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हरियाणा

Haryana Latest News 2026

February 14, 2026 01:03 PM

सुरक्षा सेवा पोर्टल पर ओटीपी जनरेशन से जुड़ी दिक्कतों को लेकर सरकार के निर्देश

 विभाग सुनिश्चित करें अद्यतन और सटीक कर्मचारी डेटा

 चंडीगढ़, 13 फरवरी-हरियाणा सरकार ने सुरक्षा सेवा पोर्टल पर ओटीपी जनरेशन और कर्मचारी डेटा से जुड़ी समस्याओं के तत्काल और समयबद्ध समाधान के लिए  निर्देश जारी किए हैं।

 

मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी द्वारा सभी प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों, बोर्ड एवं निगमों के प्रबंध निदेशकों, मंडल आयुक्तों तथा उपायुक्तों को निर्देश दिए गए हैं कि वे पात्र अनुबंध कर्मचारियों का अद्यतन और सटीक डेटा हरियाणा कौशल रोजगार निगम तथा खजाना एवं लेखा विभाग के डेटाबेस में सुनिश्चित करें, ताकि पात्र कर्मचारियों को सेवा सुरक्षा का लाभ बिना किसी बाधा के मिल सके।

 

गौरतलब है कि सरकार ने इससे पहले 30 जनवरी को भी विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए थे, लेकिन अब भी कई विभागों और अनुबंध कर्मचारियों से ऐसी शिकायतें प्राप्त हो रही हैं कि पात्रता मानदंडों को पूरा करने तथा 15 अगस्त, 2024 तक पांच वर्ष की सेवा पूरी होने के बावजूद ओटीपी जनरेट नहीं हो रहा है।

 

जांच में पाया गया कि ओटीपी जनरेशन में बाधा के प्रमुख कारणों में गलत या बदला हुआ मोबाइल नंबर, फैमिली आईडी में त्रुटि तथा वेतन या मानदेय का संविदा मद के बजाय अन्य मद से भुगतान शामिल हैं।

 

सरकार ने स्पष्ट किया है कि ऐसे मामलों में  प्रशासनिक सचिव, विभागाध्यक्ष या आहरण एवं वितरण अधिकारी (डीडीओ) को औपचारिक प्रमाण पत्र जारी करना अनिवार्य होगा। इस प्रमाण पत्र में यह पुष्टि करनी होगी कि संबंधित व्यक्ति वास्तविक अनुबंध कर्मचारी है, उसकी पूरी सेवा का विवरण उपलब्ध है, उसकी नियुक्ति अनुबंध आधार पर हुई है तथा भविष्य में वेतन का भुगतान उचित संविदा मद से सुनिश्चित किया जाएगा। बिना सत्यापन प्रमाण पत्र के किसी भी आवेदन पर हरियाणा कौशल रोजगार निगम और खजाना एवं लेखा विभाग द्वारा कार्रवाई नहीं की जाएगी।

 

प्रमाणित सूचना प्राप्त होने के बाद हरियाणा कौशल रोजगार निगम और खजाना एवं लेखा विभाग आवश्यक कार्रवाई करते हुए सत्यापित डेटा हरियाणा नॉलेज कॉरपोरेशन को भेजेंगे, ताकि ओटीपी प्रक्रिया सक्षम हो सके और पोर्टल का सुचारू संचालन सुनिश्चित किया जा सके।

 

इसके अतिरिक्त, जिन मामलों में विभाग, जिला कार्यालय, पद या डीडीओ के नाम सुरक्षा सेवा पोर्टल के ड्रॉप-डाउन मेनू में प्रदर्शित नहीं हो रहे हैं, उन्हें तत्काल संबंधित प्राधिकरण के संज्ञान में लाकर सुधार कराने के निर्देश दिए गए हैं।

 

सरकार ने दोहराया है कि पार्ट-1 और पार्ट-2 कर्मचारियों के डेटा के प्रबंधन की जिम्मेदारी क्रमशः हरियाणा कौशल रोजगार निगम और khajana एवं लेखा विभाग की है। खजाना एवं लेखा विभाग संबंधित डीडीओ से सत्यापित पार्ट-2 डेटा उपलब्ध कराएगा, जबकि हरियाणा कौशल रोजगार निगम रीयल टाइम सटीक डेटा साझा करेगा, जिससे सुरक्षा सेवा पोर्टल का निर्बाध और सुरक्षित संचालन संभव हो सके।


राज्य सरकार के कर्मचारी व गैर डिफाल्टर उपभोक्ता भी 
'सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना' के पात्र

 

- हरियाणा सरकार ने 'सौर ऊर्जा प्रोत्साहन योजना' नामक एक नई वित्तीय सहायता योजना को स्वीकृति प्रदान की

 

- योजना के तहत हरियाणा सरकार ने राज्य में 31 मार्च, 2027 तक 2 लाख 22 हजार घरों पर रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाने का लक्ष्य

 

चंडीगढ़, 13 फरवरी - प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के सोलर ऊर्जा के सपने को साकार करने की दिशा में भारत सरकार द्वारा देशभर में ग्रिड से जुड़ी रूफटॉप सोलर (RTS) प्रणालियों को बढ़ावा देने हेतु 13 फरवरी, 2024 को प्रधानमंत्री 'सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना' का शुभारंभ किया गया। इस योजना को आगे बढ़ाते हुए, मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में हरियाणा सरकार ने राज्य में 31 मार्च, 2027 तक 2 लाख 22 हजार घरों पर रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाने का लक्ष्य तय किया है। 

 

उक्त जानकारी देते हुए उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम लिमिटेड (UHBVN) के प्रवक्ता ने बताया कि राज्य में रूफटॉप सोलर ऊर्जा को तेजी से अपनाने को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से हरियाणा सरकार द्वारा 'सौर ऊर्जा प्रोत्साहन योजना' नामक एक नई वित्तीय सहायता योजना को स्वीकृति प्रदान की गई है।

 

उन्होंने बताया कि राज्य सरकार की सौर ऊर्जा प्रोत्साहन योजना के तहत उपभोक्ताओं को घर पर सौर ऊर्जा प्रणाली (RTS) स्थापित करने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है। इस योजना के तहत तीन श्रेणियां बनाई गई हैं, जिनका विवरण निम्नलिखित है:

 

श्रेणी - I (गैर-डिफ़ॉल्टर उपभोक्ता):

वे उपभोक्ता जिन्होंने 1.04.2022 से 31.03.2025 तक अपने सभी बिजली बिलों का  समय पर या नियत तिथि से पहले का भुगतान किया है।

 

श्रेणी-II (राज्य सरकार के कर्मचारी/ निगम/ बोर्ड/ कॉर्पोरेशन आदि):

राज्य सरकार के निगम, बोर्ड, कारपोरेशन, डिपार्टमेंट व HKRN (जिनकी नौकरी सुरक्षित है) के अंतर्गत कार्य करने वाले वह कर्मचारी, जिनका कोई बिजली बिल बकाया नहीं है। इस श्रेणी के लिए HRMS/HKRN ID के साथ उपभोक्ता खाता संख्या का प्रविष्टि करना अनिवार्य है।

 

श्रेणी-I और II के लिए वित्तीय सहायता:

ब्याज - मुक्त वित्तीय सहायता: 19,500 रुपये प्रति kWp

अधिकतम सहायता राशि: 97,500 रुपये केवल 5 kWp की RTS क्षमता तक दी जाएगी। सहायता राशि को विद्युत बिलों के माध्यम से 24 मासिक या 12 द्वि-मासिक किश्तों में बिना किसी ब्याज के वसूल किया जाएगा।

