गुरुग्राम के विकास और जनसमस्याओं के त्वरित समाधान पर सरकार का विशेष फोकस: मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को जनसेवा में प्राथमिकता व संवेदनशीलता बरतने के दिए निर्देश
मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में गुरुग्राम में आयोजित जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की बैठक आयोजित, 17 में से 12 मामलों का हुआ समाधान
एक माह में गुरुग्राम की क्षतिग्रस्त सड़कों को बनाया जाए मोटरेबल : मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री की त्वरित पहल से सेक्टर-85 की सड़क समस्या का समाधान, 7,000 से अधिक लोगों को मिलेगी राहत
चंडीगढ़, 9 फरवरी- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि अधिकारी जनहित से जुड़े कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए पूरी संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ करें तथा किसी भी स्तर पर कोताही न बरती जाए। उन्होंने कहा कि गुरुग्राम के समग्र विकास और आमजन की समस्याओं के समाधान को लेकर सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। जिले से जुड़ी प्रत्येक समस्या पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है और उनका शीघ्र एवं प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जा रहा है। सरकार निरंतर जन समस्याओं की समीक्षा कर रही है, ताकि लोगों को समय पर राहत मिल सके और विकास कार्यों में गति बनी रहे।
मुख्यमंत्री सोमवार को गुरुग्राम में जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में हरियाणा के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह, पटौदी विधायक श्रीमती बिमला चौधरी, सोहना विधायक श्री तेजपाल तंवर भी उपस्थित रहे। बैठक में कुल 17 परिवाद रखे गए, जिनमें से मुख्यमंत्री ने 12 का मौके पर ही निपटारा किया, जबकि 5 मामलों को आगामी बैठक तक लंबित रखने के निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन लंबित मामलों की स्टेटस रिपोर्ट अगली बैठक में प्रस्तुत करें।
एक माह में गुरुग्राम की क्षतिग्रस्त सड़कों को मोटरेबल बनाने के निर्देश
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने सेक्टर-10ए स्थित उमंग भारद्वाज चौक से वाया गाडौली होते हुए द्वारका एक्सप्रेसवे तक सड़क की खस्ताहाल स्थिति की शिकायत पर संज्ञान लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि अगले 24 घंटे के भीतर सड़क को गड्ढा-मुक्त किया जाए। सड़क पर यदि कहीं भी अतिक्रमण है तो उसे प्राथमिकता के आधार पर तुरंत हटाया जाए। उन्होंने कहा कि सड़क चाहे किसी भी विभाग से संबंधित हो, चाहे वह एचएसआईआईडीसी, नगर निगम या जीएमडीए के अधीन हो,
नियमों के अनुरूप आवश्यक कार्रवाई करते हुए अगले एक महीने के भीतर सभी सड़कों की मरम्मत कर उन्हें मोटरेबल बनाया जाए।
मुख्यमंत्री की त्वरित पहल से सेक्टर-85 की सड़क समस्या का समाधान, 7,000 से अधिक लोगों को मिलेगी राहत
बैठक में सेक्टर-85 स्थित कार्नेशन रेजीडेंसी आरडब्ल्यूए द्वारा प्रस्तुत की गई सड़क अवरोध से संबंधित शिकायत पर मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने पिछली बैठक में गंभीरता से संज्ञान लेते हुए संबंधित विभागों की एक समिति का गठन किया था। समिति की रिपोर्ट के आधार पर संबंधित निजी भूमि अब बिल्डर द्वारा खरीद ली गई है तथा वहां बनी पुरानी इमारतों को हटाने की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। इसके उपरांत दो सप्ताह के भीतर 24 मीटर चौड़ी संपर्क सड़क का निर्माण किया जाएगा, जिससे सेक्टर-86 मुख्य मार्ग और द्वारका एक्सप्रेसवे से सीधा संपर्क स्थापित हो सकेगा।
