अंतर्राष्ट्रीय सूरजकुंड मेला में एक स्टॉल ऐसी जहां लकड़ी पर होती है गजब की नक्काशी, मूर्तियां देख रह जाएंगे निहारते
तिरुपति बालाजी से आए फूला चंदू ने लगाई हुई है वुड कार्विंग स्टॉल
हरियाणा सहित देश के अन्य राज्यों के हस्तशिल्प कलाकारों को भी बेहतरीन मंच प्रदान कर रहा है सूरजकुंड अंतर्राष्ट्रीय शिल्प मेला
चण्डीगढ़, 4 फरवरी - हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के मार्गदर्शन व हरियाणा पर्यटन मंत्री डा. अरविंद शर्मा की देख-रेख में हरियाणा के जिला फरीदाबाद के सूरजकुंड में लोकल फॉर ग्लोबल-आत्मनिर्भर भारत की पहचान थीम के साथ आयोजित किया जा रहा 39वां सूरजकुंड अंतर्राष्ट्रीय शिल्प मेला हरियाणा प्रदेश ही नहीं अपितु देश के अन्य राज्यों के हस्तशिल्पियों को भी अपनी हस्तकला का प्रदर्शन करने के लिए बेहतरीन मंच प्रदान कर रहा है।
सूरजकुंड अंतर्राष्ट्रीय शिल्प मेला में आए ऐसे ही एक हस्तशिल्पी हैं तिरुपति बालाजी से आए फूला चंदू मेला में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के वोकल फॉर लोक व आत्मनिर्भर भारत विजन को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। फूला चंदू को लकड़ी पर नक्काशी करने में महारथ हासिल है, जिसके माध्यम से वे लकड़ी पर गजब की नक्काशी करते हैं और लकड़ी को भगवान की मूर्तियों का रूप देते हैं। फूला चंदू द्वारा लगाई गई स्टॉल दर्शकों को अपनी ओर आकर्षित करने के साथ-साथ लोगों की आस्था का केंद्र बनी हुई है।
मेले में हस्तनिर्मित जूट उत्पादों की स्टाल बनी आकर्षण का केंद्र
मेले में लगी एक विशेष स्टाल पर्यटकों के बीच खासा आकर्षण का केंद्र बनी हुई है, जहां जूट बैग, बास्केट, स्टूल सहित 200 से अधिक हस्तनिर्मित उत्पाद प्रदर्शित किए गए हैं और पर्यटकों के लिए बिक्री हेतु उपलब्ध हैं।
विशाल सिंह और सम्राट सिंह ने बताया कि यह स्टाल पूरी तरह से हाथ से बने स्वदेशी उत्पादों को समर्पित है, जो न सिर्फ पर्यावरण के अनुकूल हैं, बल्कि स्थानीय कारीगरों की मेहनत और कला को भी दर्शा रही है। स्टाल पर उपलब्ध जूट बैग्स, सजावटी बास्केट, बैठने के लिए स्टूल, होम डेकोर आइटम्स और दैनिक उपयोग की वस्तुएं लोगों को खूब पसंद आ रही हैं। खास बात यह है कि सभी उत्पादों में पारंपरिक डिजाइन के साथ-साथ आधुनिक जरूरतों का भी ध्यान रखा गया है।
सूरजकुंड मेले में स्वच्छता और साफ-सफाई पर दिया जा रहा है विशेष जोर
सूरजकुंड मेले के हर प्रवेश द्वार, मुख्य मार्गों और स्टालों के आसपास नियमित रूप से साफ-सफाई कराई जा रही है। मेला परिसर को साफ, सुव्यवस्थित और पर्यावरण-अनुकूल बनाए रखने के लिए उपायुक्त आयुष सिन्हा के निर्देशानुसार जिला प्रशासन और हरियाणा पर्यटन विभाग द्वारा व्यापक इंतजाम किए गए हैं। इसके लिए सफाई कर्मचारियों की विशेष टीम तैनात की गई है, जो पूरे दिन परिसर की निगरानी कर रही है। जगह-जगह डस्टबिन और कचरा संग्रहण केंद्र लगाए गए हैं, ताकि आगंतुक कचरा इधर-उधर न फैलाएं और मेले में स्वच्छता बनी रहे। मेले अथॉरिटी द्वारा कारीगरों और दुकानदारों को पर्यावरण-अनुकूल सामग्री के इस्तेमाल के लिए प्रेरित किया गया है। साथ ही, लोगों को स्वच्छ भारत मिशन के तहत जागरूक करने के लिए पोस्टर और संदेश भी लगाए गए हैं।
मेले में गीता पर आधारित पंचजन्य शंख और सुदर्शन चक्र बने पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र
भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक विरासत से जुड़े कलात्मक प्रतीक पर्यटकों का ध्यान कर रहे हैं आकर्षित
सूरजकुंड मेले में श्रीमद्भगवद्गीता पर आधारित पंचजन्य शंख और सुदर्शन चक्र प्रदर्शित किए गए हैं, जिनके साथ पर्यटक जमकर सेल्फी ले रहे हैं। पंचजन्य शंख भगवान श्रीकृष्ण से जुड़ा हुआ पवित्र प्रतीक माना जाता है, जबकि सुदर्शन चक्र भगवान श्री हरि विष्णु से जुड़ा हुआ है। सूरजकुंड मेला में इन दोनों प्रतीकों को कलाकृतियों के रूप में प्रस्तुत किया गया है। शंख और चक्र की पारंपरिक कलाकृति कारीगरों की अद्भुत कला को दर्शाती है।
सूरजकुंड मेला में इन आकृतियों में गीता के उपदेशों को प्रतीकात्मक रूप से दर्शाने का प्रयास किया गया है, जिससे यह न केवल सजावटी वस्तु बनती है, बल्कि आध्यात्मिक संदेश भी देती है। सूरजकुंड मेला हमेशा से कला, संस्कृति और परंपरा का संगम रहा है। गीता पर आधारित पंचजन्य शंख और सुदर्शन चक्र की कलाकृतियां सूरजकुंड मेले को आध्यात्मिक गरिमा प्रदान कर रही है और भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों को सशक्त रूप से सामने ला रही है।
एलिफेंटा की प्रसिद्ध त्रिमूर्ति सूरजकुंड मेला की खूबसूरती को चार चांद लगा रही
