मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने उचाना हल्के में खोला घोषणाओं का पिटारा
उचाना में नई अतिरिक्त अनाज मंडी और मार्केट कमेटी भवन बनेगा: मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री ने उचाना में स्वास्थ्य, सड़क और सिंचाई सहित मूलभूत सुविधाओं के लिए कई बड़े विकास कार्यों की घोषणाएं की
चंडीगढ़, 18 फरवरी - हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने जींद जिले के उचाना विधानसभा क्षेत्र में स्वास्थ्य, सड़क और सिंचाई सहित मूलभूत सुविधाओं को बढ़ावा देने के लिए कई अहम घोषणाएं की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड द्वारा उचाना में नई अतिरिक्त अनाज मंडी और मार्केट कमेटी के भवन का निर्माण करवाया जाएगा।
मुख्यमंत्री बुधवार को उचाना में आयोजित धन्यवाद रैली को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने इस दौरान उचाना विधानसभा के विकास के लिए 5 करोड़ रुपये, इसके अतिरिक्त उचाना शहर की ब्राह्मण धर्मशाला, पिछड़ा समाज की धर्मशाला तथा अग्रवाल समाज की धर्मशाला के लिए स्वेच्छिक कोटे से 11-11 लाख रूपये देने की घोषणा भी की।
मुख्यमंत्री ने घोषणा करते हुए कहा कि गांव थुआ के मोगा नंबर 3600 एल बधाना माइनर के खाल को 75 लाख रुपये की लागत से पक्का किया जाएगा। साथ ही उचाना विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न वाटर कोर्स की रिमॉडलिंग तथा रिहैबिलिटेशन तथा छह जल मार्गों की रिमॉडलिंग तथा रिहैबिलिटेशन कराई जाएगी। इस कार्य पर 3 करोड़ 72 लाख रुपये का खर्चा आएगा।
उन्होंने कहा कि घोघड़ियां के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तथा उचाना खुर्द में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का नया भवन बनवाया जाएगा। साथ ही प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र करसिंधु को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में अपग्रेड किया जाएगा। इन विकास कार्यों पर लगभग 20 करोड़ रूपये का खर्च आएगा।
मुख्यमंत्री ने घोषणा करते हुए कहा कि सिंचाई विभाग की गांव बरसोला सब माइनर आरडी 19000 से 36500 तक का पुनर्वास किया जाएगा। उचाना विधानसभा में पंचायती राज विभाग के तहत ग्राम पंचायतों द्वारा दिये गए भवनों में ई-लाइब्रेरी तथा जिम हॉल खोले जाएंगे। पीडब्ल्यूडी के दायरे में आने वाले कहसुन-बड़ौदा से लेकर बाबा नागदेव मंदिर तक की सड़क को 18 फुट चौड़ा किया जाएगा। इसी प्रकार गांव सफा खेड़ी, तारखा,सुदकैन खुर्द तथा थुआ में आंगनवाड़ी केंद्रों का निर्माण करवाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि गांव कहसुन में जल घर का नवीनीकरण, बुस्टिंग स्टेशन ,वाटर ट्रीटमेंट प्लांट व गलियों में नई पाइपलाइन बिछाई जाएगी। इन विकास कार्यों पर 3 करोड़ रूपये की राशि खर्च की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने 9 करोड़ रुपये की लागत से उचाना शहर की पुरानी व अधूरी सीवरेज व्यवस्था को दुरुस्त करवाने की घोषणा भी की। उन्होंने गांव पेगा में जल निकासी योजना के विस्तार करने तथा डीआई पाइप लाइन बिछाने का ऐलान भी किया। इन विकास कार्यो पर लगभग 9 करोड़ 33 लाख रूपये की धन राशि खर्च की जाएगी। इसी प्रकार गांव करसिंधु को महाग्राम योजना में शामिल कर वहां सीवरेज सिस्टम तथा एसटीपी लगाने जैसे विकास कार्यो पर लगभग 50 करोड़ की धन राशि खर्च की जाएगी।
उन्होंने राजकीय उच्च विद्यालय घासो, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कहसुन और राजकीय माध्यमिक विद्यालय बिघाना, राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय अलेवा तथा राजकीय माध्यमिक विद्यालय खांडा में कुल 15 अतिरिक्त क्लासरूम का निर्माण तथा अन्य कार्य कराए जाने की घोषणा भी की। उन्होंने कहा कि बरसोला माइनर और ढाकल हेड के लिए एक कमेटी बनाकर इस काम को पूरा करवाने का काम करवाया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उचाना में टीएससी एवं पुरानी अनाज मंडी की स्पेशल रिपेयर कराई जाएगी। हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड द्वारा उचाना हलके के विभिन्न गांवों की लगभग 5 करोड़ की लागत से पुरानी सड़कों को चौड़ा और उनकी मरम्मत कराई जाएगी तथा 25 कि.मी. की नई सड़कों का निर्माण भी किया जाएगा। उचाना विधानसभा की 122 कि.मी. की 146 सड़क जो डीएनपी की अवधि में है, उन्हें आवश्यकता अनुसार संबंधित एजेंसी द्वारा ठीक करवाया जाएगा। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में इसी प्रकार 15 कि.मी. की 7 सड़कों का निर्माण प्रगति पर है और 3 कि.मी. की दो सड़कों की 51 लाख 61 हजार की लागत से स्पेशल रिपेयर करवाई जाएगी।
