*स्वास्थ्य क्षेत्र में तेज़ी से प्रगति - हरियाणा ने स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ावा देने के लिए बजट का 91 प्रतिशत से अधिक उपयोग किया*
*सरकारी मेडिकल कॉलेजों और ज़िला अस्पतालों में पाँच नई कैथ लैब प्रस्तावित*
*सभी 23 ज़िला अस्पतालों में बढ़ाई जाएँगी एमआरआई सेवाएँ*
चंडीगढ़, 29 जनवरी - हरियाणा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने विभागीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि हरियाणा के स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे में तेजी से विस्तार हो रहा है, विभाग ने 91 प्रतिशत से अधिक पूंजीगत व्यय का उपयोग किया है और राज्य भर में सात नए मेडिकल कॉलेजों का कार्य प्रगति पर है।
वित्त वर्ष 2025-26 की समीक्षा के दौरान विशेष रूप से पूंजीगत व्यय के अंतर्गत उत्साहजनक रुझान सामने आए हैं। कुल 951.51 करोड़ रुपये के आवंटन के मुकाबले 866.96 करोड़ रुपये का उपयोग किया जा चुका है, जिससे 91 प्रतिशत की प्रभावशाली उपयोग दर प्राप्त हुई है। यह उपलब्धि कुशल परियोजना क्रियान्वयन, विवेकपूर्ण वित्तीय प्रबंधन और मज़बूत अंतर-विभागीय समन्वय को दर्शाती है। वहीं, राजस्व मद के अंतर्गत राज्य भर में स्वास्थ्य सेवाओं की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए लगभग 1,173.05 करोड़ रुपये व्यय किए गए हैं।
अतिरिक्त मुख्य सचिव ने कुटैल, करनाल में प्रस्तावित स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय सहित जींद, कैथल, यमुनानगर, सिरसा, सोनीपत (खानपुर कलां) और करनाल में निर्माणाधीन छः नए सरकारी मेडिकल कॉलेजों की प्रगति की समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्माण कार्य में तेज़ी लाकर संस्थानों के शीघ्र संचालन को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। ये संस्थान राज्य में प्रशिक्षित चिकित्सा पेशेवरों की उपलब्धता बढ़ाने के साथ-साथ गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा शिक्षा को हर क्षेत्र तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएँगे।
बैठक में राज्य की प्रमुख निःशुल्क उपचार योजनाओं के अंतर्गत क्लिनिकल अवसंरचना को सुदृढ़ करने पर भी चर्चा हुई। स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच बढ़ाने के उद्देश्य से सरकारी मेडिकल कॉलेजों एवं ज़िला अस्पतालों में पाँच नई कैथ लैब स्थापित करने का प्रस्ताव है। साथ ही, राज्य की डायग्नोस्टिक क्षमताओं को भी सशक्त किया जा रहा है। वर्तमान में 10 अतिरिक्त एमआरआई इकाइयों के लिए टेंडर प्रक्रिया पूर्ण हो चुकी है और शीघ्र ही एमआरआई सेवाएँ राज्य के सभी 23 ज़िला अस्पतालों में उपलब्ध कराई जाएँगी, जिससे उन्नत जांच सुविधाओं तक समान पहुँच मिल सकेगी सुनिश्चित होगी।
हरियाणा ने 22 ज़िलों में सभी नागरिकों को निःशुल्क डायलिसिस सेवाएँ प्रदान कर एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है, जिससे क्रॉनिक किडनी रोग से पीड़ित मरीजों पर आर्थिक बोझ काफी कम हो गया है। इसके अतिरिक्त, चयनित उप-मंडलीय अस्पतालों में भी डायलिसिस सेवाओं के विस्तार की योजना पर कार्य किया जा रहा है।
