‘युद्ध नशों विरुद्ध’ के 332वें दिन पंजाब पुलिस द्वारा 2.1 किलो हेरोइन सहित 42 नशा तस्कर काबू
"गैंगस्टरों पर वार" अभियान के 8वें दिन संदिग्ध व्यक्तियों की जांच
नशा मुक्ति प्रयासों के तहत पंजाब पुलिस ने 16 व्यक्तियों को नशा छोडऩे के इलाज के लिए राज़ी किया
चंडीगढ़, 27 जनवरी:राज्य से नशों के पूर्ण उन्मूलन के लिए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के निर्देशों पर शुरू किए गए अभियान " युद्ध नशों विरुद्ध’ के 332वें दिन पंजाब पुलिस ने आज 334 स्थानों पर छापेमारी की। इसके परिणामस्वरूप राज्य भर में 35 एफआईआर दर्ज कर 42 नशा तस्करों को गिरफ्तार किया गया। इसके साथ ही 332 दिनों में गिरफ्तार किए गए कुल नशा तस्करों की संख्या 46,606 हो गई है।
इन छापेमारियों के दौरान गिरफ्तार किए गए नशा तस्करों के कब्जे से 2.1 किलो हेरोइन और 25,400 रुपये की ड्रग मनी बरामद की गई है।
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने पुलिस कमिश्नरों, उपायुक्तों और एसएसपी को पंजाब को नशा मुक्त राज्य बनाने के निर्देश दिए हैं। पंजाब सरकार द्वारा नशों के खिलाफ इस जंग की निगरानी के लिए वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा की अगुवाई में 5 सदस्यीय कैबिनेट सब-कमेटी भी गठित की गई है।
इस अभियान के दौरान 68 गजेटेड अधिकारियों की निगरानी में 900 से अधिक पुलिस कर्मचारियों की 120 से अधिक पुलिस टीमों ने राज्य भर में 334 स्थानों पर छापेमारी की। दिन भर चले इस अभियान के दौरान पुलिस टीमों ने 353 संदिग्ध व्यक्तियों की जांच भी की।
यह भी उल्लेखनीय है कि पंजाब सरकार ने राज्य से नशों के खात्मे के लिए तीन-स्तरीय रणनीति — इन्फोर्समेंट, डी-एडिक्शन और प्रिवेंशन (ई डी पी) — लागू की है। इसी रणनीति के तहत आज पंजाब पुलिस ने 16 व्यक्तियों को नशा छोडऩे और पुनर्वास उपचार लेने के लिए राज़ी किया है।
विशेष डीजीपी अर्पित शुक्ला ने बताया कि पंजाब को गैंगस्टर मुक्त राज्य बनाने के लिए "गैंगस्टरों पर वार" नामक निर्णायक अभियान लगातार जारी है। इसके 8वें दिन राज्य भर में संदिग्ध व्यक्तियों की जांच की गई, कई संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है और आगे की जांच जारी है।
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विजिलेंस ब्यूरो द्वारा वन विभाग के गार्ड और दिहाड़ीदार को 20,000 रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों काबू
चंडीगढ़, 27 जनवरी:पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने राज्य में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही मुहिम के तहत वन विभाग के गार्ड कुलदीप सिंह और दिहाड़ीदार दर्शन सिंह मेठ को 20,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपी वन रेंज कार्यालय नकोदर, जिला जालंधर में तैनात थे।
इस संबंध में अधिक जानकारी देते हुए राज्य विजिलेंस ब्यूरो के प्रवक्ता ने बताया कि उक्त आरोपियों को गांव संघोवाल, सब-तहसील महितपुर, जिला जालंधर के एक निवासी द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर गिरफ्तार किया गया है।
प्रवक्ता ने बताया कि शिकायतकर्ता मजदूर के रूप में काम करता है और जब उसका घरेलू गैस सिलेंडर खत्म हो गया, तो वह घरेलू उपयोग के लिए महितपुर-जगराओं सडक़ के किनारे लगे पेड़ों से लकड़ी के छोटे टुकड़े एकत्र कर रहा था। इसी दौरान वन विभाग के गार्ड कुलदीप सिंह और दिहाड़ीदार दर्शन सिंह मेठ मौके पर पहुंचे और शिकायतकर्ता को धमकाया कि उसके खिलाफ सरकारी लकड़ी चोरी का मामला दर्ज किया जाएगा तथा उसका मोटरसाइकिल जब्त कर लिया गया।
