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हरियाणा

Haryana Latest News 2026

February 03, 2026 10:50 AM

*हरियाणा विधानसभा का बजट सत्र 20 फरवरी से*
 
*मंत्रिमंडल की बैठक में हुआ फैसला
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चंडीगढ़, 2 फरवरी - हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में आज यहां हुई मंत्रिमंडल की बैठक में विधानसभा के आगामी बजट सत्र को 20 फरवरी से शुरू करने पर सहमति बनी है।

चंडीगढ़, 2 फरवरी - हरियाणा के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने आज विभाग के कामकाज की समीक्षा की और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार करने और राज्य के सरकारी अस्पतालों में महिलाओं के लिए व्यापक स्वास्थ्य सेवा दृष्टिकोण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए।

 

समीक्षा बैठक के दौरान डॉ. मिश्रा ने देश के अलग-अलग हिस्सों के अस्पतालों से हाल ही में आग लगने की घटनाओं को देखते हुए अस्पताल-सुरक्षा पर विशेष जोर दिया। उन्होंने सभी उपायुक्तों और सिविल सर्जनों को अस्पतालों में बिजली की वायरिंग, पावर पैनल और अन्य बिजली के उपकरणों का व्यापक निरीक्षण करने का निर्देश दिया। आग से संबंधित दुर्घटनाओं को रोकने और मरीजों, उनके साथ आए लोगों और स्वास्थ्य कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बिजली प्रणालियों का नियमित सुरक्षा ऑडिट, निवारक जांच और समय पर रखरखाव अनिवार्य किया गया।

 

 डॉ. मिश्रा ने आश्वासन दिया कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और जिला अस्पतालों के नवीनीकरण के लिए आवश्यक धनराशि प्रदान की जाएगी, जिसमें बुनियादी ढांचे, सुरक्षा तंत्र और रोगी देखभाल सुविधाओं को उन्नत करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

 

डॉ. मिश्रा ने सरकारी अस्पतालों में बायोमेडिकल कचरा प्रबंधन प्रणाली की भी समीक्षा की और अधिकारियों को अस्पताल के कचरे के अलगाव, संग्रह और वैज्ञानिक निपटान के लिए निर्धारित मानदंडों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने स्वास्थ्य और पर्यावरणीय खतरों को रोकने के लिए नियमित निगरानी, उचित दस्तावेज़ीकरण और अधिकृत बायोमेडिकल कचरा निपटान एजेंसियों के साथ आपसी  समन्वय की आवश्यकता पर जोर दिया, और चेतावनी दी कि कचरा प्रबंधन में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

 

रोगी कल्याण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए डॉ. मिश्रा ने निर्देश दिया कि अस्पताल कल्याण कोष का उपयोग पारदर्शी रूप से और सख्ती से उसके इच्छित उद्देश्यों के लिए किया जाना चाहिए। उन्होंने स्वास्थ्य अधिकारियों को फंड के उपयोग के लिए स्पष्ट मानक संचालन प्रक्रियाएं (SOPs) तैयार करने और उनका पालन करने का निर्देश दिया।  उन्होंने कहा कि उक्त फंड का खर्च से सीधे मरीजों को लाभ पहुंचना चाहिए और सभी अधिकारी अस्पताल के बुनियादी ढांचे और आवश्यक सेवाओं को मजबूत करने में योगदान दे।

 

अतिरिक्त मुख्य सचिव ने इस बात पर जोर दिया कि स्वास्थ्य नीतियों को महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए एक व्यापक और समावेशी दृष्टिकोण अपनाना चाहिए, जो मातृत्व और किशोर देखभाल से परे हो। उन्होंने महिलाओं के लिए समग्र कल्याण और बेहतर स्वास्थ्य परिणामों को सुनिश्चित करने के लिए सभी उम्र की महिलाओं की स्वास्थ्य आवश्यकताओं को पूरा करने के महत्व को रेखांकित किया, जिसमें निवारक देखभाल, पोषण, मानसिक स्वास्थ्य और उम्र से संबंधित स्वास्थ्य संबंधी चिंताएं शामिल हैं।

 

उन्होंने अधिकारियों को महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर, स्तन कैंसर, एनीमिया और ऑस्टियोपोरोसिस के लिए स्क्रीनिंग और निवारक देखभाल को मजबूत करने का निर्देश दिया। उन्होंने विभाग को निर्देश दिया कि रजोनिवृत्ति प्रबंधन और परामर्श सेवाओं को महिला स्वास्थ्य देखभाल का अभिन्न अंग बनाया जाए।

 

डॉ. मिश्रा ने मासिक धर्म स्वच्छता प्रबंधन के महत्व पर जोर दिया और जागरूकता बढ़ाने, स्वच्छता उत्पादों की व्यापक उपलब्धता सुनिश्चित करने और स्वच्छता प्रथाओं को नियमित सार्वजनिक स्वास्थ्य कार्यक्रमों में एकीकृत करने का आह्वान किया।

 

समीक्षा बैठक में डॉ. मिश्रा ने निर्देश दिया कि शिशु मृत्यु दर को कम करने और उत्तरजीविता परिणामों में सुधार के लिए नवजात गहन देखभाल इकाइयों और नवजात शिशु देखभाल सेवाओं को और मजबूत किया जाना चाहिए।

 पंडित जसराज भारतीय शास्त्रीय संगीत के ‘स्वर-सूर्य’: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी

 

पंडित जसराज जी की 96वीं जयंती पर गांव पीली मंदौरी में राज्य स्तरीय समारोह आयोजित

 

मुख्यमंत्री ने पंडित जसराज की प्रतिमा का अनावरण किया, शहीद स्मारक पर अर्पित की श्रद्धांजलि