इसके अलावा, राज्य में 17 सीटी स्कैन सुविधाएँ संचालित हैं, जबकि चार अतिरिक्त सीटी स्कैन मशीनों के लिए टेंडर प्रक्रिया अंतिम चरण में है। तृतीयक स्वास्थ्य सेवाओं को और सुदृढ़ करते हुए अंबाला कैंट में अटल कैंसर केयर सेंटर (एसीसीसी) को एडवांसड कैंसर उपचार सेवाएं प्रदान करने के लिए चालू कर दिया गया है। साथ ही, PET स्कैन और SPECT सुविधाओं की स्थापना हेतु टेंडर आमंत्रित किए गए हैं। ये सभी पहलें मिलकर गंभीर एवं तृतीयक स्वास्थ्य सेवाओं को मज़बूत करने के लिए हरियाणा की दृढ़ प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं।
*राजस्व विभाग ज्यादा कीमत वाली प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन की लम्बित पेन डिटेल्स तुरन्त जमा करवाएं*
चंडीगढ़, 29 जनवरी - हरियाणा के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की वितायुक्त डॉ. सुमिता मिश्रा ने सभी जिला उपायुक्तों को निर्देश दिये है कि वे प्रदेश में ज्यादा कीमत वाली प्रॉपर्टी रजिस्ट्री के मामलों में लम्बित परमानेंट अकाउंट नंबर की डिटेल्स तुरंत जमा करवाना सुनिश्चित करें।
वितायुक्त राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग डॉ. सुमिता मिश्रा द्वारा जारी निर्देशानुसार भारत सरकार के आयकर विभाग ने वित्तीय वर्ष 2019-20 से 2024-25 की अवधि के लिए 30 लाख रुपये से अधिक के रजिस्ट्री लेनदेन में शामिल सभी खरीदारों और विक्रेताओं के पेन डिटेल्स मांगे हैं।
उन्होंने बताया कि वेब-हैलरिस पोर्टल से एकत्र डेटा निकाल कर पहले ही उपलब्ध करवा दिया गया है। तहसीलदारों को निर्देश दिये गये है कि वे अपने सीआरओ लॉगिन के जरिए डेटा एक्सेस करें और उन मामलों की विशेषकर पहचान करें जहां लेनदेन की कीमत तय सीमा से ज्यादा होने के बावजूद पेन डिटेल्स दर्ज नहीं करवाए गए हैं।
वित्तायुक्त ने सभी जिला उपायुक्तों को निर्देश दिए हैं कि वे संबंधित तहसीलदारों से उपलब्ध डेटा को तुरंत वेरीफाई करें और यह सुनिश्चित करें कि सभी लंबित पेन डिटेल्स आयकर विभाग में प्राथमिकता के आधार पर तुरंत प्रभाव से जमा करवाई जाएं।
उन्होंने बताया कि आयकर विभाग ने बल्लभगढ़, तिगांव, दयालपुर, पलवल, खरखौदा, वजीराबाद, मानेसर, फर्रुखनगर तहसीलों के लिए विशेषकर वित वर्ष 2019-20 का डेटा लम्बित पाया है। इसलिए संबंधित उपायुक्त इन आदेशों की अनुपालना में कड़ी नजर रखते हुए आवश्यक जानकारी बिना किसी देरी के उपलब्ध करवाना सुनिश्चित करे।
*खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग मंत्री राजेश नागर की अध्यक्षता में जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की हुई बैठक*
*बैठक में 17 मामलों में से 11 शिकायतों का मौके पर ही किया समाधान*
*मंत्री राजेश नागर ने डीएफएससी के पत्र का जवाब न देने वाले इंस्पेक्टर रविंद्र को सस्पेंड करने के दिए आदेश*
चंडीगढ़, 29 जनवरी - हरियाणा के खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले मंत्री श्री राजेश नागर ने डीएफएससी के पत्र का जवाब न देने वाले इंस्पेक्टर रविंद्र को सस्पेंड करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि डीएफएससी के पत्र का यदि कोई इंस्पेक्टर जवाब ना दें और प्रार्थी को बार - बार पत्र लिखना पड़े, तो यह सरासर गलत है। उन्होंने डीएफएससी को यह भी निर्देश दिए कि इंस्पेक्टर रविंद्र, इंस्पेक्टर नवीन एवं अशोक के मामले में विभाग की कानूनी राय लेकर तीनों के खिलाफ पुलिस में शिकायत देकर केस दर्ज करवाया जाए।
