केंद्रीय बजट 2026-27: विकसित भारत और आत्मनिर्भर भारत की है मजबूत नींव - कैबिनेट मंत्री राव नरबीर सिंह
चंडीगढ़, 7 फरवरी -- हरियाणा के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह ने केंद्रीय बजट 2026-27 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक ऐतिहासिक और अभूतपूर्व कदम बताया है।
कैबिनेट मंत्री आज गुरुग्राम के बादशाहपुर विधानसभा क्षेत्र के गांव दरबारीपुर में केंद्रीय बजट 2026 को लेकर आयोजित किसान सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।
मंत्री ने कहा कि यह बजट विशेष रूप से गांव, गरीब, किसान, युवा और महिला सहित सभी वर्गों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में चल रही जनकल्याणकारी योजनाओं से देश में गरीबी लगातार कम हो रही है और यह बजट गरीब को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण विकास विभाग के बजट में इस वर्ष 21 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। ग्रामीण विकास और कृषि मंत्रालय को मिलाकर देखा जाए तो दोनों का संयुक्त बजट अब 4 लाख 35 हजार 779 करोड़ रुपये से अधिक हो गया है, जो सरकार की गांव और किसान के प्रति मजबूत प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि कृषि विभाग का बजट बढ़ाकर इस वर्ष 1,32,561 करोड़ रुपये कर दिया गया है। कृषि शिक्षा और अनुसंधान, विशेषकर आईसीएआर के लिए 9,967 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिससे नवाचार और आधुनिक तकनीकों को बढ़ावा मिलेगा।
उन्होंने कहा कि किसानों को सस्ती खाद और उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए 1,70,944 करोड़ रुपये की उर्वरक सब्सिडी का प्रावधान किया गया है, जिससे खेती की लागत कम होगी और किसानों को सीधा लाभ मिलेगा।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने जनवरी 2026 में प्रदेश के विभिन्न जिलों में हितधारकों के साथ सीधी बैठक कर बजट को लेकर सुझाव मांगे हैं, जिन्हें समीक्षा के बाद बजट में शामिल किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि यह बजट युवाओं को नए अवसर, महिलाओं को सशक्त मंच और किसानों को आत्मनिर्भर बनाने की ऊर्जा प्रदान करेगा। इस अवसर पर उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण तथा पूरी केंद्र सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह बजट भारत को आत्मनिर्भर और विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।
खेल मंत्री गौरव गौतम के प्रयासों से बच्चों के आधुनिक पार्क को मिली प्रशासनिक मंजूरी
आलाहपुर गांव में 8.68 करोड़ रुपए की लागत से बनेगा जिले का पहला आधुनिक चिल्ड्रन पार्क
बच्चों और युवाओं के लिए बेहतर खेल व मनोरंजन सुविधाएं उपलब्ध कराना प्रदेश सरकार का उद्देश्य- श्री गौराव गौतम
चंडीगढ़, 7 फरवरी- हरियाणा के राज्य मंत्री श्री गौरव गौतम के सतत प्रयासों से पलवल जिले के आलाहपुर गांव में दिल्ली-आगरा नेशनल हाईवे के किनारे दिव्य नगर योजना के अंतर्गत प्रस्तावित बच्चों के पार्क को प्रशासनिक मंजूरी प्रदान कर दी गई है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर कुल 8 करोड़ 68 लाख 48 हजार रुपये की लागत आएगी, जिससे क्षेत्र को एक आधुनिक और सुरक्षित मनोरंजन स्थल की सौगात मिलेगी।
एक सरकारी प्रवक्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि इस परियोजना के लिए शहरी स्थानीय निकाय विभाग हरियाणा के मुख्यालय से करीब 5 करोड़ 64 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की गई है, जबकि शेष लगभग 35 प्रतिशत राशि पलवल नगर परिषद द्वारा अपने संसाधनों से वहन की जाएगी। प्रशासनिक मंजूरी मिलने के साथ ही अब पार्क निर्माण का मार्ग प्रशस्त हो गया है।
