Friday, August 07, 2026
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पंजाब

Punjab Latest News 2026

February 27, 2026 12:19 PM

*गैंगस्टरों पर वार का 37वां दिन: पंजाब पुलिस ने 601 स्थानों पर की छापेमारी; 203 गिरफ्तार*
- पुलिस टीमों ने 147 व्यक्तियों के खिलाफ की सतर्कता कार्रवाई, 145 को पूछताछ के बाद किया रिहा
- लोग गैंगस्टर विरोधी हेल्पलाइन नंबर 93946-93946 के माध्यम से गुप्त रूप से दे सकते हैं गैंगस्टरों के बारे में जानकारी
- युद्ध नशे के विरुद्ध के 362वें दिन 2.4 किलोग्राम हेरोइन समेत 67 नशा तस्कर गिरफ्तार
चंडीगढ़, 26 फरवरी: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के निर्देशों के तहत शुरू किए गए निर्णायक अभियान ‘गैंगस्टरों पर वार’ के 37वें दिन पंजाब पुलिस ने आज राज्य भर में गैंगस्टरों के साथियों के पहचाने गए और मैप किए गए 601 ठिकानों पर छापेमारी की।

उल्लेखनीय है कि ‘गैंगस्टरों पर वार’ - पंजाब को गैंगस्टर मुक्त राज्य बनाने के लिए एक निर्णायक जंग है, जिसकी शुरुआत 20 जनवरी, 2026 को पुलिस डायरेक्टर जनरल (डीजीपी) पंजाब गौरव यादव ने की थी। एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स (एजीटीएफ) पंजाब के समन्वय से सभी जिलों की पुलिस टीमें राज्य भर में विशेष कार्रवाइयां कर रही हैं।

37वें दिन, पुलिस टीमों ने 203 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया और उनके कब्जे से एक हथियार बरामद किया, जिससे अभियान की शुरुआत के बाद कुल गिरफ्तारियां 11,616 हो गई हैं।

इसके अलावा 147 व्यक्तियों के खिलाफ सतर्कता कार्रवाई की गई है, जबकि 145 व्यक्तियों को पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया। पुलिस टीमों ने कार्रवाई के दौरान आठ भगोड़े अपराधियों को भी गिरफ्तार किया है।

उन्होंने कहा कि लोग एंटी गैंगस्टर हेल्पलाइन नंबर 93946-93946 के माध्यम से गुप्त रूप में वांछित अपराधियों और गैंगस्टरों के बारे में जानकारी दे सकते हैं और अपराध तथा अपराधिक गतिविधियों के बारे में सूचना/जानकारी भी साझा की जा सकती है।

इस दौरान पुलिस टीमों ने नशे के विरुद्ध अपने अभियान ‘युद्ध नशे के विरुद्ध’ के 362वें दिन 67 नशा तस्करों को गिरफ्तार किया और उनके कब्जे से 2.4 किलो हेरोइन, 301 नशीली गोलियां/कैप्सूल और 3350 रुपए की ड्रग मनी बरामद की है। इसके साथ, सिर्फ 362 दिनों में गिरफ्तार किए गए कुल नशा तस्करों की संख्या 51,305 हो गई है। नशा छुड़ाओ अभियान के हिस्से के रूप में, पंजाब पुलिस ने आज 30 व्यक्तियों को नशा छुड़ाओ और पुनर्वास उपचार करवाने के लिए मनाया है।
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*सूचना एवं लोकसंपर्क विभाग, पंजाब*

*होला मुहल्ला: श्री आनंदपुर साहिब में संगतों की सुरक्षा के लिए 5000 पुलिस कर्मी तैनात, 21 पार्किंगों पर शटल सेवाओं की भी दी जाएगी सुविधा*

- स्पेशल डीजीपी अर्पित शुक्ला ने होले मुहल्ले से पहले श्री आनंदपुर साहिब में सुरक्षा प्रबंधों का लिया जायजा

- समागम के दौरान पुख्ता निगरानी के लिए ड्रोन और 200 सीसीटीवी कैमरे तैनात: स्पेशल डीजीपी अर्पित शुक्ला

- पुलिस अधिकारियों/कर्मचारियों को संगत के साथ नम्रता से पेश आने के निर्देश

चंडीगढ़/श्री आनंदपुर साहिब, 26 फरवरी:

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के निर्देशों के अनुसार श्री आनंदपुर साहिब में मनाए जाने वाले पवित्र त्योहार होला मुहल्ला के लिए पुख्ता प्रबंध सुनिश्चित बनाने के मद्देनजर स्पेशल डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (स्पेशल डीजीपी) कानून एवं व्यवस्था अर्पित शुक्ला ने आज इस धार्मिक समागम को सुचारू और सुरक्षित ढंग से निपटाने के लिए वहां के सुरक्षा प्रबंधों का जायजा लिया।

उल्लेखनीय है कि तीन दिवसीय वार्षिक होला मुहल्ला 2 मार्च से 4 मार्च, 2026 तक श्री आनंदपुर साहिब में मनाया जाएगा।

डीआईजी रूपनगर रेंज नानक सिंह और एसएसपी रूपनगर मनिंदर सिंह के साथ एक समन्वय बैठक की अध्यक्षता करते हुए स्पेशल डीजीपी अर्पित शुक्ला ने निर्देश दिए कि दुनिया भर से खालसे के जन्म स्थान पर नतमस्तक होने वाली लाखों संगतों की सुविधा के लिए पुख्ता प्रबंध किए जाएं।

वर्णनीय है कि पूरे क्षेत्र को योजनाबद्ध ढंग से 12 सेक्टरों में विभाजित किया गया है और श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लगभग 5000 पुलिस कर्मियों की तैनाती की गई है। हवाई निगरानी और भीड़ की निगरानी के लिए छह ड्रोन तैनात किए गए हैं, जिनकी लाइव फीड की निगरानी केंद्रीय कंट्रोल रूम पर की जाएगी।

स्पेशल डीजीपी अर्पित शुक्ला ने सभी सेक्टर इंचार्जों और तैनात पुलिस बल को संगत के साथ बहुत ही नम्रता से पेश आने और इस समागम को सफल बनाने के लिए पूरी लगन और दृढ़ता से काम करने के निर्देश दिए।

सुरक्षा प्रबंधों की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि होला मुहल्ला के शांतिपूर्ण और सुचारू प्रबंध सुनिश्चित करने के लिए रूपनगर पुलिस द्वारा कई नई पहल लागू की गई हैं ताकि संगतों को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

स्पेशल डीजीपी ने कहा कि क्षमता अनुसार कुल 21 पार्किंग क्षेत्र निर्धारित किए गए हैं और संगतों के मार्गदर्शन के लिए पार्किंग और रूटों के लिए एक कलर-कोडिंग योजना लागू की जाएगी। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए 100 ई-रिक्शा और 50 मिनी-बसों सहित 24 घंटे शटल सेवाएं पार्किंग क्षेत्रों पर उपलब्ध रहेंगी।

उन्होंने आगे कहा कि संगतों को शटल बस सेवाओं, पार्किंग पॉइंटों, चिकित्सा सुविधाओं और अन्य आवश्यक सुविधाओं के विवरण में मदद करने के लिए विभिन्न स्थानों पर क्यूआर-कोड आधारित जानकारी प्रणालियां स्थापित की गई हैं।

