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पंजाब

Punjab Latest News 2026

February 03, 2026 10:51 AM

विजिलेंस ब्यूरो ने क्लर्क को 2700 रुपये रिश्वत लेते हुये रंगे हाथों गिरफ्तार किया
चंडीगढ़, 2 फरवरी 2026

पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने राज्य में भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाई मुहिम के दौरान, क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय, बठिंडा में तैनात क्लर्क डेविड को 2700 रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया है।

इस संबंध में जानकारी देते हुए आज यहां राज विजिलेंस ब्यूरो के एक सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि उपरोक्त आरोपी को कन्हैया नगर, जिला बठिंडा के एक निवासी द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर गिरफ्तार किया गया है।

उन्होंने बताया कि शिकायतकर्ता एजेंट राजा मित्तल के दफ्तर में एक दिहाड़ीदार के रूप में काम करता है और आरटीओ बठिंडा से संबंधित कार्य संभालता है। उन्होंने बताया कि उक्त आरोपी आरटीओ बठिंडा में वाहन पंजीकरण प्रमाणपत्र (आरसी) की ऑनलाइन सत्यापन की ड्यूटी निभा रहा था। लेकिन आरोपी शिकायतकर्ता की फाइलों का सत्यापन नहीं कर रहा था और उन फाइलों का सत्यापन करवाने के लिए प्रति फाइल 300 रुपये की मांग कर रहा था। आरोपी ने शिकायतकर्ता को बठिंडा के बस स्टैंड पर बुलाया और 2100 रुपये रिश्वत के रूप में लिए तथा फिर गैर-कानूनी रिश्वत के रूप में 3000 रुपये की मांग की। शिकायतकर्ता रिश्वत देना नहीं चाहता था, जिसके कारण उसने विजिलेंस ब्यूरो यूनिट, बठिंडा से संपर्क किया।

शिकायत की प्रारंभिक जांच के बाद, विजिलेंस ब्यूरो की टीम ने जाल बिछाया, जिसमें आरोपी को दो सरकारी गवाहों की मौजूदगी में शिकायतकर्ता से 2700 रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया गया।

