हरियाणा मानवाधिकार आयोग ने बाल संरक्षण तंत्र को और अधिक सुदृढ़ बनाने पर दिया जोर
महिला एवं बाल विकास विभाग के साथ समीक्षा बैठक में बाल देखभाल संस्थानों, पुनर्वास एवं बच्चों के अधिकारों से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर हुई विस्तृत चर्चा
चंडीगढ़, 22 जुलाई – हरियाणा मानवाधिकार आयोग (एचएचआरसी) के अध्यक्ष माननीय न्यायमूर्ति ललित बत्रा की अध्यक्षता में आज आयोग के चंडीगढ़ स्थित कार्यालय में महिला एवं बाल विकास विभाग, हरियाणा के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में राज्य में बाल अधिकारों की सुरक्षा, बाल देखभाल संस्थानों (चाइल्ड केयर इंस्टीट्यूशन्स) की कार्यप्रणाली, पुनर्वास तंत्र तथा संस्थागत व्यवस्थाओं को और अधिक प्रभावी एवं सुदृढ़ बनाने पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया।
बैठक में हरियाणा मानवाधिकार आयोग के न्यायिक सदस्य श्री कुलदीप जैन, सदस्य श्री दीप भाटिया एवं श्री रवि कुमार सोंधी, रजिस्ट्रार (विधि एवं विधिक) श्री संजय कुमार खंडूजा, रजिस्ट्रार (न्यायिक) डॉ. पुनीत अरोड़ा तथा सहायक रजिस्ट्रार सुश्री सिम्मी नैयर एवं सुश्री सान्या सप्रा उपस्थित रहीं। महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से आयुक्त एवं सचिव श्री शेखर विद्यार्थी, निदेशक डॉ. प्रियंका सोनी सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने बैठक में भाग लिया।
बैठक के दौरान आयोग द्वारा निर्धारित विभिन्न बिंदुओं पर विभाग ने विस्तृत अनुपालना रिपोर्ट प्रस्तुत की तथा बाल संरक्षण से संबंधित व्यवस्थाओं पर प्रस्तुतीकरण भी दिया।
मिशन वात्सल्य के तहत बच्चों को मिल रही वित्तीय सहायता
बैठक में बाल देखभाल संस्थानों को उपलब्ध कराई जा रही वित्तीय सहायता एवं अनुदान व्यवस्था की समीक्षा की गई। इस अवसर पर आयुक्त एवं सचिव श्री शेखर विद्यार्थी ने बताया कि मिशन वात्सल्य के तहत प्रत्येक बच्चे को प्रतिमाह 3,000 रुपये की रखरखाव सहायता प्रदान की जा रही है। इसके अतिरिक्त, सरकारी संस्थानों के लिए प्रति बच्चा 1,000 रुपये अतिरिक्त सहायता उपलब्ध कराने का प्रस्ताव भारत सरकार को भेजा गया है।
निदेशक डॉ. प्रियंका सोनी ने बताया कि संशोधित वित्तीय मानकों संबंधी अधिसूचना सितंबर, 2026 तक जारी होने की संभावना है। उन्होंने कहा कि पात्र संस्थानों को समयबद्ध तरीके से अनुदान उपलब्ध कराने के लिए लंबित मामलों की समीक्षा की जा रही है।
राज्य में संचालित हैं 63 बाल देखभाल संस्थान
बैठक में बताया गया कि राज्य में 63 बाल देखभाल संस्थान संचालित हैं, जिनमें मिशन वात्सल्य के मानकों के अनुरूप अधीक्षक, परामर्शदाता, केस वर्कर, शिक्षक, चिकित्सकीय एवं सहायक स्टाफ की नियुक्तियां की गई हैं। संस्थानों के आधारभूत ढांचे के उन्नयन एवं रखरखाव के लिए भी आवश्यक वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
नियमित निरीक्षण से सुनिश्चित हो रही जवाबदेही
विभाग ने जानकारी दी कि किशोर न्याय (बालकों की देखरेख एवं संरक्षण) अधिनियम, 2015 के तहत गठित राज्य एवं जिला स्तरीय समितियां नियमित रूप से संस्थानों का निरीक्षण कर रही हैं। हाल ही में नूंह, रेवाड़ी, अंबाला, करनाल, सोनीपत और पानीपत स्थित संस्थानों का निरीक्षण किया गया है तथा उनकी अनुपालना रिपोर्ट की निरंतर निगरानी की जा रही है। हरियाणा मानवाधिकार आयोग राज्य स्तरीय निरीक्षण समिति का सदस्य होने के नाते प्रत्येक निरीक्षण की सूचना आयोग को उपलब्ध कराई जाती है।
सभी बच्चों के पहचान दस्तावेज तैयार करने पर विशेष जोर
आयोग के सदस्य श्री दीप भाटिया ने सभी बच्चों के आधार कार्ड, जन्म प्रमाण पत्र एवं आयुष्मान भारत कार्ड सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर बल दिया। विभाग ने बताया कि अधिकांश बच्चों के पहचान दस्तावेज तैयार किए जा चुके हैं तथा नए बच्चों के प्रवेश के साथ ही आधार नामांकन की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी जाती है।
बैठक में यह भी बताया गया कि पात्र युवाओं को आफ्टर केयर कार्यक्रम के माध्यम से उच्च शिक्षा, कौशल विकास एवं पुनर्वास संबंधी सहायता प्रदान की जा रही है। जिला बाल संरक्षण इकाइयों एवं संस्थानों में परामर्शदाताओं की नियुक्ति की गई है तथा आवश्यकता पड़ने पर विशेषज्ञ मानसिक स्वास्थ्य सेवाएं एवं नियमित प्रशिक्षण भी उपलब्ध कराया जाता है।
शिक्षा एवं कौशल विकास से जोड़े जा रहे हैं बच्चे
विभाग ने अवगत कराया कि सभी पात्र बच्चों का विद्यालयों में नामांकन सुनिश्चित किया गया है। उन्हें आईटीआई आधारित व्यावसायिक प्रशिक्षण, मुक्त एवं दूरस्थ शिक्षा, योग, जीवन कौशल विकास कार्यक्रमों तथा पुनर्वास योजनाओं से जोड़ा जा रहा है। साथ ही, नियमित स्वास्थ्य परीक्षण, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के तहत स्वास्थ्य जांच तथा पोषण एवं स्वच्छता संबंधी व्यवस्थाओं की निरंतर निगरानी की जा रही है।
बैठक के अंत में हरियाणा मानवाधिकार आयोग ने बाल अधिकारों की सुरक्षा, संस्थागत पारदर्शिता तथा गुणवत्तापूर्ण देखभाल एवं पुनर्वास व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक सुझाव दिए। आयोग एवं महिला एवं बाल विकास विभाग ने बच्चों एवं महिलाओं के अधिकारों की सुरक्षा तथा उनके समग्र कल्याण के लिए समन्वित एवं सतत प्रयास जारी रखने का संकल्प दोहराया।
क्रमांक : 2026
मिशन वात्सल्य : बाल कल्याण सेवाओं को मिलेगी और मजबूती
हरियाणा के बाल देखभाल संस्थानों में रहने वाले पात्र बच्चों को मिलेगा आयुष्मान भारत योजना का लाभ
स्वास्थ्य, शिक्षा, कौशल विकास, खेल गतिविधियों एवं पुनर्वास सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय
चंडीगढ़, 22 जुलाई-हरियाणा सरकार ने मिशन वात्सल्य के तहत बाल संरक्षण, स्वास्थ्य सेवाओं और पुनर्वास व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ करने के लिए कई महत्वपूर्ण पहलों को मंजूरी दी है। इसके अलावा, बाल देखभाल संस्थानों में रहने वाले पात्र बच्चों को आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत स्वास्थ्य कवरेज प्रदान करने का भी निर्णय लिया है।
मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में आज यहां हुई राज्य स्तरीय निगरानी समिति की बैठक में इस आशय के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।
बैठक में बच्चों के समग्र संरक्षण, देखभाल और पुनर्वास को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से विशेष स्वास्थ्य सेवाओं, ब्रिज एजुकेशन, कौशल विकास प्रशिक्षण, दत्तक ग्रहण सेवाओं, खेल गतिविधियों, कानूनी सहायता, संस्थागत आधारभूत संरचना तथा विभागों के बीच बेहतर समन्वय से संबंधित विभिन्न उपायों की भी समीक्षा कर उन्हें मंजूरी दी गई।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्य सचिव ने कहा कि मिशन वात्सल्य राज्य में ऐसा व्यापक बाल संरक्षण तंत्र विकसित कर रहा है, जो देखभाल एवं संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चों तथा कानून से संघर्षरत बच्चों के लिए स्वास्थ्य, शिक्षा, परामर्श, पुनर्वास, कानूनी सहायता और सामाजिक पुनर्स्थापन जैसी सेवाओं को एकीकृत रूप से उपलब्ध कराता है। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए बाल कल्याण सेवाओं की समयबद्ध उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