उन्होंने बताया कि यह पार्क पलवल जिले का अपनी तरह का पहला आधुनिक चिल्ड्रन पार्क होगा, जिसे विशेष रूप से बच्चों की जरूरतों और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए विकसित किया जाएगा। पार्क में बच्चों के लिए आकर्षक व सुरक्षित झूले, ओपन जिम, वॉकिंग ट्रैक, बैठने की व्यवस्था, लैंडस्केपिंग तथा हरी-भरी हरियाली जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इससे न केवल बच्चों के शारीरिक व मानसिक विकास को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि स्थानीय नागरिकों को भी स्वस्थ वातावरण मिलेगा।
खेल मंत्री श्री गौरव गौतम ने कहा कि प्रदेश सरकार का उद्देश्य बच्चों और युवाओं के लिए बेहतर खेल व मनोरंजन सुविधाएं उपलब्ध कराना है, ताकि वे स्वस्थ, सक्रिय और सकारात्मक जीवनशैली अपना सकें। दिव्य नगर योजना के तहत विकसित होने वाला यह पार्क भविष्य में क्षेत्र के लिए एक आदर्श सार्वजनिक स्थल के रूप में स्थापित होगा।
केंद्रीय राज्य मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने केंद्रीय बजट 2026 को लेकर प्रेस वार्ता को किया संबोधित
केंद्रीय बजट 2026 : संकल्प, संतुलन और विकसित भारत की दिशा में ठोस कदम : राव इंद्रजीत सिंह
केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने केंद्रीय बजट को बताया देश की आकांक्षाओं का प्रतिबिंब
चंडीगढ़, 07 फरवरी – केंद्रीय राज्य मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने केंद्रीय बजट को देश की आकांक्षाओं का प्रतिबिंब बताते हुए कहा कि यह बजट केवल वादों की सूची नहीं, बल्कि कर्तव्यबोध, स्पष्ट सोच और मजबूत इरादों का दस्तावेज है। उन्होंने कहा कि यह बजट सरकार की उस प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जिसके तहत हर नागरिक के प्रति दायित्व निभाने का संकल्प लिया गया है।
हर वर्ग और हर क्षेत्र को सशक्त बनाने का स्पष्ट रोडमैप
गुरुग्राम में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए राव इंद्रजीत सिंह ने कहा कि इस बजट में समाज के हर वर्ग, हर क्षेत्र और हर नागरिक को सशक्त बनाने का स्पष्ट रोडमैप दिखाई देता है। यह केवल घोषणाओं तक सीमित बजट नहीं है, बल्कि जमीनी स्तर पर अवसर, प्रोत्साहन और सहयोग उपलब्ध कराने वाला विज़न है, जो देशवासियों को निरंतर आगे बढ़ने की ताकत देता है।
प्रेस वार्ता में भाजपा प्रदेश प्रवक्ता जवाहर यादव, जिला अध्यक्ष सर्वप्रिय त्यागी और गुरुग्राम की मेयर राजरानी मल्होत्रा भी उपस्थित रहीं।
विरासत और विकास को साथ लेकर आगे बढ़ता बजट
राव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विरासत और विकास को साथ लेकर आगे बढ़ने की सोच इस बजट में पूरी मजबूती से उभरकर सामने आती है। विनिर्माण, बुनियादी ढांचा, स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यटन, ग्रामीण विकास, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और खेल सहित हर क्षेत्र को समाहित करते हुए यह बजट ‘विकसित भारत’ की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में निर्णायक कदम है।
इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में एक दशक में ऐतिहासिक निवेश
राव इंद्रजीत सिंह ने कहा कि इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में केंद्र सरकार ने पिछले एक दशक में ऐतिहासिक बढ़ोतरी की है। उन्होंने बताया कि सड़क परिवहन व राजमार्ग के लिए 2013-14 में जहां 31,302 करोड़ रुपये का प्रावधान था, वहीं 2026-27 में यह बढ़कर 3,09,875 करोड़ रुपये हो गया है। इसी तरह रेलवे का बजट 26,000 करोड़ रुपये से बढ़कर 2,81,377 करोड़ रुपये, आवास एवं शहरी कार्य 1,486 करोड़ रुपये से बढ़कर 85,822 करोड़ रुपये तथा ऊर्जा क्षेत्र 10,000 करोड़ रुपये से बढ़कर 29,997 करोड़ रुपये पहुंच गया है। यह आंकड़े स्पष्ट करते हैं कि सरकार बुनियादी ढांचे को अर्थव्यवस्था की रीढ़ बनाने के लिए निरंतर निवेश कर रही है।
मजबूत निवेश से मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को मिल रही नई दिशा
मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर पर बोलते हुए राव इंद्रजीत सिंह ने कहा कि 2013-14 के मुकाबले मौजूदा बजट में विनिर्माण को नई दिशा दी गई है। एमएसएमई के लिए 10,000 करोड़ रुपये का एसएमई ग्रोथ फंड, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग के विस्तार हेतु 40,000 करोड़ रुपये का प्रावधान और बायोफार्मा शक्ति योजना के तहत 10,000 करोड़ रुपये का निवेश इसका प्रमाण है। इसके साथ ही टेक्सटाइल, कंटेनर मैन्युफैक्चरिंग और हाई-टेक टूल रूम जैसी योजनाएं भारत को वैश्विक मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने की दिशा में मजबूत आधार प्रदान करेंगी।
अन्नदाता किसान के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता
अन्नदाता किसान को लेकर राव इंद्रजीत सिंह ने कहा कि कृषि बजट में भी अभूतपूर्व वृद्धि हुई है। उन्होंने बताया कि गेहूं का एमएसपी 2013-14 में 1,350 रुपये प्रति क्विंटल था, जो 2025-26 में बढ़कर 2,425 रुपये हो गया है, जबकि धान का एमएसपी 1,310 रुपये से बढ़कर 2,369 रुपये प्रति क्विंटल पहुंच गया है। कृषि मंत्रालय का बजट 27,662 करोड़ रुपये (2013-14) से बढ़कर 1,40,529 करोड़ रुपये और उर्वरक सब्सिडी 65,971 करोड़ रुपये से बढ़कर 1,70,799 करोड़ रुपये हो गई है।
इसके साथ ही पीएम फसल बीमा योजना से फसल खराबे के दौरान और पीएम किसान सम्मान निधि से आर्थिक प्रोत्साहन दिया जा रहा है। यह दर्शाता है कि केंद्र सरकार किसान की आय, सुरक्षा और भविष्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है।
हरियाणा में ट्रांसपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर को मिली ऐतिहासिक मजबूती
केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने कहा कि पिछले 11 वर्षों में केंद्र सरकार ने हरियाणा रोड और राष्ट्रीय राजमार्ग इंफ्रास्ट्रक्चर को निरंतर गति देते हुए हर वर्ष बेहतर बजट दिया है। इसके साथ ही रेलवे जैसे परिवहन क्षेत्रों में भी अभूतपूर्व निवेश किया गया है।
उन्होंने बताया कि हरियाणा में रेलवे के लिए 2009–14 के दौरान जहां औसतन 315 करोड़ रुपये वार्षिक बजट मिलता था, वहीं 2026–27 में यह बढ़कर 3,566 करोड़ रुपये हो गया है, यानी लगभग 11 गुना वृद्धि। वर्तमान में राज्य में 12,091 करोड़ रुपये से अधिक के रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर कार्य प्रगति पर हैं, जिनमें नई ट्रैक बिछाने, स्टेशन पुनर्विकास और सुरक्षा सुधार शामिल हैं।
बेहतर कनेक्टिविटी और आधुनिक यात्री सुविधाओं में हरियाणा ने रचा नया कीर्तिमान
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि बेहतर कनेक्टिविटी और यात्री सुविधाओं के क्षेत्र में भी हरियाणा ने नई ऊंचाइयां छुई हैं। अमृत स्टेशन योजना के तहत राज्य के 34 स्टेशनों का पुनर्विकास किया जा रहा है, जिन पर 1,149 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है, जबकि दो स्टेशनों पर कार्य पूर्ण हो चुका है।
उन्होंने बताया कि 2014 के बाद हरियाणा में लगभग 850 किलोमीटर नई रेलवे लाइन का निर्माण हुआ है और राज्य ने 100 प्रतिशत रेलवे विद्युतीकरण का लक्ष्य हासिल कर लिया है। इसके अलावा 549 फ्लाईओवर और अंडरपास का निर्माण, वंदे भारत और अमृत भारत ट्रेनों का संचालन तथा ‘कवच’ जैसी आधुनिक सुरक्षा प्रणाली का विस्तार यह दर्शाता है कि केंद्र सरकार हरियाणा के ट्रांसपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर को भविष्य के अनुरूप मजबूत बना रही है।
उन्होंने कहा कि ‘सबका साथ, सबका विकास’ के मूल मंत्र को केंद्र में रखकर तैयार किया गया यह बजट देश को मजबूत नींव प्रदान करता है।
देश के कुल दूध उत्पादन का 36 प्रतिशत यानी करीब 125.42 लाख मिलियन दूध उत्पादन कर रहा है अकेला हरियाणा प्रदेश : राजीव रंजन सिंह
हरियाणा नस्ल की गाय पूरी दुनिया में विख्यात
केंद्रीय मत्स्य, पशुपालन एवं डेयरी और पंचायती राज मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने 41वें राज्य स्तरीय पशुधन मेला प्रदर्शनी का किया अवलोकन
