युवा संगम चरण-6 कार्यक्रम के अंतर्गत बिहार के एक छात्र प्रतिनिधिमंडल ने पंजाब का दौरा किया। यह यात्रा गत शनिवार (13 जून, 2026) को संपन्न हुई। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) पटना के नेतृत्व में प्रतिभागियों ने पंजाब की शैक्षिक और सांस्कृतिक विरासत को जानने-समझने के उद्देश्य से यह दौरा किया, जिसकी मेजबानी भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) रोपड़ ने की।
प्रतिनिधिमंडल ने गत बुधवार (10 जून, 2026) को चंडीगढ़ स्थित लोक भवन में पंजाब के राज्यपाल श्री गुलाब चंद कटारिया से भी मुलाकात की। इस दौरान राज्यपाल ने प्रतिभागियों को भारत की सांस्कृतिक विविधता को अपनाने, राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान देने तथा राष्ट्रीय एकता की भावना को मजबूत करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने देश के भविष्य के निर्माण और विभिन्न क्षेत्रों के बीच सौहार्द बढ़ाने में युवाओं की भूमिका के महत्व पर बल दिया। इस संवाद के दौरान प्रतिभागियों को नेतृत्व, लोक सेवा और जिम्मेदार नागरिकता से जुड़े महत्वपूर्ण अनुभव प्राप्त हुए।
अपने प्रवास के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने पंजाब और चंडीगढ़ के कई प्रमुख स्थलों का भ्रमण किया तथा क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत, शहरी नियोजन की उपलब्धियों और ऐतिहासिक महत्व को निकटता से जाना। प्रतिभागियों ने चंडीगढ़ की प्रसिद्ध सुखना झील का भी दौरा किया, जो शहर के प्रमुख आकर्षणों में से एक है और उसके नियोजित विकास का महत्वपूर्ण हिस्सा मानी जाती है। इस यात्रा के माध्यम से प्रतिभागियों को प्राकृतिक सौंदर्य, शहरी डिजाइन और सार्वजनिक स्थलों के संतुलित समन्वय को समझने का अवसर मिला।

प्रतिनिधिमंडल ने सतलुज नदी के किनारे स्थित रोपड़ (रूपनगर) के ऐतिहासिक हड़प्पा पुरातात्विक स्थल का भी भ्रमण किया। इस स्थल ने प्रतिभागियों को देश की प्राचीन सभ्यता और पुरातात्विक विरासत के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की। प्रतिनिधिमंडल ने शहीद भगत सिंह के पैतृक घर का भी दौरा किया।

युवा संगम के अंतर्गत व्यावहारिक शिक्षण गतिविधियों के तहत प्रतिभागियों ने चंडीगढ़ के प्रतिष्ठित सेक्टर-17 प्लाजा और अन्य प्रमुख शहरी स्थलों का भ्रमण किया। इस दौरान उन्हें भारत के प्रथम नियोजित शहर के विकास की परिकल्पना और नियोजन सिद्धांतों को समझने का अवसर मिला। प्रतिभागियों ने देखा कि किस प्रकार बेहतर शहरी डिजाइन, सार्वजनिक अवसंरचना और नागरिक सुविधाएं सतत एवं समावेशी विकास में योगदान देती हैं।

शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग ने ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ कार्यक्रम के अंतर्गत युवा संगम चरण-6 पहल की शुरुआत देश के युवाओं के बीच राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा देने और आपसी संपर्क को मजबूत करने के उद्देश्य से की है। यह कार्यक्रम 22 युग्मित राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रतिभागियों को भारत की विविध सांस्कृतिक परंपराओं, शैक्षणिक संस्थानों, नवाचार से जुड़ी पहलों और विकास कार्यक्रमों को जानने का अवसर प्रदान करता है। इसके माध्यम से युवाओं में ‘विविधता में एकता’ की भावना के प्रति समझ और सम्मान को और मजबूत किया जा रहा है।
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