Sunday, May 03, 2026
BREAKING
Horoscope Today: दैनिक राशिफल 03 मई, 2026 Weather: गुजरात में बाढ़ से हाहाकार, अब तक 30 लोगों की मौत; दिल्ली-एनसीआर में भारी बारिश की चेतावनी जारी दैनिक राशिफल 13 अगस्त, 2024 Hindenburg Research Report: विनोद अदाणी की तरह सेबी चीफ माधबी और उनके पति धवल बुच ने विदेशी फंड में पैसा लगाया Hindus in Bangladesh: मर जाएंगे, बांग्लादेश नहीं छोड़ेंगे... ढाका में हजारों हिंदुओं ने किया प्रदर्शन, हमलों के खिलाफ उठाई आवाज, रखी चार मांग Russia v/s Ukraine: पहली बार रूसी क्षेत्र में घुसी यूक्रेनी सेना!, क्रेमलिन में हाहाकार; दोनों पक्षों में हो रहा भीषण युद्ध Bangladesh Government Crisis:बांग्लादेश में शेख हसीना का तख्तापलट, सेना की कार्रवाई में 56 की मौत; पूरे देश में अराजकता का माहौल, शेख हसीना के लिए NSA डोभाल ने बनाया एग्जिट प्लान, बौखलाया पाकिस्तान! तीज त्यौहार हमारी सांस्कृतिक विरासत, इन्हें रखें सहेज कर- मुख्यमंत्री Himachal Weather: श्रीखंड में फटा बादल, यात्रा पर गए 300 लोग फंसे, प्रदेश में 114 सड़कें बंद, मौसम विभाग ने 7 अगस्त को भारी बारिश का जारी किया अलर्ट Shimla Flood: एक ही परिवार के 16 सदस्य लापता,Kedarnath Dham: दो शव मिले, 700 से अधिक यात्री केदारनाथ में फंसे

पंजाब

Punjab Latest News 2026

February 07, 2026 06:42 AM

मुख्यमंत्री ने राज्य की शानदार सांस्कृतिक विरासत को बकरार रखने की प्रतिबद्धता दोहराई

महिंदर सिंह रंधावा साहित्य और कला उत्सव में हुए शामिल

- महिंदर सिंह रंधावा को आधुनिक पंजाब का निर्माता बताया

चंडीगढ़, 6 फरवरी-पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज कहा कि पंजाब सरकार राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को आने वाली पीढिय़ों के लिए संरक्षित रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री ने पंजाब कला परिषद, चंडीगढ़ द्वारा आयोजित ‘महिंदर सिंह रंधावा साहित्य और कला उत्सव’ के दौरान सभा को संबोधित करते हुए कहा कि पंजाब शुरू से ही सभ्यता का केंद्र रहा है। उन्होंने कहा कि यह बहुत गर्व और संतुष्टि की बात है कि हमें कठिन परिश्रम और साहस के साथ-साथ एक समृद्ध सांस्कृतिक विरासत मिली है। पंजाब कला परिषद के अधिकारियों का धन्यवाद करते हुए भगवंत सिंह मान ने कहा कि ऐसी कोशिशें समय की मांग हैं ताकि हमारी युवा पीढ़ी को हमारी समृद्ध संस्कृति से परिचित करवाया जा सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह समारोह एक ऐसी शख्सियत को समर्पित है जिन्होंने पंजाब के लोगों के अंदर उम्मीद की किरण जगाई थी। डॉ. महिंदर सिंह रंधावा को दिल की गहराइयों से याद करते हुए, भगवंत सिंह मान ने उन्हें 1947 की देश के विभाजन के बाद आधुनिक पंजाब का निर्माता बताया। उन्होंने कहा कि होशियारपुर जिले से संबंधित होने के कारण डॉ. रंधावा एक योग्य प्रशासक होने के साथ-साथ एक दार्शनिक भी थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉ. रंधावा सूझ और सहनशीलता जैसे गुणों से परिपूर्ण थे और उन्हें पता था कि यदि किसी कौम का पेट खाली है तो वह लड़ नहीं सकती, लेकिन यदि उसकी आत्मा खाली है तो वह समाप्त हो जाएगी। उन्होंने आगे कहा कि इसलिए एक तरफ डॉ. रंधावा ने पंजाब कृषि विश्वविद्यालय की स्थापना की और दूसरी तरफ उन्होंने पूरे पंजाब भर में चंडीगढ़ आर्ट गैलरी और सांस्कृतिक केंद्र स्थापित किए। भगवंत सिंह मान ने कहा कि जब भी हम पंजाब कृषि विश्वविद्यालय, किसानों, साहित्यकारों और 1947 के विभाजन के दौरान उजाड़े गए लोगों का साथ देने वाली शख्सियतों की बात करते हैं, तो हमारे मन में सिर्फ डॉ. रंधावा का नाम आता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब में हरित क्रांति का श्रेय डॉ. रंधावा को जाता है और उन्होंने कहा कि उस समय उनकी दूरदर्शी सोच के कारण पंजाब ने भारत को अकाल से बचाया। डॉ. रंधावा का धन्यवाद करते हुए उन्होंने कहा कि हरित क्रांति ‘अनाज’ और ‘किसान’ पर निर्भर करती है। भगवंत सिंह मान ने कहा कि आज का यह समारोह कोई राजनीतिक सभा नहीं है, बल्कि यह पंजाबी मातृभाषा और भाषा के विकास का उत्सव है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हर व्यक्ति को अपनी मातृभाषा को हर माध्यम से प्रोत्साहित करना चाहिए, उन्होंने कहा कि इस नेक कार्य के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। उन्होंने उनके जीवन और करियर पर कविता, साहित्य, कला और संस्कृति के गहरे प्रभाव को भी याद किया। भगवंत सिंह मान ने संत राम उदासी, दविंद्र सत्यार्थी, रसूल हम्ज़ातोज़, नरिंदर कपूर, कीट्स, शिव कुमार बटालवी और कई अन्य महान हस्तियों को साहित्य, कला और संस्कृति के क्षेत्र में उनके अतुलनीय योगदान के लिए याद किया।
----
लकी ओबेरॉय हत्या केस: डीजीपी गौरव यादव ने घटनास्थल का लिया जायजा; दोषियों को कड़ी सजा दिलाने का दिया भरोसा