चंडीगढ़, 7 फरवरी— केंद्रीय मत्स्य, पशुपालन एवं डेयरी और पंचायती राज मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने कहा कि हरियाणा नस्ल की गाय ने पूरी दुनिया में विख्यात होकर ख्याति प्राप्त की है। दूध उत्पादन में भी हरियाणा प्रदेश अपनी अग्रणी भूमिका निभा रहा है। देश के कुल दूध उत्पादन का 36 प्रतिशत यानी करीब 125.42 लाख मिलियन दूध हरियाणा प्रदेश में उत्पादन हो रहा है। उन्होंने प्रदेश सरकार से आग्रह करते हुए कहा कि वो प्रत्येक गांव में सहकारी समितियां खोलकर पशुपालकों को लाभ दें। दूध के निर्यात को बढ़ाने में सहकारी समिति अच्छी भूमिका निभा सकती हैं।
केंद्रीय मत्स्य, पशुपालन एवं डेयरी और पंचायती राज मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह शनिवार को कुरुक्षेत्र में आयोजित 41वें राज्य स्तरीय पशुधन प्रदर्शनी के दूसरे दिन बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे।
उन्होंने कहा कि धर्मनगरी कुरुक्षेत्र की भूमि पर आयोजित इस मेले में प्रदेशभर से अच्छी नस्ल के पशुओं को लेकर पशुपालक पहुंचे हैं। यहां के पशुपालकों में पशुओं के प्रति काफी प्यार -प्रेम देखने को मिला है। उन्होंने कहा कि देश के करीब 10 करोड़ लोगों की आजीविका पशुधन के क्षेत्र पर निर्भर है। इसी क्षेत्र ने महिलाओं सशक्तिकरण को बढ़ावा देने में अपनी अहम भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि डेयरी के विकास के लिए केंद्र सरकार ने कई प्रकार की योजनाएं चलाई हुई हैं। केंद्र की तरफ से आने वाले समय में और योजनाओं को भी शामिल किया जाएगा। इस समय 19 लाख करोड़ रुपए का बाजार किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 में देश में दूध का कुल उत्पादन 146.3 मिलियन टन होता था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पशुपालकों की चिंता व्यक्ति की और इस क्षेत्र की तरफ पूरा ध्यान दिया। कृषि विभाग से अलग करके पशुपालन विभाग का अलग मंत्रालय बनाया गया, ताकि पशुपालन के क्षेत्र को ऊंचाइयों तक लेकर जाया जा सके। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के प्रयास से अब देश में दूध उत्पादन 248 लाख मिलियन टन पर पहुंच गया है। इस बंपर उत्पादन के साथ भारत विश्व में सबसे ज्यादा मात्रा में दूध का उत्पादन करने वाला देश बन गया है। प्रधानमंत्री ने आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को पूरा करने में पशुपालक अपनी अहम भूमिका अदा करेंगे।
नस्ल सुधार के लिए पशुओं में लगाई जिनोमिक चिप
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पशुओं की नस्ल सुधार के लिए पशुपालन विभाग कुछ पशुओं में जिनोमिक चिप लगा रहे हैं। ये चिप समय समय पर पशुओं में होने वाली बीमारियों व अन्य परिवर्तनों की जानकारी देती है। इस चिप के माध्यम से ही वैज्ञानिक शोध करते हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने एनडीएलएम कार्यक्रम चलाया हुआ है। इस कार्यक्रम के तहत एफएमडी टीका पशुओं को दिया जा रहा है। प्रदेश में इन वैक्सीन को केंद्र सरकार की तरफ से मुफ्त में मुहैया करवाया जा रहा है। इसके अलावा करीब 70 मोबाइल वेटनरी क्लीनिक हरियाणा में चलाए हुए हैं।
दलहन फसलें देश की पोषक सुरक्षा की हैं रीढ़- कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा
चंडीगढ़, 7 फरवरी- हरियाणा के कृषि मंत्री श्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि दलहन फसलें न केवल देश की पोषण सुरक्षा की रीढ़ हैं, बल्कि ये मृदा स्वास्थ्य सुधार, नाइट्रोजन स्थिरीकरण तथा कृषि लागत में कमी लाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। बदलते जलवायु परिदृश्य में दलहन फसलें किसानों के लिए एक जलवायु-सहिष्णु एवं टिकाऊ विकल्प के रूप में उभर रही हैं। हरियाणा सरकार राज्य में दलहन उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयासरत है।
मंत्री आज मध्यप्रदेश के सिहोर में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद तथा मध्य प्रदेश सरकार के कृषि विभाग द्वारा राष्ट्रीय दलहन आत्मनिर्भरता मिशन के तहत आयोजित राष्रीराय परामर्श एवं ऱणनीति सम्मेलन में संबोधित कर रहे थे।