प्रवक्ता ने आगे बताया कि इसके बाद शिकायतकर्ता ने दर्शन सिंह मेठ से संपर्क किया, जिसने उसे बताया कि कुलदीप सिंह मोटरसाइकिल छोडऩे के बदले 20,000 रुपये की रिश्वत मांग रहा है। शिकायतकर्ता द्वारा बार-बार अनुरोध करने के बावजूद दर्शन सिंह कुलदीप सिंह के लिए रिश्वत की राशि की मांग करता रहा। शिकायतकर्ता ने 20,000 रुपये की रिश्वत मांग से संबंधित बातचीत को रिकॉर्ड कर लिया।
शिकायत की प्रारंभिक जांच के बाद विजिलेंस ब्यूरो की टीम ने जाल बिछाया, जिसके दौरान दोनों आरोपियों को दो सरकारी गवाहों की मौजूदगी में शिकायतकर्ता से 20,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया गया।
इस संबंध में विजिलेंस ब्यूरो थाना जालंधर में आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है तथा मामले की आगे की जांच जारी है।
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पंजाब में 21 सरकारी कॉलेजों को नए प्रिंसिपल मिले
प्रिंसिपलों की तैनाती से सरकारी कॉलेजों की कार्यकुशलता और शैक्षणिक परिणामों में होगा और सुधार: हरजोत सिंह बैंस
चंडीगढ़, 27 जनवरी:राज्य में उच्च शिक्षा प्रणाली को और मज़बूत करने की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए पंजाब सरकार ने 21 सरकारी कॉलेजों में प्रिंसिपलों की तैनाती के आदेश जारी किए हैं।
इस संबंध में जानकारी साझा करते हुए आज यहां पंजाब के उच्च शिक्षा मंत्री स. हरजोत सिंह बैंस ने बताया कि इन तैनातियों में 13 पदोन्नत वरिष्ठ लेक्चरार और आठ नव-नियुक्त प्रिंसिपल शामिल हैं, जो इन संस्थानों का मार्गदर्शन करेंगे।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि आज जारी आदेशों के अनुसार पदोन्नति के बाद विनीता राव को सरकारी कॉलेज, डेराबस्सी में; श्याम सुंदर को शहीद ऊधम सिंह सरकारी कॉलेज, सुनाम में; अमी भल्ला को संत बाबा सेवा सिंह मेमोरियल सरकारी कॉलेज (लड़कियां), गुरु का खूह, मुन्ने (नूरपुर बेदी) में; ममता को सरकारी कॉलेज रायकोट में; जगजीत कौर को सरकारी कॉलेज शाहकोट में; डॉ. नवदीप सिंह को सरकारी कॉलेज नयाल पातड़ां में; नंदिनी वैद को सरकारी कॉलेज माछीवाड़ा में; मंजू कपूर को सरकारी कॉलेज श्री मुक्तसर साहिब में; जसप्रीत कौर ग्रेवाल को सरकारी कॉलेज मंडी गोबिंदगढ़ में; पूजा कोहली को सरकारी कॉलेज कोटकपूरा में; अमनदीप भट्टी को श्री गुरु अर्जन देव सरकारी कॉलेज तरनतारन में; जस्मीत सेठी को सरकारी कॉलेज ऑफ एजुकेशन, जालंधर में तथा सरिता को सरकारी कॉलेज मलेरकोटला में तैनात किया गया है।
उन्होंने आगे बताया कि इसके अलावा आठ नव-नियुक्त प्रिंसिपलों को भी स्टेशन अलॉट किए गए हैं, जिनमें मनीष कुमार को सरकारी कॉलेज, पोजेवाल में; सुमित बराड़ को सरकारी कॉलेज जगराओं में; पारुल खन्ना को सरकारी कॉलेज मुखलियाना चब्बेवाल में; राजीव खोसला को सरकारी कॉलेज तलवाड़ा में; अनीत कुमार को सरकारी कॉलेज ढुडीके में; गुलशन कुमार को सरकारी ब्रजिंदरा कॉलेज फरीदकोट में; सविता गुप्ता को सरकारी कॉलेज ढोलबाहा में तथा हरिंदर सिंह को सरकारी कॉलेज शाहबाजपुर, तरनतारन में तैनात किया गया है।
