लखनऊ : 08 सितम्बर, 2025 : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने आज जनपद सहारनपुर में पंजाब, हिमाचल प्रदेश एवं उत्तराखण्ड के बाढ़ पीड़ितों हेतु 19 हजार राहत सामग्री किट के 48 वाहनों को फ्लैग ऑफ किया।
इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री जी ने कहा कि जनपद सहारनपुर माँ शाकुम्भरी की पावन धरा है। उत्तर प्रदेश की 25 करोड़ जनता की ओर से उत्तराखण्ड, हिमाचल प्रदेश और पंजाब के नागरिकों के लिए बाढ़ राहत सामग्री को भेजा जा रहा है। यह मानवीय संवेदना की एक महत्वपूर्ण कड़ी है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश सहित पूरे देश में विकास के नित नए प्रतिमान स्थापित किए जा रहे हैं, वहीं सरकार के स्तर पर आपदा से निपटने के लिए किए गए प्रयास अत्यन्त प्रभावी रहे हैं। किसी भी प्रकार की आपदा से निपटने के लिए एन0डी0आर0एफ0, आपदा मित्र, स्थानीय पुलिस लगातार सक्रिय होकर राहत कार्यां में महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन करते हैं। यह आपदा के समय समाज की संवेदना को बनाए रखने में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। समाज और स्वयंसेवी संगठन जब पीड़ितों के साथ खड़े हो जाते हैं, तब सरकार द्वारा संचालित संस्थाएं बेहतर परिणाम देती हैं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रधानमंत्री जी के ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ अभियान के अन्तर्गत सहभागी होकर पूरा प्रदेश आपदारूपी संकट में अन्य राज्यों के साथ खड़ा है। यदि संकट में सब मिलकर सामना करते हैं, तो संकट संकट नहीं रह जाता है। यदि कहीं बाढ़ जैसी आपदा आती है, तो उस आपदारूपी संकट से निपटने हेतु सहारनपुर, लखनऊ और बलिया भी सदैव तैयार रहेगा। सरकार संकट में प्रभावित लोगों के साथ है। उत्तराखण्ड और हिमाचल प्रदेश में बड़े पैमाने पर आपदा के कारण बादल फटने तथा अतिवृष्टि की घटनाएं हुई हैं। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा 48 ट्रकों को उत्तराखण्ड, हिमाचल प्रदेश और पंजाब भेजने के लिए तीन जनप्रतिनिधियों को साथ में भेजा जा रहा है।
प्रदेश के नागरिकों की ओर से 05-05 करोड़ रुपये की सहायता राशि उत्तराखण्ड तथा हिमाचल प्रदेश को राहत कोष के लिए उपलब्ध करायी जा रही है। उत्तराखण्ड हेतु लोक निर्माण राज्यमंत्री श्री बृजेश सिंह, हिमाचल प्रदेश हेतु संसदीय कार्य एवं औद्योगिक विकास राज्यमंत्री श्री जसवंत सैनी तथा पंजाब हेतु सहारनपुर के नगर विधायक श्री राजीव गुंबर यह सहायता राशि तथा राहत सामग्री को लेकर जा रहे हैं। प्रदेश सरकार का यह प्रयास बाढ़ पीड़ितों के प्रति संवेदना तथा राहत कार्यां में सहयोग प्रदान करेगा। इसके बावजूद यदि अन्य सहयोग की आवश्यकता पड़ेगी, तो प्रदेश की 25 करोड़ जनता तथा प्रदेश सरकार संकट की इस घड़ी में प्रत्येक पीड़ित के साथ है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश में बाढ़ सबसे बड़ी चुनौती रही है। प्रदेश सरकार द्वारा व्यापक पैमाने पर बाढ़ जैसी आपदाओं से निपटने के लिए समय पर किए गए प्राविधानों का परिणाम है कि आज प्रदेश बाढ़ जैसी आपदा को लगभग नियंत्रित करने के नजदीक पहुंच चुका है। राज्य सरकार द्वारा यमुना नदी के किनारे स्थित क्षेत्रों जनपद सहारनपुर, बागपत, गौतमबुद्धनगर तथा प्रयागराज एवं गंगा नदी के किनारे स्थित क्षेत्रों प्रयागराज, बिजनौर, बलिया आदि में पुख्ता व्यवस्था की गई है।
