*हीरो एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी 2026*
*भारत ने दक्षिण कोरिया को 8-0 से हराकर अंतिम लीग मैच जीता; राउंड रॉबिन पूल में शीर्ष पर रही भारतीय टीम*
*मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान और महान डच खिलाड़ी फ्लोरिस जान बोवलैंडर ने दोनों टीमों से की जान-पहचान*
जालंधर, 2 नवंबर:
ओलंपियन सुरजीत हॉकी स्टेडियम जालंधर में चल रहे हीरो एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी हॉकी टूर्नामेंट के दौरान मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान और नीदरलैंड्स के महान ड्रैग-फ्लिकर फ्लोरिस जान बोवलैंडर द्वारा खिलाडिय़ों से जान-पहचान के बाद शुरू हुए अंतिम लीग मैच में भारतीय हॉकी टीम ने दक्षिण कोरिया को 8-0 के बड़े अंतर से हराकर अपनी जीत की लय बरकरार रखी है।
इस जीत के साथ भारतीय टीम राउंड रॉबिन लीग चरण में शीर्ष स्थान पर रही। इस अंतिम लीग मुकाबले की शुरुआत से पहले मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान और फ्लोरिस जान बोवलैंडर ने भारतीय और दक्षिण कोरियाई टीमों के खिलाडिय़ों से मुलाकात की।
लीग चरण में भारत 15 अंकों के साथ पहले, जापान 10 अंकों के साथ दूसरे, मलेशिया 9 अंकों के साथ तीसरे और दक्षिण कोरिया 6 अंकों के साथ चौथे स्थान पर रहा।
इस मैच में भारत की ओर से दिलप्रीत सिंह ने दो गोल दागे, जबकि कप्तान हरमनप्रीत सिंह, जुगराज सिंह, सुखजीत सिंह, शिलानंद लाकड़ा, संजय और अंगद बीर सिंह ने एक-एक गोल किया।
इससे पहले खेले गए मैच में बांग्लादेश ने चीन को 1-1 की बराबरी पर रोक लिया। चीन की ओर से मैच के दूसरे मिनट में बेनहाई चेन ने पेनल्टी कॉर्नर के जरिए पहला गोल करके टीम को बढ़त दिलाई। बांग्लादेश के लिए बराबरी का गोल कप्तान अशरफुल इस्लाम ने 38वें मिनट में पेनल्टी स्ट्रोक को गोल में बदलकर किया।
जापान और मलेशिया के बीच खेले गए एक अन्य कड़े मुकाबले में जापान ने 2-1 से जीत दर्ज की। मलेशिया की ओर से 10वें मिनट में अबू कमल अजराई ने गोल करके अपनी टीम को शुरुआत में बढ़त दिलाई, लेकिन जापानी टीम ने हार नहीं मानी। जापान के केंतारो फुकुदा ने क्रमश: 24वें और 54वें मिनट में दो गोल करके टीम को जीत दिलाई।
अब सेमीफाइनल चरण में भारत का मुकाबला दक्षिण कोरिया से और जापान का मलेशिया से होगा। ये चारों टीमें पहले ही अंतिम चार में जगह बना चुकी हैं। सेमीफाइनल मुकाबले 4 नवंबर को ओलंपियन बलबीर सिंह सीनियर इंटरनेशनल हॉकी स्टेडियम, मोहाली में खेले जाएंगे, और फाइनल मुकाबला भी 5 नवंबर को मोहाली में ही होगा।
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कांग्रेस, अकाली दल और भाजपा पूरी तरह भ्रष्ट; पंजाब के लोग सावधान रहें - मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
पंजाब के विकास को पटरी से उतारने के लिए भाजपा, कांग्रेस और अकाली दल एकजुट हो गए, अब राजनीतिक मुकाबला ‘एक बनाम सभी’ हो गया - मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
पारंपरिक पार्टियों को इस बात की तकलीफ है कि आम घर का बेटा समाज के हर वर्ग के लिए ईमानदारी से काम कर रहा है - मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
इनके झंडे और चुनाव चिह्न अलग-अलग हैं, लेकिन मंसूबे एक जैसे, ये पंजाब को लूटना चाहते हैं - मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
जब मैं गांवों में जाता हूं तो मेरी पगड़ी फूलों से भर जाती है, लोगों का प्यार और आशीर्वाद ही मेरी सबसे बड़ी ताकत है - मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
जब तक पंजाब के लोग मेरे साथ खड़े हैं, मुझे विरोधियों की कोई परवाह नहीं - मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
साल 2022 की तरह ही 2027 में भी विरोधी दल के बड़े नेताओं को घर बैठा देंगे लोग - मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
पिछली सरकारों ने पंजाब के लोगों को लूटने में कोई कसर बाकी नहीं छोड़ी - मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने पटियाला के विधानसभा क्षेत्र घनौर में विशाल सभा को संबोधित किया
पटियाला, 2 नवंबर:
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज कांग्रेस, अकाली दल और भाजपा पर तीखा हमला बोलते हुए इन्हें पूरी तरह भ्रष्ट पार्टियां करार दिया, जो पंजाब के विकास को पटरी से उतारने और अपने साझे राजनीतिक हितों की रक्षा के लिए एकजुट हो गई हैं। भविष्य के राजनीतिक मुकाबले को ‘एक बनाम सभी’ बताते हुए उन्होंने कहा कि अलग-अलग झंडे और चुनाव चिह्न होने के बावजूद इन पार्टियों का मकसद एक ही है - पंजाब को लूटना और यहां के लोगों का शोषण करना।
पटियाला के विधानसभा क्षेत्र घनौर में एक विशाल सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पारंपरिक पार्टियों को इस बात की बेचैनी है कि एक आम घर का बेटा समाज के हर वर्ग की भलाई के लिए ईमानदारी से काम कर रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि पंजाबियों का प्यार और आशीर्वाद ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है और उन्होंने विरोधियों को चेतावनी दी कि साल 2022 की तरह ही 2027 में भी लोग विरोधी दल के बड़े-बड़े नेताओं को घर बैठा देंगे।