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान मामले की व्यक्तिगत रूप से कर रहे निगरानी: डीजीपी गौरव यादव

पेशेवर और वैज्ञानिक तरीके से की जा रही जांच; तकनीकी विश्लेषण के लिए मोबाइल टावर डंप्स से जानकारी जुटाई गई : डीजीपी गौरव यादव

चंडीगढ़/जालंधर, 6 फरवरी-पंजाब के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव ने आम आदमी पार्टी (आप) के पदाधिकारी सतविंदरपाल सिंह उर्फ लकी ओबेरॉय की हत्या से संबंधित चल रही जांच का जायजा लेने के लिए आज जालंधर में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ उच्च-स्तरीय बैठक की। उन्होंने स्वयं घटनास्थल पर जाकर मौके का निरीक्षण भी किया।

घटनास्थल पर मीडिया से बातचीत करते हुए डीजीपी ने मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार के कानून-व्यवस्था बनाए रखने के दृढ़ इरादे को दोहराते हुए कहा कि इस अपराध के दोषियों को जल्द गिरफ्तार करके कानून के अनुसार मिसाली सजा दिलाई जाएगी। इस दौरान उनके साथ जालंधर की पुलिस कमिश्नर (सीपी) धनप्रीत कौर भी मौजूद थीं।

उन्होंने कहा, ‘‘मुख्यमंत्री साहब व्यक्तिगत रूप से मामले की निगरानी कर रहे हैं और उन्हें लगातार घटनाक्रम के बारे में अपडेट दिए जा रहे हैं।’’

जानकारी के अनुसार, सतविंदरपाल सिंह उर्फ लकी ओबेरॉय को शुक्रवार सुबह मॉडल टाउन, जालंधर के गुरुद्वारा सिंह सभा पार्किंग में एक सफेद एक्टिवा पर आए अज्ञात हमलावरों ने गोली मार दी थी, जब वह (लकी) माथा टेककर वापस जा रहे थे। पीडि़त ने बाद में दम तोड़ दिया।

डीजीपी गौरव यादव ने कहा कि जांच पेशेवर और वैज्ञानिक तरीके से की जा रही है। उन्होंने कहा, ‘‘हमने अब तक हुई तफ्तीश की समीक्षा की है और संदिग्धों की सभी पिछली और हाल की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।’’

उन्होंने आगे बताया कि पुलिस टीमों ने तकनीकी विश्लेषण के माध्यम से जांच को आगे बढ़ाने के लिए मोबाइल टावर डंप्स से जानकारी भी जुटाई है। डीजीपी ने कहा, ‘‘अपराध की गुत्थी सुलझाने के लिए गहन जांच की जा रही है।’’

वर्तमान स्थिति के बारे में विवरण साझा करते हुए सी.पी. धनप्रीत कौर ने कहा कि प्रारंभिक जांच में पता चला है कि दोनों दोषी जिन्होंने काली हूडियां पहनी हुई थीं, अपने एक्टिवा स्कूटर पर मौके से फरार हो गए। उन्होंने आगे कहा कि इस संबंध में आगे की जांच जारी है।

