उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने हाल ही में प्रस्तुत बजट को प्रधानमंत्री के विकसित भारत@2047 विजन को समर्पित बताते हुए इसे राज्य के दीर्घकालिक परिवर्तन का खाका करार दिया है। उनके अनुसार यह बजट केवल आय-व्यय का वार्षिक दस्तावेज नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश को देश की विकास यात्रा में अग्रणी भूमिका निभाने के लिए तैयार करने की व्यापक रणनीति है। राज्य सरकार का दावा है कि इस वित्तीय योजना में बुनियादी ढांचे के विस्तार, रोजगार सृजन, कृषि सशक्तीकरण, औद्योगिक निवेश, महिला एवं युवा कल्याण और सामाजिक सुरक्षा जैसे क्षेत्रों पर विशेष बल दिया गया है, ताकि वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के राष्ट्रीय लक्ष्य में उत्तर प्रदेश की भागीदारी निर्णायक हो सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित भारत@2047 केवल एक नारा नहीं, बल्कि शासन की दिशा और प्राथमिकताओं को तय करने वाला मार्गदर्शक सिद्धांत है। इसी सोच के अनुरूप बजट में पूंजीगत व्यय को बढ़ाने पर जोर दिया गया है। सड़कों, एक्सप्रेस-वे, मेट्रो परियोजनाओं, औद्योगिक कॉरिडोर और लॉजिस्टिक हब के विकास के लिए पर्याप्त संसाधन आवंटित किए गए हैं। सरकार का मानना है कि मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर से निवेश को बढ़ावा मिलेगा, उद्योगों को गति मिलेगी और बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर उत्पन्न होंगे। कृषि क्षेत्र को भी बजट में प्राथमिकता दी गई है। मुख्यमंत्री के अनुसार राज्य की अर्थव्यवस्था में कृषि की केंद्रीय भूमिका को ध्यान में रखते हुए किसानों की आय बढ़ाने, सिंचाई सुविधाओं के विस्तार, कृषि तकनीक के उपयोग और कृषि उत्पादों के बेहतर विपणन के लिए नई योजनाएं प्रस्तावित की गई हैं। प्राकृतिक खेती, फसल विविधीकरण और भंडारण क्षमता बढ़ाने पर भी विशेष ध्यान दिया गया है, ताकि किसानों को लागत कम करने और बेहतर मूल्य प्राप्त करने में मदद मिल सके। औद्योगिक विकास को लेकर सरकार ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि उत्तर प्रदेश को विनिर्माण और सेवा क्षेत्र का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में काम तेज किया जाएगा। निवेश आकर्षित करने के लिए नीतिगत सरलीकरण, सिंगल विंडो सिस्टम और भूमि उपलब्धता की प्रक्रियाओं को और पारदर्शी बनाने की बात कही गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में आयोजित निवेश सम्मेलनों और औद्योगिक समझौतों के परिणाम अब जमीन पर दिखाई देने लगे हैं, और बजट में इन परियोजनाओं को गति देने के लिए आवश्यक वित्तीय प्रावधान किए गए हैं। युवाओं के लिए रोजगार और कौशल विकास पर विशेष फोकस रखा गया है। बजट में कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रमों के विस्तार, आईटी एवं स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र को प्रोत्साहन और तकनीकी शिक्षा संस्थानों को सुदृढ़ करने के उपाय शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की बड़ी युवा आबादी को सही प्रशिक्षण और अवसर देकर आर्थिक प्रगति का इंजन बनाया जा सकता है। स्टार्टअप नीति और डिजिटल नवाचार को बढ़ावा देकर आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम बढ़ाने की बात भी बजट में परिलक्षित होती है। महिलाओं के सशक्तीकरण को भी इस बजट का महत्वपूर्ण आधार बताया गया है। स्वयं सहायता समूहों के विस्तार, महिला उद्यमिता को बढ़ावा, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार और सुरक्षा संबंधी उपायों के लिए अतिरिक्त संसाधन उपलब्ध कराने की घोषणा की गई है। मुख्यमंत्री के अनुसार जब महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त होंगी, तभी समाज और राज्य का समग्र विकास संभव होगा। सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के माध्यम से कमजोर वर्गों को संरक्षण देने की प्रतिबद्धता भी दोहराई गई है। वृद्धजन, दिव्यांगजन, निराश्रित महिलाओं और अन्य वंचित वर्गों के लिए पेंशन योजनाओं तथा कल्याणकारी कार्यक्रमों के बजटीय प्रावधानों में वृद्धि की बात कही गई है। स्वास्थ्य क्षेत्र में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को मजबूत करने, जिला अस्पतालों की क्षमता बढ़ाने और आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार करने का लक्ष्य रखा गया है। शिक्षा क्षेत्र में बुनियादी ढांचे के उन्नयन, डिजिटल संसाधनों की उपलब्धता और नई शिक्षा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन पर बल दिया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा ही विकसित समाज की नींव है, इसलिए विद्यालयों और उच्च शिक्षण संस्थानों को आधुनिक आवश्यकताओं के अनुरूप सुसज्जित किया जाएगा। तकनीकी और व्यावसायिक शिक्षा को उद्योगों की जरूरतों से जोड़ने की पहल भी बजट में शामिल है। राजकोषीय अनुशासन को बनाए रखते हुए विकास की गति बढ़ाने का दावा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बजट संतुलित और दूरदर्शी है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार राजस्व वृद्धि के लिए पारदर्शी और प्रभावी उपाय अपनाएगी, जिससे विकास परियोजनाओं के लिए पर्याप्त संसाधन सुनिश्चित किए जा सकें। हालांकि विपक्ष ने बजट की कुछ घोषणाओं पर सवाल उठाए हैं और इसे चुनावी वादों का विस्तार बताया है, लेकिन सरकार का कहना है कि यह वित्तीय योजना राज्य की वास्तविक जरूरतों और दीर्घकालिक विकास लक्ष्यों को ध्यान में रखकर तैयार की गई है। मुख्यमंत्री ने भरोसा जताया कि यह बजट उत्तर प्रदेश को आर्थिक रूप से सशक्त, सामाजिक रूप से समावेशी और बुनियादी ढांचे के लिहाज से सुदृढ़ राज्य बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। समग्र रूप से देखा जाए तो यह बजट राज्य की विकास रणनीति को राष्ट्रीय दृष्टि से जोड़ने का प्रयास प्रतीत होता है। विकसित भारत@2047 के लक्ष्य को सामने रखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने इंफ्रास्ट्रक्चर, कृषि, उद्योग, शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्रों में संतुलित निवेश का खाका प्रस्तुत किया है। आने वाले वर्षों में इन प्रावधानों का प्रभाव किस तरह जमीनी स्तर पर दिखाई देता है, यह राज्य की प्रशासनिक क्षमता और क्रियान्वयन की गति पर निर्भर करेगा। फिलहाल सरकार इसे उत्तर प्रदेश को नई ऊंचाइयों तक ले जाने की दिशा में एक निर्णायक कदम के रूप में प्रस्तुत कर रही है।