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पंजाब

Latest News from Punjab October 30, 2026

October 30, 2026 08:39 AM

एशियन चैंपियंस ट्रॉफी २०२६ - दूसरा दिन
भारत, जापान और मलेशिया ने दर्ज की जीत
भारत ने चीन को ५-२ से हराया, जापान ने बांग्लादेश को १-० से मात दी, मलेशिया ने दक्षिण कोरिया को ३-१ से हराया
कैबिनेट मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां ने पंजाब में इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट के आयोजन का श्रेय मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के प्रयासों को दिया
चंडीगढ़ /जालंधर, २९ अक्टूबर:

ओलंपियन सुरजीत सिंह हॉकी स्टेडियम में आज तीन रोमांचक और जोरदार मुकाबले हुए, जिनमें मेजबान भारत, जापान और मलेशिया ने जीत दर्ज की।

पंजाब के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां ने भी भारत-चीन मुकाबला देखा और दोनों टीमों के खिलाडिय़ों से मुलाकात की।

इस अवसर पर मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के निरंतर प्रयासों के कारण ही पंजाब को प्रतिष्ठित एशियन चैंपियंस ट्रॉफी की मेजबानी करने का अवसर मिला है। पंजाब को देश में हॉकी का गढ़ बताते हुए श्री खुड्डियां ने कहा कि राज्य सरकार इस टूर्नामेंट की सफलता के लिए कोई कसर बाकी नहीं छोड़ रही है।

भारत और चीन के बीच हुए बेहद रोमांचक और जोरदार मुकाबले में भारतीय टीम ने चीन को ५-२ से हराया।

भारत के लिए कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने शानदार ड्रैग फ्लिक का प्रदर्शन करते हुए २७वें और ३१वें मिनट में पेनल्टी कॉर्नर के जरिए दो गोल किए। सुखजीत सिंह ने १२वें और ३४वें मिनट में दो मैदानी गोल किए। जुगराज सिंह ने ४७वें मिनट में पेनल्टी कॉर्नर के जरिए गोल किया।

चीन के लिए पेंग यांग ने २६वें मिनट में और चोंगकोंग चेन ने ३६वें मिनट में पेनल्टी कॉर्नर के जरिए गोल किए।

एक अन्य मैच में जापान की टीम ने कड़ी टक्कर दे रही बांग्लादेश की टीम को काफी संघर्ष के बाद १-० से मात दी। जापान की ओर से राइकी फुजीशिमा ने ४०वें मिनट में पेनल्टी कॉर्नर के जरिए गोल किया।

इससे पहले दिन के पहले मुकाबले में मलेशिया ने दक्षिण कोरिया को ३-१ से मात दी। मलेशिया के लिए अजीमुद्दीन कमरुद्दीन ने १०वें मिनट में मैदानी गोल करके खाता खोला। दक्षिण कोरिया ने खेल में वापसी करते हुए ३१वें मिनट में सोंग हे-सोंग के मैदानी गोल की बदौलत स्कोर १-१ से बराबर कर दिया।

इसके बाद मलेशिया की टीम ने शानदार हॉकी का प्रदर्शन करते हुए दो और गोल दागे। मोहम्मद अकीमुल्ला अनवर एसुक ने ३६वें मिनट में पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदलकर अपनी टीम को २-१ की बढ़त दिलाई। इसके बाद ५०वें मिनट में फैजल बिन सारी ने मलेशिया के लिए एक और गोल करके स्कोर ३-१ कर दिया, जो अंत तक कायम रहा।
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अब पंजाब में ही नौकरियां मिलने से युवाओं के विदेश जाने के रुझान पर लगी रोक: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

पासपोर्ट बनवाने की मांग घटी, क्योंकि युवा अब पंजाब में ही अपना भविष्य बना रहे हैं: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

पहले रोजगार के अवसर न होने के कारण युवा विदेश जाने के लिए मजबूर थे: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

हमने ७०,००० सरकारी नौकरियां दीं, भर्ती के बदले पैसे लेने का हम पर कोई आरोप नहीं लगा: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

आज पंजाब के हर गांव के विकास पर खर्च किए जा रहे हैं करोड़ों रुपये: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

सरकारी स्कूलों की बदली तस्वीर के चलते इस वर्ष ८८२ विद्यार्थियों ने नीट परीक्षा पास की: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

सत्ता की भूख में आपस में लडऩे वाले कांग्रेसी और अकाली नेता पंजाब का भला नहीं कर सकते: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

नशों के नाम पर पंजाब को बदनाम करने वालों को देना होगा हिसाब; मुख्य सरगना के खिलाफ ४०,००० पन्नों का आरोपपत्र दाखिल किया: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

मजीठिया के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल, अब जवाबदेही से नहीं बच सकेंगे: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने लुधियाना के जगराओं विधानसभा क्षेत्र के गांव कमालपुरा में च्लोक मिलनीज् कार्यक्रम के दौरान लोगों से किया संवाद

जगराओं, २९ अक्टूबर, २०२६:

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज दावा किया कि उनकी सरकार पंजाब में ही रोजगार के अवसर पैदा कर रही है, जिससे युवा विदेश जाने के लिए मजबूर होने के बजाय अपने ही राज्य में अपना भविष्य संवार रहे हैं। उन्होंने युवाओं को ७०,००० सरकारी नौकरियां देने, सरकारी स्कूलों में सुधार के परिणामस्वरूप इस वर्ष ८८२ विद्यार्थियों के नीट (राष्ट्रीय पात्रता कम प्रवेश परीक्षा) पास करने और गांवों के विकास के लिए करोड़ों रुपये के फंड जारी करने को पंजाब की बदलती तस्वीर का प्रमाण बताया।

लुधियाना जिले के जगराओं विधानसभा क्षेत्र के गांव कमालपुरा में आयोजित च्लोक मिलनीज् कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने गांव के सर्वांगीण विकास कार्यों के लिए सरपंच को ५१ लाख रुपये का चेक सौंपा। उन्होंने किसानों और महिलाओं के प्रति अपनी सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई तथा पंजाब की प्रगति के लिए काम करने के बजाय कुर्सी की खातिर आपस में लडऩे वाले कांग्रेसी और अकाली नेताओं पर तीखे निशाने साधे। उन्होंने शिरोमणि अकाली दल (बादल) के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किए जाने का उल्लेख करते हुए कहा कि अब मजीठिया के लिए जवाबदेही से बचना मुश्किल हो जाएगा।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने अपने च्एक्सज् हैंडल पर कहा, "आज लुधियाना के जगराओं विधानसभा क्षेत्र के गांव कमालपुरा में च्लोक मिलनीज् कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में जुटे लोगों को संबोधित किया और गांव के सर्वांगीण विकास के लिए सरपंच को ५१ लाख रुपये का चेक सौंपा। उन्होंने कहा कि एक साधारण किसान परिवार से होने के कारण वह किसानों की मुश्किलों को भली-भांति समझते हैं। इसी कारण उनकी सरकार ने कृषि ट्यूबवेलों के लिए रात के बजाय दिन के समय बिजली देना शुरू किया है, ताकि किसानों को होने वाली परेशानी से राहत मिल सके। उन्होंने कहा कि माताएं-बहनें भी अपने बैंक खाते और एटीएम तैयार रखें, क्योंकि सम्मान राशि जल्द ही उनके खातों में आने वाली है। उन्होंने आगे कहा कि जहां विपक्षी दल आपसी पदों और कुर्सी के लिए लड़ रहे हैं, वहीं उनकी सरकार का एकमात्र लक्ष्य पंजाब की तरक्की और खुशहाली है।"
जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "जरनैलों और खिलाडिय़ों की धरती के रूप में पहचाने जाने वाले पंजाब को नशों से जोड़कर बदनाम करने वालों को अपने गुनाहों का हिसाब देना पड़ेगा।" उन्होंने कहा कि मुख्य सरगना के खिलाफ ४०,००० पन्नों का आरोपपत्र दाखिल किया गया है। उनके अनुसार, संबंधित व्यक्ति ने अपने सत्ता के कार्यकाल के दौरान सरकारी गाडिय़ों में नशे की तस्करी करवाई थी। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि राज्य के संसाधनों को लूटने और युवाओं की जिंदगी बर्बाद करने वाले ये लोग आपस में मिले हुए हैं और इन्हें अपने कुकर्मों का जवाब देना ही पड़ेगा।
अपने निजी हितों की रक्षा के लिए एकजुट होने वाले राजनीतिक नेताओं पर कटाक्ष करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ये नेता अंदरखाते तो एकजुट रहते हैं, लेकिन राजनीतिक लाभ के लिए सार्वजनिक रूप से लोगों में विभाजन पैदा करने वाले और आपसी कटुता बढ़ाने वाले बयान देते हैं।
शिरोमणि अकाली दल के नेतृत्व पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने पंजाब की भौगोलिक स्थिति और भाषा के बारे में उनकी समझ पर सवाल उठाए। उन्होंने बादल परिवार के राजनीतिक वारिस की पंजाबी भाषा पर पकड़ को लेकर भी कटाक्ष किया। उन्होंने कहा, "राज्य की भाषा और जमीनी हकीकत से कोसों दूर रहने वाले ये नेता कभी भी यहां के लोगों की आवाज नहीं बन सकते।"
कांग्रेस पर तीखा हमला करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह पार्टी इसलिए हाशिये पर चली गई है, क्योंकि इसके नेता जनता की सेवा करने के बजाय मुख्यमंत्री की कुर्सी हासिल करने में अधिक दिलचस्पी रखते हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस, अकाली दल और भाजपा के नेताओं का साझा मकसद केवल उन्हें मुख्यमंत्री पद से हटाना है, क्योंकि उनकी सरकार ने जनकल्याण को प्राथमिकता दी है।
उन्होंने कहा, "कांग्रेस, अकाली और भाजपा के नेता मुझे और मेरे परिवार को निशाना बनाने का कोई अवसर नहीं छोड़ते, लेकिन वे आपस में कभी एक-दूसरे के खिलाफ नहीं बोलते। उनका साझा एजेंडा केवल मुझे सत्ता से हटाना है, क्योंकि हम पंजाब के लोगों के लिए काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि लोगों का समर्थन उनकी सबसे बड़ी ताकत है और इसी ताकत के बल पर वे पंजाब विरोधी ताकतों को मात देते रहेंगे।"
पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के कार्यकाल का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों ने उनकी सरकार को इसलिए नकार दिया था, क्योंकि वह आम लोगों की रोजमर्रा की परेशानियों से पूरी तरह अनजान रहे। उन्होंने कहा कि सत्ता का इस्तेमाल संपत्तियां बनाने या अपना प्रभाव बनाए रखने के लिए नहीं, बल्कि जनसेवा के लिए किया जाना चाहिए।
अपनी सरकार के रोजगार संबंधी रिकॉर्ड को उजागर करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बिना किसी सिफारिश या रिश्वत के, पूरी पारदर्शिता के साथ केवल योग्यता के आधार पर युवाओं को ७०,००० से अधिक सरकारी नौकरियाँ दी गई हैं। उन्होंने कहा, "पहले युवा पंजाब में रोजगार न मिलने के कारण विदेशों का रुख करने के लिए मजबूर थे और सरकारी नौकरियाँ केवल पैसे तथा राजनीतिक पहुँच रखने वालों को ही मिलती थीं। आज पंजाब में सरकारी नौकरी हासिल करने का एकमात्र आधार योग्यता है। हमारे युवाओं को बिना कोई पैसा दिए और बिना किसी सिफारिश के पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से नौकरी पाने के अवसर मिल रहे हैं।"

