पश्चिम एशिया में तेज होते संघर्ष ने वैश्विक आवागमन और प्रवासी भारतीयों की सुरक्षा को लेकर नई चिंता पैदा कर दी है। हालात को देखते हुए केंद्र सरकार ने राजधानी में 24×7 कंट्रोल रूम स्थापित किया है, ताकि प्रभावित देशों में रह रहे भारतीय नागरिकों को त्वरित सहायता और जानकारी उपलब्ध कराई जा सके।
सूत्रों के अनुसार, सऊदी अरब के जेद्दा शहर से लगभग 200 भारतीय यात्रियों को सुरक्षित लेकर एक विशेष उड़ान अहमदाबाद पहुंची। इन यात्रियों में पर्यटक, कामकाजी पेशेवर और छात्र शामिल थे। हवाईअड्डे पर प्रशासन ने आवश्यक चिकित्सा और काउंसलिंग सुविधाएं उपलब्ध कराईं। यात्रियों ने बताया कि क्षेत्र में बढ़ते हमलों और हवाई गतिविधियों के कारण असमंजस की स्थिति बनी हुई थी।
विदेश मंत्रालय ने हेल्पलाइन नंबर और ईमेल आईडी जारी करते हुए कहा है कि किसी भी आपात स्थिति में भारतीय दूतावासों और वाणिज्य दूतावासों से तत्काल संपर्क किया जा सकता है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त निकासी उड़ानों की व्यवस्था की जाएगी।
तनाव का असर अंतरराष्ट्रीय विमानन सेवाओं पर भी पड़ा है। कई प्रमुख एयरलाइनों ने सुरक्षा कारणों से अपनी उड़ानें रद्द या डायवर्ट कर दी हैं। खाड़ी क्षेत्र के ऊपर से गुजरने वाले हवाई मार्गों में बदलाव किया गया है, जिससे यात्रियों को देरी और रद्दीकरण का सामना करना पड़ रहा है। एयरलाइंस ने यात्रियों को यात्रा से पहले फ्लाइट स्टेटस जांचने की सलाह दी है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि संघर्ष लंबा खिंचता है तो कच्चे तेल की कीमतों और वैश्विक बाजारों पर भी असर पड़ सकता है। भारत, जो ऊर्जा जरूरतों के लिए पश्चिम एशिया पर काफी हद तक निर्भर है, स्थिति की बारीकी से समीक्षा कर रहा है।
सरकार ने दोहराया है कि विदेशों में रह रहे भारतीयों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। कंट्रोल रूम के जरिए परिजनों को भी नियमित अपडेट उपलब्ध कराए जा रहे हैं, ताकि अफवाहों पर अंकुश लगाया जा सके।