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हरियाणा

Haryana Latest News 2026

January 29, 2026 08:24 AM

*स्वास्थ्य परिषदों को एक ही सिस्टम पर लाने वाला हरियाणा देश का पहला राज्य- मुख्यमंत्री*


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मुख्यमंत्री ने किया सेंट्रलाइज्ड पोर्टल फॉर हरियाणा काउंसिलस का लोकार्पण*

 
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स्वास्थ्य परिषदों में अब ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया आरम्भ*


चंडीगढ़, 28 जनवरी - हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने आज स्वास्थ्य विभाग के ‘सेंट्रलाइज्ड पोर्टल फॉर हरियाणा काउंसिलस’ का लोकार्पण किया। इस पहल के साथ ही हरियाणा देश का पहला राज्य बन गया है जिसने एक इंटीग्रेटेड डिजिटल प्लेटफॉर्म लॉन्च कर एक साथ कई स्वास्थ्य परिषदों को एक ही सिस्टम पर लाने का कार्य किया है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पोर्टल से मेडिकल परिषद, डेंटल परिषद, फार्मेसी परिषद, आयुष एवं होम्योपैथी परिषद और अन्य स्वास्थ्य परिषदों से संबद्ध विभिन्न परिषदों में ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया आरम्भ हो जाएगी। उन्होंने बताया कि यह पोर्टल प्रदेश में रजिस्टर्ड लगभग 1.5 लाख स्वास्थ्य क्षेत्र में कार्य करने वाले युवक युवतियों को बेहतर सेवा देने के लिए विकसित किया गया है। अब इन परिषदों के तहत प्रशिक्षण लेने वाले बच्चे प्रशिक्षण के उपरांत घर बैठे ही ऑनलाइन पंजीकरण करके कार्य करने के लिए प्रमाण पत्र ले सकेंगे।

 
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सिस्टम युवाओं के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन, रिन्यूअल, सर्टिफिकेट जारी करने, प्रोफाइल मैनेजमेंट और रोजगार से संबंधित जानकारी जैसी सेवाओं की पहुंच प्रदान करेगा। यह पोर्टल स्वास्थ्य पेशेवरों और स्वास्थ्य संस्थानों के बीच रोजगार के अवसरों के लिए बेहतर लिंक स्थापित करेगा।


मुख्यमंत्री ने कहा कि पोर्टल के माध्यम से यह योजना चरणबद्ध तरीके से लागू की जा रही है। पहले चरण में मेडिकल कांउसिल, डेंटल कांउसिल, फार्मेसी कांउसिल, आयुष और होम्योपैथी परिषदों को जोड़ा गया है। इसके बाद दूसरे चरण में नर्सिंग और फिजियोथेरेपिष्ट परिषदों को भी इसमें शामिल किया जाएगा।  इसके बाद पोर्टल को जल्द ही सरल पोर्टल से लिंक किया जाएगा ताकि सभी प्रक्रिया ऑनलाइन पंजीकरण से ही पूरी की जा सकें।


मुख्यमंत्री ने राज्य में विभिन्न स्वास्थ्य परिषदों के लिए इंटीग्रेटेड वेब पोर्टल, मोबाइल एप्लिकेशन और जॉब पोर्टल को भी औपचारिक रूप से लॉन्च किया। उन्होंने कहा कि अब फार्मेसी, डेंटल सहित पांच परिषदों में युवक युवतियों पंजीकरण आसान हो जाएगा।


इस अवसर स्वास्थ्य मंत्री सुश्री आरती सिंह राव, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा और स्वास्थ्य सचिव श्री रिपुदमन सिंह ढिल्लों सहित सभी कांउसिलों के पदाधिकारी भी मौजूद रहे।

 


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औषधीय पौधे उगाने वाले किसानों के लिए तैयार करें कार्य योजना - मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी*

 

*औषधीय पौधों उगाने वाले किसानों का बनाया जाए क्लस्टर*

 

*ऐसे किसानों को मिले मार्केटिंग तक की बेहतर सुविधाएं*

 

चण्डीगढ, 28 जनवरी- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हर्बल फेड के अधिकारी औषधीय पौधे उगाने वाले किसानों के लिए ऐसी कार्य योजना तैयार करें जिससे हर्बल की खेती करने वाले किसानों को भी प्रोत्साहित किया जा सके।

 