समिति ने यह भी निर्णय लिया कि राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के तहत सभी बाल देखभाल संस्थानों में हर तिमाही विशेष स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित किए जाएंगे, जिनमें दंत रोग, ईएनटी, त्वचा रोग तथा अन्य विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। स्वास्थ्य विभाग को विशेष आवश्यकता वाले बच्चों सहित सभी बच्चों के दत्तक ग्रहण की प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए मेडिकल एग्जामिनेशन रिपोर्ट (एमईआर) समयबद्ध रूप से तैयार करने के निर्देश दिए गए।
समिति ने दत्तक ग्रहण प्रक्रिया को गति देने के लिए पुलिस विभाग द्वारा नॉन-क्लेमेंट सर्टिफिकेट (एनसीसी) समय पर जारी करने तथा मिशन वात्सल्य पोर्टल पर बच्चों से संबंधित सूचनाओं को नियमित रूप से अद्यतन करने पर भी बल दिया।
समिति ने ऑब्जर्वेशन होम, स्पेशल होम और प्लेस ऑफ सेफ्टी में ब्रिज एजुकेशन को मजबूत करने तथा योग्य शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने की भी समीक्षा की। साथ ही बच्चों को रोजगारोन्मुखी कौशल प्रदान करने और भविष्य में आजीविका के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए कौशल विकास एवं व्यावसायिक प्रशिक्षण कार्यक्रमों का विस्तार करने का निर्णय लिया गया। वर्तमान में संस्थागत देखभाल में रह रहे बच्चों के लिए सीसीटीवी मरम्मत और सिलाई प्रशिक्षण जैसे व्यावसायिक पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं।
बैठक में राज्य के सभी बाल देखभाल संस्थानों में मनोवैज्ञानिक सेवाओं को मजबूत करने के लिए राज्य मानसिक स्वास्थ्य संस्थान, हरियाणा के सहयोग से मनोवैज्ञानिकों की तैनाती के प्रस्ताव पर भी चर्चा की गई। समिति ने विशेष किशोर पुलिस इकाइयों (एसजेपीयू) के कार्यों की समीक्षा करते हुए प्रशिक्षित बाल कल्याण पुलिस अधिकारियों की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा अन्य जिलों एवं राज्यों से संबंधित बच्चों के परिवारों का पता लगाने की प्रक्रिया को और प्रभावी बनाने पर जोर दिया। इसके अलावा, गृह विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, पुलिस तथा अन्य एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए, ताकि बाल संरक्षण संबंधी कानूनों का प्रभावी क्रियान्वयन हो सके।
बाल देखभाल संस्थानों में रहने वाले बच्चों के पुनर्वास और सकारात्मक विकास को बढ़ावा देने के लिए नियमित एवं संरचित खेल और शारीरिक गतिविधियों के आयोजन पर भी बल दिया गया। इन गतिविधियों का उद्देश्य बच्चों की ऊर्जा को सकारात्मक दिशा देना, शारीरिक फिटनेस, अनुशासन, टीम भावना तथा भावनात्मक संतुलन को प्रोत्साहित करना है।
बैठक में हिसार में विकसित किए जा रहे एकीकृत बाल देखभाल परिसर की प्रगति की भी समीक्षा की गई। इस परिसर में 50-50 बच्चों की क्षमता वाले ऑब्जर्वेशन होम, स्पेशल होम तथा प्लेस ऑफ सेफ्टी स्थापित किए जा रहे हैं। समिति ने नए परिसर और वर्तमान संस्थानों में आवश्यक मानव संसाधन की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर भी विचार किया, ताकि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण देखभाल मिल सके।
बैठक में कानून से संघर्षरत बच्चों के लिए निःशुल्क कानूनी सहायता को और सुदृढ़ करने तथा पॉक्सो मामलों की प्रभावी निगरानी और समयबद्ध कानूनी सहायता सुनिश्चित करने के लिए अभियोजन विभाग एवं जिला बाल संरक्षण इकाइयों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर भी जोर दिया गया।
महिला एवं बाल विकास विभाग के आयुक्त एवं सचिव श्री शेखर विद्यार्थी ने बताया कि मिशन वात्सल्य के तहत प्रदेश में मजबूत संस्थागत ढांचा विकसित किया गया है। राज्य में वर्तमान में 22 बाल कल्याण समितियां, 22 किशोर न्याय बोर्ड, देखभाल एवं संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चों के लिए 56 बाल देखभाल संस्थान तथा कानून से संघर्षरत बच्चों के लिए 7 संस्थान संचालित किए जा रहे हैं। जून 2026 तक मिशन वात्सल्य एवं पॉक्सो अधिनियम के संबंध में 641 जागरूकता शिविरों का आयोजन किया गया, जिनसे 37,136 बच्चों को बाल अधिकारों, कानूनी सुरक्षा, ऑनलाइन सुरक्षा और दुर्व्यवहार की रोकथाम संबंधी जानकारी प्रदान की गई।
महिला एवं बाल विकास विभाग की निदेशक डॉ. प्रियंका सोनी ने राज्य सरकार की प्रमुख बाल कल्याण योजनाओं की प्रगति की जानकारी देते हुए बताया कि हरिहर नीति के तहत परित्यक्त एवं समर्पित बच्चों को वयस्क होने के बाद रोजगार, शिक्षा एवं वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। वहीं मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के माध्यम से कोविड-19 महामारी के दौरान अपने माता-पिता अथवा अभिभावकों को खोने वाले बच्चों को निरंतर सहायता प्रदान की जा रही है।
मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी ने कहा कि हरियाणा सरकार बच्चों के लिए संवेदनशील, समावेशी और उत्तरदायी संरक्षण प्रणाली विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके लिए स्वास्थ्य, शिक्षा, परामर्श, कानूनी सहायता, कौशल विकास और संस्थागत आधारभूत संरचना को लगातार मजबूत किया जा रहा है, ताकि प्रत्येक जरूरतमंद बच्चे को सुरक्षित, सम्मानजनक और बेहतर भविष्य के लिए आवश्यक अवसर उपलब्ध हो सकें।
क्रमांक-2026
जीएमसीबीएल के बेड़े में शामिल हुई पहली इलेक्ट्रिक बस, नियमित संचालन से पहले तीन दिन का ट्रायल
-जल्द जुड़ेंगी 24 और इलेक्ट्रिक बसें, चरणबद्ध तरीके से होगा 100 ई-बसों का संचालन
-यात्रियों के लिए जल्द लॉन्च होगा नया 'लूप कार्ड', किराये में 2% की छूट और ऑनलाइन रिचार्ज की सुविधा
-गुरुग्राम की सभी बसों में यूपीआई से किराया भुगतान शुरू, डिजिटल और कैशलेस सफर को मिलेगा बढ़ावा
चंडीगढ़, 22 जुलाई - गुरुग्राम मेट्रोपॉलिटन सिटी बस लिमिटेड ने अपने बस बेड़े में पहली इलेक्ट्रिक बस शामिल कर शहर के सार्वजनिक परिवहन में एक नई शुरुआत की है। पूरी तरह वातानुकूलित 25-सीटो वाली इस इलेक्ट्रिक बस का नियमित संचालन शुरू करने से पहले इसका विभिन्न मार्गों पर तीन दिनों तक ट्रायल किया जाएगा। इस दौरान बस के प्रदर्शन, परिचालन क्षमता और यात्री सुविधाओं का मूल्यांकन किया जाएगा।
इस विषय में जानकारी देते हुए जीएमडीए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पी.सी. मीणा ने कहा कि जीएमसीबीएल के बेड़े में पहली इलेक्ट्रिक बस का शामिल होना गुरुग्राम के सार्वजनिक परिवहन को आधुनिक, स्वच्छ और पर्यावरण-अनुकूल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि जीएमसीबीएल आधुनिक तकनीक, डिजिटल सेवाओं और हरित परिवहन को बढ़ावा देकर शहर में सार्वजनिक परिवहन को अधिक सुविधाजनक, विश्वसनीय और आकर्षक बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रहा है।