 

इस वित्तीय सहायता के अलावा, अंत्योदय परिवारों के लिए पहले से चल रही राज्य वित्तीय सहायता (SFA) को और अधिक सरल एवं आकर्षक बनाया गया है।

 

श्रेणी-III (अंत्योदय – SFA - योग्य परिवार):

वार्षिक आय 1.80 लाख रुपये तक

ऐसे अंत्योदय उपभोक्ता जिनका कोई बिजली बिल बकाया नहीं है और वार्षिक खपत 2400 यूनिट से कम है वे 2 kWp तक की RTS क्षमता स्थापित करने के लिए 25000  रुपये/KW या वास्तविक लागत का 40 प्रतिशत जो भी कम हो, ऐसे उपभोक्ता राज्य वित्तीय सहायता (SFA) के लिए पात्र हैं।

 

वार्षिक आय 1.80 लाख से 3 लाख रुपये तक:

गैर-डिफ़ॉल्टर अंत्योदय उपभोक्ता जो SFA के पात्र हैं, वे RTS क्षमता 2 kWp तक स्थापित करने के पात्र हैं।

राज्य वित्तीय सहायता (SFA), 10,000 रुपये/किलोवाट के लिए पात्र हैं ।

व अतिरिक्त वित्तीय सहायता ₹9,500 प्रति kWp, जो अधिकतम 2 kWp आरटीएस क्षमता तक सीमित होगी। जिसको विद्युत बिलों के माध्यम से 24 मासिक या 12 द्वि-मासिक किश्तों में बिना किसी ब्याज के वसूल किया जाएगा।

 

उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम (UHBVN) के प्रबंध निदेशक डॉ. मनी राम शर्मा ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि SOP के प्रावधानों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए। इसका उद्देश्य पात्र उपभोक्ताओं को समय पर योजना का लाभ देना और राज्य में सौर ऊर्जा को अधिकतम प्रोत्साहन देना है। इस योजना की विस्तृत जानकारी के लिए उपभोक्ता UHBVN की वेबसाइट पर जाकर सेल्स सर्कुलर नं. U-02/2026 देख सकते हैं।


ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने मामले में जेई के खिलाफ एफआईआर के दिए आदेश

 

परिवहन मंत्री ने राजौंद नगर पालिका में वित्तीय अनियमितता की जांच विजिलेंस से करवाने के निर्देश दिए 

 

चण्डीगढ, 13 फरवरी- हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री श्री अनिल विज ने कैथल में जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक में जमीनी विवाद में एक पुलिस कर्मचारी को सस्पेंड करने रिश्वत मांगने के आरोप में एक जेई के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए।

 

उन्होंने राजौंद नगर पालिका में पिछले साढ़े तीन साल में हुए कार्यों में वित्तीय अनियमितताओं की शिकायत की जांच विजिलेंस से भी करवाने के आदेश जारी किए। उन्होंने गांव पाई में आवास योजना के तहत काटी कालोनी में अवैध बोरवेल कनेक्शन करने के मामले में एडीसी की अध्यक्षता में कमेटी गठित करके जांच रिपोर्ट आगामी बैठक में देने के आदेश जारी किए। उन्होंने एक अपात्र व्यक्ति द्वारा विवाह शगुन योजना का लाभ लेने पर उससे रिकवरी के भी आदेश जारी किए।

 

ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री ने गांव तितरम निवासी संदीप मलिक व अन्य ने शिकायत में जमीन खरीद मामले की शिकायत पर दर्ज केस को रद्द करवाने में शामिल एक पुलिस कर्मचारी संदीप कुमार को जांच पूरी होने तक सस्पेंड करने के आदेश जारी किए। किठाना निवासी कृष्ण कुमार ने सांघन में उसके रिश्तेदारों के ट्रांसफार्मर को शिफ्ट न किए जाने की एवज में जेई के रिश्वत मांगने की शिकायत पर बिजली निगम के अधिकारियों को उसका ट्रांसफार्मर शिफ्ट करने और रिश्वत मांगने पर जेई के खिलाफ केस दर्ज करने के निर्देश दिए।

 

मंत्री अनिल विज ने राजौंद निवासी राकेश राणा की शिकायत पर नगर पालिका राजौंद में पिछले साढ़े तीन सालों में हुए कार्यों में करोड़ों रुपये की वित्तीय गड़बड़ी के मामले की जांच हरियाणा विजिलेंस से करवाने के आदेश जारी किए। पाई निवासी दिलबाग व अन्य की शिकायत पर आवास योजना के तहत मिले प्लाट में छह अवैध ट्यूबवेल कनेकशन हटाने और  एडीसी की अध्यक्षता में गठित कमेटी को अगली बैठक में रिपोर्ट प्रस्तुत करने निर्देश दिए।

 

गांव मालखेड़ी निवासी राहुल को विदेश भेजने के नाम पर लाखों रुपये की राशि हड़पने की शिकायत पर मंत्री अनिल विज ने जांच अधिकारी को बदलने और आरोपी को तुरंत प्रभाव से गिरफ्तार करने के आदेश दिए।   समिति की बैठक में 15 शिकायतों की सुनवाई की, जिसमें नौ पुरानी व 6 नई शिकायतें शामिल रही।


प्रदेश में हरियाणा-यूरोपीय संघ वर्किंग ग्रुप की होगी स्थापनाः मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी

 

सीएम का आह्वान- भारत और यूरोपियन संघ के साथ हुए समझौते से खुले व्यापार के नए अवसर, अधिक से अधिक लाभ उठाए उद्यमी

 

हरियाणा यूरोपियन व्यापार संघ की नई दिल्ली में आयोजित बैठक में मुख्यमंत्री ने किया संबोधित

 

चंडीगढ़, 13 फरवरी- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा भारत और यूरोपियन संघ के साथ हुए भारत-यूरोपियन मुक्त व्यापार समझौते ने प्रदेश के लिए व्यापार के नए अवसर खोल दिए हैं। उन्होंने हरियाणा के उद्यमियों से इस समझौते का अधिक से अधिक लाभ उठाने का आह्वान किया है। मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने हरियाणा-यूरोपियन संघ वर्किंग ग्रुप की स्थापना करने की घोषणा भी की। मुख्यमंत्री शुक्रवार को नई दिल्ली में हरियाणा यूरोपियन व्यापार संघ की बैठक में बोल रहे थे।

 

मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि भारत और यूरोपियन यूनियन के बीच उभरता आर्थिक और रणनीतिक सहयोग केवल एक व्यापारिक समझौता नहीं है। यह हमारी सभ्यताओं, सशक्त लोकतांत्रिक परंपराओं और दूरदर्शी विकास यात्राओं के बीच विश्वास, साझेदारी और साझा भविष्य का सेतु है। यह समझौता हमारे संबंधों को नई ऊंचाइयों तक ले जाने वाला एक ऐतिहासिक अध्याय है। यूरोपीय संघ के 27 देशों का यह विशाल और समृद्ध बाजार विश्व के सर्वोच्च गुणवत्ता मानकों और क्रय-शक्ति के लिए जाना जाता है। इस ऐतिहासिक समझौते के माध्यम से अब हरियाणा और भारत के उत्पादों के लिए यूरोप के द्वार पूरी तरह खुल चुके हैं। हमारे उद्यमों, हमारे किसानों और हमारे युवाओं के लिए यह एक नया बाजार ही नहीं, बल्कि नए अवसरों का महासागर है। इसमें संभावनाओं की अनंत लहरें समाहित हैं। हमें इसका लाभ उठाना चाहिए।