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि सरकार ऐसा वातावरण तैयार कर रही है, जिसमें युवा रोजी-रोटी की तलाश में पलायन करने के बजाय पंजाब में ही अपना भविष्य बना सकें। उन्होंने कहा, "पंजाब की विकास नीति अवसरों का विस्तार करने, सार्वजनिक सेवाओं को और मजबूत बनाने तथा सरकारी संसाधनों को आम परिवारों तक पहुँचाने पर केंद्रित है।"

शिक्षा को गरीबी चक्र समाप्त करने का सबसे प्रभावी साधन बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हालिया परिणामों में पंजाब के सरकारी स्कूलों के ८८२ विद्यार्थियों ने नीट परीक्षा उत्तीर्ण की है, जबकि वर्ष २०२१ में यह संख्या केवल ८० थी। उन्होंने कहा, "देशभर में हर साल ३० लाख से अधिक विद्यार्थी नीट परीक्षा देते हैं। हमारे सरकारी स्कूलों के ८८२ विद्यार्थियों का यह परीक्षा उत्तीर्ण करना सरकारी शिक्षा के स्तर में आए सुधार को दर्शाता है। हम चाहते हैं कि आम परिवारों के बच्चों को भी डॉक्टर और अन्य पेशेवर बनने के वही अवसर मिलें, जो महंगे निजी स्कूलों में पढऩे वाले बच्चों को मिलते हैं।"

मुख्यमंत्री ने कहा कि केवल मुफ्त सुविधाओं या कल्याणकारी कार्डों से गरीबी को स्थायी रूप से समाप्त नहीं किया जा सकता, बल्कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा ही स्थायी अवसर और सामाजिक प्रगति प्रदान कर सकती है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार जनता के पैसे को सरकारी स्कूलों को मजबूत बनाने और शिक्षा के विस्तार पर खर्च कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब के ९० प्रतिशत से अधिक परिवारों को मुफ्त बिजली मिल रही है और किसानों को अब दिन के समय बिजली उपलब्ध करवाई जा रही है, जिससे रात के समय खेतों में सिंचाई करने की कठिनाइयाँ समाप्त हो गई हैं।

उन्होंने कहा, "हमारी सरकार ने सड़कों में सुधार किया, आम लोगों की जेब पर बोझ डालने वाले टोल प्लाजा बंद किए, स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत किया और गाँवों के बुनियादी ढाँचे में निवेश किया। टोल प्लाजा बंद होने से लोगों के प्रतिदिन लगभग ७० लाख रुपये बच रहे हैं। करों के माध्यम से एकत्र किया गया एक-एक रुपया जनता का है। इस पैसे का ईमानदारी से जनता के कल्याण के लिए उपयोग करना हमारी जिम्मेदारी है। लोगों का पैसा बेहतर स्कूलों, अस्पतालों, सड़कों, बिजली और विकास कार्यों के माध्यम से वापस उन्हीं तक पहुँचना चाहिए।"

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि गाँवों के विकास के लिए अनुदान दिए जा रहे हैं और सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि ग्रामीण समुदायों को आवश्यक बुनियादी ढाँचा तथा सुविधाएँ उपलब्ध हों।