उन्होंने बताया कि 100 इलेक्ट्रिक बसों के संचालन की योजना का यह पहला चरण है। पहले चरण में 25 इलेक्ट्रिक बसें बेड़े में शामिल की जाएंगी। चरणबद्ध तरीके से बेड़े में 100 ई-बसें शामिल की जाएंगी । इनके संचालन से शहर की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था और मजबूत होगी तथा यात्रियों को आधुनिक, सुरक्षित और पर्यावरण-अनुकूल यात्रा का बेहतर विकल्प उपलब्ध होगा।
इलेक्ट्रिक बसों के साथ-साथ जीएमसीबीएल सार्वजनिक परिवहन को अधिक स्मार्ट, सुविधाजनक और डिजिटल बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम उठा रहा है। इसी क्रम में नए एवं उन्नत 'लूप कार्ड' का परीक्षण शुरू किया गया है, जिसे जल्द लॉन्च किया जाएगा। साथ ही गुरुग्राम की सभी बसों में किसी भी यूपीआई प्लेटफॉर्म से किराया भुगतान की सुविधा भी लागू कर दी गई है। इन पहलों से यात्रियों को अधिक सुविधाजनक, तेज और कैशलेस यात्रा का अनुभव मिलेगा।
नया एवं उन्नत 'लूप कार्ड'
यात्रियों को बेहतर डिजिटल टिकटिंग सुविधा उपलब्ध कराने के लिए जीएमसीबीएल ने नए एवं उन्नत 'लूप कार्ड' का परीक्षण शुरू किया है। परीक्षण सफल रहने के बाद इसे शीघ्र ही यात्रियों के लिए लॉन्च किया जाएगा। यह प्रीपेड स्मार्ट कार्ड 100 रुपये के शुरुआती भुगतान पर उपलब्ध होगा और इस पूरी राशि का उपयोग बस किराये के भुगतान में किया जा सकेगा। कार्डधारकों को प्रत्येक यात्रा पर 2 प्रतिशत किराये की छूट मिलेगी। साथ ही ऑनलाइन रिचार्ज की सुविधा भी होगी, जिससे यात्रियों को रिचार्ज काउंटर पर जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।
मौजूदा स्मार्ट कार्ड धारकों को अपने कार्ड की शेष राशि नए 'लूप कार्ड' में स्थानांतरित कराने की सुविधा भी मिलेगी। यह कार्ड जीएमसीबीएल बसों के परिचालकों के साथ-साथ इफको चौक मेट्रो स्टेशन, मिलेनियम सिटी सेंटर मेट्रो स्टेशन, सेक्टर-52 बस डिपो, सेक्टर-10 बस डिपो, डूंडाहेड़ा बस स्टॉप और हीरो होंडा चौक बस स्टॉप पर उपलब्ध होगा।
यूपीआई के किसी भी प्लेटफॉर्म से होगा बस किराये का भुगतान
डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देते हुए जीएमसीबीएल ने गुरुग्राम की सभी बसों में किसी भी यूपीआई प्लेटफॉर्म से किराया भुगतान की सुविधा शुरू कर दी है। सभी बस परिचालकों को स्मार्ट पीओएस (प्वाइंट ऑफ सेल) मशीनें उपलब्ध कराई गई हैं, जिनके माध्यम से यात्री किसी भी यूपीआई-सक्षम मोबाइल ऐप से बस में ही तुरंत, सुरक्षित और कैशलेस तरीके से किराया अदा कर सकते हैं।
श्री मीणा ने बताया कि वर्तमान में लगभग 28 प्रतिशत किराया डिजिटल माध्यमों से प्राप्त हो रहा है। जीएमसीबीएल का लक्ष्य कैशलेस भुगतान को और बढ़ावा देकर बस यात्रा को अधिक तेज, पारदर्शी और सुविधाजनक बनाना है।
उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रिक बसें, स्मार्ट टिकटिंग और डिजिटल भुगतान जैसी पहलें गुरुग्राम में आधुनिक, तकनीक-आधारित और यात्री-केंद्रित सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। आने वाले समय में इन पहलों से शहर के नागरिकों को अधिक स्वच्छ, स्मार्ट, सुविधाजनक और निर्बाध यात्रा का अनुभव मिलेगा।
क्रमांक 2026
खाद्य सुरक्षा मानकों की अवहेलना करने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई - मनोज कुमार
- आवश्यक दिशा-निर्देश किये गए जारी
चंडीगढ़, 22 जुलाई - हरियाणा के खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग द्वारा "सुरक्षित भोजन स्वस्थ भारत" मुहिम के तहत राज्य में सभी खाद्य विक्रेताओं के लिए खाद्य सुरक्षा मानकों पर आधारित आवश्यक दिशा निर्देश जारी किए गए हैं। इनकी अनुपालना न करने वालों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के तहत सख्त कार्यवाई अमल में लाई जाएगी।
खाद्य एवं औषधि प्रशासन के आयुक्त श्री मनोज कुमार ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि खाद्य विक्रेताओं को जारी निर्देशों का मुख्य उद्वेश्य आम जनता को बीमारियों से बचाना और उनके लिए खाने की गुणवता में सुधार लाना है। उन्होंने बताया कि सुरक्षित भोजन ही सफल व्यवसाय की पहचान है। स्वच्छता अपनाएंगे तो ग्राहकों का विश्वास बढेगा। आज सुरक्षित भोजन कल का स्वस्थ जीवन है, इसलिए खाद्य विक्रेता ग्राहकों की सेहत के मध्येनजर इन नियमों का पालन करें और एक जिम्मेदार नागरिक बनें।
उन्होंने बताया कि सभी खाद्य विक्रेताओं को एफएसएसएआई द्वारा जारी लाईसेंस के तहत आवश्यक खाद्य नियमों की अनदेखी करने वालों पर पैनी नजर रखी जा रही है। इसके लिए खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को तैनात किया गया है।
उन्होंने बताया कि विभाग के आदेशानुसार स्ट्रीट फूड कार्ट, रेहड़ियों, खाने पीने की दूकानों, रेस्टोरेंट ढाबों आदि पर कटे हुए फल, तैयार व पका हुआ भोजन बेचने वाले विक्रेताओं को अपने कार्य में सुरक्षा एवं स्वच्छता बरतते हुए नियमों की कड़ाई से पालना सुनिश्चित की जानी चाहिए।
आयुक्त ने बताया कि खाद्य विक्रेताओं को बेचने के लिए रखे गए सभी खाद्य पदार्थो को अनिवार्य रूप से साफ एवं खाद्य ग्रेड जाली से ढककर रखा जाए ताकि भोजन मक्खियों, धूल, कीटों एवं अन्य बाहरी प्रदूषण से सुरक्षित रह सके। कोई भी तैयार की हुई खाद्य सामग्री बिना जाली से ढके व खुले में प्रदर्शित नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने बताया कि खाद्य सामग्री में स्वच्छ पेयजल का ही उपयोग किया जाए। व्यक्तिगत स्वच्छता बनाए रखें और खाद्य सामग्री के उपयोग एवं बनाते समय साफ एप्रेन, हेड कैप एवं दस्तानों का प्रयोग करें। कच्चे एवं पके हुए खाद्य पदार्थों को अलग अलग रखा जाए।
उन्होंने निर्देश दिए कि खाद्य सम्पर्क में आने वाले बर्तन, उपकरण एवं कार्यस्थल को नियमित रूप से साफ एवं सेनिटाईज किया जाए तथा प्रत्येक खाद्य विक्रेता एफएसएसएआई पंजीकरण को अवश्य प्रदर्शित करें।
क्रमांक2026
*भगवान श्री जगन्नाथ की रथ यात्रा भारतीय संस्कृति, समरसता और सेवा का जीवंत प्रतीक: मुख्यमंत्री*
*हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने पंजाब के राजपुरा में आयोजित भगवान श्री जगन्नाथ रथ यात्रा में की शिरकत*
चंडीगढ़, 22 जुलाई- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि भगवान श्री जगन्नाथ की रथ यात्रा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भारतीय सनातन संस्कृति, सामाजिक समरसता, सेवा और मानवता के कल्याण का जीवंत संदेश है। यह यात्रा हमें प्रेम, सेवा, समानता और राष्ट्र एकता का मार्ग दिखाती है तथा समाज को जोड़ने का कार्य करती है।
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी आज पंजाब के राजपुरा में आयोजित भगवान श्री जगन्नाथ रथ यात्रा में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए और श्रद्धालुओं को बधाई व शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने भगवान जगन्नाथ के रथ की रस्सी खींची और झाड़ू लगाकर उपस्थितगण को स्वच्छता अपनाने का संदेश दिया। उन्होंने भगवान श्री जगन्नाथ, बलभद्र जी तथा माता सुभद्रा के चरणों में शीश नवाते हुए कहा कि भगवान श्री जगन्नाथ सम्पूर्ण मानवता के नाथ हैं। उनके दरबार में किसी प्रकार का ऊंच-नीच, जाति, वर्ग अथवा अमीरी-गरीबी का भेद नहीं होता। रथ यात्रा का सबसे बड़ा संदेश यही है कि ईश्वर के समक्ष सभी समान हैं और प्रेम, सेवा तथा समर्पण ही सच्ची भक्ति का आधार हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान श्री जगन्नाथ की हजारों वर्षों पुरानी रथ यात्रा भारत की सांस्कृतिक विरासत का गौरवशाली प्रतीक है। इस यात्रा में हजारों लोग मिलकर रथ की रस्सी खींचते हैं, जहां किसी की जाति, भाषा अथवा सामाजिक स्थिति नहीं पूछी जाती। यही हमारी सनातन संस्कृति और ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ की भावना का सजीव स्वरूप है।
