* फोर्टिस अस्पताल मोहाली को बम के द्वारा निशाना बनाने वाली ईमेल निकली अफ़वाह*
एस.पी. सिटी मोहाली दिलप्रीत सिंह की तरफ से कोई ख़तरा न होने की पुष्टि, शान्ति रखने के लिए की अपील
चंडीगढ़/ मोहाली, 17 फरवरी: ईमेल के द्वारा बम की धमकी मिलने के बाद आज फोर्टिस अस्पताल मोहाली में एक व्यापक तलाशी मुहिम चलाई गई और जिस दौरान कुछ भी शक्की नहीं मिला। यह जानकारी सुपरडैंट आफ पुलिस ( एस.पी.) सिटी मोहाली दिलप्रीत सिंह ने पुष्टि करते दी।
जि़क्रयोग्य है कि यह धमकी एक स्कूल की आधिकारिक ईमेल आई.डी. से लगभग 8 बजे मिली थी।
एस.पी. सिटी दिलप्रीत सिंह ने बताया कि धमकी वाली ईमेल में फोर्टिस अस्पतालों मोहाली को निशाना बनाने के इरादे का जि़क्र किया गया था। इस पर तत्काल कार्यवाही करने के लिए पुलिस हैडक्वाटर, रेंज दफ़्तर और मोहाली पुलिस की एंटी साबोटाज टीमें, बम निरोधक दस्तों समेत तुरंत हस्पताल में पहुंच गई।
क्योंकि धमकी स्कूल के ईमेल आईडी के द्वारा आई थी, इस लिए सावधानी के तौर पर विद्यार्थियों और स्टाफ की सुरक्षा को यकीनी बनाने के लिए नज़दीक के सभी स्कूलों की भी अच्छी तरह जांच की गई।
एस.पी. ने पुष्टि करते कहा कि सभी संभावी स्थानों की व्यापक जांच के बाद कोई भी शक्की पदार्थ या वस्तु नहीं मिली। इस लिए यह धमकी झूठी या गुमराहकुन लगती है और स्थिति पूरी तरह काबू में है।
एस.पी. दिलप्रीत सिंह ने कहा कि उक्त ईमेल आईडी के असली स्रोतों की शिनाख़्त के लिए आगे वाली जांच की जा रही है।
इस दौरान, लोगों को शांत रहने और आधिकारियों के साथ सहयोग करने की अपील की। उन्होंने नागरिकों को बिना किसी देरी से किसी भी शक्की गतिविधि की रिपोर्ट नज़दीकी पुलिस थाने में करने की अपील भी की।
------------
‘गैंगस्टरां ते वार’ का 28वां दिन: पंजाब पुलिस ने 630 ठिकानों पर छापेमारी की; 156 गिरफ्तार
- पुलिस टीमों ने 88 व्यक्तियों के खिलाफ की एहतियातन कार्रवाई, 190 को पूछताछ के बाद रिहा किया
- लोग एंटी-गैंगस्टर हेल्पलाइन नंबर 93946-93946 के द्वारा गुप्त रूप से गैंगस्टरों के बारे में जानकारी दे सकते हैं
- युद्ध नशेयां विरुद्ध’ के 353वें दिन 84 नशा तस्कर 2.1 किलोग्राम हेरोइन सहित गिरफ्तार
चंडीगढ़, 17 फरवरी : मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के निर्देशों के तहत शुरू की गई निर्णायक मुहिम ‘ गैंगस्टरां ते वार’ के 28वें दिन पंजाब पुलिस ने आज पूरे राज्य में गैंगस्टरों के सहयोगियों के चिह्नित और मैप किए गए 630 ठिकानों पर छापेमारी की।
उल्लेखनीय है कि ‘गैंगस्टरां ते वार’ - पंजाब को गैंगस्टर मुक्त राज्य बनाने के लिए एक निर्णायक जंग है, जिसकी शुरुआत पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) पंजाब गौरव यादव ने 20 जनवरी 2026 को की थी। इसके तहत एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स (एजीटीएफ) पंजाब के समन्वय से सभी जिलों की पुलिस टीमें राज्य भर में विशेष कार्रवाई कर रही हैं।
मुहिम के 28वें दिन पुलिस टीमों ने 156 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया और उनके कब्जे से चार हथियार बरामद किए, जिससे मुहिम की शुरुआत से अब तक कुल गिरफ्तारियों की संख्या 9,782 तक पहुंच गई है।
इसके अलावा 88 व्यक्तियों के खिलाफ एहतियातन कार्रवाई की गई है, जबकि 190 व्यक्तियों को जांच और पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया। पुलिस टीमों ने कार्रवाई के दौरान चार भगोड़े अपराधियों को भी गिरफ्तार किया है।
उन्होंने कहा कि लोग गुप्त रूप से वांछित अपराधियों/गैंगस्टरों के बारे में एंटी-गैंगस्टर हेल्पलाइन नंबर-93946-93946 के माध्यम से रिपोर्ट कर सकते हैं और किसी भी प्रकार के अपराध एवं आपराधिक गतिविधियों के बारे में सूचना/जानकारी भी साझा की जा सकती है।
