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पंजाब

Punjab Latest News 2026

February 05, 2026 12:57 PM

भगवंत सिंह मान सरकार ने पंजाब के युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर खोलने हेतु निवेश अभियान को और तेज किया

- निवेश से रोजगार तक, भगवंत मान सरकार ने निवेशक सम्मेलन 2026 से पहले हजारों युवाओं के लिए रोजगार का मार्ग प्रशस्त किया
 
- एम.एस.एम.ई. से लेकर ग्लोबल उद्यमों तक, भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने राज्य को युवा-नेतृत्व वाले औद्योगिक विकास के केंद्र के रूप में स्थापित किया  

- मुंबई रोड शो ने नौकरियों, उद्यमिता और निवेश-आधारित आर्थिक विस्तार के लिए पंजाब का रोडमैप प्रस्तुत किया  

- पंजाब सरकार ने नए उद्योगों, कुशल नौकरियों और युवाओं के लिए दीर्घकालिक रोजगार सृजन हेतु वैश्विक निवेशकों से स्थापित किया संपर्क

- एम.एस.एम.ई., विनिर्माण और लॉजिस्टिक्स पर ध्यान केंद्रित करते हुए पंजाब सरकार ने अगली पीढ़ी के लिए स्थायी नौकरियों की नींव रखी  

मुंबई, 4 फरवरी-मुंबई निवेश रोड शो के दूसरे दिन भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने प्रोग्रेसिव पंजाब निवेशक सम्मेलन 2026 के हिस्से के रूप में राज्य के युवाओं के लिए पूंजी निवेश को नौकरियों में बदलने पर ध्यान केंद्रित करते हुए निवेश अभियान को और तेज कर दिया।

उच्च-स्तरीय बैठकों से लेकर वित्तीय विचार-विमर्श करते हुये पंजाब सरकार ने लघु और मध्यम उद्योगों (एमएसएमई) को और मजबूत करने तथा उन्हें बड़े उद्यमों में बदलने योग्य बनाने से लेकर विनिर्माण, लॉजिस्टिक्स और उभरते क्षेत्रों में वैश्विक निवेशकों को आकर्षित करने तक अनेक संभावनाओं की श्रृंखला प्रस्तुत की।

परिणाम-उन्मुख बैठकों की यह श्रृंखला कॉर्पाेरेटों और वित्तीय संस्थाओं के साथ साझेदारी को और गहरा करने, औद्योगिक क्षमताओं के विस्तार के साथ-साथ टिकाऊ, कुशल और दीर्घकालिक रोजगार संबंधी रणनीति को दर्शाती है, जो पंजाब को युवा-नेतृत्व वाले औद्योगिक विकास और उद्यमिता-आधारित आर्थिक विस्तार के लिए केंद्र के रूप में स्थापित कर रही है।

प्रतिनिधिमंडल ने दिन की शुरुआत सनातन टेक्सटाइल और महिंद्रा ग्रुप सहित प्रमुख उद्योग समूहों के साथ उच्च-स्तरीय बैठकों से की, जहाँ टेक्सटाइल, ऑटोमोटिव, कृषि उपकरण, रक्षा विनिर्माण और सप्लाई-चेन एकीकरण में संभावित अवसरों पर केंद्रित चर्चा की गई। इन बैठकों के दौरान नए निवेशों के साथ-साथ पंजाब में मौजूदा कार्यों के विस्तार, राज्य के कुशल कार्यबल, औद्योगिक आधारभूत ढांचे और नीतिगत स्थिरता का लाभ उठाने की संभावनाओं की पड़ताल भी की गई।

इस विशेष दिन का मुख्य आकर्षण सीएक्सओ राउंडटेबल बैठक थी, जिसमें प्रमुख प्राइवेट इक्विटी फर्मों और वित्तीय संस्थाओं ने भाग लिया। यह बैठक पंजाब के एमएसएमई को बड़े और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी उद्यमों में बदलने के लिए वित्तीय संभावनाओं, पूंजी निवेश और संरचनात्मक सहायता पर विचार-विमर्श के लिए बुलाई गई थी। इस राउंडटेबल में बेयरिंग प्राइवेट इक्विटी इंडिया इनवेस्टमेंट मैनेजर्स एलएलपी, जेएम फाइनेंशियल लिमिटेड, एवेंडस वेल्थ मैनेजमेंट, नियो वेल्थ एंड एसेट मैनेजमेंट, ओकेएस एसेट मैनेजमेंट, अल्वारेज एंड मार्सल और थिंक लॉ की वरिष्ठ नेतृत्व टीम ने हिस्सा लिया। बैठक के दौरान दीर्घकालिक निवेश, प्रशासनिक सहायता और रणनीतिक बाजार पहुंच के माध्यम से एमएसएमई को बड़े एंटरप्राइज में बदलने पर चर्चाएं की गईं ताकि पंजाब को एमएसएमई-नेतृत्व वाले औद्योगिक विकास के लिए पसंदीदा स्थान के रूप में स्थापित किया जा सके।

गोलमेज बैठक के दौरान इन्वेस्ट पंजाब के सीईओ ने पंजाब के सुधार-संचालित शासन ढांचे, फास्टट्रैक पंजाब सिंगल-विंडो सिस्टम और समयबद्ध मंजूरियों के बारे में विस्तार से प्रस्तुति दी, जबकि निवेश प्रोत्साहन के प्रशासनिक सचिव ने नीतिगत निश्चितता और निवेशक सुविधा के प्रति राज्य की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया। यह सत्र इंटरैक्टिव ओपन हाउस और नेटवर्किंग लंच के साथ समाप्त हुआ, जिससे निवेशकों और पंजाब सरकार के प्रतिनिधिमंडल के बीच सीधी बातचीत संभव हुई।

गोलमेज बैठक के बाद, प्रतिनिधिमंडल ने यूएई-आधारित डीपी वल्र्ड के साथ बैठकों में भाग लिया ताकि पंजाब की निर्यात प्रतिस्पर्धात्मकता को मजबूत करने के उद्देश्य से लॉजिस्टिक्स, रेल-लिंक्ड इनलैंड टर्मिनलों और मल्टीमॉडल आधारभूत ढांचे पर चर्चा की जा सके। इसके बाद एवेन्यू सुपरमाट्र्स, यूपीएल लिमिटेड और इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ स्पोट्र्स मैनेजमेंट के साथ बातचीत की गई, जिसमें संगठित रिटेल, कृषि-इनपुट्स, खाद्य प्रणालियां और खेल शिक्षा एवं आधारभूत ढांचे जैसे क्षेत्रों पर चर्चा हुई। इन भागीदारियों ने विनिर्माण, सेवाएं, कृषि-व्यापार, लॉजिस्टिक्स और उभरते उद्योगों में पंजाब के विविध क्षेत्रीय अवसरों को उजागर किया।

इन्वेस्ट इंडिया के एक प्रतिनिधि ने भी पंजाब सरकार के प्रतिनिधिमंडल के साथ दिन के कार्यक्रमों में हिस्सा लिया, जिससे राज्य में घरेलू और वैश्विक स्तर के निवेश को आकर्षित करने तथा पंजाब की निवेश पहुँच को राष्ट्रीय निवेश प्रोत्साहन पहलों की तर्ज पर ले जाने में मजबूती मिलेगी।

