हरियाणा में प्राथमिकता क्षेत्र ऋण क्षमता 3.67 लाख करोड़ रुपये, नाबार्ड स्टेट फोकस पेपर किया जारी
कृषि को लाभकारी बनाए बिना ग्रामीण समृद्धि संभव नहीं— मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी
नवाचार, तकनीक और वित्तीय सहयोग से बदलेगी हरियाणा की ग्रामीण अर्थव्यवस्था
सहकार से समृद्धि’ के विजन को साकार करने की दिशा में हरियाणा अग्रसर
चंडीगढ़, 5 फरवरी— हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने नाबार्ड द्वारा आयोजित राज्य स्तरीय ऋण संगोष्ठी को संबोधित करते हुए कहा कि हरियाणा ने देश की खाद्य सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। बदलते समय के साथ कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के सामने कई नई चुनौतियां भी आई है, जिनमें गिरता भूजल स्तर, मिट्टी की सेहत में गिरावट, छोटी जोत आकार, जलवायु परिवर्तन और उत्पादन लागत में वृद्धि प्रमुख हैं। इन चुनौतियों का समाधान परंपरागत तरीकों से नहीं, बल्कि नवाचार, तकनीक और संस्थागत वित्तीय सहयोग से ही संभव है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने नाबार्ड द्वारा तैयार किया गया वर्ष 2026-27 का स्टेट फोकस पेपर भी रिलीज किया, जिसमें हरियाणा की प्राथमिकता क्षेत्र ऋण क्षमता 3 लाख 67 हजार करोड़ रुपये से अधिक आंकी गई है, जोकि पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 17 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाती है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने अनेक समितियां को बेहतर कार्यों के लिए सम्मानित भी किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि को लाभकारी बनाए बिना ग्रामीण समृद्धि संभव नहीं है। इसलिए हमें 'कम भूमि में अधिक उत्पादन' और 'Per Drop-More Crop' के मंत्र को व्यवहार में उतारना होगा। उन्होंने कहा कि ग्रामीण विकास के लिए बुनियादी ढांचा भी उतना ही आवश्यक है, जितना की ऋण की सुविधा। इसके साथ—साथ सिंचाई, भंडारण, वेयरहाउसिंग, ग्रामीण सड़कें, बिजली, डिजिटल कनेक्टिविटी, ये सभी विकास की नींव हैं। उन्होंने कहा कि आगामी बजट में स्मार्ट एग्रीकल्चर जोन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसके लिए अलग से क्लस्टर बनाए जा रहे हैं। किन्नू , अमरूद, स्ट्रॉबेरी, लीची आदि के क्लस्टर बनाए जा रहे हैं ताकि किसान परंपरागत खेती को छोड़कर नई आधुनिक खेती को अपनाए। किसान गन्ना की खेती अपनाएं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार का प्रयास है कि मिटटी से मशीन और खेत से बाजार को पुख्ता बनाया जाये ताकि किसान द्वारा उगाई गई फसल को बेहतर बाजार मिल सके और साथ ही बेहतर भाव भी मिल सके।
मुख्यमंत्री ने बैंकों से आग्रह किया कि वे प्रत्येक पात्र किसान तक समयबद्ध, सरल और पारदर्शी तरीके से ऋण सुविधाएं पहुंचाएं ताकि, हमारे अन्नदाता बिचौलियों के चंगुल से मुक्त होकर आत्मनिर्भर बन सकें। इस कार्य में नाबार्ड महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। नाबार्ड द्वारा कृषि एवं ग्रामीण इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास में लगातार सहयोग किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में एम.एस.एम.ई., स्वयं सहायता समूह, महिला उद्यमिता और सहकारी संस्थाओं की भूमिका महत्वपूर्ण है। हरियाणा में 710 पैक्स कार्यरत हैं। इसके अलावा, सहकारी बैंकों को कम्प्यूटरीकृत किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पैक्स पर किसान को पूरा विश्वास है लेकिन पिछले कुछ समय में पैक्स की कार्यप्रणाली को लेकर किसानों में चिंता है। हमें किसानों के इस विश्वास को पुनः बहाल करना है क्यूंकि ग्रामीण विकास में पैक्स का महत्वपूर्ण रोल है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के 'सहकार से समृद्धि' के विजन को साकार करने के लिए हरियाणा सरकार लगातार अनेक कदम उठा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल के माध्यम से किसानों द्वारा की जा रही खेती की जानकारी अपलोड करवाई गई। किसानों को मांग के अनुरूप खाद की उपलब्धता सुनिश्चित की गई। खाद की कालीबाज़ारी रुकी और लगभग 700 करोड़ रुपये की सब्सिडी की भी बचत हुई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हम सभी ने मिलकर विकसित भारत— 2047 के संकल्प को साकार करना है। इस कार्य में बैंकों की महत्वपूर्ण भूमिका है। सभी बैंक सुगम ऋण सुविधा उपलब्ध करवाएं, ताकि हमारा किसान आत्मनिर्भर बने। उन्होंने कहा कि 'विकसित भारत' का मार्ग 'विकसित हरियाणा' से होकर गुजरेगा। इसमें नाबार्ड, बैंक, राज्य सरकार और सभी हितधारकों के साझे प्रयासों से हम एक ऐसे हरियाणा का निर्माण करेंगे, जहां समृद्धि अंतिम पंक्ति तक पहुंच पाए।
इस अवसर पर नाबार्ड की मुख्य महाप्रबंधक निवेदिता तिवारी ने मुख्यमंत्री व अन्य अतिथियों का स्वागत करते हुए विस्तार से नाबार्ड की रिपोर्ट प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि नाबार्ड द्वारा हरियाणा में वर्ष 2026-27 के लिए प्राथमिकता क्षेत्र ऋण (Priority Sector Lending) के अंतर्गत 3.67 लाख करोड़ रुपये की ऋण क्षमता का आकलन किया गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 17 प्रतिशत अधिक है। इसमें कृषि क्षेत्र के लिए 1.32 लाख करोड़ रुपये तथा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) क्षेत्र के लिए 2.11 लाख करोड़ रुपये की ऋण संभावनाएं निर्धारित की गई हैं।
उन्होंने बताया कि राज्य सरकार किसानों, उद्यमियों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने के लिए बैंकिंग और वित्तीय संस्थानों के साथ समन्वित प्रयास कर रही है, ताकि ‘विकसित हरियाणा – विकसित भारत’ के लक्ष्य को साकार किया जा सके। उन्होंने कहा कि नाबार्ड द्वारा महिला सशक्तिकरण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि ग्रामीण आधारभूत ढांचे के विकास के लिए ग्रामीण अवसंरचना विकास निधि (RIDF) के अंतर्गत अब तक 18,393 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी जा चुकी है, जिसमें से 14,066 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। इन निधियों का उपयोग सड़कों, सिंचाई, नवीकरणीय ऊर्जा, अनाज भंडारण, पेयजल, स्वच्छता एवं विद्युत जैसे क्षेत्रों में किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि स्टेट फोकस पेपर 2026-27 में फसल विविधीकरण, जल संरक्षण, माइक्रो इरिगेशन, बागवानी, वैल्यू एडिशन, जलवायु अनुकूल कृषि, किसान उत्पादक संगठनों (FPOs) को सुदृढ़ करना, ग्रामीण एमएसएमई को बढ़ावा देना, नवीकरणीय ऊर्जा और सामाजिक अवसंरचना जैसे क्षेत्रों को प्राथमिकता दी गई है ताकि सहकार से समृद्धि की परिकल्पना को साकार किया जा सके।