उन्होंने कहा कि उचाना विधानसभा क्षेत्र में लोक निर्माण विभाग की 18 सड़कों की 32 करोड 75 लाख रूपये की लागत से विशेष मरम्मत एवं नवीनीकरण करवाया जाएगा। इन सडकों की कुल लंबाई 68 कि.मी. है । इसके अलावा उचाना विधानसभा क्षेत्र की लोक निर्माण विभाग की 617 कि.मी. की 146 सड़कें जो अभी डीएनपी की अवधि में है , आवश्यकता अनुसार एजेंसी द्वारा ठीक करवाया जाएगा। इसी प्रकार 392 कि.मी. की 88 सड़कों का निर्माण प्रगति पर है ।
विधानसभा क्षेत्र की 54 कि.मी. की 10 सड़कों की 26 करोड़ की लागत से स्पेशल रिपेयर का कार्य करवाया जाएगा ।मुख्यमंत्री ने घोषणा करते हुए कहा कि उचाना विधानसभा के खेत खलिहान के लिए 25 किलोमीटर लम्बाई तक के कच्चे रास्तों को पक्का कराया जाएगा ।
क्रमांक— 2026
पोस्ट मैट्रिक छात्रवृति योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन 28 फरवरी तक
योजना के तहत अनुसूचित जाति, पिछडा वर्ग व विमुक्त जनजाति के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए दी जाएगी छात्रवृति
चंडीगढ़, 18 फरवरी-- पोस्ट मैट्रिक छात्रवृति योजना के तहत अनुसूचित जाति, अन्य पिछड़ा वर्ग एवं विमुक्त जनजाति के विद्यार्थियों के लिए शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। पात्र विद्यार्थियों को नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल पर पंजीकरण करवाना अनिवार्य है।
विभाग के एक प्रवक्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि योजना के तहत 10वीं कक्षा उत्तीर्ण करने के उपरांत सरकारी अथवा निजी शिक्षण संस्थाओं में उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे अनुसूचित जाति व पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थी इस योजना का लाभ उठा सकते हैं। इस योजना के तहत अनुसूचित जाति व पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा ग्रहण करने के लिए छात्रवृति प्रदान की जाती है। पात्र विद्यार्थी 28 फरवरी तक पंजीकरण अवश्य करें ताकि वे आर्थिक वजह से उच्च शिक्षा ग्रहण करने से वंचित न रहें। उन्होंने बताया कि पोस्ट मैट्रिक छात्रवृति के लिए छात्र को पीएमएस-एससी के लिए अनुसूचित जाति श्रेणी और पीएम-यशस्वी घटक-2 के लिए अन्य पिछड़ा वर्ग या विमुक्त जनजाति से संबंधित श्रेणी से होना चाहिए, छात्र हरियाणा राज्य का निवासी हो और छात्र की वार्षिक पारिवारिक आय 2 लाख 50 हजार रुपये से अधिक न हो। वह पात्र शैक्षणिक वर्ष 2025-26 के लिए 28 फरवरी तक www.scholarships.gov.in पोर्टल से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
क्रमांक-2026
नीयत, नीति और अंत्योदय के संकल्प पर ही प्रदेश में तीसरी बार बनी सरकार: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी
उचाना में धन्यवाद रैली को मुख्यमंत्री ने किया संबोधित, 103 करोड़ 31 लाख रुपये की विकास परियोजनाओं की दी सौगात
प्रदेश सरकार ने उचाना क्षेत्र का हक सूद समेत लौटाने का काम किया: मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर किया प्रहार, कहा: दुष्प्रचार करने के अलावा इनके पास कोई काम नहीं
चंडीगढ़,18 फरवरी -हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि सरकार की नीयत, नीति और अंत्योदय के संकल्प पर ही प्रदेश में तीसरी बार डबल इंजन की सरकार बनी है। उचाना के विकास के पहिए को अब और भी तीव्र गति दी जाएगी और यहां की खुशहाली में कोई कोर-कसर बाकी नहीं रहने दी जाएगी।
मुख्यमंत्री जींद के उचाना में बुधवार को धन्यवाद रैली को संबोधित कर रहे थे। रैली में पहुंचने पर आयोजक एवं उचाना विधानसभा से विधायक श्री देवेन्द्र चतुर्भुज अत्री ने मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी का स्वागत किया। इससे पहले मुख्यमंत्री ने 103 करोड़ 31 लाख रुपये लागत की 5 विकास परियोजनाओं के उद्घाटन एवं शिलान्यास भी किए हैं। इनमें 28 करोड़ 54 लाख रुपये लागत के 3 उद्घाटन और 74 करोड़ 77 लाख रुपये की लागत के 2 शिलान्यास शामिल हैं।