क्राफ्ट फेस्टिवल में मुंबई महानगर की प्रसिद्ध एलिफेंटा गुफा की त्रिमूर्ति सूरजकुंड मेला की खूबसूरती को चार चांद लगा रही है और हर आने-जाने वाले को अपनी ओर आकर्षित कर रही हैं। इस त्रिमूर्ति पर दूर से ही पर्यटकां की नजर पड़ जाती है और इस मूर्ति की नायाब खूबसूरती पर आकर ठहर जाती है। एलिफेंटा की गुफाएं कलात्मक कलाकृतियों की श्रृंखला है जो कि एलिफेंटा आईलैंड में स्थित है।
मुंबई के गेटवे आफ इंडिया से लगभग 12 किमी की दूरी पर अरब सागर में स्थित टापू है। जहां भगवान शिव के कई रूपों को उकेरा गया है। यहां भगवान शंकर की बड़ी-बड़ी मूर्तियां हैं। यहां का शिल्प दक्षिण भारतीय मूर्तिकला से प्रेरित है। इस त्रिमूर्ति की सुंदरता देखकर हर कोई मंत्रमुग्ध हो जाता है।
वर्ष 2026 की शुरुआत में ही मिली 26 आयुष औषधालय खोलने की स्वीकृति : आरती सिंह राव
कहा ,5 जिलों में अब, शेष जिलों में भी जल्द खोलेंगे नियमानुसार औषधालय
चंडीगढ़ , 4 फरवरी - हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने कहा कि आयुष औषधालय भारत की पारंपरिक स्वास्थ्य प्रणालियों को सुरक्षित, सस्ता और सुलभ बनाकर एक स्वस्थ राष्ट्र के निर्माण में मदद करते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने पूरे प्रदेश में राजकीय आयुष औषधालय खोलने का निर्णय लिया है। फिलहाल मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने पांच जिलों में 26 आयुष औषधालय और खोलने की स्वीकृति दे दी है , शेष जिलों में भी जल्द ही मैपिंग करवा कर ये औषधालय खोले जाएंगे।
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि प्रदेश सरकार राज्य के लोगों को किफायती और सुलभ उपचार उपलब्ध करवाने के लिए लगातार प्रयासरत है और आवश्यकतानुसार अस्पताल खोले जा रहे हैं और सस्ती दवाएं दी जा रही हैं। उन्होंने बताया कि रेवाड़ी जिला के 5 गांवों लिसान , करवारा मानकपुर , रोहड़ाई , जयसिंहपुरा, झाबुवा, महेंद्रगढ़ जिला के 6 गांवों सुरजनवास , गुढ़ा , बुचावास , बावनिया , रामबास , रसूलपुर , करनाल जिला के 1 गांव फफड़ाना , कुरुक्षेत्र जिला के 4 गांव अजराना कला , कालसा , नलवी , मोहरी तथा यमुनानगर जिला के 10 गांव महियुद्दीनपुर , रतनगढ़ , भांगड़ा , तलकपुर , खुर्दबन , ताजेवाला , हड़ौली , लेडी , कोट बासवा सिंह और गांव डारपुर में राजकीय आयुष औषधालय खोले जाएंगे।
आरती सिंह राव ने कहा कि हरियाणा सरकार प्रदेश में आयुष पद्धति को बढ़ावा दे रही है। राज्य में आयुष सेवाओं को सुदृढ़ किया जा रहा है। कुरुक्षेत्र में आयुष विश्वविद्यालय स्थापित की जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार राज्य की जनता की सेहत के सुधार के लिए प्रतिबद्ध है।
मोदी सरकार 3.0 द्वारा पेश किया गया बजट केवल एक वित्तीय दस्तावेज़ नहीं, बल्कि विकसित भारत की तस्वीर पेश करता है - मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी
16वें वित्त आयोग की अवधि में हरियाणा को करीब एक लाख करोड़ रुपये केंद्रीय करों से प्राप्त होंगे
केंद्रीय बजट से हरियाणा को मिलने वाले लाभ के पहलुओं को मुख्यमंत्री ने रखा सामने
बजट में विकसित भारत के स्तंभ गरीब, युवा, महिला और किसान को केंद्र में रखा गया: मुख्यमंत्री
चंडीगढ़, 4 फरवरी- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में चल रही 3.0 केंद्र सरकार द्वारा हाल ही में पेश किया गया दूसरा बजट केवल एक वित्तीय दस्तावेज़ नहीं है, बल्कि यह उस भारत की तस्वीर पेश करता है जो आत्मनिर्भर है, प्रतिस्पर्धी है और सामाजिक रूप से संवेदनशील भी है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में यह बजट ‘विकास भी, विश्वास भी’ के सिद्धांत पर आधारित है और हरियाणा जैसे अग्रणी राज्य के लिए इसमें अपार अवसर निहित हैं।
मुख्यमंत्री बुधवार को हरियाणा निवास पर पत्रकार वार्ता को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने इस दौरान केंद्रीय बजट 2026–27 की भावना, दिशा और उसके महत्वपूर्ण पहलुओं पर अपनी बात रखते हुए केंद्र सरकार के बजट का हरियाणा पर पड़ने वाले प्रत्यक्ष प्रभावों को भी बताया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि यह बजट उस भारत की सोच को दर्शाता है, जहां विकास का मतलब केवल बड़े शहर नहीं, बल्कि गांव, किसान, महिला, युवा और श्रमिक भी हैं। जहां, अर्थव्यवस्था मजबूत हो, लेकिन समाज का अंतिम व्यक्ति भी सुरक्षित और सम्मानित महसूस करे।
उन्होंने कहा कि इस बजट में विकसित भारत के स्तंभ गरीब, युवा, महिला और किसान को केंद्र में रखा गया है। और यही प्रधानमंत्री के कुशल नेतृत्व में हमारी विकास नीति का भी मूल मंत्र है। इस बजट का मूल उद्देश्य है, संदेह के स्थान पर एक्शन, दिखावे के स्थान पर सुधार और लोक-लुभावन घोषणाओं के स्थान पर जनहित को प्राथमिकता। सरकार ने इस बजट में लगभग 7 प्रतिशत की उच्च आर्थिक विकास दर को लक्ष्य बनाते हुए राजकोषीय अनुशासन और सामाजिक न्याय, दोनों के बीच संतुलन साधा है।
12 लाख 20 हजार करोड़ रुपये तक बढ़ाया गया पूंजीगत व्यय
