विजिलेंस ब्यूरो द्वारा सीनियर मेडिकल ऑफिसर और सीनियर असिस्टेंट 32,000 रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा
चंडीगढ़, 30 जनवरी 2026: पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने राज्य में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही अपनी मुहिम के दौरान डॉ. हरकीरत गिल, एस.एम.ओ., और सतविंदर सिंह सीनियर असिस्टेंट को 32,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। उल्लेखनीय है कि उक्त दोनों आरोपी कम्युनिटी हेल्थ सेंटर सिद्धवां बेट, जिला लुधियाना में तैनात हैं।
आज यहां इस संबंध में जानकारी देते हुए राज्य विजिलेंस ब्यूरो के आधिकारिक प्रवक्ता ने बताया कि उक्त आरोपियों को स्वास्थ्य कर्मचारी द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर गिरफ्तार किया गया है।
उन्होंने बताया कि सिद्धवां बेट के कम्युनिटी हेल्थ सेंटर में ऑडिट चल रहा था, जिसके संबंध में डॉ. हरकीरत गिल एस.एम.ओ. ने सतविंदर सिंह सीनियर असिस्टेंट कम्युनिटी हेल्थ सेंटर, सिद्धवां बेट के माध्यम से सिद्धवां बेट सीएचसी में तैनात लगभग 50 कर्मचारियों से ऑडिट टीम को रिश्वत देने के नाम पर प्रति कर्मचारी 2500 से 6000 रुपये की रिश्वत मांगी थी।
प्रवक्ता ने बताया कि इस शिकायत की प्रारंभिक जांच के बाद विजिलेंस ब्यूरो ई.ओ.डब्ल्यू. लुधियाना की टीम ने जाल बिछाया और आरोपी सतविंदर सिंह, सीनियर असिस्टेंट को सरकारी गवाहों की मौजूदगी में शिकायतकर्ता से 32,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।
इस संबंध में डॉ. हरकीरत गिल एस.एम.ओ. सिद्धवां बेट को भी गिरफ्तार कर लिया गया है। इस छापेमारी के दौरान, डॉ. हरकीरत गिल एस.एम.ओ. के पर्स से कुल 1,04,500 रुपये और आरोपी सतविंदर सिंह, सीनियर असिस्टेंट के पास से 1,07,000 रुपये की राशि बरामद की गई है।
इस संबंध में आरोपियों के खिलाफ विजिलेंस ब्यूरो के थाना आर्थिक अपराध शाखा, लुधियाना, पंजाब में भ्रष्टाचार निवारण कानून के तहत मामला दर्ज किया गया है और इसकी आगे की जांच जारी है।
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मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान सरकार ने ‘मिशन रोजग़ार’ के तहत युवाओं को बिना किसी रिश्वत और सिफ़ारिश के 63,943 सरकारी नौकरियाँ दीं
पिछली सरकारें रिश्वतखोरी और पक्षपात से नौकरियाँ देती थीं, लेकिन ‘आप’ सरकार पूरी तरह मेरिट के आधार पर नौकरियाँ दे रही है—मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
जब से लोगों ने ‘झाड़ू’ का बटन दबाया है, हर नागरिक को उसके बनते हक़ मिल रहे हैं, जबकि पिछली सरकारों के समय तो उम्मीद भी नहीं की जा सकती थी—मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
पंजाब सरकार हर परिवार को बिना किसी शर्त के 10 लाख रुपये का मुफ़्त इलाज दे रही है; अब इलाज करवाने में आर्थिक तंगी बाधा नहीं बनेगी—मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
विपक्षी दल कमियाँ ढूंढने में लगे रहते हैं, जबकि उन्हें मुफ़्त बिजली, शानदार स्कूल, बंद किए गए 17 टोल प्लाज़ा और अन्य जनकल्याणकारी काम नजऱ नहीं आते—मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
साहिबज़ादा अजीत सिंह नगर (मोहाली), 30 जनवरी: आज मोहाली में विभिन्न विभागों के नव-नियुक्त 916 युवाओं को नियुक्ति पत्र वितरित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि इन नियुक्तियों से ‘मिशन रोजग़ार’ के तहत बिना किसी रिश्वत या सिफ़ारिश के सरकारी नौकरियाँ देने के लिए ‘आप’ सरकार की प्रतिबद्धता सिद्ध होती है।
अब तक 63,943 युवाओं को सरकारी नौकरियाँ देने का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले दिनों में और युवाओं को नियुक्ति पत्र दिए जाएंगे, जबकि इससे पहले पिछली सरकारों के समय योग्यता की बजाय रिश्वत और सिफ़ारिश से नौकरियाँ देने के फ़ैसले होते थे।
एक्स पर कार्यक्रम की कुछ झलकियाँ साझा करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "आज मोहाली में विभिन्न विभागों के 916 युवाओं को नियुक्ति पत्र वितरित किए गए। उन्हें पूरी लगन और ईमानदारी से पंजाब और इसके लोगों की सेवा करने के लिए शुभकामनाएँ दी गईं। अब तक 63,943 युवाओं को बिना रिश्वत या सिफ़ारिश के सरकारी नौकरियाँ प्रदान की गई हैं। आने वाले दिनों में भी ‘मिशन रोजग़ार’ के तहत युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपने की प्रक्रिया निरंतर जारी रहेगी।"
