Wednesday, May 20, 2026
BREAKING
मोदी की स्वीडन यात्रा के बाद रणनीतिक साझेदारी: भारत को क्या मिला? एस-व्यासा द्वारा अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 के 100-दिवसीय काउंटडाउन श्रृंखला के अंतर्गत योग कार्यक्रम का आयोजन विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं पृथ्वी विज्ञान केंद्रीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री जितेंद्र सिंह ने केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव श्रीमती पुण्या सलीला श्रीवास्तव की उपस्थिति में केरल के तिरुवनंतपुरम स्थित श्री चित्रा तिरुनल चिकित्सा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संस्थान (एससीटीआईएमएसटी) के 42वें बैच के वार्षिक दीक्षांत समारोह को वर्चुअल माध्यम से संबोधित किया UAE के बाराकाह न्यूक्लियर प्लांट पर हमले से हड़कंप, भारत ने जताई गहरी चिंता ‘Mother of All Deals’: EU प्रमुख का बड़ा ऐलान, भारत-EU व्यापार समझौता साल के अंत तक संभव “सेवा क्षेत्र में गुजरात लगाएगा बड़ी छलांग, टॉप 3 राज्यों में शामिल करने का लक्ष्य: अमित शाह उत्तर भारत में भीषण लू का कहर, दक्षिण-पूर्व में झमाझम बारिश से बदलेगा मौसम का मिजाज Horoscope Today: दैनिक राशिफल 19 मई, 2026 Horoscope Today: दैनिक राशिफल 18 मई, 2026 ओलंपिक की मेज़बानी से विश्व की विकास-शक्ति तक: प्रधानमंत्री मोदी के भारत के चार महास्वप्न

पंजाब

केंद्र की भाजपा सरकार ने देश के अन्नदाता किसान और कृषि दोनों को हाशीये पर धकेला: स्पीकर संधवां

February 26, 2024 09:50 PM

‘‘एम.एस.पी. की ज़रूरत क्यों है?’’ विषय पर कॉलेजों में करवाए जाएंगे लेख मुकाबले; संधवां ने किया ऐलान  
विजेता विद्यार्थियों को मिलेंगे 51 हज़ार, 31 हज़ार और 21 हज़ार के नकद इनाम  
चंडीगढ़, 26 फरवरी:
पंजाब विधान सभा स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने कहा है केंद्र की भाजपा सरकार ने अन्नदाता किसान और कृषि दोनों हाशीए पर धकेल दिए हैं। उन्होंने ऐलान करते हुए कहा कि ‘‘एम.एस.पी. की ज़रूरत क्यों है?’’ विषय पर कॉलेजों में करवाए जाएंगे लेख मुकाबले करवाए जाएंगे, जिससे देश और राज्य के नौजवान इस सत्य से वाकिफ हो सकें।  
स्पीकर संधवां ने कहा कि अब समय की ज़रूरत है कि किसानों के हक में आवाज़ बुलंद की जाये और उनको उनकी बेटों की तरह पाली गईं फ़सलों का उचित मूल्य मिल सके। उन्होंने कहा कि बीते समय में और मौजूदा समय में भी अपने अधिकार की माँगों को लेकर किसानों द्वारा आंदोलन शुरू किया गया। उनहोंने कहा कि लेख मुकाबले करवा कर आज की नयी पीढ़ी को कृषि के प्रति जागरूक करने के लिए एक प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि एम.एस.पी. के विषय पर कॉलेजों में लेख मुकाबले करवाए जा रहे हैं और विजेता विद्यार्थियों को क्रमवार 51 हज़ार, 31 हज़ार और 21 हज़ार के नकद इनाम दिए जाएंगे।  
स. संधवां ने कहा कि केंद्र को न्यूनतम समर्थन मूल्य (एम.एस.पी.) को कानून बनाने समेत किसानों की सभी माँगों को बिना किसी देरी से स्वीकार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसान को देश का अन्नदाता कहा जाता है और आज़ादी के बाद सत्ता में रही केंद्र की सरकारों ने ऐसी नीतियाँ बनाईं कि किसान और कृषि दोनों हाशीए पर धकेल दिए गए हैं।  
स्पीकर ने कहा कि जब केंद्र सरकार ने साल 2021 में किसानों की अलग-अलग माँगों को पूरा करने का वायदा किया था और अब तक माँगों पर अमल नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि अब किसानों को पिछले समय के दौरान स्वीकृत माँगों को अमली जामा पहनाने के लिए दिल्ली जाने से क्यों रोका जा रहा है।  

Have something to say? Post your comment

By using our site, you agree to our Terms & Conditions and Disclaimer     Dismiss