इस अवसर पर एसीएस अनुराग अग्रवाल, आयुक्त एवं सचिव सी जी रजनीकांथन, कृष्ण शर्मा सहित बैंक प्रतिनिधि, अधिकारी आदि उपस्थित रहे।
- मनरेगा की तुलना में अधिक सशक्त एवं प्रभावी है वीबीजीरामजी योजना: कैबिनेट मंत्री रणबीर गंगवा
- हिसार के गाँव मय्यड़ में नागरिकों से वीबी-जी राम जी योजना पर की चर्चा
चंडीगढ़, 5 फरवरी - हरियाणा के लोक निर्माण एवं जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री श्री रणबीर गंगवा ने आज हिसार के गाँव मय्यड़ में नागरिकों से संवाद करते हुए ग्रामीण आत्मनिर्भरता को सशक्त बनाने के उद्देश्य से प्रारंभ की गई वीबी - जी राम जी योजना पर विस्तार से चर्चा की। इस अवसर पर उन्होंने योजना के प्रमुख उद्देश्यों जिनमें ग्रामीण क्षेत्रों में अधिक से अधिक रोजगार सृजन, साप्ताहिक मजदूरी भुगतान की व्यवस्था, रोजगार के साथ - साथ ग्रामीण अवसंरचना का विकास तथा आजीविका के नए अवसर उपलब्ध कराना जैसे विषयों पर प्रकाश डाला।
कैबिनेट मंत्री रणबीर गंगवा ने कहा कि विकसित भारत रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण), पूर्व की मनरेगा योजना की तुलना में अधिक सशक्त एवं प्रभावी अधिनियम है। इस योजना के तहत ग्रामीण नागरिकों को 125 दिन तक सुनिश्चित रोजगार प्रदान किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किसी कारणवश रोजगार उपलब्ध नहीं हो पाता है, तो लाभार्थियों को बेरोजगारी भत्ता देने का भी प्रावधान किया गया है, जिससे ग्रामीण परिवारों की आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित हो सकेगी।
कैबिनेट मंत्री श्री गंगवा ने कहा कि यह योजना केवल रोजगार तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना, गांवों में आधारभूत ढांचे का विकास करना और युवाओं को गांव में ही सम्मानजनक आजीविका के अवसर उपलब्ध कराना है। इससे पलायन पर रोक लगेगी और गांव आत्मनिर्भर बनेंगे।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में ग्रामीण विकास और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में यह पहल एक महत्वपूर्ण कदम है। केंद्र और प्रदेश सरकार मिलकर गांवों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए निरंतर कार्य कर रही हैं। इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि, ग्रामीण नागरिक एवं संबंधित विभागों के अधिकारी भी उपस्थित रहे।
- 2047 तक किसानों की आय चार गुणा बढ़ाने का लक्ष्य: श्याम सिंह राणा
- करनाल के गांव गोंदर में जिला स्तरीय सेमिनार आयोजित
चंडीगढ़, 5 फरवरी -- हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि 2047 तक किसानों की आय चार गुणा करने और 20 प्रतिशत जमीन पर प्राकृतिक खेती करने का लक्ष्य रखा गया है। सरकार खेती को मुनाफे का सौदा बनाना चाहती है। इसलिए खाद, बीज, कृषि उपकरणों, पराली प्रबंधन आदि पर सब्सिडी प्रदान की जा रही है। उन्होंने किसानों से आय बढ़ाने के लिए बागवानी, पशुपालन, मछली पालन जैसे व्यवसाय अपनाने की भी अपील की।
श्री राणा आज करनाल के गांव गोंदर में स्थित एक फार्म पर एकीकृत बागवानी मिशन के तहत आयोजित जिला स्तरीय सेमिनार में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे। इस मौके पर उनका पुष्प गुच्छ देकर, शॉल ओढ़ाकर व स्मृति चिह्न देकर सम्मान किया गया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सोच 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की है। सरकार तब तक किसानों की आमदनी चार गुणा बढ़ाना चाहती है। श्री राणा ने कहा कि लगातार बढ़ती आबादी के कारण जमीन की जोत भी छोटी होती जा रही है। कृषि लागत भी बढ़ रही है। आज लंबवत खेती की तकनीकों के सहारे पैदावार को बढ़ाना होगा।
उन्होंने कहा कि 2014 से पहले किसानों को उपज का दाम सीधे नहीं मिलता था, आढ़तियों के खाते में पैसा जाता था। हिसाब-किताब करने के बाद किसान के पल्ले कुछ नहीं बचता था, लेकिन अब ऐसा नहीं है। फसल बिकने के 48 घंटे के भीतर राशि सीधे किसानों के बैंक खातों में पहुंच जाती है।
कैबिनेट मंत्री श्री राणा ने कहा कि कृषि के क्षेत्र में बहुत अवसर हैं। सरकार भी इसे लाभकारी बनाने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। खाद, कीटनाशक, कृषि उपकरण, पराली प्रबंधन आदि पर सब्सिडी मुहैया कराई जा रही है।
सेमिनार में विषय ज्ञाताओं ने भी अपने विचार रखे।
इस अवसर पर कृषि, बागवानी, मत्स्य विभाग के साथ-साथ प्रगतिशील किसानों और बागवानी क्षेत्र की मशीनरी कंपनी एनएचआरडीएफ सलारू द्वारा स्टाल लगाए गए जिनमें किसानों से संबंधित विभिन्न योजनाओं की जानकारी पंफलेट, फोल्डर, पत्रिका आदि के माध्यम से दी गई। साथ ही शहद, हल्दी, नेट हाउस और किसान उत्पादक संगठन द्वारा तैयार किए गए उत्पादों को प्रदर्शित किया गया। कृषि मंत्री ने इन स्टाल्स का भी अवलोकन किया।
फरवरी 7 को आयोजित होगी जवाहर नवोदय विद्यालय चयन परीक्षा
- कक्षा 9 और 11 की रिक्त सीटों के लिए एडमिट कार्ड ऑनलाइन जारी
चंडीगढ़, 5 फरवरी -- जवाहर नवोदय विद्यालय चयन परीक्षा 2026 कक्षा 9वीं और 11वीं कक्षा में रिक्त सीटों पर दाखिलें के लिए जिन विद्यार्थियों ने ऑनलाइन आवेदन किए थे, उनकी परीक्षा 7 फरवरी, 2026 को प्रातः 11:00 बजे आयोजित होगी।
एक सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि जिन बच्चों ने ऑनलाइन आवेदन किए थे, उनके एडमिट कार्ड ऑनलाइन जारी कर दिए गए हैं। परीक्षा में पंजीकृत अभ्यर्थी अपने एडमिट कार्ड आधिकारिक वेबसाइट www.navodaya.gov.in से डाउनलोड कर सकते हैं।
उन्होंने बताया कि कक्षा 9 और 11 में प्रवेश के लिए होने वाली परीक्षा 7 फरवरी, 2026 शनिवार को जिला पंचकूला के जवाहर नवोदय विद्यालय मौली परीक्षा केंद्र पर आयोजित की जाएगी। प्रवेश पत्र से संबंधित किसी भी प्रकार की समस्या या जानकारी के लिए अभ्यर्थी जवाहर नवोदय विद्यालय चयन परीक्षा प्रभारी श्रीमती मनजीत कौर मोबाइल नंबर 8219381145 और श्री गुरबीर सिंह 9671060928 से संपर्क कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त विद्यालय से भी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
प्रवक्ता ने बताया कि परीक्षा में आने वाले अभ्यर्थी अपने साथ एडमिट कार्ड और आधार कार्ड लेकर प्रातः 10:00 बजे परीक्षा केंद्र पहुंचना सुनिश्चित करें। परीक्षा 11:00 बजे से 1.30 बजे तक आयोजित की जाएगी।
- नूंह में जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की बैठक में 15 में से 11 परिवादों का मौके पर निवारण
- उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह ने अधिकारियों को समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए
चंडीगढ़, 5 फरवरी - हरियाणा के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह की अध्यक्षता में आज नूंह स्थित लघु सचिवालय के सभागार में जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की मासिक बैठक आयोजित की गई। बैठक में एजेंडे में शामिल 15 परिवादों में से 11 का मौके पर ही समाधान किया गया, जबकि शेष चार परिवादों को लंबित रखते हुए संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई कर अगली बैठक में रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।
कैबिनेट मंत्री ने इस अवसर पर कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा जनहित में अनेक योजनाएं क्रियान्वित की गई हैं और जिला प्रशासन के सभी विभागों के अधिकारी सुनिश्चित करें कि सरकार की सभी योजनाओं व कार्यक्रमों का लाभ अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा जिला नूंह में जंगल सफारी विकसित करने की दिशा में काम किया जा रहा है। इसके साथ ही हम नए बजट में यह प्रयास कर रही है कि जिला नूंह में अधिक से अधिक उद्योग स्थापित हों, ताकि यहां के युवाओं को रोजगार के अधिक से अधिक अवसर प्राप्त हों।
बैठक में मंत्री राव नरबीर सिंह ने राजकीय मेडिकल कॉलेज से सम्बंधित, राशन वितरण, विकास एवं पंचायत, पानी की सप्लाई, प्रदूषण, आम जन की रोज़मर्रा के जीवन से सम्बंधित समस्याओं का समाधान किया। इस अवसर पर जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे।
38वें राष्ट्रीय खेल के पदक विजेताओं को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी 9 फरवरी को करेंगे सम्मानित, सीएम कप का भी करेंगे शुभारंभ-खेल मंत्री गौरव गौतम
गुरुग्राम के ताऊ देवीलाल स्टेडियम में आयोजित किया जाएगा समारोह
हरियाणा की खेल नीति है देश में श्रेष्ठ-श्री गौरव गौतम
चंडीगढ़, 5 फरवरी- हरियाणा के खेल मंत्री श्री गौरव गौतम ने कहा कि हरियाणा की खेल नीति देश में सबसे श्रेष्ठ है और प्रदेश खेलों में सबसे प्रगतिशील है। हरियाणा सरकार खेल नीति के तहत राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं से लेकर ओलंपिक पदक तक की उपलब्धियों पर खिलाड़ियों को 51,000 से लेकर 6 करोड़ रुपये की नकद प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाती है, जिससे खिलाड़ी आर्थिक रूप से मजबूत भी हो रहे हैं। खिलाड़ियों के हितों का ध्यान में रखते हुए सरकार द्वारा 9 फरवरी को गुरुग्राम के ताऊ देवीलाल स्टेडियम में समारोह आयोजित किया जाएगा, जिसमें हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी द्वारा उत्तराखंड में हुए 38वें राष्ट्रीय खेल पदक विजेताओं को सम्मानित किया जाएगा और सीएम कप-2025 का भी शुभारंभ किया जाएगा।
खेल मंत्री आज यहां हरियाणा निवास पर पत्रकारवार्ता कर रहे थे।
खेल मंत्री श्री गौरव गौतम ने कहा कि सम्मान समारोह में राष्ट्रीय खेलों के 48 स्वर्ण, 47 रजत और 58 कांस्य पदक विजेताओं के साथ-साथ खेलों में भागीदारी करने वाले कुल 689 खिलाड़िय़ों, कोचों को भी सम्मानित किया जाएगा। इस मौके पर भारतीय हाकी में उत्कृष्ट योगदान देने व हाल ही में पदमश्री अवार्ड से सम्मानित खिलाड़ी सविता पूनिया को भी विशेष रूप से सम्मानित किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 से अब तक लगभग 709 करोड़ रुपये की राशि 16970 खिलाड़ियों को नकद पुरस्कार एवं प्रोत्साहन राशि के रूप में दी जा चुकी है। वर्ष 2025-2026 के दौरान 662 खिलाड़ियों को 109 करोड़ रुपये से अधिक की राशि दी जा चुकी है, ताकि खिलाड़ियों का कल्याण हो सके।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार खिलाड़ियों की सच्ची हितैषी है। प्रदेश में 1500 खेल नर्सरियां खोली गई हैं, जिनमें 37 हजार से ज्यादा खिलाड़ी अभ्यास करते हैं। इसके अलावा, 500 और खेल नर्सरियों के खोलने के लिए खेल विभाग ने आवेदन मांगे हैं। नर्सरियों में खिलाड़ियों की प्रतिभा को तराशा जा रहा है।
उन्होंने कहा कि हरियाणा खेल विभाग का मिशन ओलंपिक 2036 है। इसमें हरियाणा का 36 पदक जीतने का लक्ष्य है। इसी दिशा में काम भी किया जा रहा है। आगामी बजट में इसी मिशन को ध्यान में रखकर राशि तय करने का काम किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की देखरेख में केंद्र का ऐतिहासिक बजट रखा गया है, जिसमें खेलों के लिए 33 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी की गई है। उन्होंने कहा कि 114 करोड़ की राशि से प्रदेश के खेल स्टेडियमों के कायाकल्प किया जा रहा है, जिसमें से 70 प्रतिशत काम हो चुका है।
इस अवसर पर खेल विभाग हरियाणा के प्रधान सचिव श्री विजय सिंह दहिया, खेल विभाग के एडिशनल डायरेक्टर श्री अश्वनी मलिक मौजूद रहे।
*मौजूदा राज्य सरकार की नीतियों और योजनाओं का केंद्र बिंदु है किसान कल्याण : कृष्ण कुमार बेदी*
*कैबिनेट मंत्री ने नरवाना में क्षेत्रवासियों की समस्याएं सुनकर विचार साझा किए*
चंडीगढ़, 5 फरवरी -- हरियाणा के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री श्री कृष्ण कुमार बेदी ने कहा कि मौजूदा राज्य सरकार की नीतियों और योजनाओं का केंद्र बिंदु किसान कल्याण है। सरकार यह भली - भांति समझती है कि हरियाणा एक कृषि प्रधान राज्य है और किसानों की समृद्धि के बिना प्रदेश की तरक्की संभव नहीं है। इसी सोच के साथ केंद्र व राज्य सरकार मिलकर कृषि को एक लाभकारी व्यवसाय बनाने की दिशा में लगातार ठोस और दूरदर्शी कदम उठा रही है, जिनका सीधा लाभ किसानों के साथ-साथ खेत मजदूरों को भी मिल रहा है।
कैबिनेट मंत्री श्री कृष्ण कुमार बेदी वीरवार को नरवाना में क्षेत्रवासियों की समस्याएं सुन रहे थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि पहले सरकार की योजनाएं केवल पारंपरिक फसलों तक सीमित रहती थीं, लेकिन मौजूदा सरकार ने कृषि के दायरे को व्यापक बनाया है।
अब खेती को केवल गेहूं और धान तक सीमित न रखते हुए फल, फूल, सब्जियां, मत्स्य पालन, पटसन, काजू, गरम मसाले जैसी उच्च मूल्य वाली फसलों और गतिविधियों को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। इससे किसानों की आय के नए स्रोत खुले हैं और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली है। कैबिनेट मंत्री श्री बेदी ने बताया कि इन फसलों की खेती करने वाले किसानों को सरकार द्वारा सस्ती दरों पर ऋण उपलब्ध करवाने का सराहनीय प्रावधान किया गया है। किसानों को खाद, बीज, कीटनाशक और अन्य आवश्यक कृषि सामग्री खरीदने के लिए केवाईसी के माध्यम से आसान ऋण सुविधा दी जा रही है। इस ऋण का भुगतान किसान अपनी फसल बेचने के बाद कर सकते हैं, जिससे उन पर आर्थिक बोझ नहीं पड़ता और वे बिना चिंता के खेती कर पाते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य किसान को साहूकारों के चंगुल से मुक्त कर आत्मनिर्भर बनाना है।