मुख्यमंत्री ने कहा कि पेश किए गए बजट में देश की अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए सार्वजनिक पूंजीगत व्यय को लगभग 12 लाख 20 हजार करोड़ रुपये तक बढ़ाया गया है। यह निवेश सड़कों, रेल, शहरी अवसंरचना, औद्योगिक कॉरिडोर और लॉजिस्टिक्स को मजबूत करेगा। इसका सीधा लाभ हरियाणा को मिलेगा, क्योंकि हमारा राज्य दिल्ली-एनसीआर, औद्योगिक गलियारों और राष्ट्रीय राजमार्गों का केंद्र है। इस निवेश से न केवल विकास कार्य तेज़ होंगे, बल्कि लाखों युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
युवाओं के लिए विशेष योजना बनाई गई है
उन्होंने कहा कि बजट में युवाओं के लिए क्या है? इस पर बड़ी चर्चा हो रही है। केंद्र सरकार हमारे युवाओं को देश की सबसे बड़ी पूंजी मानती है। युवा कौशल विकास व शिक्षा क्षेत्र के लिए 1 लाख 39 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। देश के 1 लाख 50 हजार से अधिक युवाओं को नई उम्र की स्किल्स का प्रशिक्षण भी प्रदान किया जाएगा। इसलिए, केंद्रीय बजट में कौशल विकास, रोजगार और भविष्य की तकनीकों के लिए 15 हजार करोड़ रुपये से अधिक का प्रावधान किया गया है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स, बायोटेक और साइबर सिक्योरिटी जैसी तकनीकों के लिए 10 हजार करोड़ रुपये का विशेष फंड रखा गया है। इसका सीधा लाभ गुरुग्राम, फरीदाबाद, पंचकूला और रोहतक जैसे शैक्षणिक व तकनीकी केंद्रों को मिलेगा, जहां हमारे युवा विश्व-स्तरीय अति-आधुनिक कौशल सीखकर उच्च-आय रोजगार प्राप्त कर सकेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्टार्टअप और उद्यमिता के लिए भी 7,500 करोड़ रुपये के प्रावधान से हरियाणा का स्टार्टअप इकोसिस्टम और मजबूत होगा। इससे प्रदेश में नवाचार को बढ़ावा मिलेगा और हमारा युवा रोजगार मांगने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला बनेगा। उन्होंने कहा कि आज हरियाणा भारत में स्टार्टअप की संख्या में चौथे बड़े राज्य के रूप में उभरा है। वर्तमान में, हरियाणा में 9,100 से अधिक मान्यता प्राप्त स्टार्टअप्स हैं। प्रदेश में 19 यूनिकॉर्न कंपनियां हैं। इसके अलावा, 250 से अधिक फॉर्च्यून-500 कंपनियां भी यहां हैं।
उन्होंने कहा कि इससे भी अधिक खुशी की बात यह है कि लगभग 50 प्रतिशत स्टार्टअप महिलाएं चला रही हैं। प्रदेश सरकार ने ने अगले चरण में स्टार्टअप्स में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाकर 60 प्रतिशत तक करने का लक्ष्य रखा है। यही नहीं, सरकार नीति आयोग के साथ मिलकर ‘विमेन आंत्रप्रेन्योरशिप प्लेटफॉर्म’ का एक ‘स्टेट चैप्टर’ स्थापित कर रहे हैं। इससे महिला उद्यमियों को 700 से अधिक मेंटर्स, विशेष प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता, बाजार तक पहुंच और इन्क्यूबेशन सहयोग प्राप्त होगा। सरकार ने हरियाणा में ‘हरियाणा राज्य स्टार्टअप नीति-2022’ लागू की है। प्रदेश सरकार स्टार्टअप्स को प्रोत्साहित करने के लिए 2 हजार करोड़ रुपये का फंड ऑफ फंड्स स्थापित करवाने जा रही हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘शिक्षा से रोजगार और उद्यमिता’ को जोड़ने के लिए उच्चस्तरीय स्थायी समिति का गठन किया गया है। डिजिटल और क्रिएटिव अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए देशभर के 15 हजार माध्यमिक विद्यालयों और 500 महाविद्यालयों में एवीजीसी (AVGC) कंटेंट क्रिएटर लैब्स स्थापित की जाएंगी। आईटी सेवाओं के क्षेत्र में सुरक्षित मार्जिन सीमा को 300 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 2,000 करोड़ रुपये किया गया है। इससे बड़ी संख्या में युवाओं के लिए उच्च गुणवत्ता वाले रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
उन्होंने कहा कि खेलों के क्षेत्र में ‘खेलो इंडिया मिशन’ को एकीकृत प्रतिभा विकास मार्ग के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसमें वैज्ञानिक प्रशिक्षण, आधुनिक खेल अवसंरचना और तकनीक का समावेश होगा। हरियाणा की लगभग 65 प्रतिशत आबादी युवा है और यह बजट इस युवा शक्ति को शिक्षा, कौशल, तकनीक और रोजगार से जोड़ने का स्पष्ट रोडमैप देता है। महिलाओं और गरीब वर्ग के लिए यह बजट सामाजिक न्याय और आर्थिक सशक्तिकरण का बजट है। सरकार ने महिलाओं को आर्थिक गतिविधियों के केंद्र में लाने के लिए स्वयं सहायता समूहों को सामुदायिक स्तर पर उद्यमिता हाट के रूप में विकसित करने की योजना बनाई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला रोजगार, स्वरोजगार और उद्यमिता के लिए लगभग 8 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। सामाजिक सुरक्षा, पेंशन, पोषण और आय-सहायता योजनाओं के लिए 40 हजार करोड़ रुपये से अधिक का बजट रखा गया है।
कृषि को लेकर भी उठाये गए हैं विशेष कदम:
