आज देश का एक महत्वपूर्ण आर्थिक दस्तावेज — साल 2026-27 का केंद्रीय बजट संसद में पेश किया जा रहा है। इस बजट का मुख्य फोकस विकास, विनिर्माण (मैन्युफैक्चरिंग) और रोजगार सृजन पर रहेगा। अर्थव्यवस्था के सामने घरेलू और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई चुनौतियाँ आने के बावजूद वित्त मंत्रालय ने नए अवसर खोजने और सतत विकास को मजबूती देने के इरादे से इस बजट को तैयार किया है।
आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि आज का बजट ‘विकासोन्मुख, रोजगार केंद्रित और विनिर्माण को प्रोत्साहित’ रणनीति पर आधारित होगा। भारत की अर्थव्यवस्था तीसरी तिमाही (Q3) के आंकड़ों से संकेत देती है कि विकास की पटरी पर उछाल बरकरार है, लेकिन वैश्विक मंदी, उच्च ऊर्जा कीमतों और व्यापार बाधाओं जैसे कारक अभी भी चिंता का विषय बने हुए हैं। ऐसे में बजट में निर्यात-आधारित उद्योगों को प्रोत्साहन और निवेश को आकर्षित करने वाले उपायों पर विशेष ध्यान देने की उम्मीद जताई जा रही है।
विशेषज्ञों के अनुसार, आज के बजट में संभावित मुख्य विषय होंगे:
• विनिर्माण क्षेत्र के लिये प्रोत्साहन: उत्पादन-लिंक्ड प्रोत्साहन (PLI) योजना का विस्तार और नई विनिर्माण इकाइयों को टैक्स लाभ देना।
• रोजगार सृजन: युवा श्रमिकों के लिये कौशल विकास कार्यक्रमों में वृद्धि तथा स्टार्टअप समुदाय को और सशक्त बनाने के उपाय।
• डिजिटल और हरित अर्थव्यवस्था: डिजिटल अवसंरचना, हरित ऊर्जा और स्वच्छ तकनीकों में निवेश को बढ़ावा देना।
• कृषि और ग्रामीण विकास: ग्रामीण आजीविका योजनाओं में संसाधन आवंटन तथा कृषि विपणन सुधार।
वित्त मंत्री अपने बजट भाषण में यह भी रेखांकित करेंगे कि वैश्विक आर्थिक मंदी के बावजूद भारत को एक उच्च-विकास दर प्राप्त करने की दिशा में कैसे रखा जाए। निर्यात, विनिर्माण और निवेश को गति देने के लिये नीतिगत प्रोत्साहन, भागीदारी और वित्तीय समर्थन के नए उपायों की घोषणा हो सकती है।
रोजगार के क्षेत्र में भी बजट में नई पहल की अपेक्षा है जो युवा वर्ग को कौशल, स्वरोजगार और उद्यमिता की चुनौतियों से निपटने में सक्षम बनाएँगी। उत्पादन-लिंक्ड प्रोत्साहन योजनाओं का विस्तार और विनिर्माण निवेश को आकर्षित करने के लिये कर छूट सम्बन्धी प्रस्ताव भी सुने जा सकते हैं, जिससे रोजगार के अवसरों में वृद्धि हो।
कुल मिलाकर, आज पेश होने वाला बजट विकास, विनिर्माण और रोजगार को बढ़ावा देने के साथ ही वैश्विक आर्थिक चुनौतियों के बीच भरोसा और स्थिरता का संदेश देने का प्रयास करेगा।