नशों के विरुद्ध लड़ाई में खेलों की भूमिका पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं को खेलों से जोडऩे और उन्हें सुनहरे भविष्य की ओर अग्रसर करने के लिए पंजाबभर में ३,१०० खेल स्टेडियम बनाए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि खेलों के बुनियादी ढाँचे में निवेश से ग्रामीण युवाओं को बेहतर सुविधाएँ मिलेंगी, खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहन मिलेगा और नशों की राह पर जाने वाले युवाओं को एक सार्थक विकल्प उपलब्ध होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने लोगों पर इलाज का आर्थिक बोझ कम करने के उद्देश्य से प्रति परिवार १० लाख रुपये तक के कैशलेस उपचार की सुविधा के लिए च्मुख्यमंत्री सेहत योजनाज् शुरू की है।

उन्होंने इस योजना को गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा उपचार तक आसान पहुँच सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा कदम बताते हुए कहा कि अब परिवारों को इलाज के दौरान आर्थिक तंगी का सामना नहीं करना पड़ेगा। उन्होंने कहा, "स्वास्थ्य सुविधाएँ कभी भी ऐसा बोझ नहीं बननी चाहिए, जो परिवारों को कर्ज के नीचे दबा दें। मुख्यमंत्री सेहत योजना के माध्यम से हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि लोग खर्च की चिंता किए बिना अपना इलाज करवा सकें।"

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने बताया कि च्मावां धीयां सत्कार योजनाज् के तहत १८ वर्ष और इससे अधिक आयु की प्रत्येक पात्र महिला को वित्तीय सहायता दी जा रही है । इसके अंतर्गत पंजाब की प्रत्येक महिला को १,००० रुपये प्रतिमाह और अनुसूचित जाति की महिलाओं को १,५०० रुपये प्रतिमाह मिलेंगे। उन्होंने कहा कि यह राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में हस्तांतरित की जाएगी और पहले से सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्राप्त कर रही महिलाएँ भी इस योजना की पात्र होंगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस योजना से पंजाब की ९७ प्रतिशत महिलाओं को लाभ मिलने की उम्मीद है और इसे लागू करने के लिए राज्य के बजट में ९,३०० करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

उन्होंने महिलाओं से अपील की कि वे अपने बैंक खाते सक्रिय रखें और आवश्यक दस्तावेज तैयार रखें, ताकि उन्हें बिना किसी परेशानी के वित्तीय सहायता मिल सके।

सिंचाई के बुनियादी ढाँचे को मजबूत करने के लिए सरकार के प्रयासों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि १,५८७ गाँवों के खेतों तक नहरी पानी पहुँचाया गया है, जहाँ पहले कभी नहरी पानी नहीं पहुँचता था। उन्होंने कहा, "हमारी सरकार ने नहरी सिंचाई का विस्तार करने और किसानों के लिए पानी की उपलब्धता बढ़ाने के लिए ७,२०० करोड़ रुपये खर्च किए हैं। हमारी सरकार के सत्ता में आने के बाद नहरी सिंचाई के अंतर्गत आने वाला क्षेत्र २६ प्रतिशत से बढ़कर ८० प्रतिशत से अधिक हो गया है। वर्ष २०२२ में नहरी पानी केवल २०.८९ लाख एकड़ क्षेत्र तक पहुँचता था, जो अब बढ़कर ६०.३० लाख एकड़ हो गया है।"

उन्होंने आगे बताया कि राज्यभर में आवागमन को सुगम बनाने और संपर्क व्यवस्था को बेहतर करने के लिए लगभग ४५,००० किलोमीटर सड़कों का नवीनीकरण किया जा रहा है।

अपने संबोधन के अंत में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने दोहराया कि उनकी सरकार का मुख्य ध्यान जनकल्याण, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और ग्रामीण विकास पर रहेगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि पंजाब के लोग उन कार्यों में सरकार का हमेशा साथ देंगे, जो उनके जीवन स्तर को ऊँचा उठाने और राज्य के भविष्य को मजबूत बनाने की दिशा में केंद्रित हैं।
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सूचना एवं लोक संपर्क विभाग, पंजाब
गैंगस्टरां ते वार का २८२वां दिन: पंजाब पुलिस ने ५२८ ठिकानों पर की छापेमारी; १८८ काबू
— पुलिस टीमों ने १५३ व्यक्तियों के खिलाफ एहतियातन कार्रवाई की
— लोग एंटी-गैंगस्टर हेल्पलाइन नंबर ९३९४६-९३९४६ के माध्यम से गोपनीय रूप से गैंगस्टरों के बारे में दे सकते हैं जानकारी
— युद्ध नशों विरूद्ध के ६०७वें दिन २१.३ किलोग्राम हेरोइन सहित १०५ नशा तस्कर काबू
चंडीगढ़, २९ अक्टूबर:

राज्य में चलाए जा रहे अभियान च्गैंगस्टरां ते वारज् के २८२वें दिन पंजाब पुलिस ने आज पूरे राज्य में गैंगस्टरों के सहयोगियों के चिह्नित एवं मैप किए गए ५२८ ठिकानों पर छापेमारी की।