 

हम अपने सामान की गुणवत्ता पर ध्यान दें

 

मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हम अपने सामान की गुणवत्ता पर ध्यान दें, ताकि हमारे सामान पर विश्वास जमें। इससे दुनिया भर में हमारे सामान की विश्वनीयता बढ़ेगी। भारत-ईयू समझौता से आईटी सेवाएं, डेटा विज्ञान और सप्लाई चेन मैनेजमेंट जैसे क्षेत्रों में यूरोप में आपके कौशल की मांग बढ़ेगी। लाखों उच्च-स्तरीय रोजगार के अवसर आपके लिए उपलब्ध होंगे। हमारे किसान भाई-बहनों के लिए भी यह समझौता आशा की नई किरण है। अब हरियाणा के फल, सब्जियां और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद सीधे यूरोप के प्रमुख बाजारों तक पहुंचेंगे। ब्रुसेल्स, बर्लिन और पेरिस के सुपरमार्केट में जब हमारे किसानों की मेहनत दिखाई देगी। हमारे राज्य की वास्तविक शक्ति हमारे सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों में निहित है। यूरोपीय तकनीक और हरियाणा के कुशल श्रम मिलकर हमारी उत्पादन क्षमता और गुणवत्ता को वैश्विक स्तर तक पहुंचाएगा।

 

 

निवेशकों के लिए हरियाणा में अनुकूल वातावरण

 

मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा में निवेशकों के लिए अनुकूल वातावरण है। प्रदेश सरकार निवेशकों के लिए पारदर्शी और भरोसेमंद वातावरण प्रदान करने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है। हरियाणा सरकार ने सिंगल विंडो क्लीयरेंस को सरल बनाया है। आधुनिक लॉजिस्टिक्स पार्क और एक्सप्रेसवे का जाल बिछाया है। श्रम कानूनों में सुधार कर ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को अपनी प्राथमिकता बनाया है। हमारा संदेश स्पष्ट है कि आप हमारे राज्य में आएं, निवेश करें और हम आपकी सफलता के सहभागी बनेंगे। अंतर्राष्ट्रीय संबंधों की गरिमा, पारस्परिक सम्मान और विश्वास के आधार पर हम मिलकर एक बेहतर विश्व का निर्माण करेंगे।

 

भारत को विश्व की तीसरी अर्थव्यवस्था बनाने की ओर तेजी से हो रहा काम

 

मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का संकल्प है कि भारत को विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाना है। उस ओर तेजी से कार्य हो रहा है। वहीं 2047 में हरियाणा की अर्थव्यव्स्था को 1 ट्रिलियन खड़ा करना है, इसके लिए सभी प्रदेशवासियों का योगदान आवश्यक है। उन्होंने कहा कि इस यूरोपियन व्यापार समझौते का सबसे महत्वपूर्ण पहलू शून्य सीमा शुल्क व्यवस्था है। इसके अंतर्गत हमारे कपड़ा, चमड़ा और हस्तशिल्प उद्योगों को अब भारी करों का सामना नहीं करना पड़ेगा। इससे हमारे उत्पाद यूरोप में प्रतिस्पर्धी कीमतों पर उपलब्ध होंगे और हमारे निर्यात में 30 से 40 प्रतिशत तक की वृद्धि का अनुमान है। यह वृद्धि हमारे बुनकरों, कारीगरों और लघु उद्यमियों के जीवन में समृद्धि का प्रकाश लेकर आएगी। प्रत्यक्ष विदेशी निवेश के क्षेत्र में भी यह समझौता हमारे लिए नए खोलेगा। ऑटोमोबाइल, नवीकरणीय ऊर्जा और फार्मास्यूटिकल्स जैसे क्षेत्रों की अग्रणी यूरोपीय कंपनियां हरियाणा को अपना मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने के लिए आगे आएंगी।

 

हरियाणा सरकार का लक्ष्य विकसित हरियाणा बनाना

 

हरियाणा के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री श्री राव नरबीर सिंह ने कहा कि वर्ष 2026  में हुआ भारत-यूरोपियन मुक्त व्यापार समझौता हमारे इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय जोड़ने जा रहा है। हरियाणा जिसे देश का उद्योगिक इंजन माना जाता है, इस ऐतिहासिक समझौते के तहत यूरोप के लिए रेड कारपेट बिछाने के लिए तैयार है। हरियाणा सरकार का लक्ष्य विकसित हरियाणा बनाना है और प्रदेश को ग्लोबल मैन्यूफैक्चरिंग हब बनाना है। हमारी सरकार मेक इन हरियाणा इंडस्ट्रियल पॉलिसी लाने जा रही है। इसका मूल मंत्र यूरोपियन गुणवत्ता और भारतीय प्रतिभा का संगम है। हरियाणा के पास प्रतिभा, भूमि और एक मजबूत औद्योगिक इको सिस्टम है।   

 

इस बैठक में पहुंचे उद्यमियों व निवेशकों ने अपने सुझाव रखे।

 

इस अवसर पर उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ. अमित अग्रवाल, सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग के महानिदेशक श्री के मकरंद पांडुरंग, उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के महानिदेशक श्री यश गर्ग, एचएसआईआईडीसी के सीसीआई सुनील शर्मा और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

 

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने गैरतपुर बास पहुंचकर मास्टर छबीलदास श्योराण को दी श्रद्धांजलि

 

चंडीगढ़, 13 फरवरी- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने शुक्रवार को गुरुग्राम के गांव गैरतपुर बास में पहुंचकर गावड़ कंस्ट्रक्शन समूह से जुड़े राजेंद्र गावड़िया के पिता मास्टर छबीलदास श्योराण के निधन पर शोक व्यक्त किया और परिजनों से मिलकर उन्हें सांत्वना दी। मुख्यमंत्री ने दिवंगत आत्मा की तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी तथा ईश्वर से उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। इस दौरान हरियाणा के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह भी उनके साथ उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने शोक संतप्त परिवार को ढांढस भी बंधाया

 

उल्लेखनीय है कि मास्टर छबीलदास श्योराण का 5 फरवरी की सांय निधन हो गया था। वे 86 वर्ष के थे।


सहकारिता मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने दिल्ली में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह से की शिष्टाचार भेंट

 

सहकारिता सुदृढ़ीकरण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के विकास पर हुई चर्चा

 

चंडीगढ़, 13 फरवरी – हरियाणा के सहकारिता, विरासत एवं पर्यटन मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने आज लोकसभा सत्र के दौरान नई दिल्ली स्थित कार्यालय में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह से शिष्टाचार भेंट की।

 

इस अवसर पर डॉ. शर्मा ने मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में हरियाणा में सहकारिता क्षेत्र को सुदृढ़ करने के लिए उठाए जा रहे विभिन्न कदमों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि हरियाणा सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने तथा सहकारिता को बढ़ावा देने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है।

 

मुलाकात के दौरान सहकारिता क्षेत्र के सुदृढ़ीकरण, संस्थागत संरचनाओं के सशक्तीकरण, पारदर्शिता और सुशासन को बढ़ावा देने सहित किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के समग्र विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर गंभीर एवं सार्थक चर्चा हुई।

 

डॉ. अरविंद शर्मा ने केंद्रीय मंत्री श्री अमित शाह के दूरदर्शी मार्गदर्शन और मूल्यवान सुझावों के लिए उनका आभार व्यक्त किया।



प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बेटी बचाओं-बेटी पढ़ाओं अभियान से लोगों की सोच में आया बदलाव
, लिंगानुपात में हुआ सुधार- कृष्ण बेदी