मुंबई निवेश रोड शो संस्थागत निवेशकों, उद्योग के अग्रणी और वित्तीय भागीदारों को शामिल करने के लिए मजबूत मंच के रूप में कार्य करता रहेगा और प्रोग्रेसिव पंजाब निवेशक सम्मेलन 2026 में उनकी भागीदारी के लिए औपचारिक रूप से निमंत्रण दिया जाएगा। इन कार्यक्रमों ने एक स्थिर और निवेशक-अनुकूल पर्यावरण व्यवस्था के माध्यम से व्यवसायों को बढ़ाने, अनुसंधान एवं विकास को प्रोत्साहित करने और राष्ट्रीय व वैश्विक बाजारों के साथ एकीकरण के लिए पंजाब की तैयारी को प्रस्तुत किया।
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भगवंत मान के नेतृत्व वाली सरकार ने श्री गुरु रविदास जी महाराज के 649वें प्रकाश पर्व पर वर्षभर चलने वाले राज्य स्तरीय समारोहों की शुरुआत की, 2027 में ऐतिहासिक 650वें प्रकाश पर्व की तैयारियों का हुआ आगाज़

श्री खुरालगढ़ साहिब में 649वें प्रकाश पर्व के उपलक्ष्य में तीन दिवसीय प्रदेश स्तरीय समागम का शुभारंभ

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान श्री खुरालगढ़ साहिब में मत्था टेकेंगे, श्री गुरु रविदास जी महाराज से पंजाब में शांति, समृद्धि, सद्भाव और भाईचारे के लिए करेंगे अरदास

श्री खुरालगढ़ साहिब से लेकर हर गांव तक, भगवंत मान सरकार की ओर से श्री गुरु रविदास जी की शिक्षाओं के प्रचार हेतु वर्षभर चलने वाला महाअभियान शुरू

649वें प्रकाश पर्व से ही वर्षभर के आयोजनों की शुरुआत कर 2027 में ऐतिहासिक 650वें प्रकाश पर्व की तैयारी की जा रही है: कैबिनेट मंत्री हरपाल सिंह चीमा

श्री खुरालगढ़ साहिब समूचे राष्ट्र की आस्था का केंद्र, 650वें प्रकाश पर्व को लेकर वर्षभर के कार्यक्रम तय: कैबिनेट मंत्री तरुणप्रीत सिंह सौंद

श्री गुरु रविदास जी की शिक्षाओं से जाति-पाति व भेदभाव से ऊपर उठना समय की आवश्यकता: कैबिनेट मंत्री डॉ. रवजोत सिंह

पहले दिन कैबिनेट मंत्रियों, डिप्टी स्पीकर एवं अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने श्री खुरालगढ़ साहिब में मत्था टेका

गढ़शंकर/होशियारपुर, 4 फरवरी:श्री गुरु रविदास महाराज जी के 649वें पावन प्रकाश पर्व के उपलक्ष्य में आज श्री खुरालगढ़ साहिब में प्रदेश स्तरीय समागम का शुभारंभ पूर्ण धार्मिक मर्यादा एवं उत्साह के साथ श्री अखंड साहिब जी के पाठ के आरंभ के साथ किया गया। यह भव्य समागम 6 फरवरी तक चलेगा तथा इसी दिन श्री अखंड साहिब जी के भोग डाले जाएंगे। समागम के अंतिम दिन मुख्यमंत्री पंजाब भगवंत सिंह मान गुरु चरणों में हाजिरी लगाकर प्रदेश की सुख-समृद्धि एवं भाईचारे की कामना करेंगे।

इस अवसर पर तप स्थान श्री खुरालगढ़ साहिब से संत केवल सिंह, प्रधान श्री गुरु साधु संप्रदाय सोसायटी पंजाब संत निर्मल दास जी जौड़े वाले, राष्ट्रीय अध्यक्ष आदि धर्म मिशन संत सतविंदर हीरा, संत दयाल नाथ समुंदड़ा, संत जगीर सिंह नंदाचौर, धाम चानण पुरी सहौड़ा से संत धर्मपाल, तग्गड़ बराड़ा से बलकार सिंह, शेरपुर ढक्कों से संत रमेश दास, गांव चेता से संत मनप्रीत दास, ढिंगरियाँ से संत बलवंत सिंह, पंडोरी लध्धां से सतनाम सिंह, बसी मरुफ़ से संत कुलदीप सिंह के अलावा अन्य संत समाज भी विशेष तौर पर मौजूद रहे।

आज कैबिनेट मंत्रीओं हरपाल सिंह चीमा, तरुनप्रीत सिंह सौंद, हरजोत सिंह बैंस, डॉ. रवजोत सिंह और लाल चंद कटारुचक्क के अलावा डिप्टी स्पीकर जय कृष्ण रौड़ी, चेयरमैन एससी कमिशन जसवीर गढ़ी, विधायक डॉ. ईशांक कुमार, संस्कृति व पर्यटन विभाग के सलाहकार दीपक बाली व अन्य शख्सियतों ने गुरु चरणों में शीश नवाया।

गुरु चरणों में शीश नवाने उपरांत पत्रकारों से बातचीत करते हुए वित्त मंत्री पंजाब हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि वर्ष 2027 में श्री गुरु रविदास महाराज जी का 650वां प्रकाश पर्व ऐतिहासिक और भव्य स्तर पर मनाया जाएगा। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार ने 649वें प्रकाश पर्व के अवसर पर 4 फरवरी से पूरे वर्ष चलने वाले समागमों की श्रृंखला आरंभ की है। उन्होंने कहा कि गुरु रविदास जी की महान शिक्षाएं सामाजिक समरसता, समानता, भाईचारे और मानवता का संदेश देती हैं, जिन्हें जन-जन तक पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है। इसके अंतर्गत प्रदेश के सभी शैक्षणिक संस्थानों में विद्यार्थियों को गुरु जी के जीवन, दर्शन और शिक्षाओं से परिचित करवाया जाएगा। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार गुरु महाराज जी की शिक्षाओं के प्रचार-प्रसार के लिए पूरी तरह वचनबद्ध है तथा इसके लिए विशेष कार्यक्रम तैयार किए जा रहे हैं।

डिप्टी स्पीकर पंजाब विधानसभा जय कृष्ण सिंह रौड़ी ने कहा कि श्री खुरालगढ़ साहिब का ऐतिहासिक एवं आध्यात्मिक महत्व अत्यंत विशाल है और यहां आयोजित समागम सामाजिक एकता को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि श्री गुरु रविदास जी महाराज का जीवन और उनकी शिक्षाएं समाज को समानता, भाईचारे, प्रेम और मानव कल्याण का संदेश देती हैं। उन्होंने कहा कि खुरालगढ़ साहिब में आयोजित होने वाला यह प्रदेश स्तरीय समागम सामाजिक समरसता को और मजबूत करने का सशक्त माध्यम बनेगा।

कैबिनेट मंत्री तरूणप्रीत सिंह सौंद ने कहा कि श्री खुरालगढ़ साहिब न केवल पंजाब बल्कि समूचे देश के श्रद्धालुओं के लिए आस्था का महान केंद्र है। गुरु रविदास महाराज जी की शिक्षाएं समाज में समानता, प्रेम और सेवा की भावना को सुदृढ़ करती हैं। उन्होंने कहा कि इस पावन अवसर पर संगत की सुविधा के लिए सभी आवश्यक प्रबंध सुनिश्चित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2027 में गुरु जी के 650वें प्रकाश पर्व को लेकर पंजाब सरकार पूरा साल समागमों की श्रृंखला चला रही है।

कैबिनेट मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि गुरु रविदास महाराज जी का जीवन संघर्ष, तपस्या और मानव कल्याण का प्रतीक है। उनकी शिक्षाएं आज भी समाज को सही मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार धार्मिक स्थलों के विकास और श्रद्धालुओं की सुविधाओं के लिए निरंतर प्रयासरत है।

