हीरो एशियन चैंपियंस ट्रॉफी
भारत ने जापान को ४-१ से हराकर लगातार तीसरी जीत दर्ज की
मलेशिया ने भी लगातार तीसरा मुकाबला जीता, बांग्लादेश को ६-१ से करारी शिकस्त दी
दक्षिण कोरिया ने पहली जीत दर्ज की, चीन को २-१ से हराया
चंडीगढ़/जालंधर, ३० अक्टूबर:
हॉकी प्रेमियों के लिए एक और शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए भारत ने जालंधर के ओलंपियन सुरजीत सिंह स्टेडियम में चल रही 'हीरो एशियन चैंपियंस ट्रॉफी' में अपनी तीसरी जीत दर्ज की है।
भारत ने शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए जापान को ४-१ से हराया। भारत की इस जीत में अभिषेक नैन मुख्य खिलाड़ी रहे, जिन्होंने ११वें और ५१वें मिनट में फील्ड गोल किए, जबकि कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने ४७वें मिनट में पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदला। युवा खिलाड़ी विष्णुकांत ने ५६वें मिनट में एक फील्ड गोल किया। जापान की ओर से शोता यामादा ने १५वें मिनट में पेनल्टी स्ट्रोक के माध्यम से गोल किया।
इससे पहले जापान ने दो मुकाबले जीते थे।
इस दौरान मलेशिया ने लगातार तीसरी जीत दर्ज करते हुए बांग्लादेश को ६-१ से करारी शिकस्त दी। विजेता टीम के लिए अबू कमाल अज्राई ने १४वें मिनट में फील्ड गोल और २२वें मिनट में पेनल्टी कॉर्नर के माध्यम से गोल किए। मोहम्मद अखीमुल्लाह अनुआर एसुक ने २९वें मिनट में पेनल्टी कॉर्नर के माध्यम से गोल किया। अजीमुद्दीन कमारुद्दीन ने ३२वें मिनट में पेनल्टी कॉर्नर के माध्यम से गोल किया। शैलो सिल्वेरियस ने ३३वें मिनट में फील्ड गोल किया, जबकि आयमन रोजेमी ने ५०वें मिनट में पेनल्टी कॉर्नर के माध्यम से गोल किया। बांग्लादेश की ओर से अमीरुल इस्लाम ने २६वें मिनट में पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदला।
एक अन्य मुकाबले में दक्षिण कोरिया ने एक गोल से पिछडऩे के बाद शानदार वापसी करते हुए चीन को २-१ से हराया और टूर्नामेंट में अपनी पहली जीत दर्ज की। चीन के लिए चेन चोंगकोंग ने ८वें मिनट में पेनल्टी स्ट्रोक के माध्यम से गोल किया, जबकि दक्षिण कोरिया के लिए कप्तान किम योंग-बोक ने ३५वें मिनट में और किम जेहो ने ३६वें मिनट में गोल किए। ये दोनों फील्ड गोल थे।
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सूचना एवं लोक संपर्क विभाग, पंजाब
*भगवंत मान सरकार की अवैध खनन के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस नीति: पांच वर्षों में पंजाब भर में १,८४५ एफआईआर दर्ज, ३,९८८ वाहन और मशीनें जब्त*
*अवैध खनन के मामलों में २८.७० करोड़ रुपये के जुर्माने लगाए, २७.३३ करोड़ रुपये वसूले: बरिंदर कुमार गोयल*
*प्रदेश भर में हाल ही में की गई छापेमारी के दौरान पांच व्यक्ति गिरफ्तार, भारी मशीनरी और वाहन जब्त: बरिंदर कुमार गोयल*
*चंडीगढ़, ३० अक्टूबर:*
मुख्यमंत्री स.भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने अवैध खनन के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई हुई है। इसके तहत पिछले पांच वर्षों के दौरान प्रदेश भर में लगातार की गई कार्रवाइयों के परिणामस्वरूप १,८४५ एफआईआर दर्ज की गई हैं और ३,९८८ वाहन तथा मशीनें जब्त की गई हैं। खनन विभाग द्वारा अवैध खनन गतिविधियों के विरुद्ध २८.७० करोड़ रुपये के जुर्माने लगाए गए हैं, जिनमें से २७.३३ करोड़ रुपये की वसूली भी की जा चुकी है। यह जानकारी पंजाब के खनन एवं भू-विज्ञान मंत्री श्री बरिंदर कुमार गोयल ने दी।