मुख्यमंत्री हरियाणा राज्य हर्बल सहकारी संघ के अधिकारियों की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में स्वास्थ्य मंत्री सुश्री आरती सिंह राव, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल रहे।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि अधिकारी अलग अलग प्रकार के औषधीय पौधों की खेती का ब्यौरा क्षेत्रफल अनुसार तैयार करें। इसके अलावा यह भी अनुमान लगाएं कि किस क्षेत्र में कौन से औषधीय पौधे आसानी से उगाए जा सकते हैं ताकि किसानों को प्रेरित किया जा सके। उन्होंने कहा कि राज्य में औषधीय पौधों की खेती के लिए उपयोग की जाने वाली भूमि सहित किसानों की संख्या का ब्यौरा भी विस्तार से तैयार किया जाए ताकि ऐसे किसानों को एक क्लस्टर में लाया जा सके।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार जल्द ही प्रदेश में औषधीय पौधे उगाने वाले किसानों को मार्केटिंग तक की बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवागी ताकि प्रदेश में मेडिसनल पौधों की खेती को बढावा दिया जा सके। उन्होंने कहा कि राज्य में 4557 हैक्टेयर औषधीय पौधों की खेती की जा रही है जिनमें आंवला, एलोविरा, स्टीविया, मुलेठी, शतावरी, तुलसी, अश्वगंधा, हरड़, बेलपत्र, हल्दी आदि शामिल है। उन्होंने कहा कि आयुर्वेदिक दवाएं रोजगार सृजन से जुड़ी हुई है और स्वस्थ वातावरण के साथ किफायती भी हैं। इसलिए इनकी सरलीकृत खरीद प्रक्रिया और व्यापार करने के लिए सुधार अनिवार्य है।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य औषधीय पादप बोर्ड का मुख्य ध्येय औषधीय पौधों की खेती को बढावा देना, संग्रहण एवं भंडारण हेतु योजनाओं, प्रस्तावों और कार्यक्रमों को तैयार करने में किसानों को मार्गदर्शन प्रदान करना है। हर्बल फेड द्वारा किसानों के लिए ई औषधि पोर्टल लांच किया गया है जिस पर अब तक 4500 किसानों ने 118 आयुर्वेदिक औषधि निर्माताओं ने पंजीकरण किया है।


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ऑर्गेनिक फसलों की उपज के प्रमाणीकरण हेतु लैब स्थापित करने की दिशा में कदम उठाएं: मुख्यमंत्री*

 

*"हरियाणा किसान कल्याण प्राधिकरण" की चौथी बैठक की अध्यक्षता की*

 

चंडीगढ़ , 28 जनवरी - हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि अधिकारी ऑर्गेनिक फसलों की उपज के प्रमाणीकरण हेतु लैब स्थापित करने की दिशा में कदम उठाएं ताकि प्रमाणीकरण के बाद किसानों को उपज की अच्छी कीमत मिल सके।

 

मुख्यमंत्री आज "हरियाणा किसान कल्याण प्राधिकरण" की चौथी बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। इस अवसर पर पर्यावरण एवं वन मंत्री राव नरबीर सिंह , सहकारिता मंत्री श्री अरविंद शर्मा , कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री श्याम सिंह राणा , सिंचाई एवं जल संसाधन मंत्री श्रीमती श्रुति चौधरी, खाद्य , नागरिक एवं उपभोक्ता मामले राज्य मंत्री श्री राजेश नागर, मुख्यमंत्री के ओएसडी श्री वीरेंद्र बढ़खालसा भी उपस्थित थे।

 

बैठक के बाद, मुख्यमंत्री द्वारा मत्स्य पालन विभाग की पुस्तिका " Report of Working group on Fisheries Development in Haryana " का विमोचन भी किया गया।

 

मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे किसानों को जैविक एवं प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए प्रोत्साहित करें, इसके लिए सबसे पहले पायलट योजना के तहत करीब 5 हजार एकड़ में "स्मार्ट एग्रीकल्चर जोन" तैयार करें। इस जोन  के किसानों को प्राकृतिक खेती करने के लिए जागरूक करें कि उनको खेती में घाटा नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि वैसे तो इस उपज की किसानों को बेहतरीन कीमत मिलेगी , फिर भी आमदनी में नुकसान हुआ तो राज्य सरकार इसकी भरपाई करेगी।

 