नएं भर्ती हुए नवयुवकों को नियुक्ति पत्र बांटते हुए विकास भवन में आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि दशकों से सत्ता में बैठे लोगों के रिश्तेदारों और चहेतों ने राज्य के लडक़े-लड़कियों की योग्यता को दरकिनार किया, जिससे हज़ारों होनहार युवाओं के सपने तबाह हो गए। उन्होंने कहा, "पहले पंजाब के युवाओं के अधिकार सत्ताधारी लोगों के चहेतों द्वारा छीन लिए जाते थे। शहीद-ए-आज़म भगत सिंह जैसे महान शहीदों को यह देखकर बहुत दुख होता कि आज़ादी के 70 वर्षों से अधिक समय बाद भी उनके सपने पूरे नहीं हुए। यह हम सभी के लिए शर्म की बात है।"
मुख्यमंत्री ने ज़ोर देकर कहा कि पद संभालने के बाद से उनकी सरकार देश के महान राष्ट्रीय नायकों के सपनों को साकार करने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि जहाँ पिछली सरकारों ने शिक्षा और नौकरियों के पैसे लूटे, वहीं उनकी सरकार ने युवाओं के लिए सरकारी नौकरियों के दरवाज़े खोले। पिछले चार वर्षों में 63,943 युवाओं को सरकारी नौकरियाँ दी गई हैं।
नव-नियुक्त उम्मीदवारों के लिए इसे ऐतिहासिक क्षण बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज उन युवाओं के लिए स्वर्णिम दिन है, जिन्होंने विभिन्न विभागों में नौकरियाँ हासिल की हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार ने पूरी पारदर्शिता से 63,000 से अधिक सरकारी नौकरियाँ प्रदान करने का आँकड़ा पार कर लिया है। उन्होंने कहा कि इस सब के विपरीत केंद्र सरकार ऐसी शर्तों वाली योजनाएँ पेश कर रही है, जो आम आदमी के लिए अधिक अनुकूल नहीं हैं।
अपनी सरकार की कल्याणकारी पहलों को उजागर करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार ने ‘मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना’ शुरू की है, जो राज्य का सबसे बड़ा स्वास्थ्य सुधार कार्यक्रम है। अब हर पंजाबी परिवार को 10 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज मिलेगा; पहले यह सीमा 5 लाख रुपये थी, जिसे अब दोगुना कर दिया गया है। इस योजना से लगभग 65 लाख परिवारों को लाभ मिलेगा।
उन्होंने आगे कहा कि राज्य सरकार ने पंजाब में 19 टोल प्लाज़ा बंद कर दिए हैं, जिससे आम लोगों की रोज़ाना 64 लाख रुपये की बचत हो रही है। राज्य भर में 881 आम आदमी क्लिनिक खोले गए हैं, जहाँ मुफ़्त इलाज और दवाइयाँ उपलब्ध हैं। जुलाई 2022 से 90 प्रतिशत परिवारों को मुफ़्त बिजली मिल रही है, इसके बावजूद विपक्ष सरकार के कामों में कमियाँ निकालने में लगा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब को महान खिलाडिय़ों, जनरलों, परोपकारी लोगों और अन्य प्रतिष्ठित व्यक्तित्वों की समृद्ध विरासत मिली है, जिन्होंने अपने खून-पसीने से देश की सेवा की। उनकी सरकार जन-समर्थक और विकासोन्मुख पहलों के माध्यम से समाज के हर वर्ग की भलाई के लिए कोई कसर नहीं छोड़ रही है। उन्होंने कहा कि बेरोजग़ारी कई सामाजिक समस्याओं की जड़ है और इसे जड़ से समाप्त करने के लिए सरकार इस पर केंद्रित है।
पारदर्शी भर्ती के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी रिक्त पदों को एक सुव्यवस्थित और पारदर्शी प्रणाली के माध्यम से तुरंत भरा जा रहा है। लगभग 64,000 नौकरियों में से एक भी नियुक्ति को किसी अदालत में चुनौती नहीं दी गई है, जो पंजाब सरकार के लिए गर्व की बात है, क्योंकि ये सभी नियुक्तियाँ केवल योग्यता के आधार पर की गई हैं।
इस अवसर को यादगार बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि नव-नियुक्त युवा अब पंजाब सरकार के परिवार का हिस्सा हैं। उन्होंने कहा कि राज्य के इतिहास में पहली बार किसी सरकार ने केवल चार वर्षों में रिकॉर्ड 63,000 से अधिक नौकरियाँ दी हैं। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद से दूर रखते हुए सभी नियुक्तियाँ मेरिट के आधार पर की गई हैं। उन्होंने कहा कि सरकार स्वतंत्रता सेनानियों के सपनों को साकार कर पंजाब को एक प्रगतिशील राज्य बनाने के लिए दृढ़ संकल्पित है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य, शिक्षा, बिजली, पानी, बुनियादी ढाँचा और कानून-व्यवस्था उनकी सरकार की प्रमुख प्राथमिकताएँ हैं। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे अपने कर्तव्यों को पूरी पेशेवर प्रतिबद्धता के साथ निभाते हुए अपनी कलम का उपयोग समझदारी से जनता की सेवा में करें।
इस दौरान नव-नियुक्त उम्मीदवारों में से रूपनगर की डॉ. पूजा ने कहा कि राज्य सरकार का हिस्सा बनना उनके लिए गर्व की बात है। मुक्तसर साहिब की जसनप्रीत कौर ने भर्ती अभियान के लिए मुख्यमंत्री का धन्यवाद किया। अमृतसर की डॉ. दमनप्रीत कौर ने निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया की सराहना की।
