महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार का पार्थिव शरीर आज बारामती में अंतिम संस्कार के लिए ले जाया जाएगा। यह अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ सुबह 11 बजे विद्या प्रतिष्ठान ग्राउंड में संपन्न होगा, जिसमें केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी शामिल होने की संभावना है। घटनास्थल पर सुरक्षा के व्यापक इंतज़ाम किए गए हैं और राजनीतिक तथा जन-आंदोलन के बीच यह अंतिम संस्कार पुणे जिले के बारामती में गहरे शोक के माहौल में आयोजित होगा।
यह दुखद घटना 28 जनवरी 2026 सुबह उस समय हुई जब पवार एक चार्टर्ड विमान से बारामती आते समय दुर्घटना का शिकार हो गए। विमान, एक Learjet 45, मुम्बई से उड़ान भरने के बाद बारामती हवाई पट्टी पर लैंडिंग के प्रयास में रनवे के पास दुर्घटनाग्रस्त हुआ और विस्फोट के साथ आग लग गई। इस हादसे में अजित पवार के साथ उनके सुरक्षा अधिकारी, फ्लाइट अटेंडेंट और दोनों पायलट सहित कुल पांच लोगों की मौत हो गई।
पवार का पार्थिव शरीर पहले पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी अस्पताल में रखा गया था, जहाँ सैकड़ों स्थानीय लोग और राजनीतिक हस्तियाँ उन्हें श्रद्धांजलि देने पहुंची। उनके परिवार के सदस्य—बड़े बेटे पार्थ और छोटे बेटे जय, और सांसद सुप्रिया सुळे—भी शोकाकुल चेहरों के साथ अंतिम दर्शन में शामिल हुए।
राज्य सरकार ने इस हादसे की वजह से तीन दिनों का राज्य mourning घोषित किया है और सरकार द्वारा सभी सरकारी भवनों पर त्रिपृष्ठ ध्वज आधा फहराने का आदेश दिया गया। इन दिनों किसी भी सरकारी कार्यक्रम या मनोरंजन कार्यक्रम का आयोजन नहीं किया जाएगा। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने पवार के निधन को “अत्यंत दुखद और अपूरणीय क्षति” बताया है।
केंद्रीय नेतृत्व ने भी अपनी संवेदनाएँ व्यक्त की हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पवार के निधन पर गहरा शोक जताते हुए कहा कि यह महाराष्ट्र और राष्ट्रीय राजनीति के लिए एक महत्वपूर्ण क्षति है और उनके परिवार एवं समर्थकों के प्रति अपनी संवेदना प्रकट की।
इस विमान दुर्घटना की जांच के लिए एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) और अन्य एजेंसियाँ घटना स्थल पर सक्रिय हैं। हादसे के कारणों की जांच जारी है, जिसमें रनवे पर दृश्यता और तकनीकी कारणों की संभावनाओं पर ध्यान दिया जा रहा है।
अजित पवार, जो 66 वर्ष के थे, महाराष्ट्र की राजनीति में एक स्थापित और प्रभावशाली नेता के रूप में जाने जाते थे। उनका निधन न केवल पार्टी और सरकार के लिए बल्कि आम जनता के लिए भी एक गहरा शोक है।