उल्लेखनीय है कि पंजाब को गैंगस्टर मुक्त राज्य बनाने के लिए निर्णायक लड़ाई के रूप में च्गैंगस्टरां ते वारज् अभियान २० जनवरी, २०२६ को पंजाब के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव द्वारा शुरू किया गया था। एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स (एजीटीएफ), पंजाब के समन्वय से सभी जिलों की पुलिस टीमें राज्यभर में विशेष अभियान चला रही हैं।

अभियान के २८२वें दिन पुलिस टीमों ने १८८ व्यक्तियों को गिरफ्तार किया। इसके साथ ही अभियान की शुरुआत से अब तक गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों की कुल संख्या बढ़कर ८१,४९९ हो गई है।

इसके अतिरिक्त, १५३ व्यक्तियों के खिलाफ एहतियातन कार्रवाई की गई। पुलिस टीमों ने इस कार्रवाई के दौरान १२ भगोड़े अपराधियों को भी गिरफ्तार किया।

लोग एंटी-गैंगस्टर हेल्पलाइन नंबर ९३९४६-९३९४६ के माध्यम से वांछित अपराधियों और गैंगस्टरों के बारे में गोपनीय रूप से जानकारी दे सकते हैं। इसके अलावा, अपराध और आपराधिक गतिविधियों से संबंधित सूचनाएं भी पुलिस के साथ साझा कर सकते हैं।

इस बीच, पंजाब पुलिस ने नशों के खिलाफ अपनी मुहिम च्युद्ध नशों विरुद्धज् के ६०७वें दिन भी अभियान जारी रखते हुए १०५ नशा तस्करों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से २१.३ किलोग्राम हेरोइन, १९१ नशीली गोलियां और ५,६५० रुपये की ड्रग मनी बरामद की गई। इसके साथ ही, इस अभियान के तहत केवल ६०७ दिनों में गिरफ्तार किए गए नशा तस्करों की कुल संख्या बढ़कर ८९,१३० हो गई है।
नशामुक्ति अभियान के तहत पंजाब पुलिस ने आज १८ व्यक्तियों को नशामुक्ति एवं पुनर्वास उपचार करवाने के लिए भी राजी किया।
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सूचना एवं लोक संपर्क विभाग, पंजाब
पंजाब की मंडियों में धान की सरकारी खरीद १०० लाख मीट्रिक टन से पार: लाल चंद कटारूचक्क
४.७१ लाख किसानों के खातों में २०,००० करोड़ रुपये से अधिक की राशि जमा
चंडीगढ़, २९ अक्टूबर:

पंजाब की मंडियों में सरकारी एजेंसियों द्वारा धान की कुल खरीद १०१.९६ लाख मीट्रिक टन (एलएमटी) से अधिक हो गई है, जो राज्य के लिए एक बड़ी उपलब्धि है।

इसके साथ ही ४.७१ लाख किसानों के बैंक खातों में २०,७१३.२४ करोड़ रुपये से अधिक की राशि जमा करवाई जा चुकी है।

इस संबंध में जानकारी देते हुए खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले मंत्री श्री लाल चंद कटारूचक्क ने राज्य में चल रहे धान खरीद सीजन की समीक्षा के लिए बुलाई गई बैठक के दौरान दी।

उन्होंने बताया कि अब तक ७० लाख मीट्रिक टन धान का उठान हो चुका है, जो ७२ घंटे के चक्र के हिसाब से लगभग ८६ प्रतिशत है।

खरीद प्रक्रिया को सुचारु ढंग से संपन्न करने के लिए राज्य में २,५०० से अधिक मंडियां चालू हैं और किसानों की फसल २,४६१ रुपये प्रति क्विंटल के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खरीदी जा रही है।

श्री कटारूचक्क ने आगे कहा कि राज्य सरकार धान खरीद के लिए निर्धारित १८० लाख मीट्रिक टन के लक्ष्य को आसानी से प्राप्त कर लेगी।

मंत्री ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि यह सुनिश्चित किया जाए कि बाहरी राज्यों का धान पंजाब की मंडियों में न बिके। उन्होंने कृषि क्षेत्र के हितों की रक्षा के लिए इस संबंध में कड़ी निगरानी रखने पर जोर दिया।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों द्वारा कड़ी मेहनत से पैदा किए गए अनाज के एक-एक दाने की खरीद के लिए प्रतिबद्ध है।