मोगा के वेटरनरी अधिकारी डॉ. कमलप्रीत सिंह ने कहा कि यह नौकरी उन्हें पूरी तरह योग्यता के आधार पर मिली है। सहकारी इंस्पेक्टर जसप्रीत कौर ने कहा कि उन्हें दूसरी सरकारी नौकरी भी बिना रिश्वत या सिफ़ारिश के मिली है।
डॉ. मुकेश ने भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता का उल्लेख करते हुए कहा कि यह उनकी तीसरी सरकारी नौकरी है और वे इसे अपनी माँ तथा पंजाब के लोगों की सेवा को समर्पित करते हैं। अमृतसर की स्टाफ़ नर्स तमन्ना ने इसे अपने परिवार के लिए सपना साकार होने जैसा बताया।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री डॉ. बलबीर सिंह, गुरमीत सिंह खुडियाँ और अन्य उपस्थित थे।
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कांग्रेस, अकालियों और भाजपा को अपने पुत्र-भतीजों और जवाई-भाई की चिंता होती थी लेकिन आम आदमी पार्टी को हमेशा पंजाब के नौजवानों का फिक्र रहता है - मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
पिछली सरकारों ने वजीफा घोटाला किया और वजीफा राशि जारी नहीं की जिससे विद्यार्थी परीक्षाओं में नहीं बैठ सके-मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
साल 2020-21 के मुकाबले स्कॉलरशिप के लाभार्थियों की संख्या में 35 प्रतिशत वृद्धि हुई जिससे हमारे शिक्षा ढांचे में क्रांतिकारी सुधारों का पता लगता है-मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
अच्छी शिक्षा देश की तकदीर बदल सकती है लेकिन पिछली सरकारों ने लोगों को जान-बूझकर अनपढ़ रखा-मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
भगवंत सिंह मान सरकार ने मिशन ‘रंगला पंजाब’ तहत 2.7 लाख दलित विद्यार्थियों को 271 करोड़ का वजीफा बांटा
जलंधर, 30 जनवरी: जलंधर के पी.ए.पी. ग्राउंड में जहां अनुसूचित जाति (एस.सी.) वर्ग के 2.7 लाख से अधिक विद्यार्थियों को वजीफा वितरण की शुरुआत के मौके पर मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि ‘रंगला पंजाब’ मिशन तहत 271 करोड़ रुपये का पोस्ट-मैट्रिक वजीफा अपने बच्चों के भविष्य को बेहतर बनाने प्रतिक सरकार की पहल को स्पष्ट करता है। उन्होंने कहा कि एक तरफ कांग्रेस, अकाली और भाजपा सत्ता में रहते हुए अपने परिवारों के हित पालती रही है जबकि दूसरी तरफ आम आदमी पार्टी केवल पंजाब के नौजवानों के भविष्य को सुरक्षित बनाने पर ध्यान दे रही है।
साल 2020-21 के मुकाबले लाभार्थियों की संख्या में 35 प्रतिशत वृद्धि होने का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह वृद्धि सरकार के शिक्षा सुधारों की गवाही देती है। उन्होंने कहा कि स्कॉलरशिप केवल वित्तीय मदद नहीं है बल्कि स्व-निर्भरता का जरिया है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने इस योजना के साथ जान-बूझकर कई साल अनदेखी करते सिस्टम को दुरुस्त करने का बड़ा प्रयास किया है क्योंकि फंड जारी करने में देरी करने और फंडों के दुरुपयोग से विद्यार्थी परीक्षाओं में बैठने से वंचित रह जाते थे।
एक्स पर समागम के कुछ अंश सांझा करते हुए, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "आज जालंधर के पी.ए.पी. ग्राउंड जहां अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों को स्कॉलरशिप दी गई जिससे राज्य भर के 2.7 लाख से अधिक बच्चों को स्कॉलरशिप वितरण की शुरुआत हुई। इस पहलकदमी का मुख्य उदेश्य यह यकीनी बनाना है कि जरूरतमंद परिवारों के बच्चे उच्च शिक्षा प्राप्त करने के योग्य हों। साल 2020-21 के मुकाबले, 2024-25 में स्कारशिप प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों की संख्या में 35 प्रतिशत का वृद्धि हुई है। यह स्कॉलरशिप केवल वित्तीय सहायता नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों को आत्म-निर्भर बनाने का शक्तिशाली साधन है। कोशिश यह यकीनी बनाने की है कि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे या पैसे की कमी के कारण अपने सपनों को छोडऩे के लिए मजबूर न हो।"
स्कारशिप वितरण समागम में विद्यार्थियों को संबोधन करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "घपलों से लेकर ‘रंगले पंजाब’ तक, पोस्ट-मैट्रिक वजीफा स्कीम सामाजिक बदलाव का शक्तिशाली संसाधन बन गई है। इस योजना ने अनुसूचित जाति के लाखों विद्यार्थियों के सपनों को उड़ान भरने के लिए पंख दिए है जो उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं।" इस मौके पर मौजूद लाभार्थियों ने तालियों की गूंज में स्वागत किया।