इस दौरान, पुलिस टीमों ने नशों के खिलाफ अपनी मुहिम ‘युद्ध नशेयां विरुद्ध’ को 353वें दिन भी जारी रखते हुए आज 84 नशा तस्करों को गिरफ्तार किया है और उनके कब्जे से 2.1 किलोग्राम हेरोइन, 92 किलोग्राम भुक्की, 720 नशीली गोलियां/कैप्सूल और 11,400 रुपये की ड्रग मनी बरामद की गई। इसके साथ, मात्र 353 दिनों में गिरफ्तार किए गए कुल नशा तस्करों की संख्या 49,974 हो गई है। नशा छुड़ाने की मुहिम के हिस्से के रूप में पंजाब पुलिस ने आज 55 व्यक्तियों को नशा छुड़ाने और पुनर्वास के इलाज के लिए राज़ी किया है।
-------
डॉ. बलबीर सिंह द्वारा राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान मरीजों के लिए बेहतर देखभाल सेवाएं प्रदान करने में तेजी लाने के आदेश
- 550 से अधिक नए आम आदमी क्लिनिक स्थापित करने की घोषणा
- कहा, राज्य भर में प्राइमरी देखभाल नेटवर्क को और मजबूत किया जाएगा
- सभी सरकारी स्वास्थ्य संस्थाओं में जरूरी दवाइयों की 100 प्रतिशत उपलब्धता और मुफ्त जांच सुविधाएं यकीनी करने के सख्त आदेश
- मुख्यमंत्री सेहत योजना वित्तीय बोझ को बिल्कुल खत्म करके प्रति परिवार वार्षिक 10 लाख रुपये तक का नकद रहित इलाज कर रही है प्रदान: स्वास्थ्य मंत्री
- ‘युद्ध नशेयां विरुद्ध’ मुहिम में आई तेजी; पुनर्वास में सहायता करेगा ‘सूरमा प्रोग्राम’
- स्वास्थ्य मंत्री द्वारा जिला स्तर पर परिणाम-मुखी प्रशासन और जवाबदेही सुनिश्चित करने की हिदायत
- सिविल सर्जनों को औचक निरीक्षण करने और मरीजों के प्रति हमदर्दी वाला व्यवहार सुनिश्चित करने के लिए कहा
- डिजिटल सुधार, क्रिटिकल केयर ब्लॉक और पब्लिक हेल्थ लैबों से सेकेंडरी और इमरजेंसी देखभाल सेवाओं को मिलेगी मजबूती: डॉ. बलबीर सिंह
चंडीगढ़, 17 फरवरी: पंजाब के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने आज सिविल सर्जनों और डिप्टी मेडिकल कमिश्नरों के साथ राज्य स्तरीय सम्मेलन की अध्यक्षता करते हुए जहां राज्य सरकार के प्रमुख स्वास्थ्य कार्यक्रमों के जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन की समीक्षा की, वहीं प्राइमरी एवं सेकेंडरी स्वास्थ्य संभाल सेवाओं में सुधारों के अगले चरण की रूपरेखा बनायी। समीक्षा बैठक के दौरान मरीजों को देखभाल सेवा प्रदान करने, डिजिटल सुधारों, बुनियादी ढांचे के अपग्रेडेशन और जिलों में सख्त निगरानी व्यवस्था पर जोर दिया गया।
राज्य की मूलभूत स्वास्थ्य संभाल की रीढ़ की हड्डी के रूप में जाने जाने वाले आम आदमी क्लिनिकों पर प्रकाश डालते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि राज्य भर में 881 आम आदमी क्लिनिक कार्यशील हैं जहां बड़ी संख्या में मरीज इलाज करवाने के लिए आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि पिछले महीने के दौरान ही इन क्लिनिकों में गर्भवती महिलाओं की आमद में लगभग 30 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। इन क्लिनिकों में उच्च जोखिम वाली गर्भावस्थाओं के रूप में पहचाने गए मामलों की संख्या राज्य स्तर पर 29 प्रतिशत तक पहुंच गई है, जिससे शुरुआती चिकित्सा इलाज संभव हो रहा है और माताओं एवं नवजात शिशुओं की स्वास्थ्य सुरक्षा की जा रही है।
डॉ. बलबीर सिंह ने घोषणा की कि जल्द ही 243 नए आम आदमी क्लिनिक स्थापित किए जाएंगे जबकि 308 उप स्वास्थ्य केंद्रों को आम आदमी क्लिनिकों के रूप में अपग्रेड किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि नई सेवाओं में नवजात एवं बाल देखभाल, रूटीन टीकाकरण और मुंह एवं प्रोस्टेट कैंसर के लिए स्क्रीनिंग शामिल होगी। उन्होंने ब्लॉक स्तर पर रेफर करने के मामलों को घटाने और अधिक इलाज प्रदान करने के उद्देश्य से ब्लॉक स्तरीय संस्थाओं को मजबूत करने के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया।
