मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की पानीपत के विभिन्न उद्योगों से जुड़े प्रतिनिधियों की प्री बजट बैठक में अहम घोषणा
पानीपत में स्थापित होगा अंतर्राष्ट्रीय स्तर का टैक्सटाईल संस्थान
10 एकड़ जमीन एचएसआईआईडीसी को करवाई जाएगी उपलब्ध
मुख्यमंत्री ने हितधारकों से कहा— सरकार नहीं अपितु जनता का बजट समझकर दें सुझाव
हरियाणा आत्मनिर्भर टेक्सटाइल पॉलिसी की अवधि को भी बढ़ाकर आगामी 18 दिसंबर, 2026 तक किया गया
चंडीगढ़, 21 जनवरी — हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि पानीपत बुनकरों की और ऐतिहासिक नगरी है जहां का कपड़ा उद्योग हरियाणा के साथ-साथ पूरे भारत में नाम रौशन कर रहा है। पानीपत आज तेज गति से खाद्य प्रसंस्करण केन्द्र के रूप में भी तेजी से उभर रहा है। इसी को देखते हुए विभिन्न उद्योग संगठनों की मांग पर पानीपत में अंतर्राष्ट्रीय स्तर का टैक्सटाईल संस्थान बनाया जाएगा, जिसके लिए 10 एकड़ जमीन उपलब्ध करवाई जाएगी। इस संस्थान में अंतर्राष्ट्रीय स्तर के मानकों पर तकनीकी दक्षता उपलब्ध करवाई जाएगी।
मुख्यमंत्री बुधवार को पानीपत में आयोजित पानीपत, सोनीपत, और करनाल में टेक्सटाइल, फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्री और विभिन्न उद्योगों से जुड़े प्रतिनिधियों से बजट पूर्व परामर्श बैठक में उपस्थित उद्योगपतियों को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि विभिन्न उद्योग संगठनों की मांग पर हरियाणा आत्मनिर्भर टेक्सटाइल पॉलिसी की अवधि को एक वर्ष के लिए बढ़ाकर 18 दिसंबर, 2026 तक कर दिया है।
श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि आज फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्री पूरे प्रदेश में किसानों और उपभोक्ताओं के बीच एक मजबूत सेतु का कार्य कर रही है। किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य दिलाने, उन्हें आधुनिक तकनीक से जोड़ने और कृषि को लाभकारी व्यवसाय बनाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के फार्म टू फाईबर, फाईबर टू फैक्ट्री, फैक्ट्री टू फैशन और फैशन टू फोर्न फाइव-एफ के मंत्र का भी जिक्र किया और कहा कि हरियाणा में भी इसी फाइव-एफ विजन को साकार करने के लिए प्रतिबद्ध है। पूंजीगत निवेश सब्सिडी के तहत अब मामलों की संख्या पर कोई सीमा नहीं रहेगी। अब जितने भी योग्य उद्यमी आएंगे, सरकार उन सबकी मदद करेगी।
उन्होंने कहा कि हरियाणा आत्मनिर्भर टैक्सटाईल पॉलिसी के तहत 354 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनके लिए 367 करोड़ रुपये की ग्रांट स्वीकृत की जा चुकी है। यह पॉलिसी सभी उद्यमियों के विश्वास का प्रतीक है। आज दुनिया केमिकल-मुक्त और प्राकृतिक रंगों वाले कपड़ों की मांग कर रही है। उन्होंने विश्वास व्यक्त करते हुए कहा कि जिला पानीपत इस दिशा में ग्लोबल लीडर बन सकता है और यहां के लोग अब केवल पारंपरिक काम नहीं कर रहे, बल्कि वेस्ट टू वेल्थ और पेट टू फाईबर तथा एंटी बैक्टीरियल टॉवल्स जैसे नए प्रयोग कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने सभी निर्यातकों से आग्रह किया कि केवल पारंपरिक माल नहीं बेचना है, हमें विश्व बाजार की