स्पेशल डीजीपी ने कहा कि शहर की पहुंच सडक़ों को कवर करने के लिए पीटीजेड और एएनपीआर कैमरों सहित लगभग 200 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं ताकि ट्रैफिक की आवक के बारे में वास्तविक समय की जानकारी प्राप्त की जा सके। इसके साथ ही पुलिस स्टेशन आनंदपुर साहिब में सीसीटीवी कंट्रोल रूम के माध्यम से 24 घंटे लाइव निगरानी भी की जाएगी। उन्होंने आगे कहा कि पहली बार चरण गंगा स्टेडियम में प्रभावशाली भीड़ प्रबंधन के लिए तीन-स्तरीय बैरिकेडिंग प्रणाली लागू की जा रही है।

उल्लेखनीय है कि होला मुहल्ला का त्योहार सिख भाईचारे की चढ़दीकला का प्रतीक है, जिसमें श्री आनंदपुर साहिब की पवित्र धरती पर जीवन के विभिन्न क्षेत्रों के लोगों की बड़ी भागीदारी होती है।
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सूचना एवं लोक संपर्क विभाग पंजाब
 
*पेंशनर सेवा पोर्टल के सभी पेंडिंग इश्यू 31 मार्च, 2026 तक सॉल्व हो जाने चाहिए, गैर जिम्मेदार बैंकों के खिलाफ सख्त एक्शन लिया जाएगा: हरपाल सिंह चीमा*

*पंजाब सरकार ने पेंशनर सेवा पोर्टल का ड्यूज़ कलियर करने के लिए 31 मार्च की समय सीमा  की निर्धारित, 15 मार्च को फॉलो-अप रिव्यू किया जाएगा: हरपाल सिंह चीमा*

*बैंक ज़रूरी लाइफ सर्टिफिकेट और ई -के वाय सी  नियमों की पालन करना करें सुनिश्चित : हरपाल सिंह चीमा*

*ई -स्क्रॉल, पीपीएफ एस  और जेपीपी  आवेदन अपलोड करने में देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी: हरपाल सिंह चीमा*

*भगवंत मान सरकार पेंशनर्स की सम्मान व वित्तीय सुरक्षा की रक्षा के लिए वचनबद्ध है: हरपाल सिंह चीमा*

चंडीगढ़, 26 फरवरी

पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने आज पंजाब भवन में पेंशनर सेवा पोर्टल (क्कस्क्क) पर लंबित मामलों को सुलझाने के उद्देश्य से अलग-अलग बैंकों के साथ रिव्यू मीटिंग आयोजित की। बार-बार हो रही देरी और निर्धारित समय सीमा पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए, एडवोकेट हरपाल सिंह चीमा ने सभी लंबित मामलों को निपटाने के लिए 31 मार्च, 2026 तक की समय सीमा निर्धारित करते हुए स्पष्ट रूप से कहा की अब और देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

मीटिंग के दौरान, वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि बैंक पहले भी निर्धारित समय सारणी की पालना करने में नाकाम रहे थे, जिसके कारण पंजाब सरकार को उनके अनुरोध पर समय अवधि बढ़ानी पड़ी7 उन्होंने कहा, " समय अवधि बढ़ाने के बाद भी प्रमुख वित्तीय संस्थाओं में बहुत ज़्यादा बैकलॉग बना हुआ है। उन्होंने कहा कि पेंशनर सेवा पोर्टल से जुड़े सभी पेंडिंग मामलों को 31 मार्च, 2026 तक सुलझा लिया जाना चाहिए।"

15 मार्च को रिव्यू मीटिंग की घोषणा करते हुए, वित्त मंत्री ने कड़ी चेतावनी देते हुए कहा दी।, "पंजाब सरकार उन बैंकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगी जो 31 मार्च की समय अवधि तक सभी बकाया मामलों का निपटारा करने में  नाकाम रहेंगे। प्रशासकीय आकुशलता के कारण पेंशनर्स को परेशान नहीं होने दिया जा सकता।" पंजाब सरकार के 31 अक्टूबर, 2025 के निर्देशों का पालन न करने पर बल देते हुए, जिसमें सिर्फ़ जीवन प्रमाण पत्र (छ्वक्कक्क) के मध्यम डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र लेना अति आवश्यक कर दिया गया था, वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि कुछ बैंकों ने इन निर्देशों को पूरी तरह से लागू नहीं किया है। उन्होंने कहा, "किसी भी कम्युनिकेशन गैप को कम करने के लिए, सरकार ने बैंकों को एक विशेष मैसेज और ड्राफ़्ट लेटर दिया है। बैंकों को यह मैसेज अपने अपडेटेड संपर्क  डेटाबेस के माध्यम से आगे भेजना  चाहिए ताकि पेंशनर्स को ज़रूरी जेपीपी  और ई -केवायसी की ज़रूरत के बारे में पूरी जानकारी हो। इस इस कार्य प्रणाली को पूरा करने के लिए संयुक्त रूप से कार्य करने की आवश्यकता है  ।"

राज्य की डोर स्टेप डिलीवरी को प्राथमिकता देना , जिसका उद्देश्य पेंशनर्स को घर बैठे जेपीपी व ई -केवायसी पूरा करने में सहायता करना है, उन्होंने कहां कि "साइबर फ्रॉड के बढ़ते खतरे को देखते हुए, कई पेंशनर्स घर से सर्विस लिए बिना,सुरक्षा कारणों से खुद बैंक की ब्रांच में जाना पसंद कर सकते हैं। इसलिए, ब्रांच स्तर पर तैयार रहना अति आवश्यक है।"

इन निर्देशों पर बल देते हुए, अतिरिक्त मुख्य सचिव  ( वित्) आलोक शेखर ने मीटिंग के दौरान कड़े संचालन दिशा निर्देश जारी किए । उन्होंने कहा, "बैंकों को सही ई-स्क्रॉल अपलोड करने होंगे और जिला खजाना अधिकारी द्वारा बताई गई कमियों को तुरंत ठीक करना होगा। इसकी पालना करने में देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।"