इस दौरान प्रदेश के जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी एवं लोकनिर्माण मंत्री श्री रणबीर गंगवा, समाज कल्याण व अधिकारिता मंत्री श्री कृष्ण बेदी, हरियाणा विधानसभा के उपाध्यक्ष डॉ कृष्ण मिड्ढा, विधायक श्री पवन खरखौदा भी मौजूद थे।
रैली में उपस्थित जनसमूह को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि उचाना की भूमि परिश्रम, परंपरा और प्रगति का संगम है। यह हरियाणा की वह धड़कन है, जहां जब किसान का पसीना मिट्टी में मिलता है, तो देश के अन्न भंडार भर जाते हैं। जब यहां का युवा संकल्प लेता है, तो पूरी दुनिया में भारत की प्रतिभा का परचम लहराता है।
उन्होंने कहा कि अन्न भण्डार भरने वाले किसानों की भूमि उचाना को लम्बे समय से नजर अंदाज किया गया। झूठे वायदे करके आपके वोटों की फसल तो दो-दो-तीन-तीन पीढ़ियों तक काटी गई, लेकिन विकास के नाम पर कुछ नहीं किया गया। पिछले लंबे समय से आपको झूठे सपने दिखाकर अपनी पीढ़ियों को आगे बढ़ाने के अलावा कुछ नहीं किया। परिवारवाद की दलदल में फंसे ये लोग आपके बच्चों के भविष्य को लेकर संजीदा नहीं रहे। उन्होंने सिर्फ अपने बच्चों का भविष्य ही सुरक्षित किया है। लेकिन प्रदेश सरकार ने विकास के मामले में इस क्षेत्र का हक सूद समेत लौटाने का काम किया है और आगे भी यह जारी रहेगा।
98 में से 78 घोषणाओं पर काम हुआ पूरा
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने राजनीति को केवल सत्ता का साधन नहीं, बल्कि सेवा का माध्यम माना है। उचाना हलके के विकास को गति देने के लिए 11 वर्षो के कार्यकाल में 98 सीएम अनाउंसमेंट हुई। इनमें से 78 का काम पूरा हो चुका और 15 का काम प्रगति पर है। उचाना विधानसभा क्षेत्र में विकास कार्य का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि हलके में विकास कार्यों पर पिछले 11 वर्षों में 1 हजार 409 करोड़ रुपये इस सरकार में खर्च किए गए हैं। जबकि, कांग्रेस के 10 साल के शासनकाल में मात्र 386 करोड़ रुपये खर्च किये गये थे। उन्होंने कहा कि बीजेपी के शासन में उचाना तहसील को उपमंडल और अलेवा उप-तहसील को तहसील का दर्जा दिया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा सरकार अपने तीसरे कार्यकाल में भी जनकल्याण के काम गति से कर रही है। बीजेपी का लक्ष्य केवल चुनाव जीतना नहीं, बल्कि जनता का विश्वास जीतना है। विपक्ष केवल आरोप लगाता है, लेकिन सरकार के पास काम का रिपोर्ट कार्ड है। प्रदेश सरकार ने जो कहा, वह करके दिखाया है।
संकल्प को पूरा कर रही है सरकार
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि कांग्रेस ने अपने कार्यकाल में इस क्षेत्र को केवल सब्जबाग दिखाते हुए वोट लेने का काम किया। विपक्ष आज मुद्दा विहिन हो चुका है। लेकिन हम जो कहते हैं, उसे करते भी हैं। इसका प्रमाण यह है कि हमने पिछले विधानसभा चुनावों के अपने संकल्प-पत्र के 217 संकल्पों में से 60 को एक साल में ही पूरा कर दिखाया है। प्रदेश सरकार ने अपने तीसरे कार्यकाल में भी प्रदेश के सर्वांगीण विकास और हर वर्ग के हितों की सुरक्षा के लिए अनेक ठोस कदम उठाए हैं। इसी के तहत गरीब महिलाओं को अपनी रसोई चलाने के लिए हर महीने केवल 500 रुपये में गैस सिलेंडर दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि किसान हित हमारी नीतियों के केन्द्र में है। कांग्रेस के राज में स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों को डब्बे में डाल दिया गया था, लेकिन बीजेपी सरकार ने हमेशा किसानों के लिए ही काम किया है। आज प्रदेश में किसानों की सभी फसलों की खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य पर की जा रही है। अब तक 12 लाख किसानों के खातों में फसल खरीद के 1 लाख 64 हजार करोड़ रुपये डाले जा चुके हैं। इसके अलावा प्रदेश में फसल खराब होने पर गत 11 सालों में किसानों को मुआवजे और प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत अब तक 15 हजार 448 करोड़ रुपये की राशि दी गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस सरकार के 10 साल के शासनकाल में 1 हजार 138 करोड़ रुपये की मुआवजा राशि जारी की गई थी।