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्राकृतिक खेती की उपज के प्रमाणीकरण के लिए जल्द से जल्द एक लैब स्थापित करें ताकि प्रमाणित फसल के अच्छे दाम मिल सकें। उन्होंने अधिकारियों को उक्त स्मार्ट एग्रीकल्चर जोन में जल प्रबंधन करके सूक्ष्म सिंचाई की प्रणाली को अपनाने की बात कही। उन्होंने अधिकारियों को फसलों के उत्तम किस्म के बीज तैयार करने के भी निर्देश दिए।

 

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को किसानों के बीच ज्ञान और नीतिगत पहलुओं के प्रसार के लिए ब्लॉक स्तर तक किसान गोष्ठियों , कार्यशालाओं , सेमिनारों , प्रशिक्षण कार्यक्रमों और जागरूकता अभियानों का कैलेंडर बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन अभियानों के दौरान किसानों को रासायनिक दवाओं एवं खाद के प्रयोग से होने वाले नुकसान तथा प्राकृतिक खेती के फायदों के लिए भी जागरूक करें।

 

श्री नायब सिंह सैनी ने "हरियाणा किसान कल्याण प्राधिकरण" द्वारा पायलट सहकारी खेती के कलस्टर , जल निकासी तकनीक के उपयोग ,पीएम कुसुम योजना के तहत फीडरों के सोलराइजेशन , फसल विविधीकरण , सांझी डेयरी परियोजना, झींगा मछली पालन, बकरी एवं भेड़ पालन को बढ़ावा देने , खरीफ फसल तिलहन और दालों को बढ़ावा देने जैसे मामलों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राज्य में महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए अधिक से अधिक योजनाएं महिला -केंद्रित बनाएं।

 

बैठक में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री अरुण कुमार गुप्ता, सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री अनुराग अग्रवाल, सहकारिता विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री विजयेंद्र कुमार, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के प्रधान सचिव श्री डी. सुरेश, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के प्रधान सचिव श्री पंकज अग्रवाल, पशुपालन विभाग के प्रधान सचिव श्री विजय सिंह दहिया, मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव डॉ साकेत कुमार, उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के महानिदेशक श्री यश गर्ग, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के महानिदेशक श्री राजनारायण कौशिक समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

 
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अम्बाला छावनी को मिलेंगी बड़ी सौगातें - ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने अटल मॉल एंड बैंक स्क्वेयरनाइट फूड स्ट्रीट और फायर ब्रिगेड बिल्डिंग का निरीक्षण किया*

 

*अटल मॉल एंड बैंक स्क्वेयर में शोरूमों की जानकारी लेने के लिए रोजाना पहुंच रहे सैकड़ों लोग*

 

*ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने नाइट फूड स्ट्रीट का निरीक्षण करते हुए वाटरप्रूफ छतरियां लगाने व ओपन सिटिंग एरिया बेहतर बनाने के निर्देश दिए*

 

*ऊर्जा मंत्री ने फायर ब्रिगेड बिल्डिंग का भी निरीक्षण कियाकरोड़ों की लागत बनी बिल्डिंग*

 

चंडीगढ़, 28 जनवरी - हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री श्री अनिल विज ने आज अम्बाला छावनी के तीन बड़े प्रोजेक्टों अटल मॉल एंड बैंक स्क्वेयर, नाइट फूड स्ट्रीट और फायर ब्रिगेड बिल्डिंग के निर्माण कार्य का निरीक्षण करते हुए नगर परिषद अधिकारियों व निर्माण एजेंसियों को जल्द से जल्द निर्माण कार्य पूरा करने के दिशा - निर्देश दिए और कहा कि इन तीनों परियोजनाओं का निर्माण कार्य अंतिम चरणों में है।

 

उल्लेखनीय है कि लगभग 200 करोड़ रुपए की इन परियोजनाओं के कंप्लीट होते ही जनता को सीधे तौर पर लाभ व सुविधा मिलेगी। ये तीनों परियेाजनाएं अंबाला छावनी के विकास में मील का पत्थर साबित होंगी।

 

*अटल मॉल एंड बैंक स्क्वेयर में शोरूमों की जानकारी लेने के लिए रोजाना पहुंच रहे सैकड़ों लोग*

 

ऊर्जा मंत्री श्री अनिल विज ने निर्देश दिए कि अटल मॉल एंड बैंक स्क्वेयर में पहले चरण के कार्य को जल्द से जल्द पूरा किया जाए ताकि यहां शिफ्ट होने वाले बैंकों यहां अपना कामकाज प्रारंभ कर सकेंगे। इस दौरान मंत्री विज ने बताया कि लगभग 111 करोड़ रुपए की लागत से पहले चरण का कार्य पूरा होने वाला है जबकि दूसरे चरण के कार्य के टेंडर भी आगामी दिनों में जल्द अलॉट किए जाएंगे।