इस संबंध में आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत विजिलेंस ब्यूरो थाना बठिंडा में मामला दर्ज कर लिया गया है और इस मामले की आगे की जांच जारी है।
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‘गैंगस्टरां ते वार’: दो हफ्तों में 4233 व्यक्ति 116 हथियारों समेत गिरफ्तार
- विशेष डीजीपी कानून एवं व्यवस्था अर्पित शुक्ला ने मोहाली में विशेष नाकों का किया निरीक्षण
- पिछले दो हफ्तों में, पुलिस टीमों ने 2&11 व्यक्तियों के खिलाफ एहतियातन कार्रवाई की, 28& भगोड़े अपराधियों को भी किया गिरफ्तार: विशेष डीजीपी अर्पित शुक्ला
- लोग गैंगस्टर विरोधी हेल्पलाइन नंबर 9&946-9&946 के द्वारा गैंगस्टरों के बारे में गुप्त रूप से जानकारी दे सकते हैं
- ‘युद्ध नशेयां विरुद्ध’ अभियान के &&8वें दिन 81 नशा तस्कर 1.& किलो हेरोइन समेत गिरफ्तार
चंडीगढ़, 2 फरवरी-मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के निर्देशों पर पंजाब को गैंगस्टर मुक्त रा’य बनाने के लिए दो हफ्ते पहले शुरू की गई निर्णायक मुहिम ‘गैंगस्टरां ते वार’ के तहत पंजाब पुलिस ने अब तक पूरे रा’य में 14,&82 स्थानों पर छापेमारी करके 4,2&& व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है, जिसमें गैंगस्टर और उनके साथ जुड़े अपराधी शामिल हैं।
जानकारी के अनुसार, ‘गैंगस्टरां ते वार’- पंजाब को गैंगस्टर मुक्त रा’य बनाने के लिए एक निर्णायक मुहिम है, जिसकी शुरुआत डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (डीजीपी) पंजाब गौरव यादव द्वारा 20 जनवरी, 2026 को की गई थी। एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स (एजीटीएफ) पंजाब के समन्वय से सभी जिलों की पुलिस टीमें गैंगस्टरों के साथियों के चिह्नित और मैप किए गए ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं।
‘गैंगस्टरां ते वार’ मुहिम के हिस्से के रूप में सोमवार को इंस्पेक्टरों/डीएसपी की निगरानी में सुचारू समन्वय वाले मजबूत नाके लगाए गए और रा’य भर में वाहनों तथा संदिग्ध व्यक्तियों की व्यापक जांच की गई।
विशेष डीजीपी कानून एवं व्यवस्था अर्पित शुक्ला ने मोहाली के गोडरेज चौक पर नाके का निरीक्षण करने के बाद मीडिया से बातचीत में कहा कि पुलिस टीमों ने गिरफ्तार व्यक्तियों के कब्जे से 116 हथियार, 262 जिंदा कारतूस और 2& मैगजीन बरामद की हैं।
उन्होंने कहा कि इसके अलावा, 2,&11 व्यक्तियों के खिलाफ एहतियातन कार्रवाई शुरू की गई है, जबकि 4,008 व्यक्तियों को पूरी तफ्तीश और पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया। उन्होंने बताया कि पुलिस टीमों ने पिछले 14 दिनों में 28& भगोड़े अपराधियों (पी.ओ.) को भी गिरफ्तार किया है।
आज मुहिम के 14वें दिन, पुलिस टीमों ने 61& छापेमारियों’’ के बाद 172 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया, जबकि 159 व्यक्तियों के खिलाफ एहतियातन कार्रवाई की गई और नौ भगोड़े अपराधियों (पीओ) को गिरफ्तार किया गया।
उन्होंने कहा कि लोग गुप्त रूप से वांछित अपराधियों/गैंगस्टरों के बारे में एंटी-गैंगस्टर हेल्पलाइन नंबर - 9&946-9&946 के माध्यम से रिपोर्ट कर सकते हैं और किसी भी प्रकार के अपराध तथा आपराधिक गतिविधियों के बारे में सूचना/जानकारी भी साझा कर सकते हैं।
इस दौरान पुलिस टीमों ने नशों के खिलाफ अपनी जंग जारी रखते हुए ‘युद्ध नशेयां विरुद्ध’ मुहिम के &&8वें दिन 81 नशा तस्करों को गिरफ्तार किया और उनके कब्जे से 1.& किलो हेरोइन, 105& नशीली गोलियां/कैप्सूल और 1.2& लाख रुपये की ड्रग मनी बरामद की। इस तरह केवल &&8 दिनों में गिरफ्तार किए गए कुल नशा तस्करों की संख्या 47,498 हो गई है। नशा छुड़ाऊ मुहिम के हिस्से के रूप में, पंजाब पुलिस ने आज 11 व्यक्तियों को नशा छुड़ाने और पुनर्वास इलाज करवाने के लिए राजी किया है।
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देश की एकता और संप्रभुता के लिए बलिदान देने में हमेशा अग्रणी रहा है पंजाब: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

पंजाब ने देश को बहादुर सिपाही और जांबाज फौजी अधिकारी दिए - मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

नेशनल डिफेंस कॉलेज के एक प्रतिनिधिमंडल ने पंजाब का किया दौरा, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान से की मुलाकात

पंजाब की बहादुरी और भाईचारे की शानदार विरासत का कोई मुकाबला नहीं - मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

पंजाब, भारत की खडग़भुजा और अन्नदाता - मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

चंडीगढ़, 2 फरवरी-नेशनल डिफेंस कॉलेज, नई दिल्ली के एक प्रतिनिधिमंडल ने आज मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान से मुलाकात की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने देश की एकता और संप्रभुता में राज्य के अद्वितीय योगदान, बहादुरी, भाईचारे की मजबूत भावना, शानदार विरासत और भारत के खडग़भुजा एवं अन्नदाता के रूप में पंजाब के अमूल्य योगदान का जिक्र किया।

आज यहां नेशनल डिफेंस कॉलेज के प्रतिनिधिमंडल से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "पंजाब ने भारतीय सशस्त्र बलों को जांबाज फौजी अधिकारी और बहादुर जवान दिए हैं, जिन्होंने हमेशा मोर्चे पर रहकर देश के लिए शहादतें दी हैं।" उन्होंने कहा, "यह जानकर खुशी हुई कि नेशनल डिफेंस कॉलेज, नई दिल्ली द्वारा 2 से 6 फरवरी तक पंजाब का दौरा किया जा रहा है।"