इस अवसर पर खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के प्रमुख सचिव श्री राहुल तिवारी, निदेशक श्री वरिंदर कुमार शर्मा, अतिरिक्त निदेशक डॉ. अंजुमन भास्कर एवं श्री अजयवीर सिंह सराओ तथा महाप्रबंधक (वित्त) श्री सर्वेश कुमार भी उपस्थित थे।
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सूचना एवं लोक संपर्क विभाग, पंजाब
वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने विभागों को योग्य आउटसोर्स कर्मचारियों को ठेके पर रखने की प्रक्रिया में तेजी लाने के दिए निर्देश
भगवंत मान सरकार २०२६ के कानून के तहत आउटसोर्स कर्मचारियों को समयबद्ध तरीके से ठेके पर रखने के लिए प्रतिबद्ध: हरपाल सिंह चीमा
नेत्रहीन उम्मीदवारों के लिए ग्रुप डी के २८ पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी, बैकलॉग के रिक्त पद भी जल्द भरे जाएंगे: हरपाल सिंह चीमा
योग्य आउटसोर्स कर्मचारियों को ठेके पर रखने में प्रशासनिक देरी बर्दाश्त नहीं होगी: हरपाल सिंह चीमा
वित्त मंत्री ने कर्मचारियों की प्रमुख मांगों के समाधान के लिए १० कर्मचारी यूनियनों और मोर्चों के साथ महत्वपूर्ण बैठकों की अध्यक्षता की
चंडीगढ़, २९ अक्टूबर २०२६

कर्मचारियों के कल्याण के प्रति भगवंत मान सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने राज्य सरकार के सभी विभागों को निर्देश दिए हैं कि वे आवश्यक औपचारिकताएं तत्काल पूरी करके योग्य मामलों को कार्मिक विभाग के पास भेजें, ताकि आउटसोर्स कर्मचारियों को समयबद्ध तरीके से सीधे ठेके के आधार पर नियुक्त किया जा सके।

कर्मचारियों की शिकायतों के समाधान के लिए गठित कैबिनेट सब-कमेटी के चेयरमैन एवं वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने एनलिस्टमेंट आउटसोर्सिंग कोऑर्डिनेशन कमेटी के साथ उच्चस्तरीय विचार-विमर्श की अध्यक्षता करते हुए कहा कि इन निर्देशों का उद्देश्य च्पंजाब स्टेट आउटसोस्र्ड पर्सनल (ट्रांजिशन टू कॉन्ट्रैक्चुअल एंगेजमेंट) एक्ट, २०२६ज् के प्रभावी और सुचारु क्रियान्वयन को सुनिश्चित करना है।

उन्होंने विभिन्न कर्मचारी यूनियनों और संयुक्त मोर्चों के १० प्रतिनिधिमंडलों के साथ बैठकें कीं। वित्त मंत्री ने जोर देकर कहा कि योग्य कर्मचारियों को राज्य सरकार के साथ सीधे ठेके पर रखने की कानूनी प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की प्रशासनिक बाधा के कारण अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए।

परिवहन विभाग के कर्मचारी प्रतिनिधियों के साथ बातचीत के दौरान वित्त मंत्री चीमा ने उनकी लंबित मांगों की स्थिति की समीक्षा की और संबंधित विभागीय अधिकारियों को इनके शीघ्र निपटारे के निर्देश दिए। इसके बाद सीपीएफ कर्मचारी यूनियन के प्रतिनिधियों के साथ बैठक में उन्होंने भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार उनकी समस्याओं का सकारात्मक और शीघ्र समाधान करने के लिए सक्रियता से काम कर रही है।

नेशनल फेडरेशन ऑफ द ब्लाइंड के प्रतिनिधिमंडल से बातचीत करते हुए वित्त मंत्री ने बताया कि नेत्रहीन उम्मीदवारों के लिए आरक्षित ग्रुप डी के २८ रिक्त पदों को भरने के लिए आधिकारिक भर्ती प्रक्रिया पहले से ही जारी है। उन्होंने आश्वासन दिया कि अन्य श्रेणियों में बैकलॉग के तहत खाली पड़े पदों को भी संबंधित पदों के लिए आयोजित होने वाली आगामी भर्ती प्रक्रियाओं के दौरान भरा जाएगा।

शिक्षा विभाग की चार अलग-अलग कर्मचारी यूनियनों के प्रतिनिधिमंडलों के साथ बैठक के दौरान कैबिनेट मंत्री ने उनकी मांगों को ध्यानपूर्वक सुना। उन्होंने भरोसा दिलाया कि उनकी अधिकांश प्रमुख मांगें शीघ्र प्रशासनिक मंजूरी देने के लिए पहले से ही विचाराधीन हैं।

ग्राम पंचायत जल आपूर्ति पंप ऑपरेटर एसोसिएशन की ओर से न्यूनतम दैनिक वेतन के संबंध में सौंपे गए मांगपत्र पर कार्रवाई करते हुए वित्त मंत्री ने संबंधित विभाग को बिना किसी देरी के औपचारिक प्रस्ताव तैयार करके प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।