 

भट्टू में आईटीआई और पीली मंदौरी में 33 केवी सब स्टेशन और पशु अस्पताल का भवन बनाने की घोषणा

चंडीगढ़, 2 फरवरी-- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि पंडित जसराज जी भारतीय शास्त्रीय संगीत के ऐसे ‘स्वर-सूर्य’ थे, जिनकी आभा ने न केवल देश बल्कि पूरे विश्व को आलोकित किया। उन्होंने कहा कि आज का दिन भारतीय शास्त्रीय संगीत के इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय के रूप में सदैव स्मरणीय रहेगा।

मुख्यमंत्री सोमवार को पद्म विभूषण, पद्मश्री एवं संगीत मार्तण्ड पंडित जसराज जी की 96वीं जयंती के अवसर पर जिला फतेहाबाद के गांव पीली मंदौरी में संत-महापुरुष सम्मान एवं विचार प्रसार योजना के तहत आयोजित राज्य स्तरीय समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने इस अवसर पर पंडित जसराज जी की प्रतिमा का अनावरण किया तथा शहीद स्मारक पर देश के वीर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि इस समारोह में आने से पहले आज सुबह उनकी मुलाकात प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी से हुई है और उन्हें इस कार्यक्रम के बारे में जानकारी दी। प्रधानमंत्री ने हरियाणा वासियों को राम-राम भेजी है और पंडित जसराज जी को श्रद्धांजलि दी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वे इस पावन मंच से पंडित जसराज जी जैसी महान विभूति को नमन करते हैं और उस पुण्य भूमि तथा उस पावन कोख को भी प्रणाम करते हैं, जिसने संसार को ऐसा अनमोल रत्न प्रदान किया। उन्होंने कहा कि यह सौभाग्य का विषय है कि पंडित जसराज जी की जयंती के साथ-साथ आज पंडित जसराज कल्चरल फाउंडेशन की चौथी वर्षगांठ भी मनाई जा रही है। इस फाउंडेशन की नींव वर्ष 2022 में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा रखी गई थी। यह संस्था पंडित जसराज जी की शास्त्रीय संगीत विरासत को संरक्षित कर नई पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रशंसनीय कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने मधुरा जसराज, दुर्गा जसराज तथा फाउंडेशन के सभी पदाधिकारियों के समर्पण की सराहना की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंडित जसराज जी केवल एक महान कलाकार नहीं थे, बल्कि स्वयं में एक जीवंत संस्था थे। वर्ष 1930 में इसी गांव पीली मंदौरी के एक प्रतिष्ठित संगीत परिवार में जन्मे पंडित जसराज जी ने अल्पायु में ही पिता का साया खो दिया, किंतु विपरीत परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने अपनी साधना को कभी कमजोर नहीं पड़ने दिया। अपने बड़े भाई पंडित मणिराम जी के सानिध्य में उन्होंने कठोर तपस्या की, जो आज भी युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंडित जसराज जी ने गांव पीली मंदौरी की मिट्टी की सुगंध को अपनी साधना और स्वर-तपस्या के माध्यम से सात समंदर पार तक पहुंचाया। उन्होंने कहा कि पंडित जसराज जी की साधना का ही परिणाम था कि हरियाणा के खेत-खलिहानों में जन्मे सुर अंटार्कटिका की बर्फीली ठंड तक भारतीय संगीत की ऊष्मा पहुंचाने में सफल रहे। वे सातों महाद्वीपों में अपनी गायकी का परचम लहराने वाले पहले भारतीय कलाकार बने, जो पूरे देश के लिए गर्व का विषय है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मां सरस्वती पंडित जसराज जी के कंठ में विराजमान थीं। कठिन परिश्रम, अनुशासन और आजीवन साधना के बल पर उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन भारतीय शास्त्रीय संगीत को समर्पित कर दिया। विश्वभर में उन्होंने भारतीय संगीत की समृद्ध परंपरा का प्रचार-प्रसार किया और अपने अतुलनीय योगदान के लिए अनेक राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय सम्मानों से अलंकृत हुए।

हरियाणा की मिट्टी से उपजी अमर संगीत परंपरा

मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा की धरती स्वयं संगीत से ओत-प्रोत है। यहां किसान के पसीने, लोक मेलों की रौनक और युवाओं के कदमों में स्वाभाविक लय देखने को मिलती है। फाग, धमाल और राग-रागनियों की समृद्ध परंपरा आज भी जीवंत है। उन्होंने कहा कि पंडित जसराज जी जैसे तपस्वी कलाकारों के प्रभाव से ही प्रदेश में आसावरी, धनासरी, बिलावल और भैरवी जैसे रागों के नाम पर गांवों के नामकरण हुए हैं।

संस्कृति संरक्षण के लिए सरकार प्रतिबद्ध

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोई भी समाज अपनी संस्कृति को भुलाकर प्रगति नहीं कर सकता। इसी सोच के साथ राज्य सरकार द्वारा पंडित लखमी चंद जी की स्मृति में विश्वविद्यालय की स्थापना, कुरुक्षेत्र में मल्टी आर्ट कल्चरल सेंटर स्थापित किए गए हैं। प्रत्येक वर्ष अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि पंडित जसराज जी की स्मृति को चिरस्थायी बनाने के लिए सरकार द्वारा अनेक कार्य किए गए हैं। 28 जनवरी, 2023 को की गई घोषणाओं के अनुरूप गांव पीली मंदौरी में उनके नाम पर दो भव्य प्रवेश द्वार, पार्क एवं व्यायामशाला का निर्माण किया गया है। उनके पिता स्वर्गीय श्री मोती राम जी के नाम पर पुस्तकालय का निर्माण अंतिम चरण में है तथा गांव के तालाबों के सौंदर्यीकरण का कार्य भी प्रगति पर है।