संस्कृति और मांग को समझना है। पानीपत का कपड़ा जब यूरोप या अमेरिका जाए, तो उस पर लिखा मेड इन इंडिया और मेड इन हरियाणा दुनिया के लिए गुणवत्ता की गारंटी बन जाए। इसके लिए, मेडिकल टेक्सटाइल और टेक्निकल टेक्सटाइल जैसे नए क्षेत्रों में रिसर्च करनी होगी। इसके लिए बजट में विशेष पर्याप्त प्रावधान किए जा रहे हैं। हरियाणा में नेशनल टेक्निकल टेक्सटाइल मिशन के साथ मिलकर नई मशीनरी और ट्रेनिंग के लिए सब्सिडी दे रहे हैं। बजट 2025-26 में प्रदेश सरकार ने महिलाओं के कौशल विकास के लिए विशेष फंड का प्रावधान किया था ताकि महिला श्रमिक केवल मजदूर न रहें, बल्कि वे डिजाइनिंग और मैनेजमेंट में भी आगे आएं। पिछले 10 वर्षों में टेक्सटाइल में एफ.डी.आई. दोगुणा हुआ है। भविष्य में पानीपत, गुरुग्राम और फरीदाबाद द्वारा मिलकर हरियाणा को ग्लोबल एक्सपोर्ट हब बनाने की दिशा में काम किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि आज उच्च कोटि के खाद्य पदार्थों की मांग निरंतर बढ़ रही है। इस मांग को पूरा करने के लिए खाद्य प्रसंस्करण उद्योग को अधिक व्यापक बनाने की जरूरत है। आज देश में फूड प्रोसेसिंग उद्योग बढ़कर लगभग 35 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। यह वर्ष 2032 तक बढ़कर लगभग 73 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच जाएगा। इसलिए, इस उद्योग में निवेश व विकास की व्यापक संभावनाएं हैं। हरियाणा में 28 हजार से अधिक फूड प्रोसेसिंग यूनिट लग चुकी हैं। उन्होंने कहा कि हरियाणा में इस इंडस्ट्री के लिए अपार संभावनाएं हैं। प्रदेश सरकार ने फूड प्रोसेसिंग व्यवसाय को पूंजी निवेश सब्सिडी प्रदान करने के लिए 12 जून, 2019 को चार प्रमुख बुनियादी ढांचा योजनाएं अधिसूचित की हैं। इनमें पहली योजना में फूड प्रोसेसिंग इकाइयों की स्थापना, विस्तार व विविधीकरण के लिए सब्सिडी की व्यवस्था की गई है। इसके तहत परियोजना लागत पर 25 प्रतिशत की पूंजी निवेश सब्सिडी प्रदान की जाती है। यह सब्सिडी ए व बी ब्लॉक में 50 लाख रुपये और सी व डी ब्लॉक में 1 करोड़ रुपये मिलती है। दूसरी योजना, बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज योजना है। इसके तहत परियोजना लागत पर 50 प्रतिशत की पूंजी निवेश सब्सिडी प्रदान की जाती है। यह सब्सिडी ए व बी ब्लॉक में 2 करोड़ 50 लाख रुपये तक तथा सी व डी ब्लॉक में 3 करोड 50 लाख रुपये तक दी जाती है।
रेफर व्हीकल और किसी अन्य चल बुनियादी ढांचे के लिए यह सहायता पूंजी निवेश का 50 प्रतिशत है, जो कि प्रत्येक परियोजना के लिए 50 लाख रुपये तक है। तीसरी योजना में, एकीकृत कोल्ड चेन एवं वैल्यू एडिशन इंफ्रास्ट्रक्चर पर सब्सिडी दी जाती है। इसके तहत परियोजना लागत पर 35 प्रतिशत से लेकर 45 प्रतिशत तक सब्सिडी प्रदान की जाती है। यह सब्सिडी भंडारण के बुनियादी ढांचे, पैकेजिंग हाउसिज, परिवहन के बुनियादी ढांचे, मूल्य संवर्धन और प्रसंस्करण बुनियादी ढांचे के लिए 5 करोड़ रुपये तक हो सकती है। चौथी योजना, एकीकृत मिनी फूड पार्क योजना है। इसके तहत परियोजना लागत पर 50 प्रतिशत की दर से पूंजी निवेश सब्सिडी प्रदान की जाती है। यह सब्सिडी केवल सी और डी श्रेणी के ब्लॉक में 10 करोड़ रुपये तक दी जाती है। आज जब हम विकसित भारत-विकसित हरियाणा के विजन को साकार करने के लिए गति से बढ़ रहे हैं, तो उसकी असली ताकत इंडस्ट्रियल सेक्टरल एसोसिएशनों में छिपी है जो नीति और जमीनी हकीकत के बीच सेतु हैं। इन सभी की समस्याओं का समाधान सरकार की प्राथमिकता है और इन द्वारा दिए गए सुझाव सरकार के मार्गदर्शक का काम करेंगें।