मंत्री श्री राजेश नागर वीरवार को कुरुक्षेत्र में आयोजित जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। श्री नागर ने बैठक में 17 मामलों की सुनवाई करते हुए 11 शिकायतों का मौके पर ही समाधान करवा दिया। बचे हुए 6 मामलों को संबंधित अधिकारियों को जांच करने के आदेश देते हुए आगामी बैठक तक लंबित रखा गया।
*6 से 8 फरवरी तक राज्य स्तरीय पशुधन प्रदर्शनी का आयोजन कुरुक्षेत्र में किया जाएगा*
चण्डीगढ़, 29 जनवरी - हरियाणा पशुपालन एवं डेयरी विभाग द्वारा कुरुक्षेत्र में 06 फरवरी से 08 फरवरी, 2026 तक तीन दिवसीय 41वीं राज्य स्तरीय पशुधन प्रदर्शनी का आयोजन किया जाएगा। इस राज्य स्तरीय प्रदर्शनी में प्रदेशभर से लगभग 1500 उन्नत नस्ल के पशु विभिन्न श्रेणियों में भाग लेंगे।
पशुपालन एवं डेयरी विभाग के प्रवक्ता ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि इस प्रदर्शनी का मुख्य उद्देश्य उत्तम नस्ल के पशुओं का प्रदर्शन कर नस्ल सुधार के लिए पशुपालकों को प्रेरित करना तथा दूध उत्पादन में वृद्धि कर किसानों की आय बढ़ाना है।
उन्होंने विभाग के सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में पशुपालकों से आग्रह करें कि वे अपने उत्तम नस्ल के पशुओं का विवरण संबंधित पशु चिकित्सक को उपलब्ध कराएं तथा पशु प्रवेश याचिका समय रहते पूर्ण करें।
प्रवक्ता ने बताया कि प्रदर्शनी में मुर्रा भैंस, देसी नस्ल की गायें (हरियाणा, साहीवाल, गिर, थारपारकर, साही, बेलाही), क्रॉस ब्रीड गाय, घोड़े व गधे, ऊंट, भेड़ (नाली नस्ल), हिसार डेल नस्ल, बकरी एवं गौशाला पशु भाग लेंगे।
उन्होंने बताया कि प्रदर्शनी के दौरान चयनित सर्वश्रेष्ठ पशुओं को नकद पुरस्कार एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा। पशु मालिकों को प्रदर्शनी में भाग लेने के लिए अपने साथ आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक पासबुक, फसल चेक तथा परिवार पहचान पत्र अनिवार्य रूप से लाने होंगे।
*महाराष्ट्र की राजनीति के लिए अपूर्णीय क्षति - मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी*
*मुख्यमंत्री ने अजीत पवार के निधन पर जताया गहरा दुख*
*परिजनों, सहयोगियों एवं समर्थकों के साथ हैं उनकी संवेदनाएं*
चण्डीगढ, 29 जनवरी-- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री श्री अजीत पवार के निधन पर गहरा दुख जताते हुए कहा कि देश और विशेषकर महाराष्ट्र की राजनीति के लिए अपूरणीय क्षति हुई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार के विमान क्रैश में निधन का समाचार अत्यंत दुखद एवं पीड़ादायक है। इस कठिन समय में उनकी संवेदनाएं उनके परिजनों, सहयोगियों एवं समर्थकों के साथ हैं। परमात्मा उनको श्रीचरणों में स्थान दें और पीड़ित परिवार को दुख सहने की शक्ति और धैर्य प्रदान करे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि श्री पवार राजनीति में बहुत ही सुलझे हुए व्यक्ति थे और उनका जमीनी स्तर पर मजबूत जुड़ाव था। उनकी मिलनसार शैली लोगों को सदैव स्मरणीय रहेगी।
*लोकहित के कार्य सरकार की प्राथमिकता : श्याम सिंह राणा*
*चरखी दादरी में जिला लोक संपर्क एवं परिवेदना समिति की बैठक की अध्यक्षता की*