नवोदित कलाकारों को मिल रहा है प्रोत्साहन

मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा में आज कला, संस्कृति और साहित्य सृजन के लिए अनुकूल वातावरण है। कलाकारों को प्रोत्साहन देने के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं। रोहतक स्थित पंडित लखमी चंद राजकीय प्रदर्शन एवं दृश्य कला विश्वविद्यालय तथा कुरुक्षेत्र के मल्टी आर्ट कल्चरल सेंटर में नवोदित कलाकारों को निःशुल्क प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा की पहचान उसकी गौरवशाली सांस्कृतिक परंपरा और साम्प्रदायिक सद्भाव है। यह सांझी विरासत सह-अस्तित्व और भाईचारे का संदेश देती है। उन्होंने कहा कि संगीत और स्वर अमर हैं। पंडित जसराज जी भले ही आज हमारे बीच शारीरिक रूप से उपस्थित न हों, लेकिन जब तक सृष्टि में ‘ओम’ का नाद गूंजता रहेगा, उनके सुर सदैव जीवित रहेंगे।

मुख्यमंत्री ने दलगत राजनीति से ऊपर उठकर किया समाज और क्षेत्र का विकास: पूर्व विधायक दुड़ाराम

समारोह को संबोधित करते हुए पूर्व विधायक श्री दुड़ाराम ने कहा कि पंडित जसराज जी इस क्षेत्र का गौरव हैं। उन्होंने भारतीय शास्त्रीय संगीत को अंतरराष्ट्रीय मंचों तक पहुंचाया। राज्य सरकार द्वारा ऐसे राज्य स्तरीय आयोजनों से नई पीढ़ी को प्रेरणा मिल रही है।

उन्होंने मुख्यमंत्री के समक्ष  फतेहाबाद विधानसभा क्षेत्र से जुड़ी विभिन्न जनहितकारी मांगें रखीं। क्षेत्र की सेमग्रस्त भूमि की समस्या के स्थायी समाधान करने, हिसार- घग्गर ड्रेन को मजबूत करने, भट्टू उप तहसील को पूर्ण तहसील का दर्जा देने तथा विधानसभा क्षेत्र के गांवों में खेत-खलिहानों तक पहुंच के लिए रास्तों के निर्माण कराने सहित अन्य मांगें शामिल हैं। उन्होंने पंडित जसराज जी की जयंती फतेहाबाद जिले में मनाने के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।

दुर्गा जसराज ने जताया सरकार का आभार

पंडित जसराज जी की पुत्री एवं पंडित जसराज कल्चरल फाउंडेशन की संस्थापक ट्रस्टी सुश्री दुर्गा जसराज ने मुख्यमंत्री, राज्य सरकार एवं जिला प्रशासन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि फाउंडेशन के माध्यम से उनके पिता की संगीत साधना और विरासत को भावी पीढ़ियों तक पहुंचाने का निरंतर प्रयास किया जा रहा है।

अनूप जलोटा की संगीतमय प्रस्तुति से भावविभोर हुआ जनसमूह

समारोह के दौरान सुप्रसिद्ध भजन एवं शास्त्रीय गायक पद्मश्री अनूप जलोटा ने अपनी संगीतमय प्रस्तुति से उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया। उनकी मधुर गायकी पर कार्यक्रम स्थल तालियों से गूंज उठा और श्रोताओं ने देर तक उनकी प्रस्तुति का आनंद लिया।

मुख्यमंत्री ने भट्टू व पीली मंदौरी के लिए विकास कार्यों की घोषणाएं कीं

हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने भट्टू मंडी में नई आईटीआई की स्थापना, गांव पीली मंदौरी में लगभग 9 करोड़ रुपये की लागत से 33 केवी बिजली सब स्टेशन के निर्माण, 40 लाख रुपये की लागत से पशु चिकित्सालय भवन के पुनर्निर्माण तथा गांव पीली मंदौरी में अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा वर्ग की चौपालों के निर्माण हेतु 11-11 लाख रुपये की अनुदान राशि देने की घोषणा की। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने भट्टू कला उप तहसील को तहसील का दर्जा देने संबंधी प्रस्ताव को समिति के समक्ष प्रस्तुत करने के निर्देश दिए, ताकि उसकी व्यावहारिकता का आकलन किया जा सके।

 

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि पंडित जसराज कल्चरल फाउंडेशन की संस्थापक ट्रस्टी दुर्गा जसराज द्वारा रखी गई सभी उचित मांगों को पूरा करवाया जाएगा। उन्होंने पंडित जसराज जी के पिता स्वर्गीय श्री मोती राम जी के नाम पर निर्मित पुस्तकालय में सोलर सिस्टम स्थापित करने और विस्तारीकरण के लिए 21 लाख रुपये की घोषणा की। इसके अतिरिक्त, कैबिनेट मंत्री श्री रणबीर सिंह गंगवा एवं राज्यसभा सांसद श्री सुभाष बराला ने भी पुस्तकालय में सोलर सिस्टम स्थापित करने के लिए 11-11 लाख रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की।

ये रहे मौजूद:

इस अवसर पर लोक निर्माण मंत्री श्री रणबीर गंगवा, राज्यसभा सांसद श्री सुभाष बराला, पूर्व मंत्री श्री देवेन्द्र सिंह बबली, पूर्व सांसद श्रीमती सुनीता दुग्गल, मुख्यमंत्री के ओएसडी श्री वीरेंद्र बड़खालसा, हरियाणा अनुसूचित जाति आयोग के चेयरमैन प्रो.रविंद्र बलियाला, कार्यक्रम के आयोजक ओपी मालिया उपस्थित रहे।