स. बैंस ने कहा कि मुख्यमंत्री स. भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है कि हमारे कॉलेजों को ऐसे अनुभवी और प्रभावशाली नेतृत्व मिले जो पंजाब की उच्च शिक्षा को नई ऊंचाइयों तक ले जाए और साथ ही पंजाब के युवाओं को भी प्रगति के मार्ग पर आगे बढ़ाए। उन्होंने कहा कि इन तैनातियों से सरकारी कॉलेजों में कार्यकुशलता और शैक्षणिक परिणामों में और सुधार होगा। उन्होंने यह भी कहा कि पंजाब सरकार विद्यार्थियों को भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार करने हेतु बेहतर शिक्षा प्रणाली प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।
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जल विवाद पर पंजाब के हितों की मजबूती से रक्षा कर रही है पंजाब सरकार: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
पंजाब किसी का हक नहीं मार रहा, पंजाब के पास अतिरिक्त पानी नहीं: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
पंजाब के हक की एक बूंद पानी भी किसी को नहीं लेने देंगे: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
सतलुज-यमुना लिंक नहर विवाद सुलझाने के लिए पंजाब बड़े भाई की भूमिका निभाने को तैयार:
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
जल विवाद के समाधान के लिए पंजाब के सुझाव पर संयुक्त समिति बनाने को हरियाणा सहमत: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
चंडीगढ़, 27 जनवरी: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के साथ बैठक के दौरान सतलुज-यमुना लिंक (एसवाईएल) नहर विवाद का समाधान आपसी सहमति से निकालने की पैरवी करते हुए स्पष्ट शब्दों में कहा कि पंजाब सरकार जल विवाद पर राज्य के हितों की रक्षा के लिए दृढ़ संकल्पित है।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "हमारे पास किसी अन्य राज्य को देने के लिए पानी नहीं है, लेकिन हरियाणा का बड़ा भाई होने के नाते हम अपने पड़ोसी राज्य के साथ वैर-विरोध नहीं चाहते और इस लंबे समय से चले आ रहे मुद्दे का शीघ्र समाधान चाहते हैं।"
मुख्यमंत्री ने कहा, "पंजाब के पास किसी अन्य राज्य को देने के लिए अतिरिक्त पानी नहीं है। मैं यह स्पष्ट कर देना चाहता हूं कि पंजाब के हिस्से के पानी की एक बूंद भी किसी और के साथ साझा करने की अनुमति नहीं दी जा सकती।" उन्होंने कहा कि एसवाईएल एक भावनात्मक मुद्दा है और यदि इसे लागू किया गया तो राज्य को कानून-व्यवस्था के लिहाज से गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आज की स्थिति में एसवाईएल नहर के लिए पंजाब के पास भूमि ही उपलब्ध नहीं है।
पंजाब के दृष्टिकोण को स्पष्ट करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब बड़ा भाई है और दोनों राज्य इस विवादास्पद मुद्दे का सौहार्दपूर्ण समाधान निकालने के लिए यहां एकत्र हुए हैं। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट और भारत सरकार, दोनों ही इस मुद्दे का आपसी सहमति से समाधान चाहते हैं और यह एक सकारात्मक संकेत है कि दोनों राज्य इस मसले को सुलझाने तथा टकराव को समाप्त करने के लिए साथ बैठकर विचार कर रहे हैं।
भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब द्वारा किसी को भी उसके वैध अधिकार से वंचित नहीं किया जा रहा। उन्होंने कहा कि तीन नदियों के 34.34 मिलियन एकड़ फीट (एमएएफ) पानी में से पंजाब को केवल 14.22 एमएएफ, यानी लगभग 40 प्रतिशत हिस्सा मिला है, जबकि 60 प्रतिशत पानी हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान को जाता है, जबकि इन राज्यों से होकर इन नदियों में से कोई भी नदी नहीं बहती।