इसके अतिरिक्त, उन्होंने बैंकों को निर्देश देते हुए कहा कि सभी बकाया  पीपीओ एस व पी डी एफ जमा करवाए 7 अस्थाई पेंशनरों कों मंज़ूरी दें व 31 अक्टूबर 2025 की कट ऑफ तिथि से पहले स्वीकृत किए गए मैन्युअल जीवन प्रमाण पत्र को निर्धारित की गई समय अवधि पर अपलोड करें7 उन्होंने वित्तीय संस्थानों को अपने  सॉफ्टवेयर को पेंशनर सेवा पोर्टल के साथ जोडऩे की प्रक्रिया में तेजी लाने के भी निर्देश दिए 7
 मीटिंग के दौरान चर्चा किए गए अन्य प्रशासकीय कार्यों में भारतीय पेंशनरों को पोर्टल पर अंकित करना, वह उनके
नोटराइज्ड जीवन प्रमाण पत्र अपलोड करना वह मौजूदा समय में बैंक स्तर पर लंबित सभी जीपी पी आवेदनों पर कार्यवाही करना आदि शामिल था 7
 मीटिंग के अंत में वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार की पेंशनरों के हितों की सुरक्षा के प्रति वचनबद्धता दोहराते हुए कहां कि भविष्य में जेपीपी  के रद्द होने व
 गलत मंज़ूरी से बचाने के लिए सभी बैंकों को तुरंत ज़रूरी सिस्टम बदलाव करने चाहिए। हमारे पेंशनर्स की के मानसून व वित्तीय सुरक्षा हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता है।"
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सूचना एवं लोक संपर्क विभाग पजाब
*कैबिनेट मंत्री संजीवअरोड़ा ने वज़ीराबाद, मंडी गोबिंदगढ़ में कारगिल के दक्षिण एशिया के सबसे बड़े पशु आहार निर्माण संयंत्र का उद्घाटन किया*
*वज़ीराबाद इंडस्ट्रियल पार्क में ₹300 करोड़ का कारगिल डेयरी फ़ीड प्लांट शुरू हुआ, इससे पंजाब के डेयरी और एग्रो-इंडस्ट्रियल ग्रोथ को बढ़ावा मिलेगा: संजीव अरोड़ा*
*्र्रक्क सरकार में पंजाब पसंदीदा इन्वेस्टमेंट डेस्टिनेशन के तौर पर उभर रहा है: संजीव अरोड़ा*
*किसानों की इनकम और दूध प्रोडक्शन को मज़बूत करने के लिए साउथ एशिया का सबसे बड़ा डेयरी फ़ीड प्लांट: संजीव अरोड़ा*
*प्रोग्रेसिव पंजाब इन्वेस्टर्स समिट 2026 पंजाब को भारत के टॉप इंडस्ट्रियल राज्यों में शामिल करेगा: संजीव अरोड़ा*
चंडीगढ़, 26 फरवरी:

औद्योगिक विकास और निवेश सुविधा के प्रति पंजाब सरकार की दृढ़ प्रतिबद्धता को दोहराते हुए, उद्योग एवं वाणिज्य, निवेश प्रोत्साहन, ऊर्जा एवं स्थानीय निकाय मंत्री श्री संजीव अरोड़ा ने आज इंडस्ट्रियल पार्क, वज़ीराबाद (मंडी गोबिंदगढ़) में ₹300 करोड़ की लागत से स्थापित कारगिल प्राइवेट लिमिटेड के नए डेयरी फीड प्लांट का उद्घाटन किया।

सभा को संबोधित करते हुए मंत्री ने कहा कि माननीय राष्ट्रीय संयोजक श्री अरविंद केजरीवाल जी तथा माननीय मुख्यमंत्री श्री भगवंत सिंह मान के दूरदर्शी नेतृत्व में "इन्वेस्ट पंजाब" पहल के माध्यम से राज्य में बड़े पैमाने पर औद्योगिक निवेश आ रहे हैं। इन निवेशों से युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित हो रहे हैं और राज्य के समग्र आर्थिक विकास को गति मिल रही है।

उन्होंने कहा कि बढ़ता निवेशक विश्वास इस बात का संकेत है कि पंजाब विशेष रूप से कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्रों में निवेश के लिए पसंदीदा गंतव्य बन रहा है। राज्य सरकार प्रगतिशील नीतियों और शांतिपूर्ण औद्योगिक वातावरण के माध्यम से व्यवसाय-अनुकूल पारिस्थितिकी तंत्र सुनिश्चित करने तथा हर संभव सहयोग प्रदान करने के लिए पूर्णत: प्रतिबद्ध है।

15 एकड़ में फैला यह संयंत्र 4.5 लाख मीट्रिक टन वार्षिक उत्पादन क्षमता रखता है और दक्षिण एशिया का सबसे बड़ा डेयरी फीड प्लांट है। बठिंडा के बाद पंजाब में कारगिल की यह दूसरी प्रमुख इकाई है, जिससे राज्य की कृषि-औद्योगिक मूल्य श्रृंखला और सुदृढ़ होगी। कारगिल प्रबंधन ने संयंत्र की स्थापना में कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा के अथक प्रयासों की सराहना की।

मंत्री ने कहा कि यह संयंत्र डेयरी किसानों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगा क्योंकि उच्च गुणवत्ता वाला पशु आहार स्थानीय स्तर पर उपलब्ध होगा, जिससे दूध उत्पादन, गुणवत्ता और किसानों की आय में वृद्धि होगी। वैज्ञानिक रूप से विकसित यह फीड पशुओं के स्वास्थ्य और उत्पादकता को बेहतर बनाएगा तथा पंजाब के डेयरी क्षेत्र को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि जिस प्रकार पंजाब को देश का अन्न भंडार कहा जाता है, उसी प्रकार वह शीघ्र ही अन्य राज्यों को दूध आपूर्ति करने वाला अग्रणी राज्य भी बनेगा।

मीडिया से बातचीत में मंत्री ने बताया कि 13 से 15 मार्च तक मोहाली में आयोजित होने वाला "प्रोग्रेसिव पंजाब इन्वेस्टर्स समिट 2026" राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय निवेशकों की बड़ी भागीदारी आकर्षित करेगा। उन्होंने दोहराया कि सरकार पंजाब को देश के शीर्ष औद्योगिक राज्यों में स्थापित करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि पंजाब में उद्योग निरंतर प्रगति कर रहा है और उद्योगपतियों ने राज्य की सक्रिय एवं प्रगतिशील नीतियों पर संतोष व्यक्त किया है।

इससे पूर्व स्थानीय विधायक श्री लखबीर सिंह राय ने कहा कि कारगिल संयंत्र की स्थापना से क्षेत्र के लगभग 1,000 युवाओं को रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। उन्होंने कहा कि उच्च गुणवत्ता वाले फीड की उपलब्धता से पशुओं के स्वास्थ्य और दूध की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार होगा।

इस अवसर पर उपायुक्त डॉ. सोना थिंद, अतिरिक्त उपायुक्त सुश्री पूजा स्याल ग्रेवाल, डेविड वेबस्टर (एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट एवं चीफ रिस्क ऑफिसर), ऋषि वर्मा (एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट, चीफ लीगल एवं कंप्लायंस ऑफिसर एवं कॉर्पोरेट सेक्रेटरी, चेयर एशिया पैसिफिक क्षेत्र), एड्रियानो मारकॉन (प्रेसिडेंट, कारगिल एनिमल न्यूट्रिशन एंड हेल्थ) तथा रविंदर बलैन (सीनियर मैनेजिंग डायरेक्टर, कारगिल एनिमल न्यूट्रिशन एंड हेल्थ, इंडिया एवं प्रेसिडेंट, कारगिल इंडिया) भी उपस्थित थे।
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विजीलैंस ब्यूरो पंजाब
* विजीलैंस ब्यूरो ने एफ.सी.आई. अधिकारी के तकनीकी सहायक को  20,000 रुपए रिश्वत लेते रंगे हाथों किया काबू*
चंडीगढ़ 26 फरवरी, 2026:
पंजाब विजीलैंस ब्यूरो ने राज्य में भ्रष्टाचार विरुद्ध चल रहे अभियान दौरान, जि़ला जालंधर के भोगपुर स्थित एफसीआई दफ़्तर में तैनात तकनीकी सहायक रूही बाला कालिया को 20, 000 रुपए रिश्वत लेते रंगे हाथों काबू किया है।