इन बैठकों के दौरान एनलिस्टमेंट आउटसोर्सिंग कोऑर्डिनेशन कमेटी की ओर से वरिंदर सिंह मोमी, रमनदीप सिंह, पवनदीप सिंह, जगदीप सिंह, लछमण सिंह, हरजिंदर पाल सिंह, जसप्रीत सिंह और जतिंदर सिंह भंगू; पनबस/पीआरटीसी कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स यूनियन पंजाब (२५/११) की ओर से रेशम सिंह गिल, शमशेर सिंह और हरकेश कुमार; पंजाब रोडवेज (पनबस) स्टेट ट्रांसपोर्ट वर्कर यूनियन की ओर से हरमिंदर सिंह और लखविंदर सिंह; ३७०४ अध्यापक यूनियन की ओर से जगजीवन कौर और वीरकरण सिंह; एआईई कच्चे अध्यापक यूनियन की ओर से तजिंदर कौर और हरमन सिंह; मिड-डे मील कार्यालय कर्मचारियों की ओर से परवीन शर्मा और दीपक नागपाल; पुनर्बहाल कच्चे शिक्षक यूनियन की ओर से विकास साहनी और लखविंदर कौर; नेशनल फेडरेशन ऑफ द ब्लाइंड की ओर से बलविंदर सिंह, गुरप्रीत सिंह, जसवंत सिंह, परमिंदर सिंह और कमलजीत सिंह; ग्राम पंचायत जल आपूर्ति पंप ऑपरेटर एसोसिएशन की ओर से बेअंत सिंह, हरप्रीत सिंह और साहिब सिंह; तथा सीपीएफ कर्मचारी यूनियन की ओर से सुखजीत सिंह डिंपी, जरनैल सिंह औजला, गुरमेल सिंह विर्क, धर्मिंदर सिंह और रणबीर सिंह ने बैठकों में अपने मुद्दे और मांगें रखीं।
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सूचना एवं लोक संपर्क विभाग, पंजाब
पीएसपीसीएल ने अक्टूबर २०२६ के इनोवेशन प्रतियोगिता में चयनित विचारों को लागू करने के लिए टीम लीडर नियुक्त किए
चंडीगढ़/पटियाला, २९ अक्टूबर, २०२६:

पंजाब के मुख्यमंत्री स.भगवंत सिंह मान और बिजली मंत्री तरुनप्रीत सिंह सौंद के नेतृत्व में पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (पीएसपीसीएल) ने अक्टूबर २०२६ की मासिक इनोवेशन प्रतियोगिता के दौरान चयनित नवीन विचारों को व्यावहारिक रूप देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस दिशा में चयनित विचारों को प्रभावी ढंग से लागू करने, उनकी प्रगति की निगरानी करने और निर्धारित समय-सीमा के भीतर लक्ष्यों को पूरा करने के लिए समर्पित टीम लीडर नियुक्त किए गए हैं।

प्रतियोगिता के दौरान पीएसपीसीएल ने कर्मचारियों के नवाचारपूर्ण विचारों को मान्यता देते हुए उन्हें प्रशंसा-पत्र देकर सम्मानित किया। इन विचारों का मुख्य उद्देश्य संगठन की कार्यक्षमता में सुधार करना, कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी एवं व्यवस्थित बनाना तथा उपभोक्ताओं को प्रदान की जाने वाली सेवाओं की गुणवत्ता बढ़ाना है। प्रशंसा-पत्र प्राप्त करने वाले कर्मचारियों के अतिरिक्त सात अन्य प्रतिभागियों को भी अपने-अपने विचारों के क्रियान्वयन के लिए टीम लीडर नियुक्त किया गया है। इन पहलों को धरातल पर उतारने के लिए पीएसपीसीएल ने एक व्यवस्थित कार्यान्वयन ढांचा तैयार किया है।

नियुक्त टीम लीडरों में मुख्य अभियंता/मीटरिंग इंजीनियर विकास शर्मा, उप मुख्य अभियंता इंजीनियर गुलशन चुटानी, उप मुख्य अभियंता इंजीनियर जसवीर धीमान, अधीक्षण अभियंता इंजीनियर परउपकार सिंह, अधीक्षण अभियंता इंजीनियर अमनदीप सिंह, अधीक्षण अभियंता इंजीनियर चरण कंवल सिंह, सीएओ/मुख्यालय सीएमए जसविंदर सिंह, सीएफओ सीए सुमित बंसल, एएसई इंजीनियर गुरविंदर सिंह, वरिष्ठ कार्यकारी अभियंता इंजीनियर हरमनदीप सिंह, एईई इंजीनियर प्रिंस कुमार, एईई इंजीनियर पियूष गर्ग, एईई इंजीनियर गौरव गुप्ता और एईई इंजीनियर ओंकारप्रीत सिंह शामिल हैं।

ये टीम लीडर अपने-अपने प्रोजेक्टों की योजना बनाने, संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित करने तथा चयनित विचारों को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए जिम्मेदार होंगे। संबंधित विभागाध्यक्ष (एचओडी) इन परियोजनाओं के क्रियान्वयन के लिए आवश्यक सहयोग और संसाधन उपलब्ध करवाएंगे। वहीं, नियुक्त टीम लीडर निर्धारित समय-सीमा के भीतर कार्यों को पूरा करने और अपेक्षित परिणाम हासिल करने की प्रमुख जिम्मेदारी निभाएंगे।

चयनित विचारों को लागू करने के दौरान यदि मौजूदा नियमों में संशोधन करने, नए नियम बनाने अथवा आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने की जरूरत पड़ती है, तो संबंधित निदेशक निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार उचित कार्रवाई शुरू करेंगे। इससे नवाचारों को लागू करने में आने वाली प्रशासनिक एवं प्रक्रियागत बाधाओं को दूर करने में मदद मिलेगी।