आप पार्टी पर भी साधा निशाना
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि कांग्रेस और आम आदमी पार्टी मिलकर लड़ती है। कुरुक्षेत्र में लोकसभा चुनाव के दौरान भी इन्होंने ऐसा ही किया था, लेकिन जनता ने इन्हें सबक सिखाने का काम किया है। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी ने पंजाब में वायदा किया कि 1 हजार रुपये महिलाओं को देंगे, अब चुनाव में केवल 7—8 महीने बचे हैं, लेकिन अब तक वहां किसी कुछ नहीं। जबकि हरियाणा में बहनों-बेटियों को आर्थिक व सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए प्रदेश की बीजेपी सरकार ने ‘दीनदयाल लाडो लक्ष्मी योजना’ शुरू की। इस योजना के तहत 2100 रुपये की वित्तीय सहायता दी जाती है। अब तक 9 लाख 22 हजार से अधिक बहन-बेटियों को 634 करोड़ रुपये दिए जा चुके हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले एक साल में 36 हजार युवाओं को बिना पर्ची-खर्ची के सरकारी नौकरियां दी गई हैं। इन्हें मिलाकर पिछले 11 सालों में 1 लाख 80 हजार नौकरियां दी जा चुकी हैं।
गुमराह और दुष्प्रचार करना ही कांग्रेस का काम
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि कांग्रेस का काम केवल और केवल दुष्प्रचार करना है। मुद्दा हासिल करने के लिए ये हाथ पांव मार रहे है, लेकिन इनके पल्ले कुछ नहीं है। उन्होंने कहा कि मनरेगा की आड़ में हुए भ्रष्टाचार को रोकने के लिए केंद्र सरकार ने विकसित भारत-जी राम जी ग्रामीण को शुरु किया। 100 नहीं, 125 दिन की रोजगार की गारंटी दी, साथ ही 1 लाख 51 हजार 282 करोड़ इसके लिए आवंटित किए। लेकिन कांग्रेस इसे लेकर भी दुष्प्रचार करने लगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस केवल और केवल झूठ बोलती है, 24 घंटे बिजली देने की भी कांग्रेस ने बात कहीं थी, लेकिन किया कुछ नहीं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने पेंशन के मुद्दे पर भी प्रदेश को गुमराह करने की कोशिश की।
उचाना अब विकास की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहा: विधायक देवेंद्र चतुर्भुज अत्री
धन्यवाद रैली के आयोजक एवं उचाना विधानसभा से विधायक श्री देवेन्द्र चतुर्भुज अत्री ने अपने संबोधन में कहा कि धन्यवाद रैली केवल कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह संदेश है कि उचाना अब विकास की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहा है। प्रदेश में तीसरी बार बनी बीजेपी सरकार में विकास की रफ्तार भी बढ़ती जा रही है। उन्होंने कहा कि उचाना में विकास तेजी से करवाया जा रहा है। इस दौरान उन्होंने उचाना क्षेत्र के 6 गांवों का आईएमटी में चयनित होने पर मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी का आभार भी जताया। श्री देवेन्द्र चतुर्भुज अत्री ने कहा कि पहले जो भी उचाना से चुनाव जीता, उसने दिल्ली और चंडीगढ़ से ही राजनीति की। इतना ही नहीं, उचाना से विजयी होने वाले बड़े बड़े ओहदों पर भी रहे, लेकिन उनका जनता से कोई लेना देना नहीं था।
क्रमांक— 2026
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने उचाना में 103.30 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं को दी सौगात
चंडीगढ़, 18 फरवरी — हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने आज उचाना में आयोजित धन्यवाद रैली के दौरान विधानसभा क्षेत्र के विकास को नई गति देते हुए 103 करोड़ 30 लाख 84 हजार रुपये की विभिन्न परियोजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास किया। प्रदेश सरकार का उद्देश्य हर क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत कर आमजन के जीवन को सरल और बेहतर बनाना है।
मुख्यमंत्री ने तीन विकास कार्यों का उद्घाटन किया गया है, जिन पर 28 करोड़ 54 लाख 7 हजार रुपये की लागत आई है। वहीं दो महत्वपूर्ण परियोजनाओं की आधारशिला भी रखी, जिनकी कुल लागत 74 करोड़ 76 लाख 77 हजार रुपये है। इन कार्यों के पूर्ण होने से क्षेत्र में पेयजल, सिंचाई, खेल और स्वच्छता से जुड़ी सुविधाओं में व्यापक सुधार होगा।