साल 2017 से 2020 तक के समय को याद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह स्कीम लगभग ठप हो गई थी, जिस कारण शिक्षा सस्थाओं ने विद्यार्थियों की डिग्रियां रोक ली थी। मुख्यमंत्री ने कहा, "इस स्कीम तहत एक घोटाला हुआ था और हर पंजाबी इससे बहुत निराश और दुखी हुआ था। इस विभाग के तत्काली मंत्री ने कमजोर वर्गों के बच्चों की शिक्षा के लिए गैर-कानूनी ढंग से पैसा कमाने के लिए अपने ही भाईचारे के साथ धोखा किया।" उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों के लिए फंड हड़प लिए गए जिससे उन्हें सही मौकों से वंचित कर दिया गया।
शिक्षा की महत्ता पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "कमजोर और पिछड़े वर्गों की तकदीर बदलने के लिए शिक्षा ही एक ही जरिया है। बदकिस्मती से सरकारों ने जान-बूझकर इन विद्यार्थियों को लगातार किताबों से दूर रखा। आज हमारी सरकार उन्हें अपने सपने साकार करने और जिंदगी में बुलंदियों को छूने का मौका दे रही है।" मां-बापों को मुबारकबाद देते हुए मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि उनकी कुर्बानियां और सख्त मेहनत विद्यार्थियों को शिक्षा हासिल करके आगे बढऩे के लिए सही मायनों में प्रेरणा का स्रोत बने हैं।
मुख्यमंत्री ने स्टेज से संत राम उदासी की कविता, ‘मघदा रहैं वे सूरजा कम्मियां दे विहड़े’ भी सांझी की। उन्होंने कहा, "यह कविता मेरे दिल के बहुत नजदीक है और लोगों को सदा सख्त मेहनत करने में विश्वास करने के लिए प्रेरित करती है।" उन्होंने नौजवानों को अपनी जिंदगी में लक्ष्य तय करने की अपील करते हुए कहा कि सख्त मेहनत ही इस लक्ष्य को प्राप्त करने का एक ही रास्ता है।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि इस समागम का उदेश्य पंजाब के हर कोने में शिक्षा का प्रकाश फैलाना है। उन्होंने कहा, "यह योजना हमारी सरकार की सामाजिक न्याय प्रतिक वचनबद्धता को दर्शाती है और बाबा साहिब अंबेडकर के विश्वास को प्रणाई हुई है कि शिक्षा सामाजिक असमानता को खत्म करने का सबसे शक्तिशाली हथियार है।"
इस योजना का विद्यार्थियों के भविष्य पर पडऩे वाले असर का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह विद्यार्थियों को अपनी किस्मत बदलने और भारत को विश्व स्तर पर अग्रणी बनाने में योगदान दे रही है। उन्होंने कहा, "इसका उदेश्य आर्थिक तौर पर कमजोर अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा से जोडऩा है। यह योजना 2.50 रूपये लाख से कम सालाना आमदनी वाले परिवारों के लिए है और इसे पंजाब भर में पूरी पारदर्शिता के साथ लागू किया जा रहा है।"
इस योजना की मुख्य विशेषताएं सांझा करते हुए भगवंत सिंह मान ने कहा, "लाभार्थियों की संख्या में बेमिसाल वृद्धि हुई है। 2020-21 के मुकाबले, 2024-25 में लाभार्थियों में 35 प्रतिशत वृद्धि हुई है।" उन्होंने आगे कहा कि इसके बजट 245 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 271 करोड़ रुपये कर दिया गया है, जिससे यह बात सामने आई है कि समाज के प्रत्येक वर्ग की भलाई को यकीनी बनाना पंजाब सरकार का फर्ज है। उन्होंने कहा, "पहली बार, धोखाधड़ी को रोकने के लिए विद्यार्थियों, संस्थाओं के मुखियों और नोडल अफसरों के लिए बायो-प्रमाणिकता अनिवार्य की गई है।"
मुख्यमंत्री ने कहा कि डा. अंबेडकर स्कॉलरशिप पोर्टल पर जवाबदेही वाली व्यवस्था शुरू की गई है। उन्होंने दोहराया कि पोस्ट-मैट्रिक स्कॉलरशिप महज वित्तीय सहायता नहीं है, बल्कि यह स्व-निर्भरता का रास्ता है। उन्होंने साथ ही कहा कि हम यह यकीनी बनाने के लिए दृढ़ता के साथ वचनबद्ध हैं कि किसी भी प्रतिभाशाली बच्चे का सपना पैसे की कमी के कारण अधूरा न रहे।
इस पहलकदमी को बाबा साहिब अंबेडकर की विचारधारा से जोड़ते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि शिक्षा को सबसे ज्यादा पहल दी गई है। उन्होंने कहा कि कोई भी मुफ्त सुविधा या रियायती कार्ड, गरीबी या सामाजिक बुराइयों को खत्म नहीं कर सकता और यह सिर्फ शिक्षा ही है जो जीवन स्तर को ऊंचा चढ़ाकर इस चक्कर को तोड़ सकती है। उन्होंने आगे कहा कि राज्य सरकार आम लोगों को समर्थ बनाने के लिए शिक्षा के स्तर में सुधार करने के लिए अथक यत्न कर रही है।
उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार एक ही समय शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्रों को पुनसुर्जित कर रही है, जिस तहत स्मार्ट क्लास रूम, आधुनिक लैबोरेटरी और खेल मैदानों से लैस स्कूल ऑफ एमीनेन्स स्थापित किए गए हैं। अध्यापकों और प्रिंसिपलों को आधुनिक विशेष प्रशिक्षण के लिए विदेश भेजा जा रहा है ताकि वे विद्यार्थियों को विश्व स्तर पर मुकाबले के लिए तैयार कर सकें।