 

चण्डीगढ, 13 फरवरी- हरियाणा के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता कैबिनेट मंत्री कृष्ण कुमार बेदी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बेटी बचाओं-बेटी पढ़ाओं अभियान चलाकर हरियाणा में कन्या भ्रुण हत्या के कलंक को मिटाने का काम किया है। इस अभियान के फल स्वरूप बेटियों के प्रति लोगों की सोच में बदलाव आया है और लिंगानुपात 820 से बढ़कर 913 का आंकड़ा पार कर गया है। प्रदेश में आज बेटियां शिक्षित और सुरक्षित है तथा महिला सशक्तिकरण का प्रतीक बन रही है जोकि एक गर्व की बात है।

 

कैबिनेट मंत्री कृष्ण बेदी शुक्रवार को करनाल के एक महिला कॉलेज के सभागार में यंग इंडिया एकेडमी द्वारा आयोजित प्रारम्भ स्कॉलरशिप पुरस्कार वितरण समारोह में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे।   उन्होंने यंग इंडिया की ओर से स्कॉलरशिप व पुरस्कार वितरित किए।

 

श्री बेदी ने कहा कि शास्त्रों में भी लिखा है कि जहां नारी की पूजा होती है वहां देवता निवास करते है। हम सब नारी शक्ति का सम्मान करें। नारी ही ऐसी शक्ति है, जो समाज की दिशा और दशा बदलने में अहम भूमिका निभाती है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत -2047 के सपने को साकार करने में भी नारी शक्ति का अहम रोल रहेेगा। आज देश व प्रदेश की बेटियां हर क्षेत्र में आगें बढ़ रही है और सरकार द्वारा बेटियों का मनोबल बढ़ाया जा रहा है तथा महिला सशक्तिकरण पर विशेष बल दिया जा रहा है।

 

उन्होंने छात्राओं का आह्वान् किया  कि वह जल संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण तथा स्वच्छता अभियान के प्रति अपनी जिम्मेदारी को समझें और विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने में अपनी भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि  यंग इंडिया एकेडमी विशेषकर लड़कियों को स्कॉलरशिप देकर एक सराहनीय कार्य कर रही है। इस स्कॉलरशिप के अंतर्गत युवाओं को 50 लाख रुपये छात्रवृत्ति प्रदान की जाएगी, जिससे एसएससी बैंकिंग, रेलवे एवं सिविल सर्विसेज जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर आत्मनिर्भर बन सकेंगे।

 

कार्यक्रम में विधायक जगमोहन आनंद, एचआईआरडी नीलोखेड़ी के निदेशक डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान, डॉ. अनिल सिंघानिया, कॉलेज की प्राचार्य मीनू शर्मा, कॉलेज प्राध्यापक, छात्राएं और उनके अभिभावक मौजूद रहे।


अफ्रीकी देशों ने हरियाणा के साथ बहु-क्षेत्रीय सहयोग बढ़ाने में दिखाई गहरी रुचि

कौशल विकास, उद्यमिता, औद्योगिक निवेश, कृषि, खाद्य प्रसंस्करण, आईटी, पर्यटन के क्षेत्र में की जाएगी साझेदारी

युवाओं के लिए खुलेंगे रोजगार के अवसर

 

चंडीगढ़, 13 फरवरी – फरीदाबाद के सूरजकुंड में शुक्रवार को आयोजित हरियाणा–अफ्रीका रणनीतिक साझेदारी बैठक के दौरान विभिन्न अफ्रीकी देशों के राजदूतों एवं उच्चायुक्तों ने हरियाणा के साथ कौशल विकास, उद्यमिता, औद्योगिक निवेश, कृषि, खाद्य प्रसंस्करण, आईटी, पर्यटन और सांस्कृतिक सहयोग के क्षेत्रों में साझेदारी को और मजबूत करने की इच्छा व्यक्त की। अफ्रीकी देशों और हरियाणा सरकार के सहयोग से इन क्षेत्रों में युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित होंगे।

 

 अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों ने हरियाणा सरकार की नीतियों, डिजिटल प्रणालियों और औद्योगिक सुगमता तंत्र की सराहना करते हुए भविष्य में ठोस सहयोग का भरोसा जताया। मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने प्रतिनिधियों को भरोसा दिलाया कि हरियाणा सरकार हर स्तर पर सहयोग और समर्थन प्रदान करेगी ताकि व्यापारिक साझेदारी के क्षेत्रों को मजबूती मिल सके।

 

दक्षिण अफ्रीका के प्रतिनिधि मिस्टर पीटर सैक ने हरियाणा के साथ कौशल एवं उद्यमिता आधारित कार्यक्रमों, पर्यटन विकास, युवाओं को कौशल आधारित रोजगार उपलब्ध कराने तथा फूड प्रोसेसिंग उद्योग से जुड़े क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की इच्छा व्यक्त की। उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों में संयुक्त पहल दोनों पक्षों के लिए लाभकारी सिद्ध होगी।

 

तंजानिया की हाई कमिश्नर मिसेज अनीश कपूफि ने हरियाणा और तंजानिया के बीच पूर्व से स्थापित साझेदारियों का उल्लेख करते हुए कहा कि हरियाणा के किसान तंजानिया में कृषि, व्यापार, खनन, विनिर्माण तथा प्लाईवुड उद्योग में अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि दोनों क्षेत्रों के बीच पारंपरिक सहयोग भविष्य में भी और अधिक सशक्त रूप से आगे बढ़ेगा और दोनों पक्ष मिलकर नए अवसर विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

 

रवांडा की हाई कमिश्नर मिस जैकलिन मुकांगीरा ने हरियाणा के सिंगल विंडो सिस्टम और औद्योगिक स्वीकृति प्रक्रिया की तीव्र एवं पारदर्शी व्यवस्था की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह निवेशकों के लिए अत्यंत अनुकूल वातावरण प्रदान करता है। उन्होंने हरियाणा में रवांडा के निवेशकों के लिए विशेष अवसरों का उल्लेख करते हुए जी-टू-जी और व्यापारिक बैठकों के लिए औपचारिक आमंत्रण भी दिया।

 

घाना के हाई कमिश्नर प्रोफेसर क्वासी ने कहा कि अफ्रीकी देशों में कॉफी का व्यापक उत्पादन होता है और कॉफी प्रोसेसिंग तथा मार्केटिंग के क्षेत्र में हरियाणा द्वारा किए जा रहे प्रयास सराहनीय हैं। उन्होंने सीया बटर (Shea Butter) के व्यापार को लेकर हरियाणा के साथ सहयोग बढ़ाने की इच्छा जताई। साथ ही उन्होंने हरियाणा सरकार के डिजिटल सिस्टम और आईटी इन्फ्रास्ट्रक्चर की प्रशंसा करते हुए इन क्षेत्रों में संयुक्त कार्य करने में गहरी रुचि व्यक्त की।

 

युगांडा की हाई कमिश्नर प्रोफेसर जॉयस ने कहा कि पिछले छह वर्षों में भारत में अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने हरियाणा की उल्लेखनीय प्रगति देखी है। उन्होंने प्राकृतिक संसाधन आधारित उद्योगों और विनिर्माण क्षेत्र में हरियाणा के साथ सहयोग बढ़ाने की इच्छा व्यक्त की। उन्होंने यह भी बताया कि युगांडा भारतीय नागरिकों को एक माह का नि:शुल्क वीज़ा ऑन अराइवल प्रदान करता है और हरियाणा के उद्यमियों व युवाओं को विभिन्न क्षेत्रों में कार्य एवं निवेश के लिए आमंत्रित किया।