नरवाना के जल सेवा मंडल के तहत 22 करोड़ 31 लाख 74 हजार रुपये की लागत से सुदकैन डिस्ट्रीब्यूटरी (आरडी 56000 से 118000 तक) के जीर्णोद्धार कार्य का उद्घाटन किया गया। इसके अंतर्गत सिरसा ब्रांच के आरडी 189990/एल से ऑफ-टेक सहित संबंधित ढांचागत संरचनाओं का पुनर्निर्माण भी किया जाएगा, जिससे सिंचाई व्यवस्था अधिक सुदृढ़ और प्रभावी बनेगी।
मुख्यमंत्री ने खेल विभाग के 3 करोड़ 52 लाख रुपये की लागत से ब्लॉक उचाना के गांव डूमरखां कलां में निर्मित मल्टीपर्पज हॉल का उद्घाटन किया, इससे युवाओं को खेल गतिविधियों के लिए बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। इसके साथ ही 2 करोड़ 70 लाख 33 हजार रुपये की लागत से गांव सुदकैन कलां में जलापूर्ति योजना के नवीनीकरण, सुदृढ़ीकरण और शेष पाइपलाइन बिछाने के कार्य किया जाएगा। इससे ग्रामीणों को स्वच्छ और पर्याप्त पेयजल की सुविधा सुनिश्चित होगी।
मुख्यमंत्री ने जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग द्वारा 43 करोड़ 81 लाख 29 हजार रुपये की लागत से महाग्राम योजना के तहत गांव नगूरा में जलापूर्ति को मजबूत करने तथा नए वाटर वर्क्स के निर्माण का शिलान्यास किया तथा 30 करोड़ 95 लाख 48 हजार रुपये की लागत से गांव छातर में सीवरेज योजना लागू करने की आधारशिला भी रखी।
क्रमांक— 2026
उचाना धन्यवाद रैली में गरजे कैबिनेट मंत्री, कहा: मुख्यमंत्री के नेतृत्व में हो रहा प्रदेश का चहुंमुखी विकास
चंडीगढ़,18 फरवरी- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने जींद जिला के उचाना में आयोजित धन्यवाद रैली में उचाना विधानसभा क्षेत्र को 103 करोड़ 31 लाख रुपये लागत की 5 विकास परियोजनाओं के उद्घाटन और शिलान्यास भी किए। इनमें 28 करोड़ 54 लाख लागत के 3 उद्घाटन और 74 करोड़ 77 लाख रुपए की लागत के 2 शिलान्यास शामिल है।
इस दौरान उपस्थित जनसमूह को प्रदेश के जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी एवं लोकनिर्माण मंत्री श्री रणबीर गंगवा, समाज कल्याण व अधिकारिता मंत्री श्री कृष्ण बेदी और हरियाणा विधानसभा के उपाध्यक्ष डॉ कृष्ण मिड्ढा ने भी संबोधित किया।
जनता ने घरानों का वहम निकालने का काम किया: गंगवा
जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी एवं लोकनिर्माण मंत्री श्री रणबीर गंगवा ने कहा कि मुख्मंत्री श्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में प्रदेश में डबल इंजन की सरकार तेजी से विकास कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव के दौरान प्रदेश में जो माहौल था, उसे दूर करने का काम करते हुए उचाना की जनता ने बीजेपी सरकार बनवाई। आज पूरे हरियाणा में मुख्यमंत्री समान विकास करने का काम कर रहे है। श्री गंगवा ने कहा कि कई लोगों को वहम था कि यहां से केवल बड़े घराने ही जीत सकते है। इतना ही नहीं, यह वहम भी था कि वे बीजेपी के अंदर आएं है तभी बीजेपी की सरकार बनी है। यह वहम भी निकालने का काम उचाना की जनता ने किया है। केंद्र में मंत्री एमपी तथा एमएलए रहने वालों को जनता ने बता दिया कि जनता तय करती है कि कौन विजयी होकर जाएगा, घराने नहीं।
किसी की पेंशन नहीं काटी: बेदी
समाज कल्याण व अधिकारिता मंत्री श्री कृष्ण बेदी ने कहा कि बांगर की धरती का हमेशा से राजनीति में अहम रोल रहा है। एक समय था, जब कांग्रेस की यहां से 5 सीट आई थी, ऐसे ही चौधरी देवीलाल भी यहां से जीते। लेकिन अब यहां की जनता बीजेपी पर राजी है, और श्री नरेंद्र मोदी और श्री नायब सिंह सैनी पर यहां की जनता ने विश्वास जताया है। श्री बेदी ने कहा कि यहां से जीतने वालों ने राजनीतिक लाभ लेते हुए देश और प्रदेश में राजनीति की। बड़े ओहदे और पद लिए, लेकिन इस इलाके को देखने का उनके पास वक्त तक नहीं था। मगर, मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ना सिर्फ आमजन के बीच आकर उनकी समस्याओं का हल कर रहे है, बल्कि विकास कार्यो को भी गति दे रहे है। उन्होंने कहा कि जनता का भला होता देख विपक्षियों को यह हजम नहीं हो रहा और वो जनता के बीच दुष्प्रचार करने का काम कर रहे है। श्री बेदी ने पेंशन के मुद्दे पर कहा कि सरकार ने ना किसी की पेंशन बंद की, ना किसी के काटने की योजना थी। सिर्फ जिनकी शिकायत थी अधिकारियों द्वारा उन्हें चैक करने के लिए रोका गया था। मगर मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि चैकिंग बाद में करते रहना पर पेंशन किसी की नहीं रुकनी चाहिए। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्र हुड्डा के वक्त तो बुजुर्गो की ना सिर्फ पेंशन काटी गई, बल्कि ब्याज सहित और फाइन के साथ लौटाने बारे भी नोटिस जारी हुए थे। लेकिन वर्तमान सरकार ने ऐसा कुछ नहीं किया, बल्कि हर साल पेंशन बढ़ाई है।