दवाइयों की उपलब्धता के बारे में बात करते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने स्टॉक की कमी के प्रति जीरो टॉलरेंस बनाए रखने के लिए सख्त निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा कि 14 जिलों ने आम आदमी क्लिनिकों पर 102 आवश्यक दवाइयों में से कम से कम 97 दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित की है। उन्होंने कहा कि स्टॉक में किसी भी प्रकार की कमी होने की स्थिति में संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकारी स्वास्थ्य केंद्र में आने वाले हरेक मरीज को निर्धारित दवाइयां और जांच सेवाएं मुफ्त प्रदान की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए ई-औषधि और जिला स्तरीय डैशबोर्ड के द्वारा निगरानी में तेजी लायी जायेगी।
मुख्यमंत्री सेहत योजना की समीक्षा करते हुए डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि इस स्कीम के तहत प्रति परिवार सालाना 10 लाख रुपये तक का नकद रहित स्वास्थ्य बीमा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस स्कीम का उद्देश्य मेडिकल इमरजेंसी के दौरान परिवारों के वित्तीय बोझ को पूरी तरह कम करना है। उन्होंने सिविल सर्जनों को हिदायत की कि वे सूचीबद्ध अस्पतालों में निर्बाध रजिस्ट्रेशन और सेवाएं प्रदान करना सुनिश्चित करें ताकि कोई भी योग्य लाभार्थी इलाज से वंचित न रहे। उन्होंने अधिक से अधिक पहुंच सुनिश्चित करने और वित्तीय बोझ कम करने के लिए सी.एस.सी., आशा और पी.आर.आई. प्रतिनिधियों के साथ निकट समन्वय बनाने के लिए भी कहा।
कैबिनेट मंत्री ने मेडिकल लीगल निरीक्षण और पोस्ट मार्टम रिपोर्टिंग प्रणाली की प्रगति का भी जायजा लिया, जिससे मामलों में पारदर्शिता आई है साथ ही प्रक्रिया में भी तेजी आई है। कैबिनेट मंत्री ने बताया कि आयुष्मान भारत स्वास्थ्य बुनियादी ढांचा मिशन के तहत सभी 22 जिला इंटीग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लैबों और 22 क्रिटिकल केयर ब्लॉकों पर काम शुरू हो गया है। उन्होंने कहा कि 7 लैबें पूर्ण हो चुकी हैं और ये लैबें एक ही छत के नीचे मॉलिक्यूलर बायोलॉजी और वायरोलॉजी टेस्टिंग सहित एकीकृत डायग्नोस्टिक सेवाएं प्रदान करने के लिए जिला अस्पतालों को सौंपी जा रही हैं।
इस दौरान सेकेंडरी देखभाल सुविधाओं में आवश्यक दवाइयों के स्टॉक, बायोमेडिकल उपकरणों की उपलब्धता, सैनिटेशन कॉन्ट्रैक्ट, लिफ्ट मेंटेनेंस, फायर सेफ्टी संबंधी अनुपालन और पावर बैकअप सिस्टम पर विचार-विमर्श किया गया। डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि बुनियादी ढांचे संबंधी तैयारियां और सफाई सीधे तौर पर लोगों के भरोसे में वृद्धि करती हैं। इस दौरान खरीद मापदंडों के अनुपालन और उपयोग संबंधी सर्टिफिकेटों की भी समीक्षा की गई।
सम्मेलन के दौरान सतत विकास लक्ष्यों के तहत जच्चा-बच्चा मृत्यु दर में कमी, नवजातों के बचाव, टीकाकरण मुहिम और तपेदिक का पता लगाने संबंधी प्रगति का भी जायजा लिया। जच्चा-बच्चा मृत्यु दर के अनुपात में सुधार और उच्च जोखिम वाली गर्भावस्थाओं का पता लगाने पर भी चर्चा की गई तथा साथ ही सटीक एच.एम.आई.एस. रिपोर्टिंग के लिए सख्त हिदायतें जारी की गईं।
मीटिंग के दौरान सभी 23 जिलों में पंजाब स्टेमी और स्ट्रोक प्रोजेक्ट्स के विस्तार की भी समीक्षा की गई ताकि टेली ईसीजी गाइडेड थ्रोम्बोलिसिस और हब एवं स्पोक स्ट्रोक प्रबंधन को मजबूत किया जा सके। इमरजेंसी हालतों से निपटने और परिवारों पर वित्तीय बोझ कम करने के लिए अछूत बीमारियों के लिए बेहतर स्क्रीनिंग और कैंसर की शुरुआती पहचान की महत्वता पर प्रकाश डाला गया।