मुख्यमंत्री मान ने सांझा किया कि पंजाब के ‘नेशनल अचीवमेंट सर्वे’ में केरल को भी पछाड़ दिया है। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूल आधुनिक युग के शिक्षा मंदिर बन गए हैं, जो लगातार विद्यार्थियों की जिंदगी को रोशन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार द्वारा विद्यार्थियों को हथियारबंद सैनाओं में भर्ती परीक्षाओं की तैयारी और नीट, जे.ई.ई., सी.एल.ई.टी. (क्लैट) और एन.आई.एफ.टी. जैसे मुकाबले की परीक्षाओं के लिए कोचिंग प्रदान की जा रही है। उन्होंने कहा कि यह खुशी की बात है कि सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों ने जे.ई.ई. मेन्स, जे.ई.ई. एडवांस्ड और नीट के लिए क्वालीफाई किया है।
स्वास्थ्य संभाल सुधारों का हवाला देते हुए भगवंत सिंह मान ने कहा कि मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना तहत सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों समेत पंजाब के सारे 65 लाख परिवारों को बिना किसी आमदनी की शर्त के 10 लाख रुपये तक का नकदी रहित इलाज प्रदान किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि पंजाब सभी नागरिकों को मुफ्त स्वास्थ्य संभाल सेवाएं प्रदान करने वाला पहला राज्य बन गया है। उन्होंने कहा कि 881 आम आदमी क्लीनिक रोजाना मुफ्त इलाज की सुविधा प्रदान कर रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि पंजाब सरकार ने पिछले चार सालों में 63,027 सरकारी नौकरियां पारदर्शी ढंग से बिना रिश्वत या सिफारिश के दी गई है। उन्होंने कहा कि साल 2022 से 90 प्रतिशत परिवारों को मुफ्त बिजली मिल रही है और यह पहली बार हुआ है जब किसानों को धान के सीजन दौरान दिन में आठ घंटे से अधिक निर्विघ्न बिजली मिल रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 18,349 खालों के 6,900 किलोमीटर हिस्से को पुनसुर्जित किया गया है ताकि पानी को टेलों तक पहुंचाया जा सके। उन्होंने कहा कि श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी पर्व को मनाने से बाद पंजाब सरकार श्री गुरु रविदास जी के 650वें प्रकाश पर्व को बड़े पैमाने पर मनाने की तैयारी कर रही है, जिसमें राज्य भर में अलग-अलग प्रोग्रामों की योजना बनाई जाएगी।
रिवायती सियासी पार्टियों पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह पार्टियां इस सच को हजम नहीं कर पा रही हैं कि एक आम परिवार से संबंधित व्यक्ति पंजाब का शासन इतने अच्छे ढंग से कैसे चला रहा है। उन्होंने कहा कि इन पार्टियों की लोक विरोधी और पंजाब विरोधी सोच के कारण लोगों का इनसे विश्वास उठ गया है। उन्होंने कहा कि इन पार्टियों के नेता पंजाब और इसके लोगों से ज्यादा अपने परिवारों को पहल देते आए हैं, जिस कारण लोगों ने उन्हें सत्ता से बाहर का रास्ता दिखा दिया।
इस मौके कैबिनेट मंत्री हरपाल सिंह चीमा और डा. बलजीत कौर ने भी लोगों को संबोधित किया।
इस मौके लाभार्थी विद्यार्थियों ने भावुकता के साथ अपने अनुभव भी सांझे किए, जिसमें एम.बी.बी.एस. कर रहे दिलप्रीत सिंह ने उसे डा. दिलप्रीत में बदलने के लिए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान का धन्यवाद करते हुए कहा कि वह पंजाब सरकार का इतना ज्यादा शुक्रगुजार है कि उसके पास धन्यवाद के लिए शब्द भी कम पढ़ रहे हैं। बी.ए. एल.एल.बी. की विद्यार्थी हरशिता ने कहा कि इस स्कीम ने उनके सपनों को हकीकत में बदल दिया है और साबित कर दिया है कि आप सरकार अपने वादों पर खरी उतरी है। सुरसंगम कौर ने कहा कि स्कॉलरशिप ने उन्हें बुलंदियां छूने के लिए उड़ान भरने के लिए पंख दिए है जबकि लैमरिन स्किल यूनिवर्सिटी के दिलप्रीत सिंह ने कहा कि उसके परिवार की कमजोर वित्तीय स्थिति के कारण इस स्कीम ने उसकी जिंदगी बदलने में निर्णायक भूमिका निभाई है। गरीब विद्यार्थियों की सहायता के लिए मुख्यमंत्री की इस नेक पहल के लिए धन्यवाद करते हुए डी.आई.पी.एस. कॉलेज, ढिल्लवां से नवांश सिद्धू ने कहा कि वह आम परिवार से संबंध रखता है और इस पहलकदमी ने उसके सपने पूरे करने में हर प्रकार से मदद की है।
इस मौके कैबिनेट मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां और मोहिंदर भगत, लोकसभा सदस्य राज कुमार चब्बेवाल, राज्यसभा सदस्य संत बाबा बलवीर सिंह सीचेवाल, विधायक बलकार सिंह, पंजाब राज्य सहकारी कृषि विकास बैंक के चेयरमैन पवन टीनू, पंजाब राज्य सफाई कर्मचारी कमीशन के चेयरमैन चंदन ग्रेवाल सहित अन्य प्रमुख शख्सियतें मौजूद थी।
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‘गैंगस्टरां ते वार’: डीजीपी पंजाब ने सीमावर्ती जिलों में गैंगस्टरों के खिलाफ चल रही कार्रवाइयों की समीक्षा की
- 11 दिनों में, पुलिस टीमों ने पूरे राज्य में 12,275 छापेमारी की; 3,721 को गिरफ्तार किया: डीजीपी गौरव यादव
- डीजीपी पंजाब द्वारा अधिकारियों को संचालन संबंधी तैयारियों और खुफिया जानकारी आधारित ऑपरेशनों में तेजी लाने के निर्देश