पंजाब के जल संकट पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, "सतही जल में कमी के कारण भूमिगत जल संसाधनों पर दबाव बढ़ रहा है। पंजाब के 153 ब्लॉकों में से 115 ब्लॉकों में पानी का अत्यधिक दोहन हो चुका है।" उन्होंने कहा कि पंजाब में भूमिगत जल निकासी की दर पूरे देश में सबसे अधिक है।
भाई घनैया जी की सच्ची भावना का उल्लेख करते हुए भगवंत सिंह मान ने कहा, "पंजाब अपनी जरूरतों को दरकिनार करते हुए 60 प्रतिशत पानी गैर-रिपेरियन राज्यों की आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए देता रहा है।" उन्होंने कहा कि पंजाब अपने नदियों का पानी दूसरों के साथ साझा करता है, लेकिन बाढ़ से होने वाला नुकसान अकेले पंजाब को ही झेलना पड़ता है। इसलिए यह अत्यंत आवश्यक है कि कोई भी निर्णय लेते समय पंजाब के हितों का पूरा ध्यान रखा जाए।
पावन गुरबाणी की पंक्ति ‘पवण गुरु पाणी पिता माता धरत महत॥’ का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे महान गुरु साहिबान ने वायु को गुरु, पानी को पिता और धरती को माता का दर्जा दिया है। उन्होंने कहा कि इन प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के लिए राज्य सरकार गुरु साहिबान द्वारा दिखाए गए मार्ग पर चल रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा, "हाल के इतिहास में यह पहली बार हुआ है कि दोनों सरकारें इस मुद्दे के समाधान के लिए गंभीर विचार-विमर्श कर रही हैं।" भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह जीत या हार का प्रश्न नहीं है, बल्कि पंजाब और पंजाबियों के हितों एवं भावनाओं की अनदेखी नहीं की जा सकती।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पानी दोनों राज्यों की जीवन रेखा है। दोनों राज्यों के अधिकारियों के बीच निरंतर बैठकें आयोजित करने के लिए एक संयुक्त वर्किंग ग्रुप गठित करने का सुझाव देते हुए भगवंत सिंह मान ने आशा व्यक्त की कि इस संयुक्त वर्किंग ग्रुप की नियमित बैठकों से इस मुद्दे का सौहार्दपूर्ण समाधान निकलेगा और दोनों राज्यों में विकास, प्रगति और समृद्धि का नया दौर शुरू होगा।
इस अवसर पर जल संसाधन मंत्री बरिंदर गोयल, मुख्य सचिव के.ए.पी. सिन्हा, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव डॉ. रवि भगत, जल संसाधन सचिव कृष्ण कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
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मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान द्वारा ‘युद्ध नशों विरुद्ध’ के दूसरे चरण की प्रगति की समीक्षा; कहा—यह चरण नशों के खतरे की जड़ पर बड़ा प्रहार करेगा
क ‘युद्ध नशों विरुद्ध’ को और गति देने के लिए अगले माह ग्राम रक्षा समितियों (वीडीसी) की महत्वपूर्ण राज्य-स्तरीय बैठक आयोजित की जाएगी
चंडीगढ़, 27 जनवरी:पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि ‘युद्ध नशों विरुद्ध’ अभियान का दूसरा चरण नशा समस्या की जड़ पर प्रहार करने के लिए पूरी तरह तैयार है। राज्य सरकार गांव स्तर पर लोगों को संगठित कर और पूरे पंजाब में जनभागीदारी बढ़ाकर नशों के खिलाफ अब तक की अपनी सबसे सशक्त जन-आंदोलनात्मक मुहिम को तेज करने जा रही है।
‘युद्ध नशों विरुद्ध’ के दूसरे चरण की प्रगति की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि अगले महीने ग्राम रक्षा समितियों (वीडीसी) की एक बड़ी राज्य-स्तरीय बैठक आयोजित की जाएगी, ताकि मुहिम को नई गति और दिशा दी जा सके। यह सरकार के नशा-विरोधी अभियान को जन-नेतृत्व वाली जन-आंदोलन में बदलने के संकल्प का स्पष्ट संकेत है।