 

उन्होंने बताया कि बैंकों के यहां पर शिफ्ट होने से बाजारों में भीड़ कम होगी तथा एक ही छत के नीचे लोगों को बैंकिंग सुविधा मिलेगी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि यहां आने वाले लोगों के बैठने के लिए बेंच व अन्य जनसुविधाओं में इजाफा किया जाए।

 

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों व निर्माण एजेंसी के प्रतिनिधियों ने जानकारी देते हुए बताया कि बैंक स्केयवर का कार्य पहले चरण में मार्च माह के अंत तक पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि पहले चरण में बन रहे भवन में 44 शोरूम का निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया है और पहले चरण का कार्य अंतिम चरणों में है। इसी प्रकार, द्वितीय चरण में बनने वाले भवन में कुल 54 शोरूम बनेंगे। 

 

*ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने नाइट फूड स्ट्रीट का निरीक्षण करते हुए वाटरप्रूफ छतरियां लगाने व ओपन सिटिंग एरिया बेहतर बनाने के निर्देश दिए*

 

अंबाला के जगाधरी रोड पर नाइट फूड स्ट्रीट में निरीक्षण के दौरान ऊर्जा मंत्री श्री अनिल विज ने नगर परिषद अधिकारियों को यहां सुविधाओं में और इजाफा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नाइट फूड स्ट्रीट के ठीक साथ ओपन स्पेस में लोगों के बैठने के लिए टेबल व कुर्सियां लगाने के साथ-साथ यहां वॉटर प्रूफ छतरी भी लगाई जाए ताकि यहां लोग बैठकर लजीज व्यंजनों का आनंद ले सके। इस नाईट स्ट्रीट का निर्माण लगभग साढ़े पांच करोड़ रुपए की लागत से किया जा रहा है। 

 

यह मार्केट वातानुकूलित होगी तथा वाहनों को पार्क करने के लिए नाइट फूड स्ट्रीट के ठीक साथ पार्किंग सुविधा भी होगी। मार्केट की डेकोरेशन व ब्यूटीफिकेशन की जाएगी ताकि यहां आने वाले लोगों को अच्छा महसूस हो।

 

*ऊर्जा मंत्री ने फायर ब्रिगेड बिल्डिंग का भी निरीक्षण किया*

 

ऊर्जा मंत्री श्री अनिल विज ने आज फायर ब्रिगेड बिल्डिंग का भी निरीक्षण करते हुए इसके निर्माण की प्रगति रिपोर्ट जानी। नगर परिषद अधिकारियों ने बताया कि 95 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है और शेष कार्य आगामी कुछ ही दिनों में पूरा कर लिया जाएगा।

 

लगभग 16 करोड़ रुपए की लागत से तीन मंजिला फायर ब्रिगेड कार्यालय की मुख्य बिल्डिंग और 5 मंजिला रेजिडेंस ब्लॉक का निर्माण किया जा रहा है।

 
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संत शिरोमणि गुरु रविदास की जयंती पर कुरुक्षेत्र के उमरी में होगा महाकुंभ: कृष्ण लाल पंवार*

 

*प्रदेश सरकार 31 जनवरी को उमरी में राज्य स्तरीय जयंती कार्यक्रम का करेगी आयोजनमुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी व केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल करेंगे कार्यक्रम में शिरकत*

 

*संत-महापुरुषों की शिक्षाओं और आदर्शों को जन-जन तक पहुंचा रही सरकार*

 

*प्रदेश स्तरीय समारोह में प्रदेश के कोने-कोने से पहुंचेंगे सभी समाज के लोग*

 

*उमरी में 124 करोड़ रुपए की लागत से बनेगा संत शिरोमणि गुरु रविदास भवन व म्यूजियम*

 

