हिमाचल प्रदेश के लोकप्रिय पर्यटन स्थल कुल्लू-मनाली में भारी ट्रैफिक जाम और बर्फबारी के कारण हजारों पर्यटक बुरी तरह फंस गए। 10 घंटे से अधिक समय तक 15 किलोमीटर तक वाहनों की लंबी कतारें, शून्य से नीचे तापमान, और स्नोफॉल के लिए आए लोग कठिन परिस्थितियों का सामना करते दिखे। यह दृश्य यात्रियों के लिए आनंददायक छुट्टी के बजाय दुःस्वप्न में बदल गया है।
भीषण जाम और यातायात का हाल:
कुल्लू-मनाली हाईवे पर भारी भीड़ और हिमाचल में हुई बर्फबारी ने यातायात व्यवस्था को बुरी तरह प्रभावित कर दिया। कई स्थानों पर 15 किमी तक वाहनों की कतारें लगी रहीं, और लोग 10 से 15 घंटे तक ट्रैफिक जाम में फंसे रहे। कुछ पर्यटकों ने अपनी गाड़ियों को छोड़कर बर्फीले रास्तों पर पैदल चलना भी शुरू कर दिया।
पर्यटकों की मुश्किलें:
स्थानीय पुलिस और प्रशासन की कोशिशों के बावजूद narrow two-lane हाईवे पर वाहनों का दबाव लगातार बढ़ता रहा। इससे न सिर्फ जाम की लंबाई बढ़ी बल्कि कई लोग गाड़ियों में रात बिताने को मजबूर हुए। कई ने अपने सामान के साथ बर्फीले रास्तों पर करीब 10-20 किमी पैदल चलकर आगे बढ़ने का निर्णय लिया।
शीतलहर के चलते तापमान शून्य से नीचे गिर गया था, जिससे यात्रा और भी कठिन हो गई। कई पर्यटक, खासकर बच्चे और बुज़ुर्ग, ठंड से त्रस्त दिखाई दिए। कुछ मामलों में खाद्य और मौलिक सुविधाओं की कमी के बीच यात्री कई घंटों तक ठंडी परिस्थितियों में फंसे रहे।
प्रशासन की प्रतिक्रियाएँ:
जाम और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने Patlikuhal और Bhuntar पर नए प्रवेश को रोका और केवल 4×4 वाहन को आगे बढ़ने की अनुमति दी। करीब 200 पुलिस कर्मी और यातायात प्रबंधक लगातार स्थिति पर नजर रख रहे हैं। हालांकि, दो-लेन हाईवे में भारी वाहनों की आवाजाही और बर्फ ने समस्या को और बढ़ा दिया।
मौसम और चेतावनी:
मौसम विभाग ने 27 जनवरी तक भारी बर्फबारी का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जिससे भविष्य में और भी मार्ग अवरुद्ध होने की संभावना है। प्रशासन ने यात्री और स्थानीय लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और विशेष सावधानियाँ बरतने की अपील की है।
पर्यटन की चुनौतियाँ:
यह घटना दर्शाती है कि कैसे ओवर-टूरिज़्म, मौसम की अनिश्चितता और सीमित सड़क बुनियादी ढांचे मिलकर एक लोकप्रिय पर्यटन स्थल पर यात्रियों की छुट्टियों को कठिनाई में बदल सकते हैं। इस जाम ने न केवल यात्रियों की योजनाओं को प्रभावित किया, बल्कि यह भी सवाल उठाया है कि बर्फबारी के मौसम में बेहतर यातायात प्रबंधन और आपातकालीन तैयारियों की आवश्यकता कितनी महत्वपूर्ण है।