हरियाणा में हो रहा है चहुमुंखी विकास: मिड्ढा
हरियाणा विधानसभा के डिप्टी स्पीकर डॉ कृष्ण मिड्ढा ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी का एक ही भाव है कि सत्ता नहीं, सेवा बड़ी होती है, राजनीति नहीं, जिम्मेदारी बढ़ी होती है। इसी के तहत 90 विधानसभा में जाकर मुख्यमंत्री विकास कार्यो को गति दे रहे है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार विकास कार्यो को तेज गति से कर रही है। डॉ मिड्ढा ने जींद जिला में हाल ही में करवाये गये विकास कार्यो का भी ब्यौरा देते हुए कहा कि प्रदेश सरकार ने जींद में नया बाईपास, मेडिकल कॉलेज, नया रेलवे स्टेशन, जींद जिला को आईएमटी जैसी सौगाते दी है। उन्होंने कहा कि विकास कार्यो को देख आज हालात यह है कि विपक्ष बौखला चुका है। चुनाव से पहले कांग्रेस सत्ता में आने की बातें करती थी, लेकिन जनता ने उनकी हवा ही निकाल कर रख दी।
क्रमांक— 2026
एसएलएससी ने दी 402 करोड़ रुपये से अधिक की सौर ऊर्जा आधारित सूक्ष्म सिंचाई परियोजनाओं को मंजूरी
हरियाणा के 94 गांवों के लगभग 8,900 किसानों को मिलेगा लाभ
11,040 हेक्टेयर क्षेत्र आएगा आधुनिक सिंचाई के दायरे में
चंडीगढ़, 18 फरवरी-सतत कृषि और वैज्ञानिक जल प्रबंधन को बढ़ावा देने के मकसद से राज्य स्तरीय स्वीकृति समिति (एसएलएससी) ने हरियाणा के मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में सूक्ष्म सिंचाई एवं कमान एरिया विकास प्राधिकरण (मिकाडा) के अंतर्गत चार सामुदायिक सौर ऊर्जा आधारित एकीकृत सूक्ष्म सिंचाई परियोजनाओं को मंजूरी दी है।
कुल 402.41 करोड़ रुपये लागत की ये परियोजनाएं भिवानी, झज्जर, कुरुक्षेत्र और महेंद्रगढ़ जिलों के 20 ब्लॉकों में स्थित 61 नहरी आउटलेट्स पर लागू की जाएंगी। वर्ष 2026-27 से 2028-29 के बीच पूरी होने वाली इन परियोजनाओं से 11,040 हेक्टेयर कृषि योग्य कमांड एरिया आधुनिक सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली के अंतर्गत आ जाएगा तथा 94 गांवों के 8,926 किसानों को सीधा लाभ होगा।
जिला-वार स्वीकृत राशि में भिवानी के लिए 95.78 करोड़, झज्जर के लिए 114.68 करोड़, कुरुक्षेत्र के लिए 77.17 करोड़ तथा महेंद्रगढ़ के लिए 114.78 करोड़ रुपये शामिल हैं। परियोजनाओं का लाभ-लागत अनुपात 1.21:1 से 1.65:1 के बीच है, जो उनकी आर्थिक व्यवहार्यता और दीर्घकालिक लाभ को दर्शाता है। नहरी क्षेत्रों में ड्रिप और स्प्रिंकलर प्रणाली को बढ़ावा देकर, इन परियोजनाओं का लक्ष्य जल उपयोग दक्षता बढ़ाना, ट्रांसमिशन हानि कम करना और फसल उत्पादकता बढ़ाना है।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्य सचिव ने कहा कि जल की आपूर्ति और मांग का समन्वित प्रबंधन जलवायु परिवर्तन और गिरते भूजल स्तर की चुनौतियों से निपटने के लिए अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने विभागों को परियोजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन, सख्त निगरानी और बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि निर्धारित अवधि में किसानों तक इनका लाभ पहुंच सके। सौर ऊर्जा आधारित प्रणाली से परिचालन लागत में कमी आएगी और सिंचाई पर्यावरण के अनुकूल बनेगी। उन्होंने अधिकारियों को खेतों में जाकर किसानों के साथ श्रेष्ठ प्रथाओं को साझा करने के निर्देश भी दिए।
समिति ने पीडीएमसी (पर ड्रॉप मोर क्रॉप) दिशानिर्देश, 2025 के अनुसार निर्माता एवं आपूर्तिकर्ताओं के पंजीकरण सहित 16 व्यापक सुधार एजेंडों की समीक्षा कर उन्हें मंजूरी दी। 165 आवेदनों की गहन जांच के बाद 147 निर्माताओं एवं आपूर्तिकर्ताओं को वर्ष 2025-26 से 2029-30 तक पंजीकरण के लिए पात्र पाया गया। विक्रेताओं ने राज्य/पीडीएमसी मानकों के अनुरूप दरें निर्धारित करने पर सहमति व्यक्त की, जिससे किसानों को कीमतों के उतार-चढ़ाव से संरक्षण मिलेगा।