 हरियाणा लोक भवन में कर्तव्य पथ पर गणतंत्र दिवस परेड में भाग लेने वाले एनसीसी कैडेट्स, एनएसएस वॉलिंटियर्स को किया सम्मानित

देश आपको उम्मीद भरी नज़रों से देखता है और हरियाणा को आपकी उपलब्धियों पर बहुत गर्व है - राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष

चंडीगढ़, 2 फरवरी - राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष ने आज उन बेहतरीन नेशनल कैडेट कोर (एनसीसी) कैडेट्स और नेशनल सर्विस स्कीम (एनएसएस) वॉलिंटियर्स को हार्दिक बधाई दी, जिन्होंने 26 जनवरी, 2026 को नई दिल्ली के कर्तव्य पथ पर आयोजित गणतंत्र दिवस परेड में राज्य का प्रतिनिधित्व किया था।

 उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय कार्यक्रम में उनकी भागीदारी सिर्फ़ एक औपचारिकता नहीं थी, बल्कि यह देश की युवा शक्ति, अनुशासन और सेवा भावना का एक शक्तिशाली प्रतीक था। इस अवसर पर लेडी गवर्नर श्रीमती मित्रा घोष भी मौजूद थीं।

आज यहां लोक भवन में आयोजित  कार्यक्रम में सभा को संबोधित करते हुए राज्यपाल प्रो. घोष ने गणतंत्र दिवस परेड को भारत की विविधता में एकता, संवैधानिक मूल्यों और राष्ट्रीय संकल्प की सर्वोच्च अभिव्यक्ति बताया।

उन्होंने कहा कि परेड के लिए चयन हेतु असाधारण समर्पण, कठोर प्रशिक्षण और अनुकरणीय प्रतिबद्धता की आवश्यकता होती है। उन्होंने कैडेट्स और वॉलिंटियर्स को उनकी उपलब्धि के लिए बधाई देते हुए कहा, ‘‘आप में से हर एक ने हरियाणा का सम्मान बढ़ाया है और भारत के राष्ट्रीय गौरव में योगदान दिया है।‘‘

राज्यपाल प्रो. घोष ने अनुशासित, आत्मविश्वावासी और जिम्मेदार नागरिक बनाने में एनसीसी द्वारा निभाई गई महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यह संगठन युवाओं में नेतृत्व के गुण, साहस और देशभक्ति की गहरी भावना पैदा करता है, उन्हें न केवल ज़रूरत के समय देश की सेवा करने के लिए तैयार करता है, बल्कि शांति और प्रगति के समय भी उदाहरण पेश करके नेतृत्व करने के लिए तैयार करता है।

राज्यपाल ने नेशनल सर्विस स्कीम के वॉलंटियर्स के निःस्वार्थ योगदान की भी सराहना की, और कहा कि उनका काम सामाजिक जिम्मेदारी की सच्ची भावना को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि सामुदायिक जुड़ाव, सामाजिक जागरूकता और राष्ट्र निर्माण की पहलों के माध्यम से, एनएसएस वॉलिंटियर्स समाज के नैतिक और सामाजिक ताने-बाने को मजबूत करते हैं। उन्होंने कहा, ‘‘आपका काम हमें याद दिलाता है कि सच्चा राष्ट्र निर्माण साथी नागरिकों की सेवा से शुरू होता है।‘‘

इस अवसर पर उपस्थित प्रमुख लोगों में राज्यपाल के सचिव श्री डीके बेहेरा, ब्रिगेडियर राजीव कपूर, एसएम ब्रिगेडियर हरदीप सिंह बर्न, ब्रिगेडियर रोहित सहगल, ग्रुप कैप्टन इकबाल सिंह जोहल, लेफ्टिनेंट कर्नल दिवाकर वशिष्ठ, उच्च शिक्षा के महानिदेशक श्री एस नारायणन, लेफ्टिनेंट कर्नल संजीव शर्मा, कर्नल नितेश सिंह, डॉ. अजीत सिंह, संयुक्त निदेशक, एनसीसी, उच्च शिक्षा विभाग, हरियाणा, डॉ. दिनेश कुमार जी, राज्य एनएसएस अधिकारी, उच्च शिक्षा हरियाणा और एनसीसी कैडेट और एनएसएस स्वयंसेवकों के माता-पिता शामिल थे।

क्रमांक – 2026

 

 

 

 

 

 

ई-नीलामी से जुड़े प्रकरण में राइट टू सर्विस कमीशन ने एचएसवीपी को दिए निर्देश

चंडीगढ़, 02 फरवरी – हरियाणा राइट टू सर्विस कमीशन ने फरीदाबाद से संबंधित एक ई-नीलामी प्रकरण में हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) को आवश्यक निर्देश जारी किए हैं। यह मामला सेक्टर-89, फरीदाबाद में स्थित एक प्लॉट से संबंधित है।

आयोग ने अपने आदेश में कहा है कि ई-नीलामी के माध्यम से प्लॉट आवंटन से पूर्व संबंधित स्थल पर विकास कार्यों का पूर्ण होना आवश्यक है, ताकि आवंटी बिना किसी असुविधा के निर्माण कार्य कर सकें। आयोग ने स्पष्ट किया कि यह एक निहित शर्त है कि विकास कार्य पूरे किए बिना किसी भी प्लॉट को ई-नीलामी में नहीं डाला जाना चाहिए।