अपने ‘एक्स’ हैंडल पर साझा की गई पोस्ट में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा: "पटियाला के विधानसभा क्षेत्र घनौर के गांव मंडोली में पीने के पानी के नए प्रोजेक्ट के उद्घाटन के मौके पर आज विशाल सभा को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि विरोधियों के विपरीत, हम कुर्सियों की लड़ाई नहीं लड़ रहे। हमारी लड़ाई पंजाब के लोगों को पीने का साफ पानी, बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मुहैया कराने की है। आम परिवारों के बच्चों को मेरिट के आधार पर सरकारी नौकरियां देना हमारी सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक है। लोगों का प्यार और साथ हमें ‘रंगला पंजाब’ बनाने की ताकत दे रहा है।"
दो जिलों के लिए नहर जल आपूर्ति प्रोजेक्ट लोगों को समर्पित करने के बाद सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने मौजूदा राजनीतिक हालात को "एक बनाम सभी" करार दिया। उन्होंने कहा कि जहां पारंपरिक राजनीतिक पार्टियां उनकी सरकार के खिलाफ एकजुट हो गई हैं, वहीं वे पंजाब के लोगों के प्यार और आशीर्वाद के साथ खड़े हैं। उन्होंने कहा, "एक तरफ भाजपा, अकाली दल और कांग्रेस हैं, जबकि दूसरी तरफ मैं पंजाब के लोगों के प्यार और आशीर्वाद के साथ खड़ा हूं। इन पार्टियों ने दशकों तक पंजाब पर राज किया और अब ये इसलिए परेशान हैं क्योंकि एक आम घर का बेटा समाज के हर वर्ग के भले के लिए ईमानदारी से काम कर रहा है।"
मुख्यमंत्री ने कहा, "इनके झंडे और चुनाव चिह्न अलग-अलग हैं, लेकिन इनकी नीयतें एक जैसी हैं। ये इस बात को हजम नहीं कर पा रहे कि पंजाब के संसाधन अब मु_ी भर राजनीतिक परिवारों की बजाय आम पंजाबियों की भलाई के लिए इस्तेमाल हो रहे हैं।"
उन्होंने कहा कि ये राजनीतिक पार्टियां पंजाब को लूटने के लिए एकजुट हुई हैं, जबकि वे 3.25 करोड़ पंजाबियों के सुख-दुख के भागीदार बने हैं। पारंपरिक पार्टियां उन्हें इसलिए निशाना बना रही हैं क्योंकि उन्हें समझ आ चुकी है कि लोग अब उनकी धोखे, भ्रष्टाचार और परिवारवाद की राजनीति को स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं हैं। उन्होंने कहा, "अकाली लीडरशिप ने अपने शासनकाल के दौरान लगभग हर कारोबार में अपना हिस्सा डाल लिया। ये नेता हर कारोबार में जबरदस्ती अपना हिस्सा लेते थे, जबकि मैंने आम लोगों के सुख, संघर्ष और दुख बांटने का रास्ता चुना है। इन्हें तकलीफ इस बात की है कि हमारी सरकार रसूखदार परिवारों की जगह आम लोगों के लिए काम कर रही है।"
गांवों के दौरे के दौरान लोगों से मिलने वाले स्नेह का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि लोगों का प्यार और आशीर्वाद ही उनकी सबसे बड़ी पूंजी और पंजाब की सेवा का इनाम हैं। उन्होंने कहा, "जब भी मैं गांवों में जाता हूं तो मेरी पगड़ी फूलों से भर जाती है क्योंकि लोग मुझ पर अपना प्यार, आशीर्वाद और स्नेह बरसाते हैं। मेरी पीठ पर किसी रसूखदार परिवार या बड़े पूंजीपतियों का हाथ नहीं है, बल्कि मेरे पास आम लोगों के आशीर्वाद हैं। जब तक पंजाब के लोग मेरे साथ खड़े हैं, मुझे विरोधियों की कोई परवाह नहीं।"
कांग्रेस पर चुटकी लेते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि कांग्रेस पार्टी आंतरिक फूट से जूझ रही है और इसके नेता आपस में ही एकता बनाए रखने में सक्षम नहीं हैं। उन्होंने आगे कहा कि भले ही कांग्रेस, भाजपा और अकाली दल सार्वजनिक रूप से एक-दूसरे के विरोधी होने का दिखावा करते हैं, लेकिन जब मौजूदा सरकार का विरोध करने की बात आती है तो ये सभी अंदरखाने एक हो जाते हैं।
दलबदल की ओर इशारा करते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस में लंबे समय तक रहे कई नेता अब भाजपा में शामिल हो चुके हैं। मनप्रीत सिंह बादल, सुनील जाखड़ और रवनीत सिंह बिट्टू उन नेताओं में से हैं जिन्होंने समय-समय पर अपनी वफादारियां बदली हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी दलबदल पारंपरिक पार्टियों की पहचान बन चुकी हैं, जिनके नेता अपनी सुविधा के अनुसार मौकापरस्ती की राजनीति करते हुए रंग बदलते रहते हैं।
प्रमुख राजनीतिक नेताओं को लोगों द्वारा चुनावों में नकारे जाने का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब के लोगों ने पिछली चुनावों में कैप्टन अमरिंदर सिंह, चरणजीत सिंह चन्नी, नवजोत सिंह सिद्धू, बिक्रम सिंह मजीठिया और अन्य को हराकर अपनी जनतंत्रीय ताकत का सबूत पहले ही दे दिया है। उन्होंने कहा, "कोई भी राजनीतिक नेता, चाहे उसका पद या रसूख कितना भी बड़ा क्यों न हो, लोगों से बड़ा नहीं होता। लोकतंत्र में जनता ही सर्वोच्च है और उसका फैसला ही सबसे अहम होता है। कोई भी राजनीतिक परिवार या व्यक्ति पंजाब की मालिकी का दावा नहीं कर सकता। लोगों ने बार-बार साबित किया है कि वे अहंकार, धोखा और लूट-खसोट को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेंगे। जनता वोटों के लिए झूठे वादे करने वालों और जमीनी स्तर पर काम करके दिखाने वालों के बीच का फर्क साफ समझती है।"
कार्यक्रम के दौरान समर्पित किए गए प्रोजेक्टों के महत्व का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पीने का साफ पानी मुहैया कराना सिर्फ बुनियादी ढांचे का उपक्रम नहीं है, बल्कि पंजाब के लोगों के स्वास्थ्य और भविष्य में सीधा निवेश है। उन्होंने कहा, "लगभग 90,000 घरों से संबंधित पांच लाख से अधिक लोगों को नहरों पर आधारित पीने का साफ पानी निर्बाध मिलेगा। ये प्रोजेक्ट खास तौर पर महत्वपूर्ण हैं क्योंकि कई गांवों में भूजल अत्यधिक फ्लोराइड और भारी धातुओं के प्रदूषण से प्रभावित हो चुका है। हमारी सरकार ने लोगों को भूजल के दूषित पानी से जुड़े स्वास्थ्य खतरों से बचाने के लिए यह उपक्रम किया है।"
मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि उनकी सरकार सिर्फ पाइपलाइनें नहीं बिछा रही बल्कि आने वाली पीढिय़ों के स्वास्थ्य को सुरक्षित कर रही है। साफ पीने का पानी एक बुनियादी जरूरत है और हर परिवार को उसका बराबर अधिकार है, चाहे वह किसी भी आर्थिक पृष्ठभूमि से संबंधित हो। उन्होंने आगे कहा कि ये प्रोजेक्ट हजारों परिवारों के लिए जीवन रेखा साबित होंगे।
मुख्यमंत्री ने सरकारी स्कूलों के कायाकल्प का जिक्र करते हुए कहा कि सुधरी हुई शैक्षिक कार्यप्रणाली और छात्रों में बढ़ता आत्मविश्वास सरकार के प्रयासों के नतीजों को दर्शाता है। उन्होंने कहा, "साल 2021 में सरकारी स्कूलों के सिर्फ 80 छात्र नीट के लिए योग्य हुए थे, जबकि इस साल यह संख्या बढक़र 882 हो गई है। यह सुधार हमारी सरकार की आम परिवारों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बराबर अवसर प्रदान करने के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।"
उन्होंने कहा कि गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों के बच्चों को पहले यह मानने के लिए मजबूर किया जाता था कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और पेशेवर करियर उनकी पहुंच से बाहर हैं। उनकी सरकार ने सरकारी स्कूलों की हालत सुधारकर और शिक्षकों व छात्रों को सक्षम बनाकर इस मानसिकता को बदलने के लिए काम किया है। उन्होंने आगे कहा कि आज सरकारी स्कूलों में पढ़ रहे बच्चे सबसे महंगे निजी संस्थानों के छात्रों से सफलतापूर्वक मुकाबला कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह वास्तव में लोगों की भलाई वाली सरकार है, जो लोगों की जिंदगियों को सुधारने के लिए अथक मेहनत करती है। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि सरकार ने आम आदमी क्लीनिक और मुख्यमंत्री सेहत योजना के जरिए सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवा को मजबूत किया है, जिसके तहत योग्य परिवारों को 10 लाख रुपए तक का स्वास्थ्य बीमा कवर मिलेगा। उन्होंने कहा, "इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी परिवार चिकित्सा खर्चों के कारण आर्थिक मुश्किल में न पड़े और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा आम नागरिकों की पहुंच में रहे। हमारी सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि लोगों को आर्थिक बोझ की चिंता किए बिना जरूरी स्वास्थ्य सेवा मिले।"
किसानों के लिए सरकार के उपक्रमों का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि कार्यों के लिए दिन के समय बिजली मुहैया कराने से किसान समुदाय को बड़ी राहत मिली है। किसान अब अपनी फसलों की सिंचाई के लिए पूरी रात जागने की बजाय दिन के समय अपने खेतों में काम कर सकते हैं।
उन्होंने आगे कहा कि नहर सिंचाई के अंतर्गत रकबा भी काफी बढ़ा है, जिससे भूजल पर निर्भरता घटी है और प्रदेश के पानी के कीमती संसाधनों को बचाने में मदद मिली है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "हमारे किसान पंजाब की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और उनकी सुविधा, सम्मान और खुशहाली हमारी प्राथमिकताएं हैं। दिन के समय बिजली देना और नहर नेटवर्क का विस्तार करना कृषि को अधिक टिकाऊ बनाने और यह सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं कि हमारे किसानों को बेवजह संघर्ष न करना पड़े।"
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पारंपरिक राजनीतिक पार्टियां इस तथ्य को हजम करने से असमर्थ हैं कि पंजाब में शासन का नया मॉडल देखने को मिल रहा है जिसमें सार्वजनिक पैसा शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, पीने के पानी, सिंचाई और अन्य जरूरी सेवाओं पर खर्च किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि विरोधी दल अपने राजनीतिक हमले जारी रख सकते हैं, लेकिन लोग सरकारों का मूल्यांकन उनके प्रदर्शन और प्रतिबद्धता के आधार पर करेंगे। जिन्होंने दशकों तक पंजाब पर राज किया, उनके पास लोगों की सेवा करने के बहुत सारे मौके थे लेकिन वे अपनी जिम्मेदारियां निभाने में असफल रहे। उन्होंने आगे कहा कि आज जब सरकारी स्कूल सुधर रहे हैं, स्वास्थ्य सेवा लोगों के दरवाजों तक पहुंच रही है, किसानों को दिन के समय बिजली मिल रही है और गांवों को पीने का साफ पानी मिल रहा है तो वही राजनीतिक ताकतें बेचैन हो रही हैं।
अपनी सरकार की विकास के प्रति प्रतिबद्धता को दोहराते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि सार्वजनिक पैसे का एक-एक पैसा लोगों की भलाई के लिए इस्तेमाल होता रहेगा। उन्होंने कहा कि आने वाली राजनीतिक लड़ाई किसी एक व्यक्ति या किसी एक राजनीतिक पार्टी के बारे में नहीं है, बल्कि पंजाब के हितों की रक्षा करने और आने वाली पीढिय़ों के लिए बेहतर भविष्य सुनिश्चित करने के बारे में है। उन्होंने कहा, "पंजाब के लोग मेरा परिवार हैं और उनका विश्वास मेरी सबसे बड़ी ताकत है। ये राजनीतिक पार्टियां एकजुट हो सकती हैं, मुहिम चला सकती हैं और आरोप लगा सकती हैं, लेकिन वे पंजाबियों की सामूहिक इच्छाओं को हरा नहीं सकती। पंजाब का भविष्य इसके लोगों द्वारा तय किया जाएगा, न कि कुछ राजनीतिक परिवारों द्वारा।"
