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हरियाणा

Haryana Latest News 2026

January 24, 2026 08:33 AM

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने महान संत व समाज सुधारक सतगुरु राम सिंह जी महाराज की जयंती पर किया नमन

 पंजाब के श्री भैणी साहिब, समराला में आयोजित भव्य कार्यक्रम में की शिरकत

 नामधारी सिखों के बलिदान हमेशा रहेंगे स्मरणीय – नायब सिंह सैनी

 संत परंपरा और राष्ट्र चेतना हरियाणा सरकार की नीति का आधार- मुख्यमंत्री

 चंडीगढ़, 23 जनवरी – हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने महान संत, समाज सुधारक और राष्ट्र चेतना के अग्रदूत सतगुरु राम सिंह जी महाराज की जयंती के अवसर पर पंजाब के जिला लुधियाना स्थित श्री भैणी साहिब, समराला में आयोजित भव्य कार्यक्रम में शिरकत की। मुख्यमंत्री ने सतगुरु राम सिंह जी महाराज को श्रद्धापूर्वक नमन करते हुए उनके विचारों को सामाजिक और राष्ट्रीय उत्थान का मार्गदर्शक बताया। उन्होंने कहा कि बाबा जी का जीवन मानवता, नैतिकता और राष्ट्रहित पर आधारित सच्चे विकास की प्रेरणा देता है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने आयोजक समिति की मांग पर कहा कि आयोजक समिति के सदस्यों से विचार-विमर्श के उपरांत सतगुरु राम सिंह जी महाराज के नाम पर हरियाणा सरकार चेयर स्थापित करने का कार्य करेगी।

 श्री नायब सिंह सैनी ने कूका आंदोलन के दौरान देश की आज़ादी के लिए शहीद हुए सभी नामधारी सिखों को श्रद्धासुमन अर्पित किए। उन्होंने कहा कि सतगुरु राम सिंह जी ऐसे युगदृष्टा संत थे, जिन्होंने धर्म को कर्म से, भक्ति को समाज सुधार से और अध्यात्म को राष्ट्र सेवा से जोड़ा। उन्होंने उस समय समाज को दिशा दी, जब भारत पराधीनता की बेड़ियों में जकड़ा हुआ था, सामाजिक कुरीतियां गहरी जड़ें जमा चुकी थीं और आम जन का आत्मविश्वास डगमगा रहा था। ऐसे समय में बाबा राम सिंह जी ने नामधारी आंदोलन के माध्यम से समाज को आत्मसम्मान, अनुशासन और स्वाभिमान का मार्ग दिखाया। उन्होंने यह सिद्ध किया कि सच्चा संत वही है, जो समाज को जागृत करे, अन्याय के विरुद्ध खड़ा हो और मानवता को सर्वोपरि माने।

 उन्होंने कहा कि सतगुरु राम सिंह जी के नेतृत्व में चला कूका आंदोलन स्वतंत्रता संग्राम की प्रेरक गाथा है। 1849 के बाद पंजाब में ब्रिटिश शासन व्यवस्था के विरोध में यह आंदोलन शुरू हुआ, जो केवल आर्थिक नहीं बल्कि भारत की आत्मा को जगाने का प्रयास था। सतगुरु राम सिंह जी ने असहयोग और स्वदेशी के माध्यम से शांतिपूर्ण आज़ादी की लड़ाई का मार्ग दिखाया, जिसे बाद में महात्मा गांधी जी ने अपनाया। उन्होंने विदेशी वस्तुओं, अंग्रेजी संस्थाओं और व्यवस्थाओं का बहिष्कार कर पंचायतों की स्थापना की तथा स्वदेशी का प्रचार किया।

 मुख्यमंत्री ने कहा कि इतिहास साक्षी है कि बाबा राम सिंह जी का आंदोलन अंग्रेजी शासन के विरुद्ध सशक्त चुनौती था। अन्याय के विरोध के कारण उन्हें रंगून निर्वासित किया गया, लेकिन उनके विचारों को कैद नहीं किया जा सका। कूका आंदोलन ने अंग्रेजों को यह अहसास कराया कि भारत उनकी सत्ता को अधिक समय तक सहन नहीं करेगा। आंदोलन को दबाने के लिए 1872 में 49 और 16 नामधारी सिखों को तोपों से शहीद किया गया। 1857 से 1947 तक नामधारी सिखों का संघर्ष जारी रहा और अंततः सभी बलिदानों से सतगुरु राम सिंह जी महाराज का आज़ादी का सपना साकार हुआ।

 मुख्यमंत्री ने कहा कि नेता जी सुभाष चंद्र बोस ने आजादी के लिए नामधारी सिखों की कुर्बानियों को स्मरण करते हुए कहा था कि सतगुरु राम सिंह जी के फहराए हुए आजादी के झंडे तले नामधारी कूकों ने जो कुर्बानियां की हैं, उन पर देश सदा गर्व करेगा। हमें शहीदों के संघर्ष, त्याग और कुर्बानी से मिली आज़ादी की अमूल्य धरोहर को हमें सम्भाल कर रखना है। इसी दिशा में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की पहल पर कूका आंदोलन के शहीदों की याद में 24 दिसम्बर, 2014 को डाक टिकट जारी किया गया। उन्होंने सतगुरु बाबा राम सिंह जी महाराज के द्वारा चलाये गये स्वदेशी के अभियान से प्रेरणा लेते हुए वर्तमान समय में भी स्वदेशी का नारा दिया है।

 युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है सतगुरु राम सिंह जी का जीवन - मुख्यमंत्री

 मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने युवाओं का मार्गदर्शन करते हुए कहा कि सतगुरु बाबा राम सिंह जी का जीवन युवाओं के लिए एक जीवंत प्रेरणा है। आधुनिकता को अपनाइए, तकनीक में आगे बढ़िए, लेकिन अपने संस्कारों और मूल्यों को कभी न छोड़िए। जीवन में सफलता केवल व्यक्तिगत उपलब्धियों से नहीं मापी जाती, बल्कि इस बात से मापी जाती है कि आपने समाज और राष्ट्र के लिए क्या योगदान दिया। बाबा जी का जीवन हमें सिखाता है कि सच्चा विकास वही है, जिसमें मानवता, नैतिकता और राष्ट्रहित समाहित हों।

 संत परंपरा और राष्ट्र चेतना हरियाणा सरकार की नीति का आधार- मुख्यमंत्री

 श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा में संत परंपरा, सामाजिक समरसता, नशामुक्त समाज, युवा सशक्तिकरण और सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहे हैं। सरकार का प्रयास है कि संतों के विचार केवल आयोजनों और मंचों तक सीमित न रहें, बल्कि वे हमारी नीतियों, शिक्षा व्यवस्था और सामाजिक आचरण का अभिन्न हिस्सा बनें। जब शासन और समाज संतों के विचारों से प्रेरित होकर आगे बढ़ते हैं, तब राष्ट्र का मार्ग स्वतः प्रशस्त हो जाता है। उन्होंने कहा कि हम सभी संकल्प लें कि हम सतगुरु बाबा रामसिंह जी के विचारों को केवल स्मरण तक सीमित नहीं रखेंगे, बल्कि उन्हें अपने जीवन में उतारेंगे। हम एक नशामुक्त, भेदभाव मुक्त, नैतिक और सशक्त समाज के निर्माण के लिए मिलकर कार्य करेंगे और भारत को एक आत्मनिर्भर, समृद्ध और विश्व गुरु राष्ट्र बनाने की दिशा में अपना योगदान देंगे।

 आम आदमी पार्टी सरकार ने केवल पंजाब के लोगों को बरगलाने का काम किया – मुख्यमंत्री

 समारोह के उपरांत पत्रकारों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने आम आदमी पार्टी सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि इन्होंने केवल पंजाब के लोगों को बरगलाने का काम किया है। मात्र बड़ी-बड़ी बातें ही कही हैं। चार साल इन्होंने कुछ नहीं किया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में तेज गति से विकास व जनकल्याण के कार्य हो रहे हैं। भारत निरंतर विकास की ओर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने पंजाब के लोगों से कहा कि उन्होंने ध्यान रखना है कि काम करने वालों की सरकार बनानी है या बड़ी-बड़ी गलां करने वालों की। भारतीय जनता पार्टी काम करने में विश्वास रखती है और निरंतर विकास की ओर अग्रसर है।

 मुख्यमंत्री ने पंजाब के लोगों को विश्वास दिलाया कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में जो योजनाएं क्रियान्वित हैं वे सभी योजनाएं पंजाब में भाजपा की सरकार बनने पर लागू की जाएंगी। उन्होंने कहा कि हरियाणा में वृद्धावस्था सम्मान भत्ता के तहत लगभग 44 लाख लोगों को लाभ दिया जा रहा है। इसके साथ-साथ आयुष्मान योजना के तहत पात्र व्यक्ति का पांच लाख रुपए का निशुल्क इलाज सरकारी व निजी अस्पताल में किया जाता है जबकि पंजाब में इसके बिल्कुल विपरित है। यहां पर महिलाओं को 1100 रुपए देने की बात आज तक पूरी नहीं हुई और वहीं 70 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गों को 1500 रुपए से बढ़ाकर 2500 रुपये किए जाने का वादा भी पूरा नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि सत गुरू राम सिंह ने नशे को रोकने का संदेश दिया है। पंजाब सरकार इससे प्रेरणा ले ताकि पंजाब की युवा पीढ़ी इससे बच सके।

 इस मौके पर मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने सतगुरु उदय सिंह का आर्शीवाद प्राप्त किया। इस अवसर पर अविनाश राय खन्ना के साथ-साथ नामधारी समाज के गणमान्य लोग मौजूद रहे।

 डबल इंजन सरकार ने किया किसानों का सम्मान व सशक्तिकरण -  नायब सिंह सैनी

मुख्यमंत्री ने अंतर्राष्ट्रीय जाट धर्मशाला कुरुक्षेत्र को दी 31 लाख रुपए की अनुदान राशि