मंत्री ने कहा कि वर्ष 2022-23 में हरियाणा राज्य में खरीफ दालों का क्षेत्र 70000 एकड़ था, जो अब बढ़कर 100000 एकड़ तक हो गया है। अनुसंधान प्रसार के बिना कृषि विकास संभव नहीं है।
उन्होंने कहा कि दलहन उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ मूल्य संवर्धन, विपणन, भंडारण एवं मूल्य स्थिरता पर भी समान रूप से ध्यान देने की आवश्यकता है, ताकि किसानों को उनकी उपज का उचित और लाभकारी मूल्य सुनिश्चित हो सके।
उन्होंने कहा कि हरियाणा राज्य में 24 फसलों की खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य पर की जा रही है। ’’राष्ट्रीय दलहन मिशन’’ के अंतर्गत राज्यों की सक्रिय भागीदारी से ही बेहतर परिणाम संभव हैं। इस दिशा में विशेष रूप से उत्पादकता बढ़ाने की रणनीति, बीज एवं तकनीक तक पहुंच, मूल्य शृंखला एवं बाजार, किसान कल्याण एवं जोखिम प्रबंधन, अनुसंधान-विस्तार-निजी क्षेत्र समन्वय तथा सार्वजनिक-निजी भागीदारी के माध्यम से नवाचार को खेत तक पहुंचाना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि यह कार्यशाला ’’राज्यों और केंद्र के बीच समन्वित रोडमैप’’ तैयार करने में मील का पत्थर सिद्ध होगी। हरियाणा राज्य इस मिशन के लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए ’’पूर्ण सहयोग’’ देने के लिए प्रतिबद्ध है।
पारदर्शी भर्ती से बदल रही तस्वीर, हजारों युवाओं को मिला रोजगार— मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी
सरकार के संकल्पों पर तेजी से हो रहा काम
विकास, पारदर्शिता और सेवा की राजनीति को जनता का समर्थन
मुख्यमंत्री ने कहा डबल इंजन सरकार दोगुनी गति से विकास पथ पर अग्रसर
चंडीगढ़, 7 फरवरी – हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि सरकार ने अपने संकल्प-पत्र में 217 संकल्प लिए थे, जिनमें से 60 पूरे किए जा चुके हैं और शेष संकल्पों पर तेजी से काम चल रहा है, जिन्हें जल्द पूरा कर दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री शनिवार को चंडीगढ़ में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर हरियाणा के विकास एवं पंचायत मंत्री श्री कृष्ण लाल पंवार, स्वास्थ्य मंत्री सुश्री आरती सिंह राव, राज्यसभा सांसद श्री कार्तिकेय शर्मा, कालका से विधायक श्रीमती शक्ति रानी शर्मा, पूर्व केंद्रीय मंत्री श्री विनोद शर्मा, सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग के महानिदेशक श्री के. मकरंद पांडुरंग, प्रसिद्ध बॉलीवुड कलाकार श्री यशपाल शर्मा तथा मुख्यमंत्री के मीडिया सचिव श्री प्रवीण आत्रेय भी उपस्थित रहे।
पारदर्शी शासन पर जनता का भरोसा
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश का संविधान पूरी मजबूती से लागू है और सरकार संविधान की भावना के अनुरूप काम कर रही है। उन्होंने कहा कि हरियाणा की जनता ने भ्रष्टाचार-मुक्त और पारदर्शी शासन के लिए भाजपा को चुना है तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों पर जनता का भरोसा लगातार बढ़ा है। इसी विश्वास के आधार पर राज्य में डबल इंजन सरकार को तीसरी बार बड़ा जनादेश मिला है।
भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता, युवाओं को अवसर
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाया गया है, जिससे गरीब परिवारों के बच्चे भी बिना सिफारिश के सरकारी नौकरियां हासिल कर रहे हैं। शपथ ग्रहण से पहले ही 24,000 युवाओं को जॉइनिंग लेटर दिए गए और इस वर्ष भी बड़े स्तर पर भर्तियां की जा रही हैं। आयोग के माध्यम से भी भर्ती प्रक्रिया जारी है। सरकार सभी रिक्त पदों को पारदर्शिता के आधार पर भर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा के युवा देश के अन्य राज्यों में भी अपनी प्रतिभा से स्थान बना रहे हैं और दूसरे राज्यों के युवा भी यहां अवसर पा रहे हैं। यह स्वस्थ प्रतिस्पर्धा का संकेत है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार में न तो भेदभाव होता है और न ही सिफारिश की संस्कृति, बल्कि योग्य युवाओं को ही अवसर मिलता है।