कैबिनेट मंत्री ने यह भी बताया कि मौजूदा सरकार ने किसानों की आय सुनिश्चित करने के लिए ऐतिहासिक कदम उठाते हुए 24 फसलों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खरीदने का निर्णय लिया है। इससे किसानों को अपनी उपज का उचित मूल्य मिल रहा है और बाजार में उन्हें किसी तरह के शोषण का सामना नहीं करना पड़ता। उन्होंने गर्व के साथ कहा कि फसल की बिक्री के 48 घंटे के भीतर ही पूरी भुगतान राशि सीधे किसान के बैंक खाते में जमा कर दी जाती है, जिससे पारदर्शिता बनी रहती है और किसानों का सरकार पर भरोसा मजबूत हुआ है। इस अवसर पर कई गणमान्य व्यक्ति और अफसर एवं कर्मचारी मौजूद रहे।
*38वें राष्ट्रीय खेल के पदक विजेताओं को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी 9 फरवरी को करेंगे सम्मानित, सीएम कप का भी करेंगे शुभारंभ-खेल मंत्री गौरव गौतम*
*गुरुग्राम के ताऊ देवीलाल स्टेडियम में आयोजित किया जाएगा समारोह*
*हरियाणा की खेल नीति है देश में श्रेष्ठ-श्री गौरव गौतम*
चंडीगढ़, 5 फरवरी- हरियाणा के खेल मंत्री श्री गौरव गौतम ने कहा कि हरियाणा की खेल नीति देश में सबसे श्रेष्ठ है और प्रदेश खेलों में सबसे प्रगतिशील है। हरियाणा सरकार खेल नीति के तहत राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं से लेकर ओलंपिक पदक तक की उपलब्धियों पर खिलाड़ियों को 51,000 से लेकर 6 करोड़ रुपये की नकद प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाती है, जिससे खिलाड़ी आर्थिक रूप से मजबूत भी हो रहे हैं। खिलाड़ियों के हितों का ध्यान में रखते हुए सरकार द्वारा 9 फरवरी को गुरुग्राम के ताऊ देवीलाल स्टेडियम में समारोह आयोजित किया जाएगा, जिसमें हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी द्वारा उत्तराखंड में हुए 38वें राष्ट्रीय खेल पदक विजेताओं को सम्मानित किया जाएगा और सीएम कप-2025 का भी शुभारंभ किया जाएगा।
खेल मंत्री आज यहां हरियाणा निवास पर पत्रकारवार्ता कर रहे थे।
खेल मंत्री श्री गौरव गौतम ने कहा कि सम्मान समारोह में राष्ट्रीय खेलों के 48 स्वर्ण, 47 रजत और 58 कांस्य पदक विजेताओं के साथ-साथ खेलों में भागीदारी करने वाले कुल 689 खिलाड़िय़ों, कोचों को भी सम्मानित किया जाएगा। इस मौके पर भारतीय हाकी में उत्कृष्ट योगदान देने व हाल ही में पदमश्री अवार्ड से सम्मानित खिलाड़ी सविता पूनिया को भी विशेष रूप से सम्मानित किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 से अब तक लगभग 709 करोड़ रुपये की राशि 16970 खिलाड़ियों को नकद पुरस्कार एवं प्रोत्साहन राशि के रूप में दी जा चुकी है। वर्ष 2025-2026 के दौरान 662 खिलाड़ियों को 109 करोड़ रुपये से अधिक की राशि दी जा चुकी है, ताकि खिलाड़ियों का कल्याण हो सके।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार खिलाड़ियों की सच्ची हितैषी है। प्रदेश में 1500 खेल नर्सरियां खोली गई हैं, जिनमें 37 हजार से ज्यादा खिलाड़ी अभ्यास करते हैं। इसके अलावा, 500 और खेल नर्सरियों के खोलने के लिए खेल विभाग ने आवेदन मांगे हैं। नर्सरियों में खिलाड़ियों की प्रतिभा को तराशा जा रहा है।
उन्होंने कहा कि हरियाणा खेल विभाग का मिशन ओलंपिक 2036 है। इसमें हरियाणा का 36 पदक जीतने का लक्ष्य है। इसी दिशा में काम भी किया जा रहा है। आगामी बजट में इसी मिशन को ध्यान में रखकर राशि तय करने का काम किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की देखरेख में केंद्र का ऐतिहासिक बजट रखा गया है, जिसमें खेलों के लिए 33 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी की गई है। उन्होंने कहा कि 114 करोड़ की राशि से प्रदेश के खेल स्टेडियमों के कायाकल्प किया जा रहा है, जिसमें से 70 प्रतिशत काम हो चुका है।
इस अवसर पर खेल विभाग हरियाणा के प्रधान सचिव श्री विजय सिंह दहिया, खेल विभाग के एडिशनल डायरेक्टर श्री अश्वनी मलिक मौजूद रहे।
*नूंह में जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की बैठक में 15 में से 11 परिवादों का मौके पर निवारण*
*उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह ने अधिकारियों को समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए*
चंडीगढ़, 5 फरवरी - हरियाणा के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह की अध्यक्षता में आज नूंह स्थित लघु सचिवालय के सभागार में जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की मासिक बैठक आयोजित की गई। बैठक में एजेंडे में शामिल 15 परिवादों में से 11 का मौके पर ही समाधान किया गया, जबकि शेष चार परिवादों को लंबित रखते हुए संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई कर अगली बैठक में रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।
कैबिनेट मंत्री ने इस अवसर पर कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा जनहित में अनेक योजनाएं क्रियान्वित की गई हैं और जिला प्रशासन के सभी विभागों के अधिकारी सुनिश्चित करें कि सरकार की सभी योजनाओं व कार्यक्रमों का लाभ अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा जिला नूंह में जंगल सफारी विकसित करने की दिशा में काम किया जा रहा है। इसके साथ ही हम नए बजट में यह प्रयास कर रही है कि जिला नूंह में अधिक से अधिक उद्योग स्थापित हों, ताकि यहां के युवाओं को रोजगार के अधिक से अधिक अवसर प्राप्त हों।
बैठक में मंत्री राव नरबीर सिंह ने राजकीय मेडिकल कॉलेज से सम्बंधित, राशन वितरण, विकास एवं पंचायत, पानी की सप्लाई, प्रदूषण, आम जन की रोज़मर्रा के जीवन से सम्बंधित समस्याओं का समाधान किया। इस अवसर पर जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे।
*फरवरी 7 को आयोजित होगी जवाहर नवोदय विद्यालय चयन परीक्षा*
*कक्षा 9 और 11 की रिक्त सीटों के लिए एडमिट कार्ड ऑनलाइन जारी*
चंडीगढ़, 5 फरवरी -- जवाहर नवोदय विद्यालय चयन परीक्षा 2026 कक्षा 9वीं और 11वीं कक्षा में रिक्त सीटों पर दाखिलें के लिए जिन विद्यार्थियों ने ऑनलाइन आवेदन किए थे, उनकी परीक्षा 7 फरवरी, 2026 को प्रातः 11:00 बजे आयोजित होगी।
एक सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि जिन बच्चों ने ऑनलाइन आवेदन किए थे, उनके एडमिट कार्ड ऑनलाइन जारी कर दिए गए हैं। परीक्षा में पंजीकृत अभ्यर्थी अपने एडमिट कार्ड आधिकारिक वेबसाइट www.navodaya.gov.in से डाउनलोड कर सकते हैं।
उन्होंने बताया कि कक्षा 9 और 11 में प्रवेश के लिए होने वाली परीक्षा 7 फरवरी, 2026 शनिवार को जिला पंचकूला के जवाहर नवोदय विद्यालय मौली परीक्षा केंद्र पर आयोजित की जाएगी। प्रवेश पत्र से संबंधित किसी भी प्रकार की समस्या या जानकारी के लिए अभ्यर्थी जवाहर नवोदय विद्यालय चयन परीक्षा प्रभारी श्रीमती मनजीत कौर मोबाइल नंबर 8219381145 और श्री गुरबीर सिंह 9671060928 से संपर्क कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त विद्यालय से भी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