इस संबंध में, एफआईआर नंबर 25 दिनांक 6/2/2026 को बीएनएस की धारा 103(1), 3(5) और 61(2) तथा आम्र्स एक्ट की धारा 25 और 27 के तहत जालंधर कमिश्नरेट के पुलिस स्टेशन डिवीजन-6 में केस दर्ज किया गया है।
---------
‘गैंगस्टरां ते वार’ का 18वाँ दिन: पंजाब पुलिस ने 601 स्थानों पर की छापेमारी ; 208 गिरफ्तार

- पुलिस टीमों ने 121 व्यक्तियों के खिलाफ की एहतियातन कार्रवाई, 284 की पुष्टि के बाद रिहा किया

- लोग एंटी-गैंगस्टर हेल्पलाइन नंबर 93946-93946 के द्वारा गुप्त रूप से गैंगस्टरों से संबंधित जानकारी दे सकते हैं

- ‘युद्ध नशेयां विरुद्ध’ के 342वें दिन 97 नशा तस्कर गिरफ्तार

चंडीगढ़, 6 फरवरी-मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के निर्देशों के तहत शुरू की गई निर्णायक ‘गैंगस्टरां ते वार’ मुहिम के 18वें दिन, पंजाब पुलिस ने आज पूरे राज्य में गैंगस्टरों के सहयोगियों से जुड़े पहचाने गए और मैप किए गए ठिकानों पर 601 छापेमारी कीं।

जानकारी के अनुसार, ‘गैंगस्टरां ते वार’- पंजाब को गैंगस्टर मुक्त राज्य बनाने के लिए शुरू की गई यह निर्णायक लड़ाई 20 जनवरी, 2026 को डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (डीजीपी) पंजाब गौरव यादव द्वारा शुरू की गई थी। इसके तहत सभी जिलों की पुलिस टीमें एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (एजीटीएफ) पंजाब के समन्वय से राज्य भर में विशेष कार्रवाइयाँ कर रही हैं।

इस मुहिम के 18वें दिन, पुलिस टीमों ने 208 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया और उनके कब्जे से 10 जिंदा कारतूसों सहित चार हथियार बरामद किए, जिससे मुहिम शुरू होने के बाद कुल गिरफ्तारियाँ 5,110 हो गई हैं।

इसके अलावा 121 व्यक्तियों के खिलाफ एहतियातन कार्रवाई की गई, जबकि 284 व्यक्तियों की पुष्टि की गई और पूछताछ के बाद उन्हें छोड़ दिया गया। पुलिस टीमों की कार्रवाई के दौरान 7 भगोड़े अपराधियों को भी गिरफ्तार किया गया है।

वांछित अपराधियों/गैंगस्टरों के बारे में जानकारी और अपराध एवं आपराधिक गतिविधियों के बारे में सूचना देने के लिए लोग गुप्त रूप से एंटी-गैंगस्टर हेल्पलाइन नंबर 93946-93946 पर संपर्क कर सकते हैं।

उल्लेखनीय है कि पुलिस टीमों ने नशों के खिलाफ अपनी मुहिम ’युद्ध नशेयां विरुद्ध’ को 342वें दिन भी जारी रखते हुए आज 97 नशा तस्करों को गिरफ्तार किया और उनके कब्जे से 1.6 किलोग्राम हेरोइन, 510 नशीली गोलियाँ/कैप्सूल और 4 लाख रुपये की ड्रग मनी बरामद की गई। इससे मात्र 342 दिनों में गिरफ्तार किए गए कुल ड्रग तस्करों की संख्या 47,954 हो गई है। ‘डी-एडिक्शन’ के हिस्से के रूप में, पंजाब पुलिस ने आज 24 व्यक्तियों को नशा छुड़ाने और पुनर्वास के लिए राजी किया है।
---
श्री गुरु रविदास जी के 650वें प्रकाश पर्व को समर्पित साल भर चलेंगे क्रमवार समागम, मुख्यमंत्री ने की शुरुआत

अगले साल 20 फरवरी, 2027 तक संत सम्मेलन, कॉन्फ्रेंसे, कथा-कीर्तन और यूनिवर्सिटीज़ में सैमीनार होंगे-भगवंत सिंह मान

खुरालगढ़ में श्री गुरु रविदास यादगार का विस्तार और फरीदपुर में श्री गुरु रविदास बाणी अध्ययन केंद्र बनेगा-भगवंत सिंह मान

पूरे साल चलने वाले समागमों के लिए पैसे की कमी नहीं आने देंगे, संत समाज जो भी आदेश देंगे, पूरा करेंगे-भगवंत सिंह मान

शिक्षा और स्वास्थ्य हमारी प्राथमिकता, एक तरफ शानदार स्कूल बना रहे है और दूसरी तरफ 10 लाख रुपये तक मुफ्त इलाज दे रहे हैं-भगवंत सिंह मान

परमात्मा से प्रार्थना करते है कि हमें इतनी ताकत दे कि ‘आप’ सरकार का हर फैसला लोगों के भले के लिए हो-भगवंत सिंह मान