राज्य में पहुंचने पर प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "यह सामाजिक-राजनीतिक अध्ययन दौरा पंजाब के सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक और अन्य क्षेत्रों को समझने और सीखने का एक अनूठा प्रयास है।"

राज्य की पवित्र और उपजाऊ धरती पर प्रतिनिधिमंडल का गर्मजोशी से स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, "राज्य सरकार आपकी मेजबानी करके गर्व महसूस कर रही है।" उन्होंने प्रतिनिधिमंडल को बताया कि पंजाब महान गुरुओं, पीरों, संतों, पैगंबरों और शहीदों की धरती है और इसे योद्धाओं तथा मेहनतकश लोगों की भूमि के रूप में जाना जाता है।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "राज्य के नौजवान सीमाओं की रक्षा करते हैं और हमारे किसान देश का पेट भरते हैं, इसी कारण पंजाब को ‘भारत का अन्नदाता और खडग़भुजा’ के रूप में सम्मान प्राप्त है।"

मुख्यमंत्री ने कहा, "पंजाब के किसान देश के अनाज उत्पादन में सबसे अधिक योगदान देते हैं और राष्ट्रीय पूल में 40 प्रतिशत अनाज इसी राज्य द्वारा उपलब्ध कराया जाता है।" उन्होंने आगे कहा, "पंजाब के बहादुर सैनिकों ने देश की एकता, अखंडता और संप्रभुता की रक्षा के लिए अपनी जानें कुर्बान की हैं और यह अटल एवं स्पष्ट सत्य है कि देश के स्वतंत्रता संग्राम में पंजाबियों ने सबसे अधिक बलिदान दिए हैं।"

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "पंजाब एक शांतिपूर्ण राज्य है जहां शांति, प्रेम और भाईचारे की भावना इतनी मजबूत है कि यहां नफरत के बीज नहीं पनप सकते।"

मुख्यमंत्री ने कहा, "सीमावर्ती राज्य होने के बावजूद, पंजाब कभी भी सांप्रदायिकता में बंटा नहीं। इसके बजाय कठिन घड़ी में पंजाबियों ने दुनिया के सामने भाईचारे और सद्भावना की शानदार मिसालें पेश की हैं।" उन्होंने आगे कहा, "पवित्र शहर अमृतसर को सरब-सांझीवालता का प्रतीक माना जाता है और गुरुओं द्वारा बसायी यह धरती श्री हरिमंदिर साहिब, दुर्गियाना मंदिर, भगवान वाल्मीकि तीर्थ स्थल, जल्लियांवाला बाग और अन्य पवित्र स्थानों का घर है।" उन्होंने कहा, "पंजाब एक विरोधी देश के साथ 532 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा साझा करता है, फिर भी यह धर्मनिरपेक्षता, शांति और सद्भावना का पुंज बना हुआ है।"

मुख्यमंत्री ने कहा, "भारत के सामाजिक-राजनीतिक और आर्थिक पहलुओं का अध्ययन करने के लिए पंजाब में एक सप्ताह का दौरा शुरू किया गया है।" उन्होंने कहा कि इस पहल का उद्देश्य राज्यों का दौरा करके उनके सामाजिक, राजनीतिक, आर्थिक, सांस्कृतिक और धार्मिक पहलुओं को गहराई से जानने का अवसर प्रदान करना है।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि इससे राज्य स्तर से गांव स्तर तक प्रशासन, शासन और कानून व्यवस्था को लागू करने की चुनौतियों को बेहतर ढंग से समझने में सुविधा मिलती है। उन्होंने कहा, "प्रतिनिधिमंडल में कुल 16 अधिकारी हैं, जिनमें से विदेशी अधिकारियों की संख्या 31 प्रतिशत है, क्योंकि 16 अधिकारियों में से 5 विदेशों से संबंधित हैं।"