इस कार्ययोजना के तहत सभी नियुक्त टीम लीडरों को ३१ अक्टूबर, २०२६ तक पीईआरटी (प्रोग्राम इवैल्यूएशन एंड रिव्यू टेक्नीक) चार्ट जमा करवाने के निर्देश दिए गए हैं। इस चार्ट में संबंधित परियोजनाओं की प्रस्तावित गतिविधियों, निर्धारित समय-सीमा, महत्वपूर्ण चरणों और कार्यान्वयन कार्यक्रम का विस्तृत विवरण शामिल होगा। इसके माध्यम से परियोजनाओं की नियमित निगरानी, कार्यों की प्रगति का आकलन और समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने में सहायता मिलेगी।

इस पहल के माध्यम से पीएसपीसीएल का उद्देश्य कर्मचारियों की रचनात्मकता और नवाचारपूर्ण सोच को प्रोत्साहित करना, संगठनात्मक कार्यक्षमता को मजबूत बनाना तथा उपयोगी विचारों को ठोस एवं व्यावहारिक सुधारों में बदलना है। यह पहल कर्मचारियों की प्रतिभा को पहचानने, संगठन के विकास में उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने और निरंतर सुधार की संस्कृति को बढ़ावा देने के प्रति पीएसपीसीएल की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
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सूचना एवं लोक संपर्क विभाग, पंजाब

*तरन तारन में लगभग ५.९४ करोड़ रुपये की लागत से बन रहा अंबेडकर भवन निर्माण के अंतिम चरण में: डॉ. बलजीत कौर*

*बाबा साहेब के सामाजिक न्याय, समानता और शिक्षा के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का सशक्त केंद्र बनेगा भवन*

*एक एकड़ में फैला तीन मंजिला भवन कौशल विकास, प्रशिक्षण, पुस्तकालय और सामाजिक गतिविधियों को देगा नया आधार*

*मुख्यमंत्री स.भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार सामाजिक न्याय और सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध*

चंडीगढ़, २९ अक्टूबर:

पंजाब की सामाजिक न्याय, अधिकारिता एवं अल्पसंख्यक मामलों की मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार सामाजिक समानता, सामाजिक न्याय और वंचित वर्गों के सशक्तीकरण के लिए बुनियादी ढांचे को लगातार मजबूत कर रही है। इसी कड़ी में तरनतारन जिले में लगभग ५.९४ करोड़ रुपये की लागत से बनाया जा रहा अंबेडकर भवन अब निर्माण के अंतिम चरण में पहुंच गया है।

डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि लगभग एक एकड़ क्षेत्र में बन रहा यह तीन मंजिला अंबेडकर भवन करीब २३,१२० वर्ग फुट के कुल क्षेत्र में फैला हुआ है। भवन के भूतल पर व्यावसायिक प्रशिक्षण कक्ष, शिक्षक कक्ष, जिला एवं तहसील सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता अधिकारी के कार्यालय तथा एक विशाल बहुउद्देशीय हॉल का निर्माण किया गया है। पहली मंजिल पर सम्मेलन कक्ष, जिला एवं तहसील सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता अधिकारियों के कार्यालयों के साथ कर्मचारियों के लिए कक्ष, रसोईघर और भंडार कक्ष बनाए गए हैं। वहीं, दूसरी मंजिल पर पुस्तकालय, अभिलेख कक्ष, अतिथि कक्ष तथा जिला एवं तहसील सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता अधिकारी के कार्यालय की व्यवस्था की गई है।

उन्होंने बताया कि भवन का लगभग ९५ प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो चुका है और शेष कार्य भी जल्द ही पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि जनता को समर्पित किए जाने के बाद यह भवन प्रशिक्षण, कौशल विकास, संगोष्ठियों, सामाजिक जागरूकता कार्यक्रमों, पुस्तक अध्ययन और सामुदायिक गतिविधियों के एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में विकसित होगा।

डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि यह भवन केवल एक इमारत नहीं है, बल्कि भारत रत्न बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर द्वारा दिए गए सामाजिक न्याय, समानता, शिक्षा और संवैधानिक मूल्यों के संदेश को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का एक सशक्त माध्यम साबित होगा। इससे सामाजिक एकता, जन-जागरूकता और समावेशी विकास को और मजबूती मिलेगी।

उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार ऐसे जनकल्याणकारी परियोजनाओं को प्राथमिकता दे रही है, जो समाज के प्रत्येक वर्ग को समान अवसर प्रदान करने के साथ-साथ एक समावेशी, प्रगतिशील और रंगला पंजाब बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

डॉ. बलजीत कौर ने दोहराया कि पंजाब सरकार बाबा साहेब डॉ. बी.आर. अंबेडकर के सपनों को साकार करने, सामाजिक न्याय को और मजबूत बनाने तथा जनकल्याणकारी विकास कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

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