आयोग के संज्ञान में आया कि 11 अक्टूबर, 2023 को एचएसवीपी द्वारा आवंटन पत्र जारी करते हुए प्लॉट का कब्जा भी ऑफर कर दिया गया, जबकि मौके पर विकास कार्य पूर्ण नहीं थे। इसके साथ ही, आवंटन पत्र की शर्तों के अनुसार 30 दिनों के भीतर कब्जा न दिए जाने की स्थिति में देय ब्याज का भुगतान भी लंबे समय तक नहीं किया गया।

आयोग के प्रवक्ता ने बताया कि आयोग ने एस्टेट ऑफिसर–II, फरीदाबाद को निर्देश दिए हैं कि संबंधित आवंटी को देय विलंब ब्याज का भुगतान किया जाए तथा कब्जा तिथि से संबंधित आवश्यक औपचारिक संशोधन करते हुए उपयुक्त पत्र जारी किया जाए। इसके साथ ही निर्धारित समय-सीमा में आयोग को अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत करने के भी निर्देश दिए गए हैं।

हरियाणा अधिकार सेवा अधिनियम, 2014 के अंतर्गत प्रदत्त अधिकारों का प्रयोग करते हुए आयोग ने संशोधन कर्ता सुश्री उषा कुमार को 5,000 रुपये का मुआवजा प्रदान किया है, जिसका भुगतान एचएसवीपी द्वारा निर्धारित समय-सीमा में किया जाए।

आयोग ने आशा व्यक्त की है कि एचएसवीपी द्वारा भविष्य में ई-नीलामी से पूर्व विकास कार्यों को पूरा करने संबंधी निर्देशों का पूर्णतः पालन किया जाएगा। साथ ही, जिन मामलों में किसी कारणवश कब्जा देने में विलंब हो रहा है, वहाँ आवंटियों को समय-समय पर प्रगति की जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे पारदर्शिता बनी रहे और आवंटियों को अनावश्यक असुविधा न हो।

 

पर्यटन को पंख म्हारी नायब सरकार लगारी सै, सूरजकुंड का मेला ना देख्या तो क्या देख्या गीतों पर झूमे दर्शक

 

सूरजकुंड मेले की मुख्य चौपाल पर गूंजे लोक गायक आजाद मंडोरी के हरियाणवी सुर, दर्शक हुए मंत्रमुग्ध

 

प्रसिद्ध लोक गायक  ने मेले के थीम सॉन्ग से लेकर पर्यटन पर आधारित गीतों से बांधा समां, शिल्पकारों को बताया मेले का असली नायक

 

चण्डीगढ़, 2 फरवरी - हरियाणा के फरीदाबाद स्थित सूरजकुंड में आयोजित 39वें इंटरनेशनल आत्मनिर्भर क्राफ्ट फेस्टिवल में सोमवार को मुख्य चौपाल पर हरियाणा के प्रसिद्ध लोक गायक आजाद मंडोरी ने अपनी सुमधुर हरियाणवी प्रस्तुतियों से दर्शकों का दिल जीत लिया। लोक संगीत के रंग में रंगी मुख्य चौपाल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठी।

 लोक गायक आजाद मंडोरी ने सूरजकुंड मेले पर आधारित थीम सॉन्ग “सूरजकुंड का मेला ना देख्या तो के देख्या” की प्रस्तुति दी। जैसे ही गीत के बोल गूंजे, दर्शकों ने तालियां बजाकर कलाकार का उत्साहवर्धन किया। इसके बाद उन्होंने एक के बाद एक शानदार गीत प्रस्तुत कर उपस्थित लोगों का भरपूर मनोरंजन किया।

 

कार्यक्रम के दौरान जब आजाद मंडोरी ने “पर्यटन को पंख म्हारी नायब सरकार लगारी सै” गीत की शुरुआत की, तो पूरे पंडाल में उत्साह का माहौल बन गया। दर्शकों ने जमकर तालियां बजाईं और हरियाणवी लोक संस्कृति से जुड़े गीतों पर झूमते नजर आए।

 

लोकगायक ने अपने गीतों के माध्यम से यह संदेश दिया कि मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में हरियाणा सरकार पर्यटन, कला और संस्कृति को निरंतर बढ़ावा दे रही है। उन्होंने सूरजकुंड मेले के लिए विशेष रूप से तैयार किए गए थीम सॉन्ग के लिए हरियाणा के पर्यटन मंत्री डॉ. अरविंद कुमार शर्मा का आभार भी व्यक्त किया।

 

उन्होंने अपने संबोधन और गीतों के जरिए शिल्पकारों को इस मेले का असली नायक बताते हुए कहा कि सूरजकुंड मेला शिल्पकारों की मेहनत और हुनर को विश्व स्तर पर पहचान दिलाने का सशक्त मंच है। यहां आने वाले पर्यटकों को हर स्टॉल पर शिल्पकारों की लगन और कला की झलक साफ दिखाई देती है।

 

नरेला में फ्लैट आवंटन हेतु डीडीए ने मांगे आवेदन

 

सेवारत और सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए है कर्मयोगी आवास योजना

 

चंडीगढ़, 2 फरवरी—दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) ने सेवारत और सेवानिवृत्त सरकारी कर्मचारियों के लिए अपनी ‘कर्मयोगी आवास योजना–2025’ के अंतर्गत रेडी-टू-मूव आवासीय फ्लैटों के आवंटन हेतु आवेदन आमंत्रित किए हैं।

 