प्रवक्ता ने बताया कि परीक्षा में आने वाले अभ्यर्थी अपने साथ एडमिट कार्ड और आधार कार्ड लेकर प्रातः 10:00 बजे परीक्षा केंद्र पहुंचना सुनिश्चित करें। परीक्षा 11:00 बजे से 1.30 बजे तक आयोजित की जाएगी।
*2047 तक किसानों की आय चार गुणा बढ़ाने का लक्ष्य: श्याम सिंह राणा*
*करनाल के गांव गोंदर में जिला स्तरीय सेमिनार आयोजित*
चंडीगढ़, 5 फरवरी -- हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि 2047 तक किसानों की आय चार गुणा करने और 20 प्रतिशत जमीन पर प्राकृतिक खेती करने का लक्ष्य रखा गया है। सरकार खेती को मुनाफे का सौदा बनाना चाहती है। इसलिए खाद, बीज, कृषि उपकरणों, पराली प्रबंधन आदि पर सब्सिडी प्रदान की जा रही है। उन्होंने किसानों से आय बढ़ाने के लिए बागवानी, पशुपालन, मछली पालन जैसे व्यवसाय अपनाने की भी अपील की।
श्री राणा आज करनाल के गांव गोंदर में स्थित एक फार्म पर एकीकृत बागवानी मिशन के तहत आयोजित जिला स्तरीय सेमिनार में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे। इस मौके पर उनका पुष्प गुच्छ देकर, शॉल ओढ़ाकर व स्मृति चिह्न देकर सम्मान किया गया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सोच 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की है। सरकार तब तक किसानों की आमदनी चार गुणा बढ़ाना चाहती है। श्री राणा ने कहा कि लगातार बढ़ती आबादी के कारण जमीन की जोत भी छोटी होती जा रही है। कृषि लागत भी बढ़ रही है। आज लंबवत खेती की तकनीकों के सहारे पैदावार को बढ़ाना होगा।
उन्होंने कहा कि 2014 से पहले किसानों को उपज का दाम सीधे नहीं मिलता था, आढ़तियों के खाते में पैसा जाता था। हिसाब-किताब करने के बाद किसान के पल्ले कुछ नहीं बचता था, लेकिन अब ऐसा नहीं है। फसल बिकने के 48 घंटे के भीतर राशि सीधे किसानों के बैंक खातों में पहुंच जाती है।
कैबिनेट मंत्री श्री राणा ने कहा कि कृषि के क्षेत्र में बहुत अवसर हैं। सरकार भी इसे लाभकारी बनाने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। खाद, कीटनाशक, कृषि उपकरण, पराली प्रबंधन आदि पर सब्सिडी मुहैया कराई जा रही है।
सेमिनार में विषय ज्ञाताओं ने भी अपने विचार रखे।
इस अवसर पर कृषि, बागवानी, मत्स्य विभाग के साथ-साथ प्रगतिशील किसानों और बागवानी क्षेत्र की मशीनरी कंपनी एनएचआरडीएफ सलारू द्वारा स्टाल लगाए गए जिनमें किसानों से संबंधित विभिन्न योजनाओं की जानकारी पंफलेट, फोल्डर, पत्रिका आदि के माध्यम से दी गई। साथ ही शहद, हल्दी, नेट हाउस और किसान उत्पादक संगठन द्वारा तैयार किए गए उत्पादों को प्रदर्शित किया गया। कृषि मंत्री ने इन स्टाल्स का भी अवलोकन किया।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने जेल वार्डरो के लिए खोला घोषणाओं का पिटारा
मुख्यमंत्री ने की घोषणाएं : अब जेल वार्डर को 18 वर्ष की सेवा अवधि में हेड वार्डर के पद पर मिलेगी पदोन्नति,
सुधारात्मक सेवा पदक प्राप्त करने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों को एक वर्ष के सेवा-विस्तार का मिलेगा लाभ,
जेल वार्डर व हेड वार्डर को भी पुलिस कांस्टेबल के समान मिलेगा भत्ता,
राशन भत्ते को आगामी वित्त वर्ष से अढ़ाई गुणा बढ़ाकर 1500 रुपये किया,
कन्वेयन्स भत्ता 50 रुपये से बढ़ाकर 720 रुपये किया,
वर्दी भत्ते को बढ़ाकर 7500 रुपये किया
चंडीगढ़, 5 फरवरी- हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने जेल वार्डरो के लिए खुले दिल से घोषणाओं का पिटारा खोला और जेल वार्डर की पदोन्नति, सेवा विस्तार और भत्तों में विसंगतियों को दूर किया। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि अब जेल वार्डर को 18 वर्ष की सेवा अवधि में हेड वार्डर के पद पर पदोन्नति मिलेगी, सुधारात्मक सेवा पदक विजेता वाले अधिकारियों व कर्मचारियों को एक वर्ष के सेवा-विस्तार का लाभ मिलेगा, जेल वार्डर व हेड वार्डर को भी पुलिस कांस्टेबल के समान भत्ता मिलेगा, राशन भत्ते में भी आगामी वित्त वर्ष से अढ़ाई गुणा की बढ़ोतरी करते हुए 1500 रुपये किया गया, कन्वेयन्स भत्ता को 50 रुपये से बढ़ाकर 720 रुपये किया गया तथा वर्दी भत्ते को बढ़ाकर 7500 रुपये किया। इन घोषणाओं से जेल विभाग के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों का मनोबल और कार्यक्षमता बढ़ेगी।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी वीरवार को जेल प्रशिक्षण अकादमी, करनाल में दीक्षांत परेड समारोह में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे।
उन्होंने कहा कि आज करनाल की यह पावन धरती देशसेवा, कर्तव्य निष्ठा और राष्ट्रभक्ति के अद्भुत दृश्य की साक्षी बन रही है। यह क्षण उन माता-पिताओं के लिए भी गर्व का है, जिनकी आंखों में आज अपने बच्चों को वर्दी में देखकर संतोष और आत्मविश्वास झलक रहा है। उन्होंने कहा कि इस नव-निर्मित जेल प्रशिक्षण अकादमी में प्रशिक्षुओं की पहली दीक्षांत परेड का हिस्सा बनकर मुझे खुशी का अनुभव हो रहा है। उन्होंने कहा कि यह अवसर अनुशासन, सेवा, समर्पण और कर्तव्य बोध की आपकी उस यात्रा का महत्वपूर्ण पड़ाव है, जिसे आप सभी नव-प्रशिक्षित कर्मियों ने कठोर परिश्रम, संयम और आत्मनिष्ठा के साथ पूर्ण किया है। यह दिन आपके जीवन का स्मरणीय अध्याय है, जो आपको व्यक्तिगत उपलब्धि के साथ-साथ समाज और राज्य के प्रति एक महान दायित्व से भी जोड़ता है। इस बैच के सभी 116 सहायक अधीक्षक व वार्डरों को हार्दिक बधाई देता हूं। गर्व की बात है कि इस बैच में एक महिला सहायक अधीक्षक व 8 महिला वार्डर भी शामिल हैं। यह महिलाओं की सहभागिता एवं सशक्तिकरण की दिशा में एक सराहनीय कदम है।
उन्होंने कहा कि दीक्षांत परेड किसी भी वर्दीधारी सेवा में केवल प्रशिक्षण की समाप्ति का प्रतीक नहीं होती, बल्कि यह उस मानसिक, शारीरिक और नैतिक रूपांतरण की घोषणा होती है, जिसके बाद एक प्रशिक्षु पूर्ण रूप से जिम्मेदार अधिकारी के रूप में समाज की सेवा हेतु तैयार होता है। उन्होंने कहा कि कारागार व्यवस्था किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था का अत्यंत संवेदनशील और महत्वपूर्ण स्तंभ होती है। जेल केवल दंड देने का स्थान नहीं, बल्कि सुधार, पुनर्वास और मानवीय परिवर्तन की प्रयोगशाला होती है। हरियाणा सरकार इस विचारधारा में पूर्ण विश्वास रखती है कि अपराधी को दंड के साथ-साथ सुधार का अवसर देना समाज के दीर्घकालिक हित में है। इसी सोच के साथ हमारी सरकार जेल सुधारों, बंदी कल्याण और आधुनिक कारागार प्रबंधन को निरंतर सशक्त बना रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मुझे यह जानकर प्रसन्नता हुई है कि जेल वार्डर को जेल प्रशिक्षण अकादमी, करनाल द्वारा आधुनिक प्रशिक्षण पद्धतियों, मानवाधिकारों, मनोवैज्ञानिक समझ, कानून की बारीकियों, शारीरिक दक्षता और नैतिक मूल्यों से सुसज्जित किया गया है। यह प्रशिक्षण आपको केवल एक कर्मचारी नहीं, बल्कि एक संवेदनशील, विवेकशील और उत्तरदायी अधिकारी बनने की दिशा में अग्रसर करता है। वर्दी आपके अधिकार का नहीं, बल्कि आपकी जिम्मेदारी का प्रतीक है। आज के समय में कारागार कर्मियों की भूमिका पहले से कहीं अधिक चुनौतीपूर्ण हो गई है। बदलते सामाजिक परिवेश, तकनीकी विकास और अपराध के नए स्वरूपों के बीच आपको न केवल सजग रहना है, बल्कि मानवीय दृष्टिकोण को भी बनाए रखना है। जेल के भीतर अनुशासन बनाए रखते हुए बंदियों के साथ मानवीय व्यवहार, उनके पुनर्वास और समाज में पुन: सम्मानजनक जीवन की दिशा में मार्गदर्शन देना आपका प्रमुख दायित्व है।