यह योजना लाभार्थी-आधारित प्रत्यक्ष लाभ अंतरण/इन-काइंड मॉडल के तहत जारी रहेगी। इससे किसान आपूर्तिकर्ता का चयन कर सकेंगे परंतु अनुदान स्वीकृत लागत सीमा के भीतर ही जारी किया जाएगा। पारदर्शिता बढ़ाने के लिए मिकाडा पोर्टल को जीएसटी पोर्टल से जोड़ा जाएगा, ताकि बिलों का डिजिटल सत्यापन हो सके और फर्जी या बढ़े हुए बिलों पर रोक लगे। विक्रेताओं के लिए वित्तीय जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए घटक-वार बैंक गारंटी व्यवस्था को भी मंजूरी दी गई है तथा नियमानुसार जीएसटी को अनुदान हिस्से के तौर पर शामिल किया गया है।
गुणवत्ता आश्वासन तंत्र को भी मजबूत किया गया है। प्रयोगशाला परीक्षण रिपोर्टों की राज्य स्तर पर जांच, उल्लंघन पर कड़े दंड प्रावधान तथा प्रतिवर्ष कम से कम 20 प्रतिशत परियोजनाओं की स्वतंत्र निगरानी का प्रावधान किया गया है। क्लस्टर-आधारित क्रियान्वयन रणनीति और सार्वजनिक-निजी-सीएसआर मॉडल पर भी विचार किया गया, ताकि खास तौर पर अनुसूचित जाति, लघु एवं सीमांत किसानों को दीर्घकालिक रखरखाव सहयोग मिल सके।
उल्लेखनीय है कि वर्ष 2022-23 से 2024-25 के बीच मिकाडा ने 18 जिलों में नाबार्ड वित्तपोषित 99 माइक्रो सिंचाई फंड योजनाएं 563.43 करोड़ रुपये की लागत से सफलतापूर्वक लागू की हैं। सहायक अवसंरचना का कार्य पूरा किया जा चुका है और लक्षित क्षेत्र के लगभग 40 प्रतिशत भाग में सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली स्थापित की जा चुकी है।
बैठक में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री अरुण कुमार गुप्ता, सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री अनुराग अग्रवाल, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के प्रधान सचिव श्री पंकज अग्रवाल, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के महानिदेशक श्री राजनारायण कौशिक, मिकाडा के प्रशासक श्री बिरेंद्र सिंह, मिकाडा के मुख्य अभियंता श्री एस.डी. शर्मा, निदेशक–एमआई (मिकाडा) श्री धूप सिंह सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
क्रमांक-2026
टीबी को खत्म करने की राह पर मजबूती से आगे बढ़ रहा हरियाणा : एसीएस हेल्थ
राज्य में 90 प्रतिशत टीबी रोगियों का ईलाज सफल - डॉ. सुमिता मिश्रा
चंडीगढ़, 18 फरवरी -- हरियाणा में स्वास्थ्य के प्रति दृढ प्रतिबद्धता, डिजिटल नवाचार, मजबूत निदान प्रणाली एवं जनभागीदारी के साथ टीबी को खत्म करने और हर प्रभावित व्यक्ति की सम्मानजनक देखभाल सुनिश्चित करने करने के लिए कार्य किया जा रहा है।
अतिरिक्त मुख्य सचिव स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण डॉ. सुमिता मिश्रा ने बताया कि राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन कार्यक्रम के तहत रोगियों पर फोकस करते हुए निरीक्षण में टीबी दवा अभियान सबसे आगे रहा है।
स्वास्थ्य विभाग का राज्य टीबी सेल वेबसाइट टीबी सेवाओं की सही समय पर लोगों तक पहुँच बनाने, टीबी से होने वाली मौतों को कम करने के लिए चलाए जाने वाले जागरूकता अभियान के रूप में कार्य कर रहा है। नेशनल निक्षय डिजिटल प्लेटफॉर्म टीबी से ठीक हुए लोगों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने में सहायता करने वाला अग्रणी केन्द्र है।
उन्होंने बताया कि राज्य में टीबी से जुड़ी सेवाओं तक पारदर्शी जनभागीदारी बढ़ाई जा रही है। राज्य सरकार ऐसे लाभार्थियों को जल्द ही लाभ दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है ताकि टीबी मुक्त होने के बाद लोगों को सुरक्षित जीवन मिल सके।
जनवरी से दिसंबर 2025 तक राज्य की प्रगति पर प्रकाश डालते हुए, उन्होंने बताया कि हरियाणा में एक लाख आबादी पर 9,75,000 लक्ष्य के मुकाबले 3,848 टेस्ट लिए गए जिसमें 2,52,537 थूक सैम्पल में से 88,689 टीबी केस पाए गए, जो सालाना लक्ष्य का 98 प्रतिशत है। इसी प्रकार प्राइवेट सेक्टर में भी पब्लिक-प्राइवेट कोऑर्डिनेशन से 105 प्रतिशत उपलब्धि हासिल की है।
वर्ष 2024 में 74,483 टीबी रोगियों का सफलतापूर्वक इलाज करते हुए 90 प्रतिशत ईलाज रेट हासिल किया। इसमें एचआईवी टेस्टिंग 98 प्रतिशत, जबकि डायबिटीज जांच में 96 प्रतिशत टीबी रोगियों को कवर किया गया, जिससे सहयोगी परिस्थितियों में एकीकरण प्रबंधन मजबूत हुआ। सूक्ष्म जीव विज्ञान से कन्फर्म 90 प्रतिशत मामलों में सर्वभौमिक दवा संवेदनशीलता परीक्षण किया गया, जिससे देखभाल की गुणवता बेहतर हुई और ईलाज के सार्थक परिणाम रहे।
