केंद्रीय बजट 2026–27 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कई बड़े बदलावों की घोषणा की है, जिनका सीधा असर आम जनता और निवेशकों की जेब पर पड़ेगा। इस बार का बजट ऐसे समय पेश किया गया है जब देश की अर्थव्यवस्था स्थिर विकास की राह पर है और सरकार ने कई टैक्स सुधारों के जरिए जीवन-यापन को आसान बनाने की कोशिश की है।
📉 विदेश यात्रा और इलाज-शिक्षा सस्ती
बजट में विदेश यात्रा, शिक्षा और इलाज से जुड़ी खर्चों पर टैक्स में बड़ी राहत दी गई है। पहले विदेशी टूर पैकेज पर टैक्स 5% से 20% तक लगता था, लेकिन अब यह टीसीएस (TCS) 2% कर दिया गया है। इससे विदेश घूमने और विदेश में पढ़ाई-इलाज जैसे खर्चों में कटौती होगी और यह पहले से काफी सस्ता हो जाएगा।
📉 कैंसर की 17 दवाएं टैक्स-फ्री
कैंसर मरीजों को बड़ी राहत देते हुए सरकार ने 17 जरूरी कैंसर दवाओं पर बुनियादी कस्टम्स ड्यूटी (BCD) को शून्य कर दिया है। इस कदम से इन दवाओं की लागत में कमी आएगी और गंभीर बीमारी का इलाज अधिक किफायती बनेगा। इसी तरह सात दुर्लभ बीमारियों की दवाओं और खास मेडिकल फ़ूड पर भी ड्यूटी से छूट दी गई है।
📈 शराब और ट्रेडिंग टैक्स बढ़ा
जहाँ कुछ खर्चे घटे हैं, वहीं शराब और संबंधित उत्पादों पर सरकार ने टैक्स दरें बढ़ाई हैं, जिससे इनकी कीमत बढ़ सकती है। वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में टीसीएस कुछ मदिरा उत्पादों पर बढ़ा दिया गया है।
📈 स्टॉक मार्केट ट्रेडिंग महंगी
बजट में शेयर बाजार के लेन-देन को भी टैक्स के दायरे में संशोधन का निशाना बनाया गया है। फ्यूचर्स और ऑप्शंस (F&O) जैसी ट्रेडिंग गतिविधियों पर टैक्स बढ़ा दिया गया है, जिससे निवेशकों को ज्यादा लागत उठानी पड़ सकती है और बाजार में लंबे समय के निवेश पर थोड़ी-सी सेंटीमेंट प्रभावित होने की संभावना है।
📌 सरकार का फोकस
इस बजट का लक्ष्य आर्थिक विकास, घरेलू खपत को बढ़ावा और लोगों के लिए जीवन-यापन को आसान बनाना है। टैक्स में कटौती से यात्रा, शिक्षा और स्वास्थ्य खर्चों पर बोझ कम होगा, वहीं कुछ सेक्टरों में टैक्स बढ़ाकर राजस्व में संतुलन बनाने की कोशिश की गई है।