मुख्यमंत्री ने कुरुक्षेत्र में बसंत पंचमी पर आयोजित कार्यक्रम में की शिरकत

 चंडीगढ़, 23 जनवरी- हरियाणा के  मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि दीनबंधु चौधरी छोटूराम के संघर्ष के चलते धरती पुत्र किसान का भाग्य बदला और मजदूर की तकदीर भी बदली।  कृषि भूमि की रक्षा, किसान की गरिमा और मेहनतकश की इज्जत ही दीनबंधु चौधरी छोटूराम के जीवन के मूल मंत्र थे। इन्हीं मूल मंत्रों को आधार मानकर डबल इंजन सरकार किसानों का सम्मान और सशक्तिकरण कर रही है।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी शुक्रवार को अंतर्राष्ट्रीय जाट धर्मशाला में बसंत पंचमी के पावन पर्व पर आयोजित समारोह में बोल रहे थे। इससे पहले मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद महाराज, हरियाणा के सामाजिक एवं अधिकारिता मंत्री कृष्ण कुमार बेदी, सांसद सुभाष बराला ने दीनबंधु सर छोटूराम की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। साथ ही नेता जी सुभाष चंद्र बोस को भी श्रद्धा सुमन अर्पित किए।  इस दौरान मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अंतर्राष्ट्रीय जाट धर्मशाला को 31 लाख रुपए तथा सांसद सुभाष बराला ने 21 लाख रुपए की अनुदान राशि देने की घोषणा की है।

मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को बसंत पंचमी और दीनबंधु सर छोटूराम की जयंती पर बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि दीनबंधु सर छोटूराम का जीवन भी साहस के साथ संवेदना और संघर्ष के साथ सेवा के समन्वय का अद्भुत उदाहरण है। इस महान व्यक्तित्व ने धरती पुत्र किसान के साथ-साथ मजदूर का भाग्य और तकदीर भी बदली। दीनबंधु सर छोटूराम अपने आप में एक विचार थे, एक आंदोलन थे और एक संकल्प थे। जिन्होंने अपना पूरा जीवन किसानों, श्रमिकों और वंचित वर्गों के अधिकारों की रक्षा के लिए समर्पित कर दिया। दीनबंधु चौधरी छोटूराम ने उस समय की अन्यायपूर्ण व्यवस्थाओं के विरुद्ध खड़े हुए जब सत्ता और संसाधन कुछ हाथों में सिमट कर रह गए थे।

उन्होंने कहा कि जब तक किसान सशक्त नहीं होगा तब तक भारत सशक्त नहीं होगा। इसी सोच के साथ दीनबंधु चौधरी छोटूराम संघर्ष करते रहे। उनके संघर्ष के कारण नीतियों और कानूनों को स्वरूप दिया, ऋण ग्रस्त किसानों को साहूकारों के शोषण से मुक्ति दिलवाने के लिए ऐतिहासिक कदम उठाए गए। इस संघर्ष से यह प्रेरणा मिलती है कि कर्तव्य के पथ पर चलना ही सच्चा धर्म है और व्यक्तिगत स्वार्थ से ऊपर उठकर समाज और राष्ट्र के हित को प्राथमिकता देनी चाहिए। उनका संघर्ष किसी वर्ग के विरुद्ध नहीं बल्कि अन्याय के विरुद्ध था, यही कारण है उनका नाम आज भी सम्मान और कृतज्ञता के साथ लिया जाता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने दीनबंधु चौधरी छोटूराम के आदर्शों को अपनाते हुए किसानों का सम्मान व सशक्तिकरण के लिए अनेकों योजनाओं को अमलीजामा पहनाने का काम किया। किसानों के हितों को देखते हुए सभी 24 फसलों की खरीद एमएसपी पर की जा रही है। अब तक 12 लाख किसानों के खातों में फसल खरीद के 1 करोड़ 64 हजार रुपए डाले जा चुके हैं। इस सरकार ने पिछले 11 वर्षों में फसल खराबे के मुआवजे के रूप में 15 हजार 448 करोड़ रुपए किसानों को दिए हैं। उन्होंने कहा कि हरियाणा कृषि भूमि पट्टा विधेयक 2024 पारित करके पट्टेदार किसानों व भूमि मालिकों के बीच विश्वास बहाली का काम किया है। किसानों की खरीद को सुविधाजनक बनाने के लिए मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल शुरू किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अंग्रेजों के जमाने से चले आ रहे आबियाने को जड़ से खत्म करके बकाया 133 करोड़ रुपए भी माफ किए, पिंजौर में एशिया की सबसे बड़ी आधुनिक सेब, फल एवं सब्जी मंडी शुरू की, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत 20 लाख 18 हजार पात्र किसान परिवारों को 6 हजार वार्षिक दर से 7 हजार 233 करोड़ रुपए दिए गए है। सरकार ने अब तक किसानों को बाजार भावांतर के रूप में 1 हजार 285 करोड़ रुपए की राशि दी है और फसल विविधीकरण और जल संरक्षण योजना के तहत किसानों को अब तक 167 करोड़ रुपए की वित्तीय सहायता दी जा चुकी है।