उन्होंने कहा कि आपकी इसी भूमिका को देखते हुए सरकार ने इस जेल में ट्रेनिंग अकादमी की स्थापना की है। मुझे 21 मई, 2025 का वह दिन याद आ रहा है, जब इस अकादमी का उद्घाटन मेरे द्वारा किया गया था। इसमें जेल के कर्मचारियों एवं अधिकारियों को आधुनिक प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए अत्याधुनिक सुविधाएं हैं। सरकार ने जेल विभाग में आधारभूत ढांचे के सुदृढ़ीकरण, डिजिटलाइजेशन, ई-जेल प्रणाली, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग, कौशल विकास कार्यक्रमों और स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार की दिशा में अनेक महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। हमारा उद्देश्य है कि कारागार व्यवस्था केवल सुरक्षित ही नहीं, बल्कि सुधारोन्मुख, पारदर्शी और मानवीय बने। इस लक्ष्य की प्राप्ति में आप सभी की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। प्रदेश की जेलों में बंदियों के प्रवेश से लेकर रिहाई तक तथा उनके रहन-सहन, खान पान, उनकी मुलाकातें. चिकित्सा सुविधाएं, कोर्ट-पेशी व केंटीन व्यवस्था पूरी तरह से कम्प्यूटरीकृत हैं। बंदियों को शिक्षा प्रदान करने हेतु जेलों में स्किल डेवलपमेंट कोर्सेज चलाये जा रहे हैं। यही नहीं, हम यह भी सुनिश्चित कर रहे हैं कि कैदी जेल से बाहर आने पर सम्मानजनक रोजगार प्राप्त कर सके और समाज की मुख्यधारा में जुड़ सके। इसी दिशा में, पांच जेलों में आई.टी.आई. के डिप्लोमा कोर्स व पॉलिटेक्निक कोर्सों की शुरुआत की गई है। ये कौशल प्राप्त करने वाले कैदियों को सजा की अवधि समाप्त होने पर हरियाणा कौशल रोजगार निगम के माध्यम से रोजगार देने के लिए निगम से एम.ओ.यू. भी किया गया है। कैदियों के रोजगार के लिए सरकार ने प्रदेश की 8 जेलों में पेट्रोल पंप खोले हैं। इसके अलावा अगले महीने तक चार और जेलों में पेट्रोल पंप खोले जाएंगे।
उन्होंने कहा कि केंद्रीय जेल अंबाला, केंद्रीय जेल 1 हिसार तथा जिला जेल, फरीदाबाद, पानीपत, गुरुग्राम, करनाल, झज्जर, रोहतक, यमुनानगर और कुरुक्षेत्र में जेल रेडियो स्टेशन चलाए जा रहे हैं। राज्य की जेलों में 335 वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सिस्टम स्थापित किए गए हैं। इनके द्वारा बंदियों की विभिन्न माननीय न्यायालयों में ऑनलाइन पेशी करवाई जाती है। सभी जेलों में लाइब्रेरी स्थापित की गई हैं, जहां पर अच्छी एवं ज्ञानवर्धक पुस्तकें उपलब्ध हैं। कठोर एवं गंभीर अपराधों में शामिल अपराधियों के लिए रोहतक में एक अत्याधुनिक सुरक्षा व्यवस्था एवं तकनीकों से युक्त उच्च सुरक्षा जेल का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है।
मुख्यमंत्री ने अपील की कि आप अपने कार्यकाल में सत्यनिष्ठा, अनुशासन और कर्तव्य को सर्वोपरि रखें। किसी भी परिस्थिति में प्रलोभन, दबाव या भय के आगे न झुकें। कानून का पालन करते हुए संवेदनशीलता और करुणा को अपने व्यवहार का आधार बनाएं। आपकी एक सकारात्मक पहल किसी व्यक्ति के जीवन की दिशा बदल सकती है। यह भी आवश्यक है कि आप निरंतर सीखते रहें। प्रशिक्षण कभी समाप्त नहीं होता। अनुभव, अध्ययन और आत्ममंथन से आप स्वयं को और अधिक सक्षम बना सकते हैं। तकनीक का उपयोग, नियमों की जानकारी और मानवीय मूल्यों की समझ आपको एक उत्कृष्ट कारागार अधिकारी बनाएगी। सरकार आपकी क्षमता संवर्धन के लिए सदैव प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा कि इस अवसर पर जेल प्रशिक्षण अकादमी के प्रधानाचार्य, प्रशिक्षकों और समस्त स्टाफ को बधाई दी। जिन्होंने सीमित समय में आपको उच्च स्तर का प्रशिक्षण प्रदान किया। उनकी मेहनत आज आपकी परेड, अनुशासन और आत्मविश्वास में स्पष्ट दिखाई देती है। यह अकादमी हरियाणा की कारागार व्यवस्था की रीढ़ है और इसके योगदान को सदैव याद रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि आप जहां भी तैनात हों, अपने कार्य से विभाग, राज्य और राष्ट्र का नाम रोशन करें। अपने परिवारजनों के विश्वास पर खरे उतरे और समाज में न्याय, सुरक्षा और मानवता की स्थापना में अपनी भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि यह दीक्षांत समारोह आपके जीवन की नई शुरुआत है। मुझे पूर्ण विश्वास है कि आप सभी अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूरी निष्ठा, साहस और संवेदनशीलता के साथ करेंगे तथा हरियाणा को एक सुरक्षित, न्यायपूर्ण और मानवीय राज्य बनाने में अपना अमूल्य योगदान देंगे।
इस अवसर पर हरियाणा के सहकारिता, कारागार, निर्वाचन, विरासत एवं पर्यटन मंत्री डॉ. अरविन्द कुमार शर्मा ने दीक्षांत परेड समारोह में बोलते हुए प्रशिक्षुओं को शुभकामनाएं दी और मुख्यमंत्री का स्वागत एवं आभार जताया। उन्होंने कहा कि कारागार विभाग के पास मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के आशीर्वाद से धन की कोई कमी नही है। जेलों को आधुनिक तकनीकों से जोड़ा जा रहा है। जेल केवल दंड देने का स्थान नही बल्कि वे सुधार, पुनर्वास और पुन निर्माण का अहम केंद्र है। एक जेल अधिकारी के रूप में आपकी भूमिका केवल प्रहरी की नहीं, बल्कि मार्गदर्शन, अनुशासक और कभी-कभी एक शिक्षक की भी होती है। हम एक ऐसे युग में कार्य कर रहे हैं जहां अपराध के स्वरूप बदल रहे हैं, सामाजिक चुनौतियां जटिल होती जा रही हैं और मानवाधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ी है।ऐसे में जेल प्रशासन की भूमिका और भी अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है। हमें सख्ती और संवेदनशीलता के बीच संतुलन बनाकर चलना होगा। कानून का पालन करते हुए भी मानवीय दृष्टिकोण बनाए रखना ही एक उत्कृष्ट जेल अधिकारी की पहचान है। हमारा लक्ष्य होना चाहिए कि जब कोई बंदी जेल से बाहर निकले, तो वह एक बेहतर नागरिक बनकर समाज की मुख्यधारा से जुड़े।
