उत्तर भारत में मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है और कई राज्यों में इसका व्यापक असर देखने को मिल रहा है। कहीं तेज बारिश और ओलावृष्टि ने जनजीवन प्रभावित किया तो कहीं घना कोहरा और कड़ाके की ठंड लोगों की मुश्किलें बढ़ा रही है।
उत्तर प्रदेश के कई जिलों में अचानक हुई बारिश और ओले गिरने से ठंड में इजाफा हो गया है। पश्चिमी यूपी के साथ-साथ अवध और बुंदेलखंड के इलाकों में भी मौसम बदला नजर आया। खेतों में खड़ी फसलों पर ओलावृष्टि का असर पड़ा है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। हालांकि बारिश से वायु प्रदूषण में कुछ हद तक कमी दर्ज की गई है। मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण आने वाले दिनों में भी हल्की बारिश के आसार बने रह सकते हैं।
राजस्थान की राजधानी जयपुर में तेज आंधी चली, जिससे कई इलाकों में पेड़ गिरने और बिजली आपूर्ति बाधित होने की खबरें सामने आईं। अचानक बदले मौसम के कारण सड़कों पर यातायात भी प्रभावित रहा। मौसम विभाग ने राजस्थान के कुछ हिस्सों में अगले 24 घंटों तक तेज हवाएं चलने की संभावना जताई है। तापमान में गिरावट के कारण ठंड का असर और तेज हो गया है।
बिहार में घने कोहरे ने आम जनजीवन को सबसे ज्यादा प्रभावित किया है। कई जिलों में विजिबिलिटी घटकर महज 50 मीटर तक रह गई, जिससे सड़क और रेल यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ। सुबह के समय हाईवे पर वाहन रेंगते नजर आए, जबकि कई ट्रेनें देरी से चलीं। पटना, गया, मुजफ्फरपुर और भागलपुर जैसे इलाकों में कोहरे का असर ज्यादा देखा गया। प्रशासन ने वाहन चालकों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
वहीं, उत्तराखंड में ठंड ने रिकॉर्ड तोड़ दिया है। ऊंचाई वाले इलाकों में तापमान माइनस 21 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जिससे जनजीवन पूरी तरह से ठहर सा गया है। बद्रीनाथ, केदारनाथ और हेमकुंड साहिब जैसे क्षेत्रों में भारी बर्फबारी के चलते रास्ते बंद हो गए हैं। निचले इलाकों में भी शीतलहर का प्रकोप बना हुआ है और लोग दिनभर अलाव और हीटर का सहारा ले रहे हैं।
मौसम विभाग का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ और उत्तरी हवाओं के चलते अगले कुछ दिनों तक उत्तर भारत में ठंड, कोहरा और अस्थिर मौसम की स्थिति बनी रह सकती है। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने और मौसम से जुड़ी चेतावनियों का पालन करने की सलाह दी गई है।