उन्होंने कहा कि कृषि, डेयरी, फूड प्रोसेसिंग और ग्रामीण उद्यमिता में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए वित्तीय और संस्थागत समर्थन दिया जा रहा है। हरियाणा में स्वयं सहायता समूहों व महिला उद्यमियों को सीधा लाभ मिलेगा। प्रत्येक जिले में उच्च शिक्षा के STEM संस्थानों में महिला छात्रावासों की स्थापना का प्रावधान किया गया है। यह प्रयास दर्शाता है कि प्रदेश सरकार बेटियों की शिक्षा व सुरक्षा को भी सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है।
स्वास्थ्य के क्षेत्र के लिए भी बड़ा अवसर:
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र में यह बजट हरियाणा के लिए एक बड़ा अवसर लेकर आया है। बायोफार्मा शक्ति पहल के अंतर्गत 10 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान, स्वास्थ्य अवसंरचना के लिए 20 हजार करोड़ रुपये व मेडिकल टूरिज्म के लिए 5 हजार करोड़ रुपये का समर्थन दिया गया है। ऐसे में गुरुग्राम, पंचकूला, रोहतक और करनाल जैसे क्षेत्रों में फार्मा क्लस्टर, मेडिकल कॉलेज और आधुनिक अस्पतालों को नई गति मिलेगी। इससे न केवल स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर होंगी, बल्कि डॉक्टरों, नर्सों, तकनीशियनों और पैरामेडिकल स्टाफ के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार भी सृजित होंगे। इनके साथ ही, स्वास्थ्य और देखभाल क्षेत्र में 1 लाख 50 हजार बहु-कुशल केयर गिवर्स को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य रखा गया है। इनमें बड़ी संख्या में महिलाएं होंगी। इससे गुरुग्राम, रोहतक, करनाल और हिसार जैसे शहरों में स्वास्थ्य व केयर सेक्टर में बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों के लिए यह बजट विशेष रूप से लाभकारी है। कृषि और संबद्ध क्षेत्रों के लिए लगभग 1 लाख 62 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। पशुपालन और डेयरी के लिए 6 हजार 153 करोड़ रुपये से अधिक का आवंटन, मत्स्य पालन के लिए 2 हजार 500 करोड़ रुपये और पीएम-किसान योजना के तहत 63 हजार 500 करोड़ रुपये की निरंतर सहायता किसानों के लिए बड़ी राहत है।
भारत विस्तार योजना का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे किसान डिजिटल और ए.आई. आधारित कृषि प्लेटफॉर्म से सीधे जुड़ सकेंगे। उन्हें मौसम, मिट्टी और बाजार की सटीक जानकारी मिलेगी। इससे वे बेहतर निर्णय कर सकेंगे। इसका सीधा असर यह होगा कि उनकी कृषि लागत घटेगी और आय बढ़ेगी। बजट का असर हरियाणा के खेत-खलिहानों में साफ दिखाई देगा। हरियाणा में सिंचाई कवरेज पहले ही 80 प्रतिशत से अधिक है। लेकिन, बजट में जलाशयों और अमृत सरोवरों के विकास से जल संरक्षण और भूजल स्तर सुधारने में मदद मिलेगी।
उन्होंने कहा कि राज्य में डेयरी और पशुपालन किसानों की आय का बड़ा आधार है और मत्स्य पालन व डेयरी मूल्य श्रृंखला को मजबूत करने से ग्रामीण आय में स्थायी वृद्धि होगी। बागवानी और उच्च मूल्य वाली फसलों को बढ़ावा देने से दक्षिण हरियाणा और शुष्क क्षेत्रों में किसानों के लिए नई संभावनाएं खुलेंगी। एग्रीस्टैक और डिजिटल कृषि से हरियाणा के प्रगतिशील किसान तकनीक के माध्यम से अधिक उत्पादन और बेहतर दाम प्राप्त कर सकेंगे।
केन्द्र सरकार ने बजट में भूमि सुधार के लिए कई प्रावधान किए हैं। हाल ही में, केंद्र सरकार ने राज्यों में भूमि संबंधी सुधारों को बढ़ावा देने के लिए पूंजी निवेश के लिए राज्यों को विशेष सहायता योजना के तहत 10 हजार करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि निर्धारित की है। इसके अलावा, किसानों की रजिस्ट्री बनाने के लिए 5,000 करोड़ रुपये का प्रोत्साहन दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि हरियाणा की 6 लाख एकड़ जलभराव और खारी भूमि को खेती योग्य बनाने के लिए विशेष प्रावधान भी किए गए हैं। इससे राज्य के हजारों किसानों को लाभ होगा और कृषि उत्पादन बढ़ेगा।
मुख्यमंत्री ने उद्योगों के संदर्भ में अपनी बात रखते हुए कहा कि यह बजट हरियाणा के लिए विश्वास और अवसर दोनों लेकर आया है। हरियाणा राज्य पहले से ही ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स, फार्मा और टेक्सटाइल के क्षेत्र में अग्रणी है। सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट और बायोफार्मा को बढ़ावा देने की योजनाओं से गुरुग्राम, फरीदाबाद और सोनीपत जैसे क्षेत्रों में नई निवेश परियोजनाएं आएंगी। इसके साथ ही, 200 पुराने औद्योगिक क्लस्टरों के पुनर्जीवन का निर्णय पानीपत, यमुनानगर और अंबाला जैसे पारंपरिक औद्योगिक शहरों को नई ऊर्जा देगा। MSME सेक्टर के लिए 10 हजार करोड़ रुपये की विकास निधि का लाभ हरियाणा के भी लाखों छोटे उद्यमियों और कारीगरों को मिलेगा।