- लोग एंटी-गैंगस्टर हेल्पलाइन नंबर 93946-93946 के माध्यम से गुप्त रूप से गैंगस्टरों से संबंधित जानकारी दे सकते हैं
- डीजीपी गौरव यादव ने बटाला पुलिस जिले के सभी एस.एच.ओज़. और जी.ओज़ अधिकारियों से भी की बातचीत
चंडीगढ़/बटाला, 30 जनवरी: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के दिशा-निर्देशों के तहत शुरू की गई ‘गैंगस्टरां ते वार’ - पंजाब को गैंगस्टर मुक्त राज्य बनाने के लिए छेड़ी गई एक निर्णायक जंग के चलते, डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (डीजीपी) पंजाब गौरव यादव ने आज गैंगस्टरों और संगठित अपराधों के खिलाफ चल रही कार्रवाई का जायजा लेने तथा कार्रवाइयों में तेजी लाने के लिए एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की।
बटाला में हुई यह बैठक सीमावर्ती जिलों पर केंद्रित थी और बैठक का उद्देश्य सीमा पार से संचालित आतंकवाद-अपराध गठजोड़ को समाप्त करना तथा जबरन वसूली और गैंगों की गतिविधियों पर जीरो-टॉलरेंस सुनिश्चित करना था। बैठक में एडीजीपी एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स (एजीटीएफ) प्रमोद बान, एडीजीपी काउंटर इंटेलिजेंस अमित प्रसाद, सीपी अमृतसर गुरप्रीत सिंह भुल्लर, डीआईजी बॉर्डर रेंज संदीप गोयल, डीआईजी फिरोजपुर रेंज स्नेहदीप शर्मा, एसएसपी अमृतसर ग्रामीण सुहेल कासिम मीर, एसएसपी बटाला महिताब सिंह, एसएसपी गुरदासपुर आदित्य, एसएसपी पठानकोट दिलजींदर सिंह ढिल्लों और एसएसपी तरनतारन सुरेंद्र लांबा शामिल हुए।
इस दौरान सीमा और फिरोजपुर रेंजों में मौजूदा कानून व्यवस्था की स्थिति, अपराधों के रुझानों और काउंटर-इंटेलिजेंस उपायों पर विस्तृत समीक्षा की गई। अधिकारियों ने अपराधिक तत्वों को जड़ से खत्म करने के लिए ऑपरेशन संबंधी तैयारियों, संयुक्त कार्य योजनाओं और सामुदायिक भागीदारी संबंधी पहलकदमियों के बारे में जानकारी दी।
बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि 20 जनवरी को शुरू की गई ‘गैंगस्टरां ते वार’ मुहिम के तहत पंजाब पुलिस ने महत्वपूर्ण सफलताएं हासिल की हैं। उन्होंने बताया कि पिछले दो दिनों में ही पंजाब पुलिस ने 100 किलोग्राम हेरोइन बरामद की है।
मुहिम के 11 दिनों के परिणामों के बारे में जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि पुलिस टीमों द्वारा पूरे राज्य में 12,275 छापेमारी की गईं, जिनके दौरान 8,671 व्यक्तियों से पूछताछ की गई और 3,721 को गिरफ्तार किया गया। इसके अलावा, पुलिस टीमों ने 1,796 व्यक्तियों को हिरासत में लिया और 3,154 व्यक्तियों को पूछताछ के बाद छोड़ दिया।
डीजीपी ने बताया कि पंजाब पुलिस जंगी स्तर पर काम कर रही है और किसी भी गैंगस्टर या नशा तस्कर को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि विदेशों से संचालन कर रहे गैंगस्टर, जो अपराधों को अंजाम दे रहे हैं, उन्हें भी जल्द से जल्द पंजाब वापस लाया जाएगा ताकि उन्हें न्याय के कटघरे में लाया जा सके, जैसा कि पहले कई मामलों में किया गया है।
उन्होंने जनता, खासकर युवाओं से अपराधों और समाज विरोधी तत्वों से दूर रहने तथा अपनी ऊर्जा को सकारात्मक दिशा में लगाने की अपील की। उन्होंने कहा कि पंजाब में अपराधों के लिए कोई जगह नहीं है।
डीजीपी गौरव यादव ने लोगों से एंटी-गैंगस्टर हेल्पलाइन नंबर 93946-93946 के माध्यम से किसी भी अपराधिक या गैंगस्टर संबंधी गतिविधियों के बारे में गुप्त रूप से जानकारी देने की अपील की। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सूचना देने वालों की पहचान गुप्त रखी जाएगी। उन्होंने आगे कहा कि जनता के सहयोग से समाज विरोधी तत्वों को समाज से जड़ से खत्म किया जा सकता है।
इसके बाद, डीजीपी ने बटाला पुलिस जिले के सभी स्टेशन हाउस ऑफिसरों (एसएचओज़) और गैजेटेड अधिकारियों से विस्तृत बातचीत भी की, जिसमें फोर्स को प्रेरित करने, मनोबल बढ़ाने और ड्यूटी के प्रति प्रतिबद्धता को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित किया गया। उन्होंने कानून व्यवस्था बनाए रखने, अपराध को रोकने और संगठित नेटवर्कों का पर्दाफाश करने में जमीनी स्तर के अधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया।
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‘गैंगस्टरां ते वार’ का 11वाँ दिन: पंजाब पुलिस ने 795 स्थानों पर छापेमारी की; 3 हथियारों समेत 201 गिरफ्तार
- पुलिस टीमों ने 197 व्यक्तियों के खिलाफ की रोकथाम कार्रवाई, 312 को सत्यापन के बाद किया रिहा
- लोग एंटी-गैंगस्टर हेल्पलाइन नंबर 93946-93946 के माध्यम से गुप्त रूप से गैंगस्टरों से संबंधित जानकारी दे सकते हैं