मुख्यमंत्री ने आश्वस्त करते हुए कहा कि सभी सुझावों पर गम्भीरता के साथ काम किया जाएगा। उन्होंने उपस्थित लोगों से अनुरोध किया कि जब विधानसभा में बजट 2026-27 कि प्रस्तुति हो तो वे उसे अवश्य सुनें। जिन के बहुमूल्य सुझाव बजट 2026-27 में शामिल किए जाएंगे, उन सभी को सरकार की ओर से विधानसभा की कार्यवाही देखने का विशेष निमंत्रण भेजा जाएगा।
इस मौके पर विकास एवं पंचायत मंत्री श्री कृष्णलाल पंवार, उद्योग मंत्री राव नरवीर, शिक्षा मंत्री श्री महीपाल ढांडा, कृषि मंत्री श्री श्याम सिंह राणा, खाद्य एवं आपूर्ति राज्य मंत्री श्री राजेश नागर, पानीपत शहरी विधायक श्री प्रमोद विज, मेयर कोमल सैनी, मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव श्री राजेश खुल्लर, प्रधान सचिव श्री अरूण गुप्ता, उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ अमित अग्रवाल सहित विभिन्न प्रशासनिक अधिकारी और उद्योग जगत से जुड़े प्रतिनिधि शामिल रहे।
20 फरवरी तक फिर खुलेगा एचकेआरएनएल पोर्टल
अनुबंध कर्मचारियों का डेटा होगा पोर्ट
चंडीगढ़, 21 जनवरी—हरियाणा सरकार ने विभिन्न विभागों, बोर्डों और निगमों की ओर से प्राप्त निरंतर अनुरोधों को ध्यान में रखते हुए हरियाणा कौशल रोजगार निगम लिमिटेड (एचकेआरएनएल) के पोर्टल को पुनः खोलने का निर्णय लिया है, ताकि पात्र अनुबंध कर्मचारियों का डेटा दोबारा स्थानांतरित (पोर्ट) किया जा सके।
मुख्य सचिव कार्यालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार, 20 फरवरी, 2026 तक एक अलग विंडो खोली जाएगी। यह विंडो विभागों, बोर्डों और निगमों के केवल उन अनुबंध कर्मचारियों के लिए होगी, जिनकी स्वीकृति अनुबंध कर्मियों की तैनाती नीति, 2022 के प्रावधानों के तहत वित्त विभाग से पहले ही प्राप्त हो चुकी है। संबंधित विभाग द्वारा वित्त विभाग से प्राप्त स्वीकृति की प्रति एचकेआरएनएल पोर्टल पर अपलोड किए जाने के उपरांत ही उस विभाग के लिए पोर्टल खोला जाएगा।
एचकेआरएनएल पोर्टल उन अनुबंध कर्मचारियों का विवरण अपलोड करने के लिए पुनः खोला जाएगा, जिन्हें 31 मार्च, 2022 या उससे पूर्व नियुक्त किया गया था और जो वर्तमान में सेवा में कार्यरत हैं। यह कदम ऐसे कर्मचारियों को हरियाणा अनुबंध कर्मचारी सेवा सुरक्षा अधिनियम, 2024 के अंतर्गत प्रदान किए जाने वाले लाभ सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाया गया है।
गौरतलब है कि इससे पूर्व 13 अगस्त, 2024 को जारी निर्देशों के तहत एचकेआरएनएल पोर्टल को 30 सितंबर, 2024 तक खोला गया था और सभी विभागों, बोर्डों और निगमों को निर्धारित अवधि के भीतर डाटा अपलोड करने के लिए कहा गया था।
स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने किए लगभग 3 करोड़ के शिलान्यास व उद्घाटन
हरियाणा हेल्थ हब बनने की राह पर है अग्रसर-आरती सिंह राव