मुख्यमंत्री ने कहा, "प्रतिनिधिमंडल में बांग्लादेश, मिस्र, इंडोनेशिया, मलेशिया और नेपाल से एक-एक अधिकारी शामिल हैं।" उन्होंने आगे कहा, "11 भारतीय अधिकारी हैं, जिनमें सेना के पांच, नौसेना के दो, वायुसेना के दो, ए.एफ.एच.क्यू.सी.एस. का एक और डी.ओ.एल.आर.का एक अधिकारी शामिल है।" मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "प्रतिनिधिमंडल में सेना, नौसेना और वायुसेना के ब्रिगेडियर या सचिव स्तर के अधिकारी तथा सिविल अधिकारी भी शामिल हैं।"

मुख्यमंत्री ने कहा, आइएएस, आइपीएस, आइआरएस, आइएफएस, कोस्ट गार्ड और डीआरडीओ सहित कई सिविल अधिकारी इस महत्वपूर्ण कोर्स का हिस्सा हैं।" उन्होंने आगे कहा, "यह कोर्स भारत के बारे में ज्ञान, रणनीतिक रुझान, आर्थिक सुरक्षा, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, वैश्विक मुद्दे, अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा पर्यावरण, पड़ोसी देशों के रणनीतिक पहलू और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए रणनीतियां एवं ढांचे जैसे क्षेत्रों को कवर करता है।"

इस अवसर पर भगवंत सिंह मान ने दौरे पर आए प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों का सम्मान भी किया और कहा, "मैं राज्य में उनकी अच्छी और आरामदायक ठहराव की कामना करता हूं।"
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भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के बजट 2026 में पंजाब को नजरअंदाज करना लोकतंत्र और संघवाद के लिए बड़ा खतरा: वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा
किसान, शिक्षा और स्वास्थ्य विरोधी इस बजट में पंजाब की कुर्बानियों और जरूरतों को किया गया दरकिनार: हरपाल सिंह चीमा
भाजपा के नेतृत्व वाले केंद्र ने किसानों को नजरअंदाज करके, सब्सिडी में कटौती कर और राज्यों को दरकिनार करके पंजाब को देश का पेट भरने की सजा दी: हरपाल सिंह चीमा
केंद्रीय बजट 2026 में आम लोगों के लिए कोई राहत, राज्यों की ओर विशेष ध्यान, पंजाब के लिए किसी भी सहायता का कोई जिक्र नहीं: हरपाल सिंह चीमा
केंद्र ने लगातार 12वें बजट में पंजाब की अर्थव्यवस्था, सुरक्षा और किसानों को किया अनदेखा: हरपाल सिंह चीमा
चंडीगढ़, 2 फरवरी 2026-पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने आज भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर केंद्रीय बजट 2026 में पंजाब की जरूरतों और कुर्बानियों को पूरी तरह नजरअंदाज करने का आरोप लगाते हुए कहा कि बजट में कहीं भी पंजाब का कोई जिक्र नहीं है और न ही लंबे समय से बकाया पड़े 8,500 करोड़ रुपये के ग्रामीण विकास फंड (आरडीएफ) का कोई हवाला दिया गया है।

बजट-2026 को शिक्षा, स्वास्थ्य, किसान, गरीब, व्यापारी और पंजाब की सुरक्षा विरोधी करार देते हुए पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा का बोझ उठाने, बार-बार प्राकृतिक आपदाओं का सामना करने और आरडीएफ से संबंधित जिम्मेदारियों को निभाने के बावजूद पंजाब को एक बार फिर अपने स्तर पर सभी प्रबंध करने के लिए मजबूर किया गया है। उन्होंने कहा कि बजट में आम लोगों के लिए कोई राहत नहीं है और लगातार 12वें साल भी केंद्र की ओर से कोई ठोस सहायता नहीं दी गई।

आज यहां पंजाब भवन में मीडिया से बातचीत करते हुए पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि यह बजट देश के लिए बेमिसाल कुर्बानियां देने वाले राज्य पंजाब को विकास की पटरी से उतारने की जानबूझकर की गई कोशिश है। उन्होंने कहा, ‘केंद्र की सत्ता पर काबिज भाजपा की मानसिकता देश के लोकतंत्र और खासकर पंजाब के लिए एक बड़ा खतरा बन गई है। केंद्रीय बजट 2026 शिक्षा, स्वास्थ्य और किसानों, गरीबों, व्यापारियों तथा पंजाब की सुरक्षा विरोधी है। इस बजट के माध्यम से, देश के लिए बेमिसाल कुर्बानियां देने वाले पंजाब के विकास की पटरी से उतारने की एक साजिश रची गई है।’