इसी प्रकार सरयू, रामगंगा तथा हिण्डन नदियों के जल स्तर बढ़ने के कारण हुई जनधन व फसलों की हानि तथा प्रभावित नागरिकों को प्रदेश सरकार ने तत्काल राहत सामग्री पहुंचाने का काम किया है। प्रदेश में जिन किसानों की फसलें बाढ़ व जल प्लावन की चपेट में आयी है, उनका सर्वे कराने का आदेश दिया गया है। सर्वे की रिपोर्ट आते ही तत्काल अन्नदाता किसानों के नुकसान की भरपाई सरकार के स्तर से प्रारम्भ कर दी जाएगी।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश सरकार राहत सामग्री के रूप में जनहानि पर 04 लाख रुपये प्रभावित परिवार को उपलब्ध कराती है। यदि बरसात के समय कोई जंगली, हिंसक जानवर, सांप, बिच्छू किसी व्यक्ति को काटता है तथा उसकी दुर्भाग्यपूर्ण मृत्यु होने की दशा में सरकार पीड़ित परिवार को 04 लाख रुपये की आर्थिक सहायता तत्काल उपलब्ध कराती है। आपदा के दौरान यदि किसी गरीब का मकान गिर जाता है तो सरकार आवास बनाने हेतु उसे धनराशि उपलब्ध कराती है। यदि जमीन और मकान नदी में विलीन तथा कटान की चपेट में आ जाता है, तो सरकार द्वारा परिवार को मकान बनाने के लिए जमीन का पट्टा और धनराशि भी उपलब्ध कराई जाती है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश सरकार जल में प्लावित मेरूण्ड गांवों में प्रत्येक पीड़ित को सुरक्षित शिविर, राहत सामग्री, भोजन तथा पशुओं के लिए चारा उपलब्ध कराती है। राहत सामग्री के रूप में 2.5 कि0ग्रा0 लाई, 02 कि0ग्रा0 चना, 02 कि0ग्रा0 भुना चना, 01 कि0ग्रा0 चीनी, 10 पैकेट बिस्कुट, 01 पैकेट माचिस, 01 पैकेट मोमबत्ती, 02 नहाने के साबुन, 18 लीटर की 01 ढक्कनदार बाल्टी, 12ग10 वर्ग फिट मोटाई और कम से कम 110 जी0एस0एम0 की 01 तिरपाल, 10 कि0ग्रा0 आटा, 10 कि0ग्रा0 चावल, 02 कि0ग्रा0 अरहर दाल, 10 कि0ग्रा0 आलू, 200 ग्राम हल्दी, 100 ग्राम मिर्च, 200 ग्राम सब्जी मसाला, 01 लीटर सरसों का तेल/रिफाइण्ड, 01 कि0ग्रा0 नमक, 20 सैनेटरी पैड, 02 कपडे़ धोने के साबुन, 01 तौलिया, 01 मीटर सूती कपड़ा, 20 डिस्पोजेबल बैग, 01 मग एवं 100 मिली डेटॉल/सैवलॉन आदि उपलब्ध कराए जाते हैं। इससे आपदा के दौरान पीड़ित परिवार आसानी से अपना भरण-पोषण कर सकते हैं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि बाढ़ जैसी आपदाओं के समय अधिक सतर्कता और सावधानी बरतनी चाहिए। दूषित जल के कारण डायरिया, वायरल फीवर तथा पेट जनित बीमारियां होती हैं। बाढ़ के दौरान पानी गर्म व उबालकर सेवन करना लाभदायक होता है। शुद्ध जल डायरिया तथा पेट जनित बीमारियों से बचाता है। हमें घर की छतों तथा आसपास पानी इकट्ठा नहीं होने देना चाहिए। यदि कहीं बरसात का पानी इकट्ठा होता है, तो उसमें डेंगू, मलेरिया के लार्वा पैदा होते हैं। इसलिए आस-पास साफ-सफाई तथा ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव करना चाहिए।
जल-जमाव के कारण सांप और अन्य कीटाणु भी निकलते हैं, जिससे जनहानि की आशंका रहती है। यदि किसी व्यक्ति को जहरीले कीड़े व सांप द्वारा काटा जाता है, तो झाड़-फूंक के चक्कर में न पड़कर तत्काल डॉक्टर के पास जाना चाहिए। प्रत्येक जिला हॉस्पिटल व सी0एच0सी0 में जहरीले, जंगली जीव के काटने से बचाव हेतु वैक्सीन तथा स्ट्रीट व पालतू कुत्ते के काटने से बचाव हेतु एण्टी रेबीज वैक्सीन उपलब्ध हैं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि पर्व एवं त्योहारों का समय शुरू हो गया है। आज से पितृ पक्ष प्रारम्भ हो गया है। यह सभी पितरों को तर्पण देने का कार्यक्रम है। शारदीय नवरात्रि भी प्रारम्भ होने वाली है। इसके पश्चात विजयादशमी और दीपावली के भव्य आयोजन के साथ भी हम सभी को जुड़ने का अवसर प्राप्त होगा। हम सतर्कता व सावधानी बरतते हुए पर्व और त्योहारों को उत्सव और उमंग के साथ मना सकते हैं।