चंडीगढ़ , 29 जनवरी - हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि प्रदेश सरकार ने जनता की भलाई के लिए अनेक जनकल्याणकारी योजनाएं चलाई हुई है। आगामी बजट को लेकर स्वयं मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी गंभीर है। लोगों के हित को ध्यान में रखते हुए बजट पेश किया जाएगा। किसानों के लिए भी बजट में बेहतरीन योजनाएं लाएंगे। उन्होंने कहा कि सरकार ने जैविक एवं ऑर्गेनिक खेती का 20% तक लक्ष्य निर्धारित कर रखा है।
श्री राणा आज चरखी दादरी में जिला लोक संपर्क एवं परिवेदना समिति की बैठक की अध्यक्षता करने के बाद पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
कृषि मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के कुशल नेतृत्व में जन शिकायतों के त्वरित, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण निवारण के लिए हमारी सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि परिवेदना समिति की मासिक बैठकें शासन और नागरिकों के बीच सीधा संवाद स्थापित करने का सशक्त मंच हैं, जहां आमजन अपनी समस्याएं सीधे प्रशासन के समक्ष रख सकते हैं। परिवादी की समस्या का समाधान करना हमारी प्राथमिकता है। सरकार जनकल्याण के लिए है और सरकार जनता की सुविधा के लिए कार्य कर रही है।
इस बैठक में कुल 12 शिकायतें सुनवाई के लिए रखी गईं, जिनमें से 10 मामलों का मौके पर ही समाधान कर दिया गया, जबकि शेष दो परिवादों को आगामी सुनवाई हेतु लंबित रखा गया। इन शिकायतों के अतिरिक्त अन्य मौजूद नागरिकों की समस्याओं को भी सुना गया और अधिकारियों दिशा-निर्देश दिए गए।
उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि शिकायतों की जांच प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता बरती जाए तथा शिकायतकर्ता को हर चरण में शामिल रखा जाए, ताकि समाधान प्रभावी एवं संतोषजनक हो।
*कुष्ठ रोगियों के साथ भेदभाव खत्म करें, गरिमा सुनिश्चित करें : आरती सिंह राव*
*आज से 13 फरवरी तक चलेगा "स्पर्श कुष्ठ जागरूकता अभियान"*
*हरियाणा के सभी सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में कुष्ठ रोगियों का किया जाता है मुफ्त इलाज*
*हरियाणा को कुष्ठ रोग-मुक्त बनाने का लक्ष्य*
चंडीगढ़, 29 जनवरी - हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने प्रदेश के लोगों से आह्वान किया कि कुष्ठ रोगियों के साथ भेदभाव खत्म करें तथा उनकी गरिमा सुनिश्चित करें। उन्होंने बताया कि "स्पर्श कुष्ठ जागरूकता अभियान" कल 30 जनवरी से शुरू होकर 13 फरवरी तक चलेगा।
स्वास्थ्य मंत्री ने महात्मा गांधी की पुण्यतिथि 30 जनवरी के अवसर पर उनको नमन करते हुए कहा कि महात्मा गांधी को कुष्ठ रोग से प्रभावित लोगों के प्रति गहरा प्यार और करुणा थी। उनका मानना था कि कुष्ठ रोग न तो कोई अभिशाप है और न ही कोई पाप, बल्कि यह एक आम बीमारी है। इसलिए, उन्होंने व्यक्तिगत रूप से सेवाग्राम आश्रम में कुष्ठ रोगियों की सेवा की, उनके घावों की देखभाल की, और उनके साथ रहे, ताकि समाज यह समझ सके कि हमें बीमारी से लड़ना है, रोगी से नहीं।
आरती सिंह राव ने बताया कि "स्पर्श कुष्ठ जागरूकता अभियान" वर्ष 2017 से हर साल राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम के तहत आयोजित किया जा रहा है। हर साल, भारत सरकार इस अभियान के लिए एक खास थीम तय करती है। वर्ष 2026 की थीम है "भेदभाव खत्म करें, गरिमा सुनिश्चित करें।"