आज ‘युद्ध नशों विरुद्ध’ के दूसरे चरण के क्रियान्वयन की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "नशा एक वैश्विक समस्या है, लेकिन दुनिया में कहीं भी इस बुराई के खिलाफ इतनी मजबूती से जंग शुरू नहीं की गई। पंजाब को नशा-मुक्त बनाने के लिए ग्राम रक्षा समितियों (वीडीसी) के रूप में ‘गांवों के पहरेदार’ की 1.50 लाख सदस्यों वाली एक सशक्त टीम का गठन किया गया है।" उन्होंने कहा कि इस अभियान को आगे बढ़ाने के लिए अगले महीने इन वीडीसीज की एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा, "इस बैठक में वीडीसी सदस्य अपने-अपने गांवों को नशा-मुक्त बनाने का संकल्प लेंगे।" उन्होंने आश्वासन दिया कि पंजाब सरकार इस नेक कार्य के लिए उन्हें पूरा समर्थन और सहयोग सुनिश्चित करेगी।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को वीडीसीज सदस्यों को शीघ्र पहचान पत्र जारी करने के निर्देश भी दिए, ताकि उनके महत्वपूर्ण कार्य को उचित मान्यता मिल सके। भगवंत सिंह मान ने कहा, "किसी भी अभियान की सफलता के लिए जनभागीदारी आवश्यक है। इसे लंबे समय तक जारी रखने के लिए भी यह अनिवार्य है।"
मुख्यमंत्री ने कहा, "‘युद्ध नशों विरुद्ध’ अब एक जन-आंदोलन बन चुका है, क्योंकि नशा एक गंभीर सामाजिक समस्या थी।" उन्होंने विश्वास जताया कि जनता के सक्रिय समर्थन से इस अभियान का दूसरा चरण पहले चरण से भी अधिक सफल होगा और पंजाब इस मुहिम के माध्यम से सफलता की नई कहानी लिखने के लिए तैयार है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब ने इस जन-आंदोलन को सफलतापूर्वक आगे बढ़ाकर एक मिसाल कायम की है।
इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह सहित अन्य गणमान्य उपस्थित थे।
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*ऑल इंडिया सिविल सर्विसेज हॉकी, बास्केटबॉल, चैस और क्रिकेट टूर्नामेंट के लिए पंजाब की टीमों के ट्रायल 29 जनवरी को*
चंडीगढ़, 27 जनवरी:सेंट्रल सिविल सर्विसेज कल्चरल एंड स्पोट्र्स बोर्ड द्वारा ऑल इंडिया सिविल सर्विसेज हॉकी, बास्केटबॉल, चैस (पुरुष एवं महिला) तथा क्रिकेट (पुरुष) टूर्नामेंट 17 से 28 फरवरी, 2026 तक दिल्ली में आयोजित किया जा रहा है।
इन टूर्नामेंटों में पंजाब के खिलाडिय़ों के चयन के लिए ट्रायल 29 जनवरी, 2026 को सुबह 11 बजे लिए जाएंगे। पुरुष एवं महिला हॉकी टीमों के ट्रायल सुरजीत हॉकी स्टेडियम, जालंधर में, जबकि बास्केटबॉल और शतरंज टीमों के ट्रायल गुरु नानक स्टेडियम, लुधियाना में आयोजित होंगे। इसी तरह पुरुष क्रिकेट टीम के ट्रायल प्रैक्टिस ग्राउंड, पी.सी.ए. स्टेडियम, सेक्टर-63, एस.ए.एस. नगर में लिए जाएंगे।
खेल विभाग के प्रवक्ता ने आगे जानकारी देते हुए बताया कि इन ट्रायल्स में सुरक्षा सेवाओं/अर्धसैनिक बलों/केंद्रीय पुलिस संगठनों/पुलिस/आरपीएफ/सीआईएसएफ/बीएसएफ/आईटीबीपी तथा एनएसजी आदि के कर्मचारी, स्वायत्त संस्थानों/उपक्रमों/सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक, यहां तक कि केंद्र सरकार द्वारा संचालित बैंक भी—कच्चे/दिहाड़ी पर काम करने वाले कर्मचारी, कार्यालयों में अस्थायी रूप से कार्यरत कर्मचारी, नए भर्ती कर्मचारी जो छह माह से कम अवधि से नियमित सेवाओं में कार्यरत हैं—को छोडक़र विभिन्न विभागों के अन्य सरकारी कर्मचारी (नियमित) अपने-अपने विभागों से एनओसी प्राप्त करने के उपरांत ही भाग ले सकेंगे। इस टूर्नामेंट में आने-जाने, रहने तथा खान-पान पर होने वाले खर्च का वहन खिलाड़ी द्वारा निजी तौर पर किया जाएगा।