कैबिनेट मंत्री डॉ. रवजोत सिंह ने कहा कि श्री गुरु रविदास महाराज जी ने समाज को जाति, भेदभाव और ऊंच-नीच से ऊपर उठकर मानवता की सेवा करने का संदेश दिया। उनके विचार आज के समय में और भी प्रासंगिक हैं। उन्होंने संगत से गुरु जी की शिक्षाओं को अपने जीवन में अपनाने का आह्वान किया।

कैबिनेट मंत्री लाल चंद कटारूचक ने कहा कि पंजाब सरकार गुरु रविदास जी की शिक्षाओं के अनुरूप समाज में समरसता, भाईचारे और समान अवसरों को बढ़ावा देने के लिए संकल्पबद्ध है।

इस अवसर पर चेयरमैन पंजाब एससी कमीशन डॉ. जसवीर सिंह गढ़ी ने कहा कि श्री गुरु रविदास महाराज जी की शिक्षाएं सामाजिक न्याय, समानता और मानव कल्याण की सशक्त प्रेरणा हैं। गुरु जी ने अपने जीवन और वाणी के माध्यम से समाज में व्याप्त भेदभाव, ऊंच-नीच और असमानता को समाप्त करने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि हम सब गुरु रविदास जी के विचारों को धरातल पर उतारने के लिए निरंतर प्रयासरत है तथा अनुसूचित वर्गों के सामाजिक, शैक्षणिक और आर्थिक उत्थान हेतु विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाएं प्रभावी ढंग से लागू की जा रही हैं। ऐसे समागम समाज में एकता, भाईचारे और सद्भाव को सुदृढ़ करते हैं।

विधायक चब्बेवाल डॉ. ईशांक कुमार चब्बेवाल ने कहा कि श्री खुरालगढ़ साहिब की पावन धरती पर आयोजित यह प्रदेश स्तरीय समागम संगत के लिए आध्यात्मिक ऊर्जा का केंद्र है। गुरु रविदास महाराज जी की शिक्षाएं हमें सत्य, करुणा, सेवा और समर्पण के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती हैं। उन्होंने कहा कि गुरु जी के विचारों को अपनाकर ही एक समतामूलक और सशक्त समाज का निर्माण संभव है। इस प्रकार के आयोजनों से युवा पीढ़ी को अपनी आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत से जुडऩे का अवसर मिलता है, जो समाज के उज्ज्वल भविष्य के लिए अत्यंत आवश्यक है।

इस मौक़े पर अध्यक्ष एससी विंग पंजाब गुरप्रीत सिंह जी.पी., डिप्टी कमिश्नर आशिका जैन, पर्यटन विभाग के डायरेक्टर संजीव तिवाड़ी, एसएसपी संदीप कुमार मलिक, अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर (विकास) निकास कुमार, अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर (सामान्य) अमरबीर कौर भुल्लर, नगर निगम कमिश्नर ज्योति बाला, एसडीएम मुकेरियां ओएशी मंडल, एसडीएम गढ़शंकर संजीव कुमार, एसडीएम दसूहा कंवलजीत सिंह, एसडीएम टांडा लवप्रीत सिंह, सहायक कमिश्नर परमप्रीत सिंह के अलावा अनेक गणमान्य व्यक्ति एवं भारी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। सभी ने गुरु महाराज जी के चरणों में शीश नवाकर प्रदेश की शांति, खुशहाली और तरक्की की कामना की।

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‘गैंगस्टरां ते वार’ का 16वाँ दिन: पंजाब पुलिस ने 689 स्थानों पर छापेमारी की; 232 गिरफ्तार

पुलिस टीमों ने 153 व्यक्तियों के खिलाफ की एहतियातन कार्रवाई, 352 को पूछताछ के बाद रिहा किया

लोग गैंगस्टर विरोधी हेल्पलाइन नंबर 93946-93946 के माध्यम से गुप्त रूप से दे सकते हैं गैंगस्टरों की जानकारी

’युद्ध नशेयां विरुद्ध’ के 340वें दिन 135 नशा तस्कर 8.1 किलोग्राम हेरोइन समेत गिरफ्तार

चंडीगढ़, 4 फरवरी: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के निर्देशों के तहत शुरू की गई निर्णायक मुहिम ‘गैंगस्टरां ते वार’ को 16वें दिन भी जारी रखते हुए पंजाब पुलिस ने आज पूरे राज्य में गैंगस्टरों के सहयोगियों के चिह्नित और मैप किए गए 689 ठिकानों पर छापेमारी की।

जानकारी के अनुसार, ‘गैंगस्टरां ते वार’ - पंजाब को गैंगस्टर मुक्त राज्य बनाने के लिए निर्णायक जंग है, जिसकी शुरुआत पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) पंजाब गौरव यादव द्वारा 20 जनवरी, 2026 को की गई थी। एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स (ए.जी.टी.एफ.) पंजाब के पूर्ण समन्वय से सभी जिलों की पुलिस टीमें राज्य भर में विशेष कार्रवाइयाँ कर रही हैं।

मुहिम के 16वें दिन पुलिस टीमों ने 232 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया और उनके कब्जे से दो तेजधार हथियार बरामद किए। इस प्रकार मुहिम की शुरुआत से अब तक कुल 4,628 गिरफ्तारियाँ की जा चुकी हैं।

इसके अलावा, 153 व्यक्तियों के खिलाफ एहतियातन कार्रवाई की गई, जबकि 352 व्यक्तियों को तफ्तीश और पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया। पुलिस टीमों ने कार्रवाई के दौरान 12 भगोड़े अपराधियों (पीओ) को भी गिरफ्तार किया है।

उन्होंने कहा कि लोग गुप्त रूप से वांछित अपराधियों/गैंगस्टरों के बारे में एंटी-गैंगस्टर हेल्पलाइन नंबर-93946-93946 के माध्यम से रिपोर्ट कर सकते हैं और किसी भी प्रकार के अपराध एवं आपराधिक गतिविधियों की सूचना/जानकारी साझा कर सकते हैं।

इस दौरान, पुलिस टीमों ने नशों के खिलाफ अपनी मुहिम ’युद्ध नशेयां विरुद्ध’ को 340वें दिन भी जारी रखा, जिसके तहत आज 135 नशा तस्करों को गिरफ्तार किया गया और उनके कब्जे से 8.1 किलोग्राम हेरोइन, 2 किलोग्राम अफीम, 804 नशीली गोलियाँ/कैप्सूल और 10,750 रुपये की ड्रग मनी बरामद की गई। साथ ही, मात्र 340 दिनों में गिरफ्तार किए गए कुल नशा तस्करों की संख्या 47,634 हो गई है। नशा छुड़ाने की मुहिम के हिस्से के रूप में, पंजाब पुलिस ने आज 23 व्यक्तियों को नशा छुड़ाने और पुनर्वास इलाज करवाने के लिए राजी किया है।
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गुरविंदर सिंह हत्या मामले में शामिल दो मुलजिम गिरफ्तार; अपराध में इस्तेमाल किये गये वाहन बरामद

विदेशी गैंगस्टर गोल्डी बराड़ ने अपने साथियों विक्की सत्तेवाला और रवि फरीदकोटिया के साथ मिलकर रची थी अपराध की साजिश: एसएसपी हरमनदीप हंस