इस सम्बन्धित जानकारी देते, राज्य विजीलैंस ब्यूरो के एक सरकारी वक्ता ने बताया कि उक्त दोषी को गुरू तेग़ बहादुर चावल मिल, नंगल फि़दा, सब- तहसील भोगपुर, जि़ला जालंधर के मैनेजर की तरफ से दर्ज करवाई गई शिकायत के आधार पर गिरफ़्तार किया गया है। इस सम्बन्धित शिकायतकर्ता ने बताया कि खरीद सीजन 2025-26 के लिए उक्त चावल मिल को धान की 49, 086 बोरियां अलाट की गई थी। अलाट की गई मात्रा में से, चावलों की 1,160 बोरियां दो खेप ( प्रत्येक खेप में 580 बोरियां) एफ.सी.आई.को भेजने के लिए लम्बित थे।

उन्होंने बताया कि उक्त दो खेप भोगपुर स्थित एफ.सी.आई. गोदाम में भेजी गई थी। इसके बाद, दोषी रूही बाला कालिया ने उक्त खेप को क्लीयर करने के लिए शिकायतकर्ता से 25, 000 रुपए रिश्वत की मांग की। यह मांग शिकायतकर्ता के मुनीम आदर्श कुमार के साथ मोबाइल फ़ोन के द्वारा हुई बातचीत दौरान की गई थी।

बताने योग्य है कि पहले भी, दोषी ने शिकायतकर्ता से अपनी फर्म की पिछली खेप को क्लीयर करने बदले 50, 000 रुपए रिश्वत ली थी। अपनी खेप को रद्द करने के डर से, शिकायतकर्ता मजबूरी में रिश्वत देने के लिए सहमत हो गया। हालांकि, विनती करने'और, दोषी बकाया खेप को क्लीयर करने के लिए 20, 000 रुपए लेने के लिए सहमत हो गया। रिश्वत की मांग सम्बन्धित सारी बातचीत शिकायतकर्ता की तरफ से रिकार्ड कर ली गई थी।

शिकायतकर्ता रिश्वत नहीं देना चाहता था, इस लिए उसने पंजाब विजीलैंस ब्यूरो, यूनिट कपूरथला के पास पहुंच की और शिकायत दर्ज करवाई। शिकायत पर कार्यवाही करते हुए, विजीलैंस ब्यूरो ने एक जाल बिछाया, जिस दौरान दोषी रूही बाला कालिया को सरकारी गवाहों की उपस्थिति में शिकायतकर्ता से 20, 000 रुपए रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों काबू कर लिया गया।

इस सम्बन्धित, मुलजिम विरुद्ध विजीलैंस ब्यूरो के थाना जालंधर में भ्रष्टाचार रोकू कानून के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया है और इस मामले में आगे की जांच जारी है।
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सूचना और लोक संपर्क विभाग पंजाब

* पंजाब के राज्यपाल ने सोलहवीं पंजाब विधान सभा का बारहवां बजट सैशन बुलाया*

चंडीगढ़ 26 फरवरी:

पंजाब के राज्यपाल ने सोलहवीं पंजाब विधान सभा का बारहवां ( बजट) सैशन शुक्रवार, 06 मार्च, 2026 को सुबह 11.00 बजे पंजाब विधान सभा हाल, विधान भवन, चंडीगढ़ में बुलाया है।
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सूचना और लोक संपर्क विभाग, पंजाब

भगवंत मान सरकार द्वारा 18 मार्च को पूरे राज्य में 14,100 महिला उद्यमियों को सम्मानित किया जाएगा: तरुणप्रीत सिंह सौंद

राज्य स्तरीय समारोह के दौरान 100 शीर्ष महिला उद्यमियों को प्रत्येक को 25,000 रुपये दिए जाएंगे: तरुणप्रीत सिंह सौंद

आप सरकार के अधीन पंजाब ने स्वयं सहायता समूहों की गैर-निष्पादित परिसंपत्तियों की दर 18 प्रतिशत से घटाकर 2.16 प्रतिशत की: तरुणप्रीत सिंह सौंद

पूरे राज्य में 58,000 स्वयं सहायता समूह 6 लाख ग्रामीण महिलाओं को सशक्त बना रहे हैं: तरुणप्रीत सिंह सौंद

4 वर्षों में 2,90,213 महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों में शामिल किया गया, जो लगभग पिछले 11 वर्षों की कुल संख्या के बराबर है: तरुणप्रीत सिंह सौंद

चंडीगढ़, 26 फरवरी 2026:

भगवंत मान सरकार के नेतृत्व में पंजाब राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (पीएसआरएलएम) द्वारा 18 मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस व्यापक स्तर पर मनाया जा रहा है, जिसके दौरान पंजाब सरकार द्वारा पूरे राज्य के विधानसभा क्षेत्रों, जिलों और राज्य स्तर पर 14,100 महिला उद्यमियों को सम्मानित किया जाएगा। इस समारोह के दौरान 100 शीर्ष उद्यमियों को प्रत्येक को 25,000 रुपये प्रदान किए जाएंगे। उल्लेखनीय है कि स्वयं सहायता समूहों की गैर-निष्पादित परिसंपत्तियों की दर 18 प्रतिशत से घटकर 2.16 प्रतिशत हो गई है।

इस संबंध में बड़े स्तर पर समारोहों की घोषणा करते हुए और वर्ष 2022 के बाद दिए जा रहे वित्तीय तथा संस्थागत लाभों की जानकारी देते हुए ग्रामीण विकास एवं पंचायत मंत्री तरुणप्रीत सिंह सौंद ने कहा कि सरकार द्वारा पूरे राज्य में स्वयं सहायता समूहों का विस्तार किया गया है, वित्त पोषण में वृद्धि की गई है और ग्रामीण महिलाओं की स्थिति को सुदृढ़ किया गया है।


मंत्री तरुणप्रीत सिंह सौंद ने कहा, "पूरे राज्य के प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र से स्वयं सहायता समूह की 100 महिला उद्यमियों को पुरस्कारों से सम्मानित किया जाएगा। कुल 11,700 महिला उद्यमियों को पुरस्कार दिए जाएंगे। इसी प्रकार, 23 जिलों से 2,300 और प्रत्येक जिले से 100 महिला उद्यमियों को सम्मानित किया जाएगा। राज्य स्तर पर एक समिति द्वारा पंजाब की शीर्ष 100 महिला उद्यमियों का चयन किया जाएगा और उनमें से प्रत्येक को 25,000 रुपये से सम्मानित किया जाएगा। इस प्रकार राज्य द्वारा 14,100 महिला उद्यमियों को सम्मानित किया जाएगा।"

पंजाब सरकार की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए पंजाब के मंत्री ने कहा, "वर्ष 2022 से 2026 तक कुल 28,734 स्वयं सहायता समूह बनाए गए हैं, जबकि पिछली सरकारों के दौरान वर्ष 2011 से 2022 के बीच 29,053 स्वयं सहायता समूह बनाए गए थे। इसी प्रकार, वर्ष 2022 से 2026 तक मात्र चार वर्षों में 2,90,213 स्वयं सहायता समूह सदस्य शामिल किए गए हैं, जबकि वर्ष 2011 से 2022 तक ग्यारह वर्षों के दौरान 2,97,083 सदस्य शामिल किए गए थे।"