उन्होंने बताया कि इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास के मामले में हरियाणा इस बजट से और मजबूत होगा। हाई-स्पीड रेल, शहरी आर्थिक क्षेत्रों और टियर-2 व टियर-3 शहरों पर ध्यान देने से रोहतक, हिसार, करनाल, सिरसा और रेवाड़ी जैसे शहरों में रोजगार आधारित शहरीकरण को बढ़ावा मिलेगा। दिल्ली एन.सी.आर. से जुड़े हरियाणा के शहरों में कनेक्टिविटी और रियल एस्टेट को बढ़ावा मिलेगा। औद्योगिक व लॉजिस्टिक हब के रूप में राज्य की भूमिका और अधिक मजबूत होगी। बजट में ग्रीन एनर्जी और बैटरी स्टोरेज पर ज़ोर देने से हरियाणा में सोलर और रिन्यूएबल एनर्जी परियोजनाओं का विस्तार होगा। इससे राज्य की ऊर्जा जरूरतें भी पूरी होंगी और पर्यावरण संतुलन भी बना रहेगा।
हरियाणा के मध्यम वर्ग और गरीब परिवारों को सीधे मिलेगा लाभ
मुख्यमंत्री ने कहा कि आम नागरिक के लिए यह बजट राहत का बजट है और इसका लाभ हरियाणा के मध्यम वर्ग और गरीब परिवारों को सीधे मिलेगा। टैक्स प्रक्रियाओं में सरलता, कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों की दवाओं पर शुल्क में छूट और शिक्षा व इलाज पर खर्च कम होने से परिवारों की जेब पर बोझ घटेगा। डिजिटल गवर्नेंस के माध्यम से सेवाओं की डिलीवरी तेज होगी, जिससे हरियाणा में पारदर्शिता और सुशासन को और मजबूती मिलेगी।
उन्होंने कहा कि कर प्रणाली को सरल, पारदर्शी और भरोसेमंद बनाने के लिए TDS, TCS में राहत, रिटर्न दाखिल करने की समय सीमा में लचीलापन और अनुपालन अपराधों के अपराधीकरण को हटाया गया है। कस्टम की डिजिटल सिंगल विंडो से आयात-निर्यात प्रक्रियाएं तेज होंगी और व्यापार करने की लागत भी घटेगी। राज्यों को 1 लाख 40 हजार करोड़ रुपये का अनुदान सहकारी संघवाद को सशक्त करने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगा।
रेलवे क्षेत्र में हरियाणा को मजबूती मिलेगी
उन्होंने कहा कि रेलवे क्षेत्र में भी हरियाणा को एक मजबूत और दूरदर्शी रोडमैप मिला है। हरियाणा को 3 हजार 566 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इसमें से 315 करोड़ रुपये विशेष रूप से राज्य की प्राथमिक और लक्षित परियोजनाओं के लिए रखे गए हैं। हरियाणा के 34 रेलवे स्टेशनों को ‘अमृत भारत स्टेशन योजना’ के अंतर्गत आधुनिक बनाया जा रहा है। इनमें स्वच्छता, यात्री सुविधा, डिजिटल सेवाएं, दिव्यांगजन-अनुकूल ढांचा और स्थानीय पहचान को विशेष महत्व दिया गया है। यह रेलवे पहल हरियाणा की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों पर ले जाने वाली है। डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर से जुड़ी कनेक्टिविटी और लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार से राज्य की माल परिवहन क्षमता में लगभग 11 गुणा तक वृद्धि होगी। इससे उद्योगों को तेज़ और किफायती परिवहन सुविधा मिलेगी। किसानों को अपने उत्पाद बाजार तक पहुंचाने में सहूलियत होगी और युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। यह रेलवे पुश हरियाणा को एक मजबूत औद्योगिक और लॉजिस्टिक हब के रूप में स्थापित करेगा और ‘विकसित हरियाणा-विकसित भारत’ की दिशा में हमारी प्रतिबद्धता को और सशक्त बनाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बजट में किये गए प्रावधानों से महान संस्कृति, विरासत और पुरातात्विक महत्व के 15 स्थलों को वैश्विक पहचान मिलेगी। इससे हरियाणा के राखीगढ़ी जैसे स्थलों को भी वैश्विक पहचान मिल सकेगी। उन्होंने 16वें वित्त आयोग की सिफारिशों का जिक्र करते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने वर्ष 2026 से 2031 की अवधि के लिए वित्त आयोग की सिफारिशों को स्वीकार कर लिया है। इसके तहत राज्यों को केंद्रीय करों के विभाज्य पूल से 41 प्रतिशत हिस्सा मिलेगा, जो पहले की तरह ही बरकरार रखा गया है।
उन्होंने कहा कि केंद्रीय करों हरियाणा राज्य का हिस्सा 1.093 प्रतिशत से बढ़कर 1.361 प्रतिशत हो गया है। 15वें वित्त आयोग की अनुशंसा की तुलना में यह लगभग 24.5 प्रतिशत की ऐतिहासिक बढ़ोतरी है और अब तक का सबसे अधिक हिस्सा है। इसका सीधा लाभ यह होगा कि वर्ष 2026–27 में हरियाणा को केंद्रीय करों से लगभग 20 हजार 772 करोड़ रुपये प्राप्त होंगे। यह राशि पिछले वर्ष के संशोधित अनुमान से करीब 5 हजार 547 करोड़ रुपये अधिक है। आने वाले पांच वर्षों में इस बढ़े हुए हिस्से से हरियाणा को लगभग 28 हजार करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि मिलने का अनुमान है।