इस संबंध में डीडीए से आधिकारिक पत्र  प्राप्त होने के उपरांत, हरियाणा के मुख्य सचिव कार्यालय ने इस योजना की जानकारी राज्य सरकार के कर्मचारियों तक विभागों एवं अधीनस्थ कार्यालयों समेत उपयुक्त आधिकारिक माध्यमों से प्रसारित कर दी है, ताकि पात्र कर्मचारी निर्धारित समय-सीमा के भीतर आवेदन कर सकें।

 

डीडीए के उपाध्यक्ष श्री एन. सरवन कुमार द्वारा भेजे गए पत्र के अनुसार, इस योजना के तहत पॉकेट-9 (सेक्टर ए-10 से ए-14), नरेला, दिल्ली में स्थित कुल 1,168 रेडी-टू-मूव आवासीय फ्लैटों का आवंटन किया जाएगा। यह पूरा आवासीय पॉकेट विशेष रूप से इसी योजना के आवेदकों के लिए आरक्षित किया गया है। यह योजना केंद्र सरकार, राज्य सरकारों, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों, सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों, स्थानीय निकायों तथा सरकारी विश्वविद्यालयों के सेवारत एवं सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए बनाई गई है।

 

इन आवासीय इकाइयों में एक बेडरूम, दो बैडरूम तथा तीन बेडरूम वाले फ्लैट शामिल हैं, जिनमें पार्किंग सुविधा, लिफ्ट, विशाल बालकनी, सामुदायिक केंद्र/क्लब हाउस तथा पर्याप्त खुला हरित क्षेत्र उपलब्ध है। फ्लैटों को 25 प्रतिशत तक की रियायती दरों पर पेश किया जा रहा है। डीडीए ने यह भी स्पष्ट किया है कि दिल्ली अथवा दूसरी जगह संपत्ति के स्वामित्व पर कोई प्रतिबंध नहीं है तथा पात्र आवेदक योजना की शर्तों के अनुसार एक या अधिक फ्लैटों के लिए आवेदन कर सकते हैं।

 

यह आवासीय परिसर एक सुव्यवस्थित शहरी क्षेत्र का हिस्सा है। वर्तमान एवं प्रस्तावित आधारभूत ढांचा परियोजनाओं से भी इसे लाभ मिलने की संभावना है। इनमें मेट्रो फेज़–4 के अंतर्गत कनेक्टिविटी, बेहतर सड़क नेटवर्क, प्रस्तावित एजुकेशन सिटी की निकटता तथा राष्ट्रीय राजमार्गों एवं प्रमुख शहरी सड़कों से संपर्क शामिल है। प्राधिकरण के मुताबिक अच्छी कनेक्टिविटी के चलते यह स्थान दीर्घकालिक आवासीय निवेश के लिए उपयुक्त है।

 

योजना की समय-सीमा के अनुसार, 'कर्मयोगी आवास योजना' के लिए पंजीकरण 19 दिसंबर, 2025 से प्रारंभ हो चुका है, जबकि बुकिंग 14 जनवरी, 2026 से शुरू हुई है। यह योजना 31 मार्च, 2026 तक खुली रहेगी। आवेदन डीडीए के ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से किए जा सकते हैं, जहां पात्रता शर्तों, लेआउट प्लान तथा श्रेणीवार मूल्य से संबंधित विस्तृत जानकारी आधिकारिक ब्रोशर में उपलब्ध है।

 

इकाईवार उपलब्धता एवं साइट विज़िट से संबंधित अतिरिक्त जानकारी डीडीए की वेबसाइट अथवा हेल्पलाइन के माध्यम से  प्राप्त की जा सकती है।  विशेष रूप से नरेला क्षेत्र में प्रस्तावित तीव्र शहरी एवं आधारभूत ढांचा विकास को देखते हुए, यह योजना सरकारी कर्मचारियों के लिए किफायती और सुरक्षित आवास विकल्प के रूप में प्रस्तुत की जा रही है।

 पशु-मेला कुरुक्षेत्र में पशुपालन की नवीनतम तकनीकों की जानकारी दी जाएगी : श्याम सिंह राणा

 

 6 से 8 फरवरी तक लगेगा मेला और प्रदर्शनी

 

चंडीगढ़ , 2 फरवरी -  हरियाणा के पशुपालन एवं डेयरी मंत्री श्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि आगामी 6 से 8 फरवरी तक कुरुक्षेत्र में लगने वाले मेला एवं प्रदर्शनी में पशुपालन की नवीनतम तकनीकों की जानकारी दी जाएगी। राज्य सरकार का प्रयास है कि पशुपालक  उत्तम नस्लों के पशु रखें तथा वैज्ञानिक विधि से उनका पालन करें ताकि वो कम लागत में अधिक से अधिक आमदनी कर सकें।

 

श्री राणा ने बताया कि कुरुक्षेत्र में आयोजित की जाने वाली 41वीं राज्यस्तरीय पशु प्रदर्शनी में उत्कृष्ट नस्लों के लगभग 1500 पशु 53 विभिन्न श्रेणियों में भाग लेंगे। पशुपालकों के प्रोत्साहन हेतु सर्वश्रेष्ठ पशुओं के मालिकों को लगभग 50 लाख रुपये की पुरस्कार राशि वितरित की जाएगी।

 

उन्होंने बताया कि इस विशाल आयोजन में प्रदेश भर से लगभग 1,00,000 पशुपालक, किसान, पशुपालन व्यवसाय से जुड़े उद्यमी तथा वैज्ञानिक भाग लेंगे। प्रदेश की जनता की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इस प्रदर्शनी के लिए प्रतिदिन 200 बसों की निशुल्क व्यवस्था की गई है। ये विशेष बसें प्रदेश के कोने-कोने से प्रदर्शनी देखने के इच्छुक पशुपालकों तथा दर्शकों को इस मेले में लेकर आएंगी तथा वापस उनके गाँव/शहर में छोड़ कर आएंगी। प्रदर्शनी देखने आने वाले पशुपालकों, किसानों के लिए भोजन की मुफ्त व्यवस्था की गई है।