स्वास्थ्य मंत्री ने नशा विरोधी मुहिम ‘युद्ध नशों के खिलाफ 2.0’ पर चर्चा करते हुए बताया कि प्रमुख मेडिकल कॉलेजों के क्लस्टर रिसोर्स सेंटरों में इलाज और पुनर्वास की सुविधा दी जा रही है। नशे की आदत से मुक्त हो रहे पीडि़तों के लिए जल्द ही सूरमा प्रोग्राम के तहत ‘एम्बेसडर्स ऑफ रिकवरी’ शुरू किया जाएगा, जिसके तहत डिजिटल ओटी प्रणालियां और लोक शमूलियत के माध्यम से समर्थित पीयर सहायता और ढांचागत पुनर्वास द्वारा नशा छुड़ाने में सहायता की जाएगी।
जिला प्रमुखों को परिणाम-मुखी दृष्टिकोण अपनाने की अपील करते हुए डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि हरेक मरीज का समय पर इलाज और देखभाल सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने सिविल सर्जनों को स्वास्थ्य संस्थाओं का अचानक निरीक्षण करने और मरीजों के प्रति सहानुभूतिपूर्ण व्यवहार सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
सम्मेलन के दौरान प्रमुख सचिव (स्वास्थ्य) कुमार राहुल, पंजाब विकास आयोग के सदस्य अनुराग कुंडू, पीएचएसएससी के वाइस चेयरमैन विक्की घनौर, एन.एच.एम. के सचिव-कम-मैनेजिंग डायरेक्टर घनश्याम थोरी, पीएचएसएससी के मैनेजिंग डायरेक्टर अमित तलवार, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के डायरेक्टर डॉ. हितिंदर कौर, स्वास्थ्य सेवाएं (परिवार कल्याण) की डायरेक्टर डॉ. अदिति सलारिया, डायरेक्टर (ई.एस.आई.) डॉ. अनिल कुमार गोयल, डायरेक्टर (पी.एच.एस.एससी.) डॉ. एस.जे. सिंह सहित विभाग के डिप्टी डायरेक्टर, सहायक डायरेक्टर और वरिष्ठ स्वास्थ्य अधिकारी शामिल हुए।
-----
दिल्ली स्थित पंजाब भवन में लगाई गईं 20 प्रसिद्ध लेखकों और विद्धानों की तस्वीरें
चंडीगढ़/नई दिल्ली, 17 फरवरी: भाषा विभाग पंजाब द्वारा पिछले साल से दिल्ली स्थित पंजाब भवन में पंजाबी के प्रसिद्ध लेखकों और विद्धानों की तस्वीरें स्थापित करने का कार्य शुरू किया गया था। अब तक पहले लगाई गई लगभग 40 तस्वीरों के बाद आज 20 और स्वर्गीय लेखकों तथा विद्वानों की तस्वीरें लगाई गई हैं, जिनमें प्रिंसिपल तेजा सिंह, ज्ञानी सोहन सिंह सीतल, डॉ. दीवान सिंह कालेपानी, प्रिंसिपल सुजान सिंह, स. जसवंत सिंह कंवल, स. नानक सिंह, डॉ. हरभजन सिंह, श्रीमती दलीप कौर टिवाणा, श्री बलराज साहनी, बाबा बुद्ध सिंह, श्रीमती सुखवंत कौर मान, स. महिंदर सिंह सरना, जनाब दीपक जैतोई, महिंदर कौर गिल, श्री राम सरूप अनखी, डॉ. रतन सिंह जग्गी, श्री मोहनजीत, श्री परमिंदरजीत और प्रो. अजमेर औलख शामिल हैं।
ये तस्वीरें पंजाब भवन के बी ब्लॉक के प्रवेश हॉल और ऊपरी मंजिलों के बरामदों में लगाई गई हैं। श्री रजिंदर सिंह के नेतृत्व में पंजाब भवन के कर्मचारियों द्वारा यह कार्य भाषा विभाग के डायरेक्टर स. जसवंत सिंह जफ़र और डिप्टी डायरेक्टर श्री आलोक चावला की निगरानी में किया गया। इससे पहले विभाग के अधिकारियों द्वारा प्रिंसिपल रेजिडेंट कमिश्नर डॉ. एस करुणा राजू से मुलाकात करके पंजाब भवन में पंजाबियत को अधिक प्रभावशाली ढंग से प्रदर्शित करने के लिए विचार-विमर्श किया गया था।
डिप्टी रेजिडेंट कमिश्नर श्रीमती आसिता शर्मा ने कहा कि आने वाले समय में भाषा विभाग की स्थानीय लाइब्रेरी की मरम्मत का कार्य पूरा कराकर इसे यहां आने और ठहरने वाली व्यक्तित्वों के लिए आकर्षक बनाया जाएगा।
-----------
विजीलैंस ब्यूरो ने 4000 रुपए रिश्वत लेते जूनियर इंजीनियर को रंगे हाथों किया गिरफ़्तार
चंडीगढ़ 17 फरवरी: पंजाब विजीलैंस ब्यूरो ने राज्य में भ्रष्टाचार को रोकने के मद्देनजऱ चलाई जा रही मुहिम के अंतर्गत पी.एस.पी.सी.एल. दफ्तर जि़ला फाजिल्का में तैनात जूनियर इंजीनियर स्वर्न सिंह को 4000 रुपए रिश्वत लेती रंगे हाथों काबू किया है।