इस मौके पर गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद महाराज ने नागरिकों को बसंत पंचमी व दीनबंधु चौधरी छोटूराम की जयंती पर बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस का पराक्रम और दीनबंधु सर छोटूराम की करुणा, दोनों मिलकर भारत के चरित्र को पूर्ण बनाते है। वहीं बसंत पंचमी हमें बताती है कि ज्ञान और संस्कृति के बिना कोई भी पराक्रम स्थाई नहीं हो सकता। इसलिए आज की पीढ़ी को इतिहास से प्रेरणा लेकर शिक्षा, नवाचार और नैतिक मूल्यों को लेकर आगे बढ़ाना होगा।

इस मौके पर सांसद सुभाष बराला ने भी प्रदेशवासियों को बधाई देते हुए कहा कि किसानों और मजदूरों के हितों की रक्षा करने और समाज में मान सम्मान देने के लिए दीनबंधु चौधरी छोटूराम ने अपना पूरा जीवन लगा दिया और संघर्ष करते हुए किसानों को उनका हक दिलवाने का काम किया। उनकी सोच थी कि समाज के अंतिम व्यक्ति के चेहरे पर मुस्कान आए। सर छोटू राम जी ने सामाजिक न्याय को केवल भाषणों तक सीमित नहीं रखा बल्कि उसे नीतियों और कानून का स्वरूप भी दिया। आज युवा पीढ़ी को दीनबंधु सर छोटूराम के जीवन से प्रेरणा लेकर देश की सेवा के लिए आगे आना चाहिए।

जाट धर्मशाला के प्रधान डा. कृष्ण श्योकंद ने मुख्यमंत्री सहित अन्य मेहमानों का बसंत पंचमी समारोह में पहुंचने पर स्वागत किया। उन्होंने ने विस्तार से संस्था द्वारा करवाए जा रहे कार्यों की जानकारी दी।  

 

पवित्र सरस्वती नदी हरियाणा ही नहीं पूरे भारत वर्ष को बांधती है सांस्कृतिक एकता के पवित्र बंधन में - नायब सिंह सैनी

 मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने 63 करोड़ 86 लाख रुपये की 26 परियोजनाओं का किया उद्घाटन व शिलान्यास

 मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सरस्वती महोत्सव 2026 के समापन समारोह में की शिरकत

 चंडीगढ़, 23 जनवरी – हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि पवित्र सरस्वती नदी हरियाणा के साथ-साथ पूरे भारत वर्ष को सांस्कृतिक एकता के पवित्र बंधन में बांधती है, इसलिए प्रदेश सरकार नदियों को जोड़कर व सरस्वती सरोवरों और जलाशयों का निर्माण करके सरस्वती को फिर से प्रवाहित करने का काम कर रही है। इतना ही नहीं सरकार सरस्वती से जुड़े प्रमुख तीर्थों को सरस्वती तीर्थ के रूप में विकसित करने की योजना पर काम कर रही है।

 मुख्यमंत्री शुक्रवार को जिला कुरुक्षेत्र में पिहोवा सरस्वती तीर्थ पर हरियाणा सरस्वती धरोहर विकास बोर्ड की तरफ से बसंत पंचमी के पावन पर्व पर आयोजित सरस्वती महोत्सव 2026 के समापन समारोह में बोल रहे थे। इससे पहले, मुख्यमंत्री ने हरियाणा सरस्वती धरोहर विकास बोर्ड की सरस्वती नदी के पुनरुद्धार के लिए 63 करोड़ 86 लाख रुपए की लागत से 26 परियोजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास किया। इनमें 27 करोड़ 59 लाख रुपए की लागत से 16 परियोजनाओं का उदघाटन और 36 करोड़ 27 लाख रुपए की लागत से 10 परियोजनाओं का शिलान्यास शामिल है। मुख्यमंत्री ने सरस्वती तीर्थ को विकसित करने के लिए एक मास्टर प्लान का भी शिलान्यास किया।

 मुख्यमंत्री ने माँ सरस्वती मंदिर में पूजा अर्चना करने के उपरांत कार्यक्रम स्थल पर माँ सरस्वती, नेता जी सुभाष चंद्र बोस व दीन बंधू सर छोटू राम की तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर नमन किया। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को बसंत पंचमी, नेताजी सुभाष चंद्र जी के पराक्रम दिवस व दीन बंधू सर छोटू राम की जयंती पर बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह एक सौभाग्य है कि आज के दिन 23 जनवरी को कुरुक्षेत्र जिला भी करनाल से अलग होकर अपने अलग स्वरूप में आया। इस जिले का निर्माण 23 जनवरी 1973 को हुआ। इस जिले को 3 गुणा तेज गति के साथ विकसित किया जा रहा है।

 उन्होंने कहा कि सरस्वती महोत्सव प्राचीन सभ्यता और संस्कृति के पुन: जागरण का पर्व है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के राष्ट्र गौरव अभियान को आगे बढ़ाने की पहल है। सरस्वती नदी की महत्ता को देखते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री रहते हुए सरस्वती को नर्मदा और साबरमती के जल के साथ जोड़कर पुर्न जीवित करने के प्रयास किए थे। इसी प्रकार हरियाणा में भी सरकार नदियों को जोड़कर व सरस्वती सरोवरों और जलाशयों का निर्माण करके सरस्वती को फिर से प्रवाहित करने का काम कर रहे है।