गरीब, महिलाएं और किसानों के लिए योजनाएं
मुख्यमंत्री ने बताया कि किडनी मरीजों के लिए डायलिसिस पूरी तरह मुफ्त किया गया है, गरीब परिवारों को रियायती दर पर गैस सिलेंडर उपलब्ध कराए जा रहे हैं और पात्र महिलाओं के लिए ‘लाडो लक्ष्मी’ योजना शुरू की गई है। ऐसी महिलाओं को 2100 रुपये प्रतिमाह दिए जा रहे हैं पंचायतों से जुड़े फैसलों के तहत लंबे समय से बसे ग्रामीण परिवारों को मालिकाना हक देने का निर्णय भी लिया गया है। किसानों के लिए 24 फसलों की खरीद एमएसपी पर की जा रही है।
विकसित भारत की दिशा में तेज रफ्तार
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत तेजी से विकसित राष्ट्र की ओर बढ़ रहा है और दुनिया में देश की प्रतिष्ठा बढ़ी है। उन्होंने कहा कि केंद्र के बजट में विकसित भारत की स्पष्ट झलक दिखाई दी। उन्होंने कहा कि आगामी हरियाणा का बजट जन आशाओं और उम्मीदों पर खरा उतरेगा।
तथ्य आधारित सुझावों से ही मजबूत होगा लोकतंत्र
मुख्यमंत्री ने कहा कि 1984 की घटनाओं से जुड़ी पीड़ा आज भी लोगों के मन में है और ऐसे मामलों में संवेदनशीलता जरूरी है। उन्होंने कहा कि पीड़ितों को न्याय दिलाने का काम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हुआ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र तभी मजबूत होता है, जब सरकार विपक्ष की बात भी सुने और जनहित के अच्छे सुझावों को स्वीकार करे। विधानसभा में भी विपक्ष को बार-बार तथ्य आधारित सुझाव देने के लिए कहा जाता है, जिन्हें सरकार अवश्य अपनाएगी, लेकिन बिना तथ्यों के आरोप लगाना लोकतंत्र को कमजोर करता है।
विदेश नीति से व्यापार और रोजगार को मजबूती
ट्रेड डील पर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश नीति के कारण भारत के कई देशों के साथ मजबूत संबंध बने हैं, जिससे व्यापार और निवेश के नए अवसर पैदा हो रहे हैं। इससे देश की अर्थव्यवस्था और रोजगार के अवसरों को मजबूती मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा की राजनीति सेवा, पारदर्शिता और विकास पर आधारित है, जबकि विपक्ष आरोप लगाकर जनता को भ्रमित करने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि जनता विकास और सुशासन की नीतियों को ही समर्थन देती रहेगी।
सूरजकुंड मेले में आ रहे पर्यटकों को अवश्य देखना चाहिए मेघालय पवेलियन
39वां सूरजकुंड अंतर्राष्ट्रीय शिल्प मेला में समृद्ध विरासत, हस्तशिल्प आकर्षक शैली का प्रदर्शन कर रहा है थीम स्टेट मेघालय
चंडीगढ़, 7 फरवरी— फरीदाबाद के सूरजकुंड में आयोजित किए जा रहे 39वां सूरजकुंड अंतर्राष्ट्रीय शिल्प मेला में में मेघालय को उत्तर प्रदेश के साथ थीम राज्य के रूप में चुना गया है। सूरजकुंड मेले में मेघालय द्वारा की समृद्ध विरासत, जीवंत संस्कृति, व्यंजन और अद्वितीय शिल्प कौशल का प्रदर्शन किया जा रहा है। मेघालय की संस्कृति और विरासत की थीम पर डिजाइन किया गया मेघालय मंडप वहां की कलात्मक और उत्कृष्टता का शानदार प्रतिनिधित्व कर रहा है।
मेघालय मंडप में विभिन्न प्रकार की स्टालें सजाई गई हैं, जो मेघालय के विश्व प्रसिद्ध शिल्प का उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रही हैं। मेघालय मंडप में लकड़ी का सामान सहित पीतल आदि से निर्मित सामान सूरजकुंड मेले की खूबसूरती को और गरिमा को बढ़ा रहे हैं। मेघालय मंडप का एक प्रमुख आकर्षण यहां के पारंपरिक व्यंजन है, जो आगंतुकों को मजेदार जायके का स्वाद दे रहे हैं। इन प्रमुख व्यंजनों में मेघालय की विभिन्न डिशेज शामिल हैं। सूरजकुंड मेले में आ रहे पर्यटकों को मेघालय मंडप अवश्य देखना चाहिए, जो इसकी कला, संस्कृति, कला और पारंपरिक शिल्प कौशल का एक अनूठा अनुभव प्रदान करता है।
39वें सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय शिल्प मेले में आंध्र प्रदेश की ‘चमड़े की चित्रकारी’ कला बनी खास आकर्षण