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*मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान द्वारा पटियाला के 316 गांवों को पीने के साफ पानी का तोहफा*
*घनौर क्षेत्र में 432.65 करोड़ रुपये की लागत से बना अत्याधुनिक वाटर ट्रीटमेंट प्लांट लोगों को समर्पित*
*इन प्लांटों के शुरू होने से 4.50 लाख निवासियों को साफ पीने का पानी मिलेगा, भूजल संकट से निपटने में मिलेगी मदद : मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान*
*आजादी के 80 साल बाद भी कई लोग साफ पीने के पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं को तरस रहे हैं : मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान*
*यह काम दशकों पहले हो जाना चाहिए था; पिछली सरकारों ने इन गांवों की जरूरतों को पूरी तरह नजरअंदाज किया: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान*
*752 किलोमीटर पाइपलाइन नेटवर्क के जरिए 75,000 घरों तक पहुंचेगा पानी: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान*
*लुधियाना, अमृतसर, जालंधर और पटियाला शहरों में भी पीने के साफ पानी की आपूर्ति जल्द सुनिश्चित करने के लिए काम जारी : मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान*
पटियाला, 2 नवंबर:
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज पटियाला के विधानसभा हलका घनौर के अंतर्गत आने वाले गांव मंडौली में 432.65 करोड़ रुपये की लागत से बने दो अत्याधुनिक वाटर ट्रीटमेंट प्लांट लोगों को समर्पित किए, जिससे पूरे क्षेत्र में साफ पीने के पानी की पहुंच को बड़ा बढ़ावा मिलेगा। यह परियोजना पांच विधानसभा हलकों के 316 गांवों में 752 किलोमीटर पाइपलाइन नेटवर्क के जरिए 4.50 लाख निवासियों और 70,000 घरों को रोजाना साफ नहरी पानी मुहैया कराएगी। भूजल संकट और फ्लोराइड सहित अन्य दूषित तत्वों की समस्या से निपटने के अलावा यह परियोजना पीने के पानी की चुनौतियों के लिए लंबे समय का समाधान साबित होगी, जो हर घर तक साफ पीने का पानी पहुंचाने की पंजाब सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
इस मौके पर अपने विचार साझा करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "आज पटियाला के गांव मंडौली में 432 करोड़ रुपये की लागत से बने दो नए वाटर ट्रीटमेंट प्लांट लोगों को समर्पित किए गए हैं। अब पांच विधानसभा हलकों के 316 गांवों और 75,000 घरों को रोजाना पीने का साफ नहरी पानी मिलेगा। यह परियोजना फ्लोराइड जैसे दूषित पानी की समस्या का पक्का समाधान करेगी और इलाका निवासियों के लिए अधिक सहायक सिद्ध होगी। पंजाबियों का स्वास्थ्य हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता है।"
सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "आज जिला पटियाला और फतेहगढ़ साहिब के लिए ऐतिहासिक दिन है क्योंकि लगभग 432 करोड़ रुपये की तीन बड़ी परियोजनाएं लोगों को समर्पित की जा रही हैं। साफ पीने के पानी की उपलब्धता सीधे तौर पर जनता के स्वास्थ्य से जुड़ी हुई है और ये परियोजनाएं लोगों के लिए अधिक मददगार साबित होंगी।" उन्होंने कहा कि दोनों जिलों में भूजल में फ्लोराइड और भारी धातुओं की मात्रा अधिक होने के कारण यहां नहरी पानी पर आधारित पीने का साफ पानी मुहैया कराने का फैसला लिया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा, "नहरी पानी को शुद्ध करने के लिए मंडौली और पबरी में वाटर ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित किए गए हैं, जिनकी रोजाना कुल क्षमता 69 मिलियन लीटर पानी साफ करने की है। जिला पटियाला का मंडौली प्लांट 266.20 करोड़ रुपये की लागत से और जिला पटियाला का ही पबरी प्लांट 166.46 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया गया है। इन परियोजनाओं से छह विधानसभा हलकों के 316 गांवों को लाभ होगा और लगभग 75,000 घरों में रहने वाले 5 लाख से अधिक लोगों को बिना किसी रुकावट के पीने योग्य नहरी पानी मिलेगा।"
उन्होंने कहा, "इन 316 गांवों में से 250 गांव वे हैं, जहां भूजल की गुणवत्ता प्रभावित थी, जबकि बाकी 158 गांव ट्रांसमिशन रूट पर पड़ते हैं। ये परियोजनाएं विशेष तौर पर महत्वपूर्ण हैं क्योंकि ये भूजल पर निर्भरता को कम करेंगी और भूमिगत जल संसाधनों को बचाने में मदद करेंगी।" उन्होंने कहा कि तीनों परियोजना साइटों पर पानी की जांच के लिए प्रयोगशालाएं स्थापित की गई हैं, जहां पानी की सफाई प्रक्रिया से पहले और बाद में रोजाना नमूनों की जांच की जाती है।
मुख्यमंत्री ने कहा, "यह बड़ी दुर्भाग्यपूर्ण बात है कि आजादी के 80 साल बाद भी इन गांवों के लोग साफ पीने के पानी जैसी बुनियादी जरूरत से वंचित थे। यह काम दशकों पहले पूरा हो जाना चाहिए था, लेकिन पिछली सरकारों ने पंजाब के लोगों की जरूरतों को पूरी तरह नजरअंदाज किया।" उन्होंने कहा कि हमने इस लंबे समय से लंबित जिम्मेदारी को अपने सिर लेकर हजारों परिवारों तक साफ पीने के पानी की पहुंच सुनिश्चित की है।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "इन प्रयोगशालाओं की टेस्टिंग रिपोर्ट हर महीने राज्य स्तरीय वाटर टेस्टिंग लेबोरेटरी को भेजी जाती हैं। इन परियोजनाओं की अहम विशेषता यह है कि पानी की आपूर्ति की निरंतर निगरानी और गुणवत्ता नियंत्रण सुनिश्चित करने के लिए वाटर ट्रीटमेंट प्लांटों और पानी की हर स्टोरेज टंकी पर सुपरवाइजरी कंट्रोल एंड डेटा एक्विजिशन (स्काडा) सिस्टम लगाया गया है।"
