरियाणा में मौसम कुछ राहत दे सकता है। मौसम विभाग ने राज्य के कई हिस्सों में हल्की बूंदाबांदी की संभावना जताई है। बादलों की आवाजाही और नमी बढ़ने से तापमान में मामूली गिरावट आ सकती है। किसानों के लिए यह हल्की बारिश फायदेमंद साबित हो सकती है, खासकर उन क्षेत्रों में जहां गेहूं और सरसों की फसल अंतिम चरण में है।
इसी बीच हिमाचल प्रदेश में मौसम ने एक बार फिर सर्द रंग दिखाया है। ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी दर्ज की गई है। अटल टनल के आसपास ताजा हिमपात होने से ठंड बढ़ गई है और पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बन गया है। प्रशासन ने यात्रियों को सावधानी बरतने और मौसम अपडेट लेकर ही यात्रा करने की सलाह दी है। बर्फबारी के चलते कुछ मार्गों पर फिसलन की स्थिति भी बनी हुई है।
मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में मैदानी इलाकों में तापमान और बढ़ सकता है, जबकि पहाड़ी क्षेत्रों में पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से मौसम में उतार-चढ़ाव जारी रहेगा। ऐसे में लोगों को बदलते मौसम के अनुरूप सावधानी बरतने की जरूरत है। गर्मी वाले क्षेत्रों में धूप से बचाव और पर्याप्त पानी पीने की सलाह दी जा रही है, वहीं पहाड़ी इलाकों में यात्रा से पहले मौसम की ताजा जानकारी लेना जरूरी होगा।