उत्तर भारत के मौसम में एक बार फिर बदलाव के संकेत मिल रहे हैं। फरवरी की शुरुआत में जहां कई इलाकों में हल्की ठंड के साथ मौसम साफ बना हुआ था, वहीं अब पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता के कारण पहाड़ी से लेकर मैदानी क्षेत्रों तक मौसम करवट लेने वाला है। मौसम विभाग के अनुसार 6 फरवरी 2026 के आसपास उत्तर भारत के कई हिस्सों में बर्फबारी और बारिश देखने को मिल सकती है, जिससे ठंड में इजाफा होने की संभावना है।
जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और हिमाचल प्रदेश के ऊंचाई वाले इलाकों में ताजा बर्फबारी का अलर्ट जारी किया गया है। खासकर गुलमर्ग, पहलगाम, मनाली, रोहतांग और लाहौल-स्पीति जैसे क्षेत्रों में बर्फ की मोटी चादर बिछने की आशंका है। इससे जहां एक ओर पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिल सकता है, वहीं दूसरी ओर पहाड़ी सड़कों पर फिसलन और यातायात बाधित होने की समस्या भी सामने आ सकती है। प्रशासन ने यात्रियों को सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है।
पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और दिल्ली-एनसीआर में भी मौसम का मिजाज बदलने के आसार हैं। इन क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है, जबकि कुछ जगहों पर तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है। बारिश के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है, जिससे सुबह और रात के समय ठंड बढ़ेगी। किसानों के लिए यह बारिश रबी फसलों के लिहाज से फायदेमंद मानी जा रही है, खासकर गेहूं और सरसों की फसलों को इससे लाभ मिल सकता है।
हालांकि, बारिश और बर्फबारी के साथ-साथ कोहरे की वापसी की आशंका भी जताई जा रही है। मैदानी इलाकों में सुबह के समय घना कोहरा छा सकता है, जिससे सड़क और रेल यातायात प्रभावित हो सकता है। वाहन चालकों को सावधानी बरतने और गति नियंत्रित रखने की सलाह दी गई है।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि यह बदलाव पूरी तरह मौसमी चक्र का हिस्सा है और फरवरी के पहले पखवाड़े में ऐसे उतार-चढ़ाव सामान्य हैं। आने वाले दिनों में मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखने की जरूरत है, क्योंकि पश्चिमी विक्षोभ की तीव्रता के अनुसार बारिश और बर्फबारी का दायरा बढ़ या घट सकता है। कुल मिलाकर, उत्तर भारत में ठंड एक बार फिर जोर पकड़ने वाली है और लोगों को इसके लिए तैयार रहने की जरूरत है।