चंडीगढ़, 21 जनवरी- हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में प्रदेश के स्वास्थ्य बजट का एक-एक पैसा जनता की भलाई और अत्याधुनिक सुविधाओं पर खर्च किया जा रहा है। हरियाणा अब हेल्थ हब बनने की राह पर तेजी से अग्रसर है।
स्वास्थ्य मंत्री आज नारनौल के अटेली हलके में विभिन्न विकास कार्यों के उद्घाटन व शिलान्यास के मौके पर जनसभा को संबोधित कर रही थीं।
इस दौरान उन्होंने लगभग 3 करोड़ रुपए के विकास कार्यों का उद्घाटन और शिलान्यास किया गया। उन्होंने गांव सराय, सुरानी और गुजरवास को 8–8 लाख रुपये तथा छापड़ा सलीमपुर और खोड़ के विकास के लिए 10–10 लाख रुपये की घोषणा की।
उन्होंने ग्रामीणों से सीधा संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को समाधान के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
मंत्री ने कहा कि अटेली की जनता ने उन पर और प्रदेश की भाजपा सरकार पर जो विश्वास जताया है, वही उनके लिए सबसे बड़ी प्रेरणा है।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि कोरियावास मेडिकल कॉलेज में सीनियर रेजिडेंट डॉक्टर्स के 68 पदों के लिए साक्षात्कार चल रहे हैं।
उन्होंने कहा कि क्षेत्र का सर्वांगीण विकास, बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं और मूलभूत सुविधाओं को हर घर तक पहुंचाना उनकी पहली प्राथमिकता है। चुनाव के दौरान किए गए सभी वादों को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा।
आरटीएस आयोग ने जेई पर लगाया जुर्माना, शिकायतकर्ता को क्षतिपूर्ति के दिए आदेश
चंडीगढ़, 21 जनवरी - हरियाणा सेवा का अधिकार आयोग ने हिसार जिले के गांव कोथ कलां निवासी श्री ओम सिंह द्वारा दायर शिकायत से संबंधित एक पुनरीक्षण मामले में सुनवाई के उपरांत विस्तृत आदेश पारित किए हैं। आयोग के प्रवक्ता ने बताया शिकायत बिजली कनेक्शन से जुड़े प्रकरण में अनुचित देरी, गलत एवं अत्यधिक अनुमान तैयार किए जाने तथा समयबद्ध सेवा प्रदान न किए जाने से संबंधित थी, जिसके कारण शिकायतकर्ता को अनावश्यक रूप से परेशान होना पड़ा।
आयोग ने मामले के सभी तथ्यों एवं परिस्थितियों पर विचार करते हुए पाया कि अधीक्षण अभियंता (एसई) द्वारा की गई कार्रवाई उपयुक्त थी। अतः उनके विरुद्ध जारी नोटिस को समाप्त करने का निर्णय लिया गया है।
हालांकि, कार्यकारी अभियंता (एक्सईएन) द्वारा शिकायत के निस्तारण में गंभीर लापरवाही पाई गई। आयोग ने इसे अधिनियम की मंशा के विपरीत मानते हुए एक्सईएन को अंतिम चेतावनी जारी की है तथा भविष्य में किसी भी प्रकार की कमी पाए जाने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की संस्तुति किए जाने की चेतावनी दी है।
तत्कालीन एसडीओ द्वारा प्रस्तुत स्पष्टीकरण को आयोग ने पूर्णतः संतोषजनक नहीं माना। अधिकारी से अपेक्षित विवेक एवं सतर्कता का अभाव पाया गया। हालांकि, प्रोबेशन अवधि को ध्यान में रखते हुए आयोग ने उदार दृष्टिकोण अपनाया है, किंतु भविष्य में किसी भी चूक की स्थिति में कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