उन्होंने कहा कि भारत की संस्कृति सदैव ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ का संदेश देती आई है। आज जब विश्व विभाजन, हिंसा और संघर्ष जैसी चुनौतियों का सामना कर रहा है, तब भगवान श्री जगन्नाथ की रथ यात्रा प्रेम, सेवा, भाईचारे और एकता का संदेश देकर पूरी मानवता को नई दिशा प्रदान करती है।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर इस्कॉन संस्था के सेवा कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि संस्था पिछले दो दशकों से संस्कार, गौसेवा, गीता प्रचार, अन्नदान, युवा जागरण और मानव सेवा के माध्यम से समाज में सकारात्मक परिवर्तन का अभियान चला रही है। उन्होंने सभी स्वयंसेवकों को इस महान कार्य के लिए बधाई दी। इस अवसर पर पूर्व मंत्री श्री असीम गोयल सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
क्रमांक-2026
*हरियाणा में 99.99 प्रतिशत मतदाताओं को गणना प्रपत्र वितरित*
*बीएलओ को फॉर्म जमा कराने के लिए केवल दो दिन शेष*
चंडीगढ़, 22 जुलाई- प्रदेश में विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के अंतर्गत अब तक 2,06,54,668 (99.99 प्रतिशत) मतदाताओं को गणना प्रपत्र वितरित किए जा चुके हैं। इनमें से 1,72,28,926 (83.41 प्रतिशत) गणना प्रपत्रों को बीएलओ द्वारा डिजिटाइज्ड/अपलोड भी किया जा चुका है। शेष मतदाताओं के पास अपने भरे हुए गणना प्रपत्र बीएलओ को वापस जमा कराने के लिए केवल दो दिन का समय शेष है।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ए. श्रीनिवास ने बताया कि निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार प्रत्येक मतदाता को गणना प्रपत्र की दो प्रतियां उपलब्ध कराई गई हैं। मतदाता द्वारा अपना विवरण भरकर स्वयं अथवा परिवार के किसी सदस्य के हस्ताक्षर करने के बाद एक प्रति बीएलओ को जमा करनी है जबकि बीएलओ के हस्ताक्षरयुक्त दूसरी प्रति रसीद के रूप में अपने पास सुरक्षित रखनी है। उन्होंने बताया कि 31 जुलाई 2026 को प्रकाशित होने वाली प्रारंभिक मतदाता सूची-2026 में केवल उन्हीं मतदाताओं के नाम शामिल किए जाएंगे, जिनके हस्ताक्षरित गणना प्रपत्र बीएलओ को प्राप्त होंगे। यदि किसी मतदाता का गणना प्रपत्र बीएलओ को प्राप्त नहीं होता है तो उसका नाम प्रारंभिक मतदाता सूची में शामिल नहीं किया जाएगा।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि मतदाता चाहें तो निर्वाचन आयोग के पोर्टल voters.eci.gov.in पर भी अपना गणना प्रपत्र ऑनलाइन भर सकते हैं। साथ ही हरियाणा के सभी राष्ट्रीय एवं राज्य मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों से भी अपील की गई है कि वे अपने बीएलए-2 (बूथ लेवल एजेंट-2) के माध्यम से मतदाताओं को जागरूक करें तथा आयोग के निर्देशानुसार गणना प्रपत्र भरवाकर बीएलओ को जमा करवाने में सहयोग करें।
उन्होंने बताया कि विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान पूर्व मतदाता सूची के साथ मिलान करने पर जिन मतदाताओं के विवरण में किसी प्रकार की विसंगति पाई गई है, वे 31 जुलाई 2026 के बाद आवश्यक दस्तावेज बीएलओ को उपलब्ध कराएं।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि जो मतदाता किसी कारणवश अपना गणना प्रपत्र निर्धारित अवधि में बीएलओ को वापस जमा नहीं करा पाएंगे वे 31 जुलाई से 30 अगस्त 2026 तक आवश्यक दस्तावेजों सहित फॉर्म-6 भरकर अपना नाम पुनः मतदाता सूची में शामिल कराने के लिए आवेदन कर सकेंगे।
क्रमांक-2026
राज्यपाल ने गौशाला के नवीनीकरण कार्य का किया शुभारंभ
चंडीगढ़, 22 जुलाई - हरियाणा के राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष ने बुधवार को लोक भवन स्थित गौशाला के नवीनीकरण कार्य का विधिवत भूमि पूजन कर शुभारंभ किया।
इस नवीनीकरण कार्य के अंतर्गत गौशाला में गायों के लिए आधुनिक एवं सुव्यवस्थित शेडों का निर्माण किया जाएगा। इसके अलावा, गोवंश के संरक्षण, देखभाल एवं रखरखाव के लिए आवश्यक आधारभूत सुविधाओं का भी विस्तार एवं सुदृढ़ीकरण किया जाएगा जिससे गौशाला में बेहतर व्यवस्थाएं सुनिश्चित हो सकें।
भूमि पूजन कार्यक्रम में राज्यपाल के सचिव श्री विजय कुमार भाविकट्टी सहित लोक भवन के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
क्रमांक-2026
पानीपत के दिव्यांग बच्चे को मिलेंगे अत्याधुनिक बायोनिक कृत्रिम अंग
हरियाणा सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त बनाने के लिए कई अहम प्रस्तावों को दी मंजूरी
चंडीगढ़, 22 जुलाई - हरियाणा सरकार ने पानीपत के एक दिव्यांग बच्चे के लिए लगभग 35 लाख रुपये की लागत से अत्याधुनिक बायोनिक कृत्रिम अंग (Bionic Prosthetic Limbs) उपलब्ध कराने को मंजूरी दी है। यह बच्चा करंट लगने की दुर्घटना में अपने दोनों हाथ और एक पैर खो चुका था। आधुनिक तकनीक से लैस ये कृत्रिम अंग उसे फिर से आत्मनिर्भर जीवन जीने, दैनिक कार्यों को सहजता से करने तथा सम्मान पूर्वक आगे बढ़ने में महत्वपूर्ण सहारा प्रदान करेंगे।
यह निर्णय हरियाणा मेडिकल सर्विसेज कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HMSCL) के निदेशक मंडल की 40वीं बैठक में लिया गया, जिसकी अध्यक्षता स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने की। बैठक में राज्य के सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार तथा स्वास्थ्य अवसंरचना को और मजबूत बनाने से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई।
बैठक में पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ डेंटल साइंसेज (PGIDS), रोहतक स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के लिए लगभग 82 लाख रुपये की लागत से 3-डी कोन बीम कंप्यूटेड टोमोग्राफी (CBCT) एक्स-रे मशीन खरीदने की स्वीकृति प्रदान की गई। यह अत्याधुनिक मशीन दांतों, जबड़ों और मुख संबंधी जटिल रोगों की अत्यंत सटीक जांच में सहायक होगी, जिससे रोगियों को बेहतर उपचार योजना और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाएं मिल सकेंगी।
इसके अलावा, राज्य के विभिन्न सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों के लिए लगभग 20 लाख रुपये की लागत से 30 माइक्रो-सेंट्रीफ्यूज मशीनें खरीदने का निर्णय लिया गया। इन मशीनों की सहायता से रक्त एवं अन्य जैविक नमूनों की जांच पहले से अधिक तेज़ और सटीक होगी, जिससे रोगों का समय पर निदान और शीघ्र उपचार सुनिश्चित किया जा सकेगा।