 सरकार का संकल्प- सरस्वती नदी की ऐतिहासिक पहचान फिर होगी स्थापित

 मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का संकल्प है कि सरस्वती नदी का पुन: उद्धार करके ऐतिहासिक पहचान को पुनः स्थापित करना है ताकि आने वाली पीढ़ियां गर्व से कह सके कि वे उस भूमि के निवासी है जहां मानव सभ्यता ने पहले कदम बढ़ाए थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार इसरो, भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण, ओएनजीसी, भाभा परमाणु अनुसंधान केन्द्र और केन्द्रीय भूजल बोर्ड जैसे 75 से अधिक प्रतिष्ठित अनुसंधान संगठनों के साथ मिलकर काम कर रही है। इन संस्थाओं के वैज्ञानिक अध्ययनों ने यह साबित कर दिया कि सरस्वती कोई काल्पनिक नदी नहीं है अपितु आदि बद्री से गुजरात के कच्छ के रण तक प्राचीन नदी के चैनल आज भी मौजूद है। इसका भूजल 5 हजार से 14 हजार वर्ष पुराना है और इसका संबंध हिमाचल के ग्लेशियरों से है।

 प्रमुख तीर्थों को किया जाएगा सरस्वती तीर्थ के रूप में विकसित

 मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि सरस्वती से जुड़े प्रमुख तीर्थों को सरस्वती तीर्थ के रूप में विकसित किया जाए। सरकार आदि बद्री से लेकर सिरसा तक के पूरे क्षेत्र को एक राष्ट्रीय पर्यटन सर्किट के रूप में विकसित कर रही है। इसमें कुरुक्षेत्र, पिहोवा, कैथल, हिसार, राखीगढ़ी, फतेहाबाद और सिरसा जैसे ऐतिहासिक स्थल शामिल है। यह सर्किट इतिहास और संस्कृति के प्रेमियों को आकर्षित करेगा तथा युवाओं के लिए रोजगार और व्यापार के नए द्वार भी खोलेगा।

 बसंत पंचमी का पावन पर्व माँ सरस्वती की वंदना का विशेष दिन - स्वामी ज्ञानानंद

 गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद महाराज ने प्रदेशवासियों को बसंत पंचमी के पावन पर्व के साथ-साथ नेता जी सुभाष चंद्र बोस और दीनबंधु सर छोटूराम की जयंती पर बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि बसंत पंचमी का पावन पर्व माँ सरस्वती की वंदना का विशेष दिन है। इस पावन पर्व पर आमजन में एक नई ऊर्जा का संचार होता है। एक ओर हम ज्ञान की देवी माँ सरस्वती की पूजा कर रहे हैं, वहीं सरकार सरस्वती नदी के पुनः उद्धार के संकल्प को दोहरा रही है।

 सरस्वती नदी पर 100 करोड़ रुपए के किए जा रहे है विकास कार्य - धुमन सिंह

 हरियाणा सरस्वती धरोहर विकास बोर्ड के उपाध्यक्ष धुमन सिंह किरमच ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के प्रयासों से सरस्वती नदी पर विकास कार्यों पर लगभग 100 करोड़ रुपए का बजट खर्च किया जा रहा है। यह लगातार तीसरा बड़ा महोत्सव है। इस महोत्सव की शुरुआत वर्ष 2017 में की गई थी। उन्होंने कहा कि सरस्वती नदी के किनारों पर तीर्थों, तालाबों व घाटों का निर्माण किया जा रहा है।

 इस अवसर पर मुख्यमंत्री के ओएसडी श्री भारत भूषण भारती, हरियाणा सरस्वती धरोहर विकास बोर्ड के सीईओ कुमार सुप्रवीण, चेयरमैन धर्मवीर मिर्जापुर, महंत बंसीपुरी जी महाराज, महंत शेरनाथ सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

 

संत शिरोमणि गुरु रविदास जी की 649वीं जयंती पर 31 जनवरी को उमरी में आयोजित होगा विशाल राज्य स्तरीय समारोह: कृष्ण लाल पंवार

 पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने राज्य स्तरीय समारोह को लेकर अधिकारियों के साथ की समीक्षा

 चण्डीगढ़, 23 जनवरी -- हरियाणा के विकास एवं पंचायत मंत्री श्री कृष्ण लाल पंवार ने कहा कि कुरुक्षेत्र के उमरी में संत शिरोमणि गुरु रविदास जी की 649वीं जयंती पर आयोजित होने वाला राज्य स्तरीय समारोह भव्य और विशाल होगा। हरियाणा सरकार हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी संत शिरोमणि गुरु रविदास जी की 649वीं जयंती को पूरे श्रद्धा और सम्मान के 31 जनवरी को गांव उमरी में मनाएगी। इस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी शिरकत करेंगे।

 विकास एवं पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार शुक्रवार को कुरुक्षेत्र में आयोजित बैठक में अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दे रहे थे। इस बैठक में सूचना जनसंपर्क एवं भाषा विभाग के महानिदेशक के.एम. पांडुरंग और जिला प्रशासन के अधिकारी भी मौजूद रहे।