वहीं, कनिष्ठ अभियंता (जेई) द्वारा निर्देशों के अनुरूप अनुमान तैयार न करने तथा समय पर संशोधित अनुमान प्रस्तुत न किए जाने को गंभीर लापरवाही मानते हुए आयोग ने हरियाणा सेवा का अधिकार अधिनियम, 2014 की धारा 17(1)(ह) के तहत 5,000 रुपए का जुर्माना तथा शिकायतकर्ता श्री ओम सिंह को 1,500 रुपए की क्षतिपूर्ति देने के आदेश दिए हैं। संबंधित अधीक्षण अभियंता को वेतन से राशि की कटौती कर राज्य कोष में जमा कराने एवं क्षतिपूर्ति का भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
इन निर्देशों के साथ आयोग ने यह पुनरीक्षण मामला निस्तारित कर दिया है।
प्री-बजट परामर्श से बनेगा जनभागीदारी वाला बजट, अग्निवीरों के लिए होंगे विशेष प्रावधान : राव नरबीर सिंह
चंडीगढ़, 21 जनवरी-- हरियाणा के सैनिक एवं अर्धसैनिक कल्याण मंत्री श्री राव नरबीर सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी वर्ष 2026–27 के राज्य बजट को लेकर विभिन्न स्टेकहोल्डर्स के साथ प्री-बजट कंसल्टेंट बैठकें कर रहे हैं। इन बैठकों में प्राप्त उपयोगी व व्यावहारिक सुझावों को, पिछले वर्ष की भांति, आगामी बजट में सम्मिलित किया जाएगा। उन्होंने आशा व्यक्त की कि यह बजट जनभागीदारी से तैयार जनहितैषी बजट साबित होगा।
उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष मुख्यमंत्री ने प्रदेश के औद्योगिक विकास को गति देने के लिए 10 नई आईएमटी (IMT) स्थापित करने की घोषणा की थी। इसी क्रम में इस वर्ष भी अग्निवीरों के उज्ज्वल भविष्य को ध्यान में रखते हुए बजट में विशेष प्रावधानों की घोषणा किए जाने की पूरी संभावना है, क्योंकि अग्निपथ योजना के अंतर्गत पहले बैच की सेवा अवधि जुलाई 2026 में पूर्ण होने जा रही है।
सैनिक एवं अर्धसैनिक कल्याण मंत्री ने कहा कि अग्निवीरों के भविष्य को सुरक्षित करने के उद्देश्य से हरियाणा मंत्रिमंडल द्वारा “हरियाणा अग्निवीर नीति–2024” को मंजूरी प्रदान की जा चुकी है, जिसे अगस्त 2026 से प्रभावी रूप से लागू किया जाएगा। इस नीति के माध्यम से अग्निवीरों को सरकारी नौकरियों सहित अन्य क्षेत्रों में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे।
उन्होंने जानकारी दी कि वर्ष 2022–23 में जल, थल एवं वायु सेना के लिए राष्ट्रीय स्तर पर 26,649 अग्नि वीरों की भर्ती का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, जिसमें से हरियाणा से 1,830 अग्नि वीरों की भर्ती हुई। अग्निपथ योजना के तहत 25 प्रतिशत अग्नि वीरों को सेना द्वारा अपनी आवश्यकता के अनुसार नियमित सेवाओं में शामिल किया जाएगा, जबकि शेष 75 प्रतिशत, अर्थात 1,373 अग्निवीर, चार वर्ष की सेवा अवधि पूर्ण कर लौटेंगे, जिन्हें हरियाणा सरकार हरियाणा अग्निवीर नीति–2024 के अंतर्गत समायोजित करेगी।
उन्होंने बताया कि अग्निपथ योजना के तहत चार वर्षों की सेवा अवधि में अग्निवीरों द्वारा फंड में दिए गए 30 प्रतिशत अंशदान तथा भारत सरकार के कॉर्पस फंड के योगदान को मिलाकर अग्निवीरों को लगभग ₹11.71 लाख का सेवा निधि पैकेज प्राप्त होगा। इसके अतिरिक्त, हरियाणा सरकार द्वारा अपनी नीति के तहत हरियाणा पुलिस में कांस्टेबल, जेल वार्डन, फॉरेस्ट गार्ड सहित अन्य पदों पर विशेष आरक्षण दिया जाएगा। यह आरक्षण भूतपूर्व सैनिकों को दिए जा रहे आरक्षण से अलग होगा।
