मार्च की शुरुआत के साथ ही उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में गर्मी ने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। राजस्थान में अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जबकि मध्य प्रदेश के 25 से अधिक जिलों में पारा 33 डिग्री के पार दर्ज किया गया। दूसरी ओर, पहाड़ी राज्य उत्तराखंड में 8 मार्च से मौसम करवट ले सकता है और कई इलाकों में बारिश तथा ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी की संभावना जताई गई है।
राजस्थान में शुरुआती लू जैसे हालात
राजस्थान के पश्चिमी और दक्षिणी हिस्सों में दिन के समय तेज धूप और शुष्क हवाओं ने तापमान को सामान्य से ऊपर पहुंचा दिया है। कई शहरों में दोपहर के समय सड़कों पर आवाजाही कम देखी गई। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, साफ आसमान और पश्चिमी विक्षोभ की अनुपस्थिति के कारण तापमान में यह तेजी आई है। यदि यही स्थिति बनी रही तो आने वाले दिनों में कुछ जिलों में हीट वेव जैसी परिस्थितियां बन सकती हैं।
मध्य प्रदेश के 25 जिलों में 33°C से अधिक
मध्य प्रदेश के मालवा, निमाड़ और बुंदेलखंड क्षेत्रों में गर्मी का असर स्पष्ट है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन सहित कई जिलों में अधिकतम तापमान 33 से 35 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया। किसानों के लिए यह समय रबी फसलों की कटाई का है, ऐसे में बढ़ती गर्मी फसल की नमी पर असर डाल सकती है। कृषि विशेषज्ञों ने सिंचाई और फसल प्रबंधन पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी है।
उत्तराखंड में बदलेगा मौसम
मैदानी इलाकों में गर्मी बढ़ने के बीच उत्तराखंड में 8 मार्च से मौसम में बदलाव की संभावना है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, देहरादून, नैनीताल और चमोली जैसे जिलों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है, जबकि ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी के आसार हैं। इससे तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है और पहाड़ों पर ठंड लौट सकती है।
क्या कहता है मौसम पूर्वानुमान?
मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि मार्च के दूसरे सप्ताह में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकता है, जिसका असर हिमालयी राज्यों पर अधिक दिखाई देगा। वहीं, उत्तर और मध्य भारत के मैदानी हिस्सों में दिन का तापमान सामान्य से ऊपर बना रह सकता है।