संस्थागत विस्तार पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा, "वर्ष 2022 से 2026 तक कुल 2,427 ग्राम संस्थाएं बनाई गई हैं, जबकि 2011 से 2022 के बीच 1,806 ग्राम संस्थाएं बनाई गई थीं। इसी प्रकार, वर्ष 2022 से 2026 तक स्वयं सहायता समूहों को रिवॉल्विंग फंड के रूप में 53.03 करोड़ रुपये जारी किए गए, जबकि वर्ष 2011 से 2022 के बीच रिवॉल्विंग फंड के रूप में 28.59 करोड़ रुपये जारी किए गए थे।"

वित्तीय सहायता के बारे में विवरण देते हुए मंत्री ने बताया, "वर्ष 2022 से 2026 तक कम्युनिटी इन्वेस्टमेंट फंड के रूप में 84.88 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं, जबकि 2011 और 2022 के बीच 105.72 करोड़ रुपये जारी किए गए थे। इसके अलावा, स्वयं सहायता समूहों ने 2022 से 2026 तक 631.76 करोड़ रुपये के ऋण प्राप्त किए हैं, जबकि 2011 और 2022 के बीच 171.13 करोड़ रुपये के ऋण प्राप्त किए गए थे। हमारी सरकार ने 2022 से 2026 तक स्वयं सहायता समूहों की गैर-निष्पादित परिसंपत्तियों को घटाकर 2.16 प्रतिशत कर दिया है, जो कि 2011 और 2022 के बीच 18 प्रतिशत थी। इससे स्पष्ट है कि वर्तमान सरकार द्वारा पिछली सरकारों की तुलना में काफी अधिक उपलब्धियां हासिल की गई हैं।"
पंजाब राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के उद्देश्यों के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा, "पीएसआरएलएम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण गरीब परिवारों की महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोडक़र आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। आज, ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाएं बचत, ऋण प्रबंधन, छोटे उद्यमों, कुटीर उद्योगों, कृषि सहायक गतिविधियों और सेवा क्षेत्रों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। अनेक महिलाएं अपने गांवों में उद्यमी बन चुकी हैं, रोजगार के अवसर पैदा कर रही हैं और अन्य परिवारों के लिए प्रेरणा स्रोत बन रही हैं।"

मंत्री तरुणप्रीत सिंह सौंद ने बताया कि अब तक कुल 58,000 स्वयं सहायता समूह कार्यशील हैं, जिनसे लगभग छह लाख ग्रामीण महिलाएं जुड़ी हुई हैं। पंजाब सरकार द्वारा रिवॉल्विंग फंड के रूप में 30,000 रुपये, कम्युनिटी इन्वेस्टमेंट फंड के रूप में 50,000 रुपये दिए जा रहे हैं और इन लाभार्थी महिलाओं को 7 प्रतिशत ब्याज दर पर ऋण सुविधा प्रदान की जा रही है। अब तक सदस्यों द्वारा लगभग 802.89 करोड़ रुपये के बैंक ऋण लिए गए हैं, जिनकी गैर-निष्पादित परिसंपत्ति दर मात्र 2 प्रतिशत है। इससे स्पष्ट है कि महिलाएं समय पर ऋण का भुगतान कर रही हैं। बाढ़ के दौरान भी सरकार द्वारा 3,000 पशु खरीदने के लिए लगभग 18 करोड़ रुपये की सहायता बिना ब्याज के प्रदान की गई थी।

समग्र सहायता पर जोर देते हुए मंत्री ने कहा, "पीएसआरएलएम के माध्यम से महिलाओं को न केवल वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है, बल्कि उन्हें प्रशिक्षण, बाजार तक पहुंच, बैंकिंग सहायता और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से भी जोड़ा जा रहा है। यह पहल न केवल ग्रामीण परिवारों की आय में वृद्धि कर रही है, बल्कि उनकी सामाजिक स्थिति में भी सुधार कर रही है। हम सभी से अपील करते हैं कि वे अधिक से अधिक महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़ें ताकि उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जा सके और 'सशक्त महिला, सशक्त पंजाब' का सपना साकार हो सके।"
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सूचना एवं जनसंपर्क विभाग, पंजाब
महिलाओं के सम्मान से कोई समझौता नहीं; अश्लील और अपमानजनक प्रस्तुति के विरुद्ध तुरंत और सख्त कार्रवाई: डॉ. बलजीत कौर
भगवंत मान सरकार द्वारा महिलाओं के अश्लील चित्रण के विरुद्ध मीडिया को स्पष्ट निर्देश जारी : डॉ. बलजीत कौर
पंजाब में महिलाओं के सम्मान का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं : डॉ. बलजीत कौर
विज्ञापनों और सोशल मीडिया की सख्त निगरानी; उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए
जिला अधिकारियों, एस.एस.पी. को अश्लील सामग्री के मामलों पर तुरंत कार्रवाई करने के निर्देश: डॉ. बलजीत कौर
महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा की रक्षा भगवंत मान सरकार की पहली प्राथमिकता : डॉ. बलजीत कौर
चंडीगढ़, 26 फरवरी :

पंजाब के सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने विज्ञापनों में महिलाओं को अश्लील और अपमानजनक ढंग से प्रस्तुत करने के कई मामलों पर गंभीर चिंता व्यक्त की और कहा है कि पंजाब सरकार महिलाओं के सम्मान के किसी भी प्रकार के उल्लंघन को बर्दाश्त नहीं करेगी।

इस मुद्दे पर बोलते हुए महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने कहा, "यह गंभीर चिंता का विषय है कि विभिन्न विज्ञापनों के माध्यम से महिलाओं के अश्लील और अपमानजनक चित्रण के कई मामले विभाग के ध्यान में आए हैं। महिलाओं की अश्लील प्रतिनिधित्व (निषेध) अधिनियम, 1986 महिलाओं के किसी भी अश्लील या अपमानजनक चित्रण पर सख्ती से प्रतिबंध लगाता है।"

उन्होंने आगे कहा कि विज्ञापनों, प्रकाशनों, पेंटिंगों या किसी अन्य मीडिया प्लेटफार्म के माध्यम से महिलाओं को अश्लील या अपमानजनक ढंग से प्रस्तुत करना कानून के तहत दंडनीय अपराध है और अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

मंत्री ने स्पष्ट रूप से कहा कि महिलाओं की इज्जत, सम्मान और सुरक्षा की रक्षा पंजाब सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में से एक है और इस संबंध में कानून के किसी भी उल्लंघन पर निर्धारित प्रावधानों के अनुसार सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

मीडिया प्लेटफार्मों को स्पष्ट निर्देश जारी करते हुए मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने कहा, "सभी टीवी चैनलों, वेबसाइटों, वेब-आधारित एप्लिकेशनों, अखबारों और अन्य ऑडियो-विजुअल मीडिया प्लेटफार्मों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि महिलाओं को अश्लील या अपमानजनक ढंग से दर्शाने वाली कोई भी सामग्री या विज्ञापन प्रसारित, प्रकाशित या छापा न जाए। ऐसी सामग्री का प्रसारण कानून का उल्लंघन है और इसमें शामिल किसी भी व्यक्ति या संगठन के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।"
मंत्री ने पूरे राज्य में सख्त प्रशासनिक निगरानी के निर्देश दिए। उन्होंने कहा, "पंजाब के सभी जिला प्रोग्राम अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे ऐसे मामलों का स्वयं संज्ञान लें और प्राप्त शिकायतों पर संबंधित कानूनी प्रावधानों के अनुसार तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित करें।" उन्होंने आगे कहा, "ऐसे मामलों की पंजाब और जिला स्तर पर डिप्टी कमिश्नरों द्वारा समय-समय पर समीक्षा की जाएगी।"