मानसून के दौरान डेंगू की रोकथाम और समय रहते पहचान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से समिति ने राज्यभर में उपयोग के लिए लगभग 47 लाख रुपये की लागत से 2,500 डेंगू एनएस-1 (NS1) डायग्नोस्टिक किट खरीदने को भी मंजूरी दी। इन किटों के माध्यम से डेंगू संक्रमण की प्रारंभिक अवस्था में ही पहचान संभव होगी, जिससे मरीजों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने के साथ-साथ रोग की प्रभावी निगरानी और नियंत्रण में भी सहायता मिलेगी।
बैठक के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक आधुनिक, प्रभावी और जन-केंद्रित बनाने से संबंधित विभिन्न अन्य प्रस्तावों पर भी विचार-विमर्श किया गया तथा उन्हें स्वीकृति प्रदान की गई। इन निर्णयों से हरियाणा में गुणवत्तापूर्ण, सुलभ और तकनीक-संचालित स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक मजबूती मिलने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है।
क्रमांक 2026
सुमित चावला
मुख्यमंत्री ने पत्रकारों को लोकतंत्र की सजग चेतना बताया, कहा- सत्य और जिम्मेदारी ही पत्रकारिता की असली ताकत
संत कबीर कुटीर पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पत्रकारों से किया संवाद
कहा: समाचार का हर शब्द समय का दस्तावेज होता है और हर तस्वीर समाज की चेतना
चंडीगढ़, 22 जुलाई- मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि पत्रकार केवल समाचार नहीं लिखते, बल्कि वर्तमान को शब्द देते हैं और भविष्य के इतिहास को आकार देते हैं। समाचार का हर शब्द समय का दस्तावेज होता है और हर तस्वीर समाज की चेतना का दर्पण बन जाती है। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता केवल कलम या स्याही से नहीं चलती, बल्कि समाज के विश्वास, जनमत और लोकतंत्र के प्रति जिम्मेदारी से संचालित होती है।
मुख्यमंत्री बुधवार को संत कबीर कुटीर पर सीनियर जर्नलिस्ट्स फोरम चंडीगढ़ से जुड़े वरिष्ठ पत्रकारों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित वरिष्ठ पत्रकारों का स्वागत करते हुए कहा कि लोकतंत्र तभी मजबूत होता है, जब समाज में संवाद निरंतर, सार्थक और जीवंत बना रहे। इसमें पत्रकारों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय पत्रकारिता की जड़ें हमारी सनातन परंपरा में हैं। महर्षि नारद को विश्व का पहला संदेशवाहक बताते हुए उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य केवल सूचना देना नहीं, बल्कि सत्य, संतुलन और समाज कल्याण का संदेश पहुंचाना था। स्वतंत्रता आंदोलन में भी लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक, महात्मा गांधी और शहीद भगत सिंह जैसे महान नेताओं ने अपनी लेखनी के माध्यम से राष्ट्र चेतना को जागृत किया।
उन्होंने कहा कि आज आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और सोशल मीडिया के दौर में सूचना कुछ ही क्षणों में पूरी दुनिया तक पहुंच जाती है। ऐसे समय में सबसे बड़ा प्रश्न यह नहीं है कि सूचना कितनी तेजी से फैली, बल्कि यह है कि वह कितनी सत्य और प्रमाणिक है। अनुभवी और जिम्मेदार पत्रकार ही समाज को सही दिशा दे सकते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आलोचना लोकतंत्र की शक्ति है, लेकिन वह तथ्यों पर आधारित होनी चाहिए। समाज को केवल ब्रेकिंग न्यूज नहीं, बल्कि सकारात्मक सोच, समाधान और प्रेरणादायक उदाहरणों की भी आवश्यकता है। पत्रकारिता जब सत्य, संवेदनशीलता और उत्तरदायित्व के साथ आगे बढ़ती है, तब वह राष्ट्र निर्माण का सशक्त माध्यम बन जाती है।
उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार पारदर्शिता, जवाबदेही और संवाद के लिए प्रतिबद्ध है। इसी भावना के साथ सरकार पत्रकारों के सम्मान, सुरक्षा और कल्याण के लिए भी निरंतर कार्य कर रही है। वरिष्ठ पत्रकारों को सम्मान पेंशन दी जा रही है। पत्रकारों के लिए समूह बीमा योजना संचालित की जा रही है, जिसका पूरा प्रीमियम राज्य सरकार वहन कर रही है। इसके अलावा पत्रकार कल्याण कोष के माध्यम से गंभीर बीमारी, दुर्घटना अथवा मृत्यु की स्थिति में आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश तेजी से आगे बढ़ रहा है और हरियाणा भी विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है। उन्होंने आयुष्मान भारत और चिरायु हरियाणा जैसी स्वास्थ्य योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि इनसे लाखों परिवारों को निशुल्क उपचार का लाभ मिला है।
शिक्षा क्षेत्र का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मिशन बुनियाद और सुपर-100 जैसी योजनाओं ने गरीब परिवारों के बच्चों को नई उड़ान दी है। हाल ही में सुपर-100 के अनेक विद्यार्थियों ने आईआईटी, एनआईटी तथा नीट जैसी प्रतिष्ठित परीक्षाओं में सफलता हासिल कर प्रदेश का नाम रोशन किया है।
स्वास्थ्य सेवाओं का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2014 से पहले हरियाणा में बहुत कम मेडिकल कॉलेज थे, जबकि आज अधिकांश जिलों में मेडिकल कॉलेज स्थापित हो चुके हैं और शेष जिलों में भी तेजी से कार्य चल रहा है। जिला अस्पतालों में भी निजी अस्पतालों जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में सरकार लगातार काम कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार विकास कार्यों के साथ-साथ समाज में विश्वास और सकारात्मक वातावरण बनाने के लिए भी प्रतिबद्ध है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि पत्रकार अपनी निष्पक्ष, जिम्मेदार और रचनात्मक भूमिका निभाते हुए लोकतंत्र को और अधिक मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण योगदान देते रहेंगे।
इस मौके पर सूचना जनसंपर्क एवं भाषा विभाग के महानिदेशक श्री के मकरंद पांडुरंग, सीनियर जर्नलिस्ट्स फोरम चंडीगढ़ के चेयरमैन श्री एआर पराशर, प्रधान जगतार सिंह संधू, जनरल सेकेट्ररी केवल भारती, मुख्यमंत्री के ओएसडी श्री बी बी भारती, मीडिया सचिव श्री प्रवीण आत्रेय सहित अनेक वरिष्ठ पत्रकार मौजूद थे।
क्रमांक-2026
गन्नौर इंडिया इंटरनेशनल हॉर्टिकल्चर मार्केट प्रोजेक्ट को जल्द से जल्द करें पूरा : कृषि मंत्री श्री श्याम सिंह राणा
कहा , किसानों को बेहतर बाजार और वैश्विक स्तर पर अपने उत्पादों को बेचने का अवसर मिलेगा
चंडीगढ़ , 22 जुलाई -हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि इंडिया इंटरनेशनल हॉर्टिकल्चर मार्किट (आईआईएचएम) गनौर परियोजना राज्य में बागवानी क्षेत्र को नई दिशा देने वाली एक महत्वाकांक्षी पहल है, इससे किसानों को बेहतर बाजार, आधुनिक सुविधाएं और वैश्विक स्तर पर अपने उत्पादों को बेचने का अवसर मिलेगा।
श्री राणा आज चंडीगढ़ में हरियाणा राष्ट्रीय बागवानी विपणन निगम लिमिटेड, गन्नौर की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। इस बैठक में इंडिया इंटरनेशनल हॉर्टीकल्चर मार्केट से संबंधित मुख्यतः 6 प्रमुख एजेंडों पर गहन विचार-विमर्श किया गया।
कृषि मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस पूरे प्रोजेक्ट को जल्द से जल्द पूरा कर लिया जाए। उन्होंने कहा कि गन्नौर मंडी आने वाले समय में किसानों और व्यापारियों की पहली पसंद बनेगी। इसे किसानों और व्यापारियों के लिए एक अत्याधुनिक और विश्वस्तरीय बाजार के रूप में विकसित किया जा रहा है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना का मुख्य उद्देश्य हरियाणा और आसपास के राज्यों के किसानों को उनकी फल, सब्जी और बागवानी उपज का उचित मूल्य दिलाना और बिचौलियों पर निर्भरता को खत्म करना है।