खुरालगढ़, 6 फरवरी  -श्री गुरु रविदास महाराज जी की महान विरासत के प्रति श्रद्धा और सम्मान प्रगट करते हुए पंजाब सरकार ने गुरु साहिब के 650वें प्रकाश पर्व को समर्पित साल भर चलने वाले क्रमवार समागमों की रस्मी तौर पर शुरुआत की। इन क्रमवार समागमों के तहत 20 फरवरी, 2027 तक राज्य भर में धार्मिक, सांस्कृतिक और अकादमिक स्तर पर अलग-अलग प्रयास किए जाएंगे। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने इन यादगार समागमों की शुरुआत करते हुए कहा कि साल भर संत सम्मेलन, कॉन्फ्रेंसें, कथा-कीर्तन और यूनिवर्सिटीज़ में सैमीनार करवाए जाएंगे। इस के साथ ही खुरालगढ़ में श्री गुरु रविदास यागार के विस्तार का कार्य और फरीदपुर में श्री गुरु रविदास बाणी अध्ययन केंद्र की स्थापना समेत बुनियादी ढांचे के बड़े प्रोजेक्ट का ऐलान किया।  

मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरु साहिब जी को समर्पित महान समागमों और प्रोजेक्टों के लिए फंड की कमी नहीं आने दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिया कि संत समाज के सारे आदेश पूरी तरह लागू किए जाएंगे। साल भर चलने वाले प्रोग्राम ‘आप’ सरकार के शासन के अनुकूल होंगे जो शिक्षा सुधारों को प्राथमिकता देता है, 10 लाख रुपये तक के नकद रहित इलाज के साथ जनतक स्वास्थ्य संभाल का विस्तार करता है और लोक भलाई पर आधारित फैसले लेता है।  

श्री गुरु रविदास महाराज जी के 649वें प्रकाश पर्व को मनाने के लिए करवाए राज्य स्तरीय समागम को संबोधन करते हुए, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने संगत को वधाई दी और कहा, "गुरु जी के संदेश को दुनिया भर में फैलाना हमारा समूहिक फर्ज है। श्री गुरु रविदास महाराज जी ने हर तरह के भेदभाव से मुक्त बराबरी वाले समाज की कल्पना की थी।"  

संगत में हाजरी लगवा कर स्वयं को किस्मत वाला बताते मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने भरोसा दिया कि "सूबा सरकार श्री गुरु रविदास महाराज जी के आने वाले 650वें प्रकाश पर्व को व्यापक स्तर पर मनाने में कोई कमी नहीं छोड़ेगी।"  

मुख्यमंत्री ने कहा कि सूबा सरकार ने हाल ही में नौवें पातशाह श्री गुरु तेग बहादर जी के 350वें शहाददी दिवस के पवित्र मौके को क्रमवार समागम करके श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाया। उन्होंने कहा कि श्री गुरु रविदास महाराज जी के 650वें प्रकाश पर्व को भी व्यापक ढंग से मनाने के लिए साल भर चलने वाले समागम करवाए गए हैं। भगवंत सिंह मान ने कहा कि वह खुरालगढ़ की पावन धरती से जुड़ कर सौभाग्य महसूस कर रहे है क्योंकि गुरु जी ने यहां चार साल से अधिक समय रह कर भगती की और बराबरी का संदेश दिया।  

मुख्यमंत्री ने कहा कि श्री गुरु रविदास महाराज जी की महान विरासत को कायम रखने के लिए सूबा सरकार ने पंजाब यूनिवर्सिटी और गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी में खोज के लिए चेयर स्थापित की हैं। उन्होंने आगे कहा कि संत समाज के नेतृत्व में राज्य सरकार श्री गुरु रविदास महाराज जी के 650वें प्रकाश पर्व को मनाने के लिए समागम करवाएगी। भगवंत सिंह मान ने कहा कि हम सभी सौभाग्यशाली वाले है कि हमें गुरु जी के प्रकाश पर्व को मनाने के लिए अपने जीवन में मौका मिला है।  

समाज के कमजोर और पिछड़े वर्गों की समस्याएं दूर करने के लिए अथक मेहनत करने का प्रण करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि श्री गुरु रविदास महाराज जी की शिक्षाओं के अनुसार वह यह भावना रखते हैं। उन्होंने कहा कि सूबा सरकार गरीब से गरीब की भलाई को यकीनी बनाने के लिए वचनबद्ध है जिस के लिए लोक भलाई की कई बड़ी पहलकदमियां की जा रही हैं। भगवंत सिंह मान ने कहा कि श्री गुरु रविदास जी के आशीर्वाद से उनकी सरकार भारी बहुमत से सत्ता में आई है।  