उन्होंने कहा, "कुष्ठ रोग के बारे में सही जानकारी की कमी के कारण, समाज में इस बीमारी के बारे में कई गलतफहमियां अभी भी मौजूद हैं। इन गलतफहमियों को दूर करने और जागरूकता फैलाने के लिए, "स्पर्श कुष्ठ जागरूकता अभियान (SLAC)" 30 जनवरी से 13 फरवरी 2026 तक चलाया जा रहा है। इस अभियान का उद्देश्य कुष्ठ रोग से प्रभावित लोगों के प्रति सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित करना और किसी भी प्रकार के भेदभाव को रोकना है।
आरती सिंह राव ने आगे कहा कि कुष्ठ रोग एक आम बीमारी है जो बैक्टीरिया (माइकोबैक्टीरियम) के कारण होती है, जो मुख्य रूप से त्वचा और नसों को प्रभावित करती है। यह सबसे कम संक्रामक बीमारियों में से एक है - यह आम सर्दी और खांसी से भी कम संक्रामक है। यह किसी भी उम्र के लोगों को प्रभावित कर सकता है, चाहे वे पुरुष हों या महिला। अगर इस बीमारी का समय पर इलाज न किया जाए, तो यह एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैल सकती है और विकलांगता का कारण बन सकती है। हालांकि, अगर इलाज समय पर शुरू हो जाए, तो संक्रमण के फैलने को रोका जा सकता है।
उन्होंने कहा कि कुष्ठ रोग से प्रभावित व्यक्ति पूरी तरह से सामान्य जीवन जी सकता है। अगर शुरुआती चरण में पता चल जाए, तो मल्टी-ड्रग थेरेपी (MDT) से कुष्ठ रोग को पूरी तरह से ठीक किया जा सकता है। यह बीमारी 6 से 12 महीने के इलाज से पूरी तरह ठीक हो जाती है। हरियाणा के सभी सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में मुफ्त इलाज उपलब्ध है। पिछले 10 सालों में, राज्य में कुष्ठ रोग से प्रभावित 4,371 लोगों ने इलाज पूरा कर लिया है और वे अपने परिवारों के साथ सामान्य जीवन जी रहे हैं। जिस तरह राज्य चेचक-मुक्त और पोलियो-मुक्त हो गया है, उसी तरह आने वाले सालों में हरियाणा को कुष्ठ रोग-मुक्त बनाने का लक्ष्य है।
स्वास्थ्य मंत्री ने जनता से अपील की है कि वे कुष्ठ रोग से जुड़ी भ्रांतियों को दूर करें, इस बीमारी से प्रभावित लोगों के साथ भेदभाव खत्म करें, और यह सुनिश्चित करें कि उनके साथ सम्मान से पेश आया जाए।
हरियाणा के स्वास्थ्य सेवा महानिदेशक डॉ. मनीष बंसल ने कहा कि स्वास्थ्य कार्यकर्ता संदिग्ध मामलों की जल्द पहचान करने के लिए घर-घर जाकर सर्वे करते हैं। त्वचा पर हल्के पीले, लाल या तांबे के रंग के धब्बे जिनमें सुन्नपन हो, वे कुष्ठ रोग के लक्षण हो सकते हैं। अगर ऐसे लक्षण दिखें, तो तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करना चाहिए। इलाज में देरी से विकलांगता हो सकती है। अगर आपको अपने आस-पास किसी में कुष्ठ रोग के लक्षण दिखें, तो उन्हें नजदीकी स्वास्थ्य सुविधा केंद्र ले जाएं। जो व्यक्ति अधिकारियों को किसी संदिग्ध मामले के बारे में सूचित करता है और बाद में उसकी पुष्टि हो जाती है, उसे ₹250 का नकद प्रोत्साहन दिया जाता है।
डॉ. मनीष बंसल ने आगे बताया कि वर्तमान में, हरियाणा में 338 कुष्ठ रोगी इलाज करवा रहे हैं, जिनमें से अधिकांश पड़ोसी राज्यों के हैं। सभी जिलों के सरकारी अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (CHC) और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHC) में कुष्ठ रोग की दवाएं मुफ्त में दी जाती हैं। इसके अलावा, जरूरत के अनुसार माइक्रो सेलुलर रबर (MCR) के जूते, सहायक दवाएं, कैलिपर्स, बैसाखी और सेल्फ-केयर किट भी मुफ्त में दिए जाते हैं।