श्री राणा ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाओं से लैस होने के कारण यहाँ न केवल आधुनिक कोल्ड स्टोरेज, प्रोसेसिंग और पैकिंग की व्यवस्था होगी, बल्कि इलेक्ट्रॉनिक ट्रेडिंग और सुलभ लॉजिस्टिक्स के ज़रिए देश-विदेश के बड़े व्यापारी सीधे किसानों से जुड़ सकेंगे।
उन्होंने कहा कि 67 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा होने और इसी माह बिजनेस प्लान आवंटित होने के साथ ही यह मार्केट जल्द ही एक ग्लोबल ट्रेड हब के रूप में उभरेगी, जिससे किसानों की आय में बढ़ोतरी होगी और व्यापार को एक नया आयाम मिलेगा।
कृषि मंत्री ने शेष बचे कार्यों को भी जल्द से जल्द पूरा करने के सख्त निर्देश दिए। इसके साथ ही, मीटिंग में शेड नंबर 14 और फॉल्स सीलिंग से जुड़े महत्वपूर्ण एजेंडों को भी स्वीकृति प्रदान कर दी गई।
कृषि मंत्री को जानकारी दी गई कि प्रोजेक्ट को सुचारू और व्यावसायिक रूप से सफल बनाने के लिए बिजनेस प्लान तैयार करने हेतु निविदाएं (टेंडर) आमंत्रित की जा चुकी हैं, जिसे इसी माह के भीतर आवंटित कर दिया जाएगा।
इस बैठक में कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री विजयेंद्र कुमार , कृषि विभाग के महानिदेशक श्री राजनारायण कौशिक ,निगम के प्रबंध निदेशक श्री अनीश यादव, मुख्य प्रशासक श्री धर्मेंद्र सिंह, वित्त विभाग के स्पेशल सचिव श्री मनोज कुमार और चीफ इंजीनियर श्री मोहिंद्र सिंह समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
क्रमांक -2026
जंगबीर सिंह
'गृह नगर' और 'स्थायी पता' दोनों अलग-अलग अवधारणाएं
हरियाणा सरकार ने कर्मचारियों के लिए स्पष्ट किए नियम
बदला जा सकेगा स्थायी पता, होम टाउन में नहीं होगा कोई बदलाव
चंडीगढ़, 22 जुलाई-हरियाणा सरकार ने एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक सुधार करते हुए सरकारी कर्मचारियों के 'गृह नगर' (होम टाउन) और 'स्थायी पता' के बीच स्पष्ट अंतर निर्धारित कर दिया है।
मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी द्वारा इस संबंध में जारी विस्तृत दिशा-निर्देशों से राज्य के सभी सरकारी विभागों एवं संस्थानों में तबादलों, नियुक्तियों और कार्मिक प्रबंधन में अधिक पारदर्शिता, एकरूपता और निष्पक्षता सुनिश्चित होगी।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि 'गृह नगर' और 'स्थायी पता' दोनों अलग-अलग अवधारणाएं हैं और आचरण नियमों तथा तबादला एवं नियुक्ति नीतियों के क्रियान्वयन के दौरान इन्हें एक-दूसरे का पर्याय नहीं माना जाएगा। दिशा-निर्देशों के अनुसार, किसी कर्मचारी का गृह नगर सामान्यतः वह गांव या शहर होगा, जहां वह सरकारी सेवा में नियुक्ति से पहले निवास करता था। यह वह स्थान भी हो सकता है, जहां कर्मचारी का परिवार वर्तमान में रहता हो, जहां कर्मचारी को पारिवारिक एवं सामाजिक दायित्वों के कारण नियमित रूप से जाना पड़ता हो, जहां कर्मचारी अथवा उसके परिवार की आवासीय संपत्ति हो या जहां उसके निकट संबंधी निवास करते हों।
निर्देशों में कर्मचारियों को सरकारी सेवा में आने के बाद नया स्थायी निवास चुनने की सुविधा भी दी गई है। यदि कोई कर्मचारी विवाह, परिवार के स्थानांतरण अथवा आवासीय संपत्ति खरीदने के बाद किसी नए स्थान पर स्थायी रूप से बस जाता है, तो सक्षम प्राधिकारी की स्वीकृति से वह उस स्थान को अपना स्थायी पता घोषित कर सकता है। हालांकि सरकार ने स्पष्ट किया है कि इससे कर्मचारी के रिकॉर्ड में दर्ज गृह नगर में कोई परिवर्तन नहीं माना जाएगा।
सरकार ने यह भी दोहराया है कि राजपत्रित अधिकारियों को सामान्यतः उनके गृह जिले में नियुक्त नहीं किया जाएगा। सरकार का मानना है कि अधिकारियों की उनके गृह नगर से बाहर तैनाती करने से रिश्तेदारों, मित्रों अथवा स्थानीय हितों के कारण पक्षपात, हितों के टकराव और अनुचित प्रभाव की संभावना कम होती है।
इससे विशेष रूप से भूमि, कराधान, कानून-व्यवस्था, विकास परियोजनाओं और सार्वजनिक धन से जुड़े संवेदनशील विभागों में निष्पक्षता, वस्तुनिष्ठता, पेशेवर आचरण और प्रशासनिक ईमानदारी सुनिश्चित होती है तथा सरकार के प्रति जनता का विश्वास भी मजबूत होता है।
यह भी स्पष्ट किया गया है कि कोई भी सरकारी कर्मचारी सेवा के दौरान अथवा सेवानिवृत्ति के बाद अपना स्थायी पता बदल सकता है, लेकिन उसके गृह नगर से संबंधित गृह जिला अपरिवर्तित रहेगा। साथ ही, जिन मामलों में सक्षम प्राधिकारी द्वारा पहले ही गृह नगर अथवा स्थायी पते में परिवर्तन की अनुमति दी जा चुकी है, उन्हें दोबारा नहीं खोला जाएगा।
मानव संसाधन विभाग द्वारा जारी ये निर्देश सभी प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों, मंडल आयुक्तों, उपायुक्तों, बोर्डों एवं निगमों के प्रबंध निदेशकों, विश्वविद्यालयों के कुलसचिवों तथा अन्य सरकारी संस्थानों को कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए भेजे गए हैं।
सरकार ने सभी विभागों को निर्देश दिए हैं कि जहां आवश्यक हो, इन निर्देशों को पूर्व में जारी दिशा-निर्देशों में संशोधन के रूप में लागू किया जाए तथा इनका अक्षरशः एवं भावना अनुसार पालन सुनिश्चित किया जाए। इन स्पष्टीकरणों से सर्विस रिकॉर्ड में व्याप्त भ्रम दूर होगा, विभिन्न विभागों में नियमों की एकरूप व्याख्या सुनिश्चित होगी तथा राज्य सरकार की प्रशासनिक व्यवस्था में निष्पक्षता, पारदर्शिता और कार्यकुशलता को और अधिक मजबूती मिलेगी।
क्रमांक-2026
प्रिंटिंग एवं स्टेशनरी विभाग में आधुनिक एवं नवीनतम तकनीक अपनाने की संभावनाएं तलाशी जाएँ - राज्यपाल
एफसीआई को हस्तांतरण तक खाद्यान्न का समुचित भंडारण एवं गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए - प्रो. असीम कुमार घोष
चंडीगढ़, 22 जुलाई - हरियाणा के राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष ने कहा कि प्रदेश में प्रिंटिंग एवं स्टेशनरी विभाग के कार्यों को अधिक प्रभावी एवं गुणवत्तापूर्ण बनाने के लिए आधुनिक एवं नवीनतम प्रौद्योगिकी को अपनाने की संभावनाओं पर विचार किया जाना चाहिए।
राज्यपाल ने आज यहाँ हरियाणा लोक भवन में उनसे शिष्टाचार भेंट करने आये प्रदेश के प्रिंटिंग एवं स्टेशनरी राज्य मंत्री श्री राजेश नागर के साथ शिष्टाचार भेंट के दौरान यह बात कही।
बैठक के दौरान राज्य मंत्री द्वारा राज्यपाल को प्रिंटिंग एवं स्टेशनरी विभाग की कार्यप्रणाली एवं गतिविधियों की जानकारी दी गई। उन्होंने विभागीय कार्यों में दक्षता बढ़ाने, सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार लाने तथा कार्यों के समयबद्ध निष्पादन के लिए आधुनिक तकनीक एवं नवाचार आधारित प्रणालियों को अपनाने पर भी बल दिया।
प्रो. असीम कुमार घोष ने श्री राजेश नागर, जिनके पास खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग का प्रभार भी है, के कार्यों की भी विस्तार से समीक्षा की। खाद्य सुरक्षा के महत्व पर बल देते हुए उन्होंने विभाग द्वारा खरीदे गए खाद्यान्न के भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) के पूल में हस्तांतरण तक उसके समुचित भंडारण एवं रखरखाव को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि खरीदे गए खाद्यान्न की गुणवत्ता एवं सुरक्षा बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक उपाय किए जाने चाहिए।
मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश सरकार खाद्य सुरक्षा एवं आवश्यक वस्तुओं की सुचारु उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध - राजेश नागर
श्री राजेश नागर ने राज्यपाल को अवगत कराया कि मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार नागरिकों को खाद्य सुरक्षा एवं आवश्यक वस्तुओं की सुचारु उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि विभाग न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर गेहूं एवं धान सहित विभिन्न खाद्यान्नों की खरीद, सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) का प्रभावी संचालन, पात्र लाभार्थियों को रियायती दरों पर खाद्यान्न उपलब्ध कराने तथा राज्यभर में आवश्यक वस्तुओं की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने का दायित्व निभा रहा है।
बैठक में मंत्री ने राज्यपाल को सार्वजनिक वितरण प्रणाली को और अधिक सुदृढ़ एवं पारदर्शी बनाने तथा आमजन तक सेवाओं की प्रभावी पहुंच सुनिश्चित करने के लिए विभाग द्वारा किए जा रहे विभिन्न प्रयासों की भी जानकारी दी।
क्रमांक-2026
शीतला माता रोड पर जलभराव रोकने के लिए किए जा रहे ड्रेनेज सुधार कार्य
ड्रेनेज नेटवर्क में हो रहा सुधार, वर्षा जल निकासी होगी तेज
ड्रेन की मरम्मत, सफाई , नए इनलेट निर्माण और अवैध सीवर कनेक्शन हटाने का कार्य जारी
चंडीगढ़, 22 जुलाई- गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) ने शहर के संवेदनशील जलभराव क्षेत्रों में शामिल शीतला माता रोड़ पर ड्रेनेज व्यवस्था को सुधारा जा रहा है। प्राधिकरण द्वारा ड्रेन की गाद निकालकर सफाई , मरम्मत, नए रोड़ इनलेट्स के निर्माण तथा अवैध सीवर कनेक्शनों को हटाने का कार्य युद्धस्तर पर किया जा रहा है, जिससे बरसात के दौरान पानी की निकासी तेज एवं सुचारु हो सके।
इस संबंध में जानकारी देते हुए जीएमडीए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री पी.सी. मीणा ने बताया कि शीतला माता मंदिर से भगत सिंह चौक की ओर जाने वाले लगभग 900 मीटर लंबे सरफेस ड्रेन की गाद निकालकर पूरी सफाई की गई है और उस हिस्से की मरम्मत कर उसे पुनः चालू कर दिया गया है। गाद और मलबे से अटी इस ड्रेन को सफाई के बाद मास्टर स्टॉर्म वाटर ड्रेन से जोड़ दिया गया है, जिससे अब बारिश का पानी पहले की तुलना में अधिक तेजी से निकलेगा।
उन्होंने बताया कि शीतला माता मंदिर की ओर जाने वाली सड़क के बाईं ओर स्थित मास्टर स्टॉर्म वाटर ड्रेन की भी सफाई और गाद निकालने का कार्य करके उसे सुचारु किया गया है। इसके साथ ही, इस रोड़ पर नए रोड इनलेट्स बनाए जा रहे हैं ताकि सड़क पर जमा वर्षा जल सीधे ड्रेनेज नेटवर्क में पहुंच सके।
अतुल कटारिया चौक से शीतला माता मंदिर तक करीब 800 मीटर लंबे हिस्से का उल्लेख करते हुए श्री मीणा ने कहा कि इस हिस्से में भी ड्रेनेज व्यवस्था को सुचारू करने का कार्य जारी है। उन्होंने बताया कि पहले इस लगभग 800 मीटर हिस्से की सफाई इसलिए नहीं हो पाई क्योंकि राजीव नगर तथा आसपास के भवनों का सीवरेज इस स्टॉर्म वाटर ड्रेन में डाला जा रहा था । अवैध सीवर कनेक्शनों के कारण बड़ी मात्रा में गंदगी जमा हो गई थी, जिससे ड्रेन की जल निकासी क्षमता कम हो गई थी।
अब उन सभी अवैध सीवर कनेक्शनों को हटाने, ड्रेन की सफाई तथा सतही नालों की मरम्मत एवं बहाली का कार्य किया जा रहा है , ताकि इसे प्रभावी ढंग से मास्टर ड्रेनेज सिस्टम से जोड़ा जा सके और बरसाती पानी आसानी से बहकर मास्टर ड्रेन में चला जाए।
इन सभी कार्यों को पूरा करने में समय लगेगा, इसलिए इस मानसून सीजन में लोगों को तत्काल राहत देने के लिए शीतला माता रोड पर दो पंप सेट लगाए गए हैं, जो बारिश के समय जमा होने वाले पानी की त्वरित निकासी कर सकें। उन्होंने कहा कि शेष ड्रेनेज सुधार कार्यों को भी प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूरा किया जाएगा। इनके पूर्ण होने के बाद शीतला माता रोड पर जल निकासी व्यवस्था और अधिक प्रभावी होगी तथा बार-बार होने वाली जलभराव की समस्या में कमी आएगी ।
क्रमांक-2026
अंसल एपीआई के खिलाफ जल्द दर्ज की जाए एफआईआर: कृष्ण लाल पंवार
विकास एवं पंचायत मंत्री ने मासिक बैठक में 11 में से 8 मामलों का किया निपटारा
चंडीगढ़, 22 जुलाई-- हरियाणा के विकास एवं पंचायत मंत्री श्री कृष्ण लाल पंवार ने अंसल सुशांत सिटी से जुड़े मामलों को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों को शिकायतों के त्वरित समाधान के निर्देश दिए। उन्होंने अंसल एपीआई के खिलाफ शिकायत के आधार पर जल्द से जल्द एफआईआर दर्ज करने, कॉलोनी के निवासियों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा संबंधित विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर समयबद्ध ढंग से सभी आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
मंत्री श्री कृष्ण लाल पंवार बुधवार को कुरुक्षेत्र में नए लघु सचिवालय के सभागार में आयोजित लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की मासिक बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में एजेंडा के 11 मामलों में से 8 का मौके पर ही निपटारा किया गया,।
मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने एक अन्य शिकायत पर बिजली विभाग को स्पेशल एस्टीमेट बनाकर 33 केवी लाइन को घरों के ऊपर से बदलने के निर्देश दिए। जिन घरों के ऊपर से बिजली की 33 केवी लाइन निकली हुई है उन्हें हर समय हादसे का अंदेशा रहता है।
श्री कृष्ण लाल पंवार ने एक अन्य की शिकायत की सुनवाई करते हुए कहा कि जिन नागरिकों की भूमि का हिस्सा गांव की फिरनी, प्राथमिक स्वास्थय केंद्र या अन्य सार्वजनिक स्थलों के अंतर्गत आ गया है, उसके बदले पंचायत भूमि से समकक्ष भूमि उपलब्ध करवाने का प्रस्ताव तैयार कर विकास एवं पंचायत विभाग को भेजा जाए।
क्रमांक 2026
प्रदेश के हर जिले में खुलेगा स्टार्टअप्स का द्वार, युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार का बनेगा मजबूत आधार- मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी
बरवाला में बनेगा लकड़ी का आधुनिक जोन, आय व रोजगार में होगी भारी बढ़ोतरी
स्वयं सहायता समूहों को सीधे जोड़ा जाएगा वॉलमार्ट व एमेजॉन जैसी ई-कॉमर्स कंपनियों से
'पद्मा' योजना के तहत 10 जिलों में स्थापित होंगे नए औद्योगिक क्लस्टर
महिला उद्यमियों के लिए बाल-देखभाल (क्रैच) की होगी सुविधा
100 उच्च क्षमता वाले ग्रामीण क्षेत्रों में स्थापित होंगे विशेष कौशल केंद्र
चंडीगढ़, 22 जुलाई- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि 'हरियाणा विजन@2047' को धरातल पर उतारने के लिए सरकार प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव ला रही है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेश के हर जिले में स्टार्टअप्स को बढ़ावा दिया जाए और नया व्यवसाय शुरू करने में उद्यमियों को किसी भी प्रकार की प्रशासनिक अड़चन नहीं आनी चाहिए।