पंजाब भवन में आज प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कैबिनेट मंत्री श्री बरिंदर कुमार गोयल ने विभाग द्वारा की गई कार्रवाइयों का वार्षिक विवरण साझा करते हुए दर्ज एफआईआर, जब्त किए गए वाहनों एवं मशीनों, लगाए गए जुर्मानों और वसूल की गई राशि के आंकड़े प्रस्तुत किए। उन्होंने कहा कि खनिजों के अवैध उत्खनन और परिवहन को रोकने तथा खनन नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के लिए विभाग द्वारा पुलिस के साथ समन्वय स्थापित करके कार्रवाई तेज़ की गई है।
वार्षिक प्रदर्शन का विवरण देते हुए खनन एवं भू-विज्ञान मंत्री ने बताया कि वर्ष २०२२ के दौरान ७३५ एफआईआर दर्ज की गईं और ८०२ वाहन एवं मशीनें ज़ब्त की गईं। इस दौरान ८९ लाख रुपये के जुर्माने लगाए गए तथा ८८ लाख रुपये वसूल किए गए। वर्ष २०२३ में ४५८ एफआईआर दर्ज हुईं और ९८७ जब्तियां की गईं। इस वर्ष ६.६४ करोड़ रुपये के जुर्माने लगाए गए, जबकि ६.१७ करोड़ रुपये की वसूली की गई।
उन्होंने आगे बताया कि वर्ष २०२४ के दौरान २९४ एफआईआर दर्ज की गईं और १,०७७ वाहन एवं मशीनें जब्त की गईं। इस अवधि में ९.७४ करोड़ रुपये के जुर्माने लगाए गए तथा ९.५६ करोड़ रुपये वसूल किए गए। इसी प्रकार, वर्ष २०२५ में १११ एफआईआर दर्ज हुईं और ४५४ जब्तियां की गईं। इस दौरान २.७६ करोड़ रुपये के जुर्माने लगाए गए, जिनमें से २.७० करोड़ रुपये वसूल किए गए।
वर्ष २०२६ के आंकड़े साझा करते हुए श्री गोयल ने बताया कि विभाग द्वारा इस वर्ष अब तक २४७ एफआईआर दर्ज की गई हैं और ६६८ वाहन एवं मशीनें जब्त की गई हैं। इस अवधि के दौरान ८.६७ करोड़ रुपये के जुर्माने लगाए गए हैं, जिनमें से ८.०२ करोड़ रुपये की वसूली की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि ये आंकड़े अवैध खनन पर अंकुश लगाने के लिए विभाग द्वारा जमीनी स्तर पर की जा रही त्वरित और निरंतर कार्रवाई को दर्शाते हैं।
चालू वर्ष के दौरान की गई कार्रवाइयों की जानकारी देते हुए कैबिनेट मंत्री ने बताया कि जुलाई २०२६ तक विभाग ने पंजाब माइनर मिनरल रूल्स, २०१३ के नियम ७४ और ७५ के तहत ७७ एफआईआर दर्ज कीं और १९२ चालान किए। इस अवधि के दौरान २.०६ करोड़ रुपये के जुर्माने लगाए गए, जिनमें से १.९३ करोड़ रुपये की वसूली की गई।
उन्होंने आगे कहा, "जुलाई से अक्टूबर २०२६ तक विभाग ने संबंधित धाराओं के तहत १७० अन्य एफआईआर दर्ज कीं और ४७६ चालान किए। इस अवधि के दौरान ६.६१ करोड़ रुपये के जुर्माने लगाए गए, जिनमें से ६.१७ करोड़ रुपये वसूल किए गए। इसी प्रकार वर्ष २०२६ के दौरान कुल २४७ एफआईआर दर्ज की गईं और ६६८ चालान किए गए। इस संबंध में ८.६७ करोड़ रुपये के जुर्माने लगाए गए तथा ८.०२ करोड़ रुपये की वसूली की गई।"
कैबिनेट मंत्री ने पंजाब के विभिन्न ज़िलों में पुलिस के समन्वय से खनन विभाग द्वारा हाल ही में की गई कार्रवाइयों का विवरण साझा करते हुए बताया कि ६ अक्टूबर, २०२६ को लुधियाना के सिद्धवां बेट क्षेत्र में रात के समय की गई कार्रवाई के दौरान विभाग ने रेत से भरे एक बिना नंबर वाले टिप्पर को पकड़ा। इस वाहन को स्थानीय पुलिस के हवाले कर दिया गया और थाना सिद्धवां बेट में एफआईआर नंबर २८३/२०२६ दर्ज की गई।
७ अक्टूबर को खनन अधिकारियों और पुलिस की संयुक्त टीम ने अमृतसर की तहसील लोपोके के गांव कोट सिद्धू में अवैध रेत खनन का पता लगाया। कार्रवाई के दौरान इस अवैध गतिविधि से संबंधित तीन जेसीबी मशीनों, एक बिना नंबर वाली खुदाई मशीन और सात टिप्परों की पहचान की गई। इस संबंध में थाना भिंडी सैदां में एफआईआर नंबर १६०/२०२६ दर्ज की गई।
इसी प्रकार, ११ अक्टूबर को रूपनगर जिले के श्री चमकौर साहिब क्षेत्र में संयुक्त टीम द्वारा रात के समय छापेमारी की गई। इस दौरान अवैध खनन में शामिल पांच व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया। टीम ने तीन एक्सकेवेटर/बैकहो लोडर और दो टिप्पर भी जब्त किए। खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, १९५७ की धारा ४(१) और २१(१) के तहत एफआईआर नंबर १७८/२०२६ दर्ज की गई।