 श्री कृष्ण लाल पंवार ने अधिकारियों के साथ 31 जनवरी को आयोजित होने वाले राज्य स्तरीय कार्यक्रम से संबंधित तैयारियों की समीक्षा की और कहा कि समय रहते सभी तैयारियां पूरी कर ली जाएँ और समारोह में किसी भी तरह की कोई कमी नहीं रहनी चाहिए। उन्होंने कहा कि संत शिरोमणि गुरु रविदास जी सामाजिक समरसता, समानता और मानवता के महान संत थे। उन्होंने अपने उपदेशों और वाणी के माध्यम से समाज में व्याप्त भेदभाव, छुआछूत और जातिगत असमानता के विरुद्ध सशक्त आवाज उठाई। गुरु रविदास जी के विचार आज भी समाज को एकजुट करने और समानता का संदेश देने के लिए प्रेरणास्रोत हैं।

 विकास एवं पंचायत मंत्री ने कहा कि हरियाणा सरकार संत-महापुरुषों की शिक्षाओं और आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से ‘संत-महापुरुष विचार प्रसार एवं सम्मान योजना’ के तहत निरंतर उनकी जयंती और स्मृति समारोह आयोजित करती आ रही है। उन्होंने कहा कि ऐसी महान विभूतियों की शिक्षाएं पूरे मानव समाज की अमूल्य धरोहर हैं, जिन्हें सहेजना और आगे बढ़ाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।

ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने सुभाष पार्क में नेताजी की प्रतिमा को सैन्य अंदाज में किया नमन

 नेता जी को समर्पित सबसे सुंदर सुभाष पार्क में गूंजा नेताजी अमर रहे का नारा

 चण्डीगढ़, 23 जनवरी -हरियाणा के ऊर्जा मंत्री श्री अनिल विज ने नेता जी सुभाषचंद्र बोस जी के जन्मदिन (पराक्रम दिवस) के अवसर पर अम्बाला छावनी के सुभाष पार्क में तेज हवाओं व बारिश में नेता सुभाष चंद्र बोस जी की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया। उन्होंने नेता जी की 12 फुट ऊंची प्रतिमा के समक्ष सैन्य अंदाज में ‘सैल्यूट’ कर ‘नेता जी अमर रहे’ के नारे लगाए।

 श्री अनिल विज ने कहा कि आज नेता सुभाष चंद्र बोस जी का जन्मदिन है और उनके नाम से हमने अम्बाला छावनी में सुभाष पार्क बनवाया है। उन्होंने कहा कि आज हम हर वर्ष की तरह, जब से यह पार्क बना है, जब से यहां नेता जी विराजमान है हम हर वर्ष यहां अपने श्रद्धा सुमन प्रस्तुत करने के लिए आते हैं। गौरतलब है कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर 23 जनवरी को नेता सुभाष चंद्र बोस जी के जन्मदिवस को पराक्रम दिवस के तौर पर मनाया जाता है।

 17 एकड़ में फैला सुभाष पार्क, ऊर्जा मंत्री की बदौलत नया रूप पार्क को मिला

 गौरतलब है कि अम्बाला छावनी में ऊर्जा मंत्री अनिल विज के अथह प्रयासों से नेता सुभाष चंद्र बोस को समर्पित हरियाणा का सबसे सुंदर सुभाष पार्क यहां पर बनाया गया है जोकि 17 एकड़ में फैला है, जहां रोज हजारों लोग आकर नेताजी के जीवन से प्रेरित होते हैं। इस पार्क को मंत्री अनिल विज के प्रयासों से स्थापित किया गया था। यह पार्क प्रदेश के निहायत खूबसूरत पार्कों में शुमार है।

पुलिस कांस्टेबल भर्ती में 3 वर्ष की आयु छूट, अभ्यर्थी 31 जनवरी, 2026 तक कर सकेंगे आवेदन

 चंडीगढ़, 23 जनवरी --हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग के अध्यक्ष श्री हिम्मत सिंह ने बताया कि सीईटी–2025 के अंतर्गत विज्ञापित पुलिस कांस्टेबल भर्ती में सभी अभ्यर्थियों को 03 वर्ष की आयु छूट प्रदान की गई है। अभ्यर्थी हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट https://adv012026.hryssc.com/ के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं, जिसके लिए आवेदन पोर्टल सक्रिय कर दिया गया है। साथ ही, ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि 25 जनवरी, 2026 से बढ़ाकर 31 जनवरी, 2026 (रात्रि 11:59 बजे तक) कर दी गई है।

श्री हिम्मत सिंह ने कहा कि यह निर्णय उन अभ्यर्थियों को अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से लिया गया है, जो वर्ष 2022 के बाद सीईटी परीक्षा आयोजित न हो पाने के कारण आयु सीमा से बाहर हो रहे थे। वर्ष 2025 में पुनः सीईटी परीक्षा आयोजित होने के उपरांत पात्र अभ्यर्थियों को समान अवसर सुनिश्चित करने के लिए यह आयु छूट दी गई है।