वित्त मंत्री ने कहा कि भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार द्वारा पेश किए गए लगातार 12वें बजट में पंजाब को नजरअंदाज किया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य द्वारा केंद्रीय वित्त मंत्री को दिए गए मेमोरेंडम को अनदेखा किया गया। उन्होंने कहा कि पंजाब देश के लिए सीना तानकर खड़ा होता आया है, पंजाब ने केंद्रीय फूड पूल में अपना योगदान कभी कम नहीं किया, बल्कि हर साल बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि देश के अनाज भंडार को बढ़ाने के कारण पंजाब के 117 ब्लॉक डार्क जोन में जा चुके हैं।

16वें वित्त आयोग को पूरी तरह नजरअंदाज करने का आरोप लगाते हुए हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि केंद्र ने राज्यों के सामने मौजूद वित्तीय तनाव के बावजूद राज्यों की खराब स्थिति को पूरी तरह अनदेखा किया है और राज्यों के हिस्से को बढ़ाने में असफल रहा है। उन्होंने कहा कि वर्टिकल डेवोल्यूशन (टैक्स पूल में सभी राज्यों का कुल हिस्सा) 41 प्रतिशत पर ही रखा गया है और कोई बदलाव नहीं किया गया। 16वें वित्त आयोग से कोई राजस्व घाटा अनुदान नहीं है। 15वें वित्त आयोग ने इन अनुदानों की सिफारिश की थी। एसडीआरएफ की शर्तें बहुत अधिक सीमित हैं और आपदाओं को प्रभावी ढंग से कम करने व प्रबंधन करने में पंजाब जैसे राज्य को प्रभावित करेंगी।

मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि केंद्र सरकार ने एक बार फिर पंजाब के किसानों की जायज चिंताओं को नजरअंदाज किया है, जिससे उसके किसान-हितैषी होने के खोखले दावों की पोल खुल गई है। उन्होंने कहा कि बजट 2026 में कृषि आधारभूत ढांचा फंड में कोई वृद्धि नहीं की गई और न ही मंडी के आधारभूत ढांचे को मजबूत करने के लिए कोई ठोस सहायता दी गई है, जिससे कृषि प्रधान राज्यों को अपने भरोसे छोड़ दिया गया है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय बजट-2026 में कृषि आधारभूत ढांचा फंड में वृद्धि या मंडी आधारभूत ढांचे को मजबूत करने के बारे में पंजाब के किसानों के लिए कुछ भी नहीं है। उन्होंने आगे कहा कि राज्यों को अपने फंडों के साथ ही विकास करना होगा। बजट में उच्च-मूल्य वाली फसलों के विकास बारे जि़क्र हुआ परन्तु पंजाब को पूरी तरह अनदेखा रखा।

पंजाब के वित्त मंत्री ने बताया कि पंजाब का किसान देश का पेट भरता है, फिर भी केंद्र सरकार उन प्रणालियों में निवेश को लगातार नजरअंदाज कर रही है जो खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करती हैं। वित्त मंत्री ने उच्च मूल्य वाली फसलों को प्रोत्साहित करने के लिए अपनाए गए चुनिंदा दृष्टिकोण की भी आलोचना की। जबकि बजट में नारियल, काजू, चंदन और ड्राई फ्रूट्स जैसी फसलों का जिक्र है, लेकिन उत्तरी भारत के किसानों के लिए कुछ भी नहीं है जो अपनी कृषि-जलवायु परिस्थितियों के अनुकूल फसलों पर निर्भर करते हैं। उन्होंने कहा कि यह बजट स्पष्ट रूप से केंद्र के पक्षपात और अनाज पैदा करने वाले राज्यों, खासकर पंजाब के किसानों के प्रति उसकी लगातार उदासीनता को दर्शाता है। ये किसान सम्मान, सहयोग और उचित निवेश के हकदार हैं, खोखले नारों के नहीं।