१६ अक्टूबर को खनन विभाग ने श्री आनंदपुर साहिब के गांव सवाड़ा में कार्रवाई करते हुए अवैध खुदाई के लिए इस्तेमाल की जा रही एक नारंगी रंग की टाटा हिताची ईएक्स ११० आई पोकलेन मशीन जब्त की। इसे पुलिस के हवाले कर दिया गया तथा जमीन मालिक के खिलाफ एफआईआर नंबर १५२/२०२६ दर्ज की गई। इसी दिन अमृतसर जिले के लोपोके क्षेत्र के गांव कोहाली में अवैध रेत खुदाई में शामिल दो व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर नंबर ३२८/२०२६ दर्ज करके कानूनी कार्रवाई शुरू की गई।
कैबिनेट मंत्री ने आगे बताया कि १७ अक्टूबर की देर रात पठानकोट के गांव जसवां स्थित त्रेहन स्टोन क्रशर पर छापेमारी की गई। वहां से एक पोकलेन मशीन और लगभग ४०० क्यूबिक फीट बजरी से भरा एक बिना नंबर वाला टिप्पर जब्त किया गया। यह क्रशर पहले ही निलंबित किया जा चुका था, लेकिन नियमों का उल्लंघन करते हुए इसका संचालन किया जा रहा था और खनिज सामग्री बेची जा रही थी। थाना तारागढ़ में खान एवं खनिज अधिनियम तथा भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर नंबर १५६/२०२६ दर्ज की गई।
इसी दिन एक अन्य कार्रवाई के दौरान खनन विभाग की टीम ने स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर कपूरथला जिले के गांव खिजरपुर में छापेमारी की। इस दौरान छह टिप्पर, एक पोकलेन मशीन और एक ट्रैक्टर जब्त किया गया। जब्त किए गए दो टिप्परों में लगभग ८००-८०० क्यूबिक फीट रेत भरी हुई थी। इस मामले में लंबा पिंड (जालंधर) के माइकल और पांच अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर नंबर ७६/२०२६ दर्ज की गई। इस मामले में एक व्यक्ति को गिरफ्तार भी किया गया।
२४ अक्टूबर को विभाग के उडऩ दस्ते ने श्री आनंदपुर साहिब के नंगल क्षेत्र के गांव भलाण के निकट एक अन्य कार्रवाई करते हुए संदिग्ध अवैध खनन और खनिज सामग्री के परिवहन के विरुद्ध कार्रवाई की। इस मामले में सिंह ट्रेडर्स क्रशर से संबंधित दो वाहन, जिनमें एक हुंडई और एक टाटा वाहन शामिल हैं, जब्त किए गए। इस संबंध में थाना नंगल, श्री आनंदपुर साहिब में २४ अक्टूबर, २०२६ को एफआईआर नंबर १९५ दर्ज की गई।
अवैध खनन पर रोक लगाने के प्रति भगवंत मान सरकार की दृढ़ प्रतिबद्धता दोहराते हुए कैबिनेट मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने कहा, "विभाग द्वारा पुलिस के सहयोग से अवैध खनन के विरुद्ध कार्रवाई लगातार जारी रहेगी और खनन नियमों का उल्लंघन करने वाले प्रत्येक व्यक्ति के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पंजाब सरकार निरंतर निगरानी, सख्त क्रियान्वयन और प्रत्येक स्तर पर जवाबदेही सुनिश्चित करके अवैध खनन को समाप्त करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।"
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सूचना और लोक संपर्क विभाग, पंजाब
ओलंपियन सुरजीत सिंह हॉकी स्टेडियम में च्साडा पिंडज् बना आकर्षण का केंद्र
अतिरिक्त उपायुक्त ने हॉकी प्रेमियों को पंजाब की समृद्ध संस्कृति और परंपराओं से रूबरू होने के लिए च्साडा पिंडज् आने का दिया निमंत्रण
चंडीगढ़/जालंधर, ३० अक्टूबर :
नागरिकों को अपनी जड़ों और सांस्कृतिक विरासत से जोडऩे की अनूठी पहल के तहत जालंधर जिला प्रशासन द्वारा जारी हॉकी एशियन चैंपियंस ट्रॉफी के दौरान बर्लटन पार्क स्थित ओलंपियन सुरजीत सिंह हॉकी स्टेडियम में च्साडा पिंडज् (हमारा गांव) स्थापित किया गया है। पंजाब की समृद्ध ग्रामीण विरासत और पारंपरिक जीवनशैली की झलक प्रस्तुत करने के उद्देश्य से तैयार किया गया यह सांस्कृतिक केंद्र बहुत कम समय में लोगों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बन गया है।