राव नरबीर सिंह ने कहा कि जो अग्निवीर स्वरोजगार या उद्यमिता के क्षेत्र में कदम बढ़ाना चाहते हैं, उनके लिए सरकार द्वारा तीन वर्षों तक ₹5 लाख तक का ब्याज-मुक्त ऋण भी उपलब्ध कराया जाएगा।
उन्होंने आगे बताया कि हरियाणा सरकार ने वर्ष 2016 में भूतपूर्व सैनिकों, अर्धसैनिक बलों एवं उनके आश्रितों के कल्याण के लिए अलग से सैनिक एवं अर्धसैनिक कल्याण विभाग का गठन किया। अक्टूबर 2014 से अब तक 418 शहीदों के आश्रितों को अनुकंपा के आधार पर सरकारी नौकरी प्रदान की जा चुकी है, जो सरकार की सैनिक-हितैषी नीति को दर्शाता है।
राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष ने श्री गुरु तेग बहादुर जी के श्लोकों पर लिखी किताब का विमोचन किया
चण्डीगढ़, 21 जनवरी - हरियाणा के राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष ने बुधवार को लोक भवन में गुरु नानक खालसा कॉलेज, यमुनानगर के प्रिंसिपल डॉ. अरविंदर सिंह भल्ला द्वारा लिखी गई पुस्तक ‘श्री गुरु तेग बहादुर जी के श्लोक-अनंत वास्तविकता की प्राप्ति की ओर एक यात्रा‘ का विमोचन किया।
राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष ने पुस्तक की बौद्धिक और अकादमिक दृष्टिकोण से सराहना करते हुए कहा कि श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी की 350वीं शहादत वर्षगांठ को ध्यान में रखते हुए श्री गुरु तेग बहादुर जी के श्लोकों पर आधारित यह किताब निसंदेह उनके अद्वितीय दर्शन और उनके पवित्र छंदों के गहरे अर्थों को समझने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
राज्यपाल ने यह भी कहा कि डॉ. भल्ला ने यह पुस्तक विद्वतापूर्ण समर्पण और गहरी समझ के साथ लिखी है। उन्होंने कहा कि लेखक ने श्री गुरु तेग बहादुर जी के श्लोकों की समकालीन संदर्भों से जोड़ते हुए अच्छी तरह से व्याख्या की है, जिससे यह पुस्तक शिक्षाविदों और आम पाठकों दोनों के लिए समान रूप से मूल्यवान बन गई है।
एमडीयू की पीजी डिस्टेंस मोड की परीक्षाएं 28 जनवरी से
चंडीगढ़ , 21 जनवरी -- महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (एम.डी.यू.) रोहतक ने जनवरी-फरवरी 2026 में आयोजित होने वाली पीजी डिस्टेंस मोड (ऑनलाइन सहित) थ्योरी परीक्षाओं का शेड्यूल जारी कर दिया है। ये परीक्षाएं 28 जनवरी से शुरू होंगी।
विश्वविद्यालय के प्रवक्ता ने बताया कि पीजी डिस्टेंस मोड (ऑनलाइन सहित)- एम.ए./एम.कॉम./एम.एससी./एम.लिब चौथे सेमेस्टर (री-अपीयर/इम्प्रूवमेंट) की परीक्षाएं 28 जनवरी से, तृतीय सेमेस्टर की परीक्षाएं 29 जनवरी से शुरू होंगी। प्रथम सेमेस्टर (जुलाई नामांकन, एनईपी सहित) की परीक्षाएं 13 फरवरी से तथा द्वितीय सेमेस्टर (री-अपीयर/इम्प्रूवमेंट) की परीक्षाएं 16 फरवरी, 2026 से आयोजित की जाएंगी।
उन्होंने बताया कि ये परीक्षाएं ऑफलाइन और ऑनलाइन दोनों माध्यमों में होंगी। विस्तृत डेटशीट विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर उपलब्ध है और एडमिट कार्ड जल्द जारी किए जाएंगे।
बजट-पूर्व परामर्श बैठक में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी बोले—हरियाणा में स्टार्टअप्स को मिली नई उड़ान
स्टार्टअप इंडिया की ‘रेनबो विजन’ हरियाणा में तेज़ी से लागू
हरियाणा को नवाचार का हब बनाने की दिशा में सरकार की नई पहल
