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प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने कहा- आईआईएम बैंगलोर, इंडोनेशिया में अपना परिसर स्थापित करेगा; उन्होंने कहा- इस परिसर से आसियान क्षेत्र के युवाओं को व्यापक लाभ मिलेगा

July 08, 2026 07:14 AM

आईआईएम बैंगलोर के प्रस्तावित परिसर के साथ वैश्विक स्तर पर अपनी उपस्थिति बढ़ाने के लिए तैयार पाठ्यक्रम में पांच महत्वपूर्ण क्षेत्र शामिल होंगे; कार्यक्रम दो चरणों में कार्यान्वित किए जाएंगे 

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने आज घोषणा की कि इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट बैंगलोर (आईआईएमबी) इंडोनेशिया में अपना परिसर स्थापित करेगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि इस परिसर से पूरे आसियान क्षेत्र के युवाओं को व्यापक लाभ होगा। यह घोषणा प्रधानमंत्री की इंडोनेशिया यात्रा के दौरान और इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के साथ संयुक्त प्रेस विज्ञप्ति में की गई। प्रस्तावित परिसर इंडोनेशिया के मलंग स्थित सिंघासारी विशेष आर्थिक क्षेत्र (एसईजेड) में स्थापित किया जाएगा और यह भारत के उच्च शिक्षा तंत्र के अंतर्राष्ट्रीयकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

यह घोषणा भारत के प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों के वैश्विक विस्तार में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि है। दुबई में आईआईएम अहमदाबाद, अबू धाबी में आईआईटी दिल्ली और ज़ांज़ीबार में आईआईटी मद्रास द्वारा सफलतापूर्वक स्थापित विदेशी परिसरों के आधार पर, यह वैश्विक स्तर पर शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार में उत्कृष्टता को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध एक विश्वसनीय वैश्विक ज्ञान भागीदार के रूप में भारत की बढ़ती प्रतिष्ठा को रेखांकित करता है।

इंडोनेशिया में प्रस्तावित परिसर आईआईएमबी का पहला अंतरराष्ट्रीय परिसर होगा और यह भारत और इंडोनेशिया के बीच बढ़ती रणनीतिक साझेदारी और उच्च गुणवत्ता वाली किफायती शिक्षा के वैश्विक प्रदाता के रूप में भारत के उदय को रेखांकित करता है। यह पहल भारत और इंडोनेशिया की हिन्‍द-प्रशांत क्षेत्र में शैक्षणिक सहयोग, मानव पूंजी विकास और ज्ञान साझेदारी को मजबूत करने की साझा प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

इस परिसर की स्थापना राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 की परिकल्पना को आगे बढ़ाने में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि भी है, जो भारत के प्रमुख संस्थानों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी उपस्थिति स्थापित करने और विश्व स्तरीय शिक्षा तक पहुंच का विस्तार करने के लिए प्रोत्साहित करती है।

परिसर के लिए तैयार किया गया पाठ्यक्रम उभरते कारोबारी परिदृश्य के पांच महत्वपूर्ण तत्वों- वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाएं, डिजिटल परिवर्तन, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, जलवायु और स्थिरता, और स्वास्थ्य सेवा प्रबंधन को शामिल करते हुए भविष्य के लिए तैयार प्रमुखों का मार्गदर्शन करेगा। प्रत्येक कार्यक्रम उद्योग जगत के उच्च-स्तरीय प्रमुखों, विख्यात शिक्षाविदों, प्रतिष्ठित वैश्विक हस्तियों और व्यक्तित्वों के साथ संवाद के माध्यम से समृद्ध होगा।

आईआईएम बैंगलोर के प्रस्तावित कार्यक्रम दो चरणों में कार्यान्वित किए जाएंगे। प्रथम चरण में वरिष्ठ अधिकारियों, व्यापारिक नेताओं और सार्वजनिक क्षेत्र के पेशेवरों को लक्षित उच्च गुणवत्ता वाले कार्यकारी शिक्षा कार्यक्रम शुरू किए जाएंगे। पहले दो वर्षों में प्रथम चरण के सफल कार्यान्वयन के बाद, द्वितीय चरण में डिग्री प्रदान करने वाले प्रबंधन कार्यक्रम शुरू किए जाएंगे। यह कार्यक्रम आईआईएम बैंगलोर और पीटी इंटेलीजेंसिया ग्रहतमा (पीटी आईजीटी), जो सिंघासारी एसईजेड की प्रबंध एवं विकास इकाई है, के बीच हुए समझौता ज्ञापन के माध्यम से कार्यान्वित किया जाएगा।

यह परिसर मुख्य रूप से इंडोनेशिया के नागरिकों की सेवा के लिए बनाया गया है, साथ ही यह पड़ोसी दक्षिण-पूर्वी एशियाई देशों के प्रतिभागियों को भी आकर्षित करता है। इंडोनेशिया के प्रतिभागियों को बेंगलुरु कैंपस में संक्षिप्त शैक्षणिक भ्रमण का अवसर मिलेगा, जिससे उन्हें भारत के नवाचार पारितंत्र, उद्योग और व्यावसायिक वातावरण से परिचित होने का अवसर मिलेगा।

इस पहल से भारत और इंडोनेशिया के बीच दीर्घक‍ालिक संबंधों को और मजबूती मिलने की आशा है, साथ ही इंडोनेशिया गुणवत्तापूर्ण प्रबंधन शिक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण क्षेत्रीय केंद्र के रूप में स्थापित होगा। यह पहल वैश्विक दक्षिण को विश्व स्तरीय शिक्षा, नेतृत्व विकास और नवाचार के लिए पसंदीदा गंतव्य बनाने की भारत की प्रतिबद्धता को भी बल देती है।

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