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रूसी शासन की निशानियां मिटा रहा यूक्रेन:नागरिकों ने देश में बने सोवियत काल के 60 स्मारक तोड़े, इसमें रेड आर्मी कमांडर की मूर्ति शामिल

December 17, 2023 07:13 AM

दर्पण न्यूज़ सर्विस

24 फरवरी 2022 को शुरू हुई रूस-यूक्रेन जंग को दो साल पूरे होने वाले हैं। दोनों देशों के बीच इतनी ज्यादा दूरियां पैदा हो गई हैं कि यूक्रेनी नागरिक अब रूस से जुड़ी ऐतिहासिक चीजों को भी अपने देश में नहीं रखना चाहते हैं। इस वजह से शनिवार को राजधानी कीव में मौजूद रूसी सेना (रेड आर्मी) के कमांडर की मूर्ति को तोड़ा दिया।

न्यूज एजेंसी AP के मुताबिक, जंग शुरू होने के बाद से यूक्रेन में रूस के इतिहास और संस्कृति से जुड़े 60 स्मारकों को तोड़ा गया है। शनिवार को रूसी कमांडर मायकोला शॉकर्स की मूर्ति तोड़ी गई। क्रैन से इसे हटाया गया। इसे 1950 के दशक में बनाया गया था।

1917 में मायकोला शॉकर्स यूक्रेनी थे। लेकिन उन्होंने सोवियत आर्मी के साथ मिलकर यूक्रेन के खिलाफ लड़ाई लड़ी था।
1917 में मायकोला शॉकर्स यूक्रेनी थे। लेकिन उन्होंने सोवियत आर्मी के साथ मिलकर यूक्रेन के खिलाफ लड़ाई लड़ी था।
मूर्ति के नीचे एग्जिक्यूशनर यानी जल्लाद लिखा हुआ था।
मूर्ति के नीचे एग्जिक्यूशनर यानी जल्लाद लिखा हुआ था।

मदर यूक्रेन की मूर्ति से हटाया गया सोवियत काल का प्रतीक
मदर यूक्रेन कीव में सोवियत काल की एक स्मारकीय प्रतिमा है। यह मूर्ति यूक्रेन के इतिहास के राष्ट्रीय संग्रहालय का एक हिस्सा है। टाइटेनियम की यह मूर्ति 62 मीटर (203 फीट) ऊंची है। इसका वजन 560 टन है।

मूर्ति के दाहिने हाथ में 16 मीटर (52 फीट) लंबी तलवार है, जिसका वजन 9 टन है। बाएं हाथ में एक ढाल है। इस पर सोवियत संघ का प्रतीक- हथौड़ा और दरांती (hammer and sickle) बना हुआ था। जुलाई 2023 में इस प्रतीक को ढाल से हटा दिया गया और उसकी जगह यूक्रेन कोट ऑफ आर्म लगा दिया गया।

मदर यूक्रेन एक निडर महिला योद्धा की छवि है। इस महिला के हाथ में तलवार और ढाल है।
मदर यूक्रेन एक निडर महिला योद्धा की छवि है। इस महिला के हाथ में तलवार और ढाल है।
मदर यूक्रेन की मूर्ति से सोवियत संघ का प्रतीक हटाकर यहां ढाल पर बने त्रिशुल जैसा दिखने वाल यूक्रेन कोट ऑफ आर्म लगा दिया गया।
मदर यूक्रेन की मूर्ति से सोवियत संघ का प्रतीक हटाकर यहां ढाल पर बने त्रिशुल जैसा दिखने वाल यूक्रेन कोट ऑफ आर्म लगा दिया गया।

जंग में मिटी दोस्ती की निशानी
पिछले साल राजधानी कीव में मौजूद रूस और यूक्रेन की दोस्ती के प्रतीक सोवियत स्मारक को तोड़ दिया गया था। भले ही आज ये दोनों देश सबसे बड़े दुश्मन नजर आ रहे हों, लेकिन एक वक्त ऐसा था, जब इन्होंने मिलकर 45 साल अमेरिकी डिप्लोमैसी का सामना किया था।

45 साल चले कोल्ड वॉर में रूस और यूक्रेन ने राजनीतिक, सैन्य और सांस्कृतिक तौर पर कई महत्वपूर्ण साझेदारी की। सोवियत स्मारक इसी दोस्ती का प्रतीक था।

पीपल्स फ्रेंडशिप आर्क को सोवियत संघ की 60वीं वर्षगांठ मनाने के लिए 1982 में बनाया था।
पीपल्स फ्रेंडशिप आर्क को सोवियत संघ की 60वीं वर्षगांठ मनाने के लिए 1982 में बनाया था।
स्मारक को जब तोड़ा गया था तब लोगों का कहना था कि रूस यूक्रेन का सबसे बड़ा दुश्मन है।
स्मारक को जब तोड़ा गया था तब लोगों का कहना था कि रूस यूक्रेन का सबसे बड़ा दुश्मन है।

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