मुख्यमंत्री ने कहा, "हर घर तक पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए कुल 752 किलोमीटर डीआई ट्रांसमिशन पाइपलाइन बिछाई गई है। इसके अलावा 316 गांवों में 1,216 किलोमीटर पाइपलाइनों को अपग्रेड किया गया है। इन गांवों में मौजूदा जल आपूर्ति योजनाओं के तहत पानी की 322 स्टोरेज टंकियों के जरिए निर्विघ्न जल आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है।"
उन्होंने आगे कहा, "जिस कंपनी ने इन परियोजनाओं को पूरा किया है, उसे ही 10 सालों के लिए इनके संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके साथ ही परियोजनाओं के प्रभावशाली संचालन, निगरानी और सामुदायिक भागीदारी को सुनिश्चित करने के लिए सभी 316 गांवों में जल आपूर्ति और स्वच्छता समितियों का गठन किया गया है।"
*अब हमारे घरों तक साफ पीने का पानी पहुंच रहा है; हम इस पहल से बहुत खुश हैं: गुरप्रीत सिंह, निवासी जिला पटियाला*
जिला पटियाला के निवासी गुरप्रीत सिंह ने कहा, "पहले हमें भूजल की खराब गुणवत्ता के कारण भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ता था और साफ पीने का पानी हासिल करना हमारे परिवारों के लिए बड़ी चिंता का विषय था। अब नहरी पानी को साफ करके सीधा हमारे घरों तक पहुंचाया जा रहा है और हमारे घरों की टंकियों में भी साफ पानी भर रहा है। इससे हमें बहुत बड़ी राहत मिली है क्योंकि साफ पानी हर परिवार की बुनियादी जरूरत है। पिछली किसी भी सरकार ने इतने बड़े पैमाने पर एक साथ इतने सारे गांवों की इस समस्या को हल करने के लिए कोई कदम नहीं उठाया था। हम इस पहल और हजारों परिवारों को राहत देने के लिए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान का तहे दिल से धन्यवाद करते हैं।"
*हमारे परिवारों को अब साफ पीने के पानी की चिंता करने की जरूरत नहीं; यह बहुत बड़ी राहत है: हरप्रीत कौर, निवासी सनौर*
सनौर की निवासी हरप्रीत कौर ने कहा, "पहले हमें भूजल की गुणवत्ता और इसके हमारे परिवारों पर पडऩे वाले बुरे प्रभावों के बारे में हमेशा चिंता रहती थी। अब शुद्ध किया गया नहरी पानी हमारे घरों तक पहुंच रहा है, जिससे हमारी रोजाना जिंदगी बहुत आसान हो गई है। हम यह पानी अपने घरों की टंकियों में स्टोर कर सकते हैं और बिना किसी चिंता के अपनी रोजाना की जरूरतों के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं। सैकड़ों गांवों में इतना बड़ा काम होता देखकर बहुत तसल्ली हुई है। पिछली सरकारों ने इस बुनियादी जरूरत को पूरा करने के लिए कभी ऐसा बड़ा उपराला नहीं किया। हम अपने गांवों में साफ पीने का पानी पहुंचाने के लिए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान और उनकी सरकार के प्रयासों की सराहना करते हैं।"
*भगवंत मान सरकार ने पानी की सुविधा को मजबूत किया, लोगों की सेहत की रक्षा की और पंजाब भर में पानी के बुनियादी ढांचे की बदली सूरत*
पंजाब सरकार ने पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने, जनस्वास्थ्य की रक्षा करने और तेजी से बढ़ते भूजल संकट से निपटने के लिए बड़े स्तर पर बुनियादी ढांचागत पहल की हैं।
432.65 करोड़ रुपये की सतही जलापूर्ति की बड़ी परियोजना
पटियाला के पाबरा और मंडौली में अत्याधुनिक जल शोधन संयंत्र स्थापित किए गए हैं, जिनसे 316 गांवों को लाभ पहुंचेगा। इस परियोजना के तहत लगभग 75,000 घरों की 4,50,421 की आबादी को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा। इस परियोजना को वर्ष 2049 तक क्षेत्र की पेयजल आवश्यकताओं को पूरा करने के उद्देश्य से तैयार किया गया है।
पंजाब में भूजल का दोहन उसकी प्राकृतिक रिचार्ज क्षमता के 156.36 प्रतिशत तक पहुंच चुका है। ऐसे में भूजल संसाधनों का संरक्षण समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बन गया है। पटियाला की स्थिति विशेष रूप से चिंताजनक है। यहां भूजल का पुनर्भरण 1.89 बिलियन घन मीटर (बीसीएम) है, जबकि जमीन से 1.01 बीसीएम पानी निकाला जा रहा है। इसके विपरीत, दोहन की स्वीकार्य सीमा केवल 0.9 बीसीएम है। यह लगभग 208 प्रतिशत दोहन स्तर को दर्शाता है।
इसका अर्थ है कि भूजल का इस्तेमाल उसकी प्राकृतिक रूप से पुनर्भरण होने की क्षमता की तुलना में दोगुने से भी अधिक दर से किया जा रहा है।
पंजाब सरकार ने घनौर, राजपुरा, सनौर, पटियाला ग्रामीण और शंभू कलां के 316 गांवों में फ्लोराइड तथा एल्युमीनियम, सल्फेट, आर्सेनिक और यूरेनियम जैसे हानिकारक तत्वों की अधिक मात्रा की पहचान की है, जो निर्धारित सुरक्षित मानकों से कहीं अधिक है। नहर आधारित जल शोधन बुनियादी ढांचे के माध्यम से पानी की गुणवत्ता से जुड़ी इन चिंताओं को दूर करने के साथ स्थानीय निवासियों को सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराया जा सकता है।
पाबरा और मंडौली में स्थापित दोनों जल शोधन संयंत्रों की संयुक्त शोधन क्षमता 58 मिलियन लीटर प्रतिदिन (एमएलडी) है। शोधित पानी का वितरण 259 ओवरहेड सर्विस रिजर्वायर के माध्यम से किया जाता है। इसके लिए 752 किलोमीटर लंबा पाइपलाइन नेटवर्क विकसित किया गया है, जिससे लगभग 75,000 घरों और कुल 4,50,421 की आबादी को लाभ मिलेगा। इन संयंत्रों को वर्ष 2049 तक क्षेत्र की पेयजल संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए तैयार किया गया है, ताकि दीर्घकालिक जल सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