 

मिस्र (इजिप्ट) के योजना एवं आर्थिक सहयोग मंत्रालय की डिप्टी चीफ ने कहा कि हरियाणा ने विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय विकास किया है। उन्होंने कहा कि मिस्र और हरियाणा के बीच व्यापारिक एवं सांस्कृतिक संबंध पहले से ही मजबूत हैं, जिन्हें औद्योगिक सहयोग, पर्यटन और सांस्कृतिक आदान-प्रदान के माध्यम से नई दिशा दी जा सकती है।

 

बैठक में उपस्थित प्रतिनिधियों ने एक स्वर में कहा कि हरियाणा की प्रगतिशील नीतियां, तेज़ निर्णय प्रणाली और निवेश अनुकूल वातावरण अफ्रीकी देशों के साथ दीर्घकालिक और परिणामकारी साझेदारी के लिए मजबूत आधार प्रदान करते हैं।

 

हरियाणा–अफ्रीका रणनीतिक साझेदारी बैठक: सूरजकुंड से भारत–अफ्रीका सहयोग के नए अध्याय की शुरुआत

 

भारत–अफ्रीका संबंध समानता, पारस्परिक सम्मान और साझा विकास के सिद्धांत पर आधारित - मुख्यमंत्री

 

हरियाणा देश का पहला राज्य जिसने अंतरराष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देने के लिए अलग से विदेश सहयोग विभाग स्थापित किया – नायब सिंह सैनी

 

मुख्यमंत्री ने अफ्रीकी देशों से किया आह्वान, हरियाणा संग कृषि, एमएसएमई और स्टार्टअप में साझेदारी से विकास को दें नई रफ्तार

 

चंडीगढ़, 13 फरवरी – हरियाणा में औद्योगीकरण और आर्थिक सहयोग को नई दिशा देने के उद्देश्य से शुक्रवार को फरीदाबाद के सूरजकुंड में हरियाणा–अफ्रीका रणनीतिक साझेदारी बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में उद्योग, व्यापार, निवेश और तकनीकी सहयोग के क्षेत्र में हरियाणा और अफ्रीकी देशों के बीच व्यापक संभावनाओं पर मंथन किया गया। बैठक में 21 अफ्रीकी देशों के राजदूतों और हाई कमिश्नरों सहित उद्योग जगत के प्रतिनिधियों तथा नीति-निर्माताओं ने भाग लिया।

 

बैठक को संबोधित करते हुए हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने सभी अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए कहा कि सूरजकुंड की पावन एवं सांस्कृतिक धरती से भारत–अफ्रीका साझेदारी के एक नए अध्याय की शुरुआत हुई है। सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय शिल्प मेला लोक परंपरा, हस्तशिल्प, रचनात्मकता और मानवीय कौशल का वैश्विक मंच है, जो सांस्कृतिक जुड़ाव और आर्थिक सहयोग को मजबूत बनाता है।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत–अफ्रीका संबंध समानता, पारस्परिक सम्मान और साझा विकास के सिद्धांत पर आधारित हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विजन के अनुरूप हरियाणा राज्य स्तर पर भी अफ्रीकी देशों के साथ दीर्घकालिक और मजबूत संबंध बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। हरियाणा देश का पहला राज्य है जिसने अंतरराष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देने के लिए अलग से विदेश सहयोग विभाग स्थापित किया है।

 

उन्होंने कहा कि हरियाणा राज्य कृषि, विनिर्माण, एमएसएमई, फूड प्रोसेसिंग, ऑटोमोबाइल कंपोनेंट्स और स्टार्टअप के क्षेत्र में तेजी से उभरता हुआ विकास इंजन है। एनसीआर से जुड़ाव के कारण राज्य को वैश्विक कनेक्टिविटी और लॉजिस्टिक मजबूती प्राप्त है, जिससे अफ्रीकी देशों के साथ बहु-क्षेत्रीय सहयोग की व्यापक संभावनाएं हैं। कृषि को भारत–अफ्रीका सहयोग का प्रमुख क्षेत्र बताते हुए उन्होंने कहा कि सिंचाई प्रबंधन, उन्नत बीज, फसल विविधीकरण, कृषि यंत्रीकरण, डेयरी और पोस्ट-हार्वेस्ट प्रबंधन में हरियाणा का अनुभव अफ्रीकी देशों की खाद्य सुरक्षा को सुदृढ़ कर सकता है।

 

उन्होंने केन्या, तंजानिया, युगांडा, इथियोपिया और रवांडा के साथ संयुक्त खेती, प्रशिक्षण कार्यक्रम और तकनीकी साझेदारी की संभावनाओं का भी उल्लेख किया। तंजानिया निवेश केंद्र तथा कृषि एवं अन्य संस्थानों के साथ हुए समझौतों से व्यापार, निवेश और कृषि सहयोग को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि ऑटोमोबाइल, हेल्थकेयर, आईटी, निर्माण, कौशल विकास, स्टार्टअप, फिनटेक और एमएसएमई क्षेत्रों में भी व्यापक सहयोग की संभावनाएं हैं। दक्षिण, पश्चिम, पूर्व और उत्तर अफ्रीकी देशों के साथ क्षेत्र-विशिष्ट औद्योगिक और कृषि आधारित साझेदारी विकसित की जा सकती है।

 

मुख्यमंत्री ने नवीकरणीय ऊर्जा, जल संरक्षण और हरित विकास को साझा नैतिक जिम्मेदारी बताते हुए कहा कि सौर ऊर्जा, जल प्रबंधन और पर्यावरण संतुलन के क्षेत्र में संयुक्त प्रयास आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए आवश्यक हैं। उन्होंने कहा कि सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय शिल्प मेला केवल व्यापार का मंच नहीं, बल्कि रचनात्मक अर्थव्यवस्था और सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक है। “जब शिल्प यात्रा करता है, तो संस्कृतियां संवाद करती हैं और साझेदारियां जन्म लेती हैं।

भारत-अफ्रीका व्यापारिक संबंधों को नई दिशा देने का सुनहरा अवसर : राव नरबीर सिंह

 

उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरवीर सिंह ने कहा कि भारत और अफ्रीका के बीच व्यापारिक संबंधों को और अधिक सशक्त बनाने के लिए यह एक महत्वपूर्ण अवसर है। पिछले कुछ वर्षों में भारत-अफ्रीका द्विपक्षीय व्यापार लगभग 90 से 100 बिलियन अमेरिकी डॉलर के स्तर तक पहुंच चुका है, जो दोनों क्षेत्रों के बीच मजबूत आर्थिक साझेदारी को दर्शाता है। उन्होंने जानकारी दी कि भारत, अफ्रीका से मुख्यत: कच्चा तेल, सोना, कोयला, उर्वरक एवं खनिज आयात करता है, जबकि भारत अफ्रीका को पेट्रोलियम उत्पाद, दवाइयां, ऑटोमोबाइल एवं ऑटो कंपोनेंट्स, मशीनरी, चावल तथा इंजीनियरिंग वस्तुओं का निर्यात करता है। यह व्यापार केवल वस्तुओं तक सीमित नहीं है, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, आईटी और क्षमता निर्माण जैसे क्षेत्रों में भी विस्तार पा रहा है।

 

