भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अगले 29, 30 और 31 जनवरी 2026 के लिए देश के कई हिस्सों में मौसम को लेकर गंभीर चेतावनी जारी की है। पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के सक्रिय होने से उत्तर भारत, मध्य भारत और पहाड़ी क्षेत्रों में तेज़ बारिश, बर्फबारी और आंधी-तूफान जैसी मौसमी गतिविधियाँ देखने को मिल सकती हैं। इसके असर से तापमान में गिरावट तेज होगी और कोहरा लोगों के लिए परेशानी का कारण बन सकता है।
IMD के ताज़ा बुलेटिन के अनुसार, 29 जनवरी से लेकर 31 जनवरी तक उत्तर भारत के अलावा पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान और मध्य भारत के कई हिस्सों में मूसलाधार बारिश और तेज़ हवाओं का खतरा बना रहेगा। बारिश के साथ कहीं-कहीं ओले गिरने और गरज-चमक वाली आंधी की संभावना भी जताई गई है, जो सड़क, रेल और हवा मार्ग पर यात्रा को प्रभावित कर सकती है।
पहाड़ी राज्यों हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और कश्मीर घाटी में आगामी दिनों में भारी बर्फबारी का अलर्ट जारी हुआ है, जिससे न सिर्फ स्थानीय तापमान और गिर जाएगा बल्कि सड़कें भी परेशनियों से घिर सकती हैं। बर्फबारी के प्रभाव से इन इलाकों में कूई गिरावट और शीत लहर की स्तिथि और बढ़ सकती है, जिससे आम जीवन पर सीधा असर पड़ेगा।
सर्दियों के इस समय में आमतौर पर सुबह-शाम और रात के समय मौसम ठंडा रहता है, लेकिन बारिश-बर्फबारी के बाद यह ठंड और तेज होगी। इससे कई इलाकों में कोहरा (Dense Fog) छा सकता है, जो दृश्यता कम करेगा और यात्रियों के लिए बड़े जोखिम का कारण बनेगा। विशेष रूप से दिल्ली-NCR, उत्तर भारत के मैदानी क्षेत्रों और राजमार्गों पर कोहरे से ट्रैफ़िक धीमा या प्रभावित होने के संकेत हैं।
मौसम विशेषज्ञों का अनुमान है कि यह मौसमी बदलाव आने वाले तीन दिनों तक रहेगा और उसके बाद भी तापमान में गिरावट का असर जारी रह सकता है। सर्द हवाएँ और कोहरा मिलकर आम जनजीवन, स्वास्थ्य और यात्रा दोनों को प्रभावित करेंगे, इसलिए नागरिकों को सावधानी बरतने और मौसम के अनुसार योजनाएँ रखने की सलाह दी जा रही है।