उन्होंने कहा कि इस निर्णय से अधिक संख्या में योग्य युवा भर्ती प्रक्रिया में सम्मिलित हो सकेंगे। आयोग भर्ती प्रक्रिया को पूर्ण पारदर्शिता, निष्पक्षता एवं निर्धारित नियमों के अनुरूप संपन्न कराने के लिए प्रतिबद्ध है।

उल्लेखनीय है कि हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग द्वारा विज्ञापन संख्या 01/2026 के अंतर्गत सीईटी फेज–II में हरियाणा पुलिस कांस्टेबल पदों पर भर्ती प्रक्रिया प्रारंभ की गई है। इसके तहत पुरुष कांस्टेबल, महिला कांस्टेबल एवं हरियाणा रेलवे पुलिस के पदों के लिए ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए हैं।

इस भर्ती के अंतर्गत कुल 5500 पद निर्धारित किए गए हैं, जिनमें 4500 पद पुरुष कांस्टेबल, 600 पद महिला कांस्टेबल तथा 400 पद हरियाणा रेलवे पुलिस के लिए हैं।

आयोग ने सभी अभ्यर्थियों से अनुरोध किया है कि वे 31 जनवरी, 2026 (रात्रि 11:59 बजे) से पूर्व अपना आवेदन सुनिश्चित करें। अंतिम तिथि के बाद किसी भी प्रकार का अतिरिक्त समय या विस्तार नहीं दिया जाएगा।

 

प्रदेश में बनेंगे स्मार्ट एग्रीकल्चर तथा स्मार्ट इंडस्ट्रियल जोन - मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी

 किसानों एवं उद्योगपतियों को मिलेगी विशेष सुविधाएं

 उद्योग एवं वाणिज्य विभाग से संबंधित गत वर्ष की बजट घोषणाओं की मुख्यमंत्री ने की समीक्षा

 चंडीगढ़, 23 जनवरी - हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने किसानों एवं उद्योगपतियों के हित में दो बड़ी घोषणाएं करते हुए कहा कि राज्य में एक स्मार्ट एग्रीकल्चर जोन तथा एक स्मार्ट इंडस्ट्रियल जोन बनाया जाएगा, जहां किसानों एवं उद्योगपतियों को विशेष सुविधाएं दी जाएंगी।

 मुख्यमंत्री उद्योग एवं वाणिज्य विभाग की गत वर्ष के बजट में की गई घोषणाओं की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह भी उपस्थित थे।

 मुख्यमंत्री ने आईएमटी मानेसर, बावल तथा कुंडली में फैक्ट्रियों में काम करने वाले मजदूरों के लिए डॉर्मिट्रीज़ तथा सिंगल रूम यूनिट्स के कार्य की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिस भी औद्योगिक क्षेत्र में वहां कार्यरत मजदूरों के लिए आवासीय जरुरत हो, वहां संबंधित इंडस्ट्रियल एसोसिएशन से विचार -विमर्श कर आवासीय सुविधा उपलब्ध करवाने की योजना तैयार करें। इससे जहां मजदूरों को उद्योग के नजदीक सस्ती आवासीय सुविधा मिलेगी, वहीं उनके कार्य में भी गुणवत्ता आएगी।

 बैठक में जानकारी दी गई कि "गुड गवर्नेंस डे" के दिन गत 25 दिसंबर, 2025 को कम से कम 50 फैक्ट्रियों वाली जिन अवैध कॉलोनियों को रेगुलर करने के लिए मुख्यमंत्री द्वारा नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग के जिस पोर्टल को लांच किया गया था, उसके सकारात्मक परिणाम आ रहे हैं। उद्योगपति अपनी यूनिट को उक्त पोर्टल पर रजिस्टर कर रहे हैं। इन कॉलोनियों के नियमित होने पर उद्योगपतियों को जहां विभिन्न योजनाओं का समय पर लाभ मिल सकेगा, वहीं अलग -अलग विभागों की औपचारिकताएं पूरी करने के लिए दफ़्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।

 बैठक में बताया गया कि मुख्यमंत्री द्वारा पिछले वर्ष के बजट में की गई घोषणा को मूर्त रूप देते हुए हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण द्वारा अलॉट (राज्य के विभिन्न इंडस्ट्रियल एस्टेट्स में ) किये गए प्लॉट्स के मालिकों की लंबित समस्या का निराकरण कर दिया गया है। इन प्लॉट्स का पूरा कण्ट्रोल अब एचएसआईआईडीसी को दे दिया गया है। इसमें  इंडस्ट्रियल प्लॉट को एचएसवीपी से एचएसआईआईडीसी को ट्रांसफर करने के मामले में "ऑक्युपेशन सर्टिफिकेट", "प्रोजेक्ट कम्प्लीशन सर्टिफिकेट" आदि को प्राप्त करने में इन उद्योगों के मालिकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। राज्य सरकार के फैसले से प्रदेश के उद्योगपतियों को बहुत बड़ी राहत मिली है।