चंडीगढ़, 28 जनवरी - हरियाणा के विकास एवं पंचायत मंत्री श्री कृष्ण लाल पंवार ने कहा कि कुरुक्षेत्र के उमरी में आयोजित होने वाली संत शिरोमणि गुरु रविदास की 649वीं जयंती पर महाकुंभ होगा। गुरु रविदास जयंती के उपलक्ष्य में राज्य स्तरीय समारोह 31 जनवरी को आयोजित किया जाएगा। इस समारोह में मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी मुख्य अतिथि तथा केंद्रीय ऊर्जा मंत्री श्री मनोहर लाल विशिष्ट अतिथि के रूप में शिरकत करेंगे, जबकि समारोह की अध्यक्षता विकास एवं पंचायत मंत्री श्री कृष्ण लाल पंवार स्वयं करेंगे। इस समारोह में प्रदेशभर से भारी संख्या में नागरिकों के आने की उम्मीद है। इसके साथ ही अन्य प्रदेशों से प्रमुख संत समाज व बुद्धिजीवी भी समारोह में हिस्सा लेंगे।

 

विकास एवं पंचायत मंत्री श्री कृष्ण लाल पंवार बुधवार को कुरुक्षेत्र के उमरी में समारोह स्थल का निरीक्षण करने के लिए पहुंचे थे। मंत्री श्री कृष्ण लाल पंवार ने कहा कि इस राज्य स्तरीय कार्यक्रम में प्रदेश सरकार के सभी मंत्रियों, विधायकों, अन्य जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित किया जाएगा। इसके साथ - साथ प्रदेश भर के सामाजिक, धार्मिक संगठनों और आम नागरिकों को भी इस समारोह में भाग लेने के लिए निमंत्रण दिया जाएगा, ताकि गुरु रविदास के विचारों और संदेशों को व्यापक स्तर पर जन - जन तक पहुंचाया जा सके।

 

श्री पंवार ने कहा कि संत शिरोमणि गुरु रविदास सामाजिक समरसता, समानता और मानवता के महान संत थे। उन्होंने अपने उपदेशों और वाणी के माध्यम से समाज में व्याप्त भेदभाव, छुआछूत और जातिगत असमानता के विरुद्ध आवाज उठाई। गुरु रविदास के विचार आज भी समाज को एकजुट करने और समानता का संदेश देने के लिए एक सशक्त प्रेरणा स्रोत हैं। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार संत - महापुरुषों की शिक्षाओं और आदर्शों को जन - जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से ‘संत - महापुरुष विचार प्रसार एवं सम्मान योजना’ के तहत निरंतर उनकी जयंती और स्मृति समारोह आयोजित करती आ रही है।

 

मंत्री श्री कृष्ण लाल पंवार ने कहा कि उमरी में 124 करोड़ रुपए की लागत से संत शिरोमणि गुरु रविदास भवन व म्यूजियम को बनाया जाएगा। जो संत रविदास के जीवन, शिक्षाओं और भक्ति आंदोलन को समर्पित होगा। इस परियोजना का निर्माण कार्य जल्द ही शुरू किया जाएगा।

 

इस परियोजना की टेंडर प्रक्रिया चली हुई है, इसके बाद इसे हाई पावर परचेज कमेटी से पास करवाकर जल्द ही निर्माण कार्य शुरू करवाया जाएगा। भवन में सबसे ऊपर गुरु रविदास की 38 मीटर की मूर्ति लगाई जाएगी, जो नेशनल हाईवे से आने-जाने वालों को स्पष्ट नजर आएगी। पांच एकड़ जगह में 124 करोड़ रुपए की लागत से गुरु रविदास भवन व म्यूजियम का निर्माण करवाया जाए। इस परियोजना का करीब 90 करोड़ रुपए की लागत के कार्यों की टेंडर प्रक्रिया चली हुई है।

 
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मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हुई एचपीडब्ल्यूसी बैठक127.87 करोड़ रुपये की शहरी अवसंरचना परियोजनाओं को मिली मंज़ूरी*

 

*बैठक में लगभग 8.77 करोड़ रुपये की हुई बचत*

 

*मुख्यमंत्री ने शहरी अवसंरचना परियोजनाओं की गुणवत्ता और समयबद्धता पर दिया जोर*

 

चंडीगढ़, 28 जनवरी -- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में बुधवार को हरियाणा निवास में शहरी स्थानीय निकाय विभाग की हाई-पावर्ड वर्क्स कमेटी (एचपीडब्ल्यूसी) की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। बैठक के दौरान, प्रदेशभर में प्रमुख शहरी अवसंरचना और विकास परियोजनाओं से संबंधित प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में शहरी स्थानीय निकाय मंत्री श्री विपुल गोयल भी मौजूद रहे।

 