डॉ. मिश्रा ने बताया कि हरियाणा में स्वास्थ्य इंफ्रास्ट्रक्चर लगातार बढ़ रहा है, जिसमें 23 जिला टीबी सेंटर, 168 टीबी यूनिट और 452 माइक्रोस्कोपी सेंटर में 45 सीबीएनएएटी मशीनों, 53 ट्रूनेट मशीनों और करनाल और पीजीआईएमस रोहतक में दो कल्चर और दवा संवदेनशीलता टेस्टिंग लैब से बेहतर सेवाएं दी जा रही हैं।
टीबी मुक्त भारत अभियान (निक्षय शिविर) के तहत 34 लाख से अधिक शारीरिक रूप से कमज़ोर लोगों का मैप तैयार कर 10 लाख से अधिक की स्क्रीनिंग की गई। निक्षय मित्र पहल के माध्यम से पोषण और जन सहयोग से हज़ारों लोगों को स्वास्थ्य लाभ मिला। सितंबर 2022 से अब तक 2.64 लाख से अधिक फ़ूड बास्केट बांटे गए। विश्व टीबी दिवस 2025 पर निक्षय मित्र पहल से हरियाणा की देश भर में सराहना हुई़ और 2024 में 1,855 पंचायतें टीबी मुक्त बनाई गईं।
क्रमांक 2026
चंडीगढ़ , 18 फरवरी - हरियाणा साहित्य एवं संस्कृति अकादमी, पंचकूला के संस्कृत प्रकोष्ठ द्वारा शिवरात्रि के उपलक्ष्य में शिव स्तुति गायन प्रतियोगिता एवं व्याख्यान का आयोजन किया गया। पंचकूला एवं पंचकूला के समीपवर्ती गुरुकुल एवं संस्कृत संस्थाओं के छात्रों ने इस प्रतियोगिता में बड़े उत्साह से भाग लिया। इस प्रतियोगिता में लगभग 25 विद्यार्थियों ने शिव स्तुति गायन से अकादमी वातावरण को पवित्र एवं रसमय बना दिया।
शिवस्तुति प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए चन्दन भारद्वाज, श्री सनातन धर्म संस्कृत महाविद्यालय, सैक्टर-23 बी, चण्डीगढ़ को प्रथम, गीतांश, आर.के.एस.डी. कॉलेज, कैथल को द्वितीय तथा पुष्कर, श्री सनातन धर्म संस्कृत महाविद्यालय, सैक्टर-23 बी. चण्डीगढ़ को तृतीय पुरस्कार प्रदान किया गया। इसी प्रकार चण्डीगढ़ से राहुल चमोली और हिमांशु शर्मा तथा मनसादेवी गुरुकुल से प्रियांशु अवस्थी तथा रुद्रांश ठाकुर को प्रोत्साहन पुरस्कार दिये गये।
इस अवसर पर अकादमी के कार्यकारी उपाध्यक्ष प्रो. कुलदीप चन्द अग्निहोत्री ,अकादमी सदस्य सचिव श्री मनजीत सिंह ,उर्दू प्रकोष्ठ के निदेशक डॉ चन्द्रत्रिखा तथा हिन्दी एवं हरियाणवी प्रकोष्ठ के निदशक डॉ. धर्मदेव विद्यार्थी भी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में मुख्य वक्ताओं के रूप में डॉ. कामदेव झा. डॉ. आशुतोष अंगिरस तथा डॉ. विनय सिंघल ने शिव स्तुति एवं शिव शक्ति पर बड़े ही रोचक ढंग से अपने-अपने वैदुष्यपूर्ण विचार प्रस्तुत किए।
क्रमांक -2026
जंगबीर सिंह
बीएड में दाखिले हेतु ऑनलाइन आवेदन 27 फरवरी तक
चंडीगढ़, 18 फरवरी -- इग्नू द्वारा शैक्षणिक सत्र 2026 के लिए बैचलर ऑफ एजुकेशन (B.Ed) कार्यक्रम में प्रवेश हेतु ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। इस कार्यक्रम में प्रवेश विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित प्रवेश परीक्षा के माध्यम से किया जाएगा।
इग्नू क्षेत्रीय केंद्र करनाल के क्षेत्रीय निदेशक डॉ. धर्मपाल ने जानकारी देते हुए बताया कि अभ्यर्थियों को केवल ऑनलाइन माध्यम से ही पंजीकरण करना होगा। किसी प्रकार के हार्ड कॉपी आवेदन पत्र स्वीकार नहीं किए जाएंगे। ऑनलाइन पंजीकरण की अंतिम तिथि 27 फरवरी, 2026 है।
उन्होंने बताया कि अभ्यर्थियों को पहले पोर्टल पर पंजीकरण करना अनिवार्य है, तत्पश्चात वे ऑनलाइन आवेदन/प्रवेश परीक्षा फॉर्म भर सकेंगे। ऑनलाइन पंजीकरण एवं आवेदन के लिए आधिकारिक पोर्टल https://ignou-bed.samarth.edu.in/index.php पर जाएं।
उन्होंने बताया कि बी.एड. कार्यक्रम में प्रवेश के लिए अभ्यर्थी के पास मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक/स्नातकोत्तर डिग्री निर्धारित अंकों सहित होना आवश्यक है तथा एनसीटीई के मानकों को पूरा करना अनिवार्य है। अंतिम चयन प्रवेश परीक्षा में प्रदर्शन के आधार पर किया जाएगा। पात्रता, पाठ्यक्रम एवं प्रवेश परीक्षा से संबंधित विस्तृत जानकारी प्रवेश पोर्टल पर उपलब्ध है।
प्रवेश परीक्षा की तिथि विश्वविद्यालय द्वारा जारी आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार आयोजित की जाएगी। प्रवेश परीक्षा के लिए हॉल टिकट विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध कराए जाएंगे। अधिक जानकारी एवं अद्यतन विवरण के लिए विश्वविद्यालय की वेबसाइट www.ignou.ac.in पर देख सकते हैं।