इस निर्णय से लगभग 7,000 निवासियों एवं 800 स्कूली छात्रों को आवागमन में बड़ी राहत मिलेगी। आरडब्ल्यूए प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी का धन्यवाद करते हुए कहा कि उनकी संवेदनशील पहल, त्वरित सुनवाई और समिति गठन के कारण यह लंबे समय से लंबित समस्या हल हो सकी है।
सूरत नगर फेज-1 को जलभराव से मुक्त कर गलियों का जीर्णोद्धार करने के निर्देश
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने सूरत नगर फेज-1 में लंबे समय से बनी जलभराव की समस्या पर संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारियों को एक माह के भीतर समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि क्षेत्र की सभी प्रभावित गलियों को जलभराव से मुक्त कर उनका जीर्णोद्धार किया जाए, ताकि स्थानीय निवासियों को राहत मिल सके। उन्होंने कहा कि पानी की निकासी की व्यवस्था तत्काल प्रभाव से दुरुस्त की जाए और जहां आवश्यकता हो वहां पंप लगाकर पानी निकाला जाए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कार्यों की नियमित समीक्षा की जाए तथा तय समय सीमा में काम पूरा न होने पर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाए।
इस अवसर पर गुरुग्राम की मेयर राजरानी मल्होत्रा, प्रधान सलाहकार (शहरी विकास) डी .एस.ढेसी, जीएमडीए के सीईओ पी.सी मीणा, डीसी अजय कुमार, मुख्यमंत्री के ओएसडी तथा सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग के अतिरिक्त निदेशक विवेक कालिया सहित अन्य अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।
39वां सूरजकुंड अंतर्राष्ट्रीय आत्मनिर्भर शिल्प मेला- 2026
सूरजकुंड मेला बना कला और संस्कृति का महाकुंभ
पार्टनर स्टेट उत्तर प्रदेश के मार्बल से तैयार उत्पाद पर्यटकों को आ रहे पसंद
चंडीगढ़, 9 फरवरी— फरीदाबाद में 39वें अंतर्राष्ट्रीय सूरजकुंड शिल्प मेले में वैश्विक कला और भारतीय संस्कृति का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है। शिल्प मेले के इस वर्ष मिस्र को पार्टनर कंट्री के रूप में चुना गया है, जबकि उत्तर प्रदेश और मेघालय पार्टनर स्टेट की भूमिका निभा रहे हैं। मेला परिसर में विशेष पवेलियन बनाए गए हैं, जो उत्तर प्रदेश और मेघालय की पारंपरिक स्थापत्य कला और सांस्कृतिक विरासत का अद्भुत नजारा पेश कर रहे हैं।
मेला परिसर में स्थापित इन पवेलियनों के माध्यम से न केवल हस्तशिल्प को बढ़ावा मिल रहा है, बल्कि अलग-अलग देशों और राज्यों के बीच एक मजबूत सांस्कृतिक सेतु भी तैयार हो रहा है। पर्यटक यहाँ आकर न केवल खरीदारी कर रहे हैं, बल्कि लाइव डेमो के माध्यम से इन कठिन कलाकृतियों को बनते हुए भी देख रहे हैं।
मेले में शिल्पकारों की बारीकी का बेहतरीन नमूना स्टॉल नंबर 124 पर देखने को मिल रहा है। यहाँ मार्बल के माध्यम से तैयार किए गए उत्पाद पर्यटकों को अपनी ओर खींच रहे हैं। स्टॉल पर मार्बल से बने कप, प्लेट, टी-सेट और विशेष साइड टेबल के साथ शतरंज, पत्थरों पर उकेरी गई शानदार पेंटिंग्स उपलब्ध है जो कला प्रेमियों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई हैं।
शिल्पकार इरफान अली ने बताया कि उनके परिवार की यह पुश्तैनी कला है, जिसे वे आधुनिक पसंद के अनुसार ढाल रहे हैं। उन्होंने बताया कि सूरजकुंड जैसे अंतरराष्ट्रीय मंच पर उनके उत्पादों को न केवल सराहना मिल रही है, बल्कि अच्छी बिक्री से शिल्पकारों का उत्साह भी बढ़ा है।
अंतर्राष्ट्रीय पवेलियन में लगाई गई विभिन्न देशों की स्टॉलस
पार्टनर कंट्री मिस्र के जूट से बने हैंडमेड बैग्स बने पर्यटकों की पहली पसंद
