हिमाचल प्रदेश में कड़ाके की ठंड और लगातार बर्फबारी ने जनजीवन और पर्यटन दोनों को गहराई से प्रभावित किया है। राज्य के मध्य और उच्च पहाड़ी इलाकों में हुई लगातार बर्फबारी के कारण लगभग 1,250 से अधिक सड़क मार्ग पूरी तरह बंद हो गए हैं, जिससे यातायात ठप हो गया है और स्थानीय लोगों तथा पर्यटकों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्र लाहौल- स्पीति, कुल्लू, मंडी, चंबा और किन्नौर रहे हैं, जहाँ न सिर्फ मार्गों पर बर्फ की मोटी चादर जम गई है, बल्कि नेशनल हाईवे समेत कई प्रमुख कनेक्टिविटी रूट भी अवरुद्ध हो गए हैं। प्रशासन ने इन मार्गों को खोलने और फंसे यात्रियों की सहायता के लिए 3,500 से अधिक मशीनरी और कर्मियों को तैनात कर रखा है, लेकिन लगातार मौसम खराब रहने से राहत कार्य धीमी गति से आगे बढ़ रहे हैं।
🌨️ मौसम विभाग की चेतावनी के अनुसार हिमाचल के कई जिलों में कोल्ड वेव और बर्फबारी का अलर्ट जारी किया गया है। खासकर कुल्लू, किन्नौर, चंबा और लाहौल- स्पीति जैसी उच्च ऊँचाई वाली जगहों पर भारी बर्फबारी जारी रहने की संभावना के कारण जिला प्रशासन ने अतिरिक्त सतर्कता बरतने को कहा है।
पर्यटन क्षेत्र पर इसका बड़ा असर पड़ा है। मनाली, शिमला और आसपास के पर्यटन हब पर बर्फ देखकर आने वाले सैकड़ों पर्यटक अब फंसे हुए हैं। कई क्षेत्रों में सड़कें बंद होने के कारण लोगों को गाड़ियों से उतरकर पैदल सफ़र करना पड़ रहा है, और कुछ को बस या टैक्सी स्टैंड तक पहुंचने के लिए कई किलोमीटर तक चलना पड़ा।
यातायात व्यवस्था पूरी तरह बाधित होने से पर्यटन व्यवसाय को भी झटका लगा है। होटल और परिवहन सेवा प्रदाताओं को रद्द बुकिंग और अव्यवस्थित संचालन का सामना करना पड़ रहा है। वहीं स्थानीय प्रशासन ने पर्यटकों और यात्रियों से बेहतर तैयारी और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह जारी की है।
🔥 इसके अलावा, बर्फबारी और मौसम की कड़ाके की ठंड के कारण बिजली और पानी जैसी बुनियादी सेवाओं में भी रुकावटें आई हैं, जिससे जनजीवन और अधिक प्रभावित हुआ है। प्रभावित इलाकों में स्कूल-कॉलेज और बाजार भी अस्थायी रूप से बंद रहे हैं।
📌 कुल मिलाकर, हिमाचल प्रदेश में 28 जनवरी 2026 तक की बर्फबारी और कोल्ड वेव की स्थिति ने राज्य को चुनौती की स्थिति में डाल दिया है, और राहत-बहाली के प्रयास लगातार जारी हैं।