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महाराजा रणजीत सिंह प्रिपरेटरी इंस्टीट्यूट के 11 कैडेट एनडीए और अन्य प्रमुख रक्षा प्रशिक्षण अकादमियों के लिए चयनित
क अब तक 289 कैडेट विभिन्न रक्षा प्रशिक्षण अकादमियों में हुए शामिल: अमन अरोड़ा
चंडीगढ़, 27 जनवरी:महाराजा रणजीत सिंह आम्र्ड फोर्सेज़ प्रिपरेटरी इंस्टीट्यूट, एसएएस नगर के 11 कैडेटों ने पिछले एक माह के दौरान प्रतिष्ठित नेशनल डिफेंस अकादमी (एनडीए) तथा अन्य प्रमुख रक्षा प्रशिक्षण अकादमियों में प्रवेश प्राप्त किया है।
पंजाब के रोजगार सृजन, कौशल विकास एवं प्रशिक्षण मंत्री श्री अमन अरोड़ा ने कहा कि यह उपलब्धि मुख्यमंत्री स. भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार की सशस्त्र बलों में भर्ती हेतु युवा प्रतिभाओं को निखारने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। उन्होंने बताया कि इस संस्थान की स्थापना से अब तक कुल 289 कैडेट विभिन्न रक्षा प्रशिक्षण अकादमियों में शामिल हो चुके हैं।
कैडेटों को प्रशिक्षण अकादमियों में चयन पर बधाई देते हुए श्री अमन अरोड़ा ने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की तथा उन्हें कड़ी मेहनत करने और आदर्श अधिकारी बनने के लिए प्रेरित किया।
श्री अरोड़ा ने बताया कि आठ कैडेटों का एनडीए के 155वें कोर्स के लिए चयन हुआ है, जिनमें लुधियाना से विश्वरूप सिंह ग्रेवाल और भास्कर जैन, पटियाला से अपारदीप सिंह साहनी, पठानकोट से परमदीप सिंह, बठिंडा से रेहान यादव, संगरूर से सुखप्रीत सिंह, जालंधर से प्रिंस कुमार दुबे तथा शौर्य वर्धन सिंह शामिल हैं। रोपड़ जिले के कैडेट गुरकीरत सिंह का इंडियन नेवल अकादमी (आईएनए) के 117वें कोर्स के लिए चयन हुआ है। इसके अतिरिक्त, बठिंडा के गुरनूर सिंह का मिलिट्री कॉलेज ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड मैकेनिकल इंजीनियरिंग (एमसीईएमई), सिकंदराबाद स्थित कैडेट्स ट्रेनिंग विंग (सीटीडब्ल्यू) में चयन हुआ है, जबकि जालंधर के आकाश सिंह कुशवाहा तकनीकी एंट्री स्कीम (टीईएस)-54 कोर्स के तहत मिलिट्री कॉलेज ऑफ टेलीकम्युनिकेशन इंजीनियरिंग (एमसीटीई), महू स्थित सीटीडब्ल्यू में शामिल हुए हैं। गुरनूर सिंह ने तकनीकी एंट्री स्कीम (टीईएस)-54 कोर्स में देश भर में 15वां रैंक प्राप्त किया है।
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अमृतसर में सीमा पार से नार्को-आम्र्स तस्करी मॉड्यूल से जुड़े चार आरोपी काबू; 1.5 किलो हेरोइन, 1.98 लाख रुपये की ड्रग मनी, दो पिस्तौलें तथा पीओएफ-मार्क वाले कारतूस बरामद
— गिरफ्तार किए गए आरोपी पाकिस्तान-आधारित तस्करों के संपर्क में थे और पूरे राज्य में हेरोइन व हथियारों की खेपों की सप्लाई कर रहे थे: डीजीपी गौरव यादव
— सभी आरोपी आपस में करीबी रिश्तेदार हैं और एक ही परिवार से संबंधित हैं: सीपी अमृतसर गुरप्रीत भुल्लर