विधान परिषद सदस्य श्री भूपेन्द्र सिंह चौधरी ने कहा कि आपदा के समय में मुख्यमंत्री जी और सरकार द्वारा अपनी जिम्मेदारी को समझते हुए आपदा पीड़ित परिवारों के लिए राहत सामग्री एवं सहायता की व्यवस्था की गयी है। प्रधानमंत्री जी और मुख्यमंत्री जी देश और प्रदेश के नागरिकों की आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए लगातार कार्य करते हैं।
मुख्यमंत्री जी ने मीडिया प्रतिनिधियों को पंजाब, हिमाचल प्रदेश एवं उत्तराखण्ड को भेजी जा रही राहत सामग्री के सम्बन्ध में जानकारी दी।
इस अवसर पर जनप्रतिनिधिगण तथा शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
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मुख्यमंत्री ने मिशन रोजगार के अन्तर्गत चयनित स्वास्थ्य विभाग के 1,112 कनिष्ठ लिपिक एवं 22 एक्स-रे टेक्नीशियन को नियुक्ति पत्र प्रदान किए
स्वस्थ व्यक्ति सशक्त समाज और समर्थ राष्ट्र के निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन कर सकता : मुख्यमंत्री
प्रधानमंत्री जी की विजनरी लीडरशिप में देश में स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि विकास, जल संसाधन, रोजगार, स्किल डेवलपमेन्ट,
इमर्जिंग टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में बेहतरीन कार्य किए जा रहे
विगत साढ़े 08 वर्षों में स्वास्थ्य विभाग ने लम्बी छलांग लगाई, प्रत्येक क्षेत्र में नया परिवर्तन करके दिखाया, यह परिवर्तन प्रधानमंत्री
जी की विकसित भारत संकल्पना को आगे बढ़ाने का हिस्सा
यदि प्र्रत्येक नागरिक अपनी-अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन ईमानदारीपूर्वक करेगा, तो देश को विकसित भारत तथा दुनिया की सबसे बड़ी ताकत बनने में बहुत देर नहीं लगेगी
विगत साढे़ 08 वर्षों में पारदर्शी एवं निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से साढे़ 08 लाख से अधिक युवाओं को प्रदेश के विभिन्न विभागों में नियुक्त किया गया
स्वास्थ विभाग के अन्तर्गत 1,354 स्टाफ नर्स, 7,182 ए0एन0एम0, 1,102 स्पेशलिस्ट चिकित्सक, चिकित्सा शिक्षा विभाग के 278 एसोशिएट प्रोफेसर तथा चिकित्सा संस्थानों के 2,142 स्टाफ नर्स की भर्ती सफलतापूर्वक सम्पन्न
प्रदेश में राजकीय मेडिकल कॉलेजों की संख्या बढ़कर 80 से अधिक हुई,
‘एक जनपद एक मेडिकल कॉलेज’ योजना प्रदेश की पहचान बन रही
प्रदेश में 80 लाख से अधिक लोगों को आयुष्मान कार्ड का लाभ प्राप्त हो रहा, हाल ही में शिक्षकों के लिए कैशलेस इलाज की घोषणा की गई
प्रदेश के प्रत्येक जनपद में ब्लड बैंक, आई0सी0यू0, मिनी आई0सी0यू0, डिजिटल एक्स-रे, ब्लड सेपरेटर तथा डायलिसिस आदि सुविधाएं उपलब्ध
प्रदेश में एम0बी0बी0एस0 सीट्स की संख्या बढ़कर 11,850, पी0जी0 सीट्स की संख्या 4,028, सुपर स्पेशियलिटी सीट्स की संख्या 305 हो चुकी
प्रदेश का सौहार्दपूर्ण वातावरण राष्ट्रीय एकता को सम्बल प्रदान कर रहा, सौहार्दपूर्ण वातावरण राज्य के विकास का भी वाहक बन रहा