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पंजाब के सभी सीनियर सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस को कानून के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक सहयोग प्रदान करने के निर्देश पहले ही जारी किए जा चुके हैं।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए, मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने कहा, "पंजाब सरकार महिलाओं के अधिकारों, सम्मान और सुरक्षा की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और समाज में महिलाओं के प्रति जागरूकता और सम्मान को मजबूत करने के लिए सरकार द्वारा लगातार प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं।"

इस पहल को एक निर्णायक कदम बताते हुए, उन्होंने कहा, "पंजाब सरकार का यह प्रयास एक सुरक्षित, सम्मानजनक और गरिमामय समाज की रचना की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।"
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सूचना और लोक संपर्क विभाग, पंजाब

* गुरमीत सिंह खुडियां ने साथी पोर्टल कार्यों को उचित बनाने के लिए सीड सर्टिफिकेशन अधिकारियों को सौंपे 40 टेबलेट्स*

* बीज प्रमाणीकरण के लिए डिजीटाईज़ेशन की तरफ बड़ा कदम बताया*

* कम्प्यूटराईजड़ तुरंत डेटा एंट्री, जी.पी.एस. लोकेशन और डिजिटल दस्तख़त का प्रयोग बीज प्रमाणीकरण प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाएगी यकीनी: गुरमीत सिंह खुडियां*

* चंडीगढ़, 26 फरवरी: *

बीज प्रमाणीकरण प्रक्रिया में पारदर्शिता यकीनी बनाने और काम में ओर तेज़ी लाने की तरफ एक अहम कदम उठाते हुए मुख्य मंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने अपने फील्ड स्टाफ को टेबलेट्स के साथ लैस किया है जिससे साथी पोर्टल का सारा काम आनलाइन यकीनी बनाया जा सके।

विभाग में मुकम्मल डिजीटलाईज़ेशन को असली रूप देते हुए कृषि और किसान भलाई मंत्री स. गुरमीत सिंह खुडियां ने आज बीज प्रमाणीकरण अधिकारियों और सहायकों को 40 टेबलेट्स सौंपे।

कृषि मंत्री ने ज़ोर दे कर कहा कि फील्ड अधिकारियों को टेबलेट्स के साथ लैस करने के साथ न सिफऱ् कागज़ी कार्यवाही ख़त्म होगी, बल्कि इसके साथ जवाबदेही बढ़ेगी और निरीक्षण दौरान खेतों से सीधे तौर पर कम्प्यूटराईजड़ डेटा तुरंत जुटाने में आसानी होगी।

उन्होंने कहा कि पारदर्शिता को यकीनी बनाने के लिए खेत की सही भौगोलिक स्थिति को जी.पी.एस के द्वारा रिकार्ड किया जा सकेगा, जबकि तुरंत फोटो अपलोड करने के साथ अधिकारित रिपोर्ट में फसलों की असली स्थिति दर्ज की जा सकेगी। उन्होंने कहा कि डिजीटलाईज़ेशन के साथ जहां हाथ से काम करने दौरान लिखित गलतियों से निजात मिलेगी, वहीं तुरंत डिजिटल रिपोर्टें तैयार करने में आसानी मिलेगी, जिनको आगे किसानों या उच्च आधिकारियों के साथ सांझा किया जा सकेगा।

स. गुरमीत सिंह ने कहा कि प्रक्रिया को ओर सुरक्षित और सुविधाजनक बनाने के लिए किसानों के डिजिटल दस्तख़त सीधे टेबलेट की स्क्रीन पर लिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि जी.पी.एस. के प्रयोग के द्वारा फील्ड मैपिंग की जाएगी जिससे यह यकीनी बनाया जा सके कि निरीक्षण, सही बीज खेत के साथ सम्बन्धित है और टैब पर उपलब्ध फार्म के अनुसार है। इसके इलावा फ़सल की किस्म, आइसोलेशन दूरी, रोग और आफ- टाईप पौधों की संख्या सहित विवरन डिजिटल तौर पर रिकार्ड किए जाएंगे।

कृषि मंत्री ने ज़ोर देते कहा कि यह डिजीटाईज़ेशन पहलकदमी न सिफऱ् बीज प्रमाणीकरण प्रक्रिया में पारदर्शिता लाएगी बल्कि किसानों को समय- पर गुणवत्ता- भरपूर प्रमाणित बीज उपलब्ध करवाना यकीनी बनएगी।

इस मौके कृषि और किसान भलाई विभाग के सचिव श्री अरशदीप सिंह थिंद डायरैक्टर श्री गुरजीत सिंह बराड़, डायरैक्टर- पी.एस.एस.सी.ए.श्री नरिंदर बैनीपाल और विभाग के अन्य सीनियर अधिकारी भी मौजूद थे।
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सूचना एवं लोक संपर्क विभाग, पंजाब
*बरिंदर कुमार गोयल द्वारा पंजाब में क्रशर-ओनर माइनिंग साइटों की शुरुआत*
*31 मार्च 2026 तक 44 स्वीकृत क्रशर माइनिंग साइटें होंगी चालू; शेष 119 साइटें इसी वर्ष चरणबद्ध ढंग से शुरू की जाएंगी*
*कहा, मान सरकार किफ़ायती दरों पर रेत और खनिज पदार्थ उपलब्ध कराने के लिए वचनबद्ध*
*ग़ैर-कानूनी खनन के विरुद्ध ज़ीरो-टॉलरेंस नीति सख़्ती से जारी: बरिंदर कुमार गोयल*
*चंडीगढ़, 26 फऱवरी:*

खनन क्षेत्र में पारदर्शिता और नियमित खनन प्रणाली को मज़बूत रूप से लागू करने की दिशा में एक और निर्णायक कदम उठाते हुए पंजाब के खनन एवं भू-विज्ञान मंत्री श्री बरिंदर कुमार गोयल ने आज पंजाब में क्रशर-ओनर माइनिंग साइटों (सी.आर.एम.एस.) की शुरुआत की। पठानकोट ज़िले में स्थित इन साइटों की शुरुआत करते हुए कैबिनेट मंत्री ने ज़ोर देकर कहा कि इस पहल से बाज़ार में रेत और अन्य खनिजों की प्रचुर उपलब्धता सुनिश्चित होगी तथा राज्यभर में ग़ैर-कानूनी खनन पर अधिक प्रभावी ढंग से अंकुश लगाया जा सकेगा।