चंडीगढ़, 21 जनवरी — हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने बुधवार को मानेसर में आयोजित बजट-पूर्व परामर्श कार्यक्रम में स्टार्टअप संस्थापकों एवं उद्यमियों के साथ संवाद करते हुए कहा कि युवा इनोवेटर्स और स्टार्टअप्स हरियाणा की अर्थव्यवस्था को नई दिशा दे रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गत 16 जनवरी को ‘राष्ट्रीय स्टार्टअप दिवस’ मनाया गया था और आज का बजट-पूर्व परामर्श उसी उत्सव की कड़ी है। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विचार का उल्लेख करते हुए कहा कि “स्टार्टअप इंडिया" केवल एक सरकारी योजना नहीं है, बल्कि यह एक ‘रेनबो विजन’ है, जो अलग-अलग सेक्टर्स को नई संभावनाओं से जोड़ता है।
उन्होंने कहा कि स्टार्टअप एक विचार है, जिसे मूर्त रूप देना होता है। यह एक छोटा बीज है, जिसे सही सहयोग मिलने पर विशाल वृक्ष बनाया जा सकता है।
इस अवसर पर हरियाणा के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री श्री राव नरबीर सिंह, युवा सशक्तिकरण एवं उद्यमिता राज्य मंत्री श्री गौरव गौतम तथा गुरुग्राम विधायक श्री मुकेश शर्मा उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2047 तक देश को विकसित बनाने के संकल्प के साथ सरकार निरंतर तेज गति से कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि आज देश में बड़े और ऐतिहासिक बदलाव देखने को मिल रहे हैं। चाहे सड़क और परिवहन अवसंरचना (इंफ्रास्ट्रक्चर) का क्षेत्र हो या अन्य विकासात्मक परियोजनाएं, भारत अभूतपूर्व गति से आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ने विकास की नई दिशा पकड़ी है और हर क्षेत्र में प्रगति स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है।
फंडिंग और तकनीकी सहयोग पर जोर
मुख्यमंत्री ने स्टार्टअप संस्थापकों द्वारा दिए गए सुझावों का स्वागत करते हुए कहा कि ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’, ‘फंडिंग’ और ‘तकनीकी सहयोग’ जैसे मुद्दों पर प्राप्त विचारों को नोट किया गया है। उन्होंने कहा, “आइडिया कितना भी छोटा क्यों न हो, यदि उसमें दम है, तो उसे दुनिया बदलने में समय नहीं लगता।”
मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले 10 वर्षों में देश में स्टार्टअप्स की संख्या 500 से बढ़कर 2 लाख से अधिक हो गई है। इसमें हरियाणा का योगदान अग्रणी रहा है, विशेषकर गुरुग्राम और मानेसर का। हरियाणा में अब 9,500 से अधिक स्टार्टअप्स हैं और राज्य इस मामले में देश में सातवें स्थान पर है। साथ ही, हरियाणा से 19 यूनिकॉर्न्स भी सामने आए हैं।
हरियाणा ए.आई. मिशन, रिसर्च फंड और फंड ऑफ फंड्स का गठन
मुख्यमंत्री ने बजट 2025-26 में उठाए गए प्रमुख कदमों की जानकारी देते हुए कहा कि भविष्य आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का है। इसी दृष्टि से हरियाणा सरकार द्वारा ‘हरियाणा ए.आई. मिशन’ की स्थापना का प्रस्ताव किया गया है, जिसके लिए विश्व बैंक से 474 करोड़ रुपये की सहायता का आश्वासन मिला है। इसके तहत गुरुग्राम और पंचकूला में एक-एक ए.