- ‘युद्ध नशेयां विरुद्ध’ के 335वें दिन 53.6 किलोग्राम हेरोइन समेत 107 नशा तस्कर गिरफ्तार
चंडीगढ़, 30 जनवरी: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के निर्देशों के तहत शुरू की गई निर्णायक ‘ गैंगस्टरां ते वार’ मुहिम के 11वें दिन, पंजाब पुलिस ने आज पूरे राज्य में गैंगस्टरों के सहयोगियों से जुड़े पहचाने गए और मैप किए गए ठिकानों पर 795 छापेमारियाँ कीं।
जानकारी के अनुसार, ‘गैंगस्टरां ते वार’ - पंजाब को गैंगस्टर मुक्त राज्य बनाने के लिए शुरू की गई एक निर्णायक जंग - 20 जनवरी, 2026 को डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (डीजीपी) पंजाब गौरव यादव द्वारा शुरू की गई थी। इसके तहत सभी जिलों की पुलिस टीमों द्वारा एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स (एजीटीएफ) पंजाब के समन्वय से राज्य भर में विशेष कार्रवाइयाँ की जा रही हैं।
इस मुहिम के 11वें दिन, पुलिस टीमों ने 201 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया और उनके कब्जे से तीन हथियार बरामद किए। इसके साथ ही, मुहिम की शुरुआत से अब तक गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों की कुल संख्या 3721 हो गई है।
इसके अलावा, 197 व्यक्तियों के खिलाफ रोकथाम कार्रवाई की गई, जबकि 312 व्यक्तियों का सत्यापन किया गया और पूछताछ के बाद उन्हें छोड़ दिया गया। पुलिस टीमों द्वारा कार्रवाई के दौरान 11 भगोड़े अपराधी (पीओ) भी गिरफ्तार किए गए हैं।
उन्होंने बताया कि वांछित अपराधियों/गैंगस्टरों के बारे में जानकारी और अपराध तथा आपराधिक गतिविधियों के बारे में सूचना देने के लिए लोग गुप्त रूप से एंटी-गैंगस्टर हेल्पलाइन नंबर 93946-93946 के माध्यम से संपर्क कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति द्वारा दी गई गैंगस्टरों की जानकारी के आधार पर कोई गिरफ्तारी होती है तो उस व्यक्ति को 10 लाख रुपये तक की इनामी राशि देकर सम्मानित किया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि पुलिस टीमों ने नशों के खिलाफ अपनी मुहिम ‘युद्ध नशेयां विरूद्ध’ को 335वें दिन भी जारी रखते हुए आज 107 नशा तस्करों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 53.6 किलोग्राम हेरोइन, 3 किलोग्राम अफीम, 14 किलोग्राम गांजा, 9350 नशीली गोलियाँ/कैप्सूल और 900 रुपये की ड्रग मनी बरामद की है। इसके साथ ही, 335 दिनों में गिरफ्तार किए गए कुल नशा तस्करों की संख्या 47,119 हो गई है। ‘डी-एडिक्शन’ के हिस्से के रूप में पंजाब पुलिस ने आज 35 व्यक्तियों को नशा छुड़ाने और पुनर्वास के लिए तैयार किया है।
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अमृतसर में सीमा पार से संचालित नार्काे तस्करी नेटवर्क से जुड़े दो व्यक्ति 51.5 किलोग्राम हेरोइन सहित काबू
- मोबाइल फोन की व्यापक जांच में संचार के कई तरीकों का हुआ खुलासा: डीजीपी गौरव यादव
- अमृतसर में 24 घंटों के दौरान 95 किलोग्राम हेरोइन हुई बरामद
- आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां और बरामदगियां होने की संभावना: एसएसपी सुहेल कासिम मीर
चंडीगढ़/अमृतसर, 30 जनवरी: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के दिशा-निर्देशों के अनुसार पंजाब को नशा मुक्त राज्य बनाने के लिए चलाई जा रही मुहिम के दौरान बड़ी सफलता हासिल करते हुए अमृतसर ग्रामीण पुलिस ने सीमा पार से संचालित नार्को तस्करी नेटवर्क से जुड़े दो गुर्गों को 103 पैकेटों में पैक की गई 51.5 किलोग्राम हेरोइन सहित गिरफ्तार करके इस नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। यह जानकारी आज यहां डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (डीजीपी) पंजाब गौरव यादव ने दी।
गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों की पहचान गुरजीत सिंह उर्फ जीत और रणजीत सिंह उर्फ ढिल्लों दोनों निवासी गांव तलवंडी राय दादू, अमृतसर के रूप में हुई है।
यह सफलता अमृतसर ग्रामीण पुलिस के द्वारा 42.9 किलोग्राम हेरोइन, 4 हैंड ग्रेनेड और 1 स्टार-मार्क पिस्तौल सहित 46 जिंदा कारतूस बरामद करके सीमा पार से संचालित नार्को-आतंकवाद नेटवर्क का पर्दाफाश करने के एक दिन बाद हासिल हुई है। इसके साथ 24 घंटों में हेरोइन की कुल बरामदगी 94.5 किलोग्राम हो गई है।
डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि प्रारंभिक जांच से पता चला है कि गिरफ्तार किए गए मुलजिम अपने पाकिस्तान स्थित हैंडलर की मिलीभगत से सीमा पार से नशीले पदार्थों की तस्करी में शामिल थे। उन्होंने बताया कि मोबाइल फोन की व्यापक जांच में संचार के कई तरीकों और अपराधों से जुड़े अन्य डिजिटल सबूतों के बारे में खुलासा हुआ है।
