भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने उत्तर भारत के पहाड़ी एवं मैदानी इलाकों के लिए महत्वपूर्ण मौसम चेतावनी जारी की है। मौसम विशेषज्ञों के अनुमान के मुताबिक अगले 48 घंटे में पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) की सक्रियता से हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर सहित अन्य उत्तर भारतीय राज्यों का मौसम बिगड़ सकता है। इसके प्रभाव से पहाड़ों पर बर्फबारी और मैदानी हिस्सों में बारिश-कोहरे के हालात बन सकते हैं, जिससे जनजीवन और यातायात प्रभावित हो सकता है।
🌨️ बर्फबारी और बारिश का अनुमान
IMD के ताज़ा पूर्वानुमान के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के असर से हिमालयी क्षेत्रों में बर्फबारी के साथ-साथ बारिश की गतिविधियाँ फिर तेज हो सकती हैं। विशेषकर जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के ऊंचाई वाले इलाकों में हल्की से मध्यम बर्फबारी की संभावना है, जो तापमान में गिरावट और ठंड की तीव्रता को बढ़ा देगी। मैदानी राज्यों जैसे उत्तर प्रदेश और बिहार में भी नमी के साथ हल्की बूंदाबांदी, कोहरा और कुछ स्थानों पर बारिश की संभावना बनी हुई है।
🌁 मैदानी इलाकों में मौसम का प्रभाव
पश्चिमी विक्षोभ का असर सिर्फ पहाड़ों तक सीमित नहीं रहेगा। राजस्थान, पंजाब, हरियाणा और उत्तर भारत के मैदानों में भी सर्द हवाएँ, कोहरा और आंशिक बारिश का असर देखने को मिल सकता है। सुबह-शाम के समय घना कोहरा यात्रियों के लिए मुश्किलें बढ़ा सकता है और दृश्यता को प्रभावित कर सकता है।
📉 तापमान में बदलाव और शीतलहर की संभावना
IMD के डाटा के मुताबिक आने वाले दिनों में उत्तर भारत के कई हिस्सों में न्यूनतम तापमान में उतार-चढ़ाव देखने को मिलेगा। मंगलवार और बुधवार के बीच तापमान में गिरावट के साथ शीतलहर जैसे कड़कड़ाती ठंड की स्थिति भी बन सकती है, विशेषकर पहाड़ी इलाकों के अलावा मैदानी हिस्सों में भी न्यूनतम तापमान कम रहने का अनुमान है।
🚗 यात्रियों और स्थानीय लोगों के लिए सावधानियाँ
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ऊंचाई वाले मार्गों और हिमालयी पर्यटन स्थलों पर यात्रा कर रहे लोगों को सतर्क रहना चाहिए। बर्फबारी और कोहरे से सड़क मार्ग अवरुद्ध हो सकते हैं।
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मध्याह्न और पूर्वाह्न कोहरे के दौरान वाहन चालक धीमी गति और विशेष सावधानी अपनाएँ।
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आमतौर पर मौसम के अचानक परिवर्तन को देखते हुए जनता को ठंड से बचाव के उपाय अपनाने की सलाह दी जा रही है।
🧭 मौसम विशेषज्ञ क्या कहते हैं
मौसम विज्ञानियों का मानना है कि यह सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ पहाड़ों में बर्फ की मोटाई बढ़ा सकता है और मैदानी इलाकों में सर्द हवाओं का प्रकोप जारी रख सकता है, जिससे अगले कुछ दिनों तक उत्तर भारत का मौसम ‘अस्थिर’ बना रह सकता है।