 

पशुपालन विभाग के प्रवक्ता ने बताया कि प्रदर्शनी के दौरान विभिन्न सरकारी विभागों द्वारा स्टॉल लगाकर अपनी जन कल्याणकारी योजनाओं का प्रचार-प्रसार भी किया जाएगा ताकि प्रदेश के लोग इसका लाभ उठा सकें। निजी क्षेत्र की कंपनियां भी पशुपालन से संबंधित अपने उत्पादों व तकनीकों का प्रदर्शन करेंगी। उन्होंने यह भी बताया कि इस कार्यक्रम में एक अनूठे रैम्प-शो का आयोजन भी किया जाएगा जिसमें श्रेष्ठ नस्लों के शानदार पशु रैम्प पर चल कर अपनी छटा बिखेरेंगे।प्रवक्ता ने आगे बताया कि इस पशु मेले का शुभारंभ 6 फरवरी को हरियाणा के पशुपालन एवं डेयरी मंत्री श्री श्याम सिंह राणा करेंगे। मेले के दूसरे दिन 7 फरवरी को केंद्रीय मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्री श्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। कार्यक्रम के अंतिम दिन 8 फरवरी  को मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करेंगे तथा इस पशु प्रदर्शनी के विजेता पशुपालकों को सम्मानित करेंगे।

 

उन्होंने यह भी बताया कि इस मेले में पशुपालकों के मनोरंजन के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रम का भी आयोजन किया जाएगा, जिसमें प्रदेश के नामी कलाकार जैसे महावीर गुड्डू, आजाद खाण्डा आदि अपनी प्रस्तुति देंगे।

 

पशु-पक्षियों के संरक्षण में जनभागीदारी जरूरी-राव नरबीर सिंह

 

चंडीगढ़, 2 फरवरी-हरियाणा के वन एवं पर्यावरण मंत्री राव नरबीर सिंह ने कहा कि पशु-पक्षियों का आदिकाल से हमारे जीवन में विशेष महत्व रहा है। देवी-देवताओं का भी पशु-पक्षियों से गहरा संबंध रहा है, जो हमारी धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं का प्रतीक है। इनके संरक्षण के लिए सरकारी प्रयासों के साथ-साथ जनभागीदारी अत्यंत आवश्यक है।

 

वे आज विश्व आर्द्रभूमि दिवस के अवसर पर पंचकूला में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर वन मंत्री ने 2 फरवरी से 21 फरवरी तक प्रदेश में आयोजित होने वाले प्रथम हरियाणा पक्षी उत्सव-2026 के पोस्टर का विमोचन किया तथा उत्सव के दौरान होने वाली विभिन्न गतिविधियों के कैलेंडर का लोकार्पण कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया।

 

राव नरबीर सिंह ने कार्यक्रम के शीर्ष वाक्य “आर्द्रभूमियां और पारंपरिक ज्ञान-प्रकृति एवं संस्कृति का उत्सव” की सराहना करते हुए कहा कि हरियाणा में सुल्तानपुर (गुरुग्राम) और भिंडावास (झज्जर) दो प्रमुख वेटलैंड हैं, जहां हर वर्ष हजारों प्रवासी पक्षी विभिन्न देशों से आते हैं। उन्होंने कहा कि कोरोना काल के दौरान कुछ प्रजातियां विलुप्त होने के कगार पर पहुंच गई थीं, लेकिन सरकार का प्रयास है कि वेटलैंड्स पर आने वाले पक्षियों के लिए सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाए, ताकि हर वर्ष अधिक संख्या में प्रवासी पक्षी यहां आएं।

 

उन्होंने बताया कि गुरुग्राम के बसई, चंदू तथा आसपास के तीन-चार गांवों में हजारों एकड़ भूमि पर जलभराव रहता है। इनमें से 200-300 एकड़ क्षेत्र में झील विकसित कर उसे पर्यटन स्थल के रूप में बदला जा सकता है, जिससे दिल्ली-एनसीआर के लोग भ्रमण के लिए आ सकेंगे और क्षेत्र को पॉलिथीन व प्लास्टिक से भी निजात मिलेगी।

 

वन मंत्री ने कहा कि हरियाणा में सिंगल-यूज प्लास्टिक और पॉलिथीन के निर्माण पर वर्ष 2013 से प्रतिबंध है, लेकिन इसके बावजूद इनका प्रयोग हो रहा है। इस कानून की सफलता जनभागीदारी के बिना संभव नहीं है। उन्होंने लोगों से सिंगल-यूज प्लास्टिक व पॉलिथीन का उपयोग न करने का संकल्प लेने का आह्वान किया।

 

उन्होंने बताया कि पॉलिथीन जलाने से जहरीली गैसें निकलती हैं, जो वातावरण को प्रदूषित करती हैं, जबकि जमीन में दबाने पर इसे गलने में लगभग 450 वर्ष लग जाते हैं। साथ ही यह शहरों की सीवरेज लाइनों की जल निकासी को भी प्रभावित करती है। पर्यावरण मंत्री ने कहा कि उनका लक्ष्य पॉलिथीन-मुक्त हरियाणा बनाना है, जिसके लिए जन-सहयोग अनिवार्य है। उन्होंने यह भी कहा कि लगभग 40 प्रतिशत प्रदूषण पॉलिथीन के प्रयोग से होता है।

 