बैठक में कुल लगभग 136.64 करोड़ रुपये की 3 निविदाओं पर विचार किया गया, जबकि चौथी परियोजना के लिए पुनः निविदा आमंत्रित करने के निर्देश दिए गए। इन तीनों निविदाओं में बोलीदाताओं के साथ विस्तृत बातचीत के उपरांत कार्यों की लागत लगभग 127.87 करोड़ रुपये निर्धारित की गई, जिससे इस पारदर्शी प्रक्रिया के माध्यम से लगभग 8.77 करोड़ रुपये की बचत सुनिश्चित हुई।

 

मंज़ूर की गई परियोजनाओं में अमृत योजना के तहत फरीदाबाद शहर में नागरिक सुविधाओं और इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी वाले क्षेत्रों में पानी की आपूर्ति प्रणाली प्रदान करने के लिए निविदा और अंबाला शहर नगर निगम में सड़कों की मशीनीकृत और मैनुअल सफाई का काम शामिल है, जिसका उद्देश्य सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करना और शहरी स्वच्छता में सुधार करना है। इसके अलावा, बैठक में गुरुग्राम में श्री माता शीतला देवी मंदिर परिसर के पुनर्विकास के लिए सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं, इलेक्ट्रिकल, एचवीएसी और अग्निशमन प्रणालियों से संबंधित शेष कार्यों को भी मंज़ूरी दी गई।

 

बैठक के दौरान, मुख्यमंत्री ने परियोजनाओं को समय पर पूरा करने और गुणवत्ता मानकों का सख्ती से पालन करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि शहरी बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने, सेवा वितरण को अधिक प्रभावी बनाने और सार्वजनिक कार्यों में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

 

बैठक में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री अरुण कुमार गुप्ता, अतिरिक्त प्रधान सचिव और आयुक्त एवं सचिव, शहरी स्थानीय निकाय डॉ. साकेत कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

 *कैबिनेट मंत्री श्रुति चौधरी ने आगामी बजट को लेकर अधिकारियों के साथ की बैठक*

 

*मंत्री ने सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के अधिकारियों से दिसंबर महीने तक खर्च हुए बजट की ली पूरी जानकारी*

 

*विभाग के बचे शेष बजट का सही और प्रभावी तरीके से किया जाए उपयोग*

 

*नए बजट के लिए पहले से ही योजना की जाए तैयार*

 

चण्डीगढ़, 28 जनवरी - हरियाणा की सिंचाई एवं जल संसाधन मंत्री श्रीमती श्रुति चौधरी ने अगामी बजट को लेकर सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर विभाग द्वारा अब तक किए गए कार्यों, बजट के उपयोग और भविष्य की योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।

 

श्रीमती श्रुति चौधरी ने अधिकारियों से दिसंबर महीने तक खर्च हुए बजट की पूरी जानकारी ली और यह भी समीक्षा की कि अभी जो बजट शेष बचा है, उसका सही और प्रभावी तरीके से कैसे उपयोग किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार का उद्देश्य यह है कि हर रुपये का उपयोग जनता के हित में हो और कोई भी राशि छूट न जाए।

 

उन्होंने अधिकारियों को कहा कि जो नया बजट आने वाला है, उसका नियोजन पहले से ही ठीक तरह से किया जाए, ताकि सिंचाई परियोजनाओं, नहरों की मरम्मत, जल संरक्षण और किसानों से जुड़े कार्यों को समय पर पूरा किया जा सके। सभी योजनाएं जमीन पर दिखाई देनी चाहिए, सिर्फ कागजों में सीमित नहीं रहनी चाहिए। श्रीमती श्रुति चौधरी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे पूरी ईमानदारी और जिम्मेदारी से अपने कार्य करें। यदि कोई अधिकारी अपने दायित्वों का सही तरीके से निर्वहन नहीं करता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

 

सिंचाई एवं जल संसाधन मंत्री ने कहा कि विभाग किसानों और प्रदेश की अर्थव्यवस्था से सीधे जुड़ा हुआ है, इसलिए इसमें किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सरकार की प्राथमिकता है कि जल संसाधनों का बेहतर प्रबंधन हो, सिंचाई सुविधाएं मजबूत हों और किसानों को समय पर पानी उपलब्ध कराया जा सके। उन्होंने अधिकारियों से आपसी समन्वय बनाकर काम करने, फील्ड में जाकर योजनाओं की वास्तविक स्थिति देखने और जनता की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर हल करने के भी निर्देश दिए।

 

इस अवसर पर विभाग के सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री अनुराग अग्रवाल सहित विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।