चंडीगढ़, 9 फरवरी— फरीदाबाद में चल रहे 39 वें अंतर्राष्ट्रीय सूरजकुंड शिल्प मेले में इस वर्ष पार्टनर कंट्री के रूप में शामिल मिस्र अपनी प्राचीन सभ्यता और आधुनिक हस्तशिल्प के अनूठे संगम से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर रहा है। अंतरराष्ट्रीय पवेलियन में मिस्र की स्टॉल्स पर सजी कलाकृतियां न केवल आकर्षण का केंद्र हैं, बल्कि मिस्र की सांस्कृतिक जड़ों से भी रूबरू करा रही हैं।
स्टॉल पर हैंडमेड बैग्स का जादू
इस वर्ष अंतर्राष्ट्रीय पवेलियन में मिस्र की स्टॉल पर जूट से तैयार किए गए हैंडमेड बैग्स पर्यटकों, विशेषकर महिलाओं के बीच काफी लोकप्रिय हो रहे हैं। स्टॉल संचालक अमील ने बताया कि इन बैग्स को विशेष कारीगरी से तैयार किया गया है, जिनकी कीमत उनकी गुणवत्ता और डिजाइन के अनुसार 3 हजार से 5 हजार रुपये के बीच रखी गई है।
स्टॉल पर सिरेमिक कला का भी प्रदर्शन
इसी स्टॉल पर शिल्पकार मुहम्मद अली मोहम्मद मिस्र की मशहूर सिरेमिक कला से बने कप, प्लेट और बर्तनों का शानदार संग्रह सजाया गया है। इन बर्तनों पर की गई बारीक नक्काशी और विशिष्ट रंग पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित कर रहे हैं।
मिस्र की कला जो जानने का मिल रहा मौका
मेले में आने वाले पर्यटक न केवल खरीदारी कर रहे हैं, बल्कि इन स्टॉल्स पर जाकर मिस्र की कला, इसे बनाने की प्रक्रिया और वहां की परंपराओं के बारे में भी विस्तार से जानकारी प्राप्त कर रहे हैं। पार्टनर कंट्री के रूप में मिस्र इस बार मेले की सबसे बड़ी हाइलाइट्स में से एक है। मिस्र के शिल्पकारों ने साबित कर दिया है कि उनकी पारंपरिक कला आज के आधुनिक दौर में भी वैश्विक स्तर पर अपनी मजबूत पहचान रखती है।
बिजली लाइनों व ट्रांसफार्मरों से न करें छेड़छाड़, फॉल्ट की शिकायत निर्धारित माध्यमों से करायें दर्ज : यूएचबीवीएन
चंडीगढ़, 09 फरवरी – उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम द्वारा एक अधिसूचना जारी करते हुए सभी किसानों व आम उपभोक्ताओं से कहा गया है कि वे बिजली की लाइनों, ट्रांसफार्मरों तथा अन्य विद्युत उपकरणों से स्वयं छेड़छाड़ न करें और न ही उन्हें स्वयं ठीक करने का प्रयास करें। यह देखने में आ रहा है कि कुछ किसान व उपभोक्ता स्वयं ही बिजली फाल्ट ठीक करने की कोशिश करते हैं तथा बिना किसी सुरक्षा उपाय के बिजली के खंभों और ट्रांसफार्मरों पर चढ़ने का प्रयास करते हैं। इससे बिजली संबंधी दुर्घटनाएं बढ़ रही हैं।
यह जानकारी देते हुए निगम के प्रवक्ता ने बताया कि सभी उपभोक्ता स्वयं बिजली उपकरणों को ठीक करने से बचें और अपनी बिजली से संबंधित शिकायत निर्धारित माध्यमों के जरिए दर्ज कराएं। उपभोक्ता अपनी शिकायत ऑनलाइन माध्यमों जैसे यूएचबीवीएन मोबाइल ऐप, टोल फ्री नंबर 1912, 1800-180-1550 अथवा अपने नजदीकी बिजली कार्यालय में जाकर दर्ज करा सकते हैं। निगम के कर्मचारी तकनीकी रूप से प्रशिक्षित होते हैं और इस प्रकार के कार्यों के लिए विशेष प्रशिक्षण प्राप्त करते हैं।
निगम की ओर से कहा गया है कि आम जनता स्वयं जोखिम उठाने के बजाय निर्धारित माध्यमों से शिकायत दर्ज कराए, ताकि दुर्घटनाओं को रोका जा सके और सुरक्षित व निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके।
पहला ऑनलाइन तबादला अभियान
हरियाणा सरकार ने स्पष्ट की ‘नोशनल वैकेंसी’ और ‘नोशनल कैटेगरी’
चंडीगढ़, 09 फरवरी- हरियाणा सरकार ने राज्य के पहले ऑनलाइन तबादला अभियान से पूर्व मॉडल ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी, 2025 के तहत 'नोशनल वैकेंसी' और 'नोशनल कैटेगरी' शब्दों की एक समान व्याख्या सुनिश्चित करने के लिए स्पष्टीकरण जारी किया है।
मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी द्वारा सभी प्रशासनिक सचिवों और विभागाध्यक्षों को भेजे गए पत्र के अनुसार, यह देखने में आया है कि विभिन्न विभाग 'नोशनल वैकेंसी' और 'नोशनल कैटेगरी' शब्दों की अलग-अलग व्याख्या कर रहे हैं, जिससे नीति के क्रियान्वयन में विसंगतियां उत्पन्न हो रही हैं और कानूनी विवाद की आशंका भी बढ़ रही है।
इस विषय की कानूनी सिद्धांतों, नीति के उद्देश्य और प्रशासनिक व्यवहार्यता के दृष्टिकोण से समीक्षा करने के बाद एक समान निर्णय लिया गया है।
जारी स्पष्टीकरण के अनुसार, ट्रांसफर पॉलिसी की अधिसूचना से पहले मौजूद रिक्त पदों को पहले ऑनलाइन तबादला अभियान के दौरान न तो नोशनल वैकेंसी माना जाएगा और न ही उन्हें नोशनल कैटेगरी में रखा जाएगा। हालांकि, अधिसूचना की तिथि और पात्रता तिथि के बीच उत्पन्न रिक्तियों को केवल एक बार के उपाय के रूप में नोशनल वैकेंसी या कैटेगरी माना जाएगा।
इसके अतिरिक्त, पात्रता तिथि के बाद उत्पन्न होने वाली रिक्तियों को वर्तमान तबादला प्रक्रिया में शामिल नहीं किया जाएगा। ऐसी रिक्तियों पर केवल आगामी ट्रांसफर अभियानों में नोशनल वैकेंसी या कैटेगरी के रूप में विचार किया जाएगा।
सरकार ने राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी) को मॉडल ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी सॉफ्टवेयर में आवश्यक संशोधन करने के निर्देश दिए हैं, ताकि पहले चरण का कोई भी जारी तबादला अभियान फिलहाल रेशनलाइजेशन चरण से बाहर न हो और इसे प्री-रेशनलाइजेशन चरण में वापस लाया जाए। साथ ही, उपरोक्त निर्णयों के अनुरूप सॉफ्टवेयर में अतिरिक्त संशोधन करने के भी निर्देश दिए गए हैं।
इन निर्देशों को सभी संबंधित अधिकारियों तक तत्काल पहुंचाने और कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा गया है।
राइट टू सर्विस एक्ट के तहत पशुपालन एवं डेयरी विभाग की तीन सेवाओं में संशोधन
दो नई सेवाएं भी अधिसूचित
चंडीगढ़, 09 फरवरी- हरियाणा सरकार ने हरियाणा सेवा का अधिकार अधिनियम, 2014 के अंतर्गत प्रशासनिक सुधार विभाग की 31 दिसंबर, 2021 की अधिसूचना में संशोधन किया है।पशुपालन एवं डेयरी विभाग की सेवाओं को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने के उद्देश्य से, पूर्व में अधिसूचित तीन सेवाओं में संशोधन किया गया है और दो नई सेवाएं जोड़ी गई हैं।
मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी द्वारा इस संबंध में एक अधिसूचना जारी की गई है।
अब स्वदेशी पशुधन (देसी गाय) के संरक्षण एवं विकास तथा मुर्राह विकास योजना से संबंधित सेवा 180 दिनों में प्रदान की जाएगी। इसके अतिरिक्त, हाई-टेक डेयरी इकाइयों की स्थापना तथा अनुसूचित जातियों के लाभार्थियों को पशुधन इकाइयों की स्थापना के माध्यम से रोजगार उपलब्ध कराने की योजना के लिए 100 दिनों की समय-सीमा तय की गई है।
अधिसूचना में क्रम संख्या 4 के बाद दो नई सेवाएं जोड़ी गई हैं। इनमें सूकर, भेड़ तथा बकरी इकाइयों की स्थापना द्वारा रोजगार उपलब्ध कराने की सामान्य योजना के लिए 100 दिन तथा बैकयार्ड पोल्ट्री इकाइयों की स्थापना योजना के लिए 60 दिन की समय-सीमा निर्धारित की गई है। सभी सेवाएं लक्ष्यों की उपलब्धता के अधीन होंगी।
इन सेवाओं के लिए संबंधित जिले के उपमंडल अधिकारी, पशुपालन एवं डेयरी को पदनामित अधिकारी बनाया गया है। वहीं, उपनिदेशक, पशुपालन एवं डेयरी/सघन पशुधन विकास परियोजना को प्रथम शिकायत निवारण अधिकारी तथा निदेशालय स्तर पर क्रेडिट प्लानिंग ऑफिसर/संयुक्त निदेशक (योजना) को अपीलीय प्राधिकारी नियुक्त किया गया है।