अतिरिक्त उपायुक्त (जनरल) अमनिंदर कौर बराड़ ने आज च्साडा पिंडज् का दौरा किया और वहां पहुंचे लोगों से बातचीत भी की। उन्होंने कहा कि यहां का वातावरण पारंपरिक पंजाबी जीवनशैली को बेहद जीवंत और वास्तविक रूप में प्रस्तुत करता है। ग्रामीण परिवेश में सजे इस केंद्र की झलक यहां आने वाले लोगों को मंत्रमुग्ध कर देती है। इस प्रदर्शनी में ग्रामीण जीवन की अनेक विशिष्ट विशेषताओं को दर्शाया गया है, जिनमें हाथ से बुनी देसी मंझियां, बारीक कढ़ाई, गेहूं भंडारण के पारंपरिक ढांचे, विरासती कुआं, दीवारों पर की गई रंग-बिरंगी कलाकृतियां तथा हॉकी के गौरवशाली इतिहास को समर्पित विशेष दीवार शामिल हैं।
इस पहल के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए अतिरिक्त उपायुक्त ने कहा कि च्साडा पिंडज् विशेष रूप से युवाओं और शहरी आबादी के लिए अपनी गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत से दोबारा जुडऩे का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने बताया कि पंजाब के समृद्ध विरसे और ग्रामीण जीवनशैली से रूबरू होने के लिए प्रतिदिन सैकड़ों लोग यहां पहुंच रहे हैं। इनमें स्कूलों और कॉलेजों के विद्यार्थी भी बड़ी संख्या में शामिल हैं।
क्षेत्रीय विरासत और खेलों के बीच गहरे संबंधों पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि जिस प्रकार हॉकी पंजाबी संस्कृति और जनजीवन में गहराई से रची-बसी है, उसी प्रकार एक अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिता के दौरान पारंपरिक पंजाबी गांव की इस जीवंत प्रस्तुति ने चैंपियनशिप में एक अलग और यादगार रंग भर दिया है।
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सूचना और लोक संपर्क विभाग, पंजाब
*एशियन चैंपियंस ट्रॉफी को लेकर हॉकी जगत में जबरदस्त उत्साह*
*मैच देखने बड़ी संख्या में पहुंच रहे भारतीय खिलाडिय़ों के परिजन और पूर्व हॉकी खिलाड़ी*
*मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने हॉकी प्रेमियों को दिया सबसे बड़ा उपहार : नितिन कोहली*
*७० से अधिक युवा खिलाड़ी वालंटियर के रूप में निभा रहे हैं सेवाएं*
चंडीगढ़/जालंधर, ३० अक्टूबर
पंजाब की धरती पर पहली बार आयोजित हो रहे अंतरराष्ट्रीय हॉकी टूर्नामेंट एशियन चैंपियंस ट्रॉफी को लेकर हॉकी जगत में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। ओलंपियन सुरजीत हॉकी स्टेडियम में खेले जा रहे मुकाबलों को लेकर न केवल हॉकी प्रेमियों में खासा उत्साह है, बल्कि भारतीय हॉकी टीम में शामिल पंजाबी खिलाडिय़ों के परिजन और देश के पूर्व हॉकी खिलाड़ी भी अपने खिलाडिय़ों का हौसला बढ़ाने के लिए बड़ी संख्या में स्टेडियम पहुंच रहे हैं।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने टूर्नामेंट के उद्घाटन अवसर पर कहा था कि इस प्रतियोगिता के आयोजन से भारतीय हॉकी खिलाडिय़ों की लंबे समय से चली आ रही इच्छा पूरी होगी। जहाँ खिलाड़ी चाहते थे कि उन्हें अपने ही घर और अपनी धरती पर अंतरराष्ट्रीय मुकाबला खेलने का अवसर मिले। अब पंजाब ने वर्ष २०३० में होने वाले हॉकी विश्व कप की मेजबानी के लिए भी अपनी दावेदारी पेश की है। हॉकी इंडिया के महासचिव भोला नाथ ने पंजाब में विकसित किए गए हॉकी के बुनियादी ढांचे को विश्वस्तरीय बताया है।
भारतीय हॉकी टीम में पंजाब के आठ खिलाड़ी शामिल हैं। इनमें कप्तान हरमनप्रीत सिंह, हार्दिक सिंह, मनदीप सिंह, दिलप्रीत सिंह, सुखजीत सिंह, जुगराज सिंह, जरमनप्रीत सिंह और कृष्ण बहादुर पाठक शामिल हैं।
इन खिलाडिय़ों के परिजन भी नियमित रूप से मैच देखने पहुंच रहे हैं। भारतीय टीम के कप्तान हरमनप्रीत सिंह के पिता सरबजीत सिंह, माता राजविंदर कौर, पत्नी अमनदीप कौर, उनके सास-ससुर तथा बेटियां रूहानत और मेहर भी खिलाडिय़ों का उत्साह बढ़ाने के लिए स्टेडियम में मौजूद रहे। हार्दिक सिंह के पिता वरिंदर सिंह भी मैच देखने पहुंचे। उन्होंने पहले मुकाबले के दौरान मुख्यमंत्री की सुरक्षा में एसपी सिक्योरिटी के रूप में अपनी ड्यूटी भी निभाई। हार्दिक की माता ओनिया राय तथा उनके परिवार के सदस्य भी इस अवसर पर मौजूद रहे।