 चंडीगढ़, 28 जनवरी —हरियाणा के विरासत एवं पर्यटन मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने कहा कि 39वां सूरजकुंड अंतर्राष्ट्रीय आत्मनिर्भर शिल्प महोत्सव दुनिया के सांस्कृतिक एवं पर्यटन मानचित्र पर मजबूत दस्तक देगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत संकल्प को सिद्धि तक ले जाने के उद्देश्य के साथ यह शिल्प महोत्सव राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय कलाकारों, हस्तशिल्पियों और बुनकरों की सांस्कृतिक विरासत को सशक्त करेगा तथा वैचारिक एवं व्यापारिक गतिविधियों को नई गति देगा। इसके लिए मूल मंत्र “लोकल से ग्लोबल – आत्मनिर्भर भारत” की पहचान होगा।

 

 विरासत एवं पर्यटन मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने आज हरियाणा सिविल सचिवालय स्थित अपने कार्यालय में 39वें सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय आत्मनिर्भर शिल्प महोत्सव की तैयारियों को लेकर विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ. अमित कुमार अग्रवाल तथा निदेशक पर्यटन श्री पार्थ गुप्ता के साथ पत्रकार वार्ता को संबोधित किया। कैबिनेट मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने बताया कि 31 जनवरी को देश के उपराष्ट्रपति श्री सी.पी. राधाकृष्णन फरीदाबाद के सूरजकुंड में शिल्प महाकुंभ का उद्घाटन करेंगे, जबकि केंद्रीय पर्यटन मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत और मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी विशिष्ट अतिथि के रूप में शिरकत करेंगे। उन्होंने कहा कि 16 दिन तक चलने वाले शिल्प महोत्सव का समापन 15 फरवरी को होगा, जिसमें राज्यपाल प्रोफेसर असीम कुमार घोष मुख्य अतिथि होंगे।

 

पर्यटन मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने कहा कि 39वां सूरजकुंड अंतर्राष्ट्रीय आत्मनिर्भर शिल्प महोत्सव केवल एक आयोजन भर नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक एकता का उत्सव, शिल्प कौशल और आत्मनिर्भरता के विचार की आत्मा साबित होगा। उन्होंने कहा कि यह आयोजन हरियाणा प्रदेश की विरासत के संरक्षण, होनहार कारीगरों व हस्तशिल्पियों की स्थायी आजीविका तथा अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक गठजोड़ की प्रतिबद्धता पर खरा उतरेगा।

 

उन्होंने बताया कि पार्टनर नेशन के तौर पर इजिप्ट चौथी बार शिल्प महोत्सव में अपनी प्राचीन कला एवं संस्कृति के साथ पर्यटकों को आकर्षित करेगा, जबकि थीम स्टेट उत्तर प्रदेश और मेघालय की समृद्ध सांस्कृतिक एवं लोक कलाओं का प्रदर्शन मेला परिसर में किया जाएगा। उन्होंने जानकारी दी कि गत वर्ष 44 देशों के 635 प्रतिभागियों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया था, जबकि इस वर्ष 50 से अधिक देशों के लगभग 800 प्रतिभागी शामिल होंगे।

 

विरासत एवं पर्यटन मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने बताया कि शिल्प महोत्सव में 1200 से अधिक स्टॉल राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बुनकरों, शिल्पकारों तथा पारंपरिक शिल्प प्रदर्शनी एवं बिक्री के लिए आवंटित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि पद्मश्री कैलाश खेर, पंजाबी गायक गुरदास मान, पद्मश्री महाबीर गुड्डू सहित कई प्रख्यात कलाकार अपनी प्रस्तुतियां देंगे।

 

हरियाणवी संस्कृति एवं लोक कला की पुरानी परंपराओं को जीवंत रखने के लिए प्रादेशिक कलाकार विभिन्न मंचों पर प्रस्तुति देंगे, जिनमें इकतारा, सारंगी और ढेरू जैसे पारंपरिक वाद्य यंत्र भी शामिल होंगे। उन्होंने बताया कि मेला परिसर में हर वर्ष बढ़ते पर्यटकों के आवागमन को ध्यान में रखते हुए लगभग पौने पांच करोड़ रुपये की राशि खर्च कर ढांचागत विकास किया गया है। इसमें मेला परिसर का सौंदर्यीकरण, मार्गों का चौड़ीकरण, 127 नए हटों का निर्माण, पुरानी हटों की मरम्मत तथा झूला क्षेत्र का विस्तार शामिल है।