फरीदाबाद के प्रसिद्ध सूरजकुंड में लोकल फॉर ग्लोबल-आत्मनिर्भर भारत की पहचान थीम के साथ आयोजित किए जा रहे 39वें सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय शिल्प मेले में देश-विदेश से आए शिल्पकार अपनी पारंपरिक और विशिष्ट कलाओं का प्रदर्शन कर रहे हैं। इसी क्रम में आंध्र प्रदेश से आए राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित शिल्पकार शिंदे श्रीरामुलु अपनी दुर्लभ एवं पारंपरिक ‘चमड़े की चित्रकारी’ कला के साथ मेले में सहभागिता कर रहे हैं, जो पर्यटकों के बीच विशेष आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।
शिंदे श्रीरामुलु बताते हैं कि चमड़े की चित्रकारी एक पारंपरिक कला है, जिसमें प्राकृतिक (ऑर्गेनिक) रंगों के माध्यम से चित्रांकन किया जाता है। इस कला से निर्मित उत्पाद मुख्य रूप से होम डेकोर के लिए तैयार किए जाते हैं, जिनमें लैम्प शेड, डोर हैंगिंग्स, वॉल पेंटिंग्स सहित अनेक सजावटी वस्तुएं शामिल हैं। शिंदे श्रीरामुलु को उनकी इस उत्कृष्ट कला के लिए वर्ष 2006 में तत्कालीन माननीय राष्ट्रपति द्वारा राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है। इसके अलावा, उन्हें सूरजकुंड मेला प्राधिकरण की ओर से ‘कलानिधि पुरस्कार’, ‘कलामणि पुरस्कार’ एवं ‘कला श्री पुरस्कार’ से भी सम्मानित किया गया है। उल्लेखनीय है कि श्रीरामुलु वर्ष 2006 से लगातार सूरजकुंड मेले के प्रत्येक संस्करण में भाग ले रहे हैं और अपनी कला का नियमित रूप से प्रदर्शन कर रहे हैं।
श्रीरामुलु ने बताया कि सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय शिल्प मेला उनकी कला को प्रदर्शित करने का एक उत्कृष्ट मंच है। यहां देश-विदेश के दूर-दराज क्षेत्रों से लाखों की संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं, जिससे उनकी कला को व्यापक पहचान मिलने के साथ-साथ उनके व्यवसाय को भी सकारात्मक और उत्साहजनक प्रतिसाद मिलता है। सूरजकुंड मेले में उनकी स्टॉल संख्या 1228 पर प्रदर्शित चर्म चित्रकारी कला और उससे निर्मित उत्पाद दर्शकों को विशेष रूप से आकर्षित कर रहे हैं। यह मेला पारंपरिक शिल्प एवं लोक कलाओं के संरक्षण और संवर्धन की दिशा में एक सशक्त मंच सिद्ध हो रहा है।
शिल्प मेले में हरियाणा की जेलों के बंदियों का हुनर प्रदर्शित कर रही 5 स्टॉल्स
सुधार से आत्मनिर्भरता की मिसाल कायम कर रहा हरियाणा कारागार विभाग
चंडीगढ़, 07 फरवरी— फरीदाबाद के सूरजकुंड में आयोजित किए जा रहे 39वें अंतरराष्ट्रीय आत्मनिर्भर शिल्प मेले में इस वर्ष न केवल कलाकारों की कलाकारी, बल्कि हरियाणा कारागार विभाग की सुधारात्मक जेल नीति की सफलता भी चर्चा का विषय बनी हुई है। हरियाणा प्रदेश की 18 जेलों के बंदियों द्वारा निर्मित उत्पादों को मेले में प्रदर्शित और बिक्री के लिए रखा गया है, जो बंदियों के पुनर्वास और उनके जीवन में आए सकारात्मक परिवर्तन की कहानी बयां कर रहे हैं।
मेले में कारागार विभाग द्वारा लगाए गए स्टॉल नंबर 1130 से 1133 , 1135 व 1136 पर बंदियों द्वारा तैयार किए गए विभिन्न उत्पाद उपलब्ध हैं। स्टॉल पर नक्काशीदार लकड़ी का फर्नीचर, बढ़ईगिरी के उत्कृष्ट नमूने और पेंटिंग, जेल की बेकरी के उत्पाद और शुद्ध एलोवेरा आधारित हर्बल उत्पाद, कढ़ाई, सिलाई, टेक्सटाइल और दैनिक उपयोग की हस्त निर्मित वस्तुएं उपलब्ध है। स्टॉल पर उपस्थित उत्पाद बाजार में मिलने वाले उत्पादों से सस्ते व भरोसेमंद है। इन उत्पादों की कीमत 50 रुपये से लेकर 60 हजार रुपये तक रखी गई है, जिन्हें पर्यटक इनकी गुणवत्ता और मजबूती के कारण काफी पसंद कर रहे हैं।
बंदियों को समाज की मुख्यधारा में वापस लाने का किया जा रहा प्रयास
हरियाणा कारागार विभाग की सुधारात्मक पहलों के तहत प्रदेश सरकार द्वारा जेलों में चलाए जा रहे व्यापक सुधार कार्यक्रमों के तहत बंदियों को विभिन्न व्यवसायों में व्यवस्थित प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य बंदियों को अपराध की दुनिया से दूर कर समाज की मुख्यधारा में वापस लाना और उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है। यह स्टॉल केवल उत्पादों की बिक्री का केंद्र नहीं है, बल्कि समाज के लिए एक संदेश है कि सही अवसर और मार्गदर्शन मिलने पर हर व्यक्ति सकारात्मक बदलाव की ओर बढ़ सकता है।