लखनऊ : 08 सितम्बर, 2025: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कहा है कि स्वस्थ व्यक्ति ही स्वस्थ समाज के निर्माण में अपना योगदान दे सकता है। स्वस्थ व्यक्ति ही सशक्त समाज और समर्थ राष्ट्र के निर्माण में अपनी भूमिका का निर्वहन कर सकता है। यदि व्यक्ति स्वस्थ नहीं होगा, तो व्यवस्था कैसे स्वस्थ होगी। व्यवस्था के अस्वस्थ होने पर विकास अवरूद्ध हो जाएगा। विगत साढ़े 08 वर्षों में स्वास्थ्य विभाग ने लम्बी छलांग लगाई है। प्रत्येक क्षेत्र में कुछ न कुछ नया परिवर्तन करके दिखाया है। यह परिवर्तन प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के विकसित भारत संकल्पना को आगे बढ़ाने का हिस्सा है।
मुख्यमंत्री जी आज यहां मिशन रोजगार के अन्तर्गत निष्पक्ष एवं पारदर्शी प्रक्रिया के अन्तर्गत चयनित स्वास्थ्य विभाग के 1,112 कनिष्ठ लिपिक एवं 22 एक्स-रे टेक्नीशियन को नियुक्ति पत्र प्रदान करने के पश्चात आयोजित कार्यक्रम में अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। उन्होंने नवचयनित अभ्यर्थियों को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आप सभी निष्पक्ष एवं पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से चयनित हुए हैं। निष्पक्ष एवं पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया प्रदेश की नई तस्वीर प्रस्तुत करती है। इसका उदाहरण चिकित्सा शिक्षा, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग भी है। सरकार भी आपसे अपेक्षा रखती है कि जरूरतमंदों के प्रति संवेदना व आदर का भाव रखते हुए, उन्हें बेहतर से बेहतर सेवा प्रदान करें। उनके साथ किसी भी स्तर पर कोई भेदभाव नहीं होना चाहिए। यदि प्र्रत्येक नागरिक अपनी-अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन ईमानदारीपूर्वक करेगा, तो देश को विकसित भारत तथा दुनिया की सबसे बड़ी ताकत बनने में बहुत देर नहीं लगेगी। इसके लिए हम सभी को मिलकर कार्य करना होगा।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रधानमंत्री जी की विजनरी लीडरशिप में देश में स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि विकास, जल संसाधन, रोजगार, स्किल डेवलपमेन्ट, इमर्जिंग टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में बेहतरीन कार्य किए जा रहे हैं। प्रदेश ने विकास के लिए आवश्यक सभी मानकों को पूरा करते हुए आगे बढ़ने का निर्णय लिया। परिणामस्वरूप विगत साढे़ 08 वर्षों में पारदर्शी एवं निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से साढे़ 8 लाख से अधिक युवाओं को प्रदेश के विभिन्न विभागों में नियुक्त किया गया है। प्रदेश में भर्ती प्रक्रिया निर्धारित समय में सम्पन्न हो रही है।
विगत 08 वर्षों में 02 लाख 19 हजार पुलिस कार्मिकों की भर्ती सफलतापूर्वक सम्पन्न की गई है। हाल ही में नियुक्त 60,244 पुलिस कार्मिक प्रदेश में स्थित ट्रेनिंग सेन्टर्स में बेहतरीन ट्रेनिंग प्राप्त कर रहे हैं। प्रदेश में हाल ही में प्रारम्भिक अर्हता परीक्षा (पी0ई0टी0) कुशलतापूर्वक सम्पन्न की गई है। इस परीक्षा में सफल होने वाले अभ्यर्थियों को प्रदेश सरकार के विभागों की नियुक्ति प्रक्रिया से जुड़ने का अवसर प्राप्त होगा।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि स्वास्थ विभाग के अन्तर्गत 1,354 स्टाफ नर्स, 7,182 ए0एन0एम0, 1,102 स्पेशलिस्ट चिकित्सक, चिकित्सा शिक्षा विभाग के 278 एसोशिएट प्रोफेसर तथा चिकित्सा संस्थानों के 2,142 स्टाफ नर्स की भर्ती सफलतापूर्वक सम्पन्न कर नियुक्ति पत्र प्रदान किए जा चुके हैं। यह सभी उत्तर प्रदेश के विकास में अपना योगदान दे रहे हैं। वर्ष 2017 से पूर्व प्रदेश में 17 मेडिकल कॉलेज थे। आज इनकी संख्या बढ़कर 80 से अधिक हो गई है। इन मेडिकल कॉलेजों में बड़ी संख्या में युवाओं को रोजगार प्राप्त हुआ है। लोगों को स्थानीय स्तर पर अच्छी स्वास्थ्य सुविधाएं मिल रही हैं। ‘एक जनपद एक मेडिकल कॉलेज’ योजना प्रदेश की पहचान बन रही है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश में 80 लाख से अधिक लोगों को आयुष्मान कार्ड का लाभ प्राप्त हो रहा है। इसके लिए प्रदेश सरकार ने केन्द्र सरकार के साथ मिलकर गरीबों की बेहतर चिकित्सा सुविधा के लिए लगभग 03 हजार करोड़ रुपये की धनराशि का भुगतान किया है। हाल ही में प्रदेश सरकार द्वारा शिक्षकों के लिए कैशलेस इलाज की घोषणा की गई है। प्रदेश के प्रत्येक जनपद में ब्लड बैंक, आई0सी0यू0, मिनी आई0सी0यू0, डिजिटल एक्स-रे, ब्लड सेपरेटर तथा डायलिसिस आदि सुविधाएं उपलब्ध हैं। टेक्नीशियन तथा कनिष्क सहायक किसी भी चिकित्सा संस्थान की बैकबोन होते हैं। यदि कनिष्ठ सहायक जरूरतमंद लोगों की फाइल समय से अग्रसारित कर दें, तो लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं निर्धारित समय में प्राप्त हो सकती हैं। एक्स-रे टेक्नीशियन मशीनों के संचालन व रख-रखाव में अपना योगदान दे सकते हैं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश में वर्ष 2017 से पूर्व एम0बी0बी0एस0 की 5,390 सीटें थीं। अब इनकी संख्या बढ़कर 11,850 अर्थात् दोगुने से भी अधिक हो चुकी है। पी0जी0 की सीट्स 1,344 से बढ़कर 4,028 हो गई हैं। सुपर स्पेशियलिटी सीटों की संख्या भी 120 से 305 हो गयी हैं। राजकीय क्षेत्र में अप्रैल 2017 के बाद से 1,284 चिकित्सा शिक्षकों की नियुक्ति की गयी है। डी0एन0बी0 सीटों की संख्या पिछले एक साल में दोगुनी हो गयी है।
यू0पी0एम0एस0सी0एल0 के अन्तर्गत उपकरणों एवं दवाइयों की आपूर्ति की जा रही है। वर्ष 2017-18 में यू0ेपी0एम0एस0सी0एल0 का वार्षिक टर्न ओवर 83 करोड़ रुपये था, जो वर्ष 2024-25 में बढ़कर 1,390 करोड़ रुपये हो गया है। पहले इस सीजन में अस्पताल इन्सेफेलाइटिस, मलेरिया, डेंगू, कालाजार, चिकनगुनिया आदि बीमारियों के मरीजों से भरे रहते थे। अब यह बीमारियां पूरी तरह नियन्त्रण में है। यह चीजें दिखाती हैं कि जब सरकार द्वारा अच्छे कदम उठाएं जाते हैं, तो अच्छे परिणाम आने में समय नहीं लगता है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश की बेहतरीन कानून व्यवस्था के परिणामस्वरूप लोग पर्व और त्योहारों को उत्साह व उमंग के साथ मनाते हैं। प्रदेश का सौहार्दपूर्ण वातावरण राष्ट्रीय एकता को सम्बल प्रदान कर रहा है। यह सौहार्दपूर्ण वातावरण राज्य के विकास का भी वाहक बन रहा है। इस वित्तीय वर्ष के अन्त तक प्रदेश की अर्थव्यवस्था 35 लाख करोड़ रुपये की बनने जा रही है। हमें यह सफलता प्रदेश के युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार की गारन्टी देने तथा निष्पक्ष एवं पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया सम्पन्न करने के परिणामस्वरूप प्राप्त हुई है।
कार्यक्रम में मिशन रोजगार पर आधारित एक लघु फिल्म प्रदर्शित की गई।
उप मुख्यमंत्री श्री ब्रजेश पाठक ने भी कार्यक्रम को सम्बोधित किया।
इस अवसर पर चिकित्सा शिक्षा, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य राज्यमंत्री श्री मयंकेश्वर शरण सिंह, विधायक डॉ0 नीरज बोरा, श्रीमती जयदेवी, विधान परिषद सदस्य श्री मुकेश शर्मा, श्री उमेश द्विवेदी, प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य श्री पार्थसारथी सेन शर्मा सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
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