मुख्यमंत्री ने कहा कि समानतावादी समाज की सृजना के लिए श्री गुरु रविदास महाराज जी ने समूची मानवता की भलाई और समाज के सारे वर्गों की बराबरी का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि श्री गुरु रविदास महाराज जी ने ऐसे आदर्श समाज का संकल्प लिया, जहां किसी को भी किसी प्रकार का दुख न हो। भगवंत सिंह मान ने कहा कि उनकी सरकार श्री गुरु रविदास जी की शिक्षाओं और दर्शन पर आधारित समाज की सृजना के लिए वचनबद्ध है।  

मुख्यमंत्री ने कहा कि श्री गुरु रविदास जी का महान जीवन और शिक्षाएं मानवता को बराबरी वाला समाज सृजित करने के लिए प्रेरित करती हैं। उन्होंने कहा कि श्री गुरु रविदास महाराज जी समाज के गरीब और पछड़े वर्गों के महान आध्यात्मिक दूत और मसीहा थे, जिन्होंने हमें जीवन जीने का सही रास्ता दिखाया। भगवंत सिंह मान ने कहा कि श्री गुरु रविदास जी का यह ‘प्रकाश पर्व’ एक ऐसे समाज की सृजना के लिए अपने आप को समर्पित करने का मौका है जहां प्रत्येक मनुष्य बिना किसी भेदभाव के साथ जीवन सके।  

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि भारत रत्न बाबा साहिब बी.आर. आंबेडकर की विचारधारा अनुसार सूबा सरकार समाज के कमजोर वर्गों को बढिय़ा शिक्षा दे कर उन्हें सशक्त बना रही है। उन्होंने कहा कि सूबा सरकार द्वारा स्थापित ‘स्कूल ऑफ एमिनेंस’ होनहार गरीब विद्यार्थियों को खुशहाल भविष्य के लिए तैयार करके बाबा साहिब के सपनों को साकार कर रहे हैं। इस मौके भगवंत सिंह मान ने श्रद्धालुओं को सूबे की शांति, तरक्की और खुशहाली के लिए अरदास करने की अपील भी की और कहा कि श्री गुरु रविदास जी के आशीर्वाद से सूबा सरकार जल्द ही पंजाब को रंगला और प्रगतिशील सूबा बनाएगी।  

मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना’ सूबे भर में लागू की जा रही है, जो कि सूबे का सबसे बड़ा स्वास्थ्य सुधार प्रोग्राम है। उन्होंने कहा कि हन हर परिवार को 10 लाख रुपये तक का नकदी रहित इलाज मिलेगा। उन्होंने कहा कि इस से पहले एक परिवार 5 लाख रुपये तक का इलाज करवा सकता था, जिस को अब बढ़ा कर 10 लाख रुपये कर दिया गया है। भगवंत सिंह मान ने कहा कि इस योजना से लगभग 65 लाख परिवारों को लाभ होगा जिस का उदेश्य समाज के हर वर्ग की भलाई को यकीनी बनाना है।  

मुख्यमंत्री ने लोगों को समाज में प्रचलित सामाजिक बुराइयों को खत्म करने के लिए श्री गुरु रविदास जी द्वारा दिखाए मार्ग पर चलने का न्योता दिया। उन्होंने कहा कि श्री गुरु रविदास जी की बाणी समूची मानवता के लिए प्रकाश स्तंभ है। उन्होंने कहा कि श्री गुरु रविदास जी ने समूची दुनिया को मानवता का रास्ता दिखाया। भगवंत सिंह मान ने कहा कि श्री गुरु रविदास जी की बाणी समाज को अलग-अलग समस्याओं से मुक्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।  

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने खुरालगढ़ में लगभग 148 करोड़ रुपये की लागत से एक विश्व स्तरीय यादगार बनाई है और यह राज्य सरकार द्वारा श्री गुरु रविदास महाराज जी को विनम्र श्रद्धांजलि है। उन्होंने कहा कि यह यादगार सैलानी सुविधाओं वाली इमारत, पार्किंग, मीनार-ए-बेगमपुरा, संगत हॉल, अति-आधुनिक ऑडिटोरियम और अन्य सुविधाओं से लैस है। भगवंत सिंह मान ने कहा कि श्री गुरु रविदास महाराज जी ने समूची मानवता की भलाई और समाज के सारे वर्गों की बराबरी का संदेश दिया।  

मुख्यमंत्री ने कहा कि सूबा सरकार ने श्री गुरु रविदास अध्ययन केंद्र के लिए 10 करोड़ रुपये की लागत से जालंधर के गांव फरीदपुर और नौगजा में 12 एकड़ जमीन खरीदी है। उन्होंने कल्पना की कि यह अति-आधुनिक केंद्र श्री गुरु रविदास महाराज जी के जीवन और दर्शन पर विशाल अध्ययन केंद्र के तौर पर उभरेगा। भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह केंद्र श्री गुरु रविदास महाराज जी की बाणी के प्रचार के साथ-साथ शिक्षा और श्रद्धा के प्रकाश स्तंभ के तौर पर काम करेगा।  