उन्होंने बताया कि 16वें वित्त आयोग की अवधि में हरियाणा को करीब एक लाख करोड़ रुपये केंद्रीय करों से प्राप्त होंगे, जो कि हरियाणा को मिलने वाला अब तक का सबसे ज्यादा फंड है। जबकि, इससे पहले कांग्रेस के शासनकाल में 13वें वित्त आयोग की सिफारिशों के अनुसार प्रदेश को 14 हजार 937 करोड़ रुपये मिले थे। बीजेपी सरकार के शासन काल में 14वें वित्त आयोग की सिफारिशों के अनुसार 34 हजार 758 करोड़ रुपये तथा 15वें वित्त आयोग की सिफारिशों के अनुसार प्रदेश को कुल 61 हजार 736 करोड़ रुपये प्राप्त हुए थे। यह हरियाणा की आर्थिक मजबूती और केंद्र सरकार के सहयोग का स्पष्ट प्रमाण है। उन्होंने कहा कि सरकार वित्तीय अनुशासन के साथ-साथ विकास को भी समान प्राथमिकता दे रही है। 16वें वित्त आयोग से मिलने वाले अतिरिक्त संसाधन हरियाणा को और तेज़ी से विकास के पथ पर आगे ले जाने में मदद करेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा की आर्थिक स्थिति मजबूत है, प्रबंधनीय है और पूरी तरह नियंत्रण में है। हरियाणा सरकार पारदर्शिता, सुशासन और जवाबदेही के साथ प्रदेश को ‘विकसित हरियाणा- विकसित भारत’ के लक्ष्य की ओर आगे बढ़ा रही है। यह बजट भारत को विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में एक निर्णायक कदम साबित होगा। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार का यह बजट हरियाणा के किसान, युवा, महिला, उद्यमी और आम नागरिक, सभी के लिए अवसरों का बजट है। यह बजट विकास, रोजगार, सामाजिक सुरक्षा और भविष्य की तैयारी को एक साथ आगे बढ़ाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में प्रस्तुत यह केंद्रीय बजट हरियाणा को और सशक्त, आत्मनिर्भर और समृद्ध बनाने में मील का पत्थर साबित होगा।
इस मौके पर सूचना, लोक संपर्क, भाषा एवं संस्कृति विभाग के महानिदेशक के.एम.पांडुरंग, मुख्य प्रवक्ता श्री जवाहर यादव, मुख्यमंत्री के मीडिया सचिव श्री प्रवीण आत्रेय भी मौजूद थे।
कांग्रेस के पास मुद्दे नहीं, सिर्फ झूठी बयानबाजी: मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी
बिना बजट पढ़े ही विपक्ष के नेता केवल हाजिरी लगाने के लिए कर रहा है बयानबाजी: मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री ने दी सलाह: ट्वीट मास्टरों को बोलने से पहले सोचना चाहिए
कहा: कांग्रेस को नकार चुकी है जनता, पंजाब और बंगाल में भी मोदी के नेतृत्व में बनेगी सरकार
चंडीगढ़ 4 फरवरी- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में चल रही केंद्र की 3.0 सरकार की वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारामण द्वारा पेश किए गए दूसरे आम बजट में कोई कमीं नहीं है। लेकिन, केवल हाजिरी लगाने के लिए और जनता को गुमराह करने के लिए विपक्ष के नेताओं द्वारा बयानबाजी की जा रही है। इस बजट से विकसित भारत के सपने को साकार करने में तेजी मिलेगी, साथ ही बजट से भले ही कांग्रेस कमजोर हो लेकिन भारत मजबूत हुआ है।
मुख्यमंत्री बुधवार को हरियाणा निवास पर पत्रकारों से रूबरू हो रहे थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि जब बजट को केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण पेश कर रही थी, उस दौरान भी कांग्रेस नेता राहुल गांधी को खुश करने के लिए बजट से पहले ही एक नेता ने ट्वीट कर दिया। उन्होंने कहा कि विपक्ष के पास कोई मुद्दा तो हैं नहीं, बस वो दिखते रहने की कोशिश कर रहे है। बिना बजट के बारे में जाने या उसे पढ़े केवल और केवल भ्रम फैलाने के लिए ऐसा किया जा रहा है।
गरीब वर्ग को केवल और केवल हताश किया जाता था:
मुख्यमंत्री ने चुटकी लेते हुए कहा कि आज कांग्रेस नेताओं के घरों में भी देश में हो रहे विकास को लेकर चर्चा होती है। उन्होंने कहा कि पहले के समय में तो ऐसा हाल होता था कि कांग्रेस जब बजट पेश करती थी तो सिर्फ रेवड़िया दिखाई जाती थीं। इतना ही नहीं, बजट में जारी हुए पैसे को खुर्द बुर्द कर दिया जाता था। लोक लुभावने वायदे किये जाते थे और गरीब वर्ग को केवल और केवल हताश किया जाता था। लेकिन पीएम श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पेश होने वाले बजट में विकास को अहम माना जा रहा है, हर वर्ग के उत्थान की दिशा में काम हो रहा है। केंद्र सरकार की तीसरी टर्म में इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत हुआ है और देश तेज गति से आगे बढ़ रहा है यह सब नजर आ रहा है।
राहुल गांधी पर साधा निशाना:
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि बजट में जैसे—जैसे जनता के हितों की बात आती है, वैसे वैसे कांग्रेस पीछे होती जा रही है। उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के कुरुक्षेत्र दौरे को लेकर कहा कि वो यहां आए थे और पांडवों ने कोई जीएसटी लगाया था ? जैसे बयान दिए। असल में कांग्रेस के पास कोई मुद्दा है नहीं। मुख्यमंत्री ने इस बीच कहा कि ट्वीट मास्टरों को कुछ भी कहने से पहले सोचना चाहिए, राहुल गांधी को सेशन में बताना चाहिए कि जब उनकी सरकार थी तो कितना विकास हुआ।