उन्होंने कहा कि हरियाणा भारत-अफ्रीका व्यापार में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। हरियाणा से अफ्रीकी देशों को मुख्यत: ऑटो कंपोनेंट्स, ट्रैक्टर एवं कृषि मशीनरी, फार्मा उत्पाद, इंजीनियरिंग गुड्स, प्लाईवुड तथा आईटी सेवाओं का निर्यात किया जाता है। वहीं अफ्रीका से खनिज धातुएं और कुछ कृषि आधारित कच्चा माल आयात किया जाता है। उन्होंने कहा कि कौशल विकास एवं कार्यबल गतिशीलता भी सहयोग का महत्वपूर्ण आयाम है। संरचित कौशल प्रशिक्षण, प्रमाणीकरण तथा वैध रोजगार चैनलों के माध्यम से दोनों क्षेत्रों के युवाओं के लिए नए अवसर सृजित किए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य स्पष्ट है—व्यापार को बढ़ावा देना, निवेश को प्रोत्साहित करना और संस्थागत संवाद के माध्यम से दीर्घकालिक साझेदारी स्थापित करना।

 

बैठक में उपस्थित राजदूत व हाई कमिश्नर

 

बैठक में अरब गणराज्य मिस्र से डालिया एमए तांतावी, मंत्री पूर्णाधिकारी एवं मिशन उप प्रमुख, श्री मोहम्मद इब्राहिम, वाणिज्य दूत एवं वाणिज्य एवं आर्थिक मामलों के प्रमुख, मिस्र दूतावास, ट्यूनीशिया गणराज्य से श्री हम्मादी लूआती, सीडीए (प्रभारित राजदूत), टोगो गणराज्य से श्री यावो एडेम अकपेमाडो, चार्ज डी'अफेयर/ मिशन प्रमुख, घाना गणराज्य से प्रो. क्वासी ओबिरी-दानक्वा उच्चायुक्त, घाना व श्री लुइस क्वामे ओबेंग, मंत्री घाना,श्री कोनराड नाना कोजो असीदु, प्रथम सचिव (व्यापार, पर्यटन एवं संस्कृति) / मिशन उप प्रमुख घाना, गिनी गणराज्य से श्री एच. एम. कोंटे अलीसाने, राजदूत, गिनी दूतावास व श्री एम. सिसोको अली बडारा प्रथम सचिव (प्रोटोकॉल), संघीय गणराज्य नाइजीरिया से मुशाबु बशीर सादी, चांसरी प्रमुख इस्लामिक गणराज्य मॉरिटानिया  से श्री मोहम्मद एल मुस्तफा सैयदी — वाणिज्य दूत एवं सांस्कृतिक परामर्शदाता, चाड गणराज्य से श्रीमती इदजिमा बद्दा मल्लोत, भारत में चाड की राजदूत, लोकतांत्रिक गणराज्य कांगो : श्रीमती जोजो बिंटी जोसेफिन, प्रभारी राजदूत, संयुक्त गणराज्य तंजानिया से महामहिम अनीसा कापुफी म्बेगा, उच्चायुक्त, कैमरून गणराज्य से महामहिम (श्रीमती) सिल्वी-मिशेल एमपोन टीएक, प्रभारी राजदूत, श्री एस्सोम्बा ज़ांग यवेस से प्रथम परामर्शदाता, श्री मेंडौगा काउंसलर अधिकारी जिबूती गणराज्य से, दक्षिण सूडान गणराज्य  से रवांडा गणराज्य से सुश्री जैकलीन मुकांगीरा से उच्चायुक्त, इरिट्रिया राज्य से श्री तेसफालडेट गेब्रस्लासी गेब्रेब से द्वितीय सचिव, दक्षिण अफ्रीका से श्री पीटर साह्क — (प्रतिनिधि), जिम्बाब्वे गणराज्य : श्री पीटर होबवानी, उप मिशन प्रमुख / चांसरी प्रमुख, मलावी गणराज्य  श्री जोसेफ काविंगा से प्रथम सचिव (पर्यटन)प्रतिनिधि, अल्जीरिया, प्रतिनिधि, सूडान मौजूद रहे।

 

इनके अलावा, श्री विक्रम मिस्री, विदेश सचिव, विदेश मंत्रालय, श्री सुधाकर दलेला — सचिव (आर्थिक संबंध), विदेश मंत्रालय, डॉ. नीना मल्होत्रा — सचिव (दक्षिण), विदेश मंत्रालय, श्री सुरेश कुमार एम. संयुक्त सचिव (पश्चिम एशिया एवं उत्तर अफ्रीका), विदेश मंत्रालय, श्री सेवला नाइक मुडे अतिरिक्त सचिव (केंद्रीय एवं पश्चिम अफ्रीका प्रभाग), विदेश मंत्रालय, श्री जनेश काइन — संयुक्त सचिव (पूर्वी एवं दक्षिणी अफ्रीका), विदेश मंत्रालय,श्री ए. अजय कुमार संयुक्त सचिव (राज्य प्रभाग), विदेश मंत्रालय भी बैठक में उपस्थित रहे।

 हरियाणा सरकार की ओर से विदेश सहयोग विभाग की प्रधान सचिव अमनीत पी. कुमार, मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव  डॉ. साकेत कुमार, सूचना जनसंपर्क भाषा एवं सांस्कृतिक विभाग के महानिदेशक के मकरंद पांडुरंग, विदेश सहयोग विभाग के महानिदेशक अशोक मीणा, मुख्यमंत्री के उप प्रधान सचिव यशपाल, पर्यटन विभाग के एमडी पार्थ गुप्ता, विदेश सहयोग विभाग के सलाहकार पवन चौधरी, विदेश मंत्रालय में ओएसडी कर्नल संजीव कुमार, अवर सचिव रीता मीणा मौजूद रहे।

 

पोस्ट मैट्रिक छात्रवृति योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन 28 फरवरी तक

 

योजना के तहत अनुसूचित जाति, पिछड़ी वर्ग व विमुक्त जनजाति के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए दी जाती है छात्रवृति

 

चंडीगढ़, 13 फरवरी-- पोस्ट मैट्रिक छात्रवृति योजना के शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए पात्र विद्यार्थियों का ज्यादा से ज्यादा संख्या में 28 फरवरी, 2026 तक पंजीकरण करवाया जाए। इस योजना के तहत अनुसूचित जाति व पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा ग्रहण करने के लिए छात्रवृति प्रदान की जाती है, ताकि वे आर्थिक तंगी वजह से उच्च शिक्षा ग्रहण करने से वंचित न रहें।

 

एक सरकारी प्रवक्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि ज्यादा से ज्यादा पात्र छात्रों का नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल पर पंजीकरण करवाना सुनिश्चित किया जाएगा, ताकि योजना के तहत 10वीं कक्षा उत्तीर्ण करने के उपरांत सरकारी अथवा निजी शिक्षण संस्थाओं में उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे अनुसूचित जाति व पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थी इस योजना का लाभ उठा सकें। पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति के लिए अनुसूचित जाति और अन्य पिछड़ा वर्ग, विमुक्त जनजाति के छात्रों के लिए पोस्ट मैट्रिक छात्रवृति योजना (पीएम यशस्वी घटक-2) के अंतर्गत ऑनलाइन आवेदन मांगे गए हैं।

उन्होंने बताया कि सरकार के निर्देशानुसार यह प्रावधान किया गया है कि इस योजना का लाभ उठाने के लिए पंजीकरण करने वाले विद्यार्थियों का संबंधित संस्था के नोडल अधिकारी द्वारा वेरिफिकेशन की जाएगी। इसके बाद जिला नोडल अधिकारी व नगराधीश इन्हें वेरीफाई करेंगे, जिसके उपरांत संबंधित विभागों के स्टेट नोडल अधिकारी योजना की राशि पंजीकरण करवाने वाले विद्यार्थियों के बैंक खातों में हस्तांतरित करेंगे।

उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा पूरा लाभ पात्र विद्यार्थी तक पहुंचाने के उद्देश्य से योजना के क्रियान्वयन में और पारदर्शिता लाई गई है तथा अब केवल ऑनलाइन प्रक्रिया के माध्यम से ही पात्र विद्यार्थियों को योजना का पूरा लाभ मिलेगा। 

उन्होंने बताया कि छात्र को पीएमएस-एससी के लिए अनुसूचित जाति श्रेणी और पीएम-यशस्वी घटक-2 के लिए अन्य पिछड़ा वर्ग या विमुक्त जनजाति से संबंधित श्रेणी से होना चाहिए। छात्र की वार्षिक पारिवारिक आय 2 लाख 50 हजार रुपये से ज्यादा न हो।

उन्होंने बताया कि छात्र हरियाणा राज्य का निवासी हो तथा पात्र छात्र शैक्षणिक वर्ष 2025-26 के लिए 28 फरवरी 2026 तक पोर्टल // https://scholarships.gov.in/  के माध्यम से एनएसपी पर फ्रेश आवेदन कर सकते हैं।

 

हरियाणा में मलेरिया, डेंगू और अन्य वेक्टर-बोर्न बीमारियों को रोकने के लिए सख्त नियम नोटिफ़ाईड

 

चंडीगढ़, 13 फरवरी -- राज्य सरकार ने मलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया और जापानी इंसेफेलाइटिस जैसे रोगों की रोकथाम के लिए हरियाणा महामारी अधिनियम संशोधन 2024 को नोटिफ़ाई किया है। अब बदले हुए नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सज़ा का प्रावधान किया गया है।

 

यह जानकारी देते हुए अतिरिक्त मुख्य सचिव स्वास्थ्य विभाग डॉ. सुमिता मिश्रा ने कहा कि मलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया और जापानी इंसेफेलाइटिस के फैलने से लगातार बढते हुए खतरे के मद्देनजर महामारी एक्ट, 1897 के सेक्शन 2 के तहत नोटिफ़िकेशन जारी किया गया है। ये नियम तुरंत प्रभाव से लागू हो गए और 31 मार्च, 2027 तक प्रभावी रहेंगे।

 

नए नियमों के तहत सभी सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों, क्लीनिकों एवं लैबोरेटरी को अब वेक्टर-बोर्न बीमारियों के प्रत्येक कन्फर्म केस की रिपोर्ट पता चलने के 24 घंटे के अंदर रोगी की पूरी जानकारी संबंधित सिविल सर्जन को देना अनिवार्य है। रियल टाईम मॉनिटरिंग और कोऑर्डिनेटर रिस्पॉन्स कन्फर्म की जानकारी को इंटीग्रेटेड हेल्थ इंफॉर्मेशन प्लेटफॉर्म पोर्टल पर भी अपडेट किया जाना चाहिए। डॉ. मिश्रा ने बल दिया कि आउटब्रेक को रोकने और जटिल मौतों को कम करने तथा समय पर जन स्वास्थ्य हस्तक्षेप को मुमकिन बनाने के लिए तुरंत नोटिफिकेशन आवश्यक है।

 

नोटिफिकेशन में सख्त डायग्नोस्टिक प्रोटोकॉल बनाए गए हैं। मलेरिया का केस माइक्रोस्कोपी या एंटीजन और बेस्ड रैपिड डायग्नोस्टिक टेस्ट से कन्फर्म होने के बाद ही पॉजिटिव बताया जा सकता है तथा भारत सरकार की ड्रग पॉलिसी के अनुसार पूरा मेडिकल ट्रीटमेंट दिया जाना चाहिए। इसी प्रकार डेंगू के केस की पुष्टि सिर्फ एलिसा बेस्ड एनएस 1 एलजीएम या आरटी एवं पीसीआर टेस्ट से ही की जा सकती है। एनएसआई एंटीजन टेस्ट उन मरीज़ों का किया जाना है जिन्हें पाँच दिन से कम बुखार रहा हो, जबकि एलजीएम एंटीबॉडी टेस्ट उन लोगों के लिए ज़रूरी है जिन्हें पाँच दिन से ज़्यादा बुखार रहा हो। किसी भी मरीज़ को कन्फर्म टेस्ट किए बिना डेंगू पॉज़िटिव घोषित नहीं किया जा सकता। 

 

सरकार द्वारा बीमारी फैलने पर मरीज़ों को ज़्यादा मेडिकल चार्ज से बचाने के लिए डेंगू टेस्ट की कीमत निर्धारित कर दी गई है। प्राइवेट अस्पतालों और लैब को एलिसा बेस्ड एनएस 1 और एलजीएम टेस्ट के लिए 600 रुपये से ज़्यादा चार्ज करने की अनुमति नहीं है। इसके अलावा प्राइवेट अस्पतालों को निर्देश दिये गये हैं कि अगर आवश्यकता हो, तो वे सिंगल डोनर प्लेटलेट्स के लिए हर मरीज़ से 11,000 रुपये से ज़्यादा चार्ज न करें। जिन मामलों में प्राइवेट लैब में एलिस टेस्टिंग की सुविधा नहीं है, उन्हें मरीज़ों को कन्फर्मेशन के लिए निर्धारित सरकारी लैब में भेजना होगा या उनके ब्लड सैंपल भेजने होंगे।

 

यह नियम निदेशक स्वास्थ्य सेवाएं या सिविल सर्जन द्वारा नियुक्त किए गए निरीक्षण अधिकारी को निगरानी, एंटी-लार्वल उपायों, फॉगिंग या स्प्रे करने के लिए किसी भी परिसर में प्रवेश का अधिकार भी देते हैं। इनमें अधिकारियों को शक वाले मरीज़ों को जांच के लिए ब्लड सैंपल देने और इलाज करने के निर्देश देने का भी अधिकार है। ये अधिकारी मच्छरों को पनपने से रोकने के लिए आवश्यकता अनुसार कीटनाशक छिड़कने और ठहरे हुए पानी के स्रोतों के उपचार का भी आदेश दे सकते हैं।

 

उन्होंने कहा कि जो अस्पताल या लैब स्वीकृत डायग्नोस्टिक प्रोटोकॉल या नियमों का पालन नहीं करते, कन्फर्म मामलों की रिपोर्ट नहीं देते, बिना कन्फर्मेशन टेस्टिंग के मामलों को घोषित करते हैं, या मरीज़ की अधूरी जानकारी देते हैं तो उन पर जुर्माना लगाया जाएगा। पहली बार नियम का उल्लंघन करने पर 1,000 रुपये, दूसरी बार नियम तोड़ने पर 5,000 रुपये और तीसरी या उसके बाद नियम तोड़ने पर 10,000 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। लगातार नियम न मानने पर महामारी अधिनियम 1897 की धारा 3 के तहत कार्रवाई की जा सकती है। किसी भी जुर्माने के खिलाफ 30 दिनों के अंदर सिविल सर्जन की अध्यक्षता वाली अपीलेट कमेटी के समक्ष अपील की जा सकती है।

 

डॉ. सुमिता मिश्रा ने कहा कि इन नियमों का उद्वेश्य मामलों का जल्द पता लगाने, डायग्नोसिस स्टैंडर्ड अपनाने एवं इलाज पक्का करने, रिपोर्टिंग में पारदर्शिता बढ़ाने और बीमारी फैलने के दौरान मरीज़ों का शोषण रोकना है। उन्होंने कहा कि नियमों को सख्ती से लागू करने से हरियाणा में वेक्टर-जनित बीमारियों के मौसमी प्रकोप से निपटने की तैयारी और रिस्पोंस में सुधार होने के साथ लोगों के स्वास्थ्य की भी सुरक्षा होगी।