सब्सिडी में कटौती और आम नागरिकों को कोई राहत न देने की आलोचना करते हुए उन्होंने कहा कि यूरिया सब्सिडी पिछले साल 1,26,475 करोड़ से घटाकर 1,16,805 करोड़ कर दी गई है। इस बजट में ‘आम आदमी’ के लिए कुछ नहीं है, जबकि आज के समय में जब महंगाई आम आदमी की बचत को खा रही है और आय नहीं बढ़ रही, तो टैक्स में जीरो राहत उचित नहीं है। वास्तव में, भारत सरकार ने एसएसटी (सिक्योरिटीज़ ट्रांजेक्शन टैक्स) बढ़ा दिया है जो आम आदमी पर बुरा प्रभाव डालेगा। इस वृद्धि से बाद में लंबी अवधि के पूंजीगत लाभ पर कोई राहत नहीं है। यह आम आदमी को हर तरफ से निचोडऩे जैसा है।

रक्षा के बारे में बोलते हुए पंजाब के वित्त मंत्री ने कहा कि हमें उम्मीद थी कि केंद्रीय वित्त मंत्री भारत को रक्षा उत्पादन के क्षेत्र में मजबूत बनाने और पिछले साल पाकिस्तान के साथ तनाव के मद्देनजर रक्षा बजट में अर्थपूर्ण वृद्धि के लिए बड़ी योजनाओं की घोषणा करेंगे। ऐसा कुछ भी नहीं हुआ। केंद्रीय वित्त मंत्री ने अपने भाषण में रक्षा का जिक्र सिर्फ चार बार किया।

प्रधानमंत्री-विश्वकर्मा योजना का हवाला देते हुए उन्होंने बताया कि यह पिछले साल बहुत जोर-शोर से शुरू की गई थी ताकि पारंपरिक कारीगरों और दस्तकारों को पूर्ण, आधुनिक सहायता प्रदान की जा सके, कौशल प्रशिक्षण दिया जा सके, लेकिन इस संबंध में बजट 5,100 करोड़ से घटाकर 3,861 करोड़ कर दिया गया। एक तरफ सरकार दावा करती है कि यह युवा-शक्ति बजट है जिसका उद्देश्य विरासती उद्योगों को विकसित करना है और दूसरी तरफ उसी योजना के लिए बजट में कटौती की जाती है।

शिक्षा के बारे में मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बजट को बहुत निराशाजनक बताया। उन्होंने कहा कि शिक्षा पर पिछले साल की तुलना में 10 प्रतिशत से कम (8 प्रतिशत) वृद्धि हुई है। बजट में पिछले साल की तुलना में कोई बदलाव नहीं किया गया है, जिसमें पीएम-श्री योजना के लिए 7,500 करोड़ रुपये रखे गए। पूंजी निर्माण के लिए राज्यों को विशेष सहायता (एसएएससीआई) के बारे में उन्होंने कहा कि इस योजना का कोई जिक्र नहीं है। सभी राज्यों ने पूंजीगत व्यय के उच्च स्तर को बनाए रखने के लिए योजना के दायरे का अर्थपूर्ण विस्तार करने की मांग की थी लेकिन केंद्र ने इस मांग को नजरअंदाज कर दिया।

स्वास्थ्य के मामले में उन्होंने कहा कि आयुष्मान भारत योजना के बजट में कोई बदलाव नहीं किया गया जो 9,500 करोड़ रुपये है। स्वच्छ भारत मिशन का बजट पिछले साल 5,000 करोड़ से आधा होकर 2,500 करोड़ रह गया। मनरेगा के तहत भी बजट 88,000 करोड़ से बढक़र 95,692 करोड़ हो गया है। इसके अलावा उन्होंने कहा कि सीमा बुनियादी ढांचा और प्रबंधन योजना (केंद्रीय योजना) का बजट पिछले साल के 5,597 करोड़ से घटाकर वर्तमान बजट में 5,577 करोड़ कर दिया गया है।