मुख्यमंत्री सिविल सचिवालय में 'हरियाणा विजन@2047' के तहत 'विजन -टू-एक्शन प्लान' को लेकर एमएसएमई, उद्योग, स्टार्टअप और एचएसआईआईडीसी (HSIIDC) के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ आयोजित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।
स्थानीय रोजगार और स्वदेशी को दिया जाएगा बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि बरवाला क्षेत्र में एक विशेष वुडन जोन व वुडन मार्केट बनाकर वहां आधुनिक शोरूम विकसित किए जाएं। इससे स्थानीय लोगों की आय में वृद्धि होगी और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। उन्होंने निर्देश दिए कि कैलेंडर बनाकर प्रदेश के प्रत्येक जिले में स्वदेशी मेलों का आयोजन किया जाए। इसके अतिरिक्त, राखी बनाने के उद्योग में स्वयं सहायता समूहों को व्यापक स्तर पर शामिल किया जाए और उनके उत्पादों की वैश्विक बिक्री के लिए उन्हें वॉलमार्ट, एमेजॉन जैसे बड़े ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स के साथ जोड़ा जाए।
नियामक प्रक्रियाएं होंगी सुगम, 50 प्रतिशत घटेगा स्वीकृति समय
व्यापार को सुगम बनाने के लिए मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि राज्य में 'राज्य नवाचार एवं एमएसएमई परिषद' तथा 'स्टार्टअप एडवाइजरी काउंसिल हरियाणा' का गठन किया जाएगा। पुनर्गठित सिंगल विंडो क्लीयरेंस सिस्टम के माध्यम से व्यावसायिक स्वीकृतियों का समय 45 दिनों से घटाकर 30 दिन किया जाएगा, जिसे आगे चलकर 50 प्रतिशत तक कम करने का लक्ष्य है। हर जिले में स्टार्टअप्स को हैंड होल्डिंग सहायता देने के लिए समर्पित 'स्टार्टअप संपर्क अधिकारी' तैनात किए गए हैं।
10 नए पद्मा क्लस्टर और 2,000 करोड़ रुपये का स्टार्टअप फंड
बैठक में मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि राज्य की प्रतिष्ठित 'पद्मा' योजना के तहत प्रदेश के विभिन्न जिलों में 10 नए औद्योगिक क्लस्टर स्थापित किए जा रहे हैं। इसके अलावा, स्टार्टअप्स के लिए वृद्धि पूंजी सुनिश्चित करने हेतु 2,000 करोड़ रुपये का 'हरियाणा स्टार्टअप फंड ऑफ फंड्स' स्थापित किया जा रहा है, जबकि 250 करोड़ रुपये का 'आत्मनिर्भर स्टार्टअप वेंचर फंड' पहले ही शुरू किया जा चुका है।
ग्रामीण कौशल केंद्र, आईटीआई सुधार और हरित पहल पर रहेगा फोकस
बैठक में जानकारी दी गई कि कौशल विकास विभाग के साथ मिलकर 100 उच्च क्षमता वाले ग्रामीण क्षेत्रों (जैसे हिसार में बीड्स निर्माण, पानीपत में हथकरघा, करनाल में कृषि उपकरण व डेयरी, यमुनानगर में पॉटरी) की पहचान कर विशेष कौशल केंद्र खोले जाएंगे। पीएम सेतु योजना के तहत आईटीआई में नए कोर्स शुरू किए जाएंगे। कम से कम 25 उद्योग-संचालित आईटीआई को निजी उद्योगों द्वारा गोद लिया जाएगा ताकि 70 प्रतिशत से अधिक युवाओं को सीधा रोजगार मिल सके।
नई नीति के तहत सोलर रूफटॉप अपनाने पर 2,000 से अधिक एमएसएमई को वित्तीय प्रोत्साहन दिया जाएगा। पानीपत में 10,000 TPA क्षमता का ग्रीन हाइड्रोजन प्रोजेक्ट स्थापित किया जा रहा है।
महिला सशक्तिकरण को मिलेगा बढ़ावा
महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए 'महिला उद्यमिता मंच' के तहत 11.5 करोड़ रुपये आरक्षित किए गए हैं, जिससे 500-600 इच्छुक महिला उद्यमियों को मेंटरिंग व वित्तीय लिंकेज मिलेगा। साथ ही, औद्योगिक क्षेत्रों में बाल-देखभाल केंद्रों की स्थापना की जाएगी।
मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि कुरुक्षेत्र, हिसार और रोहतक को तिरुवनंतपुरम के 'टेक्नोपार्क' मॉडल पर वैकल्पिक आईटी हब के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, राज्य में हरित उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए 'मेक इन हरियाणा इंडस्ट्रियल पॉलिसी 2026' और 'हरियाणा प्रगतिशील एमएसएमई एवं निर्यात संवर्धन नीति 2026' के माध्यम से बड़े पैमाने पर निवेशकों को आकर्षित किया जाएगा।
बैठक में हरियाणा के मुख्यमंत्री के प्रधान मुख्य सचिव श्री राजेश खुल्लर, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री अरुण गुप्ता और उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के आयुक्त एवं सचिव डा. अमित अग्रवाल व अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
क्रमांक-2026
हरियाणा में अनुबंध कर्मचारियों के लिए बढ़ा सेवा सुरक्षा का दायरा
चार अतिरिक्त श्रेणियों के लिए पंजीकरण फिर से शुरू
31 जुलाई तक कर सकेंगे ऑनलाइन पंजीकरण
चंडीगढ़, 22 जुलाई- हरियाणा सरकार ने हरियाणा अनुबंध कर्मचारी (सेवा सुरक्षा) अधिनियम, 2024 के दायरे का विस्तार करते हुए चार अतिरिक्त श्रेणियों के अनुबंध कर्मचारियों के लिए ऑनलाइन पंजीकरण पोर्टल पुनः खोल दिया है, ताकि उन्हें भी राज्य की सेवा सुरक्षा व्यवस्था का लाभ मिल सके।
मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी द्वारा जारी पत्र के अनुसार, नई अधिसूचित श्रेणियों के पात्र कर्मचारी www.secureemployees.csharyana.gov.in पोर्टल पर 31 जुलाई तक अपना पंजीकरण करा सकते हैं। इसके बाद निर्धारित समय-सीमा के भीतर उनके सर्विस रिकॉर्ड का सत्यापन किया जाएगा, जिसके उपरांत हरियाणा अनुबंध कर्मचारी (सेवा सुरक्षा) अधिनियम, 2024 तथा हरियाणा अनुबंध कर्मचारी (सेवा सुरक्षा) नियम, 2025 के प्रावधानों के तहत उनके नामों पर विचार किया जाएगा।
पंजीकरण प्रक्रिया में शामिल की गई नई श्रेणियों में स्कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत कार्यरत कंप्यूटर फैकल्टी एवं कंप्यूटर लैब अटेंडेंट, सूचना प्रौद्योगिकी एवं विज्ञान विभाग (हारट्रॉन को छोड़कर) के माध्यम से कार्यरत अनुबंध कर्मचारी तथा हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (एचएसएससी) में कार्यरत अनुबंध कर्मचारी शामिल हैं। ये श्रेणियां पूर्व में चलाए गए पंजीकरण अभियान में शामिल नहीं थीं।
आवेदनों के समयबद्ध निपटान के लिए सरकार ने तीन-स्तरीय सत्यापन प्रक्रिया निर्धारित की है। इसके अनुसार, ऑनलाइन पंजीकरण 31 जुलाई तक किया जा सकेगा। इसके बाद संबंधित आहरण एवं संवितरण अधिकारी (डीडीओ) को 7 अगस्त तक सर्विस रिकॉर्ड का सत्यापन पूरा करना होगा। अंतिम जांच एवं अनुमोदन संबंधित विभागाध्यक्ष द्वारा 15 अगस्त तक किया जाएगा।
इस संबंध में स्कूल शिक्षा महानिदेशक, हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग के अध्यक्ष तथा सभी उपायुक्तों को पत्र भेजा गया है। साथ ही, उन्हें यह भी निर्देश दिए गए हैं कि निर्धारित समय-सीमा का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए, ताकि कोई भी पात्र कर्मचारी केवल प्रक्रियागत विलंब के कारण अधिनियम के लाभ से वंचित न रह जाए।
सत्यापन प्रक्रिया को सुगम बनाने के लिए मानव संसाधन विभाग ने खजाना एवं लेखा विभाग के निदेशक तथा हरियाणा कौशल रोजगार निगम (एचकेआरएन) के प्रबंध निदेशक को भी निर्देश दिए हैं कि हाल में शामिल श्रेणियों के कर्मचारियों के सर्विस रिकॉर्ड एवं अन्य आवश्यक विवरण शीघ्रातिशीघ्र मानव संसाधन विभाग तथा हरियाणा नॉलेज कॉरपोरेशन लिमिटेड (एचकेसीएल) को उपलब्ध कराएं।