तकनीकी जानकारी के आधार पर दोषियों को किया गया गिरफ्तार

चंडीगढ़/एसएएस नगर, 4 फरवरी: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के निर्देशों के अनुसार पंजाब को सुरक्षित राज्य बनाने के लिए चलाई जा रही मुहिम के दौरान बड़ी सफलता हासिल करते हुए एस.ए.एस. नगर पुलिस ने मोहाली जिला अदालत परिसर के बाहर हुई गुरविंदर सिंह की हत्या से संबंधित दो मुलजिमों को गिरफ्तार किया है और इस अपराध को अंजाम देने के लिए इस्तेमाल किए गए वाहन भी बरामद किए हैं। यह जानकारी वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) एस.ए.एस. नगर हरमनदीप हंस ने आज यहां दी।

गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों की पहचान बलतेज सिंह उर्फ बंटी निवासी गांव टहिणा (फरीदकोट) और मंगत सिंह उर्फ मैक्स निवासी जलालाबाद (फाजिल्का) के रूप में हुई है। बरामद किए गए वाहनों में काला बजाज पल्सर मोटरसाइकिल (पी.बी.-22-डी-5444) और सफेद होंडा अमेज़ कार (यू.पी.-14-सीडी-6847) शामिल हैं, दोनों ही अपराध में इस्तेमाल किए गए थे।

जानकारी के अनुसार, पीडि़त गुरविंदर सिंह को 28 जनवरी, 2026 को जिला अदालत परिसर, मोहाली के बाहर उनकी पार्क की गई कार के पास अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया था। उनकी पत्नी, शिकायतकर्ता अमरदीप कौर ने विदेशी गैंगस्टर सतिंदरजीत सिंह उर्फ गोल्डी बराड़ की संलिप्तता पर संदेह जताया था, जो कथित तौर पर उनके पति को धमकी दे रहा था।

एसएसपी हरमनदीप हंस ने कहा कि जांच के दौरान सीसीटीवी विश्लेषण से पता चला है कि दो मुलजिम एक काले पल्सर मोटरसाइकिल पर आए, गोलीबारी की और बाद में कपड़े बदलकर सफेद होंडा अमेज़ कार में फरार हो गए। तकनीकी और मानव खुफिया जानकारी के आधार पर यह सामने आया कि अपराध की योजना गैंगस्टर गोल्डी बराड़ ने अपने साथियों विक्की सिंह उर्फ विक्की सत्तेवाला और रवि कुमार उर्फ रवि फरीदकोटिया, जो इस समय विदेश में हैं, की मदद से बनाई थी।

एसएसपी ने आगे कहा कि गिरफ्तार मुलजिमों के खुलासे पर पुलिस ने अपराध में इस्तेमाल किया गया काला बजाज पल्सर मोटरसाइकिल और सफेद होंडा अमेज़ कार बरामद की है।

उन्होंने कहा कि साजिश को पूरी तरह सुलझाने के लिए बाकी साथियों और मास्टरमाइंड की पहचान करने तथा उन्हें पकडऩे के प्रयास जारी हैं।

इस संबंध में बीएनएस की धारा 103(1), 109 और 3(5) तथा आम्र्स एक्ट की धारा 25 के तहत एफआईआर नंबर 23 दिनांक 28-01-2026 को एसएएस नगर के पुलिस स्टेशन सोहाना में पहले ही दर्ज है।
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पंजाब सरकार व्यापारियों के मुद्दों के समाधान के लिए तीन-स्तरीय पंजाब राज्य व्यापारी आयोग को और मजबूत करेगी: हरपाल सिंह चीमा

पूरे राज्य में 10 और 11 फरवरी को व्यापारियों की शिकायतों के निपटारे के लिए विशेष जिला-स्तरीय शिविर लगाए जाएंगे: हरपाल सिंह चीमा

जिला व्यापार समितियों को पूरे पंजाब के व्यापारियों से सक्रिय रूप से जुडऩे के निर्देश: हरपाल सिंह चीमा

व्यापार से संबंधित जटिल मुद्दों का शीघ्र समाधान के लिए पंजाब राज्य व्यापारी आयोग को भेजा जाएं: हरपाल सिंह चीमा

वित्त मंत्री द्वारा पंजाब राज्य व्यापारी आयोग के साथ उच्च-स्तरीय बैठक

चंडीगढ़, 4 फरवरी 2026:राज्य भर में व्यापार करने में आसानी को और मजबूत करने के लिए पंजाब सरकार के प्रयासों के हिस्से के रूप में पंजाब के वित्त, योजना, आबकारी और कराधान मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने आज पंजाब राज्य व्यापारी आयोग (पीएसटीसी) की एक उच्च-स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। पंजाब भवन में आयोजित यह बैठक व्यापारी समुदाय के साथ संबंधों को और मजबूत करने, शिकायत निवारण व्यवस्था को बेहतर बनाने और जिला स्तर पर तकनीकी क्षमता बढ़ाने पर केंद्रित रही।

पीएसटीसी के चेयरमैन के रूप में बैठक को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि हमारा उद्देश्य एक मजबूत तीन-स्तरीय व्यवस्था स्थापित करना है जो व्यापारी समुदाय को सीधे प्रशासन से जोड़ती है, ताकि पंजाब के प्रत्येक व्यापारी को समय पर सहायता मिल सके और उनकी चिंताओं का पता लगाकर उनका समाधान किया जा सके।

वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने जिला व्यापार समिति के चेयरमैनों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में व्यापारियों से सक्रिय रूप से जुड़ें और जमीनी स्तर के मुद्दों पर फीडबैक लें। उन्होंने स्थानीय शिकायतों के त्वरित निपटारे को सुनिश्चित करने के लिए 10 और 11 फरवरी को विशेष जिला-स्तरीय शिविर लगाने की घोषणा भी की। उन्होंने आगे कहा कि जिला व्यापार समिति के चेयरमैनों को व्यापारियों तक सक्रिय रूप से पहुंचना चाहिए और उनकी समस्याओं को समझना चाहिए।

वित्त मंत्री ने आगे निर्देश दिया कि जिला स्तर पर हल हो सकने वाले मुद्दों को व्यवस्थित रूप से दस्तावेजी रूप में दर्ज किया जाए और शीघ्र समाधान के लिए पंजाब राज्य व्यापारी आयोग को भेजा जाए। उन्होंने कहा कि राज्य स्तर पर कार्रवाई की आवश्यकता वाले जटिल मामले या फीडबैक को उचित तरीके से सूचीबद्ध करके आयोग के साथ साझा किया जाना चाहिए ताकि प्रभावी और समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किए जा सकें।

इस बैठक में पीएसटीसी के उप-चेयरमैन अनिल ठाकुर, वित्तीय आयुक्त कराधान अजीत बालाजी जोशी और कराधान आयुक्त जतिंदर जोरवाल शामिल हुए। इस विचार-विमर्श के दौरान व्यापार समितियों के तकनीकी सशक्तिकरण पर विशेष जोर दिया गया। वित्तीय आयुक्त कराधान अजीत बालाजी जोशी और कराधान आयुक्त जतिंदर जोरवाल ने जीएसटी फाइलिंग से संबंधित प्रमुख तकनीकी पहलुओं के बारे में विस्तृत जानकारी दी, जिसका उद्देश्य जिला समिति सदस्यों को नियामक आवश्यकताओं का पालन करने में व्यापारियों की सहायता के लिए आवश्यक जानकारी से लैस करना है।

इस पहल के पीछे व्यापक दृष्टिकोण को दोहराते हुए वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि यह तीन-स्तरीय व्यवस्था पंजाब में व्यापार के लिए एक सुगम और जवाबदेह वातावरण सृजित करने के लिए तैयार की गई है। उन्होंने आगे कहा कि इस व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य हर व्यापारी की मुश्किल सुनना और उस पर समय पर कार्रवाई करना सुनिश्चित बनाना है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार जिला-स्तरीय पहुंच और राज्य स्तर पर मजबूत नीति के माध्यम से एक पारदर्शी और व्यापार-अनुकूल माहौल सृजित करने की दिशा में लगातार काम कर रही है।
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*स्वतंत्रता सेनानियों के परिवारों की जायज मांगों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाएगा: मोहिंदर भगत*