आज यहां यह जानकारी देते राज्य विजीलैंस ब्यूरो के वक्ता ने बताया कि उक्त दोषी को गांव गगन के जि़ला फाजिल्का के एक निवासी की तरफ से दर्ज करवाई शिकायत के आधार पर गिरफ़्तार किया गया है।
वक्ता ने कहा कि शिकायतकर्ता कृषि का काम करता है और उसके पारिवारिक सदस्य ने बिजली मीटर में खराबी होने के कारण बिजली फिर चालू करने के लिए बिजली की तार मेन स्पलाई के साथ सीधी ही जोड़ दी थी। इस मामले की जांच के लिए आरोपी स्वर्न सिंह जूनियर इंजीनियर पी.एस.पी.सी.एल फाजिल्का मौके पर पहुंचा और उसने शिकायतकर्ता खि़लाफ़ बिजली चोरी का केस दर्ज करने की धमकी दी। इसके बाद, शिकायतकर्ता उक्त जूनियर इंजीनियर को उसके दफ़्तर में मिला, जहां उसने मामले को रफा- दफ़ा करने के लिए शिकायतकर्ता से 5000 रुपए रिश्वत मांगी। शिकायतकर्ता ने 5000 रुपए रिश्वत मांगने वाली वह बातचीत बतौर सबूत रिकार्ड कर ली। दोषी जूनियर इंजीनियर को बार- बार विनती करने पर सौदा 4000 रुपए में तय हो गया।
उसकी शिकायत पर प्राथमिक जांच के बाद, विजीलैंस ब्यूरो की टीम ने आरोपी को दो सरकारी गवाहों की उपस्थिति में शिकायतकर्ता से 4000 रुपए रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ़्तार कर लिया।
इस संबंधित में विजीलैंस ब्यूरो के थाना फिऱोज़पुर में दोषी विरुद्ध भ्रष्टाचार रोकू कानून के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया है और आगे वाली जांच जारी है।
---------
सूचना एवं लोक संपर्क विभाग, पंजाब
गुरशरण सिंह छीना ने स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह की मौजूदगी में पंजाब हेल्थ सिस्टमज़ कॉरपोरेशन के चेयरमैन के रूप में कार्यभार संभाला
- छीना द्वारा भगवंत मान सरकार की प्रतिबद्धता के अनुसार स्वास्थ्य ढांचे को और मजबूत करने का संकल्प
- भगवंत मान सरकार आने वाली पीढिय़ों को नशों से बचाने के लिए लगातार प्रयासरत; विपक्षी पार्टियां चुनावी गणित में व्यस्त: डॉ. बलबीर सिंह
चंडीगढ़, 17 फरवरी:
श्री गुरशरण सिंह छीना ने मंगलवार को पंजाब हेल्थ सिस्टमज़ कॉरपोरेशन के चेयरमैन के रूप में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह की मौजूदगी में कार्यभार संभाला।
इस अवसर पर उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक श्री अरविंद केजरीवाल का विशेष रूप से धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि वे अपनी जिम्मेदारी को ईमानदारी से निभाते हुए राज्य के सार्वजनिक स्वास्थ्य ढांचे को और मजबूत करने तथा सरकार की नशों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति को मजबूती प्रदान करने के लिए काम करेंगे।
श्री छीना, जो पहले आम आदमी पार्टी पंजाब के संयुक्त सचिव रह चुके हैं, राजासांसी हलके में एक प्रमुख जन चेहरा माने जाते हैं और नशों के खिलाफ मुहिम में अपनी सक्रिय भूमिका के लिए जाने जाते हैं।
डॉ. बलबीर सिंह ने श्री छीना को नई जिम्मेदारी के लिए बधाई देते हुए कहा कि वे सरकारी स्वास्थ्य संस्थाओं को और मजबूत करने के लिए लगातार काम करेंगे। उन्होंने नए चेयरमैन से अपील की कि नशा विरोधी मुहिम के दौरान दिखाई गई ऊर्जा और प्रतिबद्धता को प्रशासनिक कार्यों में भी जारी रखें तथा यह सुनिश्चित करें कि सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ जमीनी स्तर तक समय पर पहुंचे।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में नशों के खिलाफ चल रही मुहिम लंबे समय तक कारगर रहने वाली योजना है और पंजाब सरकार युवा पीढ़ी को नशों के खतरे से बचाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है, जबकि विपक्षी पार्टियां चुनावों के हिसाब-किताब में व्यस्त हैं।