 

राष्ट्रमंडल खेलों एवं ओलंपिक में दम दिखाएंगे हरियाणा के खिलाड़ी : डॉ. अरविंद शर्मा

 

नायब सरकार ने खिलाड़ियों के अनुकूल माहौल दिया, युवाओं की खेलों में बढ़ रही रुचि

 

चंडीगढ़, 13 फरवरी -- हरियाणा के सहकारिता, विरासत एवं पर्यटन मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में सरकार ने खेल और खिलाड़ियों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार किया है। इसी का परिणाम है कि आज हरियाणा के खिलाड़ी राष्ट्रीय ही नहीं, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2030 में गुजरात के अहमदाबाद में प्रस्तावित राष्ट्रमंडल खेलों में हमारे खिलाड़ी मजबूत प्रदर्शन करेंगे और इसी प्रदर्शन को आगामी ओलंपिक में भी दोहराएंगे। आज हर घर और हर युवा में खेलों के प्रति रुचि बढ़ रही है, जिससे हरियाणा देश में खेल शक्ति के रूप में उदाहरण बन रहा है।

 

सहकारिता मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा वीरवार को गोहाना विधानसभा क्षेत्र के गांव माहरा पहुंचे और महर्षि दयानंद सरस्वती जयंती पर आयोजित विशाल कबड्डी प्रतियोगिता में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होकर खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया। ग्रामीणों द्वारा किए गए भव्य स्वागत के बाद युवाओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 के बाद हरियाणा ने विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी हरियाणा की खेल नीति और खिलाड़ियों की क्षमता की सराहना कर चुके हैं, और अन्य राज्य भी इस नीति को अपना रहे हैं।

डॉ. शर्मा ने बताया कि टोक्यो ओलंपिक में देश के 126 खिलाड़ियों ने भाग लिया था, जिनमें से 32 खिलाड़ी हरियाणा के थे। देश को मिले सात पदकों में प्रदेश के खिलाड़ियों ने एक स्वर्ण, एक रजत और दो कांस्य पदक जीतकर महत्वपूर्ण योगदान दिया। इसी प्रकार ओलंपिक 2024 में देश को मिले छह पदकों में से पांच पदक हरियाणा के खिलाड़ियों ने जीते। उन्होंने कहा कि पिछले 11 वर्षों में साढ़े 16 हजार खिलाड़ियों को 700 करोड़ रुपये की नकद पुरस्कार राशि दी गई है, जबकि 231 प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी प्रदान की गई है।

 

उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए खिलाड़ियों को बेहतर तैयारी का माहौल उपलब्ध कराया जा रहा है, ताकि वे देश और प्रदेश का नाम रोशन कर सकें।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने गांव माहरा में 40 लाख रुपये के विकास कार्यों का उद्घाटन किया तथा 12 लाख रुपये की लागत से बनने वाली ब्राह्मण चौपाल का शिलान्यास किया। उन्होंने कुम्हारों वाली चौपाल की चारदीवारी, खेल स्टेडियम में शेड निर्माण, माहरा बस स्टैंड से पीडब्ल्यूडी रोड तक नाला निर्माण तथा कुरचंद वाले तालाब की चारदीवारी का शुभारंभ किया। साथ ही गांव की खेल अकादमी की चारदीवारी और शेड निर्माण की घोषणा भी की।

 

कांग्रेस के 55 साल के शासन काल की बजाए प्रधानमंत्री मोदी ने 11 साल में देश को बदलने का काम किया- नायब सिंह सैनी

 

कांग्रेस धोखा तो आम आदमी पार्टी महाधोखा— मुख्यमंत्री

 

आम आदमी पार्टी की विधायक द्वारा लगाए गए आरोप मनगढ़ंत

 

चंडीगढ़, 13 फरवरी- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने 55 साल देश पर शासन किया जबकि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने महज 11 साल के शासन में देश की तस्वीर बदलने का काम किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस विपक्ष की भूमिका भी नहीं निभा रही, उन्हें पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी के जीवन से सीख लेनी चाहिए, ताकि उन्हें पता लगे कि विपक्ष की क्या भूमिका होती है। हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी शुक्रवार को दिल्ली स्थित हरियाणा भवन में मीडिया को संबोधित कर रहे थे।

 

मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि कांग्रेस के राज में देश लगातार भ्रष्टाचार के दलदल में फंसता चला गया। देश का विकास जिस गति से होना चाहिए था, वह नहीं हुआ।प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने 11 वर्षों में भारत का नाम दुनिया भर में रोशन करने का काम किया। कांग्रेस शासनकाल में केवल भ्रष्टाचार ही हुए।

 

आम आदमी पार्टी की विधायक द्वारा लगाए गए आरोप मनगढ़ंत

 

मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि आम आदमी पार्टी की विधायक द्वारा लगाए गए सभी आरोप मनगढ़ंत है। आम आदमी पार्टी अपने को छिपाने के लिए ऐसा कर रही है। आम आदमी पार्टी ने पहले दिल्ली की जनता को सबज-बाग दिखाए और दिल्ली की जनता को धोखा दिया। इसके बाद उन्होंने पंजाब में ऐसे वायदे किए जो आज तक पूरे नहीं किए गए। इसके लिए पंजाब के लोगों में पीड़ा है। पंजाब की जनता ने पहले कांग्रेस पार्टी को वोट दिया लेकिन कांग्रेस ने उन्हें धोखा दिया। इसके बाद आप को वोट दिया लेकिन आप ने उनके साथ महाधोखा किया। आज पंजाब में कानून व्यवस्था की स्थिति खराब है, किसानों की हालत दयनीय है। पंजाब में बाढ़ आई तो केजरीवाल पंजाब में किसानों को 20 हजार रुपये मुआवजा देने की बात कर रहे थे लेकिन गुजरात गए तो वहां कहा कि पंजाब के किसानों को 50 हजार रुपये मुआवजा दिया। उन्होंने किसानों के साथ धोखा किया। आम आदमी पार्टी की विधायक के सभी आरोप तथ्यहीन है और अपनी कमियों को छिपाने का काम कर रहे हैं। आम आदमी पार्टी पंजाब में दबाव की राजनीति कर रही है। उन्हें जनता से किए वायदे पूरे करने चाहिए।

 

पंजाब हमारा घर है

 

मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने पंजाब से जुड़े एक सवाल का जवाब देते हुए कहा कि पंजाब हमारा घर है। पंजाब में उन्हें कोई बुलाता है तो वहां जरूर जाते हैं। पंजाब गुरुओं की धरती है और हमारे लिए यह सौभाग्य की बात है कि गुरुओं ने अपने चरणों से  हरियाणा की धरती को भी पवित्र किया है।

 

सेवा तीर्थ बनाना बेहतर

 

प्रधानमंत्री कार्यालय के नए दफ्तर सेवा तीर्थ के उद्घाटन से जुड़े सवाल का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि यह एक अच्छा कार्य है। कांग्रेसी तो राज करते थे लेकिन प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की सरकार का भाव सेवा करना है। उन्होंने नगर निगम चुनावों को लेकर पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए कहा कि चुनाव को लेकर उनकी पूरी तैयारी है। हरियाणा के आमजन का उन्हें पूरा आशीर्वाद है।

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