चंडीगढ़/अमृतसर, 27 जनवरी:मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के दिशा-निर्देशों के अनुरूप पंजाब को सुरक्षित राज्य बनाने के लिए चलाई जा रही विशेष मुहिम के तहत एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए, अमृतसर कमिश्नरेट पुलिस (सीपी) ने सीमा पार से संचालित नार्को-आम्र्स तस्करी मॉड्यूल के चार सदस्यों को 1.5 किलो हेरोइन और 1.98 लाख रुपये की ड्रग मनी सहित गिरफ्तार कर इस मॉड्यूल का पर्दाफाश किया है। यह जानकारी आज यहां पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) पंजाब गौरव यादव ने दी।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान जसकिंदर सिंह उर्फ सिकंदर, हरपाल सिंह, गुरमुख सिंह और सुखदीप सिंह के रूप में हुई है। ये सभी आरोपी गांव रणियां, अमृतसर के निवासी हैं। हेरोइन और ड्रग मनी की बरामदगी के अलावा, पुलिस टीमों ने आरोपियों के कब्जे से दो आधुनिक पिस्तौलें—एक 9 एमएम और एक .30 बोर—तथा पाकिस्तान ऑर्डिनेंस फैक्ट्री (पीओएफ) में निर्मित 34 जिंदा कारतूस भी बरामद किए हैं।
डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपी अपने विदेशी हैंडलरों की मिलीभगत से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से पाकिस्तान-स्थित तस्करों के संपर्क में थे। उन्होंने बताया कि आरोपी अपने हैंडलरों के निर्देशों पर ड्रोन के जरिए सीमा पार से भेजी जा रही अवैध हथियारों और हेरोइन की खेपों को प्राप्त कर पंजाब के विभिन्न हिस्सों में उनकी आपूर्ति कर रहे थे।
डीजीपी ने कहा कि इस मामले में आगे-पीछे के सभी संबंधों का पता लगाने के लिए गहन जांच जारी है।
इस ऑपरेशन की जानकारी देते हुए अमृतसर के पुलिस आयुक्त (सीपी) गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने बताया कि विशेष और विश्वसनीय सूचना के आधार पर सीपी अमृतसर की टीमों ने योजनाबद्ध कार्रवाई करते हुए सीमा पार तस्करी में शामिल चार आरोपियों को गिरफ्तार किया और उनके कब्जे से ड्रग मनी व 34 जिंदा कारतूस बरामद किए। उन्होंने आगे बताया कि गिरफ्तार आरोपी गुरमुख सिंह और सुखदीप सिंह के खुलासे के आधार पर दो पिस्तौलें बरामद की गईं, जबकि जसकिंदर सिंह और हरपाल सिंह के खुलासे पर 1.5 किलो हेरोइन की खेप बरामद की गई।
सीपी ने बताया कि जांच में यह भी सामने आया है कि सभी आरोपी आपस में करीबी रिश्तेदार हैं और एक ही परिवार से संबंधित हैं। हरपाल सिंह और गुरमुख सिंह सगे भाई हैं, जबकि जसकिंदर सिंह उर्फ सिकंदर और सुखदीप सिंह उनके भतीजे हैं। चारों आरोपियों की उम्र 19 से 33 वर्ष के बीच है और उनका कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं पाया गया है।
इस संबंध में पुलिस थाना सिविल लाइंस, अमृतसर में एफआईआर नंबर 11 दिनांक 22-01-2026 को आम्र्स एक्ट की धारा 25 के तहत दर्ज की गई है।
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**पंजाब विधान सभा के स्पीकर कुलतार सिंह संधवां द्वारा पंजाब क्रिकेट एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष आई.एस. बिंद्रा के निधन पर गहरा दुख व्यक्त*
चंडीगढ़, 27 जनवरी:पंजाब विधान सभा के स्पीकर श्री कुलतार सिंह संधवां ने पंजाब क्रिकेट एसोसिएशन (पी.सी.ए.) तथा भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बी.सी.सी.आई.) के पूर्व अध्यक्ष इंद्रजीत सिंह बिंद्रा के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि क्रिकेट खेल के लिए उनका योगदान आने वाली पीढिय़ों को हमेशा प्रेरित करता रहेगा।
स्पीकर संधवां को उनके निधन की खबर सुनकर बहुत दुख हुआ और उन्होंने परमात्मा के समक्ष प्रार्थना की कि ईश्वर इस दुख की घड़ी में दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करे तथा दुखी परिवार को इस अपूरणीय क्षति को सहने के लिए बल प्रदान करे।