उत्तर भारत के मौसम ने एक बार फिर करवट ली है और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में तेज धूप के बाद अचानक बदलाव देखने को मिल रहा है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार हालिया तापमान बढ़ोतरी के बाद अब बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना जताई गई है। यही कारण है कि प्रशासन और नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।
ताज़ा पूर्वानुमान के मुताबिक, भारत मौसम विज्ञान विभाग ने दिल्ली‑एनसीआर के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार 18 फरवरी को क्षेत्र के कई हिस्सों में बारिश और गरज-चमक के साथ आंधी चल सकती है तथा हवाओं की रफ्तार 30–40 किमी प्रति घंटा तक पहुंचने का अनुमान है।
बताया गया है कि पिछले 24 घंटों में असामान्य गर्मी दर्ज होने के बाद यह मौसम परिवर्तन देखने को मिलेगा, जिससे तापमान में गिरावट संभव है।
मौसम विभाग ने यह भी संकेत दिया है कि 17–18 फरवरी के बीच उत्तर भारत के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश का प्रभाव रह सकता है, जिसमें दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और आसपास के क्षेत्र शामिल हैं।
पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से बादल छाने, हल्की बूंदाबांदी और सुबह के समय कोहरा रहने की स्थिति बन सकती है।
स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार बारिश के बाद तापमान में गिरावट के साथ सप्ताह के अंत तक फिर से गर्मी बढ़ने की संभावना भी जताई जा रही है।
विशेषज्ञों का कहना है कि येलो अलर्ट का मतलब संभावित मौसम जोखिम को देखते हुए सावधानी बरतना है। तेज हवाओं और बिजली कड़कने की आशंका के बीच खुले स्थानों से बचना, वाहन सावधानी से चलाना और आवश्यक होने पर मौसम अपडेट पर नजर रखना जरूरी है।
मौसम परिवर्तन का असर वायु गुणवत्ता पर भी पड़ सकता है। हल्की बारिश से प्रदूषण स्तर में अस्थायी सुधार देखने को मिलता है, जबकि धुंध और ठहरी हवा से दृश्यता प्रभावित हो सकती है।
कुल मिलाकर, दिल्ली-एनसीआर में मौसम का यह बदलाव दैनिक जीवन, यातायात और स्वास्थ्य पर असर डाल सकता है। ऐसे में नागरिकों को सलाह दी जाती है कि आधिकारिक अपडेट पर नजर रखें और मौसम की परिस्थितियों के अनुसार अपनी योजनाएं बनाएं।