इस अवसर पर खनन एवं भू-विज्ञान मंत्री, क्रशर मालिकों, भूमि मालिकों और वरिष्ठ विभागीय अधिकारियों की उपस्थिति में दो क्रशर-ओनर माइनिंग साइटों के लिए समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए। कैबिनेट मंत्री ने बताया कि इन दोनों साइटों के अंतर्गत 4.46 हेक्टेयर क्षेत्र को कवर किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इन समझौतों के साथ विभाग द्वारा एक सुव्यवस्थित ढांचा लागू किया जा रहा है, जिसके तहत स्वीकृत खनन योजनाओं और पर्यावरणीय सुरक्षा मानकों के अंतर्गत पंजीकृत क्रशर इकाइयाँ सीधे खनन गतिविधियों से जुड़ेंगी।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री
स. भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली सरकार राज्य के लोगों को किफ़ायती दरों पर रेत और अन्य खनिज पदार्थ उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। क्रशर-ओनर माइनिंग साइटों तथा लैंड-ओनर माइनिंग साइटों के संचालन से लघु खनिजों की कानूनी आपूर्ति में उल्लेखनीय वृद्धि होगी, जिससे बाज़ार में कीमतें स्थिर और उचित बनी रहेंगी।

नई खनन नीति के तहत की गई पहलों का विवरण साझा करते हुए कैबिनेट मंत्री ने बताया कि राज्यभर से क्रशर-ओनर माइनिंग साइटों के लिए कुल 138 आवेदन तथा लैंड-ओनर माइनिंग साइटों के लिए 25 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें से 305.59 हेक्टेयर क्षेत्रफल वाली 44 साइटों की ज़िला सर्वेक्षण रिपोर्टें स्वीकृत हो चुकी हैं। उन्होंने बताया कि 79.74 हेक्टेयर क्षेत्रफल वाली 14 साइटों को पर्यावरणीय स्वीकृति मिल चुकी है। उन्होंने कहा कि सभी 44 स्वीकृत साइटों को 31 मार्च 2026 तक अंतिम अनुमति मिलने की उम्मीद है, जिसके बाद इन साइटों पर चरणबद्ध तरीके से कार्य शुरू कर दिया जाएगा।

श्री गोयल ने बताया कि 44 स्वीकृत माइनिंग साइटों पर 31 मार्च 2026 तक कार्य आरंभ हो जाएगा, जो राज्यभर में लघु खनिजों की कानूनी आपूर्ति बढ़ाने के लिए सरकार की समयबद्ध कार्य-योजना का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि शेष 119 साइटों पर भी इसी वर्ष के भीतर सभी कानूनी स्वीकृतियां और पर्यावरणीय मंजूरियां पूर्ण होने के बाद चरणबद्ध तरीके से कार्य प्रारंभ किया जाएगा। यह विस्तार बाज़ार में रेत और बजरी की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित करेगा, प्रभावी निगरानी को सुदृढ़ करेगा तथा पूरे पंजाब में ग़ैर-कानूनी खनन गतिविधियों पर अंकुश लगाएगा।

खनन एवं भू-विज्ञान मंत्री ने ज़ोर देकर कहा कि कानूनी खनन आपूर्ति का विस्तार न केवल सरकारी राजस्व में वृद्धि करेगा, बल्कि खनन क्षेत्र में नियमितता भी लाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि मान सरकार द्वारा ग़ैर-कानूनी माइनिंग के विरुद्ध ज़ीरो-टॉलरेंस नीति अपनाई गई है और ग़ैर-कानूनी गतिविधियों में संलिप्त पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति के विरुद्ध सख़्त कार्रवाई की जा रही है।

इस सुव्यवस्थित ढांचे के बारे में और विस्तार से बताते हुए कैबिनेट मंत्री ने कहा कि एक क्रशर-ओनर माइनिंग साइट पर पंजीकृत क्रशर मालिक अपनी स्वयं की भूमि पर, लीज़ पर ली गई भूमि पर अथवा विधिवत पावर ऑफ अटॉर्नी के माध्यम से प्राप्त भूमि पर स्वीकृत माइनिंग योजना, ज़िला सर्वेक्षण रिपोर्ट तथा पर्यावरणीय स्वीकृति के अनुसार खनन कर सकता है। इसी प्रकार लैंड-ओनर माइनिंग साइटों के अंतर्गत भूमि स्वामी कानूनी एवं पर्यावरणीय स्वीकृतियां प्राप्त करने के उपरांत अपनी भूमि पर खनन कार्य कर सकता है।

कैबिनेट मंत्री ने दोहराया कि भविष्य में विभाग कानूनी स्वीकृतियों की प्रक्रिया को और तेज़ करेगा, पर्यावरणीय नियमों का सख़्ती से पालन सुनिश्चित करेगा तथा सतत खनन गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए हितधारकों के साथ निकट समन्वय में कार्य करेगा। उन्होंने कहा कि यह पहल बुनियादी ढांचा विकास को गति देगी और पंजाब भर में आर्थिक विकास को प्रोत्साहित करेगी।

बैठक के दौरान मुख्य अभियंता (माइनिंग) स. हरदीप सिंह मैंदीरत्ता, विभाग के वरिष्ठ अधिकारी तथा क्रशर प्रतिनिधि उपस्थित थे।
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सूचना एवं जनसंपर्क विभाग, पंजाब
चॉकबोर्ड से स्मार्ट क्लासरूम तक: भगवंत मान सरकार पंजाब के सरकारी स्कूलों में लाई डिजिटल क्रांति
क 5,000 स्कूलों में कंप्यूटर लैब स्थापित करने के लिए 400 करोड़ रुपये का डिजिटलीकरण प्रोजेक्ट शुरू करने की घोषणा; ऐतिहासिक डिजिटल विस्तार के तहत लगभग 3,700 स्कूलों में लगाए जाएंगे इंटरएक्टिव फ्लैट पैनल
क पंजाब के सरकारी स्कूलों में पहले कभी ऐसा बेमिसाल डिजिटल बुनियादी ढांचा नहीं लाया गया; हम हर बच्चे को भविष्य के लिए तैयार कर रहे हैं: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
क इंटरएक्टिव फ्लैट पैनल और कंप्यूटर मूल रूप से क्लासरूम शिक्षा और सीखने में लाएंगे सकारात्मक बदलाव; डिजिटल क्लासरूम पंजाब शिक्षा क्रांति का आधार: हरजोत सिंह बैंस
क डिजिटल क्लासरूम पंजाब शिक्षा क्रांति के प्रणालीगत सुधार का आधार हैं: हरजोत सिंह बैंस
क 20 मार्च तक, पंजाब के हर जिले के प्रत्येक स्कूल को नए डिजिटल उपकरण मिल जाएंगे: हरजोत सिंह बैंस
चंडीगढ़, 26 फरवरी:

पंजाब के शैक्षिक इतिहास में सबसे बड़े तकनीकी सुधारों में से एक की दिशा में कदम बढ़ाते हुए पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने आज पंजाब शिक्षा क्रांति के तहत 400 करोड़ रुपये के व्यापक डिजिटलीकरण प्रोजेक्ट की घोषणा की। उन्होंने कहा कि भगवंत मान सरकार द्वारा एक अभूतपूर्व परिवर्तन की शुरुआत की गई है, जो सरकारी स्कूलों को अत्याधुनिक तकनीक से लैस करने के साथ-साथ पूरे राज्य में कक्षा शिक्षण को मूल रूप से नया स्वरूप प्रदान करेगी।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने इस पहल को पंजाब के शिक्षा क्षेत्र में एक परिवर्तनकारी मील का पत्थर करार दिया। उन्होंने कहा, "यह एक ऐतिहासिक पहल है। पंजाब के सरकारी स्कूलों के इतिहास में पहले कभी भी इतने बड़े स्तर पर डिजिटल बुनियादी ढांचा प्रस्तुत नहीं किया गया। पंजाब शिक्षा क्रांति के तहत हमने पहले कक्षाओं को मजबूत किया और सीखने के परिणामों में सुधार किया। अब हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि प्रत्येक बच्चे की आधुनिक डिजिटल साधनों तक आसान पहुंच हो। हमारे विद्यार्थियों को केवल आज के लिए ही नहीं, बल्कि भविष्य के लिए भी तैयार होना चाहिए।"