इसके अलावा ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता गुरमेल सिंह, एशियाई खेलों की स्वर्ण पदक विजेता राजबीर कौर, मनदीप सिंह के पिता रविंदर सिंह और माता दविंदरजीत कौर, सुखजीत सिंह के पिता अजीत सिंह और माता कुलदीप कौर, जरमनप्रीत सिंह के पिता बलबीर सिंह और माता कुलविंदर कौर तथा दिलप्रीत सिंह के पिता बलविंदर सिंह और माता सुखवंत कौर भी अपने लाडलों का हौसला बढ़ाने के लिए दर्शक गैलरी में मौजूद रहते हैं।
हार्दिक सिंह का छोटा भाई, जो हाल ही में भारतीय टीम की ओर से जूनियर एशिया कप जीतकर लौटा है, भी अपने बड़े भाई को खेलते हुए देखने के लिए स्टेडियम पहुंचा। इस दौरान एक भावुक और यादगार दृश्य तब देखने को मिला, जब कप्तान हरमनप्रीत सिंह की चार महीने की बेटी मेहर पहली बार हॉकी मैदान में पहुंची। मैच के बाद हरमनप्रीत ने उसे गोद में उठाकर खूब दुलार किया। यह दृश्य खिलाडिय़ों के पारिवारिक जुड़ाव और खेल के प्रति उनके समर्पण का सुंदर उदाहरण बना।
हॉकी पंजाब के प्रधान नितिन कोहली ने कहा कि मुख्यमंत्री स.भगवंत सिंह मान के प्रयासों से पंजाब के इतिहास में पहली बार इस स्तर के अंतरराष्ट्रीय हॉकी टूर्नामेंट का आयोजन संभव हो पाया है। उन्होंने कहा कि यह प्रतियोगिता हॉकी प्रेमियों के लिए मुख्यमंत्री की ओर से एक बड़ा उपहार है। अब उन्हें हॉकी के गढ़ पंजाब में एशिया की सर्वश्रेष्ठ टीमों को अपनी आंखों के सामने खेलते देखने का अवसर मिल रहा है।
हॉकी एशियन चैंपियंस ट्रॉफी को लेकर पूर्व हॉकी खिलाडिय़ों में भी खासा उत्साह है। तीन बार के ओलंपियन और भारतीय हॉकी टीम के पूर्व कप्तान बलजीत सिंह ढिल्लों ने इस आयोजन को पंजाब की हॉकी के लिए शुभ संकेत बताते हुए कहा कि इससे युवा खिलाडिय़ों को नई प्रेरणा मिलेगी। उद्घाटन समारोह में हॉकी सहित विभिन्न खेलों के ओलंपियन और अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी बड़ी संख्या में पहुंचे थे। इसके बाद भी प्रतिदिन होने वाले मुकाबलों के दौरान पूर्व ओलंपियन खिलाडिय़ों की उपस्थिति बनी हुई है।
पंजाब पुलिस में वरिष्ठ पदों पर तैनात ओलंपियन हरप्रीत सिंह मंडेर और ओलंपियन गुरबाज सिंह ने दर्शक गैलरी में बैठकर मैचों का आनंद लिया। मॉस्को ओलंपिक के स्वर्ण पदक विजेता सुरिंदर सिंह सोढ़ी ने तीसरे दिन के मुकाबलों के दौरान खिलाडिय़ों से मुलाकात की। वहीं, ओलंपियन गुरजंट सिंह और गुरविंदर सिंह चंदी ने मैन ऑफ द मैच सम्मान समारोह की अध्यक्षता की।
पूरे टूर्नामेंट के दौरान ७० से अधिक वालंटियर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। इनमें सुरजीत हॉकी अकादमी के खिलाड़ी और कम उम्र के युवा हॉकी खिलाड़ी शामिल हैं। ये युवा न केवल बॉल बॉय की भूमिका निभा रहे हैं, बल्कि टीमों के परिचय के दौरान राष्ट्रीय ध्वज लेकर भी मैदान में पहुंचते हैं। उल्लेखनीय है कि भारतीय हॉकी टीम के मौजूदा खिलाड़ी हरमनप्रीत सिंह, मनदीप सिंह, हार्दिक सिंह, जरमनप्रीत सिंह और कृष्ण पाठक भी कभी इसी स्टेडियम में सुरजीत हॉकी अकादमी के विभिन्न आयु वर्गों में प्रशिक्षण लेकर खेला करते थे। आज इन्हीं खिलाडिय़ों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलते देखकर अकादमी के युवा खिलाड़ी प्रेरणा प्राप्त कर रहे हैं।
जालंधर में २७ अक्टूबर को एशियन चैंपियंस ट्रॉफी का उद्घाटन हुआ था। इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में मेजबान भारत के अलावा दक्षिण कोरिया, जापान, मलेशिया, चीन और बांग्लादेश की टीमें भाग ले रही हैं। २७ अक्टूबर से २ नवंबर तक सभी लीग मुकाबले जालंधर के ओलंपियन सुरजीत हॉकी स्टेडियम में खेले जाएंगे, जबकि ४ और ५ नवंबर को सेमीफाइनल और फाइनल मुकाबले आयोजित होंगे।