राहुल गांधी कभी संविधान का मजाक बनाते है, तो कभी इलेक्शन प्रक्रियाओं पर सवाल उठाते हैं। कांग्रेस सोचती थी कि गरीब लोगों को और गरीब कर दो, लेकिन मोदी के नेतृत्व में चल रही सरकार ने 25 करोड़ लोगों को गरीबी रेखा से बाहर किया हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस की न कोई नीति है न नियत है।
मुख्यमंत्री ने सवाल करते हुए कहा कि जब कांग्रेस की सरकार केंद्र में थी तो उस समय कृषि बजट का कितना प्रावधान था। सिर्फ 25 हजार करोड़ रुपए था। ऐसे में कैसे देश आगे बढ़ता, कैसे विकसित भारत बनता ? मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर देश का विकास हुआ तो प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के राज में हुआ हैं। मोदी सरकार के समय में कृषि बजट में एक लाख बासठ हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया है।
पंजाब और बंगाल में सरकार बनेगी:
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि देश ने कांग्रेस को नकार दिया है। बंगाल और पंजाब के अंदर बड़े मैंडेट के साथ पीएम मोदी के नेतृत्व में सरकार बनेगी। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का जिक्र करते हुए कहा कि मोदी सोते नहीं है, उन्हें देश के हर एक वर्ग की चिंता है। लेकिन कांग्रेस यह बताएं कि उनके समय में किस वर्ग की चिंता की गई थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस के कार्यकाल में न कोई जन कल्याण की नीतियां बनाई और न विकास की बात की।
युवाओं की भागीदारी से राजनीति के मायने बदल रहे हैं प्रधानमंत्री मोदी : डॉ. अरविंद शर्मा
: विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने का सबसे बड़ा माध्यम युवा, एक करोड़ युवाओं को राजनीति में लाएंगे
एबीवीपी की ‘स्क्रीन टाइम टू स्पोर्ट्स टाइम’ मुहिम युवाओं में लाएगी सकारात्मक बदलाव
:कैबिनेट मंत्री ने पंजाब विश्वविद्यालय में पीयू ओलंपिक्स खेलों का किया उद्घाटन
चंडीगढ़, 4 फरवरी - हरियाणा के सहकारिता, कारागार, निर्वाचन, विरासत एवं पर्यटन मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बीते 11 वर्षों में राजनीति के मायने बदलते हुए एक करोड़ युवाओं को राजनीति में लाने का विचार दिया है, ताकि हमारे क्षमतावान युवा देश को सशक्त बनाने और वर्ष 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकें।
उन्होंने कहा कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) द्वारा राष्ट्रव्यापी ‘स्क्रीन टाइम टू एक्टिविटी टाइम’ अभियान के तहत पंजाब विश्वविद्यालय, चंडीगढ़ से शुरू की गई ‘स्क्रीन टाइम टू स्पोर्ट्स टाइम’ मुहिम न केवल चंडीगढ़, बल्कि हरियाणा और पंजाब के युवाओं में सकारात्मक बदलाव लाने का सशक्त माध्यम बनेगी।
बुधवार को पंजाब विश्वविद्यालय, चंडीगढ़ में एबीवीपी द्वारा आयोजित पीयू ओलंपिक्स खेलों का शुभारंभ करते हुए सहकारिता मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने युवाओं से संवाद करते हुए कहा कि भारत में खेलों को जो नई दिशा और पहचान मिली है, उसके पीछे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का दूरदर्शी नेतृत्व है। उन्होंने खेलों को केवल मनोरंजन का साधन नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण का महत्वपूर्ण माध्यम माना है।
प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में फिट इंडिया मूवमेंट, खेलो इंडिया, ओलंपिक और पैरालंपिक खिलाड़ियों को मिलने वाला प्रोत्साहन इस बात का प्रमाण है कि केंद्र सरकार खेलों को विकसित भारत की नीति के केंद्र में रख रही है। प्रधानमंत्री स्वयं खिलाड़ियों से संवाद करते हैं और उनका मनोबल बढ़ाते हैं।
कैबिनेट मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने एबीवीपी की ‘स्क्रीन टाइम टू स्पोर्ट्स टाइम’ मुहिम की सराहना करते हुए कहा कि “सशक्त युवा, सशक्त राष्ट्र” की भावना के साथ एबीवीपी के दशकों से चले आ रहे प्रयास, मेहनत और करोड़ों युवाओं के सपनों के प्रहरी के रूप में निभाई जा रही जिम्मेदारी किसी से छिपी नहीं है। एबीवीपी महज एक संगठन नहीं, बल्कि एक युवा आंदोलन है।
उन्होंने कहा कि एक सप्ताह तक चलने वाले पीयू ओलंपिक्स केवल खेलों का उत्सव नहीं हैं, बल्कि यह युवा भारत के चरित्र, अनुशासन और नेतृत्व क्षमता का उत्सव है। आज मोबाइल हमारी जेब में है, लेकिन खेल का मैदान हमारे जीवन से बाहर होता जा रहा है। जब मोबाइल हमारा मालिक बन जाए, तो समझ लीजिए कि खतरा शुरू हो गया है। गैजेट्स हमारी जीवनशैली को सुविधाजनक बनाने के साथ-साथ एक गंभीर चुनौती भी खड़ी कर रहे हैं। पीयू ओलंपिक्स का उद्देश्य स्क्रीन टाइम से स्पोर्ट्स टाइम की ओर युवाओं को प्रेरित करना है, जो वर्तमान समय का सबसे सार्थक और दूरदर्शी संदेश है।