मुख्यमंत्री सेहत योजना की प्रगति के बारे में जानकारी साझा करते हुए उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत मरीजों को सरकारी तथा सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में भर्ती से लेकर छुट्टी तक नकद रहित इलाज की सुविधा मिलती है। राज्य में 23 अस्पतालों में गंभीर देखभाल इकाइयां स्थापित की गई हैं, जिससे जीवन रक्षा सेवाओं की पहुंच में बड़ा इजाफा हुआ है।
इस अवसर पर विधायक बटाला अमनशेर सिंह शैरी कलसी, पंजाब वाटर सप्लाई एंड सीवरेज बोर्ड के चेयरमैन डॉ. सनी सिंह अहलूवालिया, एमडी पंजाब हेल्थ सिस्टमज़ कॉरपोरेशन अमित तलवार, उप चेयरमैन पीएचएससी मनिंदरजीत सिंह विकी घनौर, सोनिया मान तथा अन्य अधिकारी एवं नेता भी मौजूद थे।
------------
पंजाब की शिक्षा व्यवस्था को नई बुलंदियों पर पहुँचाने के लिए ‘अध्यापक मेले’ में 8 हजार से अधिक अध्यापक हुए शामिल
- समागम के दौरान नवीनतम शिक्षा विधियाँ, तकनीकी एकीकरण और अध्यापकों की रचनात्मकता को किया गया प्रस्तुत: हरजोत सिंह बैंस
- मेगा फेस्ट का उद्देश्य पंजाब के भविष्य में निवेश करने के लिए शिक्षा शास्त्र को नवीनता से जोडऩा है: शिक्षा मंत्री बैंस
चंडीगढ़, 17 फरवरी: राज्य के शैक्षिक क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव लाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए पंजाब स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा बाबा बंदा सिंह बहादुर इंजीनियरिंग कॉलेज, फतेहगढ़ साहिब में दो दिवसीय ‘अध्यापक मेला 2025-26’ आयोजित किया गया। इस मेगा इवेंट में 8,000 से अधिक अध्यापकों ने भाग लिया, जिसका उद्देश्य सरकारी स्कूलों को रचनात्मकता, तकनीक और शिक्षा शास्त्रीय उत्कृष्टता के एक जीवंत केंद्र में बदलना था।
इस समागम को राज्य के अध्यापक समुदाय की नवीनतम सोच का प्रमाण बताते हुए, पंजाब के शिक्षा मंत्री स. हरजोत सिंह बैंस ने कहा, ‘अध्यापक मेला पारंपरिक कक्षा शिक्षा में बदलाव लाने और एक गतिशील मंच प्रदान करने के लिए आयोजित किया गया था जहाँ शिक्षा शास्त्र में नवाचार को शामिल किया जाता है। हमारे अध्यापकों को पारंपरिक तरीकों को आधुनिक तकनीक से जोडऩे के लिए उत्साहित करके, हम सीधे तौर पर पंजाब के हर बच्चे के भविष्य में निवेश कर रहे हैं। समागम के दौरान दिखाई गई ऊर्जा और रचनात्मकता इस बात का सबूत है कि पंजाब की शिक्षा व्यवस्था उत्कृष्टता के एक नए युग की ओर बढऩे के लिए पूरी तरह तैयार है।’
मंत्री ने कहा, ‘अध्यापक देश के भविष्य के निर्माता हैं।’ स. बैंस ने बताया कि इस अध्यापक मेले के दौरान राज्य के सभी जिलों के विषय अध्यापकों ने दस विभिन्न श्रेणियों में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। इस दौरान अत्याधुनिक शिक्षण ऐप्स और आईटी टूल विकसित करने से लेकर वन-एक्ट नाटकों से उपस्थित लोगों का मनोरंजन करने और बेहतर माइक्रो-टीचिंग तकनीकों का प्रदर्शन करने तक, विशिष्ट प्रतिभा का प्रदर्शन किया गया। अन्य श्रेणियों में मनोरंजक गतिविधियाँ जैसे पहेलियाँ और क्विज़, विशेष शिक्षा किट्स, हस्तलिखित और कैलीग्राफी, हस्तनिर्मित मॉडल और फ्लैशकार्ड तथा सीखने के लिए तैयार किए गए मैनुअल और वीडियो गेम्स, विषय के ज्ञान को वास्तविक जीवन में अपनाना शामिल था।
उन्होंने बताया कि इस दौरान ब्लॉक स्तर पर 8,000 से अधिक प्रतिभागी शामिल हुए, जिसमें से प्रत्येक ब्लॉक से शीर्ष दो स्थान प्राप्त करने वाले उम्मीदवारों को जिला स्तर पर मुकाबले के लिए चुना गया। फिर प्रत्येक श्रेणी के बेहतर प्रदर्शन करने वालों ने फतेहगढ़ साहिब में आयोजित राज्य स्तरीय फाइनल में भाग लिया। विजेताओं को शिक्षा के क्षेत्र में उनके समर्पण और नवाचारपूर्ण योगदान को मान्यता देते हुए प्रमाण पत्र, ट्रॉफियाँ और विशेष संग्रह के साथ सम्मानित किया गया।