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सूचना एवं लोक संपर्क विभाग, पंजाब
अमन अरोड़ा द्वारा ब्रिटिश प्रतिनिधिमंडल के साथ रणनीतिक वार्ता, यू.के. के व्यापार के लिए पंजाब के अनुकूल औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र की पेशकश
क उद्योग मंत्री ने द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ावा देने के लिए औद्योगिक एवं व्यापार विकास नीति २०२६ और एफ.टी.ए. तथा एक्सपोर्ट फैसिलिटेशन सेल के बारे में जानकारी दी
क सी.ई.टी.ए. के तहत कर-मुक्त पहुंच का लाभ उठाने के लिए पंजाब का ध्यान तेजी से विकसित हो रहे क्षेत्रों पर केंद्रित
क पंजाब केवल देश का अन्न भंडार ही नहीं बल्कि आधुनिक उद्योग और नवाचार केंद्र के रूप में भी उभर रहा है: अमन अरोड़ा
चंडीगढ़, ३० अक्टूबर:-
भारत-यूके व्यापक आर्थिक और व्यापार समझौते (सीईटीए) के तहत शून्य-शुल्क का लाभ उठाने के लिए यूके के कारोबारों के लिए पंजाब को एक प्रमुख निर्माण केंद्र के रूप में प्रस्तुत करते हुए पंजाब के उद्योग और वाणिज्य मंत्री श्री अमन अरोड़ा ने इन्वेस्ट पंजाब में चंडीगढ़ स्थित ब्रिटिश डिप्टी हाई कमिश्नर एल्बा समेरीग्लो के नेतृत्व वाले एक उच्च स्तरीय ब्रिटिश प्रतिनिधिमंडल के साथ रणनीतिक वार्ता की। इस दौरान राज्य की नई औद्योगिक और व्यापार विकास नीति २०२६ और द्विपक्षीय व्यापार तथा निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए समर्पित एफ.टी.ए. और एक्सपोर्ट फैसिलिटेशन सेल के बारे में जानकारी दी गई।
इस प्रतिनिधिमंडल में एल्बा समेरीग्लो के अलावा ब्रिटिश हाई कमीशन के व्यापार पर प्रथम सचिव डॉ. निकोलस ग्रीबिट और वरिष्ठ व्यापार सलाहकार अनूप नारायण शामिल थे।
इस बैठक की अध्यक्षता करते हुए श्री अमन अरोड़ा ने पंजाब के उद्योग को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाने और यू.के. की आपूर्ति श्रृंखला से जुडऩे संबंधी राज्य की तैयारियों को उजागर किया। इस दौरान एग्री-बिजनेस, फूड प्रोसेसिंग, इंजीनियरिंग, ऑटो कंपोनेंट और उद्योग-आधारित कौशल विकास जैसे तेजी से विकसित हो रहे क्षेत्रों पर विशेष चर्चा की गई।
श्री अमन अरोड़ा ने कहा कि उत्तर भारत के प्रवेश द्वार के रूप में पंजाब की रणनीतिक स्थिति इसे यू.के. के कारोबारों के लिए एक आदर्श स्थान बनाती है। उन्होंने कहा, "पंजाब केवल भारत का अन्नदाता ही नहीं है, बल्कि यह आधुनिक उद्योग और नवाचार केंद्र के रूप में तेजी से उभर रहा है। यू.के. के प्रतिनिधिमंडल के साथ हमारी बातचीत भारत-यू.के. सी.ई.टी.ए. के तहत व्यापक अवसरों का लाभ उठाने पर केंद्रित थी। एग्री-बिजनेस और इंजीनियरिंग में पंजाब की क्षमताएं यू.के. की विशेषज्ञता के लिए स्वाभाविक रूप से अनुकूल हैं।"
राज्य के निवेशक-अनुकूल गवर्नेंस को उजागर करते हुए उद्योग मंत्री ने औद्योगिक और व्यापार विकास नीति २०२६ के बारे में जानकारी दी, जिसका उद्देश्य विश्व भर के निवेशकों के लिए उद्योग-अनुकूल पारिस्थितिकी तंत्र सुनिश्चित करना है। उन्होंने विश्व भर के कारोबारों को सहायता प्रदान करने के लिए स्थापित एफ.टी.ए. और एक्सपोर्ट फैसिलिटेशन सेल पर भी प्रकाश डाला ताकि ये कारोबार व्यापार समझौतों का लाभ उठा सकें और पंजाब में निर्यात संभावना को बढ़ाया जा सके।