आई. हब स्थापित किए जाएंगे, जहां 50 हजार युवाओं को नई तकनीकों में प्रशिक्षित किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में शोध को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 20 करोड़ रुपये के शुरुआती कोष से ‘हरियाणा स्टेट रिसर्च फंड’ की स्थापना की गई है। इसके साथ ही 2,000 करोड़ रुपये का ‘फंड ऑफ फंड्स’ भी बनाया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्टार्टअप्स को प्रोत्साहित करने के लिए HSIIDC के माध्यम से प्रति स्टार्टअप 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता तथा ‘मुख्यमंत्री कौशल सम्मान योजना’ शुरू की गई है। हरियाणा में ‘हरियाणा राज्य स्टार्टअप नीति-2022’ लागू है और हाल ही में 22 स्टार्टअप्स को 1 करोड़ 14 लाख रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अब स्टार्टअप संस्कृति केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं रहेगी। आगामी शैक्षणिक सत्र से हर जिले में ‘उद्यमिता प्रतियोगिताएं’ आयोजित की जाएंगी, जिनमें चयनित टीमों को अपने आइडिया को ‘बिजनेस मॉडल’ में बदलने के लिए सरकार द्वारा एक लाख रुपये की सहायता राशि दी जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मानेसर के औद्योगिक हब होने को देखते हुए HSIIDC के सभी औद्योगिक एस्टेट्स में ‘इन्क्यूबेशन सेंटर्स’ स्थापित किए जाएंगे, ताकि स्टार्टअप्स को सस्ती दरों पर कार्यस्थल उपलब्ध कराया जा सके। HSIIDC द्वारा इसके लिए तीन IMT क्षेत्रों में भूमि भी चिन्हित कर ली गई है।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री के विचार को दोहराते हुए कहा कि “रिस्क टेकिंग" अब मेनस्ट्रीम बन गई है। पहले लोग जोखिम लेने से डरते थे, लेकिन आज जोखिम न लेना ही सबसे बड़ा जोखिम माना जाता है।”
मुख्यमंत्री ने गर्व व्यक्त किया कि हरियाणा में 50 प्रतिशत से अधिक स्टार्टअप्स में कम से कम एक महिला डायरेक्टर है और सरकार महिला उद्यमियों को हर कदम पर सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा कि देश के विभिन्न क्षेत्रों में कार्य कर रहे स्टार्टअप्स और युवा इनोवेटर्स नए भारत की पहचान हैं। चाहे स्पेस सेक्टर हो या डिफेंस सेक्टर, हरियाणा के युवा हर क्षेत्र में अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने सभी से अनुरोध किया कि अगले 8 से 10 दिनों के भीतर अपने सुझाव चैटबॉट के माध्यम से भेजें और जब विधानसभा में बजट 2026-27 प्रस्तुत किया जाएगा, तो उसे अवश्य सुनें।
उन्होंने कहा कि जिनके सुझाव बजट में शामिल किए जाएंगे, उन्हें विधानसभा की कार्यवाही देखने के लिए विशेष निमंत्रण भेजा जाएगा, ताकि वे स्वयं साक्षी बन सकें कि सरकार ने उनके सुझावों को सम्मान दिया है।
इस अवसर पर उच्च शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री विनीत गर्ग, नागरिक संसाधन सूचना विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव श्रीमती जी. अनुपमा, युवा सशक्तिकरण एवं उद्यमिता विभाग के प्रधान सचिव श्री राजीव रंजन, उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ. अमित कुमार अग्रवाल, उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के महानिदेशक श्री यश गर्ग तथा मुख्यमंत्री के ओएसडी डॉ. राज नेहरू भी उपस्थित रहे।