- मंत्री मोहिंदर भगत द्वारा स्वतंत्रता सेनानियों के परिवारिक सदस्यों और फ्रीडम फाइटर्स, उत्तराधिकारी संस्था के प्रतिनिधियों के साथ विशेष बैठक

- पंजाब सरकार स्वतंत्रता सेनानियों और उनके परिवारों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध

चंडीगढ़, 4 फरवरी: पंजाब के स्वतंत्रता सेनानी मंत्री श्री मोहिंदर भगत ने आज पंजाब सिविल सचिवालय, चंडीगढ़ में आजादी सेनानियों के परिवार के सदस्यों और फ्रीडम फाइटर्स उत्तराधिकारी संस्था पंजाब के प्रतिनिधियों के साथ विशेष बैठक की। इस अवसर पर स्वतंत्रता सेनानी विभाग के विशेष मुख्य सचिव राजी पी. श्रीवास्तव और संयुक्त सचिव राजपाल सिंह विशेष रूप से उपस्थित थे।

बैठक के दौरान मंत्री श्री मोहिंदर भगत ने स्वतंत्रता सेनानियों के पारिवारिक सदस्यों और संस्था के प्रतिनिधियों की मांगों को बहुत ध्यान से सुना और भरोसा दिलाया कि उनकी हर जायज मांग को सरकार द्वारा प्राथमिकता के आधार पर हल किया जाएगा। मंत्री श्री भगत ने संबंधित विभाग को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए।

श्री भगत ने कहा कि स्वतंत्रता संघर्ष में बड़ी कुर्बानियां देकर देश को आजाद करवाने वाले स्वतंत्रता सेनानियों और उनके पारिवारिक सदस्यों का सम्मान करने के लिए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

उन्होंने कहा कि जो मांगें विभागीय स्तर पर हल हो सकती हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर जल्द निपटाया जाएगा और जो मांगें मुख्यमंत्री या वित्त विभाग के स्तर पर हल होनी हैं, उन पर भी विशेष रूप से विचार किया जाएगा।
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अमृतसर में सीमा पार से नशा तस्करी मॉड्यूल से जुड़े चार व्यक्ति 5 किलो हेरोइन सहित गिरफ्तार

- गिरफ्तार किए गए मुलजिम सीधे तौर पर पाकिस्तान आधारित तस्कर से जुड़े हुए थे: डीजीपी गौरव यादव

- अगले-पिछले संबंधों का पता लगाने के लिए आगे की जांच जारी

चंडीगढ़/अमृतसर, 4 फरवरी: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के निर्देशानुसार पंजाब को नशा मुक्त राज्य बनाने के लिए चल रही मुहिम के दौरान गुप्त सूचना के आधार पर की गई कार्रवाई में काउंटर इंटेलिजेंस (सीआई) अमृतसर ने चार व्यक्तियों को गिरफ्तार कर सीमा पार से नशा तस्करी करने वाले एक मॉड्यूल का पर्दाफाश किया है और उनके कब्जे से 5 किलो हेरोइन बरामद की है। यह जानकारी आज यहां डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (डीजीपी) पंजाब गौरव यादव ने दी।

गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों की पहचान सुखचैन सिंह उर्फ मनी, नवदीप सिंह, सुखपाल सिंह और आकाशदीप सिंह के रूप में हुई है। ये सभी निवासी गांव दाओके, अमृतसर के हैं। हेरोइन की खेप बरामद करने के अलावा, पुलिस टीमों ने उनके दो स्प्लेंडर मोटरसाइकिल (रजिस्ट्रेशन नंबर पीबी02इयू7751 और पीबी02डीवाइ9343) भी जब्त कर लिए हैं, जिनका उपयोग नशीले पदार्थों की ढुलाई के लिए किया जा रहा था।

डीजीपी गौरव यादव ने कहा कि प्रारंभिक जांच से पता चला है कि गिरफ्तार मुलजिम सीधे तौर पर पाकिस्तान आधारित तस्कर से जुड़े हुए थे, जो अपने गांव दाओके के आसपास सीमा पार से ड्रोन के जरिए हेरोइन की खेप पहुंचा रहे थे ताकि राज्य में आगे इसकी सप्लाई की जा सके।

इस कार्रवाई के संबंध में विवरण साझा करते हुए उन्होंने बताया कि सीआई अमृतसर को एक विशेष सूचना मिली थी कि मुलजिम सुखचैन सिंह उर्फ मनी अपने साथियों की मदद से राज्य में नशा तस्करी का मॉड्यूल चला रहा है और उन्हें हाल ही में ड्रोन के जरिए पाकिस्तान से हेरोइन की एक बड़ी खेप मिली है, जिसे वे अमृतसर के गांव काला घनूपुर के नजदीक सदा गांव में दूसरी पार्टियों को पहुंचाने जा रहे थे। उन्होंने कहा कि तेजी से कार्रवाई करते हुए पुलिस टीमों ने सदा गांव अमृतसर के नजदीक बाईपास रोड पर नाका लगाया और चारों संदिग्धों को रोक लिया तथा उनके कब्जे से हेरोइन की खेप बरामद की।

डीजीपी ने कहा कि नेटवर्क के अगले-पिछले संबंधों का पता लगाने के लिए आगे की जांच जारी है।

इस संबंध में मामला थाना स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल, अमृतसर में एनडीपीएस एक्ट की धारा 21, 25 और 29 के तहत एफआईआर नंबर 5 दिनांक 04-02-2026 को दर्ज किया गया है।
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‘बाज अख’ एंटी-ड्रोन सिस्टम ने तरन तारन में 4 किलो हेरोइन से भरे ड्रोन को किया बेअसर

- सीमा पार के हैंडलरों, सप्लाई रूटों की पहचान करने और पूरे नेटवर्क को नष्ट करने के लिए जांच जारी: डी.जी.पी. गौरव यादव

- बॉर्डर आउटपोस्ट कालियां के निकट खेतों से हेरोइन की खेप समेत बरामद हुआ ड्रोन

चंडीगढ़/तरन तारन, 4 फरवरी: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के निर्देशों के अनुसार पंजाब को सुरक्षित राज्य बनाने के लिए चलाई जा रही मुहिम के दौरान सीमा पार से नशीले पदार्थों की तस्करी के नेटवर्क के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल करते हुए तरन तारन पुलिस ने सीमा सुरक्षा बल (बी.एस.एफ.) के साथ संयुक्त ऑपरेशन के तहत सरहदी चौंकी (बी.ओ.पी.) कालियां के निकट खेतों से 3.925 किलोग्राम हेरोइन बरामद की है। यह जानकारी डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (डीजीपी) पंजाब गौरव यादव ने आज यहां दी।

हेरोइन की खेप बरामद करने के अलावा, पुलिस टीमों ने एक डीजेआइ मैट्रिस ड्रोन भी बरामद किया है, जिसका इस्तेमाल पाकिस्तान स्थित तस्करों द्वारा सीमा पार से खेप भेजने के लिए किया गया था। यह उन्नत तकनीक के माध्यम से सीमा पार तस्करी की कोशिशों की ओर इशारा करता है।

डीजीपी ने कहा कि सीमा पार के हैंडलरों की पहचान करने, सप्लाई रूटों का पता लगाने और पूरे नेटवर्क को नष्ट करने के लिए जांच की जा रही है।