श्री अमन अरोड़ा ने कहा, "औद्योगिक और व्यापार विकास नीति २०२६ और हमारे समर्पित एफ.टी.ए. और एक्सपोर्ट फैसिलिटेशन सेल के साथ हम यू.के. के कारोबारों के लिए एक ऐसा प्लग-एंड-प्ले पारिस्थितिकी तंत्र प्रदान कर रहे हैं जिससे दुनिया भर के लिए "मेक इन पंजाब" को प्रोत्साहित किया जा सके। मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार राज्य को यू.के. के लिए पसंदीदा निवेश स्थान बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।" उन्होंने कहा कि यह साझेदारी औद्योगिक विकास के साथ-साथ युवाओं के लिए बेहतर रोजगार पैदा करेगी।
ब्रिटिश प्रतिनिधिमंडल ने पंजाब के कुशल कार्यबल और औद्योगिक आवश्यकताओं, विशेष रूप से निर्माण और फूड प्रोसेसिंग में, को पूरा करने संबंधी राज्य के प्रयासों में गहरी रुचि दिखाई।
पंजाब की निवेश संबंधी तैयारियों के बारे में बताते हुए, उद्योग और वाणिज्य विभाग के प्रशासनिक सचिव डॉ. बसंत गर्ग ने कहा कि राज्य बाजार तक बेहतर पहुंच, लॉजिस्टिक्स संपर्क और कुशल कार्यबल की पेशकश करता है। उन्होंने कहा कि एफ.टी.ए. और एक्सपोर्ट फैसिलिटेशन सेल सी.ई.टी.ए. ढांचे के तहत नियामक अनुपालन, बाजार संपर्क और निर्यात को प्रोत्साहित करने के लिए यू.के. के कारोबारों को पूर्ण सहायता प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि दोनों पक्ष निरंतर बातचीत जारी रखेंगे और पंजाब के उद्योगों तथा ब्रिटिश कारोबारों के बीच संरचनात्मक बी२बी संपर्क की सुविधा सुनिश्चित करेंगे ताकि विचार-विमर्श को जमीनी स्तर पर निवेशों में बदला जा सके।
इस बैठक में उद्योग विभाग के निदेशक श्री जसप्रीत सिंह, पंजाब वित्तीय कॉर्पोरेशन की एम.डी. श्रीमती सेनू दुग्गल और अन्य अधिकारी भी मौजूद थे।
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सूचना और लोक संपर्क विभाग, पंजाब
गैंगस्टरां ते वार का २८३वां दिन: पंजाब पुलिस द्वारा ५१४ स्थानों पर छापेमारी; १८६ काबू
पुलिस टीमों ने १८७ व्यक्तियों के खिलाफ एहतियाती कार्रवाई की
लोग, एंटी-गैंगस्टर हेल्पलाइन नंबर ९३९४६-९३९४६ के द्वारा गुप्त रूप से गैंगस्टरों के बारे में कर सकते हैं रिपोर्ट
युद्ध नशेयां विरुद्ध के ६०८वें दिन १०६ नशा तस्कर काबू
चंडीगढ़, ३० अक्टूबर:
राज्य में चल रही मुहिम च्गैंगस्टरां ते वारज् के २८३वें दिन पंजाब पुलिस ने आज राज्य भर में गैंगस्टरों के साथियों के पहचाने गए और मैप किए गए ५१४ ठिकानों पर छापेमारी की।
जिक्रयोग्य है कि च्गैंगस्टरां ते वारज् - पंजाब को गैंगस्टर मुक्त राज्य बनाने के लिए निर्णायक जंग, जो २० जनवरी, २०२६ को पुलिस डायरेक्टर जनरल (डीजीपी) पंजाब गौरव यादव द्वारा शुरू की गई थी। एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स (एजीटीएफ) पंजाब के तालमेल से सभी जिलों की पुलिस टीमें राज्य भर में विशेष कार्रवाइयां कर रही हैं।
२८३वें दिन, पुलिस टीमों ने १८६ व्यक्तियों को गिरफ्तार किया; इससे मुहिम की शुरुआत से लेकर अब तक कुल गिरफ्तारियों की गिनती ८१,६८५ हो गई है।
इसके अलावा १८७ व्यक्तियों के खिलाफ एहतियाती कार्रवाई की गई है। पुलिस टीमों ने कार्रवाई दौरान २ भगोड़े अपराधियों को भी गिरफ्तार किया है।
लोग एंटी गैंगस्टर हेल्पलाइन नंबर ९३९४६-९३९४६ के द्वारा वांछित अपराधियों और गैंगस्टरों गुप्त रूप से रिपोर्ट कर सकते हैं और अपराध और आपराधिक गतिविधियों के बारे में सूचना भी दे सकते हैं।
इस दौरान, पुलिस टीमों ने नशों के खिलाफ अपनी मुहिम च्युद्ध नशेयां विरुद्धज् को ६०८वें दिन भी जारी रखते हुए १०६ नशा तस्करों को गिरफ्तार किया गया है और उनके कब्जे में से ४४० ग्राम हेरोइन, ४०० ग्राम अफीम, १०८ नशीली गोलियां और २२,९०० रुपये ड्रग मनी बरामद की गई। इसके साथ ही, सिर्फ ६०८ दिनों में गिरफ्तार किए गए नशा तस्करों की कुल गिनती ८९,५६१ तक पहुंच गई है। नशा छुड़ाऊ मुहिम के हिस्से के रूप में, पंजाब पुलिस ने आज २६ व्यक्तियों को नशा छोडऩे और पुनर्वास का इलाज करवाने के लिए प्रेरित किया है।
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सूचना एवं लोक संपर्क विभाग, पंजाब