विभाग के महानिदेशक आलोक मित्तल ने कहा कि आज का यह ऐतिहासिक एवं गौरवपूर्ण अवसर हरियाणा कारागार विभाग के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। दानवीर कर्ण की भूमि करनाल में नव-निर्मित जेल अकादमी से प्रशिक्षुओं की पहली दीक्षांत परेड न केवल एक प्रशिक्षण सत्र की पूर्णता है बल्कि यह विभाग के आधुनिकीकरण एवं व्यावसायिक दक्षता की दिशा में एक अहम कदम हैं। हरियाणा सरकार द्वारा कारागार प्रणाली को आधुनिक व सुधारात्मक बनाने के लिए ठोस कदम उठाए जा रहे है। उन्होंने आश्वासन दिया कि हरियाणा की जेल सुधार की दृष्टि से देश में बेस्ट रहेगी। उन्होंने कहा कि जेलों से किसी अपराधिक गतिविधियों का संचालन न हो, यह हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि मोबाईल फोन के दुरुपयोग पर प्रभावी नियंत्रण के लिए 6 जेलों में 10 वी-कवच सिस्टम स्थापित किए जा रहे है तथा सेंट्रल जेल अंबाला में टी-एचसीबीएस सिस्टम कार्यशील है। जेलों की सुरक्षा को सुदृढ़ करने हेतु एनएयजेडी, डीएसएमडी, एचएचएमडी, डीएमएमडी, बैगेज स्कैनर जैसे आधुनिक उपकरणों का उपयोग किया जा रहा है। सभी जेलों में लगभग 1500 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए है। जिनके माध्यम से जेलों की 24 घंटे निगरानी रखी जा रही है। विभाग में नवीन न्यायिक संहिता के कारागार संबंधी प्रावधानों को पूर्णत: लागू किया जा रहा है। जेलों में 453 वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सिस्टम कार्यशील है। वर्तमान में 82 प्रतिशत बंदियों की पेशी वीसी के माध्यम से करवाई जा रही है। जिसे अगले दो माह में 90 प्रतिशत तक ले जाने का लक्ष्य है। जेलों में मेडिकल जांच की भी सुविधा उपलब्ध करवाई जा रही है।
इस अवसर पर जेल प्रशिक्षण अकादमी के प्रधानाचार्य नरेश गोयल ने दीक्षांत परेड समारोह में प्रशिक्षुओं को शपथ दिलाई।
इस अवसर पर विधायक जगमोहन आनंद, मेयर रेनू बाला गुप्ता सहित अन्य गणमान्य मौजूद रहे।
कुरुक्षेत्र राज्य स्तरीय पशु मेले के रैंप पर कैटवॉक करेंगे बेशकीमती पशु
41वें राज्य स्तरीय पशुधन प्रदर्शनी का आज उद्घाटन करेंगे श्री श्याम सिंह राणा
चंडीगढ़ , 5 फरवरी - हरियाणा के कुरुक्षेत्र में कल 6 से 8 फरवरी आयोजित किये जा रहे राज्य स्तरीय पशु मेले के रैंप पर बेशकीमती अच्छी नस्ल के पशु कैटवॉक करेंगे। इस मेले में प्रतियोगिता में अच्छी नस्ल का पुरस्कार जीतने वाले पशुपालकों को इनाम राशि भी दी जाएगी। इतना ही नहीं 6 से 8 फरवरी तक चलने वाले राज्य स्तरीय पशु मेले में रोजाना पंजीकरण करवाने वाले किसानों को भी बुलेट मोटरसाइकिल जैसे आकर्षक पुरस्कार दिए जाएंगे। इस पुरस्कार के लिए रोजाना सायं के समय लक्की ड्रा से विजेताओं के नाम निकाले जाएंगे।
एक सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि हरियाणा के पशुपालन एवं कृषि मंत्री श्री श्याम सिंह राणा 6 फरवरी को 41 वें राज्य स्तरीय पशुधन प्रदर्शनी का शुभारंभ करेंगे। इसी तरह 7 फरवरी को केंद्रीय मत्स्य, पशुपालन एवं डेयरी और पंचायती राज मंत्री श्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचेंगे जबकि समापन समारोह में हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी मुख्यातिथि होंगे और कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे।
उन्होंने बताया कि इस मेले में दो प्रदर्शनियों का भी आयोजन किया जाएगा। इन प्रदर्शनियों में 100 से ज्यादा सरकारी और निजी संस्थाएं पहुंचेंगे। इन प्रदर्शनियों में पशुपालन की नई तकनीक देखने को मिलेगी। इसके अलावा किसानों के लिए रोजाना मनोरंजन के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जाएगा और सरकार की तरफ से निशुल्क जलपान की व्यवस्था भी की गई है।
उन्होंने कहा कि पशुपालन विभाग की तरफ से आयोजित होने वाले राज्य स्तरीय पशु मेले में 23 जिलों से लगभग 1 लाख किसान भाग लेंगे। इन सभी जिलों से किसानों को लाने व ले जाने के लिए बसों की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा कार्यक्रम स्थल पर भी पशुपालन विभाग की तरफ से तमाम पुख्ता इंतजाम किए गए है। उन्होंने कहा कि राज्य स्तरीय पशु मेले में 1500 पशु पहुंचेंगे और सभी अच्छी नस्ल के होंगे। इन पशुओं के लिए 53 कैटेगरी निर्धारित की गई है और सभी कैटेगरी में प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा।
सूरजकुंड मेले में दिखा दक्षिण भारत की चित्रकला का वैभव
तमिलनाडु के शिल्पकार की 12 लाख रुपये की तंजौर पेंटिंग बनी आकर्षण का केंद्र
चण्डीगढ़, 5 फरवरी -- फरीदाबाद की सुरम्य अरावली पहाड़ियों में आयोजित 39वां सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय आत्मनिर्भर शिल्प मेला कला प्रेमियों के लिए किसी स्वर्ग से कम नहीं है। मेले में देश-विदेश की विविध संस्कृतियों के बीच दक्षिण भारत की पारंपरिक चित्रकला अपनी अमिट छाप छोड़ रही है। तमिलनाडु से आए शिल्पकार केशव की तंजौर पेंटिंग पर्यटकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं।
शिल्पकार केशव के स्टॉल पर 12 हजार रुपए से लेकर 12 लाख रुपए तक की बेशकीमती पेंटिंग्स प्रदर्शित की गई हैं। तिरुपति बालाजी की 12 लाख रुपए की कीमत वाली पेंटिंग अपनी सूक्ष्म कारीगरी, शुद्ध सोने की पन्नी के काम और कीमती रत्नों के जुड़ाव के कारण मेले की सबसे महंगी और भव्य कलाकृतियों में से एक है, जो मेले में आकर्षण का केंद्र बनी है।
बीन, नगाड़ा, कच्ची घोड़ी पार्टी व लंबू कर रहे आगंतुकों का जोरदार स्वागत
युवक युवतियां ही नहीं, बल्कि विदेशी पर्यटक भी जमकर झूमते आए नजर
15 फरवरी तक चलने वाले सूरजकुंड मेले में रोजाना हजारों पर्यटक पहुंच रहे हैं। लोकल टू ग्लोबल-आत्मनिर्भर भारत की पहचान थीम के साथ आयोजित इस अंतरराष्ट्रीय आत्मनिर्भर क्राफ्ट मेले में स्वदेशी, संस्कृति और परंपरा का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है।
मेले में हरियाणा के साथ अन्य प्रदेशों के कलाकार भी अपनी लोक शैली से पर्यटकों का मनोरंजन कर रहे हैं। मेले में लोक कलाकारों द्वारा पारंपरिक वेशभूषा में परंपरागत वाद्य यंत्र बजाकर दर्शकों का स्वागत किया जा रहा है। इन कलाकारों के वाद्य यंत्रों की ध्वनि इतनी सुरीली है कि पर्यटक खुद को थिरकने से नहीं रोक पा रहे हैं। मेले में डेरु, बैगपाइपर व ढोल की थाप पर युवक युवतियां ही नहीं, बल्कि विदेशी पर्यटक भी जमकर झूमते नजर आ रहे हैं।
अंतरराष्ट्रीय आत्मनिर्भर क्राफ्ट मेले को लेकर युवा पीढ़ी में जोश है। मेला परिसर में जगह-जगह पारंपरिक वेशभूषा से सुसज्जित ऐसी सांस्कृतिक टोलियां लोगों का खूब मनोरंजन कर रही हैं। मेला परिसर में स्वदेशी उत्पादों की सुगंध, लोक संगीत की गूंज और प्राचीन संस्कृति की झलक आगंतुकों को आकर्षित कर रही है, वहीं इस मेले में हरियाणा की लोक संस्कृति से बीन, नगाड़ा पार्टी कलाकार पर्यटकों का जोरदार स्वागत कर रहे हैं।
अंतरराष्ट्रीय पवेलियन में मिस्र की शीशल कला का अद्भुत प्रदर्शन
शीशल से बने उत्पादों ने मोहा पर्यटकों का मन