उन्होंने कहा कि हरियाणा वेटलैंड अथॉरिटी और तालाब प्राधिकरण का गठन किया गया है लेकिन ये अभी तक अपने लक्ष्यों को पूरी तरह हासिल नहीं कर पाए हैं। जोहड़ों और तालाबों के जल को स्वच्छ बनाने के लिए स्थानीय लोगों की भागीदारी बेहद जरूरी है।

 

इस अवसर पर प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) विवेक सक्सेना ने विश्व आर्द्रभूमि दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इसकी शुरुआत वर्ष 1975 में हुई थी। उन्होंने कहा कि विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन बनाए रखना आवश्यक है, इसी संदेश को देने के लिए हर वर्ष नई थीम के साथ यह दिवस मनाया जाता है। इस वर्ष की थीम “आर्द्रभूमियां और पारंपरिक ज्ञान-प्रकृति एवं   संस्कृति का उत्सव” रखी गई है।

 

कार्यक्रम में विधायक शक्ति रानी शर्मा, प्रधान मुख्य संरक्षक विनीत कुमार गर्ग और के.सी. मीणा सहित विभाग के अन्य अधिकारी-कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में स्कूली बच्चे भी उपस्थित रहे।

 

संत शिरोमणि गुरु रविदास के नाम पर पंजाब के आदमपुर एयरपोर्ट का नामकरण प्रधानमंत्री का ऐतिहासिक फैसला- मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी

 

संत गुरु रविदास के समता, करुणा और सेवा के मूल्य आज भी समाज को प्रेरित करते हैं- मुख्यमंत्री

 

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने नई दिल्ली स्थित हरियाणा भवन में मीडिया से की बातचीत

 

चंडीगढ़, 2 फरवरी- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने पंजाब के आदमपुर एयरपोर्ट का नामकरण संत शिरोमणि गुरू रविदास जी के नाम से किए जाने पर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का धन्यवाद किया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने यह ऐतिहासिक फैसला लिया है। मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी सोमवार को नई दिल्ली स्थित हरियाणा भवन में मीडिया से बातचीत कर रहे थे।

 

इस दौरान उन्होंने कहा कि यह हमारे लिए बड़े गर्व का विषय है कि संत शिरोमणि गुरु रविदास जी की जयंती के पावन अवसर पर भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने आदमपुर एयरपोर्ट को श्री गुरु रविदास महाराज जी एयरपोर्ट का नाम दिया। यह नामकरण श्री गुरु रविदास महाराज जी के अमर आदर्शों को सच्ची श्रद्धांजलि है। उनके द्वारा दिए गए समता, करुणा और सेवा के मूल्य आज भी समाज को प्रेरित करते हैं और हमें एक समरस, न्यायपूर्ण तथा मानवीय समाज के निर्माण की दिशा में मार्गदर्शन देते हैं। यह पहल उनके महान विचारों को सम्मान देने के साथ-साथ भावी पीढ़ियों को भी उनके संदेश से प्रेरणा लेने का अवसर प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि यह पहल यह भी दर्शाती है कि हमारा राष्ट्र उन महापुरुषों को निरंतर स्मरण करता है जिन्होंने समाज को दिशा देने का कार्य किया।

 

मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी निरंतर देश के बड़े संस्थानों का नाम संत-महापुरुषों के नाम से कर रहे हैं, जो संत-महापुरुषों को सच्ची श्रद्धांजलि है। पिछले दिनों अयोध्या एयरपोर्ट का नाम भी महर्षि वाल्मीकि के नाम से रखा गया था। इसी तरह से हिसार एयरपोर्ट का नाम महाराजा अग्रसेन के नाम से रखा गया है।

 

समाज के हर वर्ग को ध्यान में रखकर पेश किया गया बजट

 

मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि इस बार का आम बजट समाज के हर वर्ग को ध्यान में रखकर पेश किया गया है। इस बजट में हरियाणा को विशेष स्थान दिया गया है। बजट में सेम की समस्या से ग्रसित जमीन की बात की गई, एमएसएमई, इंडस्ट्री और एआई को विशेष स्थान दिया गया, जिसका लाभ सीधे हरियाणा को मिलेगा। उन्होंने कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार 55 साल सत्ता में रही लेकिन ऐसा बजट पेश नहीं कर पाई। यह बजट महिलाओं को सशक्त करने वाला है। यह युवाओं को रोजगार देने वाला है। यह किसानों को मजबूत करने वाला बजट है। किसान, युवा, महिला और गरीब सहित 140 करोड़ देशवासियों की आकांक्षाओं को पूरा करने वाला है।

 

पंजाब में भाजपा की सरकार बनेगी

 

मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने पंजाब से जुड़े एक सवाल का जवाब देते हुए कहा कि पंजाब में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनेगी। वहां के लोगों ने मन बना लिया है कि पंजाब को यदि आगे बढ़ाना है तो भाजपा की सरकार बनानी पड़ेगी। कांग्रेस और आम आदमी पार्टी की सरकार ने लोगों को सिर्फ सब्ज-बाग दिखाए। पंजाब में पिछले दिनों बाढ़ आई, किसानों की फसल खराब हुई। वहां के मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने किसानों को 20 हजार रुपये एकड़ मुआवजा दिया और उनकी पार्टी के मुखिया गुजरात जाकर कह रहे हैं कि हमने किसानों को 50 हजार रुपये मुआवजा दिया। वह सिर्फ लोगों को बेवकूफ बनाने का काम कर रहे हैं। किसानों का नुकसान हो गया और वह सिर्फ राजनीतिक रोटियां सेकने का काम कर रहे हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने पंजाब के किसानों की समस्या को समझा और 16 हजार करोड़ रुपये देने का काम किया।

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