ये संयंत्र कुशल संचालन और पानी की गुणवत्ता की निरंतर निगरानी के लिए आधुनिक निगरानी प्रणालियों से लैस हैं। पूरी तरह स्वचालित पर्यवेक्षी नियंत्रण एवं डेटा अधिग्रहण (एससीएडीए) प्रणालियों से युक्त ये परियोजनाएं केंद्रीकृत डैशबोर्ड के माध्यम से कच्चे और शोधित पानी के प्रवाह की वास्तविक समय में निगरानी सुनिश्चित करती हैं। जल भंडारण टैंकों में पानी की निर्बाध और कुशल आपूर्ति बनाए रखने के लिए स्वचालित स्तर सेंसर, ओवरफ्लो अलार्म और पंप भी लगाए गए हैं।
प्रत्येक संयंत्र में पीएच और टर्बिडिटी की जांच के लिए आधुनिक प्रयोगशाला सुविधाएं भी उपलब्ध हैं, ताकि पानी की आपूर्ति से पहले उसकी गुणवत्ता की निगरानी की जा सके। ये तकनीकी नवाचार संचालन क्षमता को मजबूत करने और पेयजल की गुणवत्ता के निर्धारित मानकों को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
*भगवंत मान सरकार की 78 लाख शहरी निवासियों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने की बड़ी पहल*
लुधियाना, अमृतसर, जालंधर और पटियाला में बड़े सतही जलापूर्ति प्रोजेक्टों का उद्देश्य 78 लाख शहरी निवासियों को सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराना है। इन प्रमुख बुनियादी ढांचागत परियोजनाओं की संयुक्त जल शोधन क्षमता 1,410 एमएलडी है। शोधित पानी की आपूर्ति 500 किलोमीटर से अधिक लंबी पाइपलाइनों के माध्यम से की जाएगी।
इस बुनियादी ढांचे में 224 नए ओवरहेड सर्विस रिजर्वायर, भूमिगत जल भंडारण टैंक और पंपिंग स्टेशन शामिल हैं। इन परियोजनाओं से शहरी क्षेत्रों को अत्यधिक दोहन किए जा रहे भूजल स्रोतों पर निर्भरता कम करके टिकाऊ सतही जल प्रणालियों की ओर बढऩे में मदद मिलेगी। इससे भूजल संसाधनों पर दबाव कम होगा और दीर्घकालिक पेयजल सुरक्षा मजबूत होगी।
*पंजाब सरकार ने दिसंबर 2027 तक सीवरेज शोधन क्षमता लगभग 2,676 एमएलडी बढ़ाया*
पंजाब ने अपने सीवरेज शोधन बुनियादी ढांचे का उल्लेखनीय विस्तार किया है। वर्तमान में राज्य के 23 जिलों में 152 सीवरेज शोधन संयंत्र (एसटीपी) कार्यरत हैं, जिनकी संयुक्त शोधन क्षमता 2,243.7 एमएलडी है। इनमें पूरी तरह निर्मित और पुनर्वासित किए गए शोधन संयंत्र भी शामिल हैं।
दिसंबर 2027 तक राज्य की कुल सीवरेज शोधन क्षमता बढक़र लगभग 2,676 एमएलडी होने की उम्मीद है। इसमें लगभग 58 नए एसटीपी शामिल होंगे। इनमें अमृतसर और जीरकपुर में स्थापित किए जाने वाले 50-50 एमएलडी क्षमता के दो बड़े शोधन संयंत्र भी शामिल हैं। इस विस्तार से राज्य के गंदे पानी के शोधन संबंधी बुनियादी ढांचे और सीवरेज प्रबंधन क्षमता को और मजबूती मिलेगी।
*पटियाला जिले में 114.24 किलोमीटर लंबी डी-सिल्टिंग का काम*
पटियाला जिले की विभिन्न शहरी स्थानीय निकाय इकाइयों में कुल 114.24 किलोमीटर लंबी सीवरेज लाइनों की डी-सिल्टिंग का काम किया गया है। यह जिले भर में सीवरेज और बुनियादी ढांचे के रखरखाव के लिए किए जा रहे प्रयासों को दर्शाता है।
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सूचना एवं लोक संपर्क विभाग, पंजाब
‘गैंगस्टरां ते वार’ अभियान का 286वां दिन: पंजाब पुलिस ने 473 ठिकानों पर की छापेमारी, 181 काबू
पुलिस टीमों ने 160 व्यक्तियों के खिलाफ एहतियातन कार्रवाई भी की
आम लोग एंटी-गैंगस्टर हेल्पलाइन नंबर 93946-93946 पर गुप्त रूप से दे सकते हैं गैंगस्टरों की जानकारी
‘युद्ध नशों विरुद्ध’ अभियान के 611वें दिन 210 नशा तस्कर 1.4 किलोग्राम हेरोइन सहित काबू
चंडीगढ़, 2 नवंबर:
‘गैंगस्टरां ते वार’ अभियान के 286वें दिन पंजाब पुलिस ने आज राज्यभर में गैंगस्टरों के सहयोगियों के रूप में चिन्हित एवं मैप किए गए 473 ठिकानों पर छापेमारी की।
उल्लेखनीय है कि पंजाब को गैंगस्टर मुक्त राज्य बनाने के उद्देश्य से ‘गैंगस्टरां ते वार’ एक निर्णायक अभियान है, जिसकी शुरुआत पंजाब के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव ने 20 जनवरी, 2026 को की थी। राज्य के सभी जिलों की पुलिस टीमें एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स (एजीटीएफ), पंजाब के समन्वय से पूरे प्रदेश में विशेष अभियान चला रही हैं।
अभियान के 286वें दिन पुलिस टीमों ने 181 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया तथा उनके कब्जे से चार हथियार बरामद किए। इसके साथ ही अभियान की शुरुआत से अब तक गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों की कुल संख्या बढक़र 82,126 हो गई है।
इसके अतिरिक्त 160 व्यक्तियों के खिलाफ एहतियातन कार्रवाई की गई है। पुलिस टीमों ने इस अभियान के दौरान 10 भगोड़े अपराधियों को भी गिरफ्तार किया है।
आम लोग एंटी-गैंगस्टर हेल्पलाइन नंबर 93946-93946 के माध्यम से वांछित अपराधियों एवं गैंगस्टरों के बारे में गुप्त रूप से जानकारी साझा कर सकते हैं। इसके अलावा अपराधों अथवा आपराधिक गतिविधियों से संबंधित सूचनाएं भी पुलिस को दे सकते हैं।
इस बीच, पंजाब पुलिस ने नशों के खिलाफ अपना अभियान ‘युद्ध नशों विरुद्ध’ 611वें दिन भी जारी रखा। आज 210 नशा तस्करों को गिरफ्तार किया गया तथा उनके कब्जे से 1.4 किलोग्राम हेरोइन, 5.6 किलोग्राम अफीम, 10 किलोग्राम पोस्त, 680 नशीली गोलियां और 2,300 रुपये की ड्रग मनी बरामद की गई।
इसके साथ ही अभियान के 611 दिनों के दौरान गिरफ्तार किए गए नशा तस्करों की कुल संख्या बढक़र 90,408 हो गई है। नशामुक्ति अभियान के तहत पंजाब पुलिस ने आज 31 व्यक्तियों को नशा छोडऩे तथा पुनर्वास उपचार करवाने के लिए भी प्रेरित किया है।
