भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौता अब निर्णायक मोड़ पर पहुंचता दिख रहा है। दोनों पक्षों के बीच चल रही बातचीत को कूटनीतिक गलियारों में ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ कहा जा रहा है, क्योंकि यदि यह समझौता अंतिम रूप लेता है तो इसका असर दुनिया की लगभग एक-चौथाई GDP पर पड़ेगा। यह न केवल भारत–EU संबंधों के लिए ऐतिहासिक होगा, बल्कि वैश्विक व्यापार संतुलन को भी नई दिशा दे सकता है।
करीब 45 करोड़ आबादी वाले EU और 140 करोड़ से अधिक जनसंख्या वाले भारत के बीच यह डील आकार, दायरे और प्रभाव—तीनों लिहाज से असाधारण मानी जा रही है। प्रस्तावित समझौते में वस्तुओं और सेवाओं के व्यापार, निवेश, डिजिटल अर्थव्यवस्था, बौद्धिक संपदा अधिकार और सप्लाई चेन सुरक्षा जैसे अहम मुद्दे शामिल हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, यह करार भारत को वैश्विक मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में मजबूत करने में अहम भूमिका निभा सकता है।
भारत के लिए यह समझौता कई मायनों में रणनीतिक है। इससे भारतीय उत्पादों को यूरोपीय बाजार में बेहतर पहुंच मिल सकती है, खासकर टेक्सटाइल, फार्मास्यूटिकल्स, आईटी सेवाएं, ऑटोमोबाइल कंपोनेंट्स और कृषि-आधारित उत्पादों के क्षेत्र में। वहीं EU को भारत जैसे तेजी से बढ़ते बाजार में निवेश और व्यापार विस्तार का बड़ा अवसर मिलेगा। इससे दोनों अर्थव्यवस्थाओं में रोजगार सृजन और तकनीकी सहयोग को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है।
भू-राजनीतिक नजरिए से भी यह डील बेहद अहम मानी जा रही है। ऐसे समय में जब वैश्विक व्यापार संरक्षणवाद, आपूर्ति श्रृंखला में बाधाएं और भू-राजनीतिक तनाव बढ़ रहे हैं, भारत–EU समझौता स्थिर और भरोसेमंद आर्थिक साझेदारी का संकेत देगा। इससे चीन पर निर्भरता कम करने और वैकल्पिक सप्लाई चेन विकसित करने की दिशा में भी ठोस कदम माना जा रहा है।
हालांकि, राह पूरी तरह आसान नहीं है। कृषि सब्सिडी, पर्यावरण मानक, डेटा संरक्षण और श्रम कानूनों जैसे मुद्दों पर अब भी मतभेद बने हुए हैं। फिर भी, दोनों पक्षों की राजनीतिक इच्छाशक्ति और तेज होती वार्ताएं इस ओर इशारा कर रही हैं कि समझौता अब ज्यादा दूर नहीं है।
कुल मिलाकर, भारत और EU के बीच यह संभावित करार सिर्फ दो पक्षों का व्यापारिक समझौता नहीं, बल्कि वैश्विक आर्थिक व्यवस्था को प्रभावित करने वाला गेमचेंजर साबित हो सकता है। यदि यह डील साकार होती है, तो आने वाले वर्षों में विश्व व्यापार की दिशा और गति—दोनों बदलती नजर आ सकती हैं।