 मुख्यमंत्री को यह भी जानकारी दी गई कि पिछले बजट में वित्त मंत्री के नाते ईएसआईसी अस्पताल/ डिस्पेंसरी खोलने के लिए प्लॉट देने के मामले में रियायत देने की घोषणा को पूरा कर दिया गया है। अब भविष्य में एचएसवीपी, एचएसआईआईडीसी, पंचायत तथा दूसरे सरकारी विभागों से ईएसआईसी अस्पताल/ डिस्पेंसरी खोलने के लिए जो जमीन ली जाएगी, वह 75 फीसदी सस्ती दरों पर दी जाएगी।

 मुख्यमंत्री को बताया गया कि "हरियाणा आत्मनिर्भर टेक्सटाइल पॉलिसी 2022 -25" की अवधि एक वर्ष तक यानि दिसंबर 2026 तक बढ़ा दी गई है। इसके अलावा,  मुख्यमंत्री ने कई वर्ष पहले बनाए गए औद्योगिक क्षेत्रों, जोकि शहरी आबादी के बीच में आ गए हैं, उनमें सीवर, सड़क, पेयजल, स्ट्रीट लाइट जैसे ढांचों को दुरुस्त करने के निर्देश दिए।

 मुख्यमंत्री ने सभी इंडस्ट्रियल एस्टेट्स में स्टार्टअप्स को रियायती दरों पर काम करवाने की सुविधा देने के लिए इन्क्यूबेशन सेंटर स्थापित करने के निर्देश दिए। बैठक में जानकारी दी गई कि आईएमटी मानेसर में "एआई तथा क्वांटम कंप्यूटिंग टेक्नोलॉजी" तथा आईएमटी खरखौदा में "इलेक्ट्रिक व्हीकल तथा ऑटोमोटिव सेक्टर" के प्रस्तावित इन्क्यूबेशन सेंटर हेतु जमीन चिह्नित कर ली गई है। दूसरे स्थानों पर भी इन्क्यूबेशन सेंटर बनाने के लिए प्रक्रिया जारी है।

 मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने 10 नए आईएमटी बनाने, "वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट कार्यक्रम", आईएमटी मानेसर में पायलेट प्रोजेक्ट के तौर पर जीरो वाटर वेस्टेज इंडस्टियल एरिया" को विकसित करने, आईएमटी खरखौदा का विस्तार करने, अम्बाला में आईएमटी स्थापित करने के प्रथम चरण, महेंद्रगढ़ जिला में आईएमटी स्थापित करने, मेक इन इंडिया की तर्ज पर "मेक इन हरियाणा" कार्यक्रम बनाने, गुरुग्राम में कल्चरल सेंटर का निर्माण करने जैसी बजट की घोषणाओं की समीक्षा करते हुए कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए।

 मुख्यमंत्री ने संकल्प - पत्र की घोषणाओं की भी विस्तार से समीक्षा की और सभी घोषणाओं को जल्द से जल्द अमलीजामा पहनाने के निर्देश दिए।

 इस अवसर पर मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव श्री राजेश खुल्लर, प्रधान सचिव श्री अरुण कुमार गुप्ता, वित्त विभाग के आयुक्त एवं सचिव मोहम्मद शाइन, उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ. अमित अग्रवाल तथा महानिदेशक श्री यश गर्ग, एचएसआईआईडीसी के प्रबंध निदेशक डॉ. आदित्य दहिया के अलावा अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

 पराक्रम दिवस पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस को किया नमन

 नेताजी सुभाष चंद्र बोस के आदर्श युवाओं के लिए मार्गदर्शक - मुख्यमंत्री

 चंडीगढ़, 23 जनवरी -- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने पराक्रम दिवस के अवसर पर महान स्वतंत्रता सेनानी और आज़ाद हिंद फ़ौज के संस्थापक नेताजी सुभाष चंद्र बोस को श्रद्धापूर्वक नमन किया। मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को सेक्टर–3, चंडीगढ़ स्थित नेताजी सुभाष चंद्र बोस पार्क में उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर देश के प्रति उनके अतुलनीय योगदान को स्मरण किया।

 श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने अपने पराक्रम, नेतृत्व और त्याग से देशवासियों में आजादी की अलख जगाई। आज हम खुली हवा में सांस ले रहे हैं, यह उन्हीं जैसे महान क्रांतिकारियों के संघर्ष और बलिदान का परिणाम है। मुख्यमंत्री ने नेताजी के अद्वितीय साहस, राष्ट्रभक्ति और बलिदान को स्मरण करते हुए कहा कि देश की आजादी में उनका योगदान अविस्मरणीय है।

 मुख्यमंत्री ने कहा कि नेताजी द्वारा दिखाए गए राष्ट्रसेवा, आत्मनिर्भरता और दृढ़ संकल्प के मार्ग पर चलते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत की मजबूत नींव रखी जा रही है। देश आज आत्मनिर्भरता, तकनीकी प्रगति और वैश्विक नेतृत्व की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है।

 उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे नेताजी सुभाष चंद्र बोस के आदर्शों को अपनाकर राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं और भारत को विश्वगुरु बनाने के संकल्प को साकार करें।

 इस मौके पर मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को बसंत पंचमी के पावन पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह पर्व ज्ञान, ऊर्जा और नवचेतना का प्रतीक है। यह दिन हमें राष्ट्र निर्माण के लिए समर्पित भाव से कार्य करने की प्रेरणा देता है।

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