मध्य पूर्व में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच ईरान को लेकर एक सनसनीखेज दावा सामने आया है। अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स और क्षेत्रीय सूत्रों के हवाले से कहा जा रहा है कि ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई न्यूक्लियर-सुरक्षित बंकर में शरण लिए हुए हैं। हालांकि ईरानी सरकार की ओर से इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन इस खबर ने वैश्विक कूटनीतिक हलकों में हलचल तेज कर दी है।
बताया जा रहा है कि हाल के दिनों में ईरान पर बढ़ते सैन्य और राजनीतिक दबाव, संभावित हमलों की आशंका और क्षेत्रीय अस्थिरता के चलते सुरक्षा एजेंसियों ने हाई अलर्ट जारी किया है। इसी पृष्ठभूमि में खामेनेई की सुरक्षा को लेकर असाधारण कदम उठाए जाने की चर्चा तेज हुई है। विश्लेषकों का मानना है कि यदि यह दावा सही है, तो यह स्थिति की गंभीरता और ईरान की सुरक्षा चिंताओं को उजागर करता है।
ईरान लंबे समय से अपने परमाणु कार्यक्रम को लेकर पश्चिमी देशों के निशाने पर रहा है। हालिया घटनाक्रम में इज़राइल और अमेरिका के सख्त रुख, क्षेत्रीय सैन्य गतिविधियों और प्रतिबंधों की आशंका ने हालात को और संवेदनशील बना दिया है। ऐसे में खामेनेई की संभावित बंकर शिफ्टिंग को एहतियाती कदम के तौर पर देखा जा रहा है, न कि किसी तात्कालिक हमले की पुष्टि के रूप में।
राजनीतिक जानकारों के अनुसार, ईरान में नेतृत्व की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होती है। अतीत में भी संकट के समय शीर्ष नेताओं को सुरक्षित ठिकानों पर ले जाने की रणनीति अपनाई जाती रही है। मौजूदा हालात में इस तरह की खबरें न केवल ईरान के भीतर बल्कि पूरे मध्य पूर्व में मनोवैज्ञानिक असर डालती हैं, जिससे बाजार, कूटनीति और सैन्य संतुलन प्रभावित होता है।
ईरानी मीडिया ने इन दावों को अफवाह बताते हुए सामान्य सुरक्षा प्रोटोकॉल का हिस्सा करार दिया है। वहीं, विपक्षी समूह और कुछ विदेशी विश्लेषक इसे सत्ता की घबराहट से जोड़कर देख रहे हैं। सच जो भी हो, इतना तय है कि खामेनेई को लेकर फैली यह खबर क्षेत्रीय तनाव की गंभीरता को रेखांकित करती है।
कुल मिलाकर, “न्यूक्लियर बंकर” की चर्चा ने एक बार फिर ईरान के इर्द-गिर्द वैश्विक चिंता बढ़ा दी है। आने वाले दिनों में यह साफ होगा कि यह महज अफवाह है या बदलते भू-राजनीतिक समीकरणों का संकेत, लेकिन फिलहाल दुनिया की नजरें तेहरान पर टिकी हुई हैं।