इस अध्यापक मेले में बाबा बंदा सिंह बहादुर इंजीनियरिंग कॉलेज, श्री गुरु ग्रंथ साहिब यूनिवर्सिटी और आसपास के स्कूलों के विद्यार्थियों ने भी पूरे उत्साह से भाग लिया, जिससे एक समृद्ध सामुदायिक-शिक्षण माहौल बना। एससीआरटी की डायरेक्टर किरण शर्मा और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी इस मेगा समागम में शामिल हुए और उन्होंने उपस्थित लोगों को शुभकामनाएँ देते हुए शैक्षिक उत्कृष्टता में और प्रगति करने के लिए प्रेरित किया।
---
कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां ने 12 साल बाद बैलगाड़ी की दौड़ों की शुरुआत के साथ किला रायपुर ग्रामीण ओलंपिक-2026 का किया उद्घाटन
- प्रतिभाशाली बैलगाड़ी की दौड़ों ने शानदार प्रदर्शन किया, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में दर्शक एकत्र हुए
चंडीगढ़/ किला रायपुर (लुधियाना), 17 फरवरी: किला रायपुर ग्रामीण ओलंपिक-2026 मंगलवार को लुधियाना में बहुत उत्साह और धूमधाम के साथ शुरू हुआ, जो 12 साल के अंतराल के बाद प्रसिद्ध बैलगाड़ी की दौड़ों के पुनरुत्थान को दर्शाता है।
इन खेलों का उद्घाटन पंजाब के कैबिनेट मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां ने गांव किला रायपुर के खेल स्टेडियम में किया। इन विश्व-प्रसिद्ध बैलगाड़ी की दौड़ों के फिर से शुरू होने से लोगों/दर्शकों की भारी भीड़ उमड़ी। जिससे दर्शक पंजाब और बाहर से इस रोमांचक खेल को देखने पहुंचे, जो राज्य की ग्रामीण विरासत में गहराई से जुड़े हुये हैं।
विधायक जीवन सिंह संगोवाल और डॉ. के. एन. एस. कंग के साथ कैबिनेट मंत्री खुड्डियां ने बैल-गाडिय़ों की दौड़ों के सांस्कृतिक महत्व को उजागर करते हुए कहा कि यह पंजाब के ऐतिहासिक और पारंपरिक ग्रामीण जड़ों से मजबूत संबंध रखती हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान को पंजाब विधानसभा में ‘जानवरों पर अत्याचार की रोकथाम (पंजाब संशोधन) अधिनियम, 2025’ को सर्वसम्मति से पारित और लागू करके इस पुनरुत्थान को संभव बनाने का श्रेय दिया, जिसने जानवरों के लिए सुरक्षा मानक पेश किए, कानूनी बाधाओं को दूर किया और इन बैलगाड़ी की दौड़ों को फिर से शुरू करने का रास्ता साफ किया।
कैबिनेट मंत्री ने उम्मीद जताई कि किला रायपुर ग्रामीण ओलंपिक पंजाब भर में एक मजबूत खेल संस्कृति को प्रोत्साहित करने और राज्य के हर कोने से छिपी प्रतिभा को उजागर करने में मुख्य भूमिका निभाएगा। उन्होंने इन खेलों का समर्थन करने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए कहा कि ओलंपिक और अन्य प्रमुख अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक प्राप्त करने वालों के लिए नकद इनामों में काफी वृद्धि की गई है। इसके अलावा ओलंपिक पदक विजेताओं को पंजाब सिविल सेवाएं (पी.सी.एस.) और पंजाब पुलिस सेवाएं (पी.पी.एस.) में प्रतिष्ठित सरकारी नौकरियां प्रदान की गई हैं।
मंत्री खुड्डियां ने आगे कहा कि सरकार ने पूरी तरह योग्यता के आधार पर लगभग 64,000 सरकारी नौकरियां प्रदान की हैं, जिससे भर्ती में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित की गई है। उन्होंने राज्य के प्रमुख बुनियादी ढांचे की उपलब्धियों की ओर भी इशारा किया, जिसमें लगभग 40,000 किलोमीटर सडक़ों के निर्माण और अपग्रेड का ऐतिहासिक प्रोजेक्ट शामिल हैं। इसके अलावा सरकार ने पिछले चार वर्षों में प्रति घर 600 यूनिट मुफ्त बिजली प्रदान की है, जिससे 90 प्रतिशत परिवारों के बिजली बिल ज़ीरो आए हैं, जिससे इन निवासियों को काफी राहत मिली है।
