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Haryana government committed to revival of ponds: हरियाणा सरकार तालाबों के पुनरुद्धार के लिए प्रतिबद्ध: मंत्री कृष्ण लाल पंवार

March 12, 2025 09:11 PM

चंडीगढ़, 12 मार्च – हरियाणा के विकास एवं पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने कहा कि राज्य सरकार तालाबों के जीर्णोद्धार के लिए लगातार प्रयास कर रही है। इस उद्देश्य से सरकार ने एक विशेष तालाब प्राधिकरण (पॉन्ड अथॉरिटी) का गठन किया है। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि केंद्र और राज्य सरकार तालाबों के संरक्षण और सुधार के लिए मिलकर कार्य कर रही हैं।

हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र के दौरान विधायक श्री आदित्य देवीलाल द्वारा तालाबों के सुधारीकरण को लेकर उठाए गए मुद्दे के जवाब में मंत्री ने कहा कि पहले की सरकारों ने तालाबों के संरक्षण पर ध्यान नहीं दिया था, लेकिन वर्तमान सरकार इस दिशा में ठोस कदम उठा रही है।

प्रदेश में कुल 19,723 तालाब हैं, जिनमें से 18,719 ग्रामीण क्षेत्रों और 904 शहरी क्षेत्रों में स्थित हैं। इनमें से 11,295 तालाब प्रदूषित हैं, जिनमें 10,814 ग्रामीण और 481 शहरी क्षेत्र में हैं। इन प्रदूषित तालाबों को अमृत सरोवर योजना के तहत पुनर्जीवित कर आदर्श तालाबों में बदला जाएगा।

मंत्री ने बताया कि तालाबों में बहने वाले गंदे पानी के उपचार के लिए पंचायती राज, लोक निर्माण, सिंचाई एवं जल संसाधन और शहरी स्थानीय निकाय विभागों के सहयोग से विभिन्न योजनाएँ चलाई जा रही हैं। वित्तीय वर्ष 2025-26 में 6,507 तालाबों के सुधार का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अब तक 2,228 तालाबों को पुनर्जीवित किया जा चुका है, जिनमें 1,069 मॉडल तालाब और 1,159 तालाब मनरेगा योजना के अंतर्गत सुधारे गए हैं।

वित्तीय पहल
वर्ष 2018-19 से 2024-25 तक तालाबों के जीर्णोद्धार के लिए 579.42 करोड़ रुपये जारी किए गए, जिनमें से 533.52 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं।

शहरी क्षेत्रों में गंदे पानी को साफ करने के लिए एसटीपी (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) से उपचारित जल सिंचाई के लिए दिया जाएगा। इसके तहत पानीपत जिले के नौल्था गांव में एक वाटर ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित किया जाएगा, जहाँ से शुद्ध जल को जौंधन कला और खुर्द गांवों की बंजर भूमि में पहुंचाकर उसे उपजाऊ बनाया जाएगा।

मंत्री पंवार ने कहा कि सरकार का लक्ष्य प्रदेश के सभी तालाबों का संरक्षण और सुधार करना है, जिससे जलसंकट की समस्या को दूर किया जा सके और पारिस्थितिकी संतुलन को बनाए रखा जा सके।

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