बजट के सार के बारे में बात करते हुए पंजाब के वित्त मंत्री ने कहा कि केंद्रीय बजट 2026 पंजाब और इसके लोगों के प्रति केंद्र की उदासीनता को दर्शाता है। उन्होंने कहा,  ‘इस बजट में पंजाब के योगदान और इसकी चुनौतियों को नजरअंदाज किया गया है और इसके भविष्य को कमजोर करने की चाल चली गई है। यह बजट न तो देश की सुरक्षा को मजबूत करता है और न ही किसानों, मजदूरों, युवाओं या राज्यों का समर्थन करता है। पंजाब और इसके लोग इससे कहीं बेहतर बजट के हकदार हैं।’
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*कैबिनेट मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां द्वारा विभिन्न यूनियनों के साथ बैठक, जायज़ मांगों को पूरा करने का भरोसा*
*अच्छी कारगुज़ारी वाले पटवारी-कानूनगो किए जाएंगे सम्मानित: राजस्व मंत्री*
*कहा, मान सरकार यूनियनों की मांगों के प्रति गंभीर, कार्रवाई प्राथमिकता के आधार पर कर रहे हैं*
*रेवेन्यू पटवार यूनियन, कानूनगो यूनियन, साझा मुलाज़म मंच पुड्डा और ऑल इंडिया अतिवाद पीडि़त एसोसिएशन के प्रतिनिधियों की समस्याएं ध्यान से सुनीं*
*चंडीगढ़, 2 फरवरी:*-पंजाब के राजस्व एवं आवास निर्माण व शहरी विकास मंत्री श्री हरदीप सिंह मुंडियां ने आज विभिन्न यूनियनों के साथ मैराथन बैठकें कीं।

पंजाब भवन में आयोजित इन बैठकों में रेवेन्यू पटवार यूनियन, कानूनगो यूनियन, साझा मुलाज़म मंच पुड्डा और ऑल इंडिया अतिवाद पीडि़त एसोसिएशन के प्रतिनिधियों से विभिन्न मीटिंगों के दौरान कैबिनेट मंत्री ने भरोसा दिलाया कि उनकी हर जायज़ मांग को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाएगा।

श्री हरदीप सिंह मुंडियां ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार हर वर्ग के कल्याण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। राजस्व मंत्री ने विभिन्न एसोसिएशनों और यूनियनों द्वारा रखी गई मांगों को ध्यान से सुना।

उन्होंने बताया कि जो मांगें विभागीय स्तर पर हल हो सकती हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर जल्द निपटाया जाएगा। वहीं जो मांगें मुख्यमंत्री या वित्त विभाग के स्तर पर हल होनी हैं, उन्हे पूरा करने के लिए जल्द ही मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री के साथ बैठक की जाएगी।

राजस्व मंत्री ने पटवारी और कानूनगो एसोसिएशन के प्रतिनिधियों से कहा कि अपनी ड्यूटी निभाते हुए अच्छा प्रदर्शन करने वाले पटवारियों और कानूनगोओं को सरकार द्वारा सम्मानित और प्रोत्साहित किया जाएगा। उन्होंने सभी कर्मचारियों से अपील की कि वे अपना काम पूरी लगन, ईमानदारी और ज़िम्मेदारी से करें।

इसके अलावा साझा मुलाज़म मंच, पुड्डा मोहाली के सेवानिवृत्त कर्मचारियों की मांगों पर गंभीरता से विचार करते हुए कैबिनेट मंत्री ने कहा कि इन कर्मचारियों को पेंशन स्कीम का लाभ देने के मामले को जल्द ही मुख्यमंत्री के समक्ष प्रभावी ढंग से उठाया जाएगा।

ऑल इंडिया अतिवाद पीडि़त एसोसिएशन के प्रतिनिधियों द्वारा रखी गई मांगों के बारे में कैबिनेट मंत्री श्री हरदीप सिंह मुंडियां ने कहा कि आतंकवाद से प्रभावित परिवारों की सहायता, सुरक्षा और पुनर्वास पंजाब सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने भरोसा दिया कि एसोसिएशन द्वारा रखी गई जायज़ मांगों पर संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर गंभीरता से विचार किया जाएगा और उनके समाधान के लिए हर संभव और उचित कदम उठाए जाएंगे।

मीटिंग के दौरान अतिरिक्त मुख्य सचिव-कम-वित्त आयुक्त (राजस्व) श्री अनुराग वर्मा तथा आवास एवं शहरी विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री विकास गर्ग सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

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