गुरमीत सिंह खुड्डियां ने पशु अस्पताल के लिए 30 लाख रुपये की ग्रांट की घोषणा की ताकि क्षेत्र में पशुओं के लिए उच्च-गुणवत्ता वाली चिकित्सा सेवाएं सुनिश्चित की जा सकें।
अतिरिक्त उपायुक्त (ग्रामीण विकास) अमरजीत बैंस, एस.डी.एम. जसलीन कौर भुल्लर, जिला खेल अधिकारी कुलदीप चुग, किला रायपुर स्पोट्र्स सोसाइटी के प्रतिनिधि और पंजाब भर से आए अन्य प्रमुख व्यक्तित्व मौजूद थे।
किला रायपुर में 19 फरवरी तक चलने वाले इन खेलों में न केवल 12 साल के अंतराल के बाद बैलगाड़ी की दौड़ों की बहुत उम्मीद के बाद वापसी हुई है। इन खेलों में कबड्डी, हॉकी, एथलेटिक्स, साइक्लिंग, रस्साकशी और कई अन्य पारंपरिक खेल भी शामिल हैं। बैलगाड़ी की दौड़ों के पुनरुत्थान से देश और विदेश में बैठे पंजाबियों में बहुत उत्साह देखने को मिला है।
-----
20,000 रुपये रिश्वत लेते कानूनगो के भाई परमिंदर सिंह को विजिलेंस ब्यूरो ने किया काबू
चंडीगढ़, 17 फरवरी: पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने राज्य में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही अपनी मुहिम के दौरान सब-तहसील महतपुर, जिला जालंधर में तैनात कानूनगो जतिंदर सिंह के भाई परमिंदर सिंह को 20,000 रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों काबू किया है।
आज यहां यह जानकारी देते हुए राज्य विजिलेंस ब्यूरो के प्रवक्ता ने बताया कि उक्त आरोपी को गुरु तेग बहादर नगर, नकोदर, जिला जालंधर के एक निवासी द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर गिरफ्तार किया गया है।
प्रवक्ता ने कहा कि शिकायतकर्ता, जो एक किसान है और कार खरीद-फरोख्त का कारोबार भी करता है, ने गांव हरिपुर में 12 मरले का घर खरीदा था। चूंकि उसकी कोई सेल डीड नहीं बनाई गई थी, इसलिए एक सिविल मुकदमा दायर किया गया, जिसका फैसला शिकायतकर्ता के पक्ष में आया। इसके बाद उस फैसले के खिलाफ अपील दायर की गई, जिसे माननीय अदालत ने खारिज कर दिया और अदालत के आदेशों की पालना करते हुए शिकायतकर्ता के पक्ष में सेल डीड दर्ज की गई।
प्रवक्ता ने आगे बताया कि घर का कब्जा दिलाने के लिए उक्त कानूनगो को एक आवेदन दिया गया था। इस संबंध में कंप्यूटरीकृत हदबंदी के नाम पर शिकायतकर्ता से 15,000 रुपये वसूले गए थे। इसके बाद कानूनगो द्वारा घर खाली करने के लिए एक नोटिस जारी किया गया। आरोपी कानूनगो जतिंदर सिंह ने घर का कब्जा दिलाने के लिए शिकायतकर्ता से तहसीलदार के नाम पर 1,00,000 रुपये रिश्वत मांगी।
प्रवक्ता ने बताया कि शिकायतकर्ता द्वारा बार-बार अनुरोध करने के बावजूद कानूनगो ने तहसीलदार के नाम पर रिश्वत देने का दबाव बनाया। मौके पर ही 10,000 रुपये रिश्वत ले ली गई और बाकी रकम किश्तों में देने की बात तय हुई। शिकायतकर्ता ने अवैध रिश्वत मांगने संबंधी पूरी बातचीत रिकॉर्ड कर ली।
प्रवक्ता ने खुलासा किया कि आरोपी कानूनगो जतिंदर सिंह ने शिकायतकर्ता पर रिश्वत की अगली किश्त देने के लिए फिर दबाव डाला। चूंकि शिकायतकर्ता बिना रिश्वत दिए अपना काम करवाना चाहता था, इसलिए उसने विजिलेंस ब्यूरो रेंज जालंधर से संपर्क किया।
उसकी शिकायत की प्रारंभिक जांच के बाद विजिलेंस ब्यूरो की टीम ने मुख्य आरोपी जतिंदर सिंह कानूनगो के भाई परमिंदर सिंह, जिसे रिश्वत लेने के लिए भेजा गया था, को दो सरकारी गवाहों की मौजूदगी में शिकायतकर्ता से 20,000 रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।
मुख्य आरोपी कानूनगो जतिंदर सिंह फिलहाल फरार है और उसे गिरफ्तार करने के लिए छापेमारी की जा रही है तथा उसे जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
इस संबंध में विजिलेंस ब्यूरो के थाना जालंधर में इन आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है और आगे की जांच जारी है।