ऑपरेशन के संबंध में विस्तार से जानकारी देते हुए तरन तारन के सीनियर पुलिस सुपरिंटेंडेंट सुरेंद्र लांबा ने बताया कि पंजाब सरकार के ‘बाज अख’ एंटी-ड्रोन सिस्टम ने सरहदी चौंकी (बी.ओ.पी.) कालियां के निकट ड्रोन की गतिविधियों का पता लगाया था। इस पर तुरंत कार्रवाई करते हुए पुलिस टीमों ने बी.एस.एफ. को सूचित किया और संयुक्त रूप से तलाशी अभियान चलाया, जिसके परिणामस्वरूप हेरोइन से भरे ड्रोन को बेअसर किया गया, जिसे बाद में खेतों से बरामद किया गया।

एस.एस.पी. ने कहा कि जिन लोगों को यह हेरोइन की खेप प्राप्त करनी थी, उनकी पहचान के लिए जांच जारी है।

इस संबंध में एफआईआर नंबर 20 दिनांक 3/2/2026 को तरनतारन के पुलिस थाना वलटोहा में एनडीपीएस एक्ट की धारा 21 सी तथा भारतीय वायुयान अधिनियम की धारा 25, 26 और 29 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
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एस.सी. कमीशन ने नाबालिग लडक़ी के साथ मारपीट करने के मामले में सू-मोटो नोटिस लिया

एस.एस.पी. श्री मुक्तसर साहिब से मामले संबंधी रिपोर्ट तलब

चंडीगढ़, 04 फरवरी पंजाब राज्य अनुसूचित जाति आयोग के चेयरमैन श्री जसवीर सिंह गढ़ी ने श्री मुक्तसर साहिब जिले में एक अनुसूचित जाति से संबंधित नाबालिग लडक़ी के साथ मारपीट के मामले में स्वत: संज्ञान (सू-मोटो नोटिस) लिया है।
इस संबंध में जानकारी देते हुए प्रवक्ता ने बताया कि यह मामला पंजाब राज्य अनुसूचित जाति आयोग के चेयरमैन श्री जसवीर सिंह गढ़ी के ध्यान में एक समाचार पत्र में प्रकाशित खबर के माध्यम से आया है। उन्होंने बताया कि आयोग ने पंजाब राज्य अनुसूचित जाति आयोग एक्ट 2004 की धारा 10 के (2) (एच) के तहत इस मामले का स्वत: संज्ञान लेते हुए वरिष्ठ पुलिस कप्तान श्री मुक्तसर साहिब से इस मामले संबंधी जानकारी उप-कप्तान पुलिस के माध्यम से आयोग के कार्यालय में दिनांक 10 फरवरी, 2026 तक तलब की गई है।
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आर.टी.आई. आयोग द्वारा पी.आई.ओ.-कम-असिस्टेंट टाउन प्लानर के खिलाफ वारंट जारी
चंडीगढ़, 04 फरवरी: पंजाब राज्य सूचना आयोग ने एक मामले की सुनवाई के दौरान म्यूंसिपल कॉर्पाेरेशन लुधियाना की बिल्डिंग ब्रांच जोन ‘डी’ के पी.आई.ओ. कम असिस्टेंट टाउन प्लानर के खिलाफ वारंट जारी किए हैं।

इस संबंध में जानकारी देते हुए पंजाब राज्य सूचना आयोग के आयुक्त हरप्रीत सिंह संधू ने बताया कि जसवीर सिंह, निवासी गुरु नानक नगर, गांव भोलापुर झब्बेवाल, जिला लुधियाना द्वारा दायर अपील केस नंबर: 6157 ऑफ 2023 में लुधियाना की बिल्डिंग ब्रांच जोन डी के पी.आई.ओ. कम असिस्टेंट टाउन प्लानर कुलजीत सिंह मांगट के खिलाफ आयोग द्वारा 11 मार्च, 2025 को आयोग परिसर में पेश होने के वारंट जारी किए गए हैं।

श्री हरप्रीत सिंह संधू ने बताया कि कुलजीत सिंह मांगट इस मामले में अब तक हुई 4 सुनवाइयों के मौके पर आयोग की हिदायतों के बावजूद गैर-हाजिर रहे, जिस संबंध में आयोग द्वारा कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया था।

उन्होंने कहा कि अब इस मामले में आयोग द्वारा आर.टी.आई. एक्ट 2005 की धारा 18 (3) (ए) के तहत पुलिस आयुक्त, लुधियाना को आदेश जारी किया गया है कि वे कुलजीत सिंह मांगट, पी.आई.ओ. कम असिस्टेंट टाउन प्लानर को इन वारंट की प्रति तामील करवाएं और केस की अगली तारीख 11 मार्च, 2026 को आयोग के समक्ष पेश होने की हिदायत जारी करें।
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सूचना एवं लोक संपर्क विभाग, पंजाब
शहरी स्थानीय निकायों में जल्द मंजूरियाँ, विकेंद्रीकृत निर्णय प्रक्रिया और मिशन-मोड शहरी विकास जैसे प्रमुख प्रशासनिक सुधार लागू किए गए: संजीव अरोड़ा
चंडीगढ़, 4 फरवरी:

पंजाब के स्थानीय निकाय, उद्योग एवं वाणिज्य, बिजली तथा निवेश प्रोत्साहन संबंधी कैबिनेट मंत्री श्री संजीव अरोड़ा ने आज कहा कि राज्य सरकार ने पूरे पंजाब में विकास कार्यों के समयबद्ध निर्णय लेने, पारदर्शिता और निर्बाध क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए शहरी स्थानीय निकायों (यूएलबीज़) में प्रशासनिक, वित्तीय और संरचनात्मक सुधार किए हैं।

यूएलबीज़ के कार्यों की समीक्षा करते हुए कैबिनेट मंत्री ने कहा कि प्रस्तावों और मंजूरियों के लंबित रहने से विकास और जन सेवाएं प्रदान करने पर काफी प्रभाव पड़ा है। उन्होंने आगे बताया कि माननीय राष्ट्रीय संयोजक श्री अरविंद केजरीवाल और माननीय मुख्यमंत्री श्री भगवंत सिंह मान की योग्य अगुवाई में इस समस्या के समाधान के लिए राज्य सरकार ने दैनिक निगरानी, व्यवस्थागत पुनर्गठन और सख्त समय-सीमाओं के माध्यम से सुधार-आधारित, विकेंद्रीकृत और जवाबदेही-आधारित शासन ढांचा अपनाया है।

इसके परिणामस्वरूप लंबित प्रस्तावों का काफी बैकलॉग साफ किया गया है। पिछले 3 हफ्तों में शहरी आधारभूत ढांचे और शहरी विकास कार्यों को गति बहाल करते हुए 1100 लंबित प्रस्तावों में से 900 प्रस्तावों को क्लियर कर दिया गया है। इनमें से कुछ प्रस्ताव 2018 से लंबित थे। शेष मामले प्रक्रिया अधीन हैं और जल्द ही निपटाए जाने की उम्मीद है।

इन सुधारों को संस्थागत रूप देने के लिए ई-निगम सॉफ्टवेयर को 01.02.2026 से लागू किया गया है, ताकि सभी यूएलबीज़ में प्रस्तावों की ऑनलाइन प्रोसेसिंग हो सके। यह महत्वपूर्ण कदम दस्तावेजी प्रक्रियाओं से मुक्ति के साथ-साथ गति, पारदर्शिता, ट्रेसेबिलिटी और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में निर्णायक बदलाव का संकेत है। भविष्य में लंबित प्रस्तावों के समाधान के लिए और प्रक्रियागत सरलीकरण एवं विकेंद्रीकरण किया जा रहा है।