 

कैबिनेट मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार के क्रैश लैंडिंग में असामयिक निधन पर गहरा शोक भी व्यक्त किया।

 

पत्रकार वार्ता में विरासत एवं पर्यटन विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ. अमित कुमार अग्रवाल ने कहा कि सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय हस्तशिल्प मेला केवल एक मेला नहीं, बल्कि राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पहचान वाला आयोजन है। इस मेले में देश के कोने-कोने से कारीगर भाग लेते हैं और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इसकी व्यापक भागीदारी रहती है। उन्होंने बताया कि मेले में शिल्प उत्पादों की निरंतर मांग और विविधता देखने को मिलती है।

 

डॉ. अमित कुमार अग्रवाल ने कहा कि सूरजकुंड मेला किसी व्यावसायिक उद्देश्य से नहीं, बल्कि शिल्पकारों और उनकी शिल्प कला को बढ़ावा देने के लिए आयोजित किया जाता है। यह आयोजन आत्मनिर्भरता को सशक्त करता है, निर्यात क्षमता को बढ़ाता है और स्थानीय उत्पादों को वैश्विक मंच प्रदान करते हुए “लोकल से ग्लोबल” की अवधारणा को साकार करता है।

 *जीटी रोड पर ढाबों में जल संरक्षण व प्रदूषण नियंत्रण नियमों का कड़ाई से पालन जरूरी: राव नरबीर सिंह*

*मुरथल के ढाबा संचालकों के साथ वन एवं पर्यावरण मंत्री की अहम बैठक*

 

चंडीगढ़, 28 जनवरी-- हरियाणा के वन एवं पर्यावरण मंत्री श्री राव नरबीर सिंह ने जीटी रोड, विशेषकर मुरथल क्षेत्र के ढाबा संचालकों से केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) एवं राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) के दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि पानी के संरक्षण एवं पुनः उपयोग (री-यूज) को सुनिश्चित करने के लिए सभी ढाबों में एसटीपी (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) एवं सीटीपी (कॉमन ट्रीटमेंट प्लांट) की स्थापना अनिवार्य है।

 

श्री राव नरबीर सिंह आज विधायक श्री देवेंद्र कादियान के नेतृत्व में आए मुरथल के ढाबा मालिकों के साथ बुलाई गई बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में उन्होंने स्पष्ट किया कि जो ढाबा संचालक बिना सीएलयू (चेंज ऑफ लैंड यूज) के ढाबा चला रहे हैं, उन्हें नगर निगम से संबंधित टैक्स एवं अन्य वैधानिक शुल्क से जुड़े सभी आवश्यक दस्तावेज पूर्ण करने होंगे। वहीं, जिन ढाबों के पास सीएलयू स्वीकृत है, उन्हें भी हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सभी नियमों का अनिवार्य रूप से पालन करना होगा, अन्यथा नियमानुसार कार्रवाई एवं जुर्माना लगाया जाएगा।

 

पर्यावरण मंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य किसी भी व्यवसाय को नुकसान पहुंचाना नहीं है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण, जल संसाधनों की सुरक्षा और कानून के तहत सुव्यवस्थित संचालन सुनिश्चित करना है। उन्होंने हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सचिव श्री योगेश कुमार को निर्देश दिए कि इस विषय में बोर्ड के चेयरमैन से शीघ्र बातचीत कर समग्र समाधान की दिशा में आवश्यक कदम उठाए जाएँ।

 

बैठक के दौरान मंत्री को यह भी अवगत कराया गया कि एनजीटी एवं अन्य संबंधित संस्थानों द्वारा निरीक्षण के दौरान जब किसी ढाबे के विरुद्ध क्लोजर आदेश जारी किया जाता है, तो ढाबे के निर्माण की तिथि से लेकर निरीक्षण की तिथि तक की अवधि के आधार पर जुर्माने की गणना की जाती है। इस पर मंत्री ने कहा कि सभी संचालक समय रहते नियमों का पालन करें ताकि किसी प्रकार की दंडात्मक कार्रवाई से बचा जा सके।

 

उन्होंने ढाबा संचालकों से अपील की कि वे स्वेच्छा से पर्यावरण हितैषी उपाय अपनाएं और सरकार व प्रशासन का सहयोग करें, ताकि मुरथल क्षेत्र को स्वच्छ, सुरक्षित एवं पर्यावरण के अनुकूल बनाया जा सके।

 

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