पर्यटक कर रहे बंदियों के कौशल की सराहना
शिल्प मेले में पर्यटक न केवल इन वस्तुओं की खरीदारी कर रहे हैं, बल्कि बंदियों के कौशल और उनके सुधार के प्रति विभाग के प्रयासों की सराहना भी कर रहे हैं। यह पहल हरियाणा सरकार की आत्मनिर्भर भारत की संकल्पना को जेलों के भीतर भी प्रभावी ढंग से लागू करने का प्रमाण है।
क्रमांक— 2026
सोनीपत की युवा कलाकार नीतू स्कैच व पेंटिंग की कला कर रही रही प्रदर्शित
नीतू की कला ने शिल्प मेले में बिखेरे रचनात्मकता रंग
लाइव स्केच और कलरफुल पोर्ट्रेट में बना रही विशेष पहचान
चंडीगढ़, 07 फरवरी— फरीदाबाद के अंतरराष्ट्रीय सूरजकुंड शिल्प मेले में इस बार सोनीपत की युवा कलाकार नीतू के ब्रश और पेंसिल का हुनर न केवल बोल रहा है, बल्कि दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर रहा है। मेले के शोर-शराबे के बीच, नीतू द्वारा लगाया स्टॉल एक जीवंत स्टूडियो का रूप ले चुका है, जहाँ कला प्रेमी ठहरकर पेंटिंग की बारीकियों को निहार रहे हैं। उनकी कला मेले के सबसे चर्चित और भीड़भाड़ वाले स्थलों में शामिल हो गई है, जहां पर्यटक उनकी कला को न केवल देख रहे हैं, बल्कि लाइव स्केच बनवाने का अनुभव भी ले रहे हैं।
शिल्प मेले में स्टॉल नंबर 1104 के समीप सोनीपत से आई नीतू द्वारा लाइफ स्केच, कलरफुल स्केच और पोर्ट्रेट आर्ट में अपनी कला प्रदर्शित कर रही है। वह अपने सामने व्यक्ति को बैठाकर लाइव स्केच तैयार कर रही है, जो देखने वालों के लिए बेहद आकर्षक अनुभव बन रहा है। उनकी कलाकृतियों में चेहरे के भाव, आंखों की गहराई और रंगों का संतुलन दर्शकों को विशेष रूप से प्रभावित कर रहा है। उनकी पेंटिंग में जीवन की सजीव और भावनाओं की गहराई साफ झलक रही है।
हरियाणा सरकार द्वारा शिल्पकारों को उपलब्ध करवाया जा रहा अंतरराष्ट्रीय मंच
नीतू ने हरियाणा सरकार का धन्यवाद करते हुए कहा कि सरकार द्वारा उन्हें सूरजकुंड जैसे अंतरराष्ट्रीय मंच उपलब्ध करवाकर उनकी कला को नई पहचान दिला रहे है। सूरजकुंड मेले में अपनी कला का प्रदर्शन करना उनके लिए गर्व की बात है और यह अनुभव उन्हें नई प्रेरणा भी देता है।
ग्रामीण विद्यालय शिक्षा, संस्कार और राष्ट्र निर्माण की हैं मजबूत नींव- मंत्री कृष्ण कुमार बेदी
चंडीगढ़, 7 फरवरी- हरियाणा के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री श्री कृष्ण कुमार बेदी ने कहा कि ग्रामीण विद्यालय शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। ये विद्यालय शिक्षा, संस्कार और चरित्र निर्माण के साथ-साथ मातृ भूमि के प्रति प्रेम-प्यार भी पैदा कर रहा है। ग्रामीण विद्यालय आज राष्ट्र निर्माण की सशक्त नींव बनकर उभर रहे हैं।
मंत्री कृष्ण आज जिला जींद के गांव हथो स्थित निजी स्कूल में बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए खेल, कला, संस्कृति और नैतिक शिक्षा भी उतनी ही आवश्यक है। प्रदेश व केंद्र सरकार भारतीय संस्कृति, भारतीय विचारधारा और राष्ट्र प्रेम को लेकर विभिन्न प्रकार के कार्यक्रम चला रही है। हमारी संस्कृति संत महापुरूषों की शिक्षाओं को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य कर रही है ताकि युवा पीढ़ी अपने गौरवशाली इतिहास और सांस्कृतिक मूल्यों से जुड़ी रहे।
मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने शिक्षा पे चर्चा कार्यक्रम के दौरान देश के विद्यार्थियों का आह्वान किया कि विद्यार्थियों को परीक्षा को लेकर भयभीत होने की आवश्यकता नहीं है। परीक्षा को उत्सव की तरह लेकर चलें। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि शिक्षा ही जीवन में आगे बढ़ने का सबसे सशक्त माध्यम है। विद्यार्थी लक्ष्य निर्धारित कर परिश्रम करें, सफलता निश्चित रूप से उनके कदम चूमेगी। इस मौके पर एचसीएस जगदीप ढांडा, वीरेंद्र गर्ग, बीईओ संतोष शर्मा सहित गणमान्य लोग मौजूद रहे।