- *वित्तीय शक्तियों में वृद्धि और जल्द प्रोजेक्ट मंजूरियाँ देना*

श्री संजीव अरोड़ा ने घोषणा की कि फील्ड स्तर पर विकास परियोजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाने के लिए वित्तीय मंजूरी संबंधी शक्तियों में महत्वपूर्ण वृद्धि की गई है। अब सुपरिंटेंडिंग इंजीनियरों (एसईज़) को 1 करोड़ रुपये की सीमा से बढ़ाकर 2 करोड़ रुपये तक की वित्तीय मंजूरियाँ देने की शक्ति दी गई है।

मुख्य इंजीनियर्स (सीईज़) अब 10 करोड़ रुपये तक की परियोजनाओं को मंजूरी दे सकते हैं, जो पहले की 5 करोड़ रुपये की सीमा से दोगुनी है।

एक अन्य बड़े सुधार में मुख्य कार्यालय स्तर पर मुख्य इंजीनियरों की दो कमेटियों का गठन किया गया है, ताकि अड़चनों को खत्म किया जा सके और जीरो पेंडेंसी सुनिश्चित हो। पहले की एकल कमेटी की जगह अब यह व्यवस्था की गई है।

कैबिनेट मंत्री ने आगे निर्देश दिए कि सभी प्रस्ताव, सिफारिशें, तकनीकी मंजूरियाँ और स्थानीय निकायों के कार्यों से संबंधित मंजूरियाँ 10 कार्यकारी दिनों की सख्त समय-सीमा के अंदर पूर्ण की जाएँगी, जिससे समयबद्ध प्रशासन और अधिकारियों की जवाबदेही को और मजबूत किया जाएगा।

- *इंजीनियरिंग काडर और क्षेत्रीय ढांचे का तर्कसंगत करना*

श्री अरोड़ा ने बताया कि भौगोलिक और प्रशासनिक पहलुओं के आधार पर सभी शहरी स्थानीय निकायों को छह क्षेत्रों- अमृतसर, बठिंडा, फिरोजपुर, जालंधर, लुधियाना और पटियाला में पुनर्गठित किया गया है।

नए ढांचे के तहत प्रत्येक क्षेत्र के लिए एक मुख्य इंजीनियर नियुक्त किया गया है, जो नगर निगमों और काउंसिलों की निगरानी करता है, जिसमें बी एंड आर और ओ एंड एम संबंधी कार्य शामिल हैं। प्रति क्षेत्र एक सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर और प्रति जिला एक सब-डिविजनल इंजीनियर तैनात किया गया है।

इस तर्कसंगतता का उद्देश्य समन्वय को बेहतर बनाना, क्षेत्रीय स्तर की निगरानी को बढ़ाना और परियोजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाना है।

- *रेट कॉन्ट्रैक्ट के माध्यम से मिशन-मोड सीवर लाइन क्लीनिंग*

कैबिनेट मंत्री ने बताया कि रेट कॉन्ट्रैक्ट के तहत सीवर लाइनों की सफाई के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, जिसमें 161 शहरी स्थानीय निकायों के कार्य पहले ही पूर्ण हो चुके हैं। पांच प्रमुख नगर निगमों- अमृतसर, जालंधर, लुधियाना, बठिंडा और पटियाला के लिए टेंडरिंग अंतिम चरण में है और इस कार्य के लिए छह एजेंसियों को सूचीबद्ध किया गया है।

उन्होंने आगे बताया कि नगर काउंसिलों को बार-बार टेंडर भरने से छूट दी गई है, जिससे पहले से मंजूर ठेकेदारों के माध्यम से तेजी से लामबंदी और देरी को कम किया गया है। यूनिट दरें निर्धारित करके सरकार ने वित्तीय अनुशासन बनाए रखते हुए सार्वजनिक धन के मूल्य में उतार-चढ़ाव से बचाया है। ये कॉन्ट्रैक्ट मानसून से पहले सीवर लाइनों की मिशन-मोड सफाई सुनिश्चित करने के लिए तैयार किए गए हैं।

उन्होंने आगे कहा कि "एक शहर, एक संचालक" योजना के तहत नगर निगमों के लिए टेंडर जारी कर दिए गए हैं और जल्द ही इनका कार्य शुरू कर दिया जाएगा।

- *अमरुत 2.0 और एसबीएम (शहरी) 2.0 के तहत जल आपूर्ति और सीवरेज आधारभूत ढांचा*

श्री संजीव अरोड़ा ने आगे बताया कि अमरुत 2.0 के तहत भूजल से नहर के पानी की आपूर्ति में बड़ा बदलाव लागू किया जा रहा है। वर्तमान में 90 कस्बों में 609 एमएलडी की कुल क्षमता वाले वाटर ट्रीटमेंट प्लांट (डब्लयूटीपी) कार्यशील हैं, जो 148 कस्बों में 100 प्रतिशत पानी आपूर्ति कवरेज सुनिश्चित करते हैं। इसके अतिरिक्त 3,626 करोड़ रुपये की कुल लागत से 87 एमएलडी की संयुक्त क्षमता वाले चार सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) योजनांतर्गत लागू किए जा रहे हैं।

एसबीएम (शहरी) 2.0 के बारे में कैबिनेट मंत्री ने बताया कि कुल 213 एमएलडी क्षमता वाले 56 कस्बों में एसटीपीज़ विकसित किए जा रहे हैं। इस योजना के तहत 1,647 करोड़ रुपये की कुल लागत से 730 सीवर सफाई मशीनों की खरीद की जा चुकी है।

श्री संजीव अरोड़ा ने बताया कि ये सुधार पंजाब में शहरी शासन के व्यापक बदलाव का हिस्सा हैं। उन्होंने कहा कि हमारा ध्यान तेजी से सुपुर्दगी, पारदर्शिता, वित्तीय अनुशासन और नागरिक सेवाओं में प्रत्यक्ष सुधार पर केंद्रित है।
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मजदूरों की भलाई के लिए पंजाब सरकार की पहलकदमियां: भगवंत मान सरकार द्वारा अपने शासन के दौरान निर्माण मजदूरों को विशेष प्राथमिकता

- मुख्यमंत्री भगवंत मान की दूरदर्शी अगुवाई में पंजाब विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचे वाली संस्थाओं के निर्माण के साथ-साथ उन्हें बनाने वाले मजदूरों का भी कर रहा है सम्मान: तरुनप्रीत सिंह सौंद

चंडीगढ़, 4 फरवरी: पंजाब के निर्माण मजदूर दशकों तक राज्य के सबसे उपेक्षित नागरिक रहे हैं। राज्य की सडक़ों, स्कूलों, अस्पतालों और घरों के निर्माण में योगदान देने के बावजूद वे बदहाली और गरीबी का जीवन बीताते रहे। इस वर्ग के लिए कल्याण व्यवस्था ज्यादातर कागजों तक ही सीमित रही। लेकिन अब भगवंत मान सरकार के दौरान उनकी स्थिति में निर्णायक और सकारात्मक बदलाव शुरू हो गया है।

इस बदलाव का मुख्य कारण शासन में आए परिवर्तन को स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है। मजदूरों को फॉर्म भरने, दफ्तरों के चक्कर काटने और अनावश्यक देरी के कारण परेशान होने से बचाने के लिए पंजाब सरकार ने सिस्टम का पुनर्गठन किया है। पंजाब बिल्डिंग एंड अदर कंस्ट्रक्शन वर्कर्स वेलफेयर बोर्ड (बीओसीडब्ल्यू), जो राज्य भर में लगभग दो लाख रजिस्टर्ड निर्माण मजदूरों के लिए नोडल एजेंसी है, के बुनियादी ढांचे में सुधार किए गए हैं ताकि कार्य में तेजी, सुचारुता और जवाबदेही लाई जा सके।