डीजीपी ने बताया कि इस नेटवर्क के अगले-पिछले संबंधों का पता लगाने के लिए और जांच जारी है।
इस ऑपरेशन के बारे में जानकारी देते हुए सीनियर सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस (एसएसपी) अमृतसर ग्रामीण सुहेल कासिम मीर ने बताया कि गुप्त सूचना पर कार्रवाई करते हुए अमृतसर ग्रामीण पुलिस की टीमों ने खासा क्षेत्र के निकट दो संदिग्ध व्यक्तियों को उस समय रोका, जब वे मोटरसाइकिल पर जा रहे थे और उनके बीच एक संदिग्ध बैग रखा हुआ था। उन्होंने बताया कि बैग की तलाशी लेने पर, पुलिस ने हेरोइन के 103 पैकेट बरामद किए, जिनका कुल वजन 51.5 किलोग्राम था।
एसएसपी ने बताया कि इस मामले की और जांच जारी है और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां तथा बरामदगियां होने की संभावना है।
इस संबंध में एफआईआर नंबर 36 दिनांक 30.01.2026 को थाना घरिंदा में एनडीपीएस एक्ट की धारा 21(सी), 25 और 29 के तहत दर्ज की गई है।
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*बरिंदर कुमार गोयल द्वारा लीगल माइनिंग साइटों संबंधी सभी अनुमतियां तुरंत जारी करने और गैर-कानूनी माइनिंग के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश*
*खनन और भू-विज्ञान मंत्री द्वारा ज़िला माइनिंग अधिकारियों के साथ उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता*
चंडीगढ़, 30 जनवरी: खनिज पदार्थों की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने, राज्य का राजस्व बढ़ाने और खनन क्षेत्र में नियामक अनुशासन बनाए रखने के उद्देश्य से पंजाब के खनन और भू-विज्ञान मंत्री श्री बरिंदर कुमार गोयल ने राज्य भर में लीगल (कानूनी) माइनिंग साइटों को तेज़ी से संचालित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही उन्होंने गैर-कानूनी माइनिंग गतिविधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए कड़े आदेश जारी किए।
यहां महात्मा गांधी स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन (मैगसिपा) में खनन और भू-विज्ञान विभाग की उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए कैबिनेट मंत्री ने अनिवार्य अनुमतियों के जारी करने की प्रक्रिया और कार्यान्वयन ढांचे की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने सभी ज़िला माइनिंग अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे राज्य स्तरीय पर्यावरण प्रभाव मूल्यांकन प्राधिकरण के माध्यम से ज़िला सर्वेक्षण रिपोर्टों की अनुमति प्रक्रिया में तेज़ी लाएं ताकि अधिक से अधिक कानूनी माइनिंग साइटों को तुरंत कार्यशील किया जा सके। उन्होंने कहा कि इससे गैर-कानूनी माइनिंग गतिविधियों पर अंकुश लगाने के साथ-साथ बाज़ार की मांग को पूरा करने में मदद मिलेगी।
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि माइनर खनिजों की उचित उपलब्धता सुनिश्चित करने और गैर-कानूनी माइनिंग को रोकने के लिए समय पर अनुमतियां जारी करना बहुत आवश्यक है।
खनन और भू-विज्ञान मंत्री ने ठेके वाली नई साइटों और बड़ी माइनिंग साइटों के संबंध में सभी लंबित पर्यावरण अनुमतियों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि लीगल माइनिंग साइटों का विस्तार बाज़ार की मांग को पूरा करने और गैर-कानूनी माइनिंग गतिविधियों के कारण होने वाले राजस्व के नुकसान को रोकने का सबसे प्रभावी तरीका है।
आई.आई.टी. रोपड़ द्वारा हाल ही में किए गए सर्वेक्षण का हवाला देते हुए श्री बरिंदर कुमार गोयल ने निर्देश दिए कि कानूनी रूप से माइनिंग सामग्री की उपलब्धता बढ़ाने के लिए चिह्नित की गई सभी नई साइटों को ज़िला सर्वेक्षण रिपोर्ट चरण-ढ्ढढ्ढढ्ढ में शामिल किया जाए। उन्होंने सुपरिंटेंडेंट इंजीनियरों और ज़िला माइनिंग अधिकारियों को गैर-कानूनी माइनिंग के खिलाफ ज़ीरो टॉलरेंस नीति को बनाए रखने और इसे ज़मीनी स्तर पर सख़्ती से लागू करने को सुनिश्चित करने के लिए भी कहा।
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पारदर्शिता बढ़ाने, रेत और खनिजों की माइनिंग को नियमित करने तथा रिवर इकोलोजी की सुरक्षा के लिए माइनिंग स्थलों के नीलामी-आधारित आवंटन पर ध्यान केंद्रित कर रही है। उन्होंने कहा कि दरिया विज्ञान, भूजल की सुरक्षा और बाढ़ प्रबंधन से संबंधित पर्यावरण नियमों का पालन सुनिश्चित करते हुए इसके तेज़ मूल्यांकन के लिए राज्य विशेषज्ञ मूल्यांकन समिति और एस.ई.आई.ए.ए. के साथ निकट समन्वय बनाया जा रहा है।
बैठक के दौरान अतिरिक्त मुख्य सचिव श्रीमती जसप्रीत तलवार, निदेशक माइनिंग श्री अभिजीत कपलिश, चीफ इंजीनियर (माइनिंग) श्री हरदीप सिंह मैंदीरत्ता, समूह सुपरिंटेंडेंट इंजीनियर और विभिन्न ज़िलों के माइनिंग अधिकारी उपस्थित थे।