अरावली की सुंदर वादियों में आयोजित इस मेले में इस वर्ष पार्टनर नेशन के रूप में मिस्र अपनी अद्भुत कलाकृतियों के साथ मुख्य आकर्षण का केंद्र बना हुआ है, जहां मेला परिसर में पार्टनर नेशन मिस्र अपनी संस्कृति को प्रदर्शित करते हुए पर्यटकों पर अमिट छाप छोड़ रहा है। वहीं अंतरराष्ट्रीय पवेलियन में मिस्र के शिल्पकारों द्वारा प्रदर्शित हस्तशिल्प न केवल विदेशी संस्कृति की झलक दिखा रहे हैं, जो भारतीय पर्यटकों के बीच भी बेहद लोकप्रिय हो रहे हैं।
मिस्र के स्टॉल पर शीशल से बने उत्पाद सबसे अधिक चर्चा बटोर रहे हैं। यहां विशेष रूप से तैयार किए गए ज्वेलरी बॉक्स पर्यटकों की पहली पसंद बने हुए हैं। इसके अतिरिक्त, शीशल से निर्मित बर्नर जो घर में खुशबू फैलाने के काम आते हैं, फूड टोकरी, तथा हाथ और गले के लिए आकर्षक ब्रेसलेट्स और नेकलेस उपलब्ध है। इसके साथ ही स्टॉल पर सिरेमिक से बने सुंदर टी-सेट और बाउल भी सजाए गए हैं, जो अपनी महीन कारीगरी के लिए सराहे जा रहे हैं।
मिस्र के शिल्पकार गोहारी ने बताया कि वे अपने इस पुश्तैनी काम को कई पीढिय़ों से संजोए हुए हैं। उन्होंने बताया कि वे मिस्र के मिनिस्ट्री ऑफ सोशल सॉलिडेरिटी और भारत सरकार के विशेष सहयोग से इस मेले में अपनी स्टॉल लगा पाए हैं। उन्होंने मेले की शानदार व्यवस्थाओं और आतिथ्य सत्कार के लिए हरियाणा सरकार का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि सूरजकुंड का यह मंच विश्व भर के शिल्पकारों को एक साथ अपनी कला की प्रतिभा दिखाने का बेहतरीन जरिया है, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कला का आदान-प्रदान होता है।
कश्मीर की पेपरमेशी कला के मुरीद हुए लोग
अखरोट की लकड़ी से बनाए खिलौने व लैंप आ रहे पसंद
सूरजकुंड मेले में कश्मीर की पेपरमेशी कला को देखकर पर्यटक शिल्पकारों के मुरीद हो रहे हैं। यह कश्मीर की 15वीं शताब्दी की पारंपरिक कला है जिसमें कागज की लुगदी, कपड़े व भूसे को सांचे में मिलाकर बक्से, गुलदस्ते व अन्य वस्तुएं बनाई जाती हैं और जटिल पेंटिंग से तैयार किया जाता है।
गुलाम मोही-उद-दीन डार ने बताया कि कश्मीरी पेपर मैशी प्राचीन शिल्पकला को देशभर में काफी पसंद किया जाता है। सूरजकुंड मेला में भी उनके द्वारा तैयार किए फ्रेम, लैंप सहित अन्य सजावटी सामान पर्यटकों को पसंद आ रहे हैं। इसके अलावा, अखरोट की लकड़ी से बच्चों के खिलौने भी काफी पसंद किए जा रहे हैं।
हरियाणा में एचसीएस अधिकारी दीपक कुमार का तबादला
चंडीगढ़, 05 फरवरी—हरियाणा सरकार ने तत्काल प्रभाव से एक एचसीएस अधिकारी के स्थानांतरण एवं नियुक्ति आदेश जारी किए हैं।
श्री दीपक कुमार, जो वर्तमान में हरियाणा परिवार पहचान प्राधिकरण, पंचकूला में संयुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी तथा हरियाणा एआई डेवलपमेंट प्रोजेक्ट (एचएआईडीपी), हरियाणा क्लीन एयर प्रोजेक्ट फॉर सस्टेनेबल डेवलपमेंट (एचसीएपीएसडी) और अन्य बाहरी सहायता प्राप्त परियोजनाओं के स्पेशल पर्पज व्हीकल (एसपीवी) में संयुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी के पद पर कार्यरत हैं, को हरियाणा राज्य इलेक्ट्रॉनिक्स विकास निगम (हारट्रॉन) में संयुक्त प्रबंध निदेशक नियुक्त किया गया है।
वे हरियाणा एआई डेवलपमेंट प्रोजेक्ट (एचएआईडीपी), हरियाणा क्लीन एयर प्रोजेक्ट फॉर सस्टेनेबल डेवलपमेंट (एचसीएपीएसडी) और अन्य बाहरी सहायता प्राप्त परियोजनाओं के स्पेशल पर्पज व्हीकल (एसपीवी) में संयुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी भी रहेंगे।
कनाडाई प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से की मुलाकात, निवेश, नवाचार और कौशल विकास पर हुई सार्थक चर्चा
हरियाणा-कनाडा संबंधों को मिली नई मजबूती, शिक्षा, स्किल डेवलपमेंट और आर्थिक सहयोग के क्षेत्रों में साझेदारी बढ़ाने पर सहमति
चंडीगढ़, 5 फरवरी — हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी से बुधवार देर सांय चंडीगढ़ स्थित उनके आवास ‘संत कबीर कुटीर’ पर कनाडा के अल्बर्टा प्रांत की स्वदेशी संबंध मंत्री राजन साहनी के नेतृत्व में आए उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल से भेंट की। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच निवेश, नवाचार, शिक्षा, कौशल विकास और आर्थिक सहयोग को मजबूत बनाने पर विस्तार से चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करते हुए कहा कि हरियाणा वैश्विक सहयोगों के लिए हमेशा तैयार है, जिससे प्रदेश में कौशल वृद्धि, नवाचार और आर्थिक विकास को गति मिले। उन्होंने बताया कि हरियाणा के बड़ी संख्या में छात्र कनाडा में उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं, जिससे शैक्षणिक सहयोग दोनों पक्षों के लिए महत्वपूर्ण क्षेत्र बन गया है।
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि हरियाणा सरकार द्विपक्षीय सहयोग, शैक्षणिक आदान-प्रदान और आर्थिक साझेदारी को बढ़ावा देने वाले सभी विषयों को अपना पूरा समर्थन प्रदान करेगी। हरियाणा का विदेश सहयोग विभाग अंतरराष्ट्रीय संबंधों, नवाचार और विदेशी निवेश जैसे क्षेत्रों पर लगातार कार्य कर रहा है।
बैठक के दौरान उच्च शिक्षा के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने की संभावनाओं पर विशेष चर्चा हुई। इस दौरान हरियाणा में कनाडा विश्वविद्यालय के परिसर बनाने पर विचार—विमर्श किया गया।
कनाडा के अल्बर्टा प्रांत की स्वदेशी संबंध मंत्री राजन साहनी ने हरियाणा के औद्योगिक विकास, नवाचार और मानव संसाधन विकास से जुड़ी नीतियों की सराहना की।
बैठक के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने अल्बर्टा के उन्नत कौशल विकास तंत्र और शिक्षा एवं रोजगार के संबंध में चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी, जिसमें मुख्य रूप से कौशल प्रशिक्षण, व्यावसायिक शिक्षा और उद्योग आधारित कार्यक्रमों में साझेदारी पर भी मंथन हुआ ताकि हरियाणा के युवाओं के लिए रोजगार के अवसरों में उल्लेखनीय वृद्धि हो सके।
इसके साथ—साथ प्रतिनिधिमंडल ने ऊर्जा, फूड प्रोसेसिंग, कृषि, लॉजिस्टिक्स और मुक्त व्यापार जैसे प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं पर भी विचार सांझा किए। मुख्यमंत्री ने हरियाणा की नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि आधारित उद्योगों और आपूर्ति श्रृंखला अवसंरचना में बढ़ती क्षमताओं के मद्देनजर तकनीकी आदान-प्रदान, निवेश जैसे मुद्दों पर विशेष जोर दिया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव श्री राजेश खुल्लर, विदेश सहयोग विभाग की प्रधान सचिव अमनीत पी. कुमार, सूचना, जनसंपर्क, भाषा एवं संस्कृति विभाग के महानिदेशक के. मकरंद पांडुरंग, विदेश सहयोग विभाग के सलाहकार पवन चौधरी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।