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सूचना एवं लोक संपर्क विभाग, पंजाब
*मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान का हॉकी के प्रति प्रेम और उनका आत्मीय निमंत्रण मुझे जालंधर ले आया: डच हॉकी दिग्गज फ्लोरिस जेन बोवेलैंडर*
*पंजाब के बिना भारतीय हॉकी अधूरी: फ्लोरिस जेन बोवेलैंडर*
*हॉकी को दुनियाभर में लोकप्रिय बनाने में भारत का योगदान महत्वपूर्ण: फ्लोरिस जेन बोवेलैंडर*
*मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के निमंत्रण पर डच हॉकी दिग्गज फ्लोरिस जेन बोवेलैंडर एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी के लिए जालंधर पहुंचे*
जालंधर; 2 नवंबर:
डच हॉकी के दिग्गज खिलाड़ी और 1996 के अटलांटा ओलंपिक खेलों तथा 1990 विश्व कप में स्वर्ण पदक विजेता फ्लोरिस जेन बोवेलैंडर ने पंजाब में ‘हीरो एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी 2026’ देखने के लिए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान द्वारा दिए गए निमंत्रण पर खुशी व्यक्त की। उन्होंने इस अवसर पर मुख्यमंत्री की इस वर्ष अप्रैल में नीदरलैंड यात्रा तथा हॉकी के प्रति उनके गहरे जुनून और प्रेम को भी याद किया।
जालंधर के ओलंपियन सुरजीत सिंह हॉकी स्टेडियम में चल रहे टूर्नामेंट के दौरान बातचीत करते हुए फ्लोरिस जेन बोवेलैंडर ने कहा, ‘‘मैं यह जानकर हैरान भी था और गर्व भी महसूस कर रहा था कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने मुझे याद रखा और इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट का हिस्सा बनने के लिए व्यक्तिगत रूप से आमंत्रित किया। यह निमंत्रण हॉकी के प्रति मुख्यमंत्री के अपार प्रेम का स्पष्ट प्रमाण है और इसी कारण मैंने जालंधर आने का निर्णय लिया।’’
अक्टूबर 1985 से अगस्त 1996 तक के शानदार अंतरराष्ट्रीय करियर के दौरान नीदरलैंड के लिए 241 अंतरराष्ट्रीय मैच खेलकर 215 गोल करने वाले महान ‘ड्रैग फ्लिकर’ बोवेलैंडर ने भारत को विश्व हॉकी का पावरहाउस बताया।
ओलंपिक आंदोलन में एशियाई देशों, विशेष रूप से भारत और पाकिस्तान के योगदान का उल्लेख करते हुए फ्लोरिस बोवेलैंडर ने दुनियाभर में इस आंदोलन को लोकप्रिय बनाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका की सराहना की।
भारतीय हॉकी के साथ अपने पुराने संबंधों को याद करते हुए इस डच दिग्गज खिलाड़ी—जिसे ‘फ्लॉप’, ‘फ्लॉपी’ और ‘बूम बूम बोवेलैंडर’ के नाम से भी जाना जाता है—ने कहा कि भारत ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हॉकी को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में बहुत बड़ा योगदान दिया है। उन्होंने आगे कहा कि भारतीय हॉकी से जुड़ी उनकी अधिकांश यादें पंजाब के खिलाडिय़ों, विशेष रूप से सिख खिलाडिय़ों, से जुड़ी हैं। बोवेलैंडर ने जोर देकर कहा कि पंजाब के बिना भारतीय हॉकी की कल्पना भी नहीं की जा सकती।
अपनी यात्रा के दौरान फ्लोरिस बोवेलैंडर ने पंजाब के 37 कोचों और पंजाब सरकार की देखरेख में चल रही ‘सुरजीत हॉकी अकादमी’ के उभरते हॉकी खिलाडिय़ों के साथ एक संयुक्त प्रशिक्षण सत्र में भी हिस्सा लिया। उन्होंने स्वयं हॉकी स्टिक पकडक़र हिट लगाए और खिलाडिय़ों से ड्रैग फ्लिक भी करवाकर देखी। इस अवसर पर उनके साथ खेल विभाग से ओलंपिक पदक विजेता गुरजंट सिंह, द्रोणाचार्य पुरस्कार विजेता जीवनजोत सिंह तेजा और हॉकी कोच अवतार सिंह भी मौजूद थे।
अगली पीढ़ी के हॉकी खिलाडिय़ों को प्रोत्साहित करने के लिए फ्लोरिस बोवेलैंडर ने युवा प्रशिक्षुओं के साथ ‘ड्रैग-फ्लिक’ प्रशिक्षण सत्र में सक्रिय रूप से हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने अपने व्यापक अंतरराष्ट्रीय अनुभव के आधार पर खेल से जुड़े महत्वपूर्ण तकनीकी सुझाव भी साझा किए।
पंजाब के खेल विभाग ने भी हॉकी के इस महान खिलाड़ी को खेल में दिए गए उनके शानदार योगदान के लिए सम्मानित किया। पंजाब से मिले भरपूर प्यार और आत्मीयता से प्रभावित फ्लोरिस यान बोवेलैंडर ने 4 और 5 नवंबर को मोहाली स्थित ‘ओलंपियन बलबीर सिंह सीनियर हॉकी स्टेडियम’ में टूर्नामेंट के महत्वपूर्ण मैचों में भी शामिल होने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।
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सूचना एवं लोक संपर्क विभाग, पंजाब
*बच्चों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होगा : डॉ. बलजीत कौर*
*सितंबर 2026 तक 13,995 स्कूल बसों की जांच, 3,621 के चालान और 31 बसें जब्त*
*मुख्यमंत्री स भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में हर बच्चे की सुरक्षित स्कूल यात्रा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध पंजाब सरकार*
*मंत्री ने सेफ स्कूल वाहन पॉलिसी का सख्ती से पालन करने के दिए निर्देश; स्कूलों, ट्रांसपोर्टरों और अभिभावकों से सहयोग की अपील*
चंडीगढ़, 2 नवंबर :
हर बच्चे का सुरक्षित स्कूल पहुंचना उसका अधिकार है। इसी प्रतिबद्धता को आगे बढ़ाते हुए सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि मुख्यमंत्री स भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार स्कूली बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। प्रदेश में सेफ स्कूल वाहन पॉलिसी को प्रभावी ढंग से लागू किया जा रहा है, ताकि प्रत्येक बच्चा स्कूल आते-जाते समय पूरी तरह सुरक्षित रहे।
डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि वर्ष 2025 से सितंबर 2026 तक सेफ स्कूल वाहन पॉलिसी के तहत प्रदेशभर में कुल 13,995 स्कूल बसों की जांच की गई। इनमें से 3,621 बसों के चालान किए गए, जबकि सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वाली 31 बसों को जब्त किया गया। उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई बच्चों की सुरक्षा के प्रति सरकार की दृढ़ प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
मंत्री ने बताया कि वर्ष 2025 के दौरान जिला स्तरीय स्कूल वाहन जांच समितियों द्वारा 8,325 स्कूल बसों की जांच की गई। इस दौरान नियमों का उल्लंघन करने वाली 2,026 बसों के चालान किए गए और 24 बसों को जब्त किया गया।
उन्होंने आगे बताया कि जनवरी से सितंबर 2026 तक चलाए गए विशेष जांच अभियान के दौरान 5,670 स्कूल बसों की जांच की गई। इनमें से 1,595 बसों के चालान किए गए तथा सुरक्षा मानकों पर खरी न उतरने वाली 7 बसों को जब्त किया गया।
डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि पंजाब सरकार ने बच्चों की जिंदगी से जुड़े मामलों में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है। उन्होंने उपायुक्तों, जिला स्कूल वाहन जांच समितियों, संबंधित विभागों, स्कूल प्रबंधन और ट्रांसपोर्टरों को निर्देश दिए कि सेफ स्कूल वाहन पॉलिसी के सभी नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए। साथ ही, जांच के दौरान सामने आने वाली कमियों को तत्काल दूर करने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाए।
स्कूल प्रबंधन, ट्रांसपोर्टरों और अभिभावकों से सहयोग की अपील करते हुए डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने स्कूलों से अपील की कि केवल उन्हीं वाहनों का इस्तेमाल किया जाए, जो सेफ स्कूल वाहन पॉलिसी के निर्धारित सुरक्षा मानकों को पूरा करते हों। उन्होंने ट्रांसपोर्टरों को सभी नियमों का पूर्ण पालन करने तथा अभिभावकों को किसी भी तरह के उल्लंघन की जानकारी तत्काल संबंधित अधिकारियों को देने का आग्रह किया।
डॉ. बलजीत कौर ने दोहराया कि मुख्यमंत्री स भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार स्कूली बच्चों की सुरक्षा के लिए हर संभव कदम उठाती रहेगी, ताकि प्रदेश का प्रत्येक बच्चा प्रतिदिन सुरक्षित रूप से स्कूल पहुंचे और सकुशल अपने घर लौटे।
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सूचना एवं लोक संपर्क विभाग, पंजाब
*लहरागागा के निकट गांव खंडेबाद में 27 एकड़ से अधिक सरकारी भूमि पर बनेगी नई अनाज मंडी: बरिंदर कुमार गोयल*
*कैबिनेट द्वारा नई अनाज मंडी को मंजूरी; ट्रैफिक़ की समस्या से मिलेगी निजात और किसानों, व्यापारियों तथा आढ़तियों को मिलेगी बड़ी सुविधा*
*चंडीगढ़, 2 नवंबर:*
पंजाब के जल संसाधन मंत्री और लहरागागा से विधायक श्री बरिंदर कुमार गोयल ने आज घोषणा की कि लहरागागा के निकटवर्ती गांव खंडेबाद में 217 कनाल 14 मरले (27 एकड़ से अधिक) सरकारी भूमि पर नई अनाज मंडी स्थापित की जाएगी। उन्होंने बताया कि इस संबंध में प्रस्ताव को मुख्यमंत्री स. भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब कैबिनेट द्वारा 31 अक्टूबर को हुई बैठक में मंजूरी दे दी गई है।
यहां पंजाब भवन में प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कैबिनेट मंत्री ने कहा कि लहरागागा की मौजूदा अनाज मंडी फसलों विशेषकर धान और गेहूं की बढ़ती आमद को संभालने के लिए अपर्याप्त साबित हो रही थी क्योंकि पिछले वर्षों के दौरान फसलों के उत्पादन में काफी वृद्धि हुई है।
उन्होंने बताया कि मौजूदा अनाज मंडी लगभग 45 साल पहले करीब 12 एकड़ भूमि पर बनाई गई थी। इसी भूमि में से बाद में कॉटन यार्ड भी बना दिया गया। उन्होंने बताया कि फसलों की आमद लगातार बढऩे के कारण मंडी में खरीद और व्यापारिक गतिविधियों के लिए उपलब्ध स्थान अपर्याप्त हो गया था।
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि मौजूदा अनाज मंडी शहर के बिल्कुल बीच में स्थित होने के कारण खरीद सीजन के दौरान आवाजाही की गंभीर समस्या पैदा होती थी जिसके कारण किसानों, व्यापारियों और आढ़तियों द्वारा लंबे समय से इस समस्या के समाधान और कृषि उत्पादों की सुचारू खरीद के लिए नई अनाज मंडी स्थापित करने की मांग की जा रही थी।
लंबे समय से लंबित इस मांग को पूरा करते हुए पंजाब सरकार द्वारा लहरागागा के साथ लगते गांव खंडेबाद में अपनी 217 कनाल 14 मरले भूमि पर नई अनाज मंडी विकसित करने की मंजूरी दी गई है। उन्होंने बताया कि प्रस्तावित अनाज मंडी तक पहुंच के लिए रास्ता गांव लहल खुर्द की भूमि के रास्ते बनाया जाएगा।
श्री बरिंदर कुमार गोयल ने कहा कि नई अनाज मंडी स्थापित होने से किसानों, व्यापारियों और आढ़तियों को बड़ी राहत मिलेगी और लहरागागा शहर में ट्रैफिक की समस्या से भी निजात मिलेगी। उन्होंने कहा कि यह नई मंडी समूचे इलाके की कृषि और व्यापारिक आवश्यकताओं को पूरा करने में भी सहायक होगी।
कैबिनेट मंत्री ने इस महत्वपूर्ण प्रस्ताव को मंजूरी देने के लिए मुख्यमंत्री स. भगवंत सिंह मान और समूची कैबिनेट का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि यह फैसला इलाके के लोगों की लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा करने के साथ-साथ कृषि उत्पादों की मंडीकरण प्रक्रिया को और सुचारू बनाने में मददगार साबित होगा।
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