पर्यटन मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने कहा कि खेल मैदान वह स्थान है, जहां शरीर मजबूत होता है, मन संतुलित रहता है और व्यक्तित्व निखरता है। स्क्रीन हमें दुनिया दिखाती है, लेकिन खेल का मैदान हमें स्वयं को पहचानने का अवसर देता है। आज समय की मांग है कि हमारे युवा मोबाइल की स्क्रीन से नजर हटाकर खेल के मैदान की मिट्टी को महसूस करें, पसीने की बूंदों को सम्मान दें और हार-जीत दोनों को जीवन का हिस्सा मानना सीखें।
उन्होंने हरियाणा का उदाहरण देते हुए कहा कि आज मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में हरियाणा खिलाड़ियों का प्रदेश बन रहा है। हरियाणा को आज न केवल देश, बल्कि दुनिया एक स्पोर्ट्स पावर हाउस के रूप में जानती है। वर्ष 2014 से अब तक भाजपा सरकार द्वारा 16,418 खिलाड़ियों को 683 करोड़ रुपये नकद पुरस्कार के रूप में दिए जा चुके हैं, जबकि 231 खिलाड़ियों को उनकी शिक्षा के अनुरूप सरकारी नौकरियां प्रदान की गई हैं।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में हरियाणा सरकार की नीति खिलाड़ियों को सम्मान, सुरक्षा और सुनहरा भविष्य देने की है।
इस अवसर पर एबीवीपी के राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री देवदत्त जोशी, छात्र कल्याण डीन डॉ. अमित चौहान, एबीवीपी के राष्ट्रीय मंत्री आदित्य तकियार, एबीवीपी पंजाब प्रदेश अध्यक्ष डॉ. प्रशांत गौतम, क्षेत्रीय संगठन मंत्री गौरव अत्री, प्रदेश मंत्री जसकरण भुल्लर, प्रदेश संगठन मंत्री शमशेर सिंह चौहान, पंजाब विश्वविद्यालय छात्रसंघ अध्यक्ष गौरववीर सोहल, खेलो भारत संयोजक अर्पिता मलिक सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
हरियाणा श्रम कल्याण बोर्ड की 29 सेवाएं राइट टू सर्विस एक्ट के दायरे में
निश्चित समय-सीमा में मिलेंगी अधिसूचित सेवाएं
चंडीगढ़, 04 फरवरी-हरियाणा सरकार ने हरियाणा श्रम कल्याण बोर्ड की कुल 29 सेवाओं को हरियाणा सेवा का अधिकार अधिनियम, 2014 के दायरे में लाते हुए इन सेवाओं के लिए समय-सीमा निर्धारित की है।
मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी द्वारा इस सम्बन्ध में अधिसूचना जारी की गई है।
अधिसूचित सेवाओं में श्रमिकों के बच्चों के लिए पहली कक्षा से बारहवीं कक्षा तक स्कूल की वर्दी, किताबों एवं कॉपियों हेतु वित्तीय सहायता, छात्रवृत्ति, व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के लिए प्रवेश परीक्षा की कोचिंग, यूपीएससी तथा एचपीएससी की प्रारम्भिक परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद मुख्य परीक्षा की तैयारी हेतु वित्तीय सहायता शामिल है। इसके अतिरिक्त, खेल प्रतियोगिताओं तथा सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए श्रमिकों के बच्चों को वित्तीय सहायता भी अधिसूचित की गई है।
महिला श्रमिकों तथा श्रमिकों की पुत्रियों के विवाह हेतु कन्यादान सहायता, पुरुष श्रमिकों तथा उनके पुत्रों के विवाह हेतु शगुन सहायता, महिला श्रमिकों एवं पुरुष श्रमिकों की पत्नियों के प्रसूति हेतु वित्तीय सहायता को भी सेवा का अधिकार अधिनियम के अंतर्गत लाया गया है। इसके साथ ही, श्रमिकों एवं उनके आश्रितों को दांतों के उपचार, चश्मा, साइकिल, महिला श्रमिकों को सिलाई मशीन, एलटीसी, निःशक्तता, कृत्रिम अंग, श्रवण यंत्र/श्रवण सहायक उपकरण, तिपहिया साइकिल तथा श्रमिकों के दृष्टि-बाधित, शारीरिक या मनोबाधित निःशक्त बच्चों को वित्तीय सहायता प्रदान करने की सेवाएं भी अधिसूचित की गई हैं। इन सभी सेवाओं के लिए 60 दिनों की समय-सीमा तय की गई है।
अधिसूचना में मृतक श्रमिकों के आश्रितों को वित्तीय सहायता, मृतक श्रमिकों के लिए मुख्यमंत्री सामाजिक सुरक्षा योजना तथा मृतक श्रमिकों के आश्रितों को दाह संस्कार हेतु वित्तीय सहायता को भी शामिल किया गया है। इन सेवाओं के लिए 15 दिनों की समय-सीमा निर्धारित की गई है।
इसके अतिरिक्त, हरियाणा सिलिकोसिस पुनर्वास नीति के अंतर्गत आने वाली सेवाओं को भी हरियाणा सेवा का अधिकार अधिनियम के दायरे में लाया गया है। इनमें सिलिकोसिस से प्रभावित श्रमिकों के लिए पुनर्वास सहायता, सिलिकोसिस पुनर्वास पेंशन, पारिवारिक पेंशन, बच्चों की शिक्षा हेतु वित्तीय सहायता, तथा लड़कियों और लड़कों के विवाह हेतु वित्तीय सहायता शामिल है। इन सेवाओं के लिए 60 दिनों की समय-सीमा निर्धारित की गई है। मृत्यु उपरांत सहायता तथा अंतिम संस्कार सहायता के लिए 15 दिनों की समय-सीमा निर्धारित की गई है।
अधिसूचना के अनुसार, हरियाणा श्रम कल्याण बोर्ड की अधिकांश सेवाओं के लिए श्रम कल्याण अधिकारी को पदानामित अधिकारी, उप श्रम आयुक्त (कल्याण) को प्रथम शिकायत निवारण प्राधिकारी तथा कल्याण आयुक्त को द्वितीय शिकायत निवारण प्राधिकारी नामित किया गया है। वहीं हरियाणा सिलिकोसिस पुनर्वास नीति से जुड़ी सेवाओं के मामलों में सहायक निदेशक/उप निदेशक को पदनामित अधिकारी, संबंधित संयुक्त निदेशक को प्रथम शिकायत निवारण प्राधिकारी तथा श्रम आयुक्त को द्वितीय शिकायत निवारण प्राधिकारी अधिसूचित किया गया है।