यहां पंजाब भवन में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि इस पहल के तहत पुराने हार्डवेयर और कंप्यूटरों को बदला जा रहा है और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि सभी सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल, हाई स्कूल और मिडिल स्कूल नवीनतम डिजिटल बुनियादी ढांचे से सुसज्जित हों।

इस ऐतिहासिक पहल के बारे में जानकारी साझा करते हुए श्री हरजोत सिंह बैंस ने कहा, "5,012 सरकारी स्कूलों को नवीनतम सॉफ्टवेयर से लैस 38,649 नए कंप्यूटर प्रदान किए जा रहे हैं। ये कंप्यूटर सभी सीनियर सेकेंडरी और हाई स्कूलों के साथ-साथ 50 प्रतिशत मिडिल स्कूलों को दिए जाएंगे, ताकि विद्यार्थियों की नवीनतम हार्डवेयर और तकनीक तक पहुंच सुनिश्चित की जा सके।"

उन्होंने बताया कि 5,000 सरकारी स्कूलों में समर्पित कंप्यूटर लैब स्थापित की जाएंगी, ताकि सभी सेकेंडरी और सीनियर सेकेंडरी सरकारी स्कूलों में पूर्ण रूप से कार्यशील कंप्यूटर लैब सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने कहा, "इंटरएक्टिव लर्निंग को प्रोत्साहित करने के लिए हम 3,694 स्कूलों में 8,268 इंटरएक्टिव फ्लैट पैनल स्थापित कर रहे हैं। प्रत्येक सीनियर सेकेंडरी और हाई स्कूल को ये पैनल दिए जाएंगे। विद्यार्थियों की संख्या के आधार पर बड़े स्कूलों को चार, पांच या आठ यूनिट प्रदान किए जाएंगे।"

तकनीक में किए गए इस बड़े निवेश से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि डिजिटल साक्षरता और स्मार्ट लर्निंग अब केवल निजी स्कूलों तक सीमित नहीं रहेंगी, बल्कि पंजाब के सरकारी स्कूलों में हर विद्यार्थी का बुनियादी अधिकार होंगी।

इस कदम को पारंपरिक चॉकबोर्ड से तकनीक आधारित स्मार्ट कक्षाओं की ओर एक निर्णायक बदलाव बताते हुए शिक्षा मंत्री ने कहा, "इस पहल के तहत पुराने कंप्यूटरों को बदला जाएगा। लंबे समय से हमारे विद्यार्थी पुराने कंप्यूटरों पर काम कर रहे थे, जो बहुत धीमे चलते थे और अभी भी माइक्रोसॉफ्ट पेंट के पुराने संस्करणों पर चल रहे थे। हम इसे स्थायी रूप से बदल रहे हैं।"

उन्होंने कहा कि इस संबंध में क्रियान्वयन पहले ही शुरू हो चुका है और यह कोई भविष्य का वादा नहीं है। उन्होंने कहा, "यह केवल भविष्य की घोषणा नहीं है; आज से ही स्कूलों में कंप्यूटरों की डिलीवरी शुरू हो चुकी है। 20 मार्च तक पंजाब के हर जिले के प्रत्येक स्कूल को अपने नए उपकरण मिल जाएंगे।"

श्री हरजोत सिंह बैंस ने दोहराया कि बड़े पैमाने पर किया जा रहा यह परिवर्तन शिक्षा पद्धति में एक संरचनात्मक बदलाव को दर्शाता है। उन्होंने कहा, "इंटरएक्टिव फ्लैट पैनलों और कंप्यूटरों का यह व्यापक बदलाव अहम भूमिका निभाएगा। यह मूल रूप से पढ़ाने, समझने और सीखने के अनुभव को बदल देगा। पंजाब शिक्षा क्रांति प्रणालीगत सुधार के बारे में है और डिजिटल कक्षाएं इसका एक महत्वपूर्ण स्तंभ हैं।"

शिक्षा मंत्री ने बताया कि स्कूल प्रमुखों को 21 फरवरी से 20 मार्च तक स्कूल स्तर पर अनबॉक्सिंग सेलिब्रेशन कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं, जिसमें अभिभावकों, स्कूल प्रबंधन समितियों, पंचायतों, सेवानिवृत्त शिक्षकों और पूर्व सैनिकों को इस नए डिजिटल युग की शुरुआत के साक्षी बनने के लिए आमंत्रित किया जाएगा। उन्होंने कहा, "हम चाहते हैं कि पूरा समुदाय सरकारी शिक्षा प्रणाली में हो रहे इस महत्वपूर्ण बदलाव का अनुभव करे। अक्सर लोग सरकारी स्कूलों को बाहर से देखते हैं और अंदर हो रहे परिवर्तनों से अनजान रहते हैं। अभिभावकों को यह देखने दीजिए कि उनके बच्चे अपने क्षेत्र के निजी स्कूलों से भी बेहतर नवीनतम तकनीक के साथ शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। इससे हमारी सार्वजनिक शिक्षा प्रणाली में उनका विश्वास और मजबूत होगा।"

टीईटी से संबंधित योग्यताओं पर मीडिया के प्रश्न का उत्तर देते हुए हरजोत सिंह बैंस ने कहा, "मैं प्रत्येक शिक्षक को आश्वस्त करना चाहता हूं। आपकी नौकरियां सुरक्षित हैं। कोई भी अपनी नौकरी नहीं खोएगा।" उन्होंने कहा कि वे 20 से 25 वर्षों से सेवा दे रहे अनुभवी शिक्षकों के बीच बढ़ रही चिंता को समझते हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि कानूनी समाधान तलाशे जा रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि वे शिक्षक यूनियनों के निरंतर संपर्क में हैं और हम कानूनी रास्ता खोज रहे हैं। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार अपने शिक्षकों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है।

इस पहल को सख्त निगरानी, सुरक्षित इंस्टॉलेशन प्रोटोकॉल और सार्वजनिक संसाधनों के पारदर्शी उपयोग के साथ लागू किया जा रहा है, ताकि जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से डिजिटल परिवर्तन लाया जा सके।

पंजाब शिक्षा क्रांति के तहत सरकारी स्कूलों को पारंपरिक कक्षाओं से स्मार्ट, तकनीक आधारित शिक्षण वातावरण में परिवर्तित करते हुए भगवंत मान सरकार ने पंजाब के विद्यार्थियों को डिजिटल तैयारी में अग्रणी बनाया है और यह सुनिश्चित किया है कि वे तेजी से विकसित हो रही दुनिया में उच्च शिक्षा, रोजगार और नेतृत्व के लिए आवश्यक योग्यताओं से लैस हों।

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