- *उपेक्षा से जवाबदेही तक*

पिछली सरकारों ने एक ऐसा सिस्टम छोड़ा था जिसमें कल्याण संबंधी लाभों की प्रक्रिया में औसतन 206 दिन लगते थे। लेबर कार्ड केवल एक साल के लिए वैध होते थे, निर्माण मजदूरों को अक्सर लंबा इंतजार करना पड़ता था और यह भी निश्चित नहीं था कि सहायता कभी मिलेगी भी या नहीं। इसलिए भगवंत मान सरकार को न केवल यह प्रशासनिक देरी मिली, बल्कि पिछली सरकारों द्वारा सालों से की जा रही उपेक्षा और गंभीर देनदारियां भी मिलीं।

सिस्टम में कोई प्रयोग या छेड़छाड़ करने के बजाय सरकार ने संरचनात्मक सुधारों को प्राथमिकता दी। मजदूरों को अपमानित करने वाली अनावश्यक शर्तों को हटा दिया गया। इसका प्रत्यक्ष उदाहरण है प्रसव लाभ के लिए बाल आधार की शर्त को समाप्त करना। परिवारों से केवल वित्तीय सहायता प्राप्त करने के लिए नवजात शिशुओं के लिए आधार की मांग करना न तो उचित था और न ही तर्कसंगत। वह अभ्यास अब खत्म हो गया है, जिससे कल्याण प्रक्रिया में बुनियादी सम्मान बहाल हुआ है।

- *मानवीय उद्देश्य के लिए लाभकारी तकनीक*

पंजाब के सुधारों को अन्य राज्यों से अलग करने वाली बात यह है कि तकनीक केवल अपने उपयोग के लिए नहीं, बल्कि परेशानियों और समस्याओं को कम करने के लिए तैयार की गई है। आवेदन प्रक्रियाओं को, जो पहले 11 चरणों से गुजरती थीं, सरल बनाया गया है। 14 योजनाओं में अनावश्यक मंजूरियों को हटा दिया गया है। विभाग अब आपस में डेटा साझा करते हैं और यह सुनिश्चित करते हैं कि मजदूरों को अब वे दस्तावेज जमा करने के लिए नहीं कहे जाते जो सरकार के पास पहले से ही मौजूद हैं।

पहले निर्माण मजदूरों को फॉर्म जमा करने के लिए बार-बार सरकारी दफ्तरों में जाना पड़ता था और फिर शिक्षा संबंधी लाभों के लिए अलग से आधार सत्यापन करवाना पड़ता था। इससे न केवल रोजाना का आर्थिक नुकसान होता था बल्कि एक दफ्तर से दूसरे दफ्तर के चक्कर भी लगाने पड़ते थे। अब, क्योंकि पूरा सिस्टम ऑनलाइन और तकनीक-संचालित है, इसलिए मजदूरों या उनके परिवारों को आधार सत्यापन या लिंकेज के लिए कहीं जाने की जरूरत नहीं है। एक बार मूल विवरण जमा हो जाने के बाद प्रक्रिया अपने आप चलती रहती है, जिससे समय और पैसे की बचत होती है और अनावश्यक परेशानी भी कम होती है। इसी तरह स्वास्थ्य बीमा लाभ, जो अब 10 लाख तक बढ़ाए गए हैं, बिना कागजी कार्रवाई के अस्पतालों में आपात स्थिति के दौरान निर्बाध इलाज सुनिश्चित करते हैं।

- *प्रत्यक्ष परिणाम, कोई बयानबाजी नहीं*

इन सुधारों के परिणाम ठोस हैं। लाभों के लिए औसत प्रक्रिया समय 64 प्रतिशत 203 दिनों से घटकर 73 दिन रह गया है, जिसमें 45 दिन और कम करने का विचार है। कल्याण वितरण में 67 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जो 2020-21 में 93 करोड़ से बढक़र 2025-26 की पहली तीन तिमाहियों में 125 करोड़ हो गया है और वित्तीय वर्ष के अंत तक 150 करोड़ को पार करने का अनुमान है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इस साल 81,000 निर्माण मजदूरों को पहले ही लाभ मिल चुका है, जो पहले की संख्या से लगभग तीन गुना है।

ये आंकड़े प्रत्यक्ष बदलाव दर्शाते हैं: स्कूल फीस का समय पर भुगतान, बिना कर्ज के मेडिकल इमरजेंसी सुविधाओं की उपलब्धता, विवाह के लिए शगन सहायता के माध्यम से सम्मान बहाल करना और नवजात कन्याओं के लिए फिक्स्ड डिपॉजिट के माध्यम से परिवारों के लिए दीर्घकालिक सुरक्षा।

- *श्रम का सम्मान करने वाला शासन*

हाल ही में हुई ‘‘किरत’’ कॉन्फ्रेंस ने इस पहुंच में आए बदलाव को उजागर किया, जो बीओसीडब्ल्यू हैंडबुक के लॉन्च के माध्यम से सुधारों को एकजुट करने और क्षेत्रीय स्तर पर कार्यान्वयन को मजबूत करने के लिए एक मंच के रूप में काम करती है। इससे भी अधिक महत्वपूर्ण बात यह है कि यह घोषणाओं पर निर्भर रहने के बजाय सरकार के कल्याण प्रदान करने के इरादों को दर्शाती है।

सुधारों के बारे में बोलते हुए श्रम मंत्री तरुनप्रीत सिंह सौंद ने जोर देकर कहा, ‘‘मुख्यमंत्री भगवंत मान की दूरदर्शी अगुवाई में पंजाब न केवल स्कूल, अस्पताल, सडक़ें आदि बना रहा है जो विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचा प्रदान करते हैं, बल्कि उन्हें बनाने वाले मजदूरों को भी सम्मान दिया जा रहा है। ये सभी बड़े सुधार निर्माण मजदूरों के प्रति हमारी प्रतिबद्धता का प्रमाण हैं। मैं सभी निर्माण मजदूरों से अपील करना चाहता हूं कि वे पंजाब बीओसीडब्ल्यू बोर्ड में नाम दर्ज करवाएं और विभिन्न योजनाओं का लाभ उठाएं।’’

पंजाब के सुधारों को देश के अन्य हिस्सों के लिए भी एक मॉडल के रूप में देखा जा रहा है। ऐसे समय में जब कई राज्यों और यहां तक कि राष्ट्रीय स्तर पर भी मजदूर कल्याण और मजदूर अधिकारों को नजरअंदाज किया जा रहा है, पंजाब ने श्रम कल्याण को प्राथमिकता दी है। निर्माण मजदूरों की जरूरतों को प्राथमिकता देकर और उन्हें समय पर लाभ पहुंचाने को सुनिश्चित करके, पंजाब अन्य राज्यों और देश के लिए मिसाल कायम कर रहा है।

एक ऐसे युग में जहां कल्याण अक्सर बयानबाजी और नारों तक ही सीमित रहता है, वहां पंजाब के निर्माण मजदूरों के सुधार अपनी गंभीरता, पैमाने और परिणामों के लिए अलग हैं। मजदूरों के साथ विश्वास और सम्मान के साथ पेश आकर राज्य ने दिखाया है कि कल्याण कोई दान नहीं, बल्कि मजदूरों का हक है।

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