*नशा तस्करी और अवैध हथियारों की आपूर्ति के नेटवर्क से जुड़े ८ गिरफ्तार; ११ पिस्तौल और २.२ किलो हेरोइन बरामद*
*गिरफ्तार मुलज़िम विदेश बैठे हैंडलरों के संपर्क में थे: डीजीपी गौरव यादव*
*विदेशी हैंडलर अवैध हथियार आपराधिक तत्वों को आगे बांटने के लिए इन हथियारों की आपूर्ति करवा रहे थे: सीपी अमृतसर हरमनबीर गिल*
चंडीगढ़/अमृतसर, ३० अक्टूबर:
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के निर्देशों के अनुसार पंजाब को सुरक्षित राज्य बनाने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत बड़ी सफलता हासिल करते हुए, अमृतसर कमिश्नरेट पुलिस ने ११ पिस्तौल और २.२९३ किलो हेरोइन सहित आठ व्यक्तियों को गिरफ्तार करके नशा तस्करी और अवैध हथियारों की तस्करी के तीन अलग-अलग नेटवर्कों का पर्दाफाश किया है। यह जानकारी आज यहां डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (डीजीपी) पंजाब गौरव यादव ने दी।
गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों की पहचान करनदीप सिंह उर्फ बब्बू (२४) निवासी भल्ला कॉलोनी अमृतसर; करन सिंह उर्फ वंश (१९) और करनदीप सिंह उर्फ करन (२०) दोनों निवासी गांव नौशहरा ढल्ला, तरनतारन; अंग्रेज सिंह उर्फ शंकी (२८) और राहुल उर्फ शानी (३०) दोनों निवासी गांव घनूपुर काले, अमृतसर; मनप्रीत सिंह उर्फ करन (२२) निवासी गांव अटारी, अमृतसर; कपिल उर्फ पापल (३१) निवासी गोवाल मंडी, अमृतसर और निखिल गिल उर्फ सप (२७) निवासी सदर बाजार कैंट, अमृतसर के रूप में हुई है। गिरफ्तार किए गए मुलज़िमों अंग्रेज सिंह, कपिल उर्फ पापल और निखिल गिल का पुराना आपराधिक पृष्ठभूमि है और इनके खिलाफ एन.डी.पी.एस. एक्ट और शस्त्र अधिनियम के तहत मामले दर्ज हैं।
बरामद किए गए पिस्तौलों में तीन ९एमएम ग्लॉक, दो .३० बोर स्टार, एक .३० बोर बेरेटा, एक .३० बोर पीएक्स-५, तीन .३० बोर, एक देसी .३२ बोर पिस्तौल और चार जिंदा कारतूस शामिल हैं।
डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि प्रारंभिक जांच से पता चला है कि गिरफ्तार मुलज़िम विदेश बैठे हैंडलरों के संपर्क में थे, जो आपराधिक तत्वों में आगे बांटने के लिए अवैध हथियारों की आपूर्ति में मदद करते थे। उन्होंने बताया कि इस नेटवर्क में शामिल अन्य व्यक्तियों की पहचान करने के लिए आगे-पीछे के संबंधों का पता लगाने के लिए आगे की जांच जारी है।
पहले ऑपरेशन की जानकारी साझा करते हुए कमिश्नर ऑफ पुलिस (सीपी) अमृतसर हरमनबीर सिंह गिल ने बताया कि पुलिस टीमों ने पुख्ता सूचना पर कार्रवाई करते हुए थाना छेहरटा से दो पिस्तौलों सहित करनदीप सिंह उर्फ बब्बू को गिरफ्तार किया है।
दूसरे ऑपरेशन में उन्होंने बताया कि भरोसेमंद सूचना पर कार्रवाई करते हुए पुलिस टीमों ने सात पिस्तौलों सहित छह मुलज़िमों करन सिंह उर्फ वंश, अंग्रेज सिंह उर्फ शंकी, मनप्रीत सिंह उर्फ करन, राहुल उर्फ शानी, कपिल उर्फ पापल और निखिल गिल उर्फ सप को गिरफ्तार किया है।
एक और ऑपरेशन में सीपी ने बताया कि पुलिस टीमों ने किसी अन्य सुराग पर कार्रवाई करते हुए थाना छेहरटा के क्षेत्र से दो पिस्तौलों और २.२९३ किलो हेरोइन सहित करनदीप सिंह उर्फ करन को गिरफ्तार किया है। उन्होंने बताया कि इस मामले की आगे की जांच जारी है।
इस संबंध में तीन अलग-अलग मामले दर्ज किए गए हैं, पहला मामला थाना छेहरटा में शस्त्र अधिनियम की धारा २५ के तहत एफ.आई.आर. नं. २५१ दिनांक १७.१०.२०२६; दूसरा मामला थाना ए-डिवीजन में शस्त्र अधिनियम की धारा २५(६), २५(७) और २५(८) के तहत एफ.आई.आर. नं. १५५ दिनांक २४.१०.२०२६ और थाना छेहरटा में शस्त्र अधिनियम की धारा २५(६), २५(७), २५(८) और एन.डी.पी.एस. एक्ट की धारा २१-सी के तहत एफ.आई.आर. नं. २६८ दिनांक २८.१०.२०२६ को दर्ज किए गए हैं।