आपने संबोधन में सीनियर आप आगू मनीष सिसोदिया ने कहा कि वह खुरालगढ़ की इस पवित्र धरती पर आने का मौका मिलन पर खुद को सौभाग्यशाली महिसूस कर रहे हैं, जहां श्री गुरु रविदास महाराज जी स्वंय आए थे। उन्होंने कहा कि गुरु जी ने इस धरती से मानवता के लिए बराबरी का संदेश दिया और पंजाब सरकार और आम आदमी पार्टी भी समाज के सारे वर्गों को बराबर अधिकार प्रदान करके गुरु रविदास महाराज जी के मार्ग पर चल रही हैं। मनीष सिसोदिया ने आगे कहा कि आज पंजाब में बराबरी के सिद्धांत को कायम रखना सूबा सरकार हरेक नागरिक को शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य सुविधाएं प्रदान कर रही है। उन्होंने आगे कहा कि सिर्फ पंजाब ही नहीं, समूचे देश को ऐसे संकल्प की जरूरत है जहां हर व्यक्ति के साथ बराबर व्यवहार किया जाए।  

इस मौके कई कैबिनेट मंत्री, संसद सदस्य, विधायक, संत समाज की शख्सियतें और अन्य भी मौजूद थे।
-------

*संत समाज द्वारा श्री गुरु रविदास महाराज जी के 649वें प्रकाश पर्व के अवसर पर शानदार प्रबंधों के लिए भगवंत सिंह मान सरकार की सराहना*

- श्री खुरालगढ़ साहिब में ऐतिहासिक समागम के दौरान पंजाब सरकार द्वारा श्री गुरु रविदास महाराज जी के प्रकाश पर्व को समर्पित पूरे साल चलने वाले कार्यक्रमों की शुरुआत

- श्री गुरु रविदास महाराज जी की महान विरासत को बनाए रखने के लिए भगवंत सिंह मान प्रतिबद्ध - हरपाल सिंह चीमा

- श्री गुरु रविदास महाराज जी की शिक्षाओं को कोने-कोने तक पहुंचाने के लिए भगवंत सिंह मान सरकार ने पूरे साल चलने वाले राज्य स्तर के कार्यक्रम आयोजित किए - हरपाल सिंह चीमा

- श्री गुरु रविदास महाराज जी के 650वें प्रकाश पर्व के संबंध में पूरे साल चलने वाले कार्यक्रम मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में शुरू - हरपाल सिंह चीमा

खुरालगढ़, 6 फरवरी: संत समाज ने श्री गुरु रविदास महाराज जी के 649वें प्रकाश पर्व को व्यापक स्तर पर श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाने के लिए किए गए पुख्ता प्रबंधों से प्रभावित होकर इस नेक कार्य के लिए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार की सराहना की।  

श्री गुरु रविदास जी के 649वें प्रकाश पर्व को समर्पित राज्य स्तरीय समागम के दौरान संगत को संबोधित करते हुए संत निरमल दास जी जोड़े वाले ने कहा कि गुरु रविदास जी साधू संप्रदा सोसाइटी, पंजाब सरकार विशेषकर मुख्यमंत्री को व्यापक प्रबंध करने के लिए बधाई देती है। उन्होंने प्रकाश पर्व को समर्पित आयोजित कार्यक्रमों के लिए संपूर्ण संत समाज की ओर से मुख्यमंत्री का विशेष रूप से धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि गुरु जी ने खुरालगढ़ में चार साल से अधिक समय भक्ति करके इस स्थान को पावन बनाया। उन्होंने कहा कि यह बहुत गर्व की बात है कि पंजाब सरकार आज इस पवित्र भूमि पर 649वां प्रकाश पर्व पूरी श्रद्धा और सम्मान के साथ मना रही है।  

डेरा बल्लां से संत प्रदीप दास जी ने अपने संबोधन में कहा कि आज ऐतिहासिक दिन है क्योंकि श्री गुरु रविदास जी महाराज के प्रकाश पर्व के अवसर पर मुख्यमंत्री अपनी पूरी कैबिनेट और सांसदों के साथ श्रद्धा और सम्मान अर्पित करने के लिए खुरालगढ़ पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि यह बहुत गर्व और संतुष्टि की बात है कि पंजाब सरकार ने श्री गुरु रविदास जी बाणी अध्ययन केंद्र स्थापित करने के लिए डेरा बल्लां के निकट 10 एकड़ जमीन प्रदान की है, जिसके लिए वे सरकार के आभारी हैं। उन्होंने इन प्रयासों के लिए पंजाब सरकार की सराहना की जो श्री गुरु रविदास जी की शानदार विरासत को बनाए रखने में बहुत सहायक सिद्ध होंगे।  

इस दौरान अपने संबोधन में वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में पंजाब सरकार ने श्री गुरु रविदास महाराज जी के आगामी 650वें प्रकाश पर्व को धार्मिक उत्साह के साथ मनाने के लिए पूरे साल चलने वाले कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की है, जो आज शुरू हो गई है। उन्होंने कहा कि इन कार्यक्रमों के हिस्से के रूप में श्री गुरु रविदास महाराज जी की महान शिक्षाओं को देश-दुनिया के हर कोने तक पहुंचाया जाएगा। हरपाल चीमा ने कहा कि मुख्यमंत्री ने इन कार्यक्रमों के लिए कैबिनेट सब-कमेटी गठित की है, जिसकी अगुवाई उन्हें सौंपी गई है और वे अपनी जिम्मेदारी को पूरी निष्ठा से निभाएंगे।  

इससे पहले कैबिनेट मंत्री तरुनप्रीत सिंह सौंद ने भी संगत का स्वागत करते हुए कहा कि पंजाब सरकार राज्य की शानदार विरासत को आने वाली पीढिय़ों तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।  

पंजाब विधान सभा के डिप्टी स्पीकर जय किशन रोड़ी ने श्री खुरालगढ़ साहिब की पवित्र भूमि से श्री गुरु रविदास महाराज जी के 649वें प्रकाश पर्व के अवसर पर पूरे साल चलने वाले कार्यक्रमों की शुरुआत करने के लिए मुख्यमंत्री का तहे दिल से धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि यह पवित्र स्थान उनके विधान सभा क्षेत्र गढ़शंकर में स्थित है।  

इससे पहले मुख्यमंत्री और पूरी कैबिनेट ने संगत रूप में श्री अखंड पाठ साहिब के भोग के बाद सरबत्त के भले के लिए अरदास की। मुख्यमंत्री और कैबिनेट ने श्री गुरु रविदास महाराज जी के तप-अस्थान पर भी माथा टेका।
------------

वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा द्वारा ओ.टी.एस-2025 की सफलता की सराहना; पंजाब ने 110 करोड़ रुपये वसूले और अंतिम तिथि में की बढ़ोतरी
38,477 करोड़ रुपये की छूट के साथ पंजाब के कर विभाग द्वारा करदाताओं को दी गई अभूतपूर्व राहत
भगवंत मान सरकार मुकदमेबाजी की बजाय स्वैच्छिक कर पालना को देती है प्राथमिकता: हरपाल सिंह चीमा
ओ.टी.एस-2025 करदाताओं को दे रही है बड़ी छूट से राहत; अंतिम तिथि 31 मार्च तक बढ़ाई गई: हरपाल सिंह चीमा
वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा द्वारा योग्य करदाताओं से ओ.टी.एस-2025 का लाभ उठाने की अपील
चंडीगढ़, 6 फरवरी, 2026: पंजाब के वित्त, आबकारी एवं कराधान मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने आज यहां ‘एकमुश्त निपटारा योजना, 2025’ (ओ.टी.एस-2025) की बड़ी सफलता का जिक्र करते हुए कहा कि इस योजना के द्वारा अब तक जहां राज्य सरकार को 110 करोड़ रुपये प्राप्त हो चुके हैं, वहीं राज्य के व्यापारी वर्ग को बड़ी वित्तीय राहत मिली है।

यहां जारी प्रेस विज्ञप्ति के द्वारा पंजाब के वित्त एवं आबकारी तथा कराधान मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि 01 अक्टूबर, 2025 को ओ.टी.एस-2025 की शुरुआत से लेकर अब तक कर विभाग को 7654 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिसके परिणामस्वरूप 38,477 करोड़ रुपये की अभूतपूर्व छूट दी गई है। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस योजना को मिला भारी समर्थन मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार की उस नीति की सफलता को दर्शाता है, जो लंबी मुकदमेबाजी के बजाय स्वैच्छिक कर पालना को प्राथमिकता देती है।

संबंधित औद्योगिक संगठनों के सुझावों के प्रति सरकार के सकारात्मक रुख का जिक्र करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि इस योजना का लाभ लेने की अंतिम तिथि 31 दिसंबर, 2025 से बढ़ाकर 31 मार्च, 2026 कर दी गई है। उन्होंने कहा कि समय-सीमा में यह बढ़ोतरी योजना की सकारात्मक गति और औद्योगिक संगठनों की मांगों को ध्यान में रखते हुए किया गया है। उन्होंने कहा कि यह अतिरिक्त समय योग्य करदाताओं को अपनी देनदारियों का मूल्यांकन करने और पारदर्शी एवं सरल तरीके से निपटारा करने का पूरा अवसर प्रदान करेगा।

कारोबार करने की सुगमता और व्यापार-अनुकूल कर माहौल सृजन की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए वित्त मंत्री एडवोकेट हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि ओ.टी.एस-2025 सभी श्रेणियों में ब्याज और जुर्माने में 100 प्रतिशत छूट देकर कारोबारों के वित्तीय बोझ को काफी हद तक कम करती है।

उन्होंने आगे बताया कि यह योजना मूल कर में भी स्लैब के अनुसार बड़ी छूट प्रदान करती है। उन्होंने कहा कि 1 करोड़ रुपये तक के बकाया के लिए 50 प्रतिशत छूट, 1 करोड़ से 25 करोड़ रुपये तक के बकाया के लिए 25 प्रतिशत छूट और 25 करोड़ रुपये से अधिक के बकाया के लिए 10 प्रतिशत छूट दी जा रही है। उन्होंने कहा कि पंजाब जनरल सेल्ज़ टैक्स एक्ट 1948 की धारा 14-बी और पंजाब वैट एक्ट 2005 की धारा 51 के तहत भी इसी प्रकार की राहत उपलब्ध कराई गई है।

व्यापारियों और करदाताओं से योजना का लाभ उठाने की अपील करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि वे सभी योग्य करदाताओं से अपील करते हैं कि वे अपने पुराने बकाया निपटाने और राज्य के राजस्व में सहयोगी भावना से योगदान देने के लिए इस सुनहरे अवसर का लाभ उठाएं। इसके साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि जहां सरकार सुविधाएं देने के लिए प्रतिबद्ध है, वहीं इस योजना का लाभ लेकर अपने बकाया न निपटाने वालों के खिलाफ व्यवस्था में निष्पक्षता और अनुशासन सुनिश्चित करने के लिए कानून अनुसार कार्रवाई की जा सकती है।

वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने आगे बताया कि सरकारी अनाज एजेंसियों को छोडक़र बाकी सभी करदाता स्टेट टैक्स के सहायक आयुक्त (ए.सी.एस.टी) के कार्यालय में फॉर्म ओ.टी.एस-01 जमा करके इस योजना के तहत आवेदन कर सकते हैं।
---

*मीडिया और चुनाव पर संवाद: सीईओ पंजाब की पीयू छात्रों से बातचीत*
चंडीगढ़, 6 फरवरी: पंजाब की मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) अनिंदिता मित्रा ने आज पंजाब विश्वविद्यालय के जनसंचार (मास कम्युनिकेशन) के 34 छात्रों के साथ एक जानकारीपूर्ण एवं संवादात्मक सत्र आयोजित किया। यह संवाद छात्रों के लिए मतदाता जागरूकता, चुनावी सहभागिता तथा समकालीन संचार प्रक्रियाओं से जुड़े विषयों पर खुलकर चर्चा करने का मंच बना।

इस सत्र में छात्रों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए विशेष रूप से युवाओं और पहली बार मतदान करने वाले मतदाताओं में चुनाव संबंधी जागरूकता बढ़ाने के लिए आधुनिक संचार साधनों और जनसंपर्क रणनीतियों के प्रभावी उपयोग पर अपने विचार साझा किए। चर्चा के दौरान विभिन्न वर्गों तक पहुंच बनाने में मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म की बदलती भूमिका पर भी प्रकाश डाला गया।

छात्रों को संबोधित करते हुए अनिंदिता मित्रा ने लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनसंचार माध्यमों की अहम भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सही और तथ्यात्मक जानकारी का प्रसार, जनमत निर्माण और नागरिकों को सूचित निर्णय लेने में सक्षम बनाना मीडिया की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। उन्होंने यह भी कहा कि जनसंचार के छात्र, भविष्य के मीडिया पेशेवर होने के नाते, चुनावी प्रक्रिया के दौरान नैतिक पत्रकारिता और जिम्मेदार संचार को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभाएंगे।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने पंजाब ने छात्रों को अपने शैक्षणिक ज्ञान और रचनात्मक कौशल का उपयोग करते हुए जागरूक जनभागीदारी को प्रोत्साहित करने तथा मीडिया कार्यप्रणाली में निष्पक्षता, पारदर्शिता और विश्वसनीयता के मूल्यों को बनाए रखने के लिए प्रेरित किया।

छात्रों ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी, पंजाब से प्रत्यक्ष संवाद के अवसर के लिए आभार व्यक्त करते हुए इस सत्र को ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायक बताया। यह संवाद चुनावी प्राधिकरणों और शैक्षणिक संस्थानों के बीच निरंतर संपर्क के महत्व को रेखांकित करता है, जिससे युवाओं को नागरिक दायित्वों और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं के प्रति संवेदनशील बनाया जा सके।

Have something to say